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राजस्थान के मेले: महीना, स्थान, देवता एवं प्रमुख विशेषता

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
10 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

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राजस्थान के मेले: महीना, स्थान, देवता एवं प्रमुख विशेषता

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⚡ Quick Answer: राजस्थान के मेलों को हिंदी मास के क्रम में याद रखना सबसे आसान है — चैत्र: शीतला (चाकसू), कैलादेवी (करौली), मल्लीनाथ (तिलवाड़ा), श्रीमहावीरजी, घोटिया अंबा; वैशाख: गौतमेश्वर, मातृकुंडिया, गोमती सागर पशु मेला; ज्येष्ठ: सीतामाता; श्रावण: हरियाली तीज, हरियाली अमावस्या; भाद्रपद: कजली तीज, गोगामेड़ी, रामदेवरा, परबतसर (तेजाजी), भर्तृहरि, डोल मेला; आश्विन: नवरात्र मेले, जसवंत पशु मेला, कोटा दशहरा; कार्तिक: पुष्कर, कोलायत, चंद्रभागा; मार्गशीर्ष: मानगढ़ धाम; माघ: बेणेश्वर, मरु महोत्सव, चौथ का बरवाड़ा, रामदेव पशु मेला (नागौर); फाल्गुन: खाटूश्यामजी, शिवरात्रि पशु मेला, मुकाम।

1. इस तालिका का उपयोग कैसे करें?

“राजस्थान के मेले किस महीने में लगते हैं” और “कौन-सा मेला किस देवता से जुड़ा है” — इन प्रश्नों का उत्तर एक साथ देने के लिए यह लेख मास-वार, जिला-वार और देवता-वार तीन कोणों से तालिकाएँ देता है। हर तालिका को अलग दिन दोहराएँ; परीक्षा से पहले केवल भाग 3 की मास-वार तालिका पढ़ना पर्याप्त रिवीजन है।

मेलों का वर्ग-वार परिचय (धार्मिक, आदिवासी, पशु मेले, त्योहार): राजस्थान के प्रमुख मेले एवं त्योहार — संपूर्ण सूची

2. हिंदी मास → अंग्रेज़ी महीना (लगभग)

हिंदी मासअंग्रेज़ी महीना (लगभग)ऋतु
चैत्रमार्च-अप्रैलबसंत
वैशाखअप्रैल-मईबसंत/ग्रीष्म
ज्येष्ठमई-जूनग्रीष्म
आषाढ़जून-जुलाईवर्षा आरंभ
श्रावणजुलाई-अगस्तवर्षा
भाद्रपदअगस्त-सितंबरवर्षा
आश्विनसितंबर-अक्टूबरशरद
कार्तिकअक्टूबर-नवंबरशरद
मार्गशीर्षनवंबर-दिसंबरहेमंत
पौषदिसंबर-जनवरीशीत
माघजनवरी-फरवरीशीत
फाल्गुनफरवरी-मार्चबसंत आगमन

नोट: चंद्र-मास पर आधारित होने से हर वर्ष अंग्रेज़ी तारीख 10–20 दिन आगे-पीछे होती है; अधिक मास वाले वर्ष में अंतर और बढ़ जाता है।

3. मास-वार मेला तालिका — महीना, स्थान, देवता, विशेषता

3.1 चैत्र (मार्च-अप्रैल) — सबसे अधिक मेलों वाला महीना

तिथिमेलास्थान (जिला)देवता/संबंधविशेषता
कृष्ण 8शीतला माता मेलाचाकसू (जयपुर)शीतला माताबैलगाड़ी मेला; बास्योड़ा
कृष्ण 8ऋषभदेव मेलाधुलेव (उदयपुर)ऋषभदेव (काला जी)भीलों की आस्था; केसर चढ़ता है
कृष्ण 11 सेमल्लीनाथ पशु मेलातिलवाड़ा (बालोतरा)मल्लीनाथ जीथारपारकर-कांकरेज नस्ल
अमावस्यापाबूजी मेलाकोलूमंड (फलोदी)पाबूजीरेबारी समाज
अमावस्याघोटिया अंबा मेलाबांसवाड़ापांडव-कथा से जुड़ाभीलों का प्रमुख मेला
शुक्ल 3गणगौर / मेवाड़ महोत्सवजयपुर / उदयपुरईसर-गौरशाही सवारी; पिछोला नाव सवारी
शुक्ल 8 (नवरात्र)कैलादेवी लक्खी मेलाकरौलीकैलादेवीलांगुरिया गीत
शुक्ल 13श्रीमहावीरजी मेलाकरौलीभगवान महावीरजैन रथयात्रा
चैत्रबलदेव पशु मेलामेड़ता (नागौर)—नागौरी नस्ल
नवरात्रकरणी माता, जीण माता मेलेदेशनोक, रैवासालोकदेवियाँचूहे; भंवरे

3.2 वैशाख (अप्रैल-मई)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
शुक्ल 3आखा तीजबीकानेर (विशेष)—बीकानेर स्थापना दिवस; पतंग; अबूझ सावा
पूर्णिमागौतमेश्वर मेलाअरणोद (प्रतापगढ़)गौतमेश्वर महादेव / भूरिया बाबामीणा जनजाति
पूर्णिमामातृकुंडिया मेलाचित्तौड़गढ़मातृकुंडिया तीर्थ‘राजस्थान का हरिद्वार’
वैशाखगोमती सागर पशु मेलाझालरापाटन (झालावाड़)—मालवी नस्ल
कृष्ण 3 के आसपासधींगा गवरजोधपुरधींगा गवरबेंतमार मेला

3.3 ज्येष्ठ व आषाढ़ (मई-जुलाई)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
ज्येष्ठ अमावस्यासीतामाता मेलासीतामाता अभयारण्य (प्रतापगढ़)सीता माताभील-मीणा; उड़न गिलहरी वाला अभयारण्य
आषाढ़जगदीश रथयात्राउदयपुरजगदीश (विष्णु)रथयात्रा

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मेलों की तिथि-स्थान वाले प्रश्न सबसे ज़्यादा पटवारी, VDO, पुलिस, LDC और CET में आते हैं। फुल-लेंथ मॉक टेस्ट से अपनी पकड़ जाँचें:

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3.4 श्रावण (जुलाई-अगस्त)

तिथिमेला/पर्वस्थानदेवता/संबंधविशेषता
अमावस्याहरियाली अमावस्या मेलाउदयपुर (फतेहसागर, सहेलियों की बाड़ी)—दूसरा दिन केवल महिलाओं का
शुक्ल 3हरियाली तीजजयपुरतीज माताशाही सवारी, लहरिया
पूर्णिमा सेगोगामेड़ी मेला आरंभगोगामेड़ी (हनुमानगढ़)गोगाजीलगभग एक माह
श्रावण-भाद्रपदवीर तेजाजी पशु मेलापरबतसरतेजाजीराजस्व आय में सबसे बड़ा

3.5 भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) — लोकदेवताओं का महीना

तिथिमेलास्थानदेवताविशेषता
कृष्ण 3कजली तीजबूंदीतीज मातासातु, नीमड़ी
कृष्ण 8मेहाजी मेलाबापणी (जोधपुर क्षेत्र)मेहाजी मांगलियाजन्माष्टमी
कृष्ण 9गोगा नवमीगोगामेड़ी (हनुमानगढ़)गोगाजीपीले निशान, बिस्मिल्लाह
शुक्ल 2–11रामदेवरा मेलारामदेवरा (जैसलमेर)रामदेवजीजातरू, नेजा, तेरहताली
शुक्ल 5देवबाबा मेलानगला जहाज (भरतपुर)देवबाबागुर्जर-ग्वाले
शुक्ल 6–7देवनारायण मेलासवाई भोज (भीलवाड़ा)देवनारायण जीगुर्जर समाज
शुक्ल 6मचकुंड मेलाधौलपुरमचकुंड तीर्थ‘तीर्थों का भांजा’
शुक्ल 8भर्तृहरि मेलाअलवरभर्तृहरि (नाथ)नाथ साधु
शुक्ल 10तेजाजी मेलापरबतसर (डीडवाना-कुचामन)तेजाजीतेजा दशमी
शुक्ल 11डोल मेलाबारां—जलझूलनी एकादशी; डोल-यात्रा

विस्तृत लेख: रामदेवरा मेला | गोगामेड़ी मेला | तीज पर्व — हरियाली व कजली तीज

3.6 आश्विन (सितंबर-अक्टूबर)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
नवरात्रदेवी मेलेदेशनोक, रैवासा, आमेर, तनोटकरणी, जीण, शिला, तनोट मातानवरात्र उत्सव
शुक्ल 10राष्ट्रीय दशहरा मेलाकोटा—रावण दहन; लंबा मेला
आश्विनजसवंत पशु मेलाभरतपुर—हरियाणवी नस्ल
अमावस्यामुकाम मेलामुकाम (बीकानेर)जाम्भोजीबिश्नोई (वर्ष में दूसरा मेला)
पूर्णिमा (शरद)मारवाड़ महोत्सवजोधपुर—मांड समारोह
पूर्णिमासालासर मेलासालासर (चूरू)हनुमान (बालाजी)चैत्र व आश्विन पूर्णिमा

3.7 कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
शुक्ल 1अन्नकूटनाथद्वाराश्रीनाथजीअन्नकूट लूटने की परंपरा
पूर्णिमापुष्कर मेलापुष्कर (अजमेर)ब्रह्माअंतरराष्ट्रीय ऊँट-पशु मेला
पूर्णिमाकोलायत मेलाकोलायत (बीकानेर)कपिल मुनिदीपदान
पूर्णिमाचंद्रभागा मेलाझालरापाटन (झालावाड़)चंद्रभागा नदी तीर्थपशु मेला — मालवी नस्ल

विस्तृत लेख: पुष्कर मेला | कोलायत मेला

3.8 मार्गशीर्ष, पौष, माघ (नवंबर-फरवरी)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
मार्गशीर्ष पूर्णिमामानगढ़ धाम मेलाबांसवाड़ागोविंद गुरु1913 का भील बलिदान
माघ कृष्ण 4चौथ माता मेलाचौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर)चौथ मातासकट चौथ
माघरामदेव पशु मेलामानासर (नागौर)—नागौरी बैल
माघ पूर्णिमाबेणेश्वर मेलाडूंगरपुरमावजी / बेणेश्वर शिवलिंग‘आदिवासियों का कुंभ’
माघ पूर्णिमामरु महोत्सवजैसलमेर—मरु श्री, सम के धोरे

विस्तृत लेख: बेणेश्वर मेला | नागौर मेला | जैसलमेर डेजर्ट फेस्टिवल (मरु महोत्सव)

3.9 फाल्गुन (फरवरी-मार्च)

तिथिमेलास्थानदेवता/संबंधविशेषता
शिवरात्रिशिवरात्रि पशु मेलाकरौली—हरियाणवी नस्ल
शुक्ल 11–12खाटूश्यामजी मेलाखाटू (सीकर)श्याम बाबा (बर्बरीक)निशान पदयात्रा
अमावस्यामुकाम मेलामुकाम (बीकानेर)जाम्भोजीबिश्नोई मुख्य मेला
पूर्णिमा की पूर्व संध्याहाथी महोत्सवजयपुर—सजे हाथी

खाटूश्यामजी: खाटूश्यामजी

4. मेलों के उपनाम — सीधे पूछे जाने वाले प्रश्न

उपनाममेला/स्थल
आदिवासियों का कुंभ / वागड़ का पुष्करबेणेश्वर (डूंगरपुर)
लक्खी मेलाकैलादेवी (करौली)
राजस्थान का हरिद्वारमातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़)
तीर्थराजपुष्कर (अजमेर)
तीर्थों का भांजामचकुंड (धौलपुर)
सांप्रदायिक सद्भाव का सबसे बड़ा मेलारामदेवरा (जैसलमेर)
बेंतमार मेलाधींगा गवर (जोधपुर)

5. जिला-वार मेले (Map Revision)

जिलाप्रमुख मेले
करौलीकैलादेवी, श्रीमहावीरजी, शिवरात्रि पशु मेला
झालावाड़चंद्रभागा, गोमती सागर पशु मेला
नागौररामदेव पशु मेला (मानासर), बलदेव पशु मेला (मेड़ता)
बीकानेरकोलायत, करणी माता (देशनोक), मुकाम
जैसलमेररामदेवरा, मरु महोत्सव
हनुमानगढ़गोगामेड़ी
डूंगरपुर / बांसवाड़ाबेणेश्वर / घोटिया अंबा, मानगढ़ धाम
प्रतापगढ़सीतामाता, गौतमेश्वर
अजमेरपुष्कर, उर्स
जयपुरशीतला माता (चाकसू), गणगौर, तीज, हाथी महोत्सव
सीकरखाटूश्यामजी, जीण माता

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राजस्थान में सबसे ज़्यादा मेले किस महीने में लगते हैं?

राजस्थान में सबसे ज़्यादा मेले चैत्र (शीतला, कैलादेवी, मल्लीनाथ, श्रीमहावीरजी, गणगौर) और भाद्रपद (रामदेवरा, गोगामेड़ी, तेजाजी, भर्तृहरि, डोल मेला) मास में लगते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा को राजस्थान में कौन-कौन से मेले लगते हैं?

कार्तिक पूर्णिमा को पुष्कर (अजमेर), कोलायत (बीकानेर) और चंद्रभागा (झालरापाटन, झालावाड़) के मेले लगते हैं।

माघ पूर्णिमा को कौन-से आयोजन होते हैं?

माघ पूर्णिमा को डूंगरपुर में बेणेश्वर मेला और जैसलमेर में मरु महोत्सव का समापन होता है।

‘राजस्थान का हरिद्वार’ किसे कहते हैं?

चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया तीर्थ को ‘राजस्थान का हरिद्वार’ कहा जाता है, जहाँ वैशाख पूर्णिमा को मेला भरता है।

भाद्रपद मास में लगने वाले लोकदेवता मेले कौन-से हैं?

भाद्रपद में मेहाजी (कृष्ण 8), गोगाजी (कृष्ण 9), रामदेवजी (शुक्ल 2–11), देवबाबा (शुक्ल 5), देवनारायण (शुक्ल 6–7) और तेजाजी (शुक्ल 10) के मेले लगते हैं।

📝 One-Liner Revision (15 प्रश्न)

  1. चैत्र कृष्ण 8 — शीतला माता (चाकसू)
  2. चैत्र शुक्ल 13 — श्रीमहावीरजी (करौली)
  3. वैशाख पूर्णिमा — गौतमेश्वर, मातृकुंडिया
  4. ज्येष्ठ अमावस्या — सीतामाता (प्रतापगढ़)
  5. श्रावण अमावस्या — हरियाली अमावस्या (उदयपुर)
  6. भाद्रपद कृष्ण 9 — गोगामेड़ी
  7. भाद्रपद शुक्ल 8 — भर्तृहरि (अलवर)
  8. भाद्रपद शुक्ल 11 — डोल मेला (बारां)
  9. आश्विन — जसवंत पशु मेला (भरतपुर)
  10. कार्तिक पूर्णिमा — पुष्कर, कोलायत, चंद्रभागा
  11. मार्गशीर्ष पूर्णिमा — मानगढ़ धाम
  12. माघ कृष्ण 4 — चौथ का बरवाड़ा
  13. माघ पूर्णिमा — बेणेश्वर, मरु महोत्सव
  14. फाल्गुन शुक्ल 11–12 — खाटूश्यामजी
  15. ‘तीर्थों का भांजा’ — मचकुंड (धौलपुर)

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • चैत्र व भाद्रपद — सबसे अधिक मेले।
  • तीन पूर्णिमाएँ याद रखें: कार्तिक (पुष्कर-कोलायत-चंद्रभागा), माघ (बेणेश्वर-मरु महोत्सव), वैशाख (गौतमेश्वर-मातृकुंडिया)।
  • उपनाम: आदिवासियों का कुंभ, लक्खी मेला, राजस्थान का हरिद्वार, तीर्थों का भांजा।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • मुकाम मेला वर्ष में दो बार — फाल्गुन व आश्विन अमावस्या; किसी एक को ही सही मानकर दूसरा विकल्प गलत न समझें।
  • गौतमेश्वर (प्रतापगढ़) और सीतामाता (प्रतापगढ़) — जिला एक, मास अलग (वैशाख बनाम ज्येष्ठ)।
  • मचकुंड — तीर्थों का भांजा; ‘तीर्थराज’ पुष्कर — उपनामों को उलटें नहीं।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“चैत्र में देवी, भादो में देवता, कार्तिक में तीर्थ, माघ में आदिवासी”।

“तीन पूनम — कार्तिक का पुष्कर, माघ का बेणेश्वर, वैशाख का गौतमेश्वर”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

यह लेख मेले-त्योहार खंड की ‘अंतिम रिवीजन शीट’ है। पहले वर्ग-वार सूची वाला लेख पढ़ें, फिर यह मास-वार तालिका — दोनों कोणों से पढ़ने पर तिथि-स्थान याद रखना आसान हो जाता है। परीक्षा से एक दिन पहले केवल भाग 3 की तालिकाएँ और भाग 4 के उपनाम दोहराएँ।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • पर्यटन विभाग, राजस्थान — फेयर एवं फेस्टिवल कैलेंडर।
  • पशुपालन विभाग, राजस्थान — राज्य स्तरीय पशु मेले।
  • देवस्थान विभाग, राजस्थान — प्रमुख धार्मिक मेले।
  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) — ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान के मेले: महीना, स्थान, देवता एवं प्रमुख विशेषता

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस, LDC एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: हिंदी मास → अंग्रेज़ी महीना का मिलान अनुमानित है; चंद्र-मास के कारण तारीखें हर वर्ष बदलती हैं। कुछ स्थानीय मेलों की तिथियों में क्षेत्रीय भिन्नता संभव है; परीक्षा में सर्वमान्य तिथियाँ दी गई हैं।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. ‘राजस्थान का हरिद्वार’ किसे कहा जाता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. डोल मेला कहाँ लगता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. सीतामाता मेला किस तिथि को भरता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. भर्तृहरि का मेला कहाँ लगता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. निम्नलिखित में से कौन-सा मेला माघ पूर्णिमा को नहीं लगता?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

राजस्थान में सबसे अधिक मेले चैत्र और भाद्रपद मास में लगते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर (अजमेर), कोलायत (बीकानेर) और चंद्रभागा (झालरापाटन) के मेले लगते हैं।

धौलपुर के मचकुंड तीर्थ को ‘तीर्थों का भांजा’ कहा जाता है।

सीतामाता मेला प्रतापगढ़ जिले के सीतामाता अभयारण्य क्षेत्र में ज्येष्ठ अमावस्या को लगता है।

बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम पर गोविंद गुरु की स्मृति में मार्गशीर्ष पूर्णिमा को मेला लगता है।

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