संविधान संशोधन प्रक्रिया: अनुच्छेद 368, मूल ढाँचा और प्रमुख संशोधन
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स्रोत आधार: राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं का संबंधित आधिकारिक पाठ्यक्रम। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
संविधान संशोधन प्रक्रिया: अनुच्छेद 368, मूल ढाँचा और प्रमुख संशोधन
सुयोग AI गुरु
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⚡ Quick Answer: भारतीय संविधान में संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 (भाग 20) में है। संशोधन तीन प्रकार से होता है — (1) साधारण बहुमत (अनु. 368 के बाहर, जैसे नए राज्य, विधान परिषद), (2) विशेष बहुमत — प्रत्येक सदन की कुल सदस्यता का बहुमत + उपस्थित-मतदान का 2/3 (जैसे मौलिक अधिकार), (3) विशेष बहुमत + आधे राज्यों का अनुसमर्थन (संघीय प्रावधान)। विधेयक किसी भी सदन में, राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना प्रस्तुत होता है; संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं; 24वें संशोधन से राष्ट्रपति की अनुमति अनिवार्य। केशवानंद भारती (1973) ने तय किया कि संसद मूल ढाँचा नहीं बदल सकती। प्रमुख संशोधन — 42वाँ (लघु संविधान), 44वाँ, 52वाँ, 73–74वाँ, 101वाँ (GST), 106वाँ (महिला आरक्षण)।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): संविधान में अब तक 106 संशोधन अधिनियम हुए हैं — अंतिम 106वाँ संशोधन (2023) महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन) से संबंधित है, जो परिसीमन के बाद लागू होगा (14 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति; नए संशोधन हेतु राजपत्र देखें)। ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ से संबंधित 129वाँ संविधान संशोधन विधेयक (2024) संयुक्त संसदीय समिति के विचाराधीन बताया गया है (रिपोर्टों के अनुसार)। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 संविधान संशोधन — एक दृष्टि — एक नज़र में
- अनुच्छेद: 368 (भाग 20)
- स्रोत: दक्षिण अफ्रीका से लिया गया
- तीन प्रकार: साधारण बहुमत, विशेष बहुमत, विशेष बहुमत + आधे राज्य
- आरंभ: संसद का कोई भी सदन
- संयुक्त बैठक: प्रावधान नहीं
- सीमा: मूल ढाँचा — केशवानंद भारती 1973
1. संशोधन की आवश्यकता — लचीलापन व कठोरता का संतुलन
कोई संविधान बदलती परिस्थितियों में तभी जीवित रहता है जब उसमें परिवर्तन की व्यवस्था हो। भारतीय संविधान न तो ब्रिटेन जैसा पूर्णतः लचीला है (जहाँ साधारण कानून से संविधान बदलता है), न अमेरिका जैसा अत्यंत कठोर (जहाँ तीन-चौथाई राज्यों का अनुसमर्थन चाहिए)। यह दोनों का मिश्रण है — कुछ प्रावधान साधारण बहुमत से, कुछ विशेष बहुमत से और संघीय ढाँचे से जुड़े प्रावधान राज्यों की सहमति से बदलते हैं। संशोधन की प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका के संविधान से प्रेरित मानी जाती है — विस्तृत स्रोत-सूची हेतु भारतीय संविधान के स्रोत: किस देश से क्या लिया देखें। संविधान की अन्य विशेषताएँ भारतीय संविधान की विशेषताएँ में।
2. संशोधन के तीन प्रकार
| प्रकार | आवश्यक बहुमत | उदाहरण (प्रावधान) |
|---|---|---|
| 1. साधारण बहुमत (अनु. 368 के बाहर) | उपस्थित व मतदान करने वालों का बहुमत | नए राज्य का प्रवेश/गठन (अनु. 2–4), नागरिकता, संसद में गणपूर्ति, राजभाषा का प्रयोग, विधान परिषद का सृजन/उत्सादन (अनु. 169), पाँचवीं-छठी अनुसूची |
| 2. विशेष बहुमत (अनु. 368) | प्रत्येक सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत + उपस्थित व मतदान करने वालों का 2/3 | मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व, तथा वे सभी प्रावधान जो पहली व तीसरी श्रेणी में नहीं |
| 3. विशेष बहुमत + आधे राज्यों का अनुसमर्थन | विशेष बहुमत + कम-से-कम आधे राज्य विधानमंडलों का साधारण बहुमत से अनुसमर्थन | राष्ट्रपति का निर्वाचन (54, 55), संघ-राज्य कार्यपालिका शक्ति, सर्वोच्च व उच्च न्यायालय, केंद्र-राज्य विधायी संबंध, सातवीं अनुसूची, संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व, अनु. 368 स्वयं |
ध्यान दें: साधारण बहुमत वाले परिवर्तन अनु. 368 के प्रयोजन हेतु ‘संविधान संशोधन’ नहीं माने जाते, यद्यपि वे संविधान का पाठ बदलते हैं। राज्यों के अनुसमर्थन हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है।
🎯 संविधान संशोधन — अभ्यास
संशोधन-वर्ष व प्रावधान लगभग हर परीक्षा में पूछे जाते हैं — अभ्यास करें:
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3. संशोधन की प्रक्रिया — चरणबद्ध
- संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत — मंत्री या निजी सदस्य; राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं।
- राज्य विधानमंडल संशोधन प्रस्तावित नहीं कर सकते (अपवाद: अनु. 169 के अंतर्गत विधान परिषद हेतु संकल्प)।
- प्रत्येक सदन में अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित होना आवश्यक।
- असहमति पर संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं — विधेयक समाप्त।
- संघीय प्रावधान होने पर आधे राज्यों का अनुसमर्थन।
- राष्ट्रपति के समक्ष — 24वें संशोधन (1971) के बाद अनुमति देना अनिवार्य; न रोक सकते, न पुनर्विचार हेतु लौटा सकते।
- अनुमति के बाद ‘संविधान (…संशोधन) अधिनियम’ बनता है।
4. संसद की संशोधन शक्ति व न्यायिक व्याख्या
| निर्णय | वर्ष | निष्कर्ष |
|---|---|---|
| शंकरी प्रसाद | 1951 | संसद मौलिक अधिकारों सहित संशोधन कर सकती है; संशोधन अनु. 13 का ‘विधि’ नहीं |
| सज्जन सिंह | 1965 | शंकरी प्रसाद की पुष्टि |
| गोलकनाथ | 1967 | संसद मौलिक अधिकार नहीं घटा सकती — संशोधन भी ‘विधि’ |
| 24वाँ संशोधन | 1971 | संसद को मौलिक अधिकार सहित किसी भाग में संशोधन की शक्ति; अनु. 13(4) जोड़ा |
| केशवानंद भारती | 1973 | संशोधन शक्ति असीमित नहीं — मूल ढाँचा नहीं बदला जा सकता |
| 42वाँ संशोधन | 1976 | अनु. 368(4), (5) — संशोधन न्यायालय में चुनौती-योग्य नहीं |
| मिनर्वा मिल्स | 1980 | 368(4), (5) अमान्य; सीमित संशोधन शक्ति स्वयं मूल ढाँचा |
| वामन राव | 1981 | 24 अप्रैल 1973 के बाद की नौवीं अनुसूची प्रविष्टियाँ समीक्षा-योग्य |
| आई.आर. कोएल्हो | 2007 | नौवीं अनुसूची के कानून भी मूल ढाँचे की कसौटी पर |
मूल ढाँचे के तत्व (विभिन्न निर्णयों से; सूची बंद नहीं): संविधान की सर्वोच्चता, विधि का शासन, शक्ति-पृथक्करण, संघवाद, पंथनिरपेक्षता, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव, संसदीय प्रणाली, मौलिक अधिकार व DPSP का संतुलन, सीमित संशोधन शक्ति, न्याय तक प्रभावी पहुँच। प्रस्तावना के संदर्भ हेतु भारतीय संविधान की प्रस्तावना।
5. प्रमुख संविधान संशोधन — परीक्षा सूची
| संशोधन | वर्ष | मुख्य प्रावधान |
|---|---|---|
| 1वाँ | 1951 | नौवीं अनुसूची जोड़ी; अनु. 15(4), 31A, 31B; अनु. 19(2) में नए आधार |
| 7वाँ | 1956 | राज्य पुनर्गठन — A, B, C, D श्रेणी समाप्त; 14 राज्य, 6 केंद्रशासित प्रदेश |
| 24वाँ | 1971 | संसद की संशोधन शक्ति; राष्ट्रपति की अनुमति अनिवार्य |
| 42वाँ | 1976 | ‘लघु संविधान’ — समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता; मौलिक कर्तव्य (51A); 5 विषय राज्य से समवर्ती सूची में |
| 44वाँ | 1978 | संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार से हटाकर अनु. 300A; ‘आंतरिक अशांति’ के स्थान पर ‘सशस्त्र विद्रोह’; अनु. 20–21 आपात में निलंबित नहीं |
| 52वाँ | 1985 | दल-बदल विरोधी कानून — दसवीं अनुसूची |
| 61वाँ | 1988 | मतदान आयु 21 से 18 |
| 73वाँ / 74वाँ | 1992 | पंचायती राज (भाग 9, 11वीं अनुसूची) / नगरपालिका (भाग 9A, 12वीं अनुसूची) |
| 86वाँ | 2002 | शिक्षा का अधिकार अनु. 21A; 51A(k) कर्तव्य; अनु. 45 परिवर्तित |
| 91वाँ | 2003 | मंत्रिपरिषद का आकार 15% तक सीमित; दल-बदल में ‘विभाजन’ प्रावधान हटाया |
| 97वाँ | 2011 | सहकारी समितियाँ — भाग 9B; अनु. 19(1)(c) में ‘सहकारी समितियाँ’ |
| 101वाँ | 2016 | वस्तु एवं सेवा कर (GST) — 246A, 269A, 279A |
| 102वाँ | 2018 | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा (338B) |
| 103वाँ | 2019 | आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) हेतु 10% आरक्षण — 15(6), 16(6) |
| 104वाँ | 2020 | SC/ST आरक्षण 10 वर्ष बढ़ाया; एंग्लो-इंडियन नामांकन समाप्त |
| 105वाँ | 2021 | राज्यों को SEBC सूची बनाने का अधिकार बहाल |
| 106वाँ | 2023 | लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं हेतु 1/3 आरक्षण (330A, 332A, 334A; 239AA में संशोधन) |
पंचायती राज संशोधनों के राजस्थान संदर्भ हेतु राजस्थान प्रशासन एवं राजव्यवस्था के 100 MCQ देखें। संविधान के भाग व अनुसूचियाँ संविधान के भाग, अनुच्छेद और अनुसूचियाँ: संपूर्ण सूची में।
6. संशोधन प्रक्रिया की आलोचना
- संशोधन हेतु कोई पृथक निकाय (संविधान सभा/सम्मेलन) नहीं — अमेरिका के विपरीत।
- राज्यों को संशोधन प्रस्तावित करने का अधिकार नहीं।
- अधिकांश प्रावधान केवल संसद से बदल सकते हैं — राज्यों की भूमिका सीमित।
- राज्यों के अनुसमर्थन की समय-सीमा नहीं।
- गतिरोध पर संयुक्त बैठक का अभाव।
- जनमत-संग्रह (Referendum) का प्रावधान नहीं।
- फिर भी यह प्रक्रिया ‘न अत्यधिक कठोर, न अत्यधिक लचीली’ — के.सी. व्हेयर व ग्रैनविल ऑस्टिन ने इसकी सराहना की (परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार)।
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📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| संशोधन के प्रकार | 3 | खंड 2 |
| प्रक्रिया | 7 चरण | खंड 3 |
| न्यायिक व्याख्या | मूल ढाँचा | खंड 4 |
| प्रमुख संशोधन | 17 पंक्तियाँ | खंड 5 |
| आलोचना | 6 बिंदु | खंड 6 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
संविधान संशोधन किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 368, भाग 20 में।
संविधान संशोधन के कितने प्रकार हैं?
तीन — साधारण बहुमत, विशेष बहुमत, तथा विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों का अनुसमर्थन।
मूल ढाँचा सिद्धांत क्या है?
केशवानंद भारती (1973) में प्रतिपादित — संसद संविधान में संशोधन कर सकती है पर उसके मूल ढाँचे को नष्ट या परिवर्तित नहीं कर सकती।
लघु संविधान किस संशोधन को कहा जाता है?
42वें संविधान संशोधन (1976) को — इसने प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य सहित व्यापक परिवर्तन किए।
क्या राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक रोक सकता है?
नहीं — 24वें संशोधन (1971) के बाद राष्ट्रपति को अनुमति देना अनिवार्य है।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
संविधान संशोधन की प्रक्रिया किस भाग व अनुच्छेद में है?
(A) भाग 19, अनु. 361 (B) भाग 20, अनु. 368 (C) भाग 18, अनु. 352 (D) भाग 21, अनु. 370
✅ उत्तर: (B) भाग 20, अनु. 368 — भाग 20 में केवल एक अनुच्छेद — 368।
संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने के संबंध में सही कथन —
(A) किसी भी सदन में; राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं (B) केवल लोकसभा में (C) राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक (D) केवल मंत्री द्वारा
✅ उत्तर: (A) किसी भी सदन में; राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं — निजी सदस्य भी प्रस्तुत कर सकता है; राज्य विधानमंडल में नहीं।
संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में गतिरोध होने पर —
(A) अनु. 108 के तहत संयुक्त बैठक (B) राष्ट्रपति निर्णय करेगा (C) लोकसभा का मत अंतिम (D) संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं
✅ उत्तर: (D) संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं — विधेयक समाप्त हो जाता है।
राष्ट्रपति को संशोधन विधेयक पर अनुमति देना अनिवार्य बनाने वाला संशोधन —
(A) 42वाँ (B) 44वाँ (C) 52वाँ (D) 24वाँ (1971)
✅ उत्तर: (D) 24वाँ (1971) — राष्ट्रपति न रोक सकता, न लौटा सकता।
‘मूल ढाँचा’ (Basic Structure) सिद्धांत किस निर्णय से?
(A) शंकरी प्रसाद (1951) (B) मिनर्वा मिल्स (1980) (C) केशवानंद भारती (1973) (D) गोलकनाथ (1967)
✅ उत्तर: (C) केशवानंद भारती (1973) — 13 न्यायाधीशों की पीठ, 7:6 बहुमत।
संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती — यह किस निर्णय में कहा गया?
(A) गोलकनाथ (1967) (B) केशवानंद भारती (C) शंकरी प्रसाद (D) सज्जन सिंह
✅ उत्तर: (A) गोलकनाथ (1967) — 24वें संशोधन से पलटा गया।
‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) कहलाने वाला संशोधन —
(A) 73वाँ (1992) (B) 86वाँ (2002) (C) 42वाँ (1976) (D) 44वाँ (1978)
✅ उत्तर: (C) 42वाँ (1976) — समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता; मौलिक कर्तव्य जोड़े।
मतदान आयु 21 से घटाकर 18 करने वाला संशोधन —
(A) 52वाँ (B) 65वाँ (C) 69वाँ (D) 61वाँ (1988)
✅ उत्तर: (D) 61वाँ (1988) — अनु. 326; 1989 से प्रभावी।
GST लागू करने वाला संविधान संशोधन —
(A) 100वाँ (B) 102वाँ (C) 103वाँ (D) 101वाँ (2016)
✅ उत्तर: (D) 101वाँ (2016) — अनु. 246A, 269A, 279A जोड़े।
किस प्रावधान में संशोधन हेतु आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक नहीं?
(A) राष्ट्रपति का निर्वाचन (B) सातवीं अनुसूची (C) संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व (D) मौलिक अधिकार
✅ उत्तर: (D) मौलिक अधिकार — मौलिक अधिकार — विशेष बहुमत मात्र।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- संशोधन — अनु. 368
- स्रोत — दक्षिण अफ्रीका
- मूल ढाँचा — केशवानंद 1973
- लघु संविधान — 42वाँ
- दल-बदल — 52वाँ
- मतदान 18 वर्ष — 61वाँ
- GST — 101वाँ
- EWS — 103वाँ
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं।
- राज्य संशोधन प्रस्तावित नहीं कर सकते।
- राष्ट्रपति की अनुमति अनिवार्य (24वाँ)।
- मूल ढाँचा — संशोधन शक्ति की सीमा।
- अनुसमर्थन की समय-सीमा नहीं।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- मौलिक अधिकार संशोधन में राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक नहीं।
- गोलकनाथ (1967) ≠ मूल ढाँचा — वह केशवानंद (1973)।
- 44वें ने संपत्ति का अधिकार हटाया, 42वें ने नहीं।
- साधारण बहुमत वाले परिवर्तन अनु. 368 के ‘संशोधन’ नहीं।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- “368 — भाग 20 का अकेला अनुच्छेद”।
- तीन प्रकार — “सा-वि-रा” (साधारण, विशेष, राज्य सहित)।
- न्यायिक क्रम — “शं-स-गो-के-मि” (शंकरी, सज्जन, गोलकनाथ, केशवानंद, मिनर्वा)।
- “42 लघु, 44 सुधार” — 42 ने बढ़ाया, 44 ने संतुलन लौटाया।
- “52 दल-बदल, 61 मतदान 18, 86 शिक्षा 21A, 101 GST, 103 EWS, 106 नारी”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
खंड 2 की ‘तीसरी श्रेणी’ (राज्य अनुसमर्थन) की सूची अलग कार्ड पर लिखें — विकल्प-प्रश्नों में यहीं सबसे अधिक भ्रम होता है। संशोधन-सूची को दशकवार (1950s, 70s, 90s, 2010s) पढ़ें।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
संविधान संशोधन प्रक्रिया: अनुच्छेद 368, मूल ढाँचा और प्रमुख संशोधन पर अपनी तैयारी परखने के लिए:
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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- भारत का संविधान — अनु. 368 व संबंधित संशोधन अधिनियम (legislative.gov.in)।
- केशवानंद भारती (1973), गोलकनाथ (1967), मिनर्वा मिल्स (1980), आई.आर. कोएल्हो (2007)।
- भारत का राजपत्र — संविधान (106वाँ संशोधन) अधिनियम, 2023।
- मानक पाठ्य-पुस्तकें — संविधान संशोधन।

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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. संविधान संशोधन की प्रक्रिया किस भाग व अनुच्छेद में है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने के संबंध में सही कथन —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में गतिरोध होने पर —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. राष्ट्रपति को संशोधन विधेयक पर अनुमति देना अनिवार्य बनाने वाला संशोधन —
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अनु. 368।
केशवानंद भारती 1973।
42वाँ संशोधन।
प्रावधान नहीं।
101वाँ (2016)।
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