राजस्थान के प्रमुख बाँध एवं जलाशय

राजस्थान के प्रमुख बाँध एवं जलाशय राजस्थान की भौतिक एवं आर्थिक भूगोल का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। राज्य की जलवायु मुख्यतः शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क होने के कारण जल संसाधनों का संरक्षण, संचयन और सिंचाई व्यवस्था राजस्थान के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। इसी कारण राजस्थान के बाँध, जलाशय, बैराज, सिंचाई परियोजनाएँ और नदी घाटी परियोजनाएँ RAS, RPSC, RSSB, CET, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, शिक्षक भर्ती तथा अन्य राजस्थान-आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
राजस्थान के प्रमुख बाँधों को केवल नाम और जिले के आधार पर याद करना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा की दृष्टि से यह जानना अधिक उपयोगी है कि—
बाँध किस नदी पर स्थित है?
किस जिले में स्थित है?
किस नदी घाटी/बेसिन से संबंधित है?
उसका प्रमुख उद्देश्य क्या है?
वह किस नदी घाटी परियोजना का भाग है?
उससे कौन-सा शहर/क्षेत्र लाभान्वित होता है?
कौन-से बाँध जलविद्युत उत्पादन से जुड़े हैं?
कौन-से बाँध पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं?
कौन-से जलाशय पर्यटन एवं जैव-विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं?
केंद्रीय जल आयोग की हालिया संकलित सूची में राजस्थान के अनेक महत्वपूर्ण जलाशयों में बीसलपुर, चापी, गंभीर, गुढ़ा, जयसमंद, जाखम, जवाहर सागर, जवाई, कोटा बैराज, माही बजाज सागर, पचाना, पार्वती, राजसमंद, रामसागर, राणा प्रताप सागर, सोम-कमला-अम्बा, सुकली सेलवाड़ा, उर्मिला सागर और पश्चिमी बनास आदि शामिल हैं।
Quick Answer Box
राजस्थान के प्रमुख बाँध – एक नजर में
| बाँध/जलाशय | नदी | प्रमुख जिला/क्षेत्र | प्रमुख उपयोग |
|---|---|---|---|
| राणा प्रताप सागर बाँध | चम्बल | चित्तौड़गढ़/रावतभाटा क्षेत्र | जलविद्युत, सिंचाई |
| जवाहर सागर बाँध | चम्बल | कोटा क्षेत्र | जलविद्युत, सिंचाई |
| कोटा बैराज | चम्बल | कोटा | सिंचाई हेतु जल का वितरण |
| माही बजाज सागर | माही | बाँसवाड़ा | सिंचाई, जलविद्युत |
| बीसलपुर बाँध | बनास | टोंक | पेयजल, सिंचाई |
| जवाई बाँध | जवाई | पाली | सिंचाई, पेयजल, जल संचयन |
| जाखम बाँध | जाखम | प्रतापगढ़ | सिंचाई |
| सोम-कमला-अम्बा | सोम-गोमती | डूँगरपुर क्षेत्र | सिंचाई |
| जयसमंद | गोमती | उदयपुर/सलूम्बर क्षेत्र | जल संचयन, सिंचाई |
| राजसमंद | गोमती-बनास तंत्र | राजसमंद | जल संचयन, सिंचाई |
| मेजा बाँध | कोठारी | भीलवाड़ा | सिंचाई/जलापूर्ति |
| गुढ़ा बाँध | मेज | बूंदी | सिंचाई |
| पार्वती बाँध | पार्वती | धौलपुर क्षेत्र | सिंचाई |
| पचाना बाँध | पचाना | करौली | सिंचाई |
| गंभीर बाँध | गंभीर | चित्तौड़गढ़ | सिंचाई |
| चापी बाँध | चापी | झालावाड़ क्षेत्र | सिंचाई |
| कालीसिंध बाँध | कालीसिंध | झालावाड़ | सिंचाई एवं जल प्रबंधन |
केंद्रीय जल आयोग के दस्तावेजों में राजस्थान के प्रमुख जलाशयों की सूची और उनके नदी-बेसिन संबंध दर्ज हैं।
1. परीक्षा में राजस्थान के बाँध एवं जलाशय का महत्वराजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन वर्षा का वितरण अत्यंत असमान है। पश्चिमी राजस्थान में वर्षा कम तथा अनिश्चित है, जबकि दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होती है।
इसी भौगोलिक परिस्थिति के कारण बाँधों का महत्व कई स्तरों पर बढ़ जाता है—
सिंचाई
पेयजल आपूर्ति
जलविद्युत उत्पादन
बाढ़ नियंत्रण
औद्योगिक जल आपूर्ति
मत्स्य पालन
पर्यटन
भूजल पुनर्भरण
कृषि उत्पादन में वृद्धि
सूखा प्रबंधन
राजस्थान सरकार ने भी हाल के वर्षों में जल संरक्षण और जल संचयन को प्राथमिकता दी है। दिसंबर 2025 के राज्य सरकार के एक आधिकारिक विवरण के अनुसार, ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के तहत हजारों जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण कार्य किए गए तथा आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया।
इससे स्पष्ट है कि राजस्थान में जल संसाधन केवल पारंपरिक भूगोल का विषय नहीं है, बल्कि वर्तमान विकास नीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
2. राजस्थान में बाँधों का भौगोलिक वितरणराजस्थान के बाँधों को मोटे तौर पर निम्न नदी घाटियों के आधार पर समझा जा सकता है—
प्रमुख नदी घाटियाँ
चम्बल नदी घाटी
बनास नदी घाटी
माही नदी घाटी
लूनी नदी घाटी
साबरमती नदी तंत्र
पश्चिमी बनास नदी तंत्र
पार्वती नदी तंत्र
कालीसिंध नदी तंत्र
सोम-गोमती नदी तंत्र
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में चम्बल तथा उसकी सहायक नदियों के कारण बड़े जलाशय एवं सिंचाई परियोजनाएँ विकसित हुई हैं।
दक्षिणी राजस्थान में माही, सोम और गोमती जैसी नदियों पर जलाशयों का विशेष महत्व है।
पूर्वी राजस्थान में बनास, गंभीर, पार्वती आदि नदी तंत्र से जुड़े जलाशय महत्वपूर्ण हैं।
3. चम्बल नदी घाटी के प्रमुख बाँधचम्बल राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण बारहमासी नदियों में से एक है। यह मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान में प्रवेश करती है और आगे उत्तर प्रदेश की ओर जाती है।
चम्बल नदी पर विकसित परियोजनाओं ने राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग की कृषि, बिजली उत्पादन और औद्योगिक विकास को प्रभावित किया है।
चम्बल घाटी परियोजना में मुख्य रूप से—
गांधी सागर
राणा प्रताप सागर
जवाहर सागर
कोटा बैराज
महत्वपूर्ण हैं।
इनमें गांधी सागर मध्य प्रदेश में है, जबकि राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज राजस्थान से संबंधित प्रमुख संरचनाएँ हैं।
3.1 राणा प्रताप सागर बाँध
राणा प्रताप सागर बाँध चम्बल नदी पर स्थित राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण बाँधों में से एक है।
प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | राणा प्रताप सागर बाँध |
| नदी | चम्बल |
| क्षेत्र | रावतभाटा/चित्तौड़गढ़ क्षेत्र |
| परियोजना | चम्बल घाटी परियोजना |
| प्रमुख उपयोग | जलविद्युत एवं सिंचाई |
| संबंधित क्षेत्र | दक्षिण-पूर्वी राजस्थान |
राणा प्रताप सागर चम्बल घाटी परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे जलविद्युत उत्पादन के साथ-साथ नदी के जल के नियोजित उपयोग में सहायता मिलती है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्टों में राणा प्रताप सागर को राजस्थान के महत्वपूर्ण जलाशयों में शामिल किया गया है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है?
प्रश्न: राणा प्रताप सागर बाँध किस नदी पर स्थित है?
उत्तर: चम्बल नदी।
ट्रिक:
राणा – जवाहर – कोटा = चम्बल
जवाहर सागर बाँध चम्बल नदी पर स्थित है और चम्बल घाटी परियोजना का महत्वपूर्ण भाग है।
यह मुख्यतः—
जलविद्युत उत्पादन
सिंचाई
जल प्रबंधन
से जुड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग के संकलित दस्तावेजों में जवाहर सागर को राजस्थान के महत्वपूर्ण जलाशयों में सूचीबद्ध किया गया है।
परीक्षा तथ्य
जवाहर सागर → चम्बल → चम्बल घाटी परियोजना
5. कोटा बैराजकोटा बैराज को सामान्यतः बाँधों की सूची में शामिल कर लिया जाता है, लेकिन परीक्षा में इसका एक महत्वपूर्ण अंतर याद रखना चाहिए—
कोटा बैराज का मुख्य उद्देश्य चम्बल नदी के जल को नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए वितरित करना है।
यह चम्बल घाटी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | कोटा बैराज |
| नदी | चम्बल |
| स्थान | कोटा |
| प्रमुख उद्देश्य | सिंचाई |
| संरचना | बैराज |
| परियोजना | चम्बल घाटी परियोजना |
केंद्रीय जल आयोग के दस्तावेज में कोटा बैराज को चम्बल नदी से संबंधित राजस्थान की महत्वपूर्ण संरचना के रूप में दर्ज किया गया है।
Exam Trap
कोटा बैराज = मुख्यतः जल को रोकने से अधिक सिंचाई हेतु नियंत्रित वितरण की संरचना।
इसलिए प्रश्न में यदि पूछा जाए—
चम्बल घाटी परियोजना का कौन-सा घटक मुख्य रूप से नहरों द्वारा सिंचाई के लिए जल वितरित करता है?
तो उत्तर कोटा बैराज होगा।
6. चम्बल घाटी परियोजना – परीक्षा के लिए महत्वपूर्णचम्बल घाटी परियोजना को राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय नदी घाटी विकास कार्यक्रमों में गिना जाता है।
इसके प्रमुख घटक—
गांधी सागर बाँध
राणा प्रताप सागर बाँध
जवाहर सागर बाँध
कोटा बैराज
याद रखने की ट्रिक
"गांधी → राणा → जवाहर → कोटा"
यह क्रम चम्बल नदी की दिशा और परियोजना के प्रमुख घटकों को याद करने में मदद करता है।
7. माही बजाज सागर बाँधदक्षिणी राजस्थान में माही बजाज सागर बाँध अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह माही नदी पर स्थित है और बाँसवाड़ा क्षेत्र से संबंधित है।
प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | माही बजाज सागर |
| नदी | माही |
| जिला/क्षेत्र | बाँसवाड़ा |
| प्रमुख उद्देश्य | सिंचाई, जलविद्युत |
| नदी घाटी | माही बेसिन |
| क्षेत्र | दक्षिणी राजस्थान |
केंद्रीय जल आयोग की 2026 की जलाशय रिपोर्ट में माही बजाज सागर राजस्थान के महत्वपूर्ण जलाशयों में दर्ज है।
माही बजाज सागर क्यों महत्वपूर्ण है?
दक्षिणी राजस्थान में माही नदी का जल कृषि और ऊर्जा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। माही बजाज सागर परियोजना ने बाँसवाड़ा क्षेत्र के जल संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Exam Fact
माही बजाज सागर → माही नदी → बाँसवाड़ा
यह तीन-स्तरीय तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।
8. बीसलपुर बाँधबीसलपुर बाँध राजस्थान के सबसे अधिक परीक्षा-उपयोगी बाँधों में से एक है।
यह बनास नदी पर स्थित है और टोंक जिले से संबंधित है।
प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | बीसलपुर बाँध |
| नदी | बनास |
| जिला | टोंक |
| प्रमुख उपयोग | पेयजल एवं सिंचाई |
| पूर्णता | 1990 के दशक के अंत में |
| नदी बेसिन | बनास/गंगा बेसिन |
केंद्रीय जल आयोग के संकलन में बीसलपुर को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में सूचीबद्ध किया गया है तथा इसका नदी संबंध बनास से दर्ज है।
बीसलपुर का विशेष महत्व
बीसलपुर जलाशय राजस्थान की शहरी जलापूर्ति व्यवस्था के लिए विशेष महत्व रखता है। जयपुर सहित कई क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में बीसलपुर जल की भूमिका परीक्षा में अक्सर पूछी जाती है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न
बीसलपुर बाँध किस नदी पर है?
→ बनास नदी
बीसलपुर बाँध किस जिले में है?
→ टोंक
Exam Trap
बीसलपुर को चम्बल नदी से जोड़ना गलत है।
बीसलपुर = बनास
9. जवाई बाँधजवाई बाँध पश्चिमी राजस्थान के महत्वपूर्ण बाँधों में से एक है।
यह जवाई नदी पर स्थित है और पाली क्षेत्र से संबंधित है।
प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | जवाई बाँध |
| नदी | जवाई |
| जिला | पाली |
| प्रमुख उद्देश्य | सिंचाई, जल संचयन, जलापूर्ति |
| क्षेत्र | पश्चिमी राजस्थान |
केंद्रीय जल आयोग के लाइव स्टोरेज डेटा में जवाई राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में दर्ज है।
जवाई बाँध का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पश्चिमी राजस्थान में जल संसाधन सीमित और वर्षा अनिश्चित है।
यह क्षेत्र कृषि तथा पेयजल दोनों के लिए जल संचयन पर निर्भर करता है।
जवाई और लूनी तंत्र
जवाई नदी को सामान्यतः लूनी नदी की सहायक नदी के रूप में पढ़ा जाता है। इसलिए परीक्षा में इसे पश्चिमी राजस्थान के नदी तंत्र से जोड़ना उपयोगी है।
10. जाखम बाँधजाखम बाँध दक्षिणी राजस्थान में स्थित महत्वपूर्ण बाँध है।
यह जाखम नदी पर बनाया गया है और प्रतापगढ़ क्षेत्र से संबंधित है।
प्रमुख तथ्य
नदी – जाखम
क्षेत्र – प्रतापगढ़
उद्देश्य – सिंचाई
नदी बेसिन – माही तंत्र से संबंधित
केंद्रीय जल आयोग के जलाशय संकलन में जाखम को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में शामिल किया गया है।
परीक्षा ट्रिक
जाखम → प्रतापगढ़
11. सोम-कमला-अम्बा बाँधदक्षिणी राजस्थान में सोम-कमला-अम्बा परियोजना का विशेष महत्व है।
यह सोम एवं गोमती नदी तंत्र से संबंधित है और डूँगरपुर क्षेत्र से जुड़ी है।
केंद्रीय जल आयोग के दस्तावेज में सोम-कमला-अम्बा को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में शामिल किया गया है।
प्रमुख तथ्य
सोम-कमला-अम्बा → सोम एवं गोमती → दक्षिणी राजस्थान
यह परियोजना मुख्यतः सिंचाई एवं जल संसाधन विकास से संबंधित है।
12. जयसमंद जलाशयजयसमंद झील राजस्थान के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जलाशयों में से एक है।
इसे देबर झील के नाम से भी जाना जाता है।
यह उदयपुर क्षेत्र में स्थित है और गोमती नदी से संबंधित है।
केंद्रीय जल आयोग के प्रमुख जलाशय डेटा में जयसमंद को राजस्थान के जलाशयों में दर्ज किया गया है।
ऐतिहासिक महत्व
जयसमंद का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा जयसिंह के समय हुआ था। यह राजस्थान की ऐतिहासिक जल प्रबंधन परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
परीक्षा में पूछा जा सकता है
जयसमंद का दूसरा नाम क्या है? → देबर
जयसमंद किस क्षेत्र में है? → उदयपुर क्षेत्र
जयसमंद किस नदी से संबंधित है? → गोमती
राजसमंद झील राजस्थान के प्रमुख ऐतिहासिक जलाशयों में से एक है।
इसका निर्माण मेवाड़ क्षेत्र में जल संचयन और सिंचाई की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया था।
केंद्रीय जल आयोग के डेटा में राजसमंद को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में शामिल किया गया है।
प्रमुख तथ्य
क्षेत्र – राजसमंद
नदी तंत्र – गोमती-बनास
ऐतिहासिक महत्व – मेवाड़
उपयोग – जल संचयन एवं सिंचाई
Exam Trap
जयसमंद और राजसमंद को एक न समझें।
| जयसमंद | राजसमंद |
|---|---|
| उदयपुर क्षेत्र | राजसमंद क्षेत्र |
| देबर नाम से प्रसिद्ध | राजसमंद नाम से प्रसिद्ध |
| गोमती से संबंधित | गोमती-बनास तंत्र से संबंधित |
मेजा बाँध भीलवाड़ा जिले का महत्वपूर्ण जलाशय है।
यह कोठारी नदी पर स्थित है।
केंद्रीय जल आयोग के लाइव स्टोरेज डेटा में मेजा को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में दर्ज किया गया है।
याद रखें
मेजा → कोठारी → भीलवाड़ा
यह एक अत्यंत उपयोगी परीक्षा संयोजन है।
15. गुढ़ा बाँधगुढ़ा बाँध बूंदी क्षेत्र का महत्वपूर्ण जलाशय है।
यह मेज नदी से संबंधित है।
केंद्रीय जल आयोग की सूची में गुढ़ा को राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में शामिल किया गया है और इसे मेज नदी तंत्र से जोड़ा गया है।
परीक्षा तथ्य
गुढ़ा → मेज → बूंदी
16. पार्वती बाँधपार्वती बाँध राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी/पूर्वी भाग में स्थित महत्वपूर्ण जलाशय है।
यह पार्वती नदी से संबंधित है।
केंद्रीय जल आयोग के दस्तावेजों में पार्वती बाँध राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में सूचीबद्ध है।
Exam Point
पार्वती नदी को चम्बल नदी तंत्र से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
17. पचाना बाँधपचाना बाँध करौली जिले से संबंधित महत्वपूर्ण जलाशय है।
केंद्रीय जल आयोग के संकलन में पचाना बाँध को राजस्थान के जलाशयों में सूचीबद्ध किया गया है।
परीक्षा में
पचाना → करौली
18. गंभीर बाँधगंभीर बाँध राजस्थान के प्रमुख जलाशयों में से एक है।
यह गंभीर नदी तंत्र से संबंधित है और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र से जुड़ा है।
केंद्रीय जल आयोग के प्रमुख जलाशय संकलन में गंभीर बाँध को राजस्थान की सूची में रखा गया है।
19. कालीसिंध बाँधकालीसिंध नदी राजस्थान की महत्वपूर्ण दक्षिण-पूर्वी नदियों में से है।
कालीसिंध नदी पर जल संसाधन विकास के लिए बाँध एवं परियोजनाएँ विकसित की गई हैं।
केंद्रीय जल आयोग के दस्तावेज में कालीसिंध बाँध को राजस्थान के प्रमुख बाँधों में सूचीबद्ध किया गया है और इसे कालीसिंध नदी से जोड़ा गया है।
20. पश्चिमी बनास एवं साबरमती तंत्र के जल संसाधनदक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में पश्चिमी बनास तथा साबरमती नदी तंत्र से संबंधित जल संरचनाएँ भी महत्वपूर्ण हैं।
इस क्षेत्र में जल की उपलब्धता, सिंचाई और पेयजल व्यवस्था के लिए छोटे, मध्यम और बड़े जलाशयों का योगदान है।
विशेष रूप से—
पश्चिमी बनास
साबरमती की सहायक नदियाँ
माही तंत्र
दक्षिणी राजस्थान के जल संसाधन भूगोल को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
21. राजस्थान के प्रमुख बाँध – नदी के अनुसार वर्गीकरण| नदी/नदी तंत्र | प्रमुख बाँध/जलाशय |
|---|---|
| चम्बल | राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज |
| माही | माही बजाज सागर |
| बनास | बीसलपुर |
| जवाई | जवाई बाँध |
| जाखम | जाखम बाँध |
| सोम-गोमती | सोम-कमला-अम्बा |
| गोमती | जयसमंद |
| गोमती-बनास तंत्र | राजसमंद |
| कोठारी | मेजा |
| मेज | गुढ़ा |
| पार्वती | पार्वती बाँध |
| कालीसिंध | कालीसिंध बाँध |
| गंभीर | गंभीर बाँध |
| पचाना | पचाना बाँध |
| जिला/क्षेत्र | प्रमुख बाँध/जलाशय |
|---|---|
| कोटा | जवाहर सागर, कोटा बैराज |
| चित्तौड़गढ़/रावतभाटा | राणा प्रताप सागर |
| टोंक | बीसलपुर |
| बाँसवाड़ा | माही बजाज सागर |
| पाली | जवाई |
| प्रतापगढ़ | जाखम |
| डूँगरपुर | सोम-कमला-अम्बा |
| उदयपुर/सलूम्बर क्षेत्र | जयसमंद |
| राजसमंद | राजसमंद |
| भीलवाड़ा | मेजा |
| बूंदी | गुढ़ा |
| करौली | पचाना |
| धौलपुर | पार्वती |
| झालावाड़ | कालीसिंध/चापी क्षेत्र |
राजस्थान के जल संसाधन विकास को broadly तीन चरणों में समझा जा सकता है।
पहला चरण – ऐतिहासिक जल संचयन
इस चरण में—
तालाब
झील
बाँध
कुएँ
बावड़ियाँ
जलाशय
स्थानीय एवं राजकीय स्तर पर बनाए गए।
जयसमंद और राजसमंद जैसे जलाशय राजस्थान की ऐतिहासिक जल प्रबंधन परंपरा को दर्शाते हैं।
दूसरा चरण – स्वतंत्रता के बाद बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
स्वतंत्रता के बाद बड़े बाँधों पर जोर दिया गया।
इस दौर में—
चम्बल घाटी परियोजना
माही परियोजना
सिंचाई परियोजनाएँ
जलविद्युत परियोजनाएँ
का विकास हुआ।
तीसरा चरण – पेयजल एवं जल संरक्षण केंद्रित परियोजनाएँ
आधुनिक दौर में केवल सिंचाई ही नहीं बल्कि—
शहरी पेयजल
भूजल पुनर्भरण
वर्षा जल संचयन
जल संरक्षण
जल उपयोग दक्षता
पर भी जोर दिया जा रहा है।
राजस्थान सरकार के हालिया जल संरक्षण अभियानों में जलाशयों की सफाई, जल प्रवाह क्षेत्रों में सुधार, भूजल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है।
24. प्रमुख बाँध एवं उनके प्रमुख उद्देश्य| बाँध | सिंचाई | पेयजल | जलविद्युत | विशेष महत्व |
|---|---|---|---|---|
| राणा प्रताप सागर | ✓ | — | ✓ | चम्बल घाटी परियोजना |
| जवाहर सागर | ✓ | — | ✓ | चम्बल घाटी परियोजना |
| कोटा बैराज | ✓✓ | — | — | नहर सिंचाई |
| माही बजाज सागर | ✓ | ✓/क्षेत्रीय | ✓ | दक्षिणी राजस्थान |
| बीसलपुर | ✓ | ✓✓ | — | जयपुर सहित पेयजल |
| जवाई | ✓ | ✓ | — | पश्चिमी राजस्थान |
| जाखम | ✓✓ | — | — | प्रतापगढ़ क्षेत्र |
| सोम-कमला-अम्बा | ✓✓ | — | — | दक्षिणी राजस्थान |
| मेजा | ✓ | ✓/क्षेत्रीय | — | भीलवाड़ा |
| गुढ़ा | ✓ | — | — | बूंदी |
| जयसमंद | ✓ | — | — | ऐतिहासिक जलाशय |
प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल नाम याद करना पर्याप्त नहीं है। तीन शब्दों का अंतर समझना चाहिए।
बाँध
नदी या जलधारा के प्रवाह को रोककर जल का संचयन करने वाली संरचना।
जलाशय
बाँध के पीछे या किसी प्राकृतिक/कृत्रिम क्षेत्र में संचित जल का भंडार।
बैराज
ऐसी संरचना जिसमें जल के प्रवाह और स्तर को नियंत्रित करके मुख्यतः नहरों या अन्य उपयोगों के लिए जल वितरित किया जाता है।
इसलिए—
कोटा बैराज को सीधे किसी सामान्य storage dam की तरह याद करने के बजाय सिंचाई हेतु जल वितरण से जोड़ना अधिक उपयोगी है।
26. राजस्थान के बाँध और कृषिराजस्थान की कृषि का एक बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर रहा है। अनियमित मानसून के कारण सिंचाई सुविधाओं का विस्तार राज्य की कृषि उत्पादकता के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
बाँधों से नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचता है।
इससे—
फसल क्षेत्र बढ़ता है।
रबी फसलों की संभावना बढ़ती है।
फसल विविधीकरण होता है।
सूखे का प्रभाव कम किया जा सकता है।
कृषि आय में वृद्धि होती है।
भूजल पर दबाव कुछ क्षेत्रों में कम किया जा सकता है।
चम्बल, माही और बनास तंत्र इस संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
27. बाँध और जलविद्युतराजस्थान में जलविद्युत उत्पादन की क्षमता हिमालयी राज्यों या पश्चिमी घाट वाले राज्यों की तुलना में सीमित है। फिर भी जहाँ नदी का प्रवाह और ऊँचाई का अंतर उपयुक्त है, वहाँ जलविद्युत परियोजनाएँ विकसित की गई हैं।
चम्बल घाटी परियोजना में—
राणा प्रताप सागर
जवाहर सागर
विशेष रूप से जलविद्युत उत्पादन से जुड़े हैं।
माही बजाज सागर भी जलविद्युत के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
Exam Formula
चम्बल → जलविद्युत → राणा प्रताप सागर + जवाहर सागर
28. बाँध और पेयजलराजस्थान के शहरीकरण के साथ पेयजल स्रोतों की आवश्यकता बढ़ी है।
इस दृष्टि से बीसलपुर बाँध सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा-उदाहरणों में से एक है।
बीसलपुर जलाशय का जल राजस्थान के प्रमुख शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में महत्वपूर्ण है।
इसीलिए प्रश्न हो सकता है—
जयपुर की पेयजल व्यवस्था से संबंधित प्रमुख बाँध कौन-सा है?
उत्तर – बीसलपुर बाँध
29. बाँध और पर्यटनराजस्थान के कई जलाशय केवल सिंचाई या पेयजल के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यटन के केंद्र भी हैं।
विशेष रूप से—
जयसमंद
राजसमंद
जवाई
चम्बल क्षेत्र के जलाशय
माही क्षेत्र के जलाशय
पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य, नौका विहार, पक्षी अवलोकन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जवाई क्षेत्र विशेष रूप से अपने प्राकृतिक परिदृश्य और वन्यजीव पर्यटन के लिए जाना जाता है।
30. बाँध और पर्यावरणबड़े जलाशयों के लाभों के साथ पर्यावरणीय प्रभावों को भी समझना चाहिए।
सकारात्मक प्रभाव
भूजल पुनर्भरण
सूखा प्रबंधन
सिंचाई
मत्स्य पालन
जैव-विविधता के लिए आवास
स्थानीय जल उपलब्धता
संभावित चुनौतियाँ
जलाशय में गाद जमाव
नदी के प्राकृतिक प्रवाह में परिवर्तन
जलभराव
कुछ क्षेत्रों में विस्थापन
जलीय पारिस्थितिकी में परिवर्तन
जल गुणवत्ता की समस्या
इसीलिए आधुनिक जल प्रबंधन में केवल बाँध बनाना पर्याप्त नहीं है; जलग्रहण क्षेत्र, कैचमेंट प्रबंधन और जल संरक्षण भी आवश्यक हैं।
31. राजस्थान में जल संरक्षण और बाँधों का भविष्यराजस्थान जैसे राज्य में जल संसाधन प्रबंधन का भविष्य केवल बड़े बाँधों पर निर्भर नहीं हो सकता।
आवश्यक रणनीतियाँ हैं—
वर्षा जल संचयन
तालाबों का पुनर्जीवन
पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण
भूजल पुनर्भरण
माइक्रो-इरिगेशन
ड्रिप सिंचाई
स्प्रिंकलर सिंचाई
जलग्रहण क्षेत्र विकास
जलाशयों में गाद प्रबंधन
फसल पैटर्न में बदलाव
जल उपयोग दक्षता
सामुदायिक भागीदारी
राजस्थान सरकार के अनुसार जल संरक्षण अभियानों में रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, कुओं द्वारा भूजल पुनर्भरण और रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
32. परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण One-Liner Factsनदी आधारित
राणा प्रताप सागर — चम्बल
जवाहर सागर — चम्बल
कोटा बैराज — चम्बल
माही बजाज सागर — माही
बीसलपुर — बनास
जवाई — जवाई
जाखम — जाखम
सोम-कमला-अम्बा — सोम-गोमती
मेजा — कोठारी
गुढ़ा — मेज
जयसमंद — गोमती
राजसमंद — गोमती-बनास तंत्र
कालीसिंध — कालीसिंध
पार्वती — पार्वती
गंभीर — गंभीर
टोंक → बीसलपुर
बाँसवाड़ा → माही बजाज सागर
पाली → जवाई
प्रतापगढ़ → जाखम
डूँगरपुर → सोम-कमला-अम्बा
बूंदी → गुढ़ा
भीलवाड़ा → मेजा
करौली → पचाना
कोटा → कोटा बैराज/जवाहर सागर क्षेत्र
चित्तौड़गढ़/रावतभाटा → राणा प्रताप सागर
राजसमंद → राजसमंद जलाशय
उदयपुर/सलूम्बर क्षेत्र → जयसमंद
बीसलपुर बनाम माही बजाज सागर
| आधार | बीसलपुर | माही बजाज सागर |
|---|---|---|
| नदी | बनास | माही |
| क्षेत्र | टोंक | बाँसवाड़ा |
| प्रमुख महत्व | पेयजल + सिंचाई | सिंचाई + जलविद्युत |
| क्षेत्रीय पहचान | पूर्वी/मध्य राजस्थान | दक्षिणी राजस्थान |
राणा प्रताप सागर बनाम जवाहर सागर
| आधार | राणा प्रताप सागर | जवाहर सागर |
|---|---|---|
| नदी | चम्बल | चम्बल |
| परियोजना | चम्बल घाटी | चम्बल घाटी |
| प्रमुख उपयोग | जलविद्युत/सिंचाई | जलविद्युत/सिंचाई |
| क्षेत्र | रावतभाटा क्षेत्र | कोटा क्षेत्र |
जयसमंद बनाम राजसमंद
| आधार | जयसमंद | राजसमंद |
|---|---|---|
| क्षेत्र | उदयपुर/सलूम्बर | राजसमंद |
| ऐतिहासिक महत्व | अत्यधिक | अत्यधिक |
| प्रमुख नदी संबंध | गोमती | गोमती-बनास तंत्र |
| परीक्षा में भ्रम | देबर नाम | राजसमंद नाम |
Trap 1: बीसलपुर को चम्बल से जोड़ना
❌ गलत
✅ बीसलपुर → बनास
Trap 2: माही बजाज सागर को बाँसवाड़ा से अलग करना
❌ गलत
✅ माही बजाज सागर → माही → बाँसवाड़ा
Trap 3: कोटा बैराज को जलविद्युत बाँध समझना
कोटा बैराज का सबसे प्रमुख परीक्षा-संबंधी उपयोग सिंचाई हेतु जल वितरण है।
Trap 4: राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर को अलग-अलग नदी से जोड़ना
दोनों—
चम्बल नदी पर हैं।
Trap 5: जयसमंद और राजसमंद को एक मानना
दोनों अलग ऐतिहासिक जलाशय हैं।
Trap 6: जाखम को जवाई से जोड़ना
जाखम → प्रतापगढ़
जवाई → पाली
Trap 7: मेजा और गुढ़ा
मेजा → कोठारी → भीलवाड़ा
गुढ़ा → मेज → बूंदी
चम्बल के लिए
"राणा-जवाहर-कोटा = चम्बल"
दक्षिणी राजस्थान
"माही-जाखम-सोम = दक्षिण का जल"
माही → माही बजाज सागर
जाखम → जाखम बाँध
सोम → सोम-कमला-अम्बा
पश्चिमी राजस्थान
"जवाई = पाली"
बनास
"बनास का बीसलपुर"
यह सबसे आसान ट्रिक है:
37. Syllabus Weight / परीक्षा प्राथमिकताबीसलपुर – बनास
राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में बाँध एवं जलाशय को उच्च प्राथमिकता (High Priority) वाले भूगोल विषय के रूप में पढ़ना चाहिए, विशेषकर जब प्रश्न राजस्थान की नदियों, सिंचाई, जल संसाधन और भौतिक भूगोल से जुड़े हों।
प्राथमिकता स्तर
| Topic | Priority |
|---|---|
| प्रमुख बाँध + नदी | 🔥🔥🔥🔥🔥 |
| बाँध + जिला | 🔥🔥🔥🔥🔥 |
| चम्बल घाटी परियोजना | 🔥🔥🔥🔥🔥 |
| बीसलपुर बाँध | 🔥🔥🔥🔥🔥 |
| माही बजाज सागर | 🔥🔥🔥🔥 |
| जवाई बाँध | 🔥🔥🔥🔥 |
| जाखम/सोम-कमला-अम्बा | 🔥🔥🔥🔥 |
| ऐतिहासिक झीलें/जलाशय | 🔥🔥🔥 |
| बाँधों के उद्देश्य | 🔥🔥🔥🔥 |
| जल संरक्षण योजनाएँ | 🔥🔥🔥 |
Prelims Strategy: नदी + जिला + बाँध का combination सबसे पहले तैयार करें।
38. राजस्थान के प्रमुख बाँध – Rapid Revision Table| बाँध | नदी | स्थान | याद रखने वाला तथ्य |
|---|---|---|---|
| राणा प्रताप सागर | चम्बल | रावतभाटा क्षेत्र | चम्बल घाटी परियोजना |
| जवाहर सागर | चम्बल | कोटा क्षेत्र | जलविद्युत |
| कोटा बैराज | चम्बल | कोटा | सिंचाई हेतु वितरण |
| बीसलपुर | बनास | टोंक | पेयजल |
| माही बजाज सागर | माही | बाँसवाड़ा | जलविद्युत + सिंचाई |
| जवाई | जवाई | पाली | पश्चिमी राजस्थान |
| जाखम | जाखम | प्रतापगढ़ | सिंचाई |
| सोम-कमला-अम्बा | सोम-गोमती | डूँगरपुर | दक्षिणी राजस्थान |
| मेजा | कोठारी | भीलवाड़ा | कोठारी नदी |
| गुढ़ा | मेज | बूंदी | मेज नदी |
| जयसमंद | गोमती | उदयपुर क्षेत्र | देबर |
| राजसमंद | गोमती-बनास | राजसमंद | ऐतिहासिक जलाशय |
| पार्वती | पार्वती | धौलपुर क्षेत्र | पार्वती तंत्र |
| पचाना | पचाना | करौली | पूर्वी राजस्थान |
| कालीसिंध | कालीसिंध | झालावाड़ | दक्षिण-पूर्वी राजस्थान |
| गंभीर | गंभीर | चित्तौड़गढ़ | सिंचाई |
जलाशयों में जल स्तर और उपलब्ध जल की मात्रा स्थिर नहीं रहती। वर्षा, मानसून, जल निकासी और सिंचाई की मांग के अनुसार जलाशय की स्थिति बदलती रहती है।
इसलिए परीक्षा नोट्स में किसी एक दिन की जल-स्थिति को स्थायी तथ्य नहीं मानना चाहिए।
उदाहरण के लिए केंद्रीय जल आयोग की 12 फरवरी 2026 की रिपोर्ट में राजस्थान के माही बजाज सागर, जाखम, राणा प्रताप सागर और बीसलपुर जैसे जलाशयों की अलग-अलग जल स्थिति दर्ज की गई थी।
इसी प्रकार 2025 की विभिन्न रिपोर्टों में इन्हीं जलाशयों के जल स्तर एवं भंडारण में समय के अनुसार परिवर्तन दिखाई देता है।
Exam Tip:
यदि प्रश्न “वर्तमान जल स्तर” या “किस जलाशय में कितना प्रतिशत जल है?” पूछता है, तो पुराने स्थिर GK नोट्स के बजाय नवीनतम आधिकारिक रिपोर्ट देखें।
राजस्थान के प्रमुख बाँध एवं जलाशय राज्य के भूगोल को समझने की कुंजी हैं। राजस्थान की अनिश्चित वर्षा, विशाल भौगोलिक क्षेत्र और कृषि की जल आवश्यकताओं के कारण बाँधों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
परीक्षा की दृष्टि से सबसे पहले निम्न संयोजन मजबूत करें—
राणा प्रताप सागर – चम्बल – चम्बल घाटी परियोजना
जवाहर सागर – चम्बल – जलविद्युत
कोटा बैराज – चम्बल – सिंचाई
माही बजाज सागर – माही – बाँसवाड़ा
बीसलपुर – बनास – टोंक – पेयजल
जवाई – जवाई – पाली
जाखम – जाखम – प्रतापगढ़
सोम-कमला-अम्बा – सोम/गोमती – डूँगरपुर
मेजा – कोठारी – भीलवाड़ा
गुढ़ा – मेज – बूंदी
जयसमंद – गोमती – उदयपुर क्षेत्र
राजसमंद – गोमती-बनास तंत्र – राजसमंद
इन facts को नदी, जिला, उद्देश्य और परियोजना के साथ पढ़ने पर राजस्थान के बाँध एवं जलाशय से संबंधित अधिकांश सामान्य प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन पर बढ़ता जोर इस विषय को वर्तमान संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बनाता है।
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Quiz
इस टॉपिक की तैयारी के बाद राजस्थान के बाँध एवं जलाशय Quiz से अपना अभ्यास करें।
Author
लेखक: Suyog Academy Team
Suyog Academy – Rajasthan GK, History & Geography Study Material
यह अध्ययन सामग्री RAS, RPSC, RSSB, CET, Patwari, VDO, शिक्षक भर्ती एवं अन्य राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार की गई है।
स्रोत एवं तथ्य-जाँच: केंद्रीय जल आयोग (CWC) तथा राजस्थान सरकार के जल संसाधन/जल संरक्षण संबंधी आधिकारिक प्रकाशन।
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Rajasthan GK Abhikathan-Karan (कथन-कारण प्रश्न) 1000+ MCQs | RPSC & RSMSSB New Exam Pattern
1000+ अभिकथन-कारण प्रश्न: RPSC और RSMSSB के latest exam pattern और recent papers पर आधारित - बिल्कुल वैसे जैसे अब exam में आते हैं।
🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. बीसलपुर बाँध राजस्थान की किस नदी पर स्थित है?
REET 2011Q2. माही बजाज सागर बाँध किस नदी से संबंधित है?
RPSC 2016Q3. निम्न में से कौन-सा बाँध चम्बल घाटी परियोजना का हिस्सा है?
RPSC 2013Q4. चम्बल नदी पर स्थित कोटा बैराज का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
RAS 2018Q5. बीसलपुर बाँध किस जिले से संबंधित है?
CET 2022Q6. माही बजाज सागर परियोजना का प्रमुख संबंध राजस्थान के किस जिले से है?
RPSC 2019Q7. राणा प्रताप सागर बाँध किस नदी पर बनाया गया है?
RAS 2016Q8. निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
RPSC 2014Q9. जवाई बाँध किस नदी पर स्थित है?
REET 2015Q10. जवाई बाँध का संबंध राजस्थान के किस जिले से प्रमुख रूप से माना जाता है?
RPSC 2017Q11. जाखम बाँध किस नदी पर स्थित है?
RPSC 2020Q12. जाखम बाँध को निम्न में से किस जिले से जोड़ा जाता है?
CET 2022Q13. सोम-कमला-अम्बा परियोजना मुख्यतः राजस्थान के किस क्षेत्र से संबंधित है?
RPSC 2018Q14. मेजा बाँध किस नदी पर स्थित है?
RPSC 2015Q15. गुढ़ा बाँध का संबंध किस नदी से है?
REET 2017Q16. जयसमंद झील का दूसरा प्रसिद्ध नाम क्या है?
RPSC 2012Q17. जयसमंद जलाशय का संबंध किस नदी से माना जाता है?
RAS 2014Q18. राजसमंद झील राजस्थान के किस क्षेत्र से संबंधित है?
RPSC 2013Q19. चम्बल नदी पर स्थित कौन-से बाँध जलविद्युत उत्पादन से विशेष रूप से जुड़े हैं?
RPSC 2018Q20. जयपुर की पेयजल व्यवस्था से संबंधित प्रमुख जलाशय कौन-सा है?
CET 2023Q21. चम्बल घाटी परियोजना से संबंधित सही क्रम कौन-सा है?
RAS 2021Q22. निम्न में से कौन-सा बाँध बनास नदी से संबंधित है?
REET 2019Q23. मेजा बाँध का सही जिला-नदी संयोजन कौन-सा है?
RPSC 2020Q24. गुढ़ा बाँध का सही स्थान-नदी युग्म कौन-सा है?
CET 2022Q25. राजस्थान में बाँधों का सबसे महत्वपूर्ण पारंपरिक उपयोग निम्न में से कौन-सा है?
RPSC 2017Q26. निम्न में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
REET 2021Q27. राणा प्रताप सागर बाँध किस बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना से संबंधित है?
RPSC 2015Q28. निम्नलिखित में से किस बाँध का संबंध माही नदी से है?
RAS 2013Q29. पार्वती बाँध किस नदी तंत्र से संबंधित है?
RPSC 2019Q30. कालीसिंध बाँध का संबंध किस नदी से है?
CET 2022Q31. पचाना बाँध किस जिले से संबंधित है?
RPSC 2021Q32. निम्न में से कौन-सा सही सुमेलित है?
REET 2022Q33. राजस्थान में जलाशयों की उपयोगिता को देखते हुए निम्न में से कौन-सा उद्देश्य सबसे व्यापक है?
RPSC 2023Q34. कोटा बैराज को अन्य चम्बल परियोजना संरचनाओं से अलग करने वाला प्रमुख तथ्य क्या है?
RAS 2020महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
राजस्थान के प्रमुख बाँधों में राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज, माही बजाज सागर, बीसलपुर, जवाई, जाखम, सोम-कमला-अम्बा, मेजा, गुढ़ा, जयसमंद, राजसमंद, पार्वती, पचाना और कालीसिंध आदि प्रमुख हैं।
बीसलपुर बाँध बनास नदी पर स्थित है और टोंक जिले में स्थित राजस्थान का एक महत्वपूर्ण जलाशय है। इसका प्रमुख महत्व सिंचाई और पेयजल आपूर्ति में है।
बीसलपुर बाँध का प्रमुख महत्व सिंचाई के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति में है। यह जयपुर सहित राजस्थान के कई क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण स्रोत है।
माही बजाज सागर बाँध माही नदी पर बाँसवाड़ा क्षेत्र में स्थित है। यह दक्षिणी राजस्थान की महत्वपूर्ण सिंचाई एवं जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल है।
राणा प्रताप सागर बाँध चम्बल नदी पर स्थित है और चम्बल घाटी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जवाहर सागर बाँध चम्बल नदी पर स्थित है। यह चम्बल घाटी परियोजना का हिस्सा है तथा जलविद्युत उत्पादन और जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कोटा बैराज का प्रमुख उद्देश्य चम्बल नदी के जल को नियंत्रित करके नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए वितरित करना है। यह चम्बल घाटी परियोजना का महत्वपूर्ण घटक है।
चम्बल घाटी परियोजना के प्रमुख घटकों में गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज शामिल हैं। इनमें गांधी सागर मध्य प्रदेश में तथा अन्य प्रमुख संरचनाएँ राजस्थान से संबंधित हैं।
जवाई बाँध जवाई नदी पर पाली जिले में स्थित है। यह पश्चिमी राजस्थान के महत्वपूर्ण जलाशयों में से एक है और सिंचाई तथा जल संचयन के लिए महत्वपूर्ण है।
जाखम बाँध जाखम नदी पर प्रतापगढ़ क्षेत्र में स्थित है। इसका प्रमुख उद्देश्य सिंचाई और जल संसाधन विकास है।
सोम-कमला-अम्बा परियोजना दक्षिणी राजस्थान से संबंधित है और सोम-गोमती नदी तंत्र के जल संसाधनों के उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है।
मेजा बाँध कोठारी नदी पर भीलवाड़ा क्षेत्र में स्थित है।
गुढ़ा बाँध मेज नदी से संबंधित है और बूंदी क्षेत्र का महत्वपूर्ण जलाशय है।
जयसमंद झील को देबर झील के नाम से भी जाना जाता है। यह उदयपुर क्षेत्र में स्थित राजस्थान का प्रसिद्ध ऐतिहासिक जलाशय है।
जयसमंद जलाशय गोमती नदी से संबंधित है और राजस्थान के ऐतिहासिक जलाशयों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
राजसमंद जलाशय राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है। यह मेवाड़ क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जलाशयों में से एक है।
राजस्थान में बाँधों का प्रमुख उपयोग सिंचाई और जल संचयन है। इसके अतिरिक्त बाँध पेयजल आपूर्ति, जलविद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, मत्स्य पालन और पर्यटन में भी उपयोगी हैं।
राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर चम्बल नदी पर जलविद्युत उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। माही बजाज सागर भी जलविद्युत उत्पादन से संबंधित प्रमुख परियोजना है।
जयपुर की पेयजल व्यवस्था में बीसलपुर बाँध का विशेष महत्व है। बीसलपुर का जल जयपुर सहित कई क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग किया जाता है।
बाँधों को केवल नाम से याद करने के बजाय बाँध-नदी-जिला-उद्देश्य के संयोजन में पढ़ना सबसे उपयोगी है। उदाहरण के लिए बीसलपुर-बनास-टोंक-पेयजल, माही बजाज सागर-माही-बाँसवाड़ा और जवाई-जवाई-पाली।
बीसलपुर बाँध बनास नदी पर टोंक क्षेत्र में स्थित है और पेयजल तथा सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि माही बजाज सागर माही नदी पर बाँसवाड़ा क्षेत्र में स्थित है और सिंचाई तथा जलविद्युत के लिए महत्वपूर्ण है।
दोनों बाँध चम्बल नदी पर स्थित हैं और चम्बल घाटी परियोजना का हिस्सा हैं। दोनों जलविद्युत उत्पादन और जल संसाधन प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
राणा प्रताप सागर चम्बल नदी पर एक प्रमुख बाँध और जलविद्युत परियोजना से संबंधित है, जबकि कोटा बैराज का प्रमुख कार्य चम्बल के जल को नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए नियंत्रित एवं वितरित करना है।
जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है, जिससे कृषि क्षेत्र में वृद्धि, रबी फसलों की संभावना, फसल विविधीकरण और सूखे के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती है।
राजस्थान के जलाशय कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीसलपुर जलाशय इसका प्रमुख उदाहरण है।
जयसमंद, राजसमंद और जवाई जैसे जलाशय प्राकृतिक सौंदर्य, नौका विहार, पक्षी अवलोकन और वन्यजीव पर्यटन के कारण पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।
बाँधों के साथ वर्षा जल संचयन, तालाबों का पुनर्जीवन, भूजल पुनर्भरण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तथा पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण आवश्यक है।
बाँध नदी या जलधारा के प्रवाह को रोककर जल संचयन करता है। जलाशय संचित जल का भंडार होता है। बैराज जल के स्तर और प्रवाह को नियंत्रित करके विशेष रूप से नहरों एवं अन्य उपयोगों के लिए जल वितरण में महत्वपूर्ण होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में बाँध से संबंधित प्रश्न अक्सर नदी, जिला, परियोजना या उद्देश्य के साथ पूछे जाते हैं। इसलिए बाँध-नदी-जिला का संयोजन याद करने से तथ्यात्मक प्रश्नों को आसानी से हल किया जा सकता है।
चम्बल नदी पर राजस्थान की महत्वपूर्ण संरचनाएँ राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज स्थित हैं। ये चम्बल घाटी परियोजना के प्रमुख घटक हैं और सिंचाई तथा जलविद्युत में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
दक्षिणी राजस्थान में माही, जाखम, सोम और गोमती जैसे नदी तंत्र महत्वपूर्ण हैं। माही बजाज सागर, जाखम तथा सोम-कमला-अम्बा जैसी परियोजनाएँ इस क्षेत्र के प्रमुख जल संसाधन उदाहरण हैं।
पश्चिमी राजस्थान में वर्षा की अनिश्चितता और जल की कमी के कारण जवाई बाँध सिंचाई, जल संचयन और क्षेत्रीय जलापूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।