सुयोग अकादमी (Suyog Academy)
suyogacademy.com — RPSC & RSMSSB फ्री GK नोट्स
कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख मेले एवं त्योहार: संपूर्ण सूची

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
11 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

शेयर करें:
🎭कला एवं संस्कृतिSUYOG ACADEMY
🎭

राजस्थान के प्रमुख मेले एवं त्योहार: संपूर्ण सूची

सुयोग अकादमी • RPSC & RSMSSB100% नि:शुल्क

सुयोग AI गुरु

नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: राजस्थान के मेले एवं त्योहार पाँच वर्गों में समझे जाते हैं — (1) धार्मिक मेले: पुष्कर, कोलायत, कैलादेवी, खाटूश्यामजी, सालासर, श्रीमहावीरजी; (2) लोकदेवता मेले: रामदेवरा (भाद्र शु. 2–11), गोगामेड़ी (भाद्र कृ. 9), परबतसर तेजाजी (भाद्र शु. 10); (3) आदिवासी मेले: बेणेश्वर (माघ पूर्णिमा — ‘आदिवासियों का कुंभ’), सीतामाता, घोटिया अंबा, मानगढ़ धाम; (4) राज्य स्तरीय पशु मेले (10): पुष्कर, तिलवाड़ा, परबतसर, नागौर, गोगामेड़ी आदि; (5) प्रमुख त्योहार: गणगौर, तीज, आखा तीज, शीतलाष्टमी, होली, दीपावली, मकर संक्रांति। पर्यटन विभाग के प्रमुख महोत्सव — मरु महोत्सव (जैसलमेर), ऊँट उत्सव (बीकानेर), मारवाड़ महोत्सव (जोधपुर), मेवाड़ महोत्सव (उदयपुर), हाथी महोत्सव (जयपुर)।

1. राजस्थान के मेले और त्योहार — परिचय

राजस्थान में कहावत है — “सात वार, नौ त्योहार” — यानी सप्ताह में सात दिन और त्योहार नौ! यह कहावत बताती है कि राजस्थान का जनजीवन मेलों और त्योहारों से कितना जुड़ा है। यहाँ के मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पशु-व्यापार, विवाह-संबंध, लोक-कला प्रदर्शन और सामाजिक मेल-जोल के केंद्र भी हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में “राजस्थान के प्रमुख मेले कौन-कौन से हैं”, “कौन-सा मेला कब और कहाँ लगता है” जैसे प्रश्न हर वर्ष पूछे जाते हैं — यह लेख इन्हीं सबका एक-स्थान पर उत्तर है।

तथ्यविवरण
कहावत‘सात वार, नौ त्योहार’; ‘तीज तिवारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर’
त्योहारों की शुरुआतश्रावण की तीज से (त्योहारों का आगमन)
त्योहारों का समापनचैत्र की गणगौर पर
सबसे बड़ा धार्मिक-पशु मेलापुष्कर (कार्तिक पूर्णिमा)
‘आदिवासियों का कुंभ’बेणेश्वर मेला (माघ पूर्णिमा)
सांप्रदायिक सद्भाव का बड़ा मेलारामदेवरा (भाद्रपद शुक्ल 2–11)
राज्य स्तरीय पशु मेले10 — पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित
पर्यटन महोत्सवपर्यटन विभाग, राजस्थान व जिला प्रशासन द्वारा

मेलों की मास-वार तालिका (महीना–स्थान–देवता–विशेषता) अलग लेख में: राजस्थान के मेले — महीना, स्थान, देवता, विशेषता।

2. राजस्थान के प्रमुख धार्मिक मेले

मेलास्थान (जिला)तिथि/मासविशेष
पुष्कर मेलापुष्कर (अजमेर)कार्तिक पूर्णिमाब्रह्मा मंदिर; ऊँटों का अंतरराष्ट्रीय मेला
कोलायत मेलाकोलायत (बीकानेर)कार्तिक पूर्णिमाकपिल मुनि; दीपदान
कैलादेवी (लक्खी) मेलाकरौलीचैत्र (शुक्ल अष्टमी के आसपास)लांगुरिया गीत
खाटूश्यामजी मेलाखाटू (सीकर)फाल्गुन शुक्ल 11–12बर्बरीक (श्याम बाबा); निशान यात्रा
सालासर बालाजीसालासर (चूरू)चैत्र व आश्विन पूर्णिमादाढ़ी-मूँछ वाले हनुमान
श्रीमहावीरजी मेलाकरौलीचैत्र शुक्ल 13जैन तीर्थ; रथ-यात्रा
भर्तृहरि मेलाअलवरभाद्रपद शुक्ल 8नाथ परंपरा
शीतला माता मेलाचाकसू (जयपुर)चैत्र कृष्ण 8बैलगाड़ी मेला; बास्योड़ा
करणी माता मेलादेशनोक (बीकानेर)चैत्र व आश्विन नवरात्रचूहों वाला मंदिर
डोल मेलाबारांभाद्रपद शुक्ल 11 (जलझूलनी)डोल-यात्रा
उर्सअजमेररजब 1–6ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती

विस्तृत लेख: पुष्कर मेला | कोलायत मेला | कैलादेवी मेला (करौली) | खाटूश्यामजी

3. लोकदेवताओं के मेले

मेलास्थानतिथिलोकदेवता
रामदेवरा मेलारामदेवरा (जैसलमेर)भाद्रपद शुक्ल 2–11बाबा रामदेवजी
गोगामेड़ी मेलागोगामेड़ी (हनुमानगढ़)भाद्रपद कृष्ण 9 (गोगा नवमी)गोगाजी
तेजाजी मेलापरबतसर (डीडवाना-कुचामन)भाद्रपद शुक्ल 10 (तेजा दशमी)तेजाजी
मल्लीनाथ मेलातिलवाड़ा (बालोतरा)चैत्र कृष्ण 11 सेमल्लीनाथ जी
पाबूजी मेलाकोलूमंड (फलोदी)चैत्र अमावस्यापाबूजी
देवनारायण मेलासवाई भोज (भीलवाड़ा)भाद्रपद शुक्ल 6–7देवनारायण जी

विस्तृत लेख: रामदेवरा मेला | गोगामेड़ी मेला | लोकदेवताओं की तुलना: लोकदेवताओं का तुलनात्मक अध्ययन — जन्मस्थान, मेला, वाहन, प्रतीक

4. आदिवासी (जनजातीय) मेले

मेलास्थानतिथिविशेष
बेणेश्वर मेलानवाटापरा, डूंगरपुर (सोम-माही-जाखम संगम)माघ पूर्णिमा‘आदिवासियों का कुंभ’; मावजी
सीतामाता मेलासीतामाता अभयारण्य (प्रतापगढ़)ज्येष्ठ अमावस्याभील-मीणा
घोटिया अंबा मेलाबांसवाड़ाचैत्र अमावस्याभीलों का प्रमुख मेला
गौतमेश्वर मेलाअरणोद (प्रतापगढ़)वैशाख पूर्णिमामीणा — भूरिया बाबा
मानगढ़ धाम मेलाबांसवाड़ामार्गशीर्ष पूर्णिमागोविंद गुरु; 1913 का बलिदान
ऋषभदेव मेलाधुलेव (उदयपुर)चैत्र कृष्ण 8‘काला जी’ — भीलों की आस्था
चौथ माता मेलाचौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर)माघ कृष्ण 4सकट चौथ

विस्तृत लेख: बेणेश्वर मेला

🎯 मेले-त्योहार: हर परीक्षा के 2–3 पक्के अंक — अभी टेस्ट दें

पटवारी, VDO, पुलिस, LDC, CET से लेकर RAS तक ‘मेला–स्थान–तिथि’ के प्रश्न हर बार आते हैं। मॉक टेस्ट से तैयारी परखें:

सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़ एक जगह: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स

5. राज्य स्तरीय पशु मेले (10) — सबसे ज़्यादा पूछी जाने वाली सूची

पशु मेलास्थानमासप्रमुख नस्ल/विशेष
पुष्कर पशु मेलापुष्कर (अजमेर)कार्तिकगिर नस्ल; ऊँट
मल्लीनाथ पशु मेलातिलवाड़ा (बालोतरा)चैत्रथारपारकर, कांकरेज
वीर तेजाजी पशु मेलापरबतसर (डीडवाना-कुचामन)श्रावण-भाद्रपदनागौरी बैल; राजस्व आय में सबसे बड़ा
रामदेव पशु मेलामानासर, नागौरमाघनागौरी बैल
बलदेव पशु मेलामेड़ता सिटी (नागौर)चैत्रनागौरी नस्ल
गोगामेड़ी पशु मेलागोगामेड़ी (हनुमानगढ़)श्रावण-भाद्रपदहरियाणवी नस्ल
शिवरात्रि पशु मेलाकरौलीफाल्गुनहरियाणवी नस्ल
जसवंत पशु मेलाभरतपुरआश्विनहरियाणवी नस्ल
गोमती सागर पशु मेलाझालरापाटन (झालावाड़)वैशाखमालवी नस्ल
चंद्रभागा पशु मेलाझालरापाटन (झालावाड़)कार्तिकमालवी नस्ल

ट्रिक: नागौर जिले में दो (रामदेव, बलदेव), झालावाड़ में दो (गोमती सागर, चंद्रभागा) पशु मेले। गायों की नस्लों के लिए राजस्थान की गोवंश नस्लें देखें। नागौर पशु मेले पर: नागौर मेला

6. राजस्थान के प्रमुख त्योहार — तिथि एवं परंपरा

त्योहारतिथिराजस्थानी विशेषता
गणगौरचैत्र कृष्ण 1 से चैत्र शुक्ल 3 (18 दिन)ईसर-गौर पूजा; जयपुर-उदयपुर की सवारी
हरियाली तीज (छोटी तीज)श्रावण शुक्ल 3जयपुर तीज सवारी; लहरिया, घेवर, झूले
कजली तीज (बड़ी तीज)भाद्रपद कृष्ण 3बूंदी की तीज सवारी; सातु, नीमड़ी पूजा
आखा तीज (अक्षय तृतीया)वैशाख शुक्ल 3बीकानेर स्थापना दिवस; पतंगबाज़ी; अबूझ सावा
शीतलाष्टमीचैत्र कृष्ण 8बास्योड़ा (ठंडा भोजन)
मकर संक्रांति14/15 जनवरीजयपुर की पतंगबाज़ी
होलीफाल्गुन पूर्णिमाबरसाना जैसी लठमार होली (भरतपुर-करौली), डोलची होली (बीकानेर), पत्थरमार होली (बाड़मेर)
दशहराआश्विन शुक्ल 10कोटा का राष्ट्रीय दशहरा मेला
दीपावलीकार्तिक अमावस्यामाँडणे, हीड़ (बच्चों का दीपक-पात्र)
रक्षाबंधनश्रावण पूर्णिमाभील क्षेत्र में अगले दिन से गवरी आरंभ

विस्तृत लेख: गणगौर पर्व | तीज पर्व — हरियाली व कजली तीज

7. पर्यटन विभाग के प्रमुख महोत्सव (Tourism Festivals)

महोत्सवस्थानसमयमुख्य आकर्षण
ऊँट उत्सव (Camel Festival)बीकानेरजनवरीऊँट सजावट, ऊँट नृत्य
मरु महोत्सव (Desert Festival)जैसलमेरमाघ पूर्णिमा (फरवरी)मरु श्री, सम के धोरे
थार महोत्सवबाड़मेरफरवरी-मार्चमरुस्थलीय लोक संस्कृति
हाथी महोत्सवजयपुरहोली की पूर्व संध्यासजे हुए हाथी
ब्रज महोत्सवभरतपुरहोली से पूर्वरासलीला
मेवाड़ महोत्सवउदयपुरगणगौर (चैत्र शुक्ल 3)पिछोला में गणगौर की नाव सवारी
ग्रीष्म महोत्सवमाउंट आबूबुद्ध पूर्णिमा (मई-जून)हिल स्टेशन उत्सव
मारवाड़ महोत्सवजोधपुरशरद पूर्णिमा (अक्टूबर)मांड गायन, मेहरानगढ़
बूंदी उत्सवबूंदीकार्तिकहाड़ौती संस्कृति
शीतकालीन महोत्सवमाउंट आबूदिसंबरनक्की झील

विस्तृत लेख: जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल (मरु महोत्सव) | मारवाड़ महोत्सव (जोधपुर) | मेवाड़ महोत्सव (उदयपुर) | पर्यटन नीति व सर्किट: राजस्थान पर्यटन — सर्किट, योजनाएँ एवं महोत्सव

8. राजस्थानी मेलों की प्रमुख विशेषताएँ

  1. धर्म + व्यापार: धार्मिक आस्था के साथ पशु-व्यापार, हस्तशिल्प बिक्री।
  2. लोक-कला का मंच: गैर, घूमर, कालबेलिया, तेरहताली, ख्याल, फड़-वाचन।
  3. सामाजिक मेल-जोल: आदिवासी मेलों में विवाह-संबंध तय होना (बेणेश्वर, सीतामाता)।
  4. पंचांग आधारित: अधिकांश मेले हिंदी मास की तिथि पर — इसलिए अंग्रेज़ी तारीख हर वर्ष बदलती है।
  5. सांप्रदायिक सद्भाव: रामदेवरा, गोगामेड़ी, अजमेर उर्स में सभी धर्मों के श्रद्धालु।
  6. पर्यटन व अर्थव्यवस्था: पुष्कर, मरु महोत्सव में विदेशी पर्यटक।

🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)

राजस्थान का सबसे बड़ा मेला कौन-सा है?

धार्मिक-पशु मेले के रूप में पुष्कर मेला (कार्तिक पूर्णिमा) सबसे प्रसिद्ध है; श्रद्धालुओं की संख्या में रामदेवरा (भाद्रपद) और आदिवासी मेलों में बेणेश्वर (माघ पूर्णिमा) सबसे बड़े हैं।

राजस्थान में त्योहारों की शुरुआत और अंत किस त्योहार से माना जाता है?

कहावत ‘तीज तिवारां बावड़ी, ले डूबी गणगौर’ के अनुसार त्योहारों का आगमन श्रावण की तीज से और समापन चैत्र की गणगौर से माना जाता है।

राजस्थान में राज्य स्तरीय पशु मेले कितने हैं?

राजस्थान में पशुपालन विभाग 10 राज्य स्तरीय पशु मेले आयोजित करता है — पुष्कर, तिलवाड़ा, परबतसर, नागौर (रामदेव), मेड़ता (बलदेव), गोगामेड़ी, करौली (शिवरात्रि), भरतपुर (जसवंत), झालरापाटन (गोमती सागर व चंद्रभागा)।

‘आदिवासियों का कुंभ’ किस मेले को कहते हैं?

डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम (सोम-माही-जाखम संगम) पर माघ पूर्णिमा को भरने वाले मेले को ‘आदिवासियों का कुंभ’ कहा जाता है।

मेलों की अंग्रेज़ी तारीख हर साल क्यों बदलती है?

राजस्थान के अधिकांश मेले हिंदू पंचांग की तिथि (जैसे भाद्रपद शुक्ल दशमी) पर लगते हैं; चंद्र-मास और सौर कैलेंडर में अंतर के कारण अंग्रेज़ी तारीख हर वर्ष बदल जाती है।

📝 One-Liner Revision (15 प्रश्न)

  1. ‘सात वार, नौ त्योहार’ — राजस्थान की कहावत
  2. त्योहारों का आगमन — तीज; समापन — गणगौर
  3. पुष्कर मेला — कार्तिक पूर्णिमा
  4. बेणेश्वर मेला — माघ पूर्णिमा
  5. रामदेवरा मेला — भाद्रपद शुक्ल 2–11
  6. तेजा दशमी मेला — परबतसर
  7. कैलादेवी लक्खी मेला — चैत्र, करौली
  8. खाटूश्यामजी मेला — फाल्गुन शुक्ल 11–12
  9. श्रीमहावीरजी मेला — चैत्र शुक्ल 13
  10. गौतमेश्वर मेला — अरणोद (प्रतापगढ़)
  11. राज्य स्तरीय पशु मेले — 10
  12. चंद्रभागा पशु मेला — झालरापाटन, कार्तिक
  13. आखा तीज — बीकानेर स्थापना दिवस
  14. डोल मेला — बारां
  15. हाथी महोत्सव — जयपुर, होली की पूर्व संध्या

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • 5 वर्ग: धार्मिक, लोकदेवता, आदिवासी, पशु मेले, त्योहार + पर्यटन महोत्सव।
  • भाद्रपद = लोकदेवताओं के मेले; कार्तिक पूर्णिमा = पुष्कर, कोलायत, चंद्रभागा।
  • 10 राज्य स्तरीय पशु मेले — नागौर व झालावाड़ में दो-दो।
  • तीज से त्योहार शुरू, गणगौर पर समाप्त।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • चंद्रभागा (कार्तिक) और गोमती सागर (वैशाख) — दोनों झालरापाटन में; मास देखकर उत्तर दें।
  • रामदेव पशु मेला नागौर (मानासर) में, जबकि रामदेवरा धार्मिक मेला जैसलमेर में।
  • श्रीमहावीरजी करौली में है, कैलादेवी के साथ; दोनों ‘चैत्र’ — तिथि से अंतर करें।
  • कोलायत और पुष्कर दोनों कार्तिक पूर्णिमा — जिला (बीकानेर/अजमेर) से अंतर।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“भादो में देवता, कार्तिक में तीर्थ, माघ में आदिवासी, चैत्र में देवी” → भाद्रपद = रामदेवरा-गोगामेड़ी-तेजाजी; कार्तिक = पुष्कर-कोलायत; माघ = बेणेश्वर-मरु महोत्सव; चैत्र = कैलादेवी-शीतला-गणगौर।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

मेले-त्योहार खंड में प्रश्न लगभग हमेशा ‘मेला–स्थान’, ‘मेला–तिथि’ या ‘पशु मेला–नस्ल’ के मिलान से आते हैं। इस लेख को पहले वर्ग-वार पढ़ें, फिर मास-वार तालिका वाले लेख से दोहराएँ — दो अलग कोणों से पढ़ने पर याददाश्त पक्की होती है। पर्यटन महोत्सवों से जुड़े नए तथ्य (नई तिथियाँ, नए आयोजन) करेंट अफेयर्स में भी आते हैं।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

राजस्थान के मेले एवं त्योहार व राजस्थान की अन्य लोक-कलाओं पर अपनी तैयारी जाँचने के लिए नीचे दिए अभ्यास सेट हल करें:

पूरी कला एवं संस्कृति इकाई के नोट्स: राजस्थान कला एवं संस्कृति — सभी नोट्स | परीक्षा में आने वाले नए सांस्कृतिक तथ्य (पुरस्कार, महोत्सव, GI टैग): करेंट अफेयर्स

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार — फेयर एवं फेस्टिवल कैलेंडर।
  • पशुपालन विभाग, राजस्थान — राज्य स्तरीय पशु मेलों की सूची।
  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) — ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’ (मेले एवं त्योहार)।
  • Incredible India / Utsav portal (भारत सरकार) — राजस्थान के महोत्सव।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान के प्रमुख मेले एवं त्योहार: संपूर्ण सूची

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस, LDC एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: मेलों की तिथियाँ हिंदू पंचांग के अनुसार हैं; अंग्रेज़ी तारीखें हर वर्ष बदलती हैं, इसलिए आयोजन से पहले पर्यटन विभाग का वार्षिक कैलेंडर देखें। पर्यटन महोत्सवों का समय प्रशासनिक निर्णय से बदल सकता है।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
✓ 100% सिलेबस सत्यापित (2026 पैटर्न)
Sudhir Sirइतिहास विशेषज्ञलेखक परिचय
तैयारी का स्व-मूल्यांकनफ्री डेमो उपलब्ध
राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 – Final Mega Test Series
₹99

🔥 2026 भर्ती परीक्षा: सिर्फ नोट्स पढ़ना काफी नहीं — वास्तविक परीक्षा में 120+ स्कोर के लिए फुल मॉक टेस्ट हल करें!

राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 – Final Mega Test Series

  • 100% नवीनतम 2026 परीक्षा पैटर्न व OMR 5th Option आधारित
  • All-Rajasthan रैंक और विस्तृत व्याख्या सहित उत्तर
  • वेबसाइट एवं एंड्रॉइड ऐप दोनों पर तुरंत एक्सेस
⚡ PhonePe · Google Pay · Paytm UPI द्वारा तुरंत सुरक्षित सक्रियण

🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. ‘आदिवासियों का कुंभ’ किस मेले को कहा जाता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. चंद्रभागा पशु मेला कहाँ आयोजित होता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. जसवंत पशु मेला किस जिले में लगता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. श्रीमहावीरजी का मेला किस तिथि को भरता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. निम्नलिखित में से असुमेलित युग्म है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

पुष्कर, कोलायत, रामदेवरा, गोगामेड़ी, तेजाजी (परबतसर), कैलादेवी, खाटूश्यामजी, बेणेश्वर, श्रीमहावीरजी, शीतला माता (चाकसू) और करणी माता (देशनोक) राजस्थान के प्रमुख मेले हैं।

राजस्थान में 10 राज्य स्तरीय पशु मेले हैं, जिन्हें पशुपालन विभाग आयोजित करता है; इनमें पुष्कर, तिलवाड़ा, परबतसर, नागौर, गोगामेड़ी और झालरापाटन के चंद्रभागा मेले प्रमुख हैं।

गणगौर, हरियाली तीज, कजली तीज, आखा तीज, शीतलाष्टमी, होली, दीपावली, दशहरा और मकर संक्रांति राजस्थान के प्रमुख त्योहार हैं।

मरु महोत्सव (जैसलमेर), ऊँट उत्सव (बीकानेर), मारवाड़ महोत्सव (जोधपुर), मेवाड़ महोत्सव (उदयपुर), हाथी महोत्सव (जयपुर), ब्रज महोत्सव (भरतपुर) और माउंट आबू के ग्रीष्म-शीतकालीन महोत्सव प्रमुख हैं।

इस कहावत का अर्थ है कि राजस्थान में त्योहारों का सिलसिला श्रावण की तीज से शुरू होता है और चैत्र की गणगौर के साथ समाप्त हो जाता है।

क्या आपको यह अध्ययन नोट्स पसंद आए? अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें:

मुफ्त अध्ययन सामग्री और सिलेबस ट्रैकर के लिए विजिट करें: https://suyogacademy.com© 2026 Suyog Academy