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सर्वोच्च न्यायालय: गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति, योग्यता एवं कार्यकाल

योगेश जांगिड़योगेश जांगिड़ (सॉफ्टवेयर इंजीनियर और लेखक)
17 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 17 अक्टूबर 2026
18 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: भारत का संविधान (मूल पाठ व नवीनतम संशोधन), RPSC RAS, UPSC CSE एवं राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं का आधिकारिक पाठ्यक्रम। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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सर्वोच्च न्यायालय: गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति, योग्यता एवं कार्यकाल

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: सर्वोच्च न्यायालय भारत का शीर्ष न्यायालय है — संविधान के भाग 5, अध्याय 4 (अनु. 124–147) में। इसका उद्घाटन 28 जनवरी 1950 को हुआ; इसने संघीय न्यायालय (1937) और प्रिवी काउंसिल का स्थान लिया। मूल संविधान में 8 (1 मुख्य + 7) न्यायाधीश थे; अब संसद के 2019 के अधिनियम से 34 (1 CJI + 33) हैं। न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं (अनु. 124(2)) — व्यवहार में कॉलेजियम (CJI + 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश) की सिफ़ारिश पर। योग्यता — भारत का नागरिक तथा 5 वर्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश, या 10 वर्ष उच्च न्यायालय का अधिवक्ता, या राष्ट्रपति की राय में प्रख्यात विधिवेत्ता। कार्यकाल 65 वर्ष की आयु तक; हटाना केवल सिद्ध कदाचार या असमर्थता पर संसद के विशेष बहुमत वाले समावेदन से (अनु. 124(4))। वर्तमान (53वें) CJI — न्यायमूर्ति सूर्यकांत।

🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली (पूर्ववर्ती — न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, 52वें CJI); उनका कार्यकाल 9 फ़रवरी 2027 तक है। स्वीकृत संख्या 34 (17 अक्टूबर 2026 तक)। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा (इलाहाबाद उच्च न्यायालय) के विरुद्ध प्रस्ताव पर अगस्त 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ने न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 के अंतर्गत 3-सदस्यीय जाँच समिति गठित की — इसकी अद्यतन स्थिति करेंट अफेयर्स से जाँचें। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।

📌 सर्वोच्च न्यायालय का गठन — एक नज़र में

  1. अनुच्छेद: 124–147 (भाग 5, अध्याय 4)
  2. उद्घाटन: 28 जनवरी 1950 — प्रथम CJI एच.जे. कानिया
  3. न्यायाधीश संख्या: 34 (1 CJI + 33) — 2019 का संशोधन अधिनियम
  4. नियुक्ति: राष्ट्रपति — अनु. 124(2); कॉलेजियम की सिफ़ारिश
  5. सेवानिवृत्ति: 65 वर्ष की आयु
  6. हटाना: अनु. 124(4) — सिद्ध कदाचार/असमर्थता, विशेष बहुमत
  7. आसन: दिल्ली — अनु. 130
  8. वर्तमान CJI: न्यायमूर्ति सूर्यकांत (53वें)

1. सर्वोच्च न्यायालय: परिचय एवं पृष्ठभूमि

भारत में एकीकृत न्याय व्यवस्था (Integrated Judiciary) है — शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय, उसके नीचे राज्यों में उच्च न्यायालय और उनके नीचे अधीनस्थ न्यायालय। यह व्यवस्था भारत शासन अधिनियम, 1935 से ली गई है, जबकि अमेरिका जैसे संघों में संघीय व राज्य न्यायालयों की दोहरी व्यवस्था है। सर्वोच्च न्यायालय संविधान का अंतिम व्याख्याकार, मौलिक अधिकारों का संरक्षक (Guardian), केंद्र–राज्य विवादों का संघीय न्यायालय तथा देश का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय है।

  • संघीय न्यायालय (Federal Court): 1935 के अधिनियम के अंतर्गत 1 अक्टूबर 1937 को स्थापित; इसके निर्णयों के विरुद्ध अपील लंदन की प्रिवी काउंसिल में होती थी।
  • सर्वोच्च न्यायालय का उद्घाटन: 28 जनवरी 1950 — संविधान लागू होने के दो दिन बाद, संसद भवन के ‘चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस’ में; 1958 में वर्तमान भवन (तिलक मार्ग) में स्थानांतरित।
  • प्रथम मुख्य न्यायाधीश: हरिलाल जेकिसुनदास कानिया (एच.जे. कानिया)।
  • आदर्श-वाक्य: “यतो धर्मस्ततो जयः” (जहाँ धर्म है, वहाँ विजय है)।

संविधान की एकात्मक–संघात्मक विशेषताओं में एकीकृत न्यायपालिका की भूमिका भारतीय संविधान की विशेषताएँ में देखें।

2. अनुच्छेद 124 से 147 — एक दृष्टि में

अनुच्छेदविषय
124सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना एवं गठन; नियुक्ति, योग्यता, हटाना
124A–124Cराष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (99वाँ संशोधन, 2014) — 2015 में असंवैधानिक घोषित
125न्यायाधीशों के वेतन आदि
126कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति
127तदर्थ (Ad hoc) न्यायाधीशों की नियुक्ति
128सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति
129सर्वोच्च न्यायालय — अभिलेख न्यायालय (Court of Record)
130सर्वोच्च न्यायालय का स्थान (आसन) — दिल्ली
131मूल (प्रारंभिक) क्षेत्राधिकार
132–134Aअपीलीय क्षेत्राधिकार (संवैधानिक, सिविल, आपराधिक) व प्रमाणपत्र
136विशेष अनुमति याचिका (SLP)
137अपने निर्णयों का पुनर्विलोकन
139Aमामलों का अंतरण
141सर्वोच्च न्यायालय की विधि सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी
142पूर्ण न्याय हेतु डिक्री/आदेश
143राष्ट्रपति को परामर्श (सलाहकारी क्षेत्राधिकार)
144सभी प्राधिकारी सर्वोच्च न्यायालय की सहायता में कार्य करेंगे
145न्यायालय के नियम; संविधान पीठ में न्यूनतम 5 न्यायाधीश
146अधिकारी व सेवक; व्यय भारत की संचित निधि पर भारित
147निर्वचन (व्याख्या)

क्षेत्राधिकार (अनु. 129–143) का विस्तृत अध्ययन सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र: मूल, अपीलीय व सलाहकारी में करें।

3. गठन: न्यायाधीशों की संख्या का विकास

अनु. 124(1) के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश और संसद द्वारा विधि से निर्धारित संख्या में अन्य न्यायाधीश होंगे — मूल संविधान में अन्य न्यायाधीशों की संख्या 7 थी। संख्या बढ़ाने हेतु संविधान संशोधन आवश्यक नहीं; संसद सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करती है।

वर्षकुल न्यायाधीश (CJI सहित)आधार
19508मूल संविधान
195611न्यायाधीश संख्या अधिनियम, 1956
196014संशोधन अधिनियम
197718संशोधन अधिनियम
198626संशोधन अधिनियम
200831संशोधन अधिनियम
201934सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019

पीठें (Benches): एकल पीठ, खंड पीठ (Division Bench — 2 या 3 न्यायाधीश), बड़ी पीठ तथा संविधान पीठ — अनु. 145(3) के अनुसार संविधान के निर्वचन के सारवान विधिक प्रश्न तथा अनु. 143 के संदर्भ की सुनवाई के लिए न्यूनतम 5 न्यायाधीश आवश्यक।

4. न्यायाधीशों की नियुक्ति (अनु. 124(2))

  • मुख्य न्यायाधीश: राष्ट्रपति द्वारा, सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों के ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श के बाद जिन्हें वह आवश्यक समझे। परंपरा — निवर्तमान CJI वरिष्ठतम न्यायाधीश के नाम की सिफ़ारिश करते हैं (प्रक्रिया-ज्ञापन / MoP)।
  • अन्य न्यायाधीश: राष्ट्रपति द्वारा, परंतु मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य (अनु. 124(2) का परंतुक)।
  • कॉलेजियम प्रणाली: द्वितीय न्यायाधीश मामला (1993) में ‘परामर्श’ का अर्थ ‘सहमति’ माना गया; तृतीय न्यायाधीश मामला (1998) में कॉलेजियम = CJI + 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश। सरकार सिफ़ारिश एक बार पुनर्विचार हेतु लौटा सकती है; दोबारा भेजने पर नियुक्ति बाध्यकारी।
  • NJAC: 99वें संशोधन (2014) से बना राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग चौथे न्यायाधीश मामले (2015) में न्यायिक स्वतंत्रता (मूल ढाँचा) के उल्लंघन के आधार पर निरस्त — कॉलेजियम पुनः बहाल।
मामलावर्षनिष्कर्ष
प्रथम न्यायाधीश मामला (एस.पी. गुप्ता)1981‘परामर्श’ का अर्थ ‘सहमति’ नहीं — कार्यपालिका की प्रधानता
द्वितीय न्यायाधीश मामला (SC एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन)1993प्रथम मामला पलटा; CJI की राय को प्रधानता — कॉलेजियम का जन्म
तृतीय न्यायाधीश मामला (राष्ट्रपति का संदर्भ, अनु. 143)1998कॉलेजियम = CJI + 4 वरिष्ठतम न्यायाधीश
चतुर्थ न्यायाधीश मामला (NJAC मामला)201599वाँ संशोधन व NJAC अधिनियम असंवैधानिक

कॉलेजियम की कार्यप्रणाली, स्थानांतरण व आलोचना का विस्तृत विश्लेषण न्यायिक स्वतंत्रता एवं कॉलेजियम प्रणाली में है।

🎯 सर्वोच्च न्यायालय का गठन — अभ्यास

अनु. 124 की योग्यताएँ, 34 न्यायाधीश, 65 वर्ष और महाभियोग प्रक्रिया RAS, CET व व्याख्याता परीक्षाओं के सर्वाधिक पूछे जाने वाले तथ्य हैं:

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5. न्यायाधीश बनने की योग्यता (अनु. 124(3))

सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए व्यक्ति को —

  1. भारत का नागरिक होना चाहिए; तथा
  2. (क) किसी उच्च न्यायालय (या लगातार दो या अधिक उच्च न्यायालयों) में कम से कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश रहा हो; या
  3. (ख) किसी उच्च न्यायालय (या लगातार दो या अधिक) में कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो; या
  4. (ग) राष्ट्रपति की राय में प्रख्यात विधिवेत्ता (Distinguished Jurist) हो।

ध्यान दें: संविधान में न्यूनतम आयु निर्धारित नहीं है। ‘प्रख्यात विधिवेत्ता’ श्रेणी से अब तक कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हेतु ‘प्रख्यात विधिवेत्ता’ का विकल्प नहीं है — वहाँ 10 वर्ष न्यायिक पद या 10 वर्ष अधिवक्ता की शर्त है।

आधारसर्वोच्च न्यायालय (अनु. 124(3))उच्च न्यायालय (अनु. 217(2))
न्यायिक अनुभवHC न्यायाधीश — 5 वर्षभारत में न्यायिक पद — 10 वर्ष
अधिवक्ता अनुभवHC अधिवक्ता — 10 वर्षHC अधिवक्ता — 10 वर्ष
प्रख्यात विधिवेत्ताहाँनहीं
सेवानिवृत्ति आयु65 वर्ष62 वर्ष
शपथ दिलाने वालाराष्ट्रपति (या नामित व्यक्ति)राज्यपाल (या नामित व्यक्ति)
त्यागपत्रराष्ट्रपति कोराष्ट्रपति को

6. शपथ, कार्यकाल एवं त्यागपत्र

  • शपथ (अनु. 124(6)): राष्ट्रपति या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष, तीसरी अनुसूची में दिए प्रारूप में — संविधान व विधि के प्रति श्रद्धा, भारत की प्रभुता-अखंडता बनाए रखना, बिना भय/पक्षपात/राग-द्वेष के कर्तव्य पालन।
  • कार्यकाल: संविधान में निश्चित अवधि नहीं — 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक पद पर। आयु संबंधी विवाद संसद द्वारा उपबंधित प्राधिकारी व रीति से निर्धारित (अनु. 124(2A), 15वाँ संशोधन 1963)।
  • पद-रिक्ति के तरीके: (i) 65 वर्ष पूर्ण होना, (ii) राष्ट्रपति को लिखित त्यागपत्र, (iii) संसद की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाना, (iv) मृत्यु।
  • सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिबंध (अनु. 124(7)): भारत के किसी भी न्यायालय या प्राधिकारी के समक्ष वकालत/कार्य नहीं कर सकता। (उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय व अन्य उच्च न्यायालयों में वकालत कर सकते हैं — अनु. 220।)

सबसे लंबा कार्यकाल (CJI): वाई.वी. चंद्रचूड़ (1978–85, लगभग 7 वर्ष); सबसे छोटा: कमल नारायण सिंह (1991, 17 दिन)। प्रथम महिला न्यायाधीश: न्यायमूर्ति एम. फ़ातिमा बीवी (1989)। वरिष्ठता क्रम के अनुसार न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना 2027 में प्रथम महिला CJI बन सकती हैं (संभावित, अल्प कार्यकाल)।

7. न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया (अनु. 124(4), 124(5))

न्यायाधीश को केवल सिद्ध कदाचार (proved misbehaviour) या असमर्थता (incapacity) के आधार पर, संसद के प्रत्येक सदन द्वारा एक ही सत्र में विशेष बहुमत (सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित व मतदान करने वालों का दो-तिहाई) से पारित समावेदन (address) पर राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है। प्रक्रिया न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 से विनियमित है —

  1. प्रस्ताव पर हस्ताक्षर — लोकसभा में 100 या राज्यसभा में 50 सदस्य।
  2. अध्यक्ष/सभापति प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं।
  3. स्वीकार होने पर 3-सदस्यीय जाँच समिति — (i) CJI या सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, (ii) किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, (iii) प्रख्यात विधिवेत्ता।
  4. समिति न्यायाधीश को दोषी पाए तो सदन प्रस्ताव पर विचार करता है; दोनों सदनों से विशेष बहुमत से पारित होने पर समावेदन राष्ट्रपति को।
  5. राष्ट्रपति हटाने का आदेश जारी करते हैं।
न्यायाधीशवर्षपरिणाम
न्या. वी. रामास्वामी (SC)1991–93जाँच समिति ने दोषी पाया; लोकसभा में प्रस्ताव पारित नहीं (सत्ता पक्ष अनुपस्थित) — पहला महाभियोग प्रयास
न्या. सौमित्र सेन (कलकत्ता HC)2011राज्यसभा में पारित; लोकसभा में मतदान से पहले त्यागपत्र
न्या. पी.डी. दिनाकरन (सिक्किम HC)2011जाँच के दौरान त्यागपत्र
न्या. दीपक मिश्रा (CJI)2018राज्यसभा सभापति ने प्रस्ताव अस्वीकार किया
न्या. यशवंत वर्मा (इलाहाबाद HC)2025लोकसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव स्वीकार कर जाँच समिति बनाई (अगस्त 2025)

महत्वपूर्ण: स्वतंत्र भारत में अब तक किसी भी न्यायाधीश को महाभियोग से हटाया नहीं गया। संविधान में ‘महाभियोग’ शब्द केवल राष्ट्रपति (अनु. 61) के लिए है — न्यायाधीशों हेतु ‘हटाना (removal)’ प्रयुक्त है। विशेष बहुमत की अवधारणा संविधान संशोधन प्रक्रिया: अनु. 368 से तुलना करें।

8. वेतन, भत्ते एवं सेवा-सुरक्षा

  • वेतन (अनु. 125): संसद द्वारा निर्धारित — CJI ₹2,80,000 तथा अन्य न्यायाधीश ₹2,50,000 प्रतिमाह (उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश (वेतन एवं सेवा शर्तें) संशोधन अधिनियम, 2018)।
  • भारित व्यय: वेतन, भत्ते, पेंशन तथा न्यायालय के प्रशासनिक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित (अनु. 112(3)(d), 146(3)) — संसद में मतदान नहीं, केवल चर्चा।
  • अलाभकारी परिवर्तन नहीं: नियुक्ति के बाद वेतन, अवकाश, पेंशन आदि में अहितकर परिवर्तन नहीं — अपवाद: वित्तीय आपातकाल (अनु. 360(4))।
  • आचरण पर चर्चा वर्जित: संसद (अनु. 121) व राज्य विधानमंडल (अनु. 211) में न्यायाधीश के आचरण पर चर्चा नहीं — केवल हटाने के प्रस्ताव के समय।

9. कार्यवाहक CJI, तदर्थ एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश

प्रावधानअनुच्छेदकौन नियुक्त करता हैशर्त
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश126राष्ट्रपतिCJI का पद रिक्त हो, या CJI अनुपस्थित/कर्तव्य पालन में असमर्थ हो
तदर्थ (Ad hoc) न्यायाधीश127CJI — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से व संबंधित HC के CJ से परामर्श करकोरम (गणपूर्ति) पूरा न हो; HC का न्यायाधीश जो SC न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो
सेवानिवृत्त न्यायाधीश128CJI — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति सेसेवानिवृत्त SC (या योग्य HC) न्यायाधीश की सहमति आवश्यक

आसन (अनु. 130): सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में बैठता है, किंतु CJI राष्ट्रपति के अनुमोदन से अन्य स्थान/स्थानों पर भी बैठक कर सकते हैं — क्षेत्रीय पीठों की माँग इसी आधार पर उठती रहती है, पर अब तक स्थायी क्षेत्रीय पीठ नहीं बनी।

10. प्रमुख मुख्य न्यायाधीश एवं वरिष्ठता परंपरा

क्रम/नामविशेष तथ्य
1 — एच.जे. कानियाप्रथम CJI (1950–51); पद पर रहते निधन
14 — ए.एन. रे1973 — 3 वरिष्ठ न्यायाधीशों का अधिक्रमण (केशवानंद भारती के बाद)
15 — एम.एच. बेग1977 — न्या. एच.आर. खन्ना का अधिक्रमण (ADM जबलपुर में असहमति)
16 — वाई.वी. चंद्रचूड़सर्वाधिक लंबा कार्यकाल
22 — कमल नारायण सिंहसबसे छोटा कार्यकाल (17 दिन)
37 — के.जी. बालकृष्णनप्रथम दलित CJI (2007)
50 — डी.वाई. चंद्रचूड़2022–24; पिता वाई.वी. चंद्रचूड़ भी CJI — पिता-पुत्र जोड़ी
52 — बी.आर. गवईमई–नवंबर 2025; प्रथम बौद्ध CJI
53 — सूर्यकांत24 नवंबर 2025 से; हरियाणा से प्रथम CJI

न्यायपालिका की शक्तियों के साथ राष्ट्रपति की भूमिका राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शक्तियाँ में तथा भारत सरकार के विधि अधिकारी की भूमिका भारत के महान्यायवादी (अनु. 76) में देखें।

संबंधित: सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र | न्यायिक स्वतंत्रता एवं कॉलेजियम प्रणाली | उच्च न्यायालय: अनुच्छेद 214–231 | न्यायिक पुनरावलोकन, सक्रियता व PIL

📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

प्रश्न का प्रकारउदाहरणहल करने की कुंजी
अनुच्छेदअनु. 124, 126, 127, 128, 130खंड 2 व 9
संख्यामूल 8, अब 34खंड 3
योग्यता5/10 वर्ष, प्रख्यात विधिवेत्ताखंड 5
हटाना100/50 हस्ताक्षर, विशेष बहुमतखंड 7
व्यक्ति/प्रथमप्रथम CJI, प्रथम महिला न्यायाधीशखंड 1 व 10

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सर्वोच्च न्यायालय में कुल कितने न्यायाधीश हैं?

मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 — सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019 के बाद। मूल संविधान में यह संख्या 8 थी।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?

राष्ट्रपति, अनु. 124(2) के अंतर्गत — व्यवहार में CJI और 4 वरिष्ठतम न्यायाधीशों के कॉलेजियम की सिफ़ारिश पर।

सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

भारत का नागरिक हो और 5 वर्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश, या 10 वर्ष उच्च न्यायालय का अधिवक्ता, या राष्ट्रपति की राय में प्रख्यात विधिवेत्ता हो। न्यूनतम आयु निर्धारित नहीं।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को कैसे हटाया जाता है?

सिद्ध कदाचार या असमर्थता पर — संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत से पारित समावेदन पर राष्ट्रपति के आदेश से (अनु. 124(4)); प्रक्रिया न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 में।

भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश कौन हैं?

न्यायमूर्ति सूर्यकांत — 53वें CJI, 24 नवंबर 2025 से (कार्यकाल 9 फ़रवरी 2027 तक)।

📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)

  1. सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना एवं गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

    (A) अनु. 214 (B) अनु. 124 (C) अनु. 131 (D) अनु. 143

    ✅ उत्तर: (B) अनु. 124 — अनु. 214 — प्रत्येक राज्य हेतु उच्च न्यायालय।

  2. वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या है —

    (A) 31 (B) 30 (C) 34 (D) 26

    ✅ उत्तर: (C) 34 — 2019 के संशोधन अधिनियम से 33 + 1 = 34।

  3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु है —

    (A) 62 वर्ष (B) 60 वर्ष (C) 70 वर्ष (D) 65 वर्ष

    ✅ उत्तर: (D) 65 वर्ष — उच्च न्यायालय — 62 वर्ष।

  4. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में न्यूनतम अनुभव —

    (A) 10 वर्ष (B) 5 वर्ष (C) 7 वर्ष (D) 12 वर्ष

    ✅ उत्तर: (A) 10 वर्ष — न्यायाधीश के रूप में 5 वर्ष या अधिवक्ता के रूप में 10 वर्ष (अनु. 124(3))।

  5. सर्वोच्च न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?

    (A) राष्ट्रपति (B) मुख्य न्यायाधीश — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से (C) कानून मंत्री (D) कॉलेजियम

    ✅ उत्तर: (B) मुख्य न्यायाधीश — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से — अनु. 127 — कोरम के अभाव में।

  6. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में न्यूनतम कितने सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं?

    (A) 50 (B) 100 (C) 150 (D) 1/10 सदस्य

    ✅ उत्तर: (B) 100 — राज्यसभा में 50 — न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968।

  7. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना त्यागपत्र किसे सौंपते हैं?

    (A) मुख्य न्यायाधीश (B) प्रधानमंत्री (C) राष्ट्रपति (D) विधि मंत्री

    ✅ उत्तर: (C) राष्ट्रपति — अनु. 124(2)(a)।

  8. सर्वोच्च न्यायालय का उद्घाटन कब हुआ?

    (A) 26 जनवरी 1950 (B) 28 जनवरी 1950 (C) 15 अगस्त 1947 (D) 26 नवंबर 1949

    ✅ उत्तर: (B) 28 जनवरी 1950 — संघीय न्यायालय (1937) का स्थान लिया।

  9. सर्वोच्च न्यायालय के दिल्ली के अतिरिक्त अन्य स्थान पर बैठने का निर्णय कौन करता है?

    (A) संसद (B) राष्ट्रपति (C) CJI — राष्ट्रपति के अनुमोदन से (D) केंद्रीय मंत्रिमंडल

    ✅ उत्तर: (C) CJI — राष्ट्रपति के अनुमोदन से — अनु. 130।

  10. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन किस पर भारित है?

    (A) भारत की संचित निधि (B) भारत की आकस्मिकता निधि (C) लोक लेखा (D) राज्यों की संचित निधि

    ✅ उत्तर: (A) भारत की संचित निधि — अनु. 112(3)(d) — संसद में मतदान नहीं।

⚡ One-Liner Revision (Key Facts)

  1. सर्वोच्च न्यायालय — अनुच्छेद — 124–147
  2. उद्घाटन — 28 जनवरी 1950
  3. प्रथम CJI — एच.जे. कानिया
  4. कुल न्यायाधीश — 34
  5. सेवानिवृत्ति — 65 वर्ष
  6. तदर्थ न्यायाधीश — अनु. 127
  7. सेवानिवृत्त न्यायाधीश की उपस्थिति — अनु. 128
  8. आसन — दिल्ली — अनु. 130
  9. हटाने हेतु हस्ताक्षर — लोकसभा 100 / राज्यसभा 50
  10. 53वें CJI — न्या. सूर्यकांत

✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)

  • न्यायाधीश संख्या बढ़ाने हेतु संविधान संशोधन नहीं — संसद का साधारण कानून पर्याप्त।
  • अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति में CJI से परामर्श संविधानतः अनिवार्य।
  • न्यूनतम आयु निर्धारित नहीं; ‘प्रख्यात विधिवेत्ता’ श्रेणी केवल सर्वोच्च न्यायालय हेतु।
  • हटाने के आधार दो ही — सिद्ध कदाचार व असमर्थता।
  • सेवानिवृत्त SC न्यायाधीश भारत के किसी न्यायालय में वकालत नहीं कर सकते।
  • वेतन में कटौती केवल वित्तीय आपातकाल में।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति नहीं, CJI करते हैं (राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से)।
  • कार्यवाहक CJI की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं — अनु. 126।
  • हटाने के लिए विशेष बहुमत — केवल दो-तिहाई नहीं, कुल सदस्य संख्या का बहुमत भी।
  • न्यायाधीश शपथ राष्ट्रपति के समक्ष लेते हैं, CJI के समक्ष नहीं।
  • अब तक किसी न्यायाधीश को हटाया नहीं गया — रामास्वामी प्रस्ताव लोकसभा में गिरा।

🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)

  • “124 से शुरू, 147 पर पूरा” — सर्वोच्च न्यायालय का अध्याय।
  • संख्या यात्रा — “8-11-14-18-26-31-34”।
  • योग्यता — “5 जज, 10 वकील, या विधिवेत्ता”।
  • “126 राष्ट्रपति, 127-128 CJI” — कार्यवाहक बनाम तदर्थ/सेवानिवृत्त।
  • हटाना — “100 लोक, 50 राज्य, 3 जज-समिति”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

इस टॉपिक से सबसे अधिक प्रश्न तीन तालिकाओं से बनते हैं — योग्यता (SC बनाम HC तुलना, खंड 5), अनु. 126/127/128 (कौन नियुक्त करता है, खंड 9) और हटाने की प्रक्रिया (खंड 7)। ‘तदर्थ न्यायाधीश — राष्ट्रपति नियुक्त करता है’ जैसा भ्रामक विकल्प लगभग हर परीक्षा में आता है।

✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स

सर्वोच्च न्यायालय: गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति, योग्यता एवं कार्यकाल पर अपनी तैयारी परखने के लिए:

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📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • भारत का संविधान — अनु. 112, 121, 124–147, 360(4); तीसरी अनुसूची।
  • सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 व संशोधन अधिनियम, 2019।
  • न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968; उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश (वेतन एवं सेवा शर्तें) संशोधन अधिनियम, 2018।
  • एस.पी. गुप्ता (1981), SC एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (1993), विशेष संदर्भ (1998), NJAC मामला (2015)।
  • sci.gov.in — मुख्य न्यायाधीशों की सूची व न्यायाधीशों का विवरण।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी राजव्यवस्था संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: सर्वोच्च न्यायालय: गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति, योग्यता एवं कार्यकाल

स्रोत-आधार: भारत का संविधान (विधि एवं न्याय मंत्रालय का नवीनतम द्विभाषी संस्करण), संविधान सभा की कार्यवाही (Constituent Assembly Debates), सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख निर्णय तथा मानक पाठ्य-सामग्री।

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, UPSC प्रारंभिक, Rajasthan CET, REET मुख्य, RPSC द्वितीय/प्रथम श्रेणी, पटवारी, पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: CJI क्रम संख्याएँ व कार्यकाल sci.gov.in की आधिकारिक सूची के अनुसार; महाभियोग प्रस्तावों की स्थिति परीक्षा-पुस्तकों व संसदीय अभिलेखों पर आधारित।

अंतिम समीक्षा: 17 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 17 अक्टूबर 2026
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना एवं गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में न्यूनतम अनुभव —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. सर्वोच्च न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

अनु. 124 से 147 (भाग 5, अध्याय 4)।

CJI सहित 34।

65 वर्ष।

CJI, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से — अनु. 127।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत (24 नवंबर 2025 से)।

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