उच्च न्यायालय: अनुच्छेद 214 से 231, शक्तियाँ एवं अधिकार क्षेत्र
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उच्च न्यायालय: अनुच्छेद 214 से 231, शक्तियाँ एवं अधिकार क्षेत्र
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⚡ Quick Answer: उच्च न्यायालय राज्य स्तर का सर्वोच्च न्यायालय है — संविधान के भाग 6, अध्याय 5 (अनु. 214–231) में। अनु. 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य हेतु एक उच्च न्यायालय होगा, पर संसद अनु. 231 से दो या अधिक राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों हेतु साझा उच्च न्यायालय बना सकती है — वर्तमान में देश में 25 उच्च न्यायालय हैं। न्यायाधीशों की संख्या राष्ट्रपति तय करते हैं (अनु. 216); नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा CJI, राज्यपाल व (अन्य न्यायाधीशों हेतु) HC के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श पर (अनु. 217)। योग्यता — भारत का नागरिक तथा 10 वर्ष न्यायिक पद या 10 वर्ष HC में अधिवक्ता; सेवानिवृत्ति 62 वर्ष; शपथ राज्यपाल के समक्ष। प्रमुख शक्तियाँ — अभिलेख न्यायालय (अनु. 215), रिट (अनु. 226) — मौलिक व अन्य विधिक अधिकार दोनों हेतु, पर्यवेक्षण (अनु. 227) तथा अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण (अनु. 235)।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): देश में उच्च न्यायालयों की संख्या 25 है — सबसे नया आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय (अमरावती, 1 जनवरी 2019)। लंबित मामलों से निपटने हेतु सर्वोच्च न्यायालय ने अनु. 224A (सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति) के उपयोग की शर्तें जनवरी 2025 में शिथिल कीं, ताकि तदर्थ न्यायाधीश आपराधिक अपीलों की पीठ में बैठ सकें। रिक्तियों व नियुक्तियों की अद्यतन संख्या हेतु विधि एवं न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग) के मासिक आँकड़े देखें। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 उच्च न्यायालय (अनु. 214–231) — एक नज़र में
- अनुच्छेद: 214–231 (भाग 6, अध्याय 5)
- कुल उच्च न्यायालय: 25 — नवीनतम आंध्र प्रदेश (2019)
- प्राचीनतम: कलकत्ता, बंबई, मद्रास — 1862
- न्यायाधीश संख्या तय करता है: राष्ट्रपति (अनु. 216)
- सेवानिवृत्ति: 62 वर्ष (15वाँ संशोधन, 1963 से)
- शपथ: राज्यपाल के समक्ष (अनु. 219)
- रिट: अनु. 226 — SC से व्यापक
- साझा HC: अनु. 231 — संसद द्वारा
1. उच्च न्यायालय: परिचय एवं इतिहास
भारत की एकीकृत न्याय व्यवस्था में उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय के नीचे और अधीनस्थ न्यायालयों के ऊपर है। यह राज्य का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय, नागरिकों के अधिकारों का संरक्षक, संविधान का व्याख्याता तथा अधीनस्थ न्यायपालिका का पर्यवेक्षक है।
- भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 के अंतर्गत 1862 में कलकत्ता (1 जुलाई), बंबई व मद्रास उच्च न्यायालय बने — ये प्राचीनतम हैं; 1866 में इलाहाबाद।
- 7वाँ संशोधन (1956) — अनु. 231 के रूप में साझा उच्च न्यायालय का प्रावधान।
- 2013 में मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा उच्च न्यायालय; 2019 में तेलंगाना (हैदराबाद) व आंध्र प्रदेश (अमरावती) के अलग उच्च न्यायालय — कुल 25।
- राजस्थान उच्च न्यायालय: 29 अगस्त 1949 को जोधपुर में स्थापित; जयपुर में पीठ। विस्तार से — राजस्थान उच्च न्यायालय: इतिहास एवं अधिकार क्षेत्र।
2. अनुच्छेद 214 से 231 — एक दृष्टि में
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 214 | प्रत्येक राज्य हेतु उच्च न्यायालय |
| 215 | उच्च न्यायालय — अभिलेख न्यायालय; अवमानना हेतु दंड |
| 216 | उच्च न्यायालयों का गठन — CJ व राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित अन्य न्यायाधीश |
| 217 | न्यायाधीश की नियुक्ति, योग्यता, सेवा-शर्तें, हटाना |
| 218 | SC न्यायाधीश संबंधी अनु. 124(4),(5) (हटाने की प्रक्रिया) HC पर लागू |
| 219 | शपथ — राज्यपाल या नामित व्यक्ति के समक्ष |
| 220 | स्थायी न्यायाधीश रहने के बाद वकालत पर प्रतिबंध |
| 221 | न्यायाधीशों के वेतन आदि |
| 222 | एक HC से दूसरे HC में स्थानांतरण |
| 223 | कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति |
| 224 | अतिरिक्त एवं कार्यवाहक न्यायाधीश |
| 224A | सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति (तदर्थ) |
| 225 | विद्यमान उच्च न्यायालयों का अधिकार क्षेत्र |
| 226 | रिट जारी करने की शक्ति |
| 226A | निरसित (43वाँ संशोधन, 1977) |
| 227 | सभी न्यायालयों व न्यायाधिकरणों पर अधीक्षण (पर्यवेक्षण) |
| 228 | कुछ मामलों का HC में अंतरण (संविधान के निर्वचन का प्रश्न) |
| 228A | निरसित |
| 229 | अधिकारी व सेवक; व्यय राज्य की संचित निधि पर भारित |
| 230 | उच्च न्यायालयों का क्षेत्राधिकार संघ राज्यक्षेत्रों तक विस्तार |
| 231 | दो या अधिक राज्यों हेतु साझा उच्च न्यायालय |
3. साझा उच्च न्यायालय (अनु. 231) एवं संघ राज्यक्षेत्र
| उच्च न्यायालय | क्षेत्राधिकार | मुख्य पीठ |
|---|---|---|
| बंबई (मुंबई) | महाराष्ट्र, गोवा, दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव | मुंबई |
| गुवाहाटी | असम, नागालैंड, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश — सर्वाधिक राज्य (4) | गुवाहाटी |
| पंजाब एवं हरियाणा | पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ | चंडीगढ़ |
| कलकत्ता (कोलकाता) | पश्चिम बंगाल, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | कोलकाता |
| मद्रास (चेन्नई) | तमिलनाडु, पुदुचेरी | चेन्नई |
| केरल | केरल, लक्षद्वीप | एर्नाकुलम (कोच्चि) |
| जम्मू-कश्मीर व लद्दाख | दोनों संघ राज्यक्षेत्र | श्रीनगर/जम्मू |
ध्यान दें: संघ राज्यक्षेत्रों में केवल दिल्ली का अपना उच्च न्यायालय (1966) है; जम्मू-कश्मीर व लद्दाख का साझा उच्च न्यायालय है। संसद विधि द्वारा किसी HC का क्षेत्राधिकार किसी संघ राज्यक्षेत्र तक बढ़ा या घटा सकती है (अनु. 230)। उच्च न्यायालय की पीठों (Benches) की स्थापना राज्य की सहमति से राष्ट्रपति/केंद्र द्वारा होती है।
🎯 उच्च न्यायालय (अनु. 214–231) — अभ्यास
अनु. 214–231 का क्रम, 62 वर्ष, साझा उच्च न्यायालय और अनु. 226 बनाम 227 RAS, CET व व्याख्याता परीक्षाओं के प्रिय प्रश्न हैं:
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4. न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं योग्यता (अनु. 216–217)
- संख्या (अनु. 216): संविधान या संसद नहीं, राष्ट्रपति समय-समय पर कार्यभार के अनुसार तय करते हैं — इसलिए प्रत्येक HC की संख्या भिन्न है (सबसे बड़ा — इलाहाबाद HC)।
- मुख्य न्यायाधीश: राष्ट्रपति द्वारा, CJI व संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श कर। नीति — CJ सामान्यतः राज्य के बाहर से।
- अन्य न्यायाधीश: राष्ट्रपति द्वारा, CJI, राज्यपाल तथा उस HC के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श कर — व्यवहार में कॉलेजियम (HC: CJ + 2; SC: CJI + 2)।
योग्यता (अनु. 217(2))
- भारत का नागरिक; तथा
- भारत के राज्यक्षेत्र में 10 वर्ष तक न्यायिक पद धारण किया हो; या
- किसी HC (या लगातार दो या अधिक HC) में 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो।
प्रख्यात विधिवेत्ता की श्रेणी HC हेतु नहीं है; न्यूनतम आयु निर्धारित नहीं। कॉलेजियम का विवरण न्यायिक स्वतंत्रता एवं कॉलेजियम प्रणाली में।
5. शपथ, कार्यकाल, हटाना, वेतन एवं वकालत पर प्रतिबंध
| विषय | प्रावधान |
|---|---|
| शपथ (अनु. 219) | राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष — तीसरी अनुसूची |
| कार्यकाल | 62 वर्ष की आयु तक (15वाँ संशोधन, 1963 ने 60 से 62 किया); आयु-विवाद का निर्णय राष्ट्रपति CJI से परामर्श कर करते हैं — निर्णय अंतिम (अनु. 217(3)) |
| त्यागपत्र | राष्ट्रपति को |
| पद रिक्त | SC न्यायाधीश नियुक्त होने पर या दूसरे HC में स्थानांतरित होने पर भी |
| हटाना (अनु. 217(1)(b), 218) | SC न्यायाधीश की भाँति — सिद्ध कदाचार/असमर्थता पर संसद के विशेष बहुमत से; राज्य विधानमंडल की कोई भूमिका नहीं |
| वेतन (अनु. 221) | CJ ₹2,50,000, न्यायाधीश ₹2,25,000 प्रतिमाह; वेतन-भत्ते राज्य की संचित निधि पर भारित, पर पेंशन भारत की संचित निधि पर |
| वकालत पर प्रतिबंध (अनु. 220) | स्थायी न्यायाधीश रहे व्यक्ति उसी HC व उसके अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत नहीं कर सकते; SC व अन्य HC में कर सकते हैं |
6. कार्यवाहक, अतिरिक्त एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश
| प्रकार | अनुच्छेद | नियुक्ति | शर्त/अवधि |
|---|---|---|---|
| कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश | 223 | राष्ट्रपति | CJ का पद रिक्त या CJ अनुपस्थित/असमर्थ |
| अतिरिक्त न्यायाधीश | 224(1) | राष्ट्रपति | कार्य में अस्थायी वृद्धि/बकाया — अधिकतम 2 वर्ष |
| कार्यवाहक न्यायाधीश | 224(2) | राष्ट्रपति | स्थायी न्यायाधीश अनुपस्थित/कार्यवाहक CJ बना हो — उसके लौटने तक |
| सेवानिवृत्त न्यायाधीश (तदर्थ) | 224A | HC के मुख्य न्यायाधीश — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से | सेवानिवृत्त HC न्यायाधीश की सहमति; लोक प्रहरी (2021) में प्रयोग की रूपरेखा; 2025 में शर्तें शिथिल |
ध्यान दें: अतिरिक्त या कार्यवाहक न्यायाधीश भी 62 वर्ष के बाद पद पर नहीं रह सकते (अनु. 224(3))। सर्वोच्च न्यायालय से तुलना हेतु अनु. 126–128 — सर्वोच्च न्यायालय: गठन व नियुक्ति।
7. उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र एवं शक्तियाँ
| क्षेत्राधिकार | आधार | विवरण |
|---|---|---|
| मूल (Original) | अनु. 225, विधियाँ | सांसदों व विधायकों के निर्वाचन विवाद (लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951); वसीयत, विवाह-विच्छेद, नौवहन (admiralty), कंपनी विधि, अवमानना; कलकत्ता, बंबई, मद्रास, दिल्ली HC में निश्चित मूल्य से ऊपर के सिविल वाद |
| रिट (Writ) | अनु. 226 | पाँचों रिट — मौलिक अधिकार तथा ‘किसी अन्य प्रयोजन’ (सामान्य विधिक अधिकार) हेतु; क्षेत्राधिकार के बाहर के प्राधिकारी को भी यदि वाद-कारण क्षेत्र में उत्पन्न हो (15वाँ संशोधन) |
| अपीलीय — सिविल | CPC, विधियाँ | जिला न्यायालय व अधीनस्थ न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध प्रथम/द्वितीय अपील |
| अपीलीय — आपराधिक | BNSS, 2023 | सत्र न्यायालय के निर्णय (विशेषकर 7 वर्ष से अधिक कारावास) के विरुद्ध अपील; मृत्युदंड की पुष्टि HC द्वारा अनिवार्य |
| पर्यवेक्षी (Supervisory) | अनु. 227 | अपने क्षेत्र के सभी न्यायालयों व न्यायाधिकरणों पर अधीक्षण — सैन्य न्यायाधिकरण को छोड़कर; स्वतः भी प्रयोग |
| अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण | अनु. 227, 228, 235 | जिला न्यायाधीश से नीचे के न्यायिक अधिकारियों की पदस्थापना, पदोन्नति, अवकाश, अनुशासन |
| अभिलेख न्यायालय | अनु. 215 | निर्णय साक्ष्य-मूल्य वाले; अपनी व अधीनस्थ न्यायालयों की अवमानना पर दंड |
| न्यायिक पुनरावलोकन | अनु. 13, 226 | केंद्र व राज्य की विधियों/आदेशों की संवैधानिकता — एल. चंद्र कुमार (1997) से मूल ढाँचा |
8. अनु. 226 बनाम अनु. 32 एवं अनु. 226 बनाम अनु. 227
| आधार | अनु. 226 (HC) | अनु. 32 (SC) |
|---|---|---|
| दायरा | मौलिक + सामान्य विधिक अधिकार — व्यापक | केवल मौलिक अधिकार |
| प्रकृति | विवेकाधीन शक्ति | स्वयं मौलिक अधिकार — अस्वीकार नहीं |
| आपातकाल | निलंबित नहीं होता | अनु. 359 से प्रवर्तन निलंबित हो सकता है |
| क्षेत्र | अपने राज्यक्षेत्र तक | संपूर्ण भारत |
| आधार | अनु. 226 | अनु. 227 |
|---|---|---|
| स्वरूप | रिट क्षेत्राधिकार — मूल | पर्यवेक्षी क्षेत्राधिकार |
| किस पर | किसी भी व्यक्ति/प्राधिकारी/सरकार | केवल अधीनस्थ न्यायालय व न्यायाधिकरण |
| आरंभ | पक्षकार की याचिका पर | पक्षकार की याचिका पर या स्वतः |
| सैन्य न्यायाधिकरण | — | अधीक्षण से बाहर |
रिटों का विस्तार संवैधानिक उपचार: अनु. 32 व पाँच रिट तथा राजस्थान HC की रिट अधिकारिता राजस्थान उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता में देखें।
संबंधित: सर्वोच्च न्यायालय: गठन व नियुक्ति | अधीनस्थ न्यायालय: जिला न्यायालय व मजिस्ट्रेट | न्यायिक स्वतंत्रता एवं कॉलेजियम प्रणाली | संवैधानिक उपचार: अनु. 32 व पाँच रिट
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| अनुच्छेद-मिलान | 215, 216, 222, 224A, 226, 227, 231 | खंड 2 |
| साझा HC | गुवाहाटी — 4 राज्य | खंड 3 |
| योग्यता/कार्यकाल | 10 वर्ष, 62 वर्ष | खंड 4 व 5 |
| कौन नियुक्त करता है | 224A — HC के CJ | खंड 6 |
| तुलना | 226 बनाम 32/227 | खंड 8 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
भारत में कितने उच्च न्यायालय हैं?
25 — नवीनतम आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय (1 जनवरी 2019)।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु कितनी है?
62 वर्ष — 15वें संशोधन (1963) ने इसे 60 से बढ़ाकर 62 किया।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शपथ किसके समक्ष लेते हैं?
राज्य के राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष (अनु. 219); पर त्यागपत्र राष्ट्रपति को देते हैं।
अनु. 226 और अनु. 32 में क्या अंतर है?
अनु. 226 के अंतर्गत HC मौलिक अधिकारों के साथ अन्य विधिक अधिकारों हेतु भी रिट जारी कर सकता है और यह विवेकाधीन है; अनु. 32 केवल मौलिक अधिकारों हेतु है और स्वयं मौलिक अधिकार है।
साझा उच्च न्यायालय का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
अनु. 231 — संसद विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों हेतु एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है; गुवाहाटी HC के अधीन सर्वाधिक 4 राज्य हैं।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
‘प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा’ — किस अनुच्छेद में?
(A) अनु. 124 (B) अनु. 231 (C) अनु. 214 (D) अनु. 226
✅ उत्तर: (C) अनु. 214 — साझा HC — अनु. 231।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या कौन निर्धारित करता है?
(A) संसद (B) राष्ट्रपति (C) राज्यपाल (D) CJI
✅ उत्तर: (B) राष्ट्रपति — अनु. 216।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु —
(A) 62 वर्ष (B) 65 वर्ष (C) 60 वर्ष (D) 58 वर्ष
✅ उत्तर: (A) 62 वर्ष — 15वाँ संशोधन (1963)।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को शपथ कौन दिलाता है?
(A) राष्ट्रपति (B) CJI (C) HC के मुख्य न्यायाधीश (D) राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति
✅ उत्तर: (D) राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति — अनु. 219।
उच्च न्यायालय में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति (अनु. 224A) कौन करता है?
(A) राष्ट्रपति (B) राज्यपाल (C) HC के मुख्य न्यायाधीश — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से (D) CJI
✅ उत्तर: (C) HC के मुख्य न्यायाधीश — राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से — सेवानिवृत्त न्यायाधीश की सहमति भी।
उच्च न्यायालय का पर्यवेक्षी (अधीक्षण) क्षेत्राधिकार किस अनुच्छेद में है?
(A) अनु. 226 (B) अनु. 227 (C) अनु. 228 (D) अनु. 215
✅ उत्तर: (B) अनु. 227 — सैन्य न्यायाधिकरण को छोड़कर।
किस उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में सर्वाधिक राज्य हैं?
(A) गुवाहाटी (B) बंबई (C) पंजाब एवं हरियाणा (D) कलकत्ता
✅ उत्तर: (A) गुवाहाटी — असम, नागालैंड, मिज़ोरम, अरुणाचल।
अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति अधिकतम कितनी अवधि हेतु?
(A) 1 वर्ष (B) 3 वर्ष (C) 6 माह (D) 2 वर्ष
✅ उत्तर: (D) 2 वर्ष — अनु. 224(1)।
सांसदों व विधायकों के निर्वाचन विवाद किस न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार में हैं?
(A) सर्वोच्च न्यायालय (B) जिला न्यायालय (C) उच्च न्यायालय (D) निर्वाचन आयोग
✅ उत्तर: (C) उच्च न्यायालय — लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की पेंशन किस पर भारित है?
(A) राज्य की संचित निधि (B) भारत की संचित निधि (C) राज्य की आकस्मिकता निधि (D) लोक लेखा
✅ उत्तर: (B) भारत की संचित निधि — वेतन राज्य की संचित निधि पर, पेंशन भारत की संचित निधि पर।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- उच्च न्यायालय — अनुच्छेद — 214–231
- कुल उच्च न्यायालय — 25
- प्राचीनतम — कलकत्ता, 1862
- नवीनतम — आंध्र प्रदेश, 2019
- न्यायाधीश संख्या — राष्ट्रपति (अनु. 216)
- सेवानिवृत्ति — 62 वर्ष
- शपथ — राज्यपाल
- स्थानांतरण — अनु. 222
- रिट — अनु. 226
- साझा HC — अनु. 231 (7वाँ संशोधन)
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- HC न्यायाधीश — शपथ राज्यपाल के समक्ष, पर नियुक्ति, त्यागपत्र व हटाना राष्ट्रपति से जुड़े।
- HC न्यायाधीश को हटाने में राज्य विधानमंडल की कोई भूमिका नहीं।
- अनु. 226 का क्षेत्र अनु. 32 से व्यापक; आपातकाल में भी निलंबित नहीं।
- अनु. 227 — सैन्य न्यायाधिकरण पर अधीक्षण नहीं।
- सेवानिवृत्त HC न्यायाधीश SC व अन्य HC में वकालत कर सकते हैं।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- HC न्यायाधीशों की संख्या संसद नहीं, राष्ट्रपति तय करते हैं।
- HC हेतु ‘प्रख्यात विधिवेत्ता’ योग्यता नहीं।
- त्यागपत्र राज्यपाल को नहीं — राष्ट्रपति को।
- दिल्ली के अलावा जम्मू-कश्मीर व लद्दाख का भी (साझा) उच्च न्यायालय है।
- वेतन राज्य की संचित निधि पर, पेंशन भारत की संचित निधि पर।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- “214 हर राज्य, 231 साझा” — शुरू व अंत।
- “226 रिट, 227 निगरानी, 228 मँगवाना”।
- “62 पर रिटायर, 65 पर सुप्रीम” — HC बनाम SC।
- “गुवाहाटी के चार — असम, नागा, मिज़ो, अरुणाचल” — “ANMA”।
- “223 कार्यवाहक CJ, 224 अतिरिक्त, 224A रिटायर्ड” — क्रम से।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
अनु. 214–231 की तालिका (खंड 2) और अनु. 223/224/224A की नियुक्ति-तालिका (खंड 6) से सर्वाधिक प्रश्न बनते हैं। शपथ (राज्यपाल) बनाम त्यागपत्र (राष्ट्रपति) और वेतन (राज्य निधि) बनाम पेंशन (भारत निधि) — ये दो ‘विभाजन’ परीक्षक के प्रिय जाल हैं।
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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- भारत का संविधान — अनु. 214–231, 235; तीसरी अनुसूची।
- भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861; 7वाँ (1956), 15वाँ (1963) संविधान संशोधन।
- लोक प्रहरी बनाम भारत संघ (2021) — अनु. 224A; एल. चंद्र कुमार (1997)।
- न्याय विभाग, विधि एवं न्याय मंत्रालय (doj.gov.in) — उच्च न्यायालयों की सूची व स्वीकृत संख्या।

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अनु. 214 से 231।
25।
62 वर्ष।
अनु. 226।
अनु. 231।
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