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राजस्थान भूगोल

राजस्थान के प्रमुख ताप विद्युत केंद्र: स्थान एवं क्षमता

महेंद्र सरमहेंद्र सर (भूगोल विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
9 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान भूगोल इकाई। आधिकारिक सिलेबस से विषय-सूची; पुस्तक का शब्दशः पाठ नहीं।

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राजस्थान के प्रमुख ताप विद्युत केंद्र: स्थान एवं क्षमता

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⚡ Quick Answer: राजस्थान के प्रमुख ताप विद्युत केंद्र — कोयला आधारित: सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर — राज्य का सबसे बड़ा, 6×250 MW + 2×660 MW सुपरक्रिटिकल), छबड़ा (बारां — 4×250 MW + 2×660 MW सुपरक्रिटिकल), कोटा सुपर थर्मल (कोटा — राज्य का प्रथम बड़ा ताप गृह, 1983), कालीसिंध (झालावाड़ — 2×600 MW), कवाई (बारां — अडानी, 2×660 MW); लिग्नाइट आधारित: गिरल (बाड़मेर — राज्य का प्रथम लिग्नाइट संयंत्र), बरसिंगसर (बीकानेर — NLC), जालीपा-कपूरड़ी/भादरेश (बाड़मेर — JSW राजवेस्ट, 8×135 MW); गैस आधारित: अंता (बारां — NTPC), रामगढ़ (जैसलमेर), धौलपुर (धौलपुर)। राज्य के ताप गृहों का संचालन मुख्यतः RVUNL करता है।

1. ताप विद्युत — परिचय

ताप विद्युत (Thermal Power) में कोयला, लिग्नाइट, प्राकृतिक गैस या तेल को जलाकर उत्पन्न ऊष्मा से जल को भाप में बदला जाता है और भाप से टरबाइन चलाकर बिजली बनाई जाती है। सौर-पवन ऊर्जा में तेज़ वृद्धि के बावजूद, रात्रि व मानसूनी बादलों के समय ‘बेस लोड’ की पूर्ति के लिए राजस्थान अभी भी ताप विद्युत पर काफ़ी निर्भर है।

राजस्थान में उच्च गुणवत्ता का कोयला नहीं है (केवल लिग्नाइट है), इसलिए राज्य के बड़े कोयला-आधारित संयंत्र छत्तीसगढ़ (परसा-केंते कोल ब्लॉक) व अन्य राज्यों से रेल द्वारा आए कोयले पर निर्भर हैं। समग्र ऊर्जा परिदृश्य के लिए राजस्थान की ऊर्जा परियोजनाएँ पढ़ें; यह नोट केवल ताप विद्युत केंद्रों के स्थान, क्षमता और विशेषताओं पर केंद्रित है।

2. कोयला आधारित ताप विद्युत केंद्र

केंद्रजिलास्थापित क्षमता (लगभग)विशेष तथ्य
सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशनश्रीगंगानगर6×250 MW + 2×660 MW (सुपरक्रिटिकल) ≈ 2820 MWराज्य का सबसे बड़ा ताप विद्युत गृह; ‘राजस्थान का थर्मल पावर हब’; कोयला रेल द्वारा
छबड़ा ताप विद्युत परियोजनाबारां4×250 MW + 2×660 MW (सुपरक्रिटिकल) ≈ 2320 MWपार्वती बेसिन क्षेत्र; बड़ी सुपरक्रिटिकल इकाइयाँ
कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशनकोटालगभग 1240 MW (7 इकाइयाँ; पुरानी इकाइयाँ चरणबद्ध सेवानिवृत्त)राज्य का प्रथम बड़ा ताप गृह — पहली इकाई 1983; चंबल नदी से जल
कालीसिंध ताप विद्युत परियोजनाझालावाड़2×600 MW = 1200 MWकालीसिंध नदी के बाँध से जल
कवाई ताप विद्युत परियोजनाबारां2×660 MW = 1320 MWनिजी क्षेत्र — अडानी पावर; सुपरक्रिटिकल

सुपरक्रिटिकल तकनीक: इसमें भाप अत्यधिक दाब व तापमान पर बनती है, जिससे दक्षता अधिक, कोयला-खपत व कार्बन उत्सर्जन प्रति यूनिट कम होता है। सूरतगढ़, छबड़ा व कवाई की 660 MW इकाइयाँ इसी तकनीक पर आधारित हैं।

3. लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत केंद्र

राजस्थान में लिग्नाइट (भूरा कोयला) के बड़े भंडार बाड़मेर, बीकानेर व नागौर में हैं। लिग्नाइट में नमी अधिक व ऊष्मा-मान कम होता है, इसलिए इसका परिवहन लाभदायक नहीं — संयंत्र खदानों के पास ही लगाए जाते हैं (पिट-हेड संयंत्र)।

केंद्रजिलाक्षमता (लगभग)विशेष तथ्य
गिरल लिग्नाइट ताप विद्युत गृहबाड़मेर2×125 MW = 250 MWराजस्थान का प्रथम लिग्नाइट आधारित संयंत्र (RVUNL); तकनीकी समस्याओं से उत्पादन बाधित रहा
राजवेस्ट (जालीपा-कपूरड़ी) — भादरेशबाड़मेर8×135 MW = 1080 MWनिजी क्षेत्र — JSW एनर्जी; जालीपा व कपूरड़ी लिग्नाइट खदानें; देश के बड़े लिग्नाइट संयंत्रों में
बरसिंगसर लिग्नाइट ताप विद्युत गृहबीकानेर2×125 MW = 250 MWकेंद्र का उपक्रम — NLC इंडिया लिमिटेड (पूर्व नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन)

लिग्नाइट खदानों (पलाना, बरसिंगसर, गिरल, कपूरड़ी, जालीपा, कसनाऊ) के मानचित्र प्रश्नों के लिए राजस्थान के प्रमुख खनिज — Map Based Questions देखें।

4. गैस आधारित ताप विद्युत केंद्र

केंद्रजिलाक्षमता (लगभग)विशेष तथ्य
अंता गैस विद्युत परियोजनाबारांलगभग 419 MW (संयुक्त चक्र)NTPC द्वारा; HBJ गैस पाइपलाइन से गैस; राज्य का प्रथम गैस-आधारित बड़ा संयंत्र
रामगढ़ गैस ताप विद्युत गृहजैसलमेरलगभग 270 MW (चरणबद्ध विस्तार)RVUNL; जैसलमेर बेसिन (मनिहारी टिब्बा आदि) की स्थानीय गैस
धौलपुर संयुक्त चक्र विद्युत गृहधौलपुर330 MWRVUNL; गैस (पूर्व में नेफ्था) आधारित

संयुक्त चक्र (Combined Cycle): गैस टरबाइन से बिजली बनाने के बाद निकली गर्म गैस से भाप बनाकर दूसरी (स्टीम) टरबाइन चलाई जाती है — दक्षता अधिक।

5. ताप विद्युत से जुड़ी संस्थाएँ

संस्थाभूमिका
RVUNL — राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि. (2000)राज्य के ताप व जल विद्युत गृहों का संचालन (सूरतगढ़, छबड़ा, कोटा, कालीसिंध, गिरल, रामगढ़, धौलपुर)
RVPNL — राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगमट्रांसमिशन
जयपुर, अजमेर, जोधपुर डिस्कॉमवितरण
NTPCअंता गैस संयंत्र (केंद्र)
NLC इंडियाबरसिंगसर लिग्नाइट संयंत्र (केंद्र)
RRVUNL कोल ब्लॉक — परसा पूर्व-कांता बसन (छत्तीसगढ़)राज्य के संयंत्रों के लिए कैप्टिव कोयला

राजस्थान राज्य विद्युत मंडल (RSEB) को वर्ष 2000 में विघटित कर उत्पादन, प्रसारण व वितरण के लिए अलग-अलग कंपनियाँ बनाई गईं।

6. मानचित्र पर ताप विद्युत केंद्र — तीन पट्टियाँ

  1. उत्तर-पश्चिम: सूरतगढ़ (कोयला), बरसिंगसर (लिग्नाइट)।
  2. पश्चिम: गिरल, राजवेस्ट-भादरेश (लिग्नाइट — बाड़मेर), रामगढ़ (गैस — जैसलमेर)।
  3. दक्षिण-पूर्व (हाड़ौती): कोटा, छबड़ा, कवाई, कालीसिंध (कोयला), अंता (गैस) — चंबल तंत्र का जल व रेल-संपर्क।
  4. पूर्व: धौलपुर (गैस)।

तर्क: कोयला संयंत्रों को बड़ी मात्रा में जल (शीतलन) और रेल-संपर्क (कोयला) चाहिए — इसलिए हाड़ौती (चंबल-कालीसिंध-पार्वती का जल) और सूरतगढ़ (IGNP का जल) चुने गए; लिग्नाइट संयंत्र खदानों के पास।

7. पर्यावरणीय चुनौतियाँ व भविष्य

  • फ्लाई ऐश: राख का निस्तारण — सीमेंट व ईंट उद्योग में उपयोग को प्रोत्साहन।
  • वायु प्रदूषण: SO₂, NOx — फ्लू गैस डी-सल्फराइज़ेशन (FGD) की आवश्यकता।
  • जल-खपत: जल-संकटग्रस्त राज्य में बड़ी चुनौती।
  • कोयला-आपूर्ति: दूरस्थ खदानों पर निर्भरता; कोयला संकट के समय बिजली कटौती।
  • भविष्य: पुरानी अक्षम इकाइयों की सेवानिवृत्ति, सुपरक्रिटिकल इकाइयाँ और नवीकरणीय ऊर्जा व भंडारण के साथ संतुलन। देखें राजस्थान की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ।

📝 One-Liner Revision — ताप विद्युत (18 प्रश्न)

  1. प्रश्न: राजस्थान का सबसे बड़ा ताप विद्युत गृह?
    उत्तर: सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर)
  2. प्रश्न: राजस्थान का प्रथम बड़ा ताप विद्युत गृह?
    उत्तर: कोटा सुपर थर्मल (पहली इकाई 1983)
  3. प्रश्न: छबड़ा ताप विद्युत परियोजना किस जिले में?
    उत्तर: बारां
  4. प्रश्न: कालीसिंध ताप विद्युत परियोजना किस जिले में?
    उत्तर: झालावाड़
  5. प्रश्न: कवाई ताप विद्युत परियोजना किस कंपनी की?
    उत्तर: अडानी पावर
  6. प्रश्न: राज्य का प्रथम लिग्नाइट आधारित संयंत्र?
    उत्तर: गिरल (बाड़मेर)
  7. प्रश्न: राजवेस्ट लिग्नाइट संयंत्र किस कंपनी का?
    उत्तर: JSW एनर्जी
  8. प्रश्न: राजवेस्ट की क्षमता?
    उत्तर: 8×135 MW = 1080 MW
  9. प्रश्न: बरसिंगसर संयंत्र किस उपक्रम का?
    उत्तर: NLC इंडिया
  10. प्रश्न: अंता गैस संयंत्र किस जिले में?
    उत्तर: बारां
  11. प्रश्न: अंता गैस संयंत्र किसका?
    उत्तर: NTPC
  12. प्रश्न: रामगढ़ गैस संयंत्र किस जिले में?
    उत्तर: जैसलमेर
  13. प्रश्न: धौलपुर संयुक्त चक्र संयंत्र की क्षमता?
    उत्तर: 330 MW
  14. प्रश्न: RVUNL की स्थापना?
    उत्तर: 2000
  15. प्रश्न: लिग्नाइट संयंत्र खदान के पास क्यों?
    उत्तर: नमी अधिक, ऊष्मा-मान कम — परिवहन अलाभकारी
  16. प्रश्न: सुपरक्रिटिकल इकाई की सामान्य क्षमता (राजस्थान)?
    उत्तर: 660 MW
  17. प्रश्न: राजस्थान का कैप्टिव कोल ब्लॉक किस राज्य में?
    उत्तर: छत्तीसगढ़ (परसा पूर्व-कांता बसन)
  18. प्रश्न: कोटा थर्मल को जल किस नदी से?
    उत्तर: चंबल

ताप विद्युत गृह कैसे काम करता है? — सरल प्रवाह

  1. ईंधन: कोयला/लिग्नाइट को पीसकर (पल्वराइज़्ड) बॉयलर में जलाया जाता है।
  2. भाप निर्माण: बॉयलर में जल उच्च दाब की भाप में बदलता है।
  3. टरबाइन: भाप टरबाइन को घुमाती है; टरबाइन से जुड़ा जनरेटर बिजली बनाता है।
  4. संघनन: कंडेंसर में भाप को ठंडा कर पुनः जल बनाया जाता है — इसके लिए कूलिंग टावर व बड़ी मात्रा में जल।
  5. उत्सर्जन नियंत्रण: इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) से राख कण पकड़े जाते हैं; FGD से SO₂ कम।
  6. प्रसारण: स्टेप-अप ट्रांसफ़ॉर्मर से उच्च वोल्टेज पर ग्रिड में भेजा जाता है।

परीक्षा संकेत: ‘ताप विद्युत गृह के लिए आवश्यक तीन संसाधन’ — ईंधन, जल और परिवहन (रेल)। राजस्थान के ताप गृहों की स्थिति इन्हीं तीन कारकों से तय हुई है।

✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में

  • सबसे बड़ा — सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर); प्रथम बड़ा — कोटा (1983)।
  • कोयला: सूरतगढ़, छबड़ा (बारां), कोटा, कालीसिंध (झालावाड़), कवाई (बारां — अडानी)।
  • लिग्नाइट: गिरल (प्रथम), राजवेस्ट-भादरेश (JSW), बरसिंगसर (NLC)।
  • गैस: अंता (NTPC, बारां), रामगढ़ (जैसलमेर), धौलपुर।
  • सुपरक्रिटिकल 660 MW इकाइयाँ — सूरतगढ़, छबड़ा, कवाई।
  • संचालन — RVUNL (2000)।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  1. छबड़ा व कवाई को कोटा में रखना — दोनों बारां में।
  2. बरसिंगसर को RVUNL का मानना — यह NLC इंडिया का है।
  3. अंता को जैसलमेर का गैस संयंत्र मानना — अंता बारां (NTPC); जैसलमेर में रामगढ़।
  4. गिरल को बीकानेर में रखना — गिरल बाड़मेर; बरसिंगसर बीकानेर।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“बारां में तीन — छबड़ा, कवाई, अंता”।

लिग्नाइट: “गिरल-राजवेस्ट बाड़मेर, बरसिंगसर बीकानेर”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

ताप विद्युत केंद्रों के प्रश्न लगभग हमेशा ‘केंद्र-जिला’ या ‘केंद्र-ईंधन’ सुमेलन पर होते हैं। सबसे उपयोगी ट्रिक है — बारां जिले के तीन संयंत्र (छबड़ा, कवाई, अंता) एक साथ याद करें और लिग्नाइट संयंत्रों को खदानों के जिलों से जोड़ें। Mains में ‘राजस्थान का ऊर्जा संक्रमण’ लिखते समय ताप विद्युत की बेस-लोड भूमिका और सौर ऊर्जा की अनिरंतरता — दोनों का संतुलन दिखाएँ।

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) — विद्युत गृहों की स्थापित क्षमता।
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) — Installed Capacity Reports।
  • NTPC, NLC इंडिया, JSW एनर्जी व अडानी पावर — संयंत्र विवरण।
  • आर्थिक समीक्षा, राजस्थान सरकार — ऊर्जा अध्याय।

Author Byline

लेखक: महेंद्र ढाका (भूगोल विशेषज्ञ), सुयोग अकादमी

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुयोग अकादमी संपादकीय टीम (सुधीर ढाका – BSc-BEd)

विषय: राजस्थान के प्रमुख ताप विद्युत केंद्र: स्थान एवं क्षमता

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC प्राध्यापक/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET (स्नातक/12वीं), पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: स्थापित क्षमता में इकाइयों के जुड़ने/सेवानिवृत्त होने से परिवर्तन होता रहता है; यहाँ लगभग क्षमता दी गई है। परीक्षा में विकल्पों में निकटतम आँकड़ा चुनें।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026 — जिलों के नाम दिसंबर 2024 के पुनर्गठन (41 जिले) के अनुसार।

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
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महेंद्र सरभूगोल विशेषज्ञलेखक परिचय
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. राजस्थान का सबसे बड़ा ताप विद्युत गृह है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. अंता गैस विद्युत परियोजना किस जिले में है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. बरसिंगसर लिग्नाइट विद्युत गृह किस संस्था का है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. राजस्थान का प्रथम लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत गृह है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. कालीसिंध ताप विद्युत परियोजना किस जिले में है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

श्रीगंगानगर का सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन राजस्थान का सबसे बड़ा ताप विद्युत गृह है।

बाड़मेर का गिरल लिग्नाइट ताप विद्युत गृह राजस्थान का प्रथम लिग्नाइट आधारित संयंत्र है।

बारां में छबड़ा ताप विद्युत परियोजना, कवाई (अडानी) ताप विद्युत परियोजना और NTPC का अंता गैस संयंत्र हैं।

JSW एनर्जी का राजवेस्ट (1080 MW) लिग्नाइट संयंत्र बाड़मेर के भादरेश में जालीपा-कपूरड़ी खदानों के पास है।

RVUNL (राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि.) वर्ष 2000 में गठित राज्य की विद्युत उत्पादन कंपनी है।

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