सुयोग अकादमी (Suyog Academy)
suyogacademy.com — RPSC & RSMSSB फ्री GK नोट्स
कला एवं संस्कृति

गोगामेड़ी मेला: जाहर पीर गोगाजी की आस्था एवं परंपरा

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
8 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

शेयर करें:
🎭कला एवं संस्कृतिSUYOG ACADEMY
🎭

गोगामेड़ी मेला: जाहर पीर गोगाजी की आस्था एवं परंपरा

सुयोग अकादमी • RPSC & RSMSSB100% नि:शुल्क

सुयोग AI गुरु

नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: गोगामेड़ी मेला हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गोगामेड़ी में लोकदेवता गोगाजी (जाहर पीर) की समाधि पर भरता है। मुख्य दिन भाद्रपद कृष्ण नवमी (गोगा नवमी) है और मेला लगभग एक माह (श्रावण पूर्णिमा से भाद्रपद पूर्णिमा के आसपास) चलता है। गोगामेड़ी की इमारत मकबरेनुमा है, जिसके द्वार पर ‘बिस्मिल्लाह’ अंकित है; वर्तमान स्वरूप बीकानेर के महाराजा गंगासिंह की देन है। पंजाब-हरियाणा-हिमाचल से श्रद्धालु पीले निशान लेकर आते हैं; पास में गोरख टीला (गोरखनाथ का धूणा) है। यहाँ राज्य स्तरीय गोगामेड़ी पशु मेला (हरियाणवी नस्ल) भी लगता है।

1. गोगामेड़ी मेला — परिचय

“गोगामेड़ी मेला कब लगता है”, “गोगा नवमी क्यों मनाई जाती है” और “गोगाजी को जाहर पीर क्यों कहते हैं” — इन लंबी-पूँछ (long-tail) खोजों का उत्तर इसी मेले में छिपा है। गोगाजी को सांपों के देवता के रूप में राजस्थान ही नहीं, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश में भी ‘गुग्गा पीर’ नाम से पूजा जाता है। गोगामेड़ी का मेला इन सभी राज्यों के श्रद्धालुओं का संगम है और हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा प्रतीक भी।

तथ्यविवरण
स्थानगोगामेड़ी, तहसील नोहर, जिला हनुमानगढ़
मुख्य दिनभाद्रपद कृष्ण नवमी (गोगा नवमी)
अवधिलगभग एक माह (श्रावण पूर्णिमा से भाद्रपद पूर्णिमा के आसपास)
लोकदेवतागोगाजी — जाहर पीर, सांपों के देवता, गुग्गा पीर
स्थल-नामधुरमेड़ी (धड़ गिरने का स्थान) — शीर्षमेड़ी ददरेवा (चूरू) में
इमारतमकबरेनुमा; द्वार पर ‘बिस्मिल्लाह’ अंकित
वर्तमान स्वरूपबीकानेर महाराजा गंगासिंह द्वारा
पास का स्थलगोरख टीला — गुरु गोरखनाथ का धूणा
पशु मेलाराज्य स्तरीय गोगामेड़ी पशु मेला — हरियाणवी नस्ल
श्रद्धालुराजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश

गोगाजी का संपूर्ण जीवन-परिचय: गोगाजी | पंचपीर: पंचपीर एवं अन्य लोकदेवताओं में अंतर

2. गोगाजी — मेले की पृष्ठभूमि

  • जन्म — ददरेवा (चूरू), चौहान वंश; पिता जेवरसिंह, माता बाछल; पत्नी केलमदे; गुरु गोरखनाथ।
  • मौसेरे भाइयों अर्जन-सर्जन से भूमि-विवाद में युद्ध; गायों की रक्षा।
  • महमूद गजनवी से संघर्ष — गजनवी ने उनकी वीरता देख ‘जाहर पीर’ (प्रत्यक्ष पीर) कहा।
  • लोक-परंपरा: युद्ध में सिर ददरेवा में गिरा (शीर्षमेड़ी) और धड़ गोगामेड़ी में (धुरमेड़ी)।
  • पंचपीरों में एक; ‘गाँव-गाँव खेजड़ी, गाँव-गाँव गोगो’ — हर गाँव में खेजड़ी के नीचे गोगाजी का थान।

3. गोगामेड़ी मेले की प्रमुख परंपराएँ

परंपराविवरण
पीले निशानपंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु पीले रंग की ध्वजा (निशान) व पीले वस्त्र धारण कर आते हैं
छड़ीगोगाजी के भक्त ‘छड़ी’ (मोर-पंख/झंडे से सजी) लेकर नाचते-गाते आते हैं
डेरू वादनगोगाजी के भोपे डेरू (डमरू जैसा वाद्य) बजाकर गाथा गाते हैं
गोगा राखड़ीकिसान बुवाई पर हल और हाली को 9 गाँठों वाली राखी बाँधते हैं
सर्पदंश से रक्षासर्पदंश पीड़ितों के लिए गोगाजी के नाम की तांती; थान पर सर्प-प्रतिमा
गोरख टीलामेले के दौरान श्रद्धालु गोरखनाथ के धूणे के भी दर्शन करते हैं

भोपे व डेरू वाद्य: लोकदेवता एवं लोकगाथाएँ — फड़, भोपे एवं लोक परंपरा

🎯 भाद्रपद के मेले: गोगा नवमी बनाम तेजा दशमी — अभी परखें

‘गोगा नवमी — भाद्रपद कृष्ण 9’ और ‘तेजा दशमी — भाद्रपद शुक्ल 10’ — पक्ष बदलकर विकल्प बनाए जाते हैं। मॉक टेस्ट में अभ्यास करें:

सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़ एक जगह: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स

4. हिंदू-मुस्लिम सद्भाव का प्रतीक

  1. मकबरेनुमा स्थापत्य: गोगामेड़ी की इमारत मस्जिद-मकबरे जैसी है; मुख्य द्वार पर ‘बिस्मिल्लाह’ अंकित।
  2. ‘जाहर पीर’ उपाधि — मुस्लिम श्रद्धा का स्रोत।
  3. पुजारी परंपरा: लोक-परंपरा में यहाँ पूजा-व्यवस्था में हिंदू और मुस्लिम (चायल) दोनों समुदायों की भागीदारी बताई जाती है।
  4. श्रद्धालु: सभी धर्मों के लोग — विशेषकर पंजाब-हरियाणा के ‘गुग्गा पीर’ भक्त।

5. गोगामेड़ी पशु मेला

6. भाद्रपद के तीन बड़े लोकदेवता मेले — तुलना

मेलास्थानतिथिपक्षपहचान
गोगामेड़ीनोहर, हनुमानगढ़भाद्रपद कृष्ण 9कृष्णजाहर पीर, बिस्मिल्लाह, पीले निशान
रामदेवरापोकरण, जैसलमेरभाद्रपद शुक्ल 2–11शुक्लरामसा पीर, नेजा, जम्मा
तेजाजी (परबतसर)डीडवाना-कुचामनभाद्रपद शुक्ल 10शुक्लतेजा दशमी; सबसे अधिक राजस्व वाला पशु मेला

रामदेवरा मेला: रामदेवरा मेला | तेजाजी: तेजाजी

7. गोगाजी के अन्य प्रमुख थान एवं आस्था-स्थल

स्थलजिलामहत्व
ददरेवा (शीर्षमेड़ी)चूरूजन्मस्थान; भाद्रपद में मेला
गोगामेड़ी (धुरमेड़ी)हनुमानगढ़समाधि; मुख्य मेला
गोगाजी की ओल्डीसांचौर क्षेत्र (जालौर)किलौरियों की ढाणी — गोगाजी का प्रसिद्ध थान
गोरख टीलाहनुमानगढ़गुरु गोरखनाथ का धूणा
गाँव-गाँव के थानपूरा राजस्थानखेजड़ी के नीचे; सर्प-प्रतिमा

8. गोगामेड़ी मेले का सामाजिक-आर्थिक महत्व

  1. उत्तर-भारतीय आस्था का संगम: राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के ‘गुग्गा पीर’ भक्तों का मिलन।
  2. कृषक-पशुपालक समाज: गोगा राखड़ी और पशु मेला — कृषि व पशुधन से सीधा संबंध।
  3. स्थानीय अर्थव्यवस्था: एक माह के मेले से नोहर-भादरा क्षेत्र में व्यापार, परिवहन, पशु-व्यापार को बढ़ावा।
  4. सर्प-संरक्षण की लोक-चेतना: सर्प को देवता-रूप में पूजने से सांपों को न मारने की परंपरा।
  5. सांप्रदायिक सद्भाव की शिक्षा: मकबरेनुमा इमारत, ‘जाहर पीर’ उपाधि और सभी धर्मों के श्रद्धालु — नई पीढ़ी के लिए साझी विरासत का जीवंत पाठ।

🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)

गोगामेड़ी मेला कब लगता है?

गोगामेड़ी मेला श्रावण पूर्णिमा से भाद्रपद पूर्णिमा के बीच लगभग एक माह चलता है; मुख्य दिन भाद्रपद कृष्ण नवमी (गोगा नवमी) है, जो सामान्यतः अगस्त-सितंबर में पड़ता है।

गोगामेड़ी किस जिले में है?

गोगामेड़ी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में स्थित है।

गोगाजी को जाहर पीर क्यों कहते हैं?

लोक-परंपरा के अनुसार महमूद गजनवी ने गोगाजी की वीरता से प्रभावित होकर उन्हें ‘जाहर पीर’ अर्थात् प्रत्यक्ष पीर कहा था।

शीर्षमेड़ी और धुरमेड़ी क्या हैं?

लोक-मान्यता के अनुसार गोगाजी का सिर ददरेवा (चूरू) में गिरा, जिसे शीर्षमेड़ी कहते हैं, और धड़ गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) में गिरा, जिसे धुरमेड़ी कहते हैं।

गोगा नवमी कब मनाई जाती है?

गोगा नवमी भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाई जाती है; पंजाब-हरियाणा में इसे ‘गुग्गा नौमी’ भी कहते हैं।

📝 One-Liner Revision (12 प्रश्न)

  1. गोगामेड़ी — नोहर, हनुमानगढ़
  2. मुख्य दिन — भाद्रपद कृष्ण 9 (गोगा नवमी)
  3. मेले की अवधि — लगभग एक माह
  4. गोगामेड़ी — धुरमेड़ी; ददरेवा — शीर्षमेड़ी
  5. इमारत पर अंकित — बिस्मिल्लाह
  6. वर्तमान स्वरूप — महाराजा गंगासिंह
  7. पास का स्थल — गोरख टीला
  8. ‘जाहर पीर’ नाम दिया — महमूद गजनवी
  9. श्रद्धालुओं के निशान — पीले
  10. गोगाजी के भोपों का वाद्य — डेरू
  11. पशु मेले की नस्ल — हरियाणवी
  12. हल पर बाँधी जाने वाली राखी — गोगा राखड़ी (9 गाँठ)

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • गोगामेड़ी (नोहर, हनुमानगढ़) — भाद्रपद कृष्ण 9; लगभग एक माह का मेला।
  • मकबरेनुमा इमारत, बिस्मिल्लाह, गंगासिंह; गोरख टीला।
  • पीले निशान, छड़ी, डेरू; हरियाणवी नस्ल का पशु मेला।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • गोगाजी का जन्म चूरू (ददरेवा) में, मेला हनुमानगढ़ (गोगामेड़ी) में।
  • गोगा नवमी कृष्ण पक्ष में; तेजा दशमी व रामदेवरा शुक्ल पक्ष में।
  • गोरख टीला गोगामेड़ी के पास है; गोरखमालिया (जसनाथ जी) से भ्रमित न करें।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“नवमी को नोहर, पीला निशान, बिस्मिल्लाह द्वार”।

“सिर चूरू, धड़ हनुमानगढ़” → शीर्षमेड़ी ददरेवा, धुरमेड़ी गोगामेड़ी।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

गोगामेड़ी पर प्रश्न का सबसे सामान्य रूप ‘तिथि’ (भाद्रपद कृष्ण 9) और ‘जिला’ (हनुमानगढ़) है; दूसरा रूप ‘शीर्षमेड़ी-धुरमेड़ी’। भाद्रपद के तीनों मेलों की तुलना तालिका (भाग 6) को पक्ष (कृष्ण/शुक्ल) सहित याद करें — इससे ‘असुमेलित युग्म’ वाले प्रश्न तुरंत हल होते हैं।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

गोगामेड़ी मेला व राजस्थान की अन्य लोक-कलाओं पर अपनी तैयारी जाँचने के लिए नीचे दिए अभ्यास सेट हल करें:

पूरी कला एवं संस्कृति इकाई के नोट्स: राजस्थान कला एवं संस्कृति — सभी नोट्स | परीक्षा में आने वाले नए सांस्कृतिक तथ्य (पुरस्कार, महोत्सव, GI टैग): करेंट अफेयर्स

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • देवस्थान विभाग, राजस्थान — गोगामेड़ी मेला।
  • पशुपालन विभाग, राजस्थान — राज्य स्तरीय गोगामेड़ी पशु मेला।
  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) — ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’ (लोकदेवता, मेले)।
  • डॉ. गोपीनाथ शर्मा — ‘राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा’।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: गोगामेड़ी मेला: जाहर पीर गोगाजी की आस्था एवं परंपरा

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस, LDC एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: शीर्षमेड़ी-धुरमेड़ी, गजनवी द्वारा ‘जाहर पीर’ कहना और पुजारी परंपरा से जुड़ी बातें लोक-परंपरा पर आधारित हैं। मेले की अंग्रेज़ी तारीख हर वर्ष पंचांग अनुसार बदलती है।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
✓ 100% सिलेबस सत्यापित (2026 पैटर्न)
Sudhir Sirइतिहास विशेषज्ञलेखक परिचय
तैयारी का स्व-मूल्यांकनफ्री डेमो उपलब्ध
राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 – Final Mega Test Series
₹99

🔥 2026 भर्ती परीक्षा: सिर्फ नोट्स पढ़ना काफी नहीं — वास्तविक परीक्षा में 120+ स्कोर के लिए फुल मॉक टेस्ट हल करें!

राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 – Final Mega Test Series

  • 100% नवीनतम 2026 परीक्षा पैटर्न व OMR 5th Option आधारित
  • All-Rajasthan रैंक और विस्तृत व्याख्या सहित उत्तर
  • वेबसाइट एवं एंड्रॉइड ऐप दोनों पर तुरंत एक्सेस
⚡ PhonePe · Google Pay · Paytm UPI द्वारा तुरंत सुरक्षित सक्रियण

🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. गोगामेड़ी मेला किस जिले में भरता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. गोगा नवमी किस तिथि को आती है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. गोगामेड़ी के मुख्य द्वार पर क्या अंकित है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. गोगाजी की ‘शीर्षमेड़ी’ कहाँ है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. गोगामेड़ी का वर्तमान स्वरूप किस शासक की देन है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

गोगामेड़ी मेला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में स्थित गोगामेड़ी में गोगाजी की समाधि पर लगता है।

गोगा नवमी भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाई जाती है; यही गोगामेड़ी मेले का मुख्य दिन है।

गोगामेड़ी की इमारत मकबरेनुमा है और इसके मुख्य द्वार पर ‘बिस्मिल्लाह’ अंकित है; इसका वर्तमान स्वरूप बीकानेर महाराजा गंगासिंह की देन है।

गोरख टीला हनुमानगढ़ में गोगामेड़ी के पास स्थित गुरु गोरखनाथ का धूणा है।

गोगामेड़ी के राज्य स्तरीय पशु मेले में हरियाणवी नस्ल के गोवंश प्रमुख हैं।

क्या आपको यह अध्ययन नोट्स पसंद आए? अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें:

मुफ्त अध्ययन सामग्री और सिलेबस ट्रैकर के लिए विजिट करें: https://suyogacademy.com© 2026 Suyog Academy