साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज — सूत्र, CI−SI अंतर, अर्धवार्षिक, किस्तें, Shortcut — CET
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RSSB CET, पटवारी, SSC व RRB NTPC पाठ्यक्रम की गणित/संख्यात्मक अभियोग्यता इकाई; NCERT गणित पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–10)। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
सुयोग AI गुरु
नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें
संक्षिप्त उत्तर: साधारण ब्याज (SI) हर वर्ष केवल मूलधन पर लगता है, इसलिए SI = P×R×T/100 और मिश्रधन A = P + SI; इसी सूत्र को उलटकर P = SI×100/(R×T), R = SI×100/(P×T) और T = SI×100/(P×R) निकलते हैं। साधारण ब्याज पर कोई राशि n वर्ष में दोगुनी हो तो R = 100/n, और k गुनी होने के लिए R×T = (k − 1)×100 चाहिए — इसलिए जो राशि 8 वर्ष में दोगुनी होती है, वह 16 वर्ष में तिगुनी होती है। चक्रवृद्धि ब्याज (CI) में हर अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है: A = P(1 + R/100)ⁿ और CI = A − P; अर्धवार्षिक में दर R/2 और अवधियाँ 2n, त्रैमासिक में दर R/4 और अवधियाँ 4n हो जाती हैं। एक ही P और R पर 2 वर्ष का CI − SI = P(R/100)² और 3 वर्ष का CI − SI = P(R/100)²(3 + R/100) होता है; पहले वर्ष (वार्षिक चक्रवृद्धि) में CI और SI बराबर होते हैं। दो वर्ष की प्रभावी दर R₁ + R₂ + R₁R₂/100 है, इसलिए 10% वार्षिक चक्रवृद्धि पर 2 वर्ष में 21% और 20% पर 44% वृद्धि होती है। CI पर जो राशि n वर्ष में दोगुनी होती है, वह 2n वर्ष में 4 गुनी और 3n वर्ष में 8 गुनी होती है। जनसंख्या वृद्धि और मशीन के मूल्य-ह्रास में भी यही सूत्र लगता है — वृद्धि में (1 + R/100)ⁿ और ह्रास में (1 − R/100)ⁿ।
संक्षिप्त उत्तर
| राशि / स्थिति | सूत्र |
|---|---|
| साधारण ब्याज | SI = P×R×T/100 |
| मिश्रधन (SI) | A = P + SI = P(1 + RT/100) |
| मूलधन | P = SI×100/(R×T) |
| दर | R = SI×100/(P×T) |
| समय | T = SI×100/(P×R) |
| SI पर n वर्ष में दोगुना | R = 100/n |
| SI पर k गुना होना | R×T = (k − 1)×100 |
| चक्रवृद्धि मिश्रधन (वार्षिक) | A = P(1 + R/100)ⁿ |
| चक्रवृद्धि ब्याज | CI = P(1 + R/100)ⁿ − P |
| अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि | A = P(1 + R/200)²ⁿ |
| त्रैमासिक चक्रवृद्धि | A = P(1 + R/400)⁴ⁿ |
| 2 वर्ष का CI − SI | P(R/100)² |
| 3 वर्ष का CI − SI | P(R/100)²(3 + R/100) |
| 2 वर्ष की प्रभावी दर (CI) | R₁ + R₂ + R₁R₂/100 (समान दर पर 2R + R²/100) |
| CI पर n वर्ष में दोगुना | 2n में 4 गुना, 3n में 8 गुना |
| जनसंख्या वृद्धि | Pₙ = P(1 + R/100)ⁿ |
| मूल्य-ह्रास (Depreciation) | Vₙ = V(1 − R/100)ⁿ |
| n वर्ष पहले की जनसंख्या | P/(1 + R/100)ⁿ |
यहाँ P = मूलधन (Principal), R = वार्षिक दर (%), T या n = समय (वर्ष में), A = मिश्रधन (Amount)। जब तक प्रश्न में अलग से न कहा जाए, दर वार्षिक मानी जाती है।
2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज वाणिज्य गणित (Commercial Arithmetic) का केंद्रीय अध्याय है। यह सीधे प्रतिशत की अवधारणा पर खड़ा है — CI वास्तव में "प्रतिशत पर प्रतिशत" की क्रमिक वृद्धि है — और इसके समय-दर वाले प्रश्न अनुपात व समानुपात की विधियों से तेज़ी से हल होते हैं। प्रश्न प्रायः सीधे सूत्र, CI − SI के अंतर, अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि, दोगुना-तिगुना होने और जनसंख्या वृद्धि पर बनते हैं।
परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★
- राजस्थान CET (12वीं व स्नातक) — SI/CI के सीधे सूत्र, CI − SI का अंतर, दर व समय निकालना
- पटवारी / VDO — मिश्रधन, दोगुना-तिगुना होना, जनसंख्या वृद्धि व मूल्य-ह्रास
- SSC CGL / CHSL / MTS / GD — अर्धवार्षिक-त्रैमासिक चक्रवृद्धि, 3 वर्ष का अंतर, किस्तें, भिन्न दरें
- RRB NTPC — सीधे संख्यात्मक, प्रभावी दर, दो मिश्रधनों से दर व मूलधन निकालना
प्रश्न कैसे आते हैं?
- P, R, T में से तीन देकर चौथा पूछना
- दो अलग-अलग वर्षों के मिश्रधन देकर मूलधन और दर पूछना
- राशि के दोगुना / तिगुना / k गुना होने का समय या दर
- CI − SI का अंतर देकर मूलधन या दर पूछना
- अर्धवार्षिक या त्रैमासिक चक्रवृद्धि पर CI
- जनसंख्या वृद्धि, मशीन/वाहन का घटता मूल्य
- समान वार्षिक किस्त (SI और CI दोनों पर)
3. मूल शब्दावली और साधारण ब्याज
| शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| मूलधन (P) | उधार ली या जमा की गई मूल राशि | ₹ 5000 उधार लिए |
| ब्याज (I) | मूलधन के उपयोग के बदले दी जाने वाली अतिरिक्त राशि | ₹ 1200 ब्याज |
| दर (R) | ₹ 100 पर 1 वर्ष का ब्याज (% प्रति वर्ष) | 8% वार्षिक |
| समय (T) | जितनी अवधि के लिए राशि ली गई | 3 वर्ष |
| मिश्रधन (A) | मूलधन + ब्याज | ₹ 6200 |
साधारण ब्याज की मूल भावना
साधारण ब्याज में हर वर्ष का ब्याज एक समान होता है, क्योंकि ब्याज हमेशा मूल मूलधन पर ही लगता है। इसलिए T वर्ष का SI = (1 वर्ष का SI) × T। यही कारण है कि SI समय के साथ रैखिक (linear) रूप से बढ़ता है।
| वर्ष | P = ₹ 5000, R = 8% पर ब्याज | कुल SI | मिश्रधन |
|---|---|---|---|
| 1 | 400 | 400 | 5400 |
| 2 | 400 | 800 | 5800 |
| 3 | 400 | 1200 | 6200 |
समय की इकाई बदलना
| दिया गया समय | वर्ष में |
|---|---|
| 6 महीने | 6/12 = 1/2 वर्ष |
| 9 महीने | 9/12 = 3/4 वर्ष |
| 2 वर्ष 6 महीने | 5/2 वर्ष |
| 73 दिन | 73/365 = 1/5 वर्ष |
| 146 दिन | 146/365 = 2/5 वर्ष |
| 219 दिन | 219/365 = 3/5 वर्ष |
दिनों वाले प्रश्नों में सामान्यतः वर्ष = 365 दिन लिया जाता है। तिथियों के बीच दिन गिनते समय प्रचलित परिपाटी है कि जमा का दिन और निकासी के दिन में से केवल एक गिना जाता है।
4. साधारण ब्याज — हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: सीधा SI और मिश्रधन
प्रश्न: ₹ 5000 का 8% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज और मिश्रधन ज्ञात करें।
हल: SI = 5000 × 8 × 3/100 = 1200। मिश्रधन = 5000 + 1200 = ₹ 6200।
उदाहरण 2: मूलधन निकालना
प्रश्न: किस राशि पर 6% वार्षिक दर से 4 वर्ष का साधारण ब्याज ₹ 1440 होगा?
हल: P = SI × 100/(R × T) = 1440 × 100/(6 × 4) = 144000/24 = ₹ 6000।
उदाहरण 3: दर निकालना
प्रश्न: ₹ 4000 पर 3 वर्ष में ₹ 960 साधारण ब्याज मिलता है। दर क्या है?
हल: R = 960 × 100/(4000 × 3) = 96000/12000 = 8% वार्षिक।
उदाहरण 4: समय निकालना
प्रश्न: ₹ 2500 पर 5% वार्षिक दर से कितने वर्ष में ₹ 625 साधारण ब्याज होगा?
हल: T = 625 × 100/(2500 × 5) = 62500/12500 = 5 वर्ष।
उदाहरण 5: दो मिश्रधनों से P और R
प्रश्न: कोई राशि साधारण ब्याज पर 3 वर्ष में ₹ 6500 और 5 वर्ष में ₹ 7500 हो जाती है। मूलधन और दर ज्ञात करें।
हल:
- 2 वर्ष (5 − 3) का ब्याज = 7500 − 6500 = 1000, अतः 1 वर्ष का SI = 500।
- 3 वर्ष का SI = 1500, अतः P = 6500 − 1500 = ₹ 5000।
- R = 500 × 100/5000 = 10%।
Shortcut: P = (A₁ × T₂ − A₂ × T₁)/(T₂ − T₁) = (6500 × 5 − 7500 × 3)/2 = (32500 − 22500)/2 = 5000। यह सूत्र केवल साधारण ब्याज पर मान्य है।
उदाहरण 6: दिनों में समय
प्रश्न: ₹ 7300 का 5% वार्षिक दर से 73 दिन का साधारण ब्याज?
हल: T = 73/365 = 1/5 वर्ष। SI = 7300 × 5 × (1/5)/100 = ₹ 73।
उदाहरण 7: अलग-अलग अवधि में अलग दरें
प्रश्न: ₹ 10000 पहले 2 वर्ष 6% और अगले 3 वर्ष 8% साधारण ब्याज पर दिए गए। कुल ब्याज?
हल: SI = P × (R₁T₁ + R₂T₂)/100 = 10000 × (12 + 24)/100 = ₹ 3600।
उदाहरण 8: ब्याज मूलधन का भिन्न
प्रश्न: किस दर पर साधारण ब्याज 5 वर्ष में मूलधन का 2/5 हो जाएगा?
हल: SI/P = R × T/100 ⇒ 2/5 = 5R/100 ⇒ R = 8%।
Shortcut: यदि SI = मूलधन का x भाग हो, तो R × T = 100x। यहाँ 100 × 2/5 = 40 = R × 5, अतः R = 8।
5. साधारण ब्याज पर राशि का दोगुना-तिगुना होना
राशि दोगुनी होने का अर्थ है ब्याज = मूलधन, तिगुनी होने का अर्थ है ब्याज = 2 × मूलधन। सामान्य रूप में k गुना होने पर SI = (k − 1)P, इसलिए:
R × T = (k − 1) × 100
| स्थिति | R × T | उदाहरण |
|---|---|---|
| दोगुना (k = 2) | 100 | 10% पर 10 वर्ष; 12.5% पर 8 वर्ष |
| तिगुना (k = 3) | 200 | 10% पर 20 वर्ष; 20% पर 10 वर्ष |
| चार गुना (k = 4) | 300 | 10% पर 30 वर्ष; 12.5% पर 24 वर्ष |
| पाँच गुना (k = 5) | 400 | 10% पर 40 वर्ष; 8% पर 50 वर्ष |
उदाहरण 9
प्रश्न: कोई राशि साधारण ब्याज पर 8 वर्ष में दोगुनी होती है। वह कितने वर्ष में तिगुनी होगी?
हल: दोगुना: R × 8 = 100 ⇒ R = 12.5%। तिगुना: 12.5 × T = 200 ⇒ T = 16 वर्ष।
Shortcut (केवल SI पर): दोगुना होने में "1 गुना ब्याज" लगा, तिगुना होने में "2 गुना ब्याज" चाहिए — इसलिए समय भी दोगुना = 16 वर्ष। सामान्यतः k गुना होने का समय = (k − 1) × (दोगुना होने का समय)।
उदाहरण 10
प्रश्न: कोई राशि साधारण ब्याज पर 10 वर्ष में दोगुनी होती है। वह 5 गुनी कितने वर्ष में होगी?
हल: (5 − 1) × 10 = 40 वर्ष (दर = 10%)।
उदाहरण 11
प्रश्न: कोई राशि साधारण ब्याज पर 6 वर्ष में तिगुनी होती है। दर?
हल: R × 6 = 200 ⇒ R = 200/6 = 33⅓%।
6. चक्रवृद्धि ब्याज — सूत्र और आधार
चक्रवृद्धि ब्याज में हर अवधि (सामान्यतः वर्ष) के अंत में उस अवधि का ब्याज मूलधन में जोड़ दिया जाता है और अगली अवधि का ब्याज इस बढ़े हुए मूलधन पर लगता है। इसीलिए CI हर वर्ष बढ़ता जाता है।
A = P(1 + R/100)ⁿ, ; CI = A − P
SI और CI की वर्षवार तुलना (P = ₹ 10000, R = 10%)
| वर्ष | कुल SI | CI मिश्रधन | कुल CI | CI − SI |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 1000 | 11000 | 1000 | 0 |
| 2 | 2000 | 12100 | 2100 | 100 |
| 3 | 3000 | 13310 | 3310 | 310 |
| 4 | 4000 | 14641 | 4641 | 641 |
| 5 | 5000 | 16105.10 | 6105.10 | 1105.10 |
ध्यान दें: वर्ष 3 का अकेले ब्याज = 13310 − 12100 = 1210, जो वर्ष 2 के ब्याज (1100) का 110% है। यानी CI में लगातार दो वर्षों का ब्याज भी R% से बढ़ता है।
दरों के भिन्न रूप (Fraction Method)
| दर | भिन्न | 1 वर्ष P : A | 2 वर्ष P : A | 3 वर्ष P : A |
|---|---|---|---|---|
| 4% | 1/25 | 25 : 26 | 625 : 676 | 15625 : 17576 |
| 5% | 1/20 | 20 : 21 | 400 : 441 | 8000 : 9261 |
| 10% | 1/10 | 10 : 11 | 100 : 121 | 1000 : 1331 |
| 12.5% | 1/8 | 8 : 9 | 64 : 81 | 512 : 729 |
| 20% | 1/5 | 5 : 6 | 25 : 36 | 125 : 216 |
| 25% | 1/4 | 4 : 5 | 16 : 25 | 64 : 125 |
यह तालिका तब बहुत तेज़ है जब मूलधन इन संख्याओं का गुणज हो। प्रतिशत-भिन्न रूपांतरण के लिए प्रतिशत सूत्र वाला नोट देखें।
उदाहरण 12: 2 वर्ष का CI
प्रश्न: ₹ 10000 का 10% वार्षिक चक्रवृद्धि दर से 2 वर्ष का CI?
हल: A = 10000 × (11/10)² = 10000 × 121/100 = 12100। CI = ₹ 2100।
उदाहरण 13: भिन्न विधि
प्रश्न: ₹ 6400 का 12.5% वार्षिक चक्रवृद्धि दर से 2 वर्ष का CI?
हल: 12.5% = 1/8, अतः P : A = 64 : 81। 64 इकाई = 6400 ⇒ 1 इकाई = 100। A = 8100, CI = ₹ 1700।
उदाहरण 14: 3 वर्ष का CI
प्रश्न: ₹ 15625 का 4% वार्षिक चक्रवृद्धि दर से 3 वर्ष का CI?
हल: 4% = 1/25, अतः P : A = 25³ : 26³ = 15625 : 17576। A = 17576, CI = ₹ 1951।
उदाहरण 15: दर निकालना
प्रश्न: ₹ 6250 चक्रवृद्धि ब्याज पर 2 वर्ष में ₹ 7290 हो जाते हैं। दर?
हल: (1 + R/100)² = 7290/6250 = 1.1664 = (1.08)² ⇒ R = 8%।
उदाहरण 16: समय निकालना
प्रश्न: ₹ 8000 कितने वर्ष में 5% वार्षिक चक्रवृद्धि दर से ₹ 9261 हो जाएँगे?
हल: 9261/8000 = (21/20)³ ⇒ n = 3 वर्ष।
उदाहरण 17: लगातार दो वर्षों के मिश्रधन
प्रश्न: कोई राशि चक्रवृद्धि ब्याज पर 2 वर्ष में ₹ 8820 और 3 वर्ष में ₹ 9261 हो जाती है। दर और मूलधन?
हल:
- तीसरे वर्ष का ब्याज = 9261 − 8820 = 441, जो 8820 पर 1 वर्ष का ब्याज है।
- R = 441 × 100/8820 = 5%।
- P = 8820/(1.05)² = 8820/1.1025 = ₹ 8000।
Shortcut (केवल CI पर, लगातार वर्षों के लिए): R = (A₂ − A₁)/A₁ × 100। SI में यही स्थिति हो तो अंतर को मूलधन पर बाँटना होता है, पिछले मिश्रधन पर नहीं।
उदाहरण 18: CI पर दोगुना-आठ गुना
प्रश्न: कोई राशि चक्रवृद्धि ब्याज पर 5 वर्ष में दोगुनी होती है। कितने वर्ष में 8 गुनी होगी?
हल: 8 = 2³, अतः समय = 3 × 5 = 15 वर्ष।
Shortcut कब मान्य: केवल CI पर, और केवल तब जब लक्ष्य गुणक पहले वाले गुणक की घात हो (2 → 4, 8, 16; 3 → 9, 27)। CI पर "तिगुना" होने का समय दोगुना होने के समय से सीधे गुणा करके नहीं निकलता।
7. अर्धवार्षिक और त्रैमासिक चक्रवृद्धि
| चक्रवृद्धि | प्रति अवधि दर | अवधियों की संख्या | सूत्र |
|---|---|---|---|
| वार्षिक | R | n | P(1 + R/100)ⁿ |
| अर्धवार्षिक (हर 6 माह) | R/2 | 2n | P(1 + R/200)²ⁿ |
| त्रैमासिक (हर 3 माह) | R/4 | 4n | P(1 + R/400)⁴ⁿ |
| मासिक | R/12 | 12n | P(1 + R/1200)¹²ⁿ |
उदाहरण 19: अर्धवार्षिक
प्रश्न: ₹ 8000 का 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का CI, जब ब्याज अर्धवार्षिक संयोजित हो?
हल: दर = 5% प्रति छमाही, अवधियाँ = 2। A = 8000 × (1.05)² = 8000 × 1.1025 = 8820। CI = ₹ 820।
उदाहरण 20: त्रैमासिक
प्रश्न: ₹ 16000 का 20% वार्षिक दर से 9 महीने का CI, जब ब्याज त्रैमासिक संयोजित हो?
हल: दर = 5% प्रति तिमाही, अवधियाँ = 9/3 = 3। A = 16000 × (21/20)³ = 16000 × 9261/8000 = 18522। CI = ₹ 2522।
उदाहरण 21: डेढ़ वर्ष अर्धवार्षिक
प्रश्न: ₹ 20000 का 8% वार्षिक दर से 1½ वर्ष का CI, ब्याज अर्धवार्षिक?
हल: दर = 4% प्रति छमाही, अवधियाँ = 3। A = 20000 × (1.04)³ = 20000 × 1.124864 = 22497.28। CI = ₹ 2497.28।
उदाहरण 22: वार्षिक बनाम अर्धवार्षिक का अंतर
प्रश्न: ₹ 10000 पर 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष में अर्धवार्षिक और वार्षिक चक्रवृद्धि के ब्याज में अंतर?
हल: अर्धवार्षिक: 10000 × (1.05)² = 11025 (ब्याज 1025)। वार्षिक: 11000 (ब्याज 1000)। अंतर = ₹ 25। यह 10000 × (5/100)² = 25 के बराबर है, क्योंकि 1 वर्ष की अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि = 5% की दो अवधियाँ।
भिन्नात्मक वर्ष (वार्षिक चक्रवृद्धि)
जब समय 2½ वर्ष हो और ब्याज वार्षिक संयोजित हो, तो पाठ्यपुस्तकों और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रचलित परिपाटी है: पूरे वर्षों पर चक्रवृद्धि और बचे भाग पर उस भाग की साधारण दर। जैसे ₹ 10000, 10% पर 2½ वर्ष: A = 10000 × (1.1)² × (1 + 5/100) = 12100 × 1.05 = 12705। यदि प्रश्न अलग विधि बताए, तो उसी का पालन करें।
8. CI − SI का अंतर
पहले वर्ष में (वार्षिक चक्रवृद्धि पर) CI और SI बराबर होते हैं। दूसरे वर्ष से CI में "ब्याज पर ब्याज" जुड़ने लगता है:
| समय | CI − SI | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 वर्ष | 0 | वार्षिक चक्रवृद्धि पर दोनों बराबर |
| 2 वर्ष | P(R/100)² | पहले वर्ष के ब्याज पर दूसरे वर्ष का ब्याज |
| 3 वर्ष | P(R/100)²(3 + R/100) | दूसरा रूप: P(R/100)² × (300 + R)/100 |
2 वर्ष का सूत्र क्यों?
पहले वर्ष का ब्याज = PR/100। दूसरे वर्ष SI में फिर PR/100 जुड़ता है, पर CI में (P + PR/100) × R/100 जुड़ता है। अतिरिक्त भाग = (PR/100) × R/100 = P(R/100)²।
उदाहरण 23
प्रश्न: ₹ 10000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष के CI और SI का अंतर?
हल: 10000 × (10/100)² = 10000 × 1/100 = ₹ 100 (जाँच: 2100 − 2000 = 100)।
उदाहरण 24: अंतर से मूलधन
प्रश्न: 8% वार्षिक दर पर किसी राशि के 2 वर्ष के CI और SI का अंतर ₹ 64 है। राशि?
हल: 64 = P × (8/100)² = P × 64/10000 ⇒ P = ₹ 10000।
उदाहरण 25: 3 वर्ष का अंतर
प्रश्न: ₹ 10000 पर 10% से 3 वर्ष का CI − SI?
हल: 10000 × (1/100) × (3 + 0.1) = 100 × 3.1 = ₹ 310 (जाँच: 3310 − 3000 = 310)।
उदाहरण 26: 3 वर्ष के अंतर से मूलधन
प्रश्न: 10% दर पर 3 वर्ष के CI और SI का अंतर ₹ 93 है। मूलधन?
हल: 93 = P × 0.01 × 3.1 = 0.031P ⇒ P = ₹ 3000।
उदाहरण 27: 2 वर्ष के SI और CI से दर
प्रश्न: किसी राशि का 2 वर्ष का SI ₹ 1200 और CI ₹ 1260 है। दर और मूलधन?
हल:
- 1 वर्ष का SI = 600।
- अंतर 60 = पहले वर्ष के ब्याज (600) पर 1 वर्ष का ब्याज ⇒ R = 60 × 100/600 = 10%।
- P = 600 × 100/10 = ₹ 6000 (जाँच: 6000 × 0.21 = 1260)।
Shortcut: R = 2 × (CI − SI)/SI × 100, जहाँ CI और SI दोनों 2 वर्ष के हों। यहाँ 2 × 60/1200 × 100 = 10%।
9. प्रभावी दर और भिन्न-भिन्न दरें
दो क्रमिक प्रतिशत वृद्धियों का कुल प्रभाव: R₁ + R₂ + R₁R₂/100। समान दर R पर 2 वर्ष में: 2R + R²/100।
| वार्षिक दर (CI) | 2 वर्ष की प्रभावी दर | 3 वर्ष की प्रभावी दर |
|---|---|---|
| 5% | 10.25% | 15.7625% |
| 10% | 21% | 33.1% |
| 20% | 44% | 72.8% |
| 25% | 56.25% | 95.3125% |
उदाहरण 28: अलग-अलग वर्षों में अलग दर
प्रश्न: ₹ 5000 पर पहले वर्ष 10% और दूसरे वर्ष 20% चक्रवृद्धि ब्याज। 2 वर्ष का CI?
हल: A = 5000 × 1.1 × 1.2 = 6600, CI = ₹ 1600। प्रभावी दर = 10 + 20 + (10 × 20)/100 = 32%, और 5000 का 32% = 1600।
उदाहरण 29: अर्धवार्षिक की प्रभावी वार्षिक दर
प्रश्न: 10% वार्षिक दर, अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि, की प्रभावी वार्षिक दर?
हल: 5 + 5 + 25/100 = 10.25%।
यही "क्रमिक प्रतिशत" का नियम लाभ-हानि व क्रमिक छूट में भी लगता है — वहाँ छूट के लिए R₁ और R₂ ऋणात्मक लिए जाते हैं।
10. किस्तें (Installments) — मूल बातें
किस्त के प्रश्नों में मूल सिद्धांत एक ही है: हर किस्त का मूल्य उसी समय-बिंदु पर तुलना करें — या तो सब कुछ अंत की तिथि पर ले जाएँ (SI में), या सब कुछ आज के मूल्य (Present Value) पर लाएँ (CI में)।
(क) साधारण ब्याज पर समान वार्षिक किस्त
यदि T वर्ष बाद देय राशि A को T समान वार्षिक किस्तों में (हर वर्ष के अंत में) चुकाना हो, तो किस्त:
x = 100A/(100T + R × T(T − 1)/2)
उदाहरण 30
प्रश्न: 3 वर्ष बाद देय ₹ 1092 का ऋण 12% साधारण ब्याज पर किस समान वार्षिक किस्त से चुकेगा?
हल: 100T = 300, R × T(T − 1)/2 = 12 × 3 = 36। x = 109200/336 = ₹ 325।
जाँच: पहली किस्त 2 वर्ष ब्याज कमाती है: 325 + 78 = 403; दूसरी 1 वर्ष: 325 + 39 = 364; तीसरी: 325। योग = 403 + 364 + 325 = 1092।
(ख) चक्रवृद्धि ब्याज पर समान वार्षिक किस्त
उधार P, n समान किस्तें x, दर R: P = x/(1 + R/100) + x/(1 + R/100)² + … + x/(1 + R/100)ⁿ
उदाहरण 31: 2 किस्तें
प्रश्न: ₹ 2100 उधार, 10% चक्रवृद्धि, 2 समान वार्षिक किस्तों में चुकाने हैं। किस्त?
हल: 2100 = x/1.1 + x/1.21 = x(1.1 + 1)/1.21 = 2.1x/1.21 ⇒ x = 2100 × 1.21/2.1 = ₹ 1210।
जाँच: 1210 का आज का मूल्य 1100 (1 वर्ष) और 1000 (2 वर्ष); योग 2100।
उदाहरण 32: 3 किस्तें
प्रश्न: 10% चक्रवृद्धि पर ₹ 1331 की 3 समान वार्षिक किस्तों से कितना ऋण चुकता है?
हल: 1331/1.1 + 1331/1.21 + 1331/1.331 = 1210 + 1100 + 1000 = ₹ 3310।
Shortcut (भिन्न विधि): 10% = 1/10, अतः हर वर्ष पीछे जाने पर मूल्य 11 : 10 के अनुपात में घटता है। 1331 को क्रमशः 1.1 से भाग देते जाएँ: 1210, 1100, 1000 — यह तभी साफ़ आता है जब किस्त (1 + R/100)ⁿ के अनुरूप संख्या (जैसे 11³ = 1331) का गुणज हो।
11. जनसंख्या वृद्धि और मूल्य-ह्रास
| स्थिति | सूत्र |
|---|---|
| n वर्ष बाद जनसंख्या (वृद्धि R%) | P(1 + R/100)ⁿ |
| n वर्ष पहले जनसंख्या | P/(1 + R/100)ⁿ |
| n वर्ष बाद मूल्य (ह्रास R%) | V(1 − R/100)ⁿ |
| अलग-अलग वर्षों में अलग दर | P(1 ± R₁/100)(1 ± R₂/100)… |
उदाहरण 33: वृद्धि
प्रश्न: एक कस्बे की जनसंख्या 50000 है और 10% वार्षिक दर से बढ़ती है। 2 वर्ष बाद?
हल: 50000 × 1.21 = 60500।
उदाहरण 34: पिछली जनसंख्या
प्रश्न: वर्तमान जनसंख्या 13310 है, जो 10% वार्षिक बढ़ी है। 3 वर्ष पहले कितनी थी?
हल: 13310/1.331 = 10000।
उदाहरण 35: मूल्य-ह्रास
प्रश्न: ₹ 80000 की मशीन का मूल्य हर वर्ष 10% घटता है। 2 वर्ष बाद मूल्य?
हल: 80000 × (0.9)² = 80000 × 0.81 = ₹ 64800।
उदाहरण 36: वृद्धि के बाद कमी
प्रश्न: जनसंख्या 100000 है; पहले वर्ष 20% बढ़ी, दूसरे वर्ष 10% घटी। 2 वर्ष बाद?
हल: 100000 × 1.2 × 0.9 = 108000 (प्रभावी: 20 − 10 − 200/100 = +8%)।
उदाहरण 37: बराबर वृद्धि-कमी
प्रश्न: 10000 पहले 10% बढ़े और फिर 10% घटे, तो परिणाम?
हल: 10000 × 1.1 × 0.9 = 9900, अर्थात 1% की कमी (R²/100 = 1)।
12. Shortcut विधियाँ — कब मान्य, कब नहीं
| Shortcut | कब मान्य | कब नहीं |
|---|---|---|
| k गुना होने का समय = (k − 1) × दोगुना होने का समय | केवल साधारण ब्याज | CI पर कभी नहीं |
| 2ᵐ गुना होने का समय = m × दोगुना होने का समय | केवल चक्रवृद्धि ब्याज, समान दर | SI पर नहीं |
| R = (A₂ − A₁)/A₁ × 100 | CI, लगातार दो वर्षों के मिश्रधन | SI पर, या बीच में अंतराल हो तो |
| P = (A₁T₂ − A₂T₁)/(T₂ − T₁) | केवल SI | CI पर नहीं |
| CI − SI = P(R/100)² | 2 वर्ष, वार्षिक चक्रवृद्धि, समान दर | 3 वर्ष या अर्धवार्षिक पर सीधे नहीं |
| प्रभावी दर R₁ + R₂ + R₁R₂/100 | कोई भी दो क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन | साधारण ब्याज की कुल दर (वहाँ केवल R₁ + R₂) |
| भिन्न विधि (10% = 1/10 आदि) | जब P उपयुक्त घात का गुणज हो | अटपटे मूलधन पर लंबी गणना हो जाती है |
| 1 वर्ष का CI = 1 वर्ष का SI | वार्षिक चक्रवृद्धि | अर्धवार्षिक/त्रैमासिक पर CI अधिक होगा |
13. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)
Trap 1: CI पर "तिगुना" का समय
"CI पर 5 वर्ष में दोगुना, तो 10 वर्ष में तिगुना" — गलत। CI पर 10 वर्ष में राशि 4 गुनी होती है। तिगुना होने का समय log से निकलता है और सीधे गुणा से नहीं आता।
Trap 2: अर्धवार्षिक में दर और समय दोनों बदलना
कई विद्यार्थी केवल दर आधी करते हैं, अवधियाँ दोगुनी करना भूल जाते हैं। 2 वर्ष, 10%, अर्धवार्षिक = 5% की 4 अवधियाँ।
Trap 3: मिश्रधन पूछा है या ब्याज
A = P(1 + R/100)ⁿ मिश्रधन है; CI के लिए P घटाना न भूलें। विकल्पों में प्रायः दोनों दिए होते हैं।
Trap 4: SI के दो मिश्रधनों में मूलधन
SI में 3 वर्ष और 5 वर्ष के मिश्रधनों का अंतर 2 वर्ष का ब्याज है — पर इससे दर निकालते समय पिछले मिश्रधन से भाग न दें; ब्याज हमेशा मूलधन पर है।
Trap 5: 3 वर्ष के अंतर में 3 का गुणा
3 वर्ष का CI − SI, 2 वर्ष वाले अंतर का तीन गुना नहीं है; वह P(R/100)² × (3 + R/100) है। 10% पर 2 वर्ष का अंतर 100 तो 3 वर्ष का 310 है, 300 नहीं।
Trap 6: बराबर वृद्धि और कमी
"20% बढ़ा फिर 20% घटा, तो कोई परिवर्तन नहीं" — गलत। परिणाम 4% की कमी है (1.2 × 0.8 = 0.96)।
Trap 7: दिनों को 360 से भाग
भारतीय परीक्षाओं के मानक प्रश्नों में वर्ष = 365 दिन लिया जाता है (73 दिन = 1/5 वर्ष)। यदि प्रश्न 360 दिन बताए, तभी उसे लें।
14. Most-Asked रिवीज़न तालिका (50 तथ्य)
| क्रम | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | SI का सूत्र | P×R×T/100 |
| 2 | मिश्रधन | मूलधन + ब्याज |
| 3 | ₹ 5000, 8%, 3 वर्ष का SI | ₹ 1200 |
| 4 | 6%, 4 वर्ष में SI ₹ 1440 — मूलधन | ₹ 6000 |
| 5 | ₹ 4000 पर 3 वर्ष में SI ₹ 960 — दर | 8% |
| 6 | ₹ 2500, 5%, SI ₹ 625 — समय | 5 वर्ष |
| 7 | 73 दिन = कितना वर्ष | 1/5 वर्ष |
| 8 | SI पर 10 वर्ष में दोगुना — दर | 10% |
| 9 | SI पर 8 वर्ष में दोगुना — दर | 12.5% |
| 10 | SI पर 8 वर्ष में दोगुना — तिगुना कब | 16 वर्ष |
| 11 | SI पर k गुना होने की शर्त | R×T = (k − 1)×100 |
| 12 | SI पर 20% दर से तिगुना | 10 वर्ष |
| 13 | SI पर 6 वर्ष में तिगुना — दर | 33⅓% |
| 14 | SI 5 वर्ष में मूलधन का 2/5 — दर | 8% |
| 15 | CI मिश्रधन का सूत्र | P(1 + R/100)ⁿ |
| 16 | ₹ 10000, 10%, 2 वर्ष का CI | ₹ 2100 |
| 17 | ₹ 10000, 10%, 3 वर्ष का CI | ₹ 3310 |
| 18 | ₹ 6400, 12.5%, 2 वर्ष का CI | ₹ 1700 |
| 19 | ₹ 15625, 4%, 3 वर्ष का मिश्रधन | ₹ 17576 |
| 20 | ₹ 8000 → ₹ 9261 (5% CI) — समय | 3 वर्ष |
| 21 | ₹ 6250 → ₹ 7290 (2 वर्ष CI) — दर | 8% |
| 22 | CI पर 2 वर्ष में ₹ 8820, 3 वर्ष में ₹ 9261 — दर | 5% |
| 23 | उसी प्रश्न में मूलधन | ₹ 8000 |
| 24 | CI पर 5 वर्ष में दोगुना — 8 गुना कब | 15 वर्ष |
| 25 | CI पर n वर्ष में दोगुना — 4 गुना कब | 2n वर्ष |
| 26 | अर्धवार्षिक में प्रति अवधि दर | R/2 |
| 27 | त्रैमासिक में अवधियाँ (n वर्ष) | 4n |
| 28 | ₹ 8000, 10% वार्षिक, 1 वर्ष अर्धवार्षिक CI | ₹ 820 |
| 29 | ₹ 16000, 20% वार्षिक, 9 माह त्रैमासिक CI | ₹ 2522 |
| 30 | ₹ 20000, 8%, 1½ वर्ष अर्धवार्षिक CI | ₹ 2497.28 |
| 31 | ₹ 10000, 10%, 1 वर्ष: अर्धवार्षिक − वार्षिक CI | ₹ 25 |
| 32 | 2 वर्ष का CI − SI | P(R/100)² |
| 33 | 3 वर्ष का CI − SI | P(R/100)²(3 + R/100) |
| 34 | ₹ 10000, 10%, 2 वर्ष का CI − SI | ₹ 100 |
| 35 | ₹ 10000, 10%, 3 वर्ष का CI − SI | ₹ 310 |
| 36 | 8% पर 2 वर्ष का अंतर ₹ 64 — मूलधन | ₹ 10000 |
| 37 | 10% पर 3 वर्ष का अंतर ₹ 93 — मूलधन | ₹ 3000 |
| 38 | 2 वर्ष का SI ₹ 1200, CI ₹ 1260 — दर | 10% |
| 39 | पहले वर्ष (वार्षिक) CI बनाम SI | बराबर |
| 40 | 10% CI पर 2 वर्ष की प्रभावी दर | 21% |
| 41 | 20% CI पर 2 वर्ष की प्रभावी दर | 44% |
| 42 | 10% CI पर 3 वर्ष की प्रभावी दर | 33.1% |
| 43 | 10% वार्षिक अर्धवार्षिक — प्रभावी वार्षिक दर | 10.25% |
| 44 | ₹ 5000 पर 10% फिर 20% — CI | ₹ 1600 |
| 45 | ₹ 1092, 3 वर्ष, 12% SI — वार्षिक किस्त | ₹ 325 |
| 46 | ₹ 2100, 10% CI, 2 किस्तें — किस्त | ₹ 1210 |
| 47 | जनसंख्या 50000, 10% वृद्धि, 2 वर्ष बाद | 60500 |
| 48 | 13310 (10% वृद्धि) — 3 वर्ष पहले | 10000 |
| 49 | ₹ 80000 मशीन, 10% ह्रास, 2 वर्ष बाद | ₹ 64800 |
| 50 | 10% वृद्धि फिर 10% कमी — शुद्ध प्रभाव | 1% कमी |
15. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
इस अध्याय के प्रश्न प्रायः छह ढाँचों में आते हैं। हर ढाँचे के लिए एक नमूना (स्वयं बनाया गया) प्रश्न:
- सीधा सूत्र: "₹ 7500 का 6% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज?" (7500 × 6 × 2/100 = ₹ 900)
- दो मिश्रधन (SI): "कोई राशि 2 वर्ष में ₹ 5600 और 5 वर्ष में ₹ 6500 हो जाती है।" (3 वर्ष का ब्याज 900, प्रति वर्ष 300, P = 5600 − 600 = ₹ 5000, R = 6%)
- दोगुना-तिगुना: "CI पर कोई राशि 4 वर्ष में दोगुनी होती है; 16 गुनी कब?" (16 = 2⁴ ⇒ 16 वर्ष)
- CI − SI: "₹ 12000 पर 5% से 2 वर्ष का अंतर?" (12000 × 1/400 = ₹ 30)
- अर्धवार्षिक/त्रैमासिक: "₹ 40000 का 20% वार्षिक से 6 माह का CI, ब्याज त्रैमासिक।" (5% की 2 अवधियाँ: 40000 × 1.1025 = 44100, CI = ₹ 4100)
- जनसंख्या/ह्रास: "₹ 50000 का स्कूटर हर वर्ष 10% मूल्य खोता है; 2 वर्ष बाद?" (50000 × 0.81 = ₹ 40500)
रणनीति: पहले पहचानें कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि, फिर देखें कि मिश्रधन पूछा है या ब्याज। CI में दर 4%, 5%, 10%, 12.5%, 20%, 25% हो तो भिन्न विधि (तालिका 6) लगाएँ। पूरे अभ्यास के लिए राजस्थान पटवारी 2026 टेस्ट सीरीज़ उपयोगी है।
16. इसे आसानी से याद कैसे रखें?
1. SI = "PRT बाँटो सौ": तीनों का गुणा, फिर 100 से भाग। उलटे सूत्रों में "जो चाहिए उसे छोड़ बाकी दो नीचे, SI × 100 ऊपर"।
2. दोगुना-तिगुना: "SI में जोड़, CI में घात" — SI में समय (k − 1) गुना बढ़ता है; CI में गुणक घात से बढ़ता है (2, 4, 8 = n, 2n, 3n)।
3. अर्धवार्षिक: "दर आधी, बारी दोगुनी"; त्रैमासिक: "दर चौथाई, बारी चौगुनी"।
4. CI − SI: "दो साल — वर्ग; तीन साल — वर्ग × (3 + दर)" — 10% पर 100 और 310 याद रखें।
5. प्रभावी दर: "जोड़ो, फिर गुणा का सौवाँ जोड़ो" — a + b + ab/100।
6. 10% की पंक्ति: "11, 121, 1331, 14641" — 11 की घातें = 10% पर 1 से 4 वर्ष के मिश्रधन (मूलधन क्रमशः 10, 100, 1000, 10000 मानने पर)।
7. वृद्धि बनाम ह्रास: "बढ़े तो प्लस, घटे तो माइनस" — (1 + R/100)ⁿ या (1 − R/100)ⁿ।
17. कथन अभ्यास
साधारण ब्याज में हर वर्ष का ब्याज समान रहता है। — सही।
वार्षिक चक्रवृद्धि में पहले वर्ष का CI, SI से अधिक होता है। — गलत (पहले वर्ष दोनों बराबर होते हैं)।
SI पर जो राशि 8 वर्ष में दोगुनी होती है, वह 16 वर्ष में तिगुनी होती है। — सही।
CI पर जो राशि 5 वर्ष में दोगुनी होती है, वह 10 वर्ष में तिगुनी होती है। — गलत (10 वर्ष में 4 गुनी होती है)।
अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में दर आधी और अवधियाँ दोगुनी हो जाती हैं। — सही।
2 वर्ष का CI − SI = P(R/100)² होता है। — सही।
10% पर ₹ 10000 का 3 वर्ष का CI − SI ₹ 300 है। — गलत (यह ₹ 310 है)।
20% वार्षिक चक्रवृद्धि पर 2 वर्ष की प्रभावी दर 40% है। — गलत (44% है)।
10% वार्षिक दर पर अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि की प्रभावी वार्षिक दर 10.25% है। — सही।
किसी मूल्य में 20% वृद्धि के बाद 20% कमी होने पर मूल्य पहले जितना हो जाता है। — गलत (4% कम हो जाता है)।
मूल्य-ह्रास में सूत्र V(1 − R/100)ⁿ लगता है। — सही।
73 दिन, 1 वर्ष का 1/5 भाग है (वर्ष = 365 दिन)। — सही।
18. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ
- SI = PRT/100; A = P + SI
- P = 100·SI/(RT); R = 100·SI/(PT); T = 100·SI/(PR)
- SI पर दोगुना: R × T = 100; k गुना: R × T = (k − 1)100
- SI पर k गुना का समय = (k − 1) × दोगुना होने का समय
- CI: A = P(1 + R/100)ⁿ; CI = A − P
- अर्धवार्षिक: R/2 और 2n; त्रैमासिक: R/4 और 4n
- पहले वर्ष (वार्षिक) CI = SI
- 2 वर्ष CI − SI = P(R/100)²
- 3 वर्ष CI − SI = P(R/100)²(3 + R/100)
- 10% पर 10000 के अंतर: 2 वर्ष 100, 3 वर्ष 310
- प्रभावी दर: R₁ + R₂ + R₁R₂/100; 10% → 21%, 20% → 44%
- CI पर n में दोगुना → 2n में 4 गुना → 3n में 8 गुना
- CI लगातार वर्ष: R = (A₂ − A₁)/A₁ × 100
- जनसंख्या: P(1 + R/100)ⁿ; ह्रास: V(1 − R/100)ⁿ
- किस्त: सब भुगतानों की तुलना एक ही समय-बिंदु पर करें
19. अभ्यास
नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 5 (दोगुना-तिगुना), खंड 8 (CI − SI) और खंड 12 (Shortcut कब मान्य) दोबारा पढ़ें। परीक्षा-स्तर के मिश्रित अभ्यास के लिए राजस्थान CET (स्नातक) मेगा टेस्ट सीरीज़ हल करें।
20. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?
साधारण ब्याज रैखिक है — हर वर्ष उतना ही ब्याज — जबकि चक्रवृद्धि ब्याज हर वर्ष बढ़ते मूलधन पर लगता है। इसी एक अंतर से सारे Shortcut निकलते हैं: SI में दोगुना-तिगुना जोड़ से, CI में घात से; SI में दो मिश्रधनों का अंतर मूलधन पर, CI में पिछले मिश्रधन पर। CI − SI के दो सूत्र, 10% की 11-121-1331 पंक्ति और भिन्न विधि पक्की कर लें, तो अधिकांश प्रश्न एक-दो पंक्तियों में हल हो जाते हैं। हर Shortcut लगाने से पहले उसकी शर्त जाँचें — SI है या CI, वार्षिक है या अर्धवार्षिक।
SI = PRT/100 | SI पर k गुना: RT = (k − 1)100 | A = P(1 + R/100)ⁿ | अर्धवार्षिक R/2, 2n | CI − SI: P(R/100)², P(R/100)²(3 + R/100) | प्रभावी दर a + b + ab/100
इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?
“साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज — सूत्र, CI−SI अंतर, अर्धवार्षिक, किस्तें, Shortcut — CET” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।
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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
साधारण ब्याज SI = P×R×T/100 होता है, जहाँ P मूलधन, R वार्षिक दर (%) और T समय (वर्ष) है। मिश्रधन A = P + SI होता है।
पहले मिश्रधन A = P(1 + R/100)ⁿ निकालें, फिर CI = A − P। जैसे ₹ 10000 पर 10% से 2 वर्ष में A = 12100 और CI = ₹ 2100।
साधारण ब्याज हर वर्ष केवल मूल मूलधन पर लगता है, इसलिए हर वर्ष समान रहता है। चक्रवृद्धि में हर वर्ष का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है, इसलिए ब्याज हर वर्ष बढ़ता है।
2 वर्ष के लिए CI − SI = P(R/100)²। जैसे ₹ 10000 पर 10% से अंतर = 10000 × 1/100 = ₹ 100।
3 वर्ष के लिए CI − SI = P(R/100)²(3 + R/100)। ₹ 10000 पर 10% से यह 100 × 3.1 = ₹ 310 होता है।
अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में दर आधी (R/2) और अवधियों की संख्या दोगुनी (2n) हो जाती है। त्रैमासिक में दर R/4 और अवधियाँ 4n होती हैं।
दोगुनी होने के लिए R × T = 100, यानी T = 100/R। जैसे 10% पर 10 वर्ष और 12.5% पर 8 वर्ष में राशि दोगुनी होती है।
8 = 2³ है, इसलिए समान दर पर राशि 3n वर्ष में 8 गुनी होगी। जैसे 5 वर्ष में दोगुनी होने वाली राशि 15 वर्ष में 8 गुनी होगी।
क्रमिक दो वर्षों की दरों R₁ और R₂ का कुल प्रभाव R₁ + R₂ + R₁R₂/100 होता है। 10% वार्षिक चक्रवृद्धि पर 2 वर्ष की प्रभावी दर 21% होती है।
जनसंख्या वृद्धि में चक्रवृद्धि वाला सूत्र P(1 + R/100)ⁿ लगता है और मूल्य घटने पर V(1 − R/100)ⁿ। जैसे 50000 की जनसंख्या 10% वार्षिक वृद्धि से 2 वर्ष में 60500 होगी।
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