पार्वती नदी: उद्गम, प्रवाह, सहायक नदियाँ एवं प्रमुख तथ्य
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान भूगोल इकाई। आधिकारिक सिलेबस से विषय-सूची; पुस्तक का शब्दशः पाठ नहीं।
पार्वती नदी: उद्गम, प्रवाह, सहायक नदियाँ एवं प्रमुख तथ्य
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⚡ Quick Answer: पार्वती नदी (हाड़ौती) चंबल की प्रमुख दाहिनी सहायक नदी है। इसका उद्गम मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में विंध्याचल की पहाड़ियों से होता है। यह बारां जिले के करियाहट गाँव के पास राजस्थान में प्रवेश करती है, कुछ दूरी तक राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा बनाती है और बारां व कोटा से बहते हुए पाली गाँव (सवाई माधोपुर) के पास चंबल में मिल जाती है। परीक्षा का सबसे बड़ा ट्रैप — राजस्थान में दो पार्वती नदियाँ हैं; दूसरी पार्वती धौलपुर में है जिस पर पार्वती बाँध (आंगई) बना है।
1. पार्वती नदी का परिचय
पार्वती नदी बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र की नदी है जो मालवा पठार से निकलकर हाड़ौती क्षेत्र में प्रवेश करती है। यह चंबल की उन तीन बड़ी सहायक नदियों (बनास, कालीसिंध, पार्वती) में से एक है जो राजस्थान में चंबल के जल-प्रवाह को सबसे अधिक बढ़ाती हैं। बारां जिले की कृषि, पेयजल और सहरिया जनजाति क्षेत्र (शाहबाद-किशनगंज) की आजीविका में इस नदी का विशेष स्थान है।
हाल के वर्षों में पार्वती नदी का महत्व इसलिए भी बढ़ा है क्योंकि PKC-ERCP (पार्वती-कालीसिंध-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) के नाम का पहला शब्द यही नदी है। इस परियोजना में पार्वती के वर्षाकालीन अतिरिक्त जल को पूर्वी राजस्थान तक पहुँचाने की योजना है।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| उद्गम | सीहोर जिला (मध्य प्रदेश) — विंध्याचल पहाड़ियाँ |
| राजस्थान में प्रवेश | करियाहट गाँव, बारां जिला |
| प्रवाह जिले (राजस्थान) | बारां, कोटा; सवाई माधोपुर में संगम |
| सीमा निर्धारण | बारां क्षेत्र में कुछ दूरी तक राजस्थान-मध्य प्रदेश की अंतर्राज्यीय सीमा बनाती है |
| संगम | पाली गाँव (सवाई माधोपुर) के पास चंबल में |
| दिशा | दक्षिण से उत्तर/उत्तर-पश्चिम |
| अपवाह तंत्र | बंगाल की खाड़ी (चंबल–यमुना–गंगा) |
| सहायक नदियाँ | अंधेरी, बिलास, रेतड़ी, ल्हासी आदि छोटी धाराएँ (बारां क्षेत्र) |
2. राजस्थान की दो पार्वती नदियाँ — सबसे बड़ा Exam Trap
राजस्थान में ‘पार्वती’ नाम की दो अलग-अलग नदियाँ हैं, और परीक्षक इसी भ्रम का लाभ उठाकर प्रश्न बनाते हैं:
| आधार | पार्वती (हाड़ौती) | पार्वती (धौलपुर) |
|---|---|---|
| क्षेत्र | बारां-कोटा (दक्षिण-पूर्वी राजस्थान) | करौली-धौलपुर (पूर्वी राजस्थान) |
| उद्गम | सीहोर (मध्य प्रदेश) | करौली क्षेत्र की पहाड़ियाँ |
| संगम | चंबल — पाली (सवाई माधोपुर) | गंभीर (उटंगन) तंत्र में — आगे यमुना की ओर |
| बाँध | PKC-ERCP के अंतर्गत प्रस्तावित संरचनाएँ | पार्वती बाँध — आंगई (धौलपुर) |
| परीक्षा संकेत | ‘चंबल की सहायक’, ‘करियाहट’, ‘बारां’ | ‘पार्वती बाँध’, ‘धौलपुर’, ‘आंगई’ |
नियम: प्रश्न में ‘पार्वती बाँध’ लिखा हो तो उत्तर लगभग हमेशा धौलपुर होगा; ‘पार्वती-चंबल संगम’ लिखा हो तो सवाई माधोपुर (पाली)। बाँधों की पूरी सूची के लिए राजस्थान के प्रमुख बाँध व जलाशय देखें।
3. उद्गम एवं प्रवाह मार्ग
(A) उद्गम
पार्वती का उद्गम सीहोर जिले (मध्य प्रदेश) में विंध्याचल श्रेणी की पहाड़ियों से होता है। मालवा पठार की उत्तरमुखी ढाल के कारण यह उत्तर की ओर बहती है — यही विशेषता चंबल, कालीसिंध व शिप्रा में भी है।
(B) राजस्थान में प्रवाह
- प्रवेश: बारां जिले के करियाहट गाँव के पास।
- सीमा: प्रवेश के बाद कुछ दूरी तक यह राजस्थान (बारां) और मध्य प्रदेश के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है।
- बारां जिला: राज्य में इसका मुख्य प्रवाह बारां में है — छबड़ा, अटरू क्षेत्र इसके बेसिन में आते हैं।
- कोटा जिला: आगे उत्तर-पश्चिम की ओर बहते हुए कोटा के पूर्वी भाग से गुजरती है।
- संगम: पाली गाँव (सवाई माधोपुर) के पास यह चंबल में मिलती है। यह स्थान कोटा-सवाई माधोपुर-मध्य प्रदेश की सीमाओं के निकट है।
4. पार्वती की सहायक नदियाँ
पार्वती की सहायक नदियाँ मुख्यतः छोटी मौसमी धाराएँ हैं जो बारां जिले और मध्य प्रदेश से आती हैं। परीक्षा में इनके नाम कम पूछे जाते हैं, परंतु मानचित्र-आधारित प्रश्नों में उपयोगी हैं:
| सहायक नदी | क्षेत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| अंधेरी | बारां | पार्वती की प्रमुख सहायक धारा |
| बिलास | बारां | बिलास नदी पर बिलास बाँध (बारां) — पेयजल/सिंचाई |
| रेतड़ी | बारां | मौसमी धारा |
| ल्हासी | बारां | ल्हासी सिंचाई परियोजना (बारां) |
नोट: कुनो (कूनो) नदी — जिसके नाम पर मध्य प्रदेश का कूनो राष्ट्रीय उद्यान (चीता पुनर्वास, 2022) है — सीधे चंबल में मिलती है, पार्वती में नहीं।
5. पार्वती से जुड़ी परियोजनाएँ
(A) PKC-ERCP / राम जल सेतु लिंक परियोजना
- पूरा नाम: संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (Modified PKC-ERCP)।
- MoU: जनवरी 2024 — राजस्थान, मध्य प्रदेश व केंद्र सरकार (जल शक्ति मंत्रालय)।
- शिलान्यास: दिसंबर 2024, जयपुर।
- उद्देश्य: पार्वती व कालीसिंध के मानसूनी अतिरिक्त जल को चंबल के माध्यम से पूर्वी राजस्थान के जिलों तक पहुँचाना — पेयजल, सिंचाई व उद्योग हेतु।
- राज्य सरकार ने इसे ‘राम जल सेतु लिंक परियोजना’ नाम दिया है।
(B) अन्य परियोजनाएँ
- छबड़ा ताप विद्युत गृह (बारां): पार्वती बेसिन क्षेत्र में स्थित राज्य का बड़ा कोयला-आधारित संयंत्र। देखें राजस्थान के ताप विद्युत केंद्र।
- स्थानीय सिंचाई परियोजनाएँ: बिलास, ल्हासी आदि मध्यम/लघु परियोजनाएँ।
6. भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक महत्व
- कृषि: बारां की काली व कछारी मिट्टी में धान, सोयाबीन, गेहूँ, सरसों, धनिया और लहसुन। (ध्यान दें — ‘धान का कटोरा’ उपनाम पड़ोसी बूंदी जिले के लिए प्रयुक्त होता है।)
- जनजातीय क्षेत्र: शाहबाद-किशनगंज (बारां) — राजस्थान की एकमात्र आदिम जनजाति (PVTG) सहरिया का मुख्य निवास। देखें राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ।
- वन एवं वन्यजीव: शेरगढ़ अभयारण्य (बारां) परवन नदी के तट पर; पार्वती बेसिन के वन क्षेत्र।
- अंतर्राज्यीय महत्व: सीमा-निर्धारक नदी होने से जल-बँटवारे में राजस्थान-म.प्र. समन्वय आवश्यक।
- चंबल को जल: कोटा बैराज के नीचे चंबल के प्रवाह को बढ़ाती है, जिससे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य को लाभ।
7. चंबल की तीन बड़ी सहायक नदियाँ — तुलना
| नदी | उद्गम | प्रवेश/उद्गम (राज.) | चंबल से संगम |
|---|---|---|---|
| बनास | खमनोर पहाड़ियाँ (राजसमंद) | राजस्थान में ही उद्गम | रामेश्वर (सवाई माधोपुर) |
| कालीसिंध | बागली (देवास, म.प्र.) | बिंदा (झालावाड़) | नोनेरा (कोटा) |
| पार्वती | सीहोर (म.प्र.) | करियाहट (बारां) | पाली (सवाई माधोपुर) |
तीनों के विस्तृत अध्ययन: बनास नदी | कालीसिंध नदी | चंबल की सहायक नदियाँ
📝 One-Liner Revision — पार्वती नदी (15 प्रश्न)
- प्रश्न: हाड़ौती की पार्वती नदी किस अपवाह तंत्र की है?
उत्तर: बंगाल की खाड़ी (चंबल–यमुना–गंगा) - प्रश्न: पार्वती नदी का उद्गम किस पर्वत श्रेणी से होता है?
उत्तर: विंध्याचल - प्रश्न: पार्वती राजस्थान के किस जिले में सबसे अधिक दूरी तय करती है?
उत्तर: बारां - प्रश्न: पार्वती बेसिन में राजस्थान की कौन-सी आदिम जनजाति रहती है?
उत्तर: सहरिया (शाहबाद-किशनगंज, बारां) - प्रश्न: सहरिया जनजाति को किस श्रेणी में रखा गया है?
उत्तर: PVTG — विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह - प्रश्न: बिलास नदी किस जिले में है?
उत्तर: बारां - प्रश्न: पार्वती और चंबल के संगम के निकट कौन-सी राज्य सीमा है?
उत्तर: राजस्थान–मध्य प्रदेश - प्रश्न: धौलपुर की पार्वती पर बने बाँध का स्थान?
उत्तर: आंगई - प्रश्न: PKC-ERCP का MoU कब हुआ?
उत्तर: जनवरी 2024 - प्रश्न: PKC-ERCP का शिलान्यास कहाँ हुआ?
उत्तर: जयपुर (दिसंबर 2024) - प्रश्न: राम जल सेतु लिंक परियोजना किसका नया नाम है?
उत्तर: संशोधित PKC-ERCP - प्रश्न: छबड़ा ताप विद्युत गृह किस जिले में है?
उत्तर: बारां - प्रश्न: कूनो राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में है?
उत्तर: मध्य प्रदेश (श्योपुर) - प्रश्न: शेरगढ़ अभयारण्य किस नदी के तट पर है?
उत्तर: परवन (बारां) - प्रश्न: पार्वती व कालीसिंध में से कौन बारां से प्रवेश करती है?
उत्तर: पार्वती
✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में
- उद्गम — सीहोर (मध्य प्रदेश), विंध्याचल पहाड़ियाँ।
- राजस्थान में प्रवेश — करियाहट (बारां)।
- कुछ दूरी तक राजस्थान-म.प्र. सीमा बनाती है।
- संगम — पाली गाँव (सवाई माधोपुर) में चंबल से।
- प्रमुख जिला — बारां; आगे कोटा।
- पार्वती बाँध — आंगई (धौलपुर) दूसरी पार्वती नदी पर है।
- PKC-ERCP का पहला घटक — पार्वती; MoU जनवरी 2024।
- सहायक — अंधेरी, बिलास, रेतड़ी, ल्हासी (छोटी धाराएँ)।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- पार्वती बाँध को बारां में मानना — पार्वती बाँध धौलपुर (आंगई) में दूसरी पार्वती नदी पर है।
- पार्वती का संगम कोटा में बताना — संगम पाली (सवाई माधोपुर) में।
- पार्वती व कालीसिंध के प्रवेश जिले बदलना — पार्वती = बारां, कालीसिंध = झालावाड़।
- कुनो को पार्वती की सहायक मानना — कुनो सीधे चंबल में मिलती है।
- पार्वती का उद्गम राजस्थान में मानना — हाड़ौती की पार्वती मध्य प्रदेश से आती है।
🧠 मेमोरी ट्रिक
“सीहोर से करियाहट, करियाहट से पाली” — उद्गम → प्रवेश → संगम।
“बाँध वाली पार्वती धौलपुर की, चंबल वाली पार्वती बारां की”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
पार्वती नदी पर सबसे अधिक अंक ‘दो पार्वती’ वाले भ्रम में कटते हैं। मैं कक्षा में हमेशा कहता हूँ — पहले प्रश्न का ‘संकेत शब्द’ खोजिए: बाँध/धौलपुर/आंगई दिखे तो पूर्वी पार्वती; चंबल/बारां/करियाहट/सीमा दिखे तो हाड़ौती की पार्वती। Mains में PKC-ERCP पर उत्तर लिखते समय पार्वती-कालीसिंध के अतिरिक्त जल, पूर्वी राजस्थान की जल-कमी और अंतर्राज्यीय सहमति — तीनों बिंदु लिखें।
📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)
- चंबल नदी
- कालीसिंध नदी
- चंबल नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ
- चंबल घाटी परियोजना
- राजस्थान के प्रमुख बाँध व जलाशय
- राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय व अंतर्राज्यीय सीमा
- राजस्थान की नदियाँ — Map Based Questions
📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- केंद्रीय जल आयोग (CWC) — Chambal Basin Report।
- जल संसाधन विभाग, राजस्थान — PKC-ERCP व बारां जिले की परियोजनाएँ।
- डॉ. हरिमोहन सक्सेना — ‘राजस्थान का भूगोल’।
- जल शक्ति मंत्रालय — Modified PKC-ERCP MoU (जनवरी 2024)।

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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. पार्वती नदी राजस्थान में किस स्थान से प्रवेश करती है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. पार्वती-चंबल संगम किस जिले में है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. पार्वती बाँध किस जिले में स्थित है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. कौन-सी नदी राजस्थान व मध्य प्रदेश के बीच कुछ दूरी तक सीमा बनाती है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q5. PKC-ERCP में ‘P’ किस नदी को दर्शाता है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
हाड़ौती की पार्वती नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में विंध्याचल की पहाड़ियों से होता है।
पार्वती नदी बारां जिले के करियाहट गाँव के पास राजस्थान में प्रवेश करती है।
पार्वती नदी सवाई माधोपुर जिले के पाली गाँव के पास चंबल नदी में मिलती है।
पार्वती बाँध धौलपुर जिले के आंगई में है। यह धौलपुर की पार्वती नदी पर बना है, जो हाड़ौती की पार्वती से अलग नदी है।
PKC-ERCP (पार्वती-कालीसिंध-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) में पार्वती के मानसूनी अतिरिक्त जल को पूर्वी राजस्थान तक पहुँचाने की योजना है।
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