suyogacademy.com — RPSC & RSMSSB फ्री GK नोट्स
राजस्थान भूगोल

बनास नदी — राजस्थान की सबसे लंबी आंतरिक नदी

महेंद्र ढाका (भूगोल विशेषज्ञ)
4 अगस्त 2026
7 मिनट पठन
बनास नदी — राजस्थान की सबसे लंबी आंतरिक नदी

संक्षिप्त उत्तर 

बनास नदी राजस्थान की वह एकमात्र प्रमुख नदी है जो अपना संपूर्ण उद्गम से संगम तक का प्रवाह-चक्र राजस्थान राज्य के भीतर ही पूरा करती है। यह राजसमंद जिले में अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों (कुंभलगढ़ के निकट) से निकलती है और सवाई माधोपुर जिले के रामेश्वरम घाट पर चंबल नदी में जाकर मिल जाती है। बनास, चंबल की सहायक नदी है, चंबल यमुना में और यमुना गंगा में मिलती है — यानी बनास अंततः गंगा तंत्र (बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र) का हिस्सा है। इसे "राजस्थान की यमुना" भी कहा जाता है, और इसकी सबसे बड़ी पहचान इस पर बना बीसलपुर बांध है, जो जयपुर, अजमेर और टोंक की एक करोड़ से अधिक आबादी को पेयजल आपूर्ति करता है।

1. परिचय — नाम, अर्थ और पहचान

"बनास" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है — "वन" (जंगल) और "आस" (आशा) — अर्थात "वन की आशा"। कुछ स्रोतों में इसे "वर्णाशा" नाम से भी संदर्भित किया गया है। यह नाम इसलिए सार्थक है क्योंकि यह नदी अरावली के वन क्षेत्रों से निकलकर मेवाड़ और ढूंढाड़ क्षेत्र की कृषि व पेयजल आवश्यकताओं का प्रमुख स्रोत बनती है।

राज्य की नदी-प्रणाली में बनास का महत्व इसलिए असाधारण है क्योंकि यह राजस्थान में पूर्ण प्रवाह की दृष्टि से सर्वाधिक लंबी नदी मानी जाती है, और यह पूर्ण रूप से राज्य की सीमाओं के भीतर ही उद्गम से संगम तक बहती है — जबकि लूनी, चंबल, माही जैसी अन्य बड़ी नदियाँ या तो राजस्थान में केवल आंशिक रूप से बहती हैं या राज्य से बाहर जाकर विलीन होती हैं।

⚠️ सत्यापन सलाह: बनास की कुल लंबाई को लेकर विभिन्न प्रामाणिक स्रोतों में भिन्नता पाई जाती है — कहीं 480 किमी, कहीं 500 किमी तो कहीं 512 किमी दर्ज है। परीक्षा में उत्तर देने से पहले RPSC की आधिकारिक सिलेबस पुस्तक और राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की नवीनतम पुस्तक से यह आंकड़ा अवश्य क्रॉस-चेक करें, क्योंकि प्रश्नपत्रों में प्रायः 480 किमी वाला आंकड़ा स्वीकृत उत्तर के रूप में प्रयोग होता है।

2. उद्गम स्थल

बनास नदी का उद्गम राजसमंद जिले में अरावली पर्वतमाला की खमनोर की पहाड़ियों से होता है, जो प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग से लगभग 5 किमी की दूरी पर स्थित हैं। यह क्षेत्र उदयपुर संभाग के मेवाड़ भाग में आता है, और अरावली की ऊँची श्रृंखलाओं के कारण यहाँ पर्याप्त वर्षा जल एकत्र होकर नदी का रूप लेता है।

उद्गम बिंदु के प्रमुख तथ्य:

  • पर्वत श्रृंखला: अरावली
  • स्थान: खमनोर की पहाड़ियाँ, कुंभलगढ़ के निकट
  • जिला: राजसमंद
  • ऊँचाई: अरावली के मध्यम पर्वतीय क्षेत्र में, समुद्र तल से करीब 600 मीटर की ऊँचाई सीमा में

3. प्रवाह मार्ग (जिलेवार)

बनास नदी अपने उद्गम से संगम तक निम्न क्रम में जिलों से होकर बहती है:

राजसमंद → भीलवाड़ा → चित्तौड़गढ़ (सीमावर्ती भाग) → टोंक → सवाई माधोपुर

यह मार्ग नाथद्वारा-कांकरोली क्षेत्र से शुरू होकर मेवाड़-ढूंढाड़ के मैदानी और पठारी भूभाग को पार करता है और अंततः पूर्वी राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में पहुँचकर चंबल में विलीन हो जाता है। नदी का पूरा प्रवाह-चक्र दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में होता है, जो इसे राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी अपवाह तंत्र (बंगाल की खाड़ी तंत्र) की एक प्रतिनिधि नदी बनाता है।

4. संगम स्थल — रामेश्वरम घाट (त्रिवेणी संगम)

बनास नदी सवाई माधोपुर जिले के रामेश्वरम घाट पर चंबल नदी में मिल जाती है। यहाँ एक विशेष भौगोलिक घटना घटित होती है — इसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है, क्योंकि इस स्थान पर तीन नदियाँ एक साथ मिलती हैं:

बनास + चंबल + सीप नदी = रामेश्वरम त्रिवेणी संगम

यह स्थल धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और स्थानीय स्तर पर मेलों व स्नान-पर्वों का आयोजन स्थल रहा है।

बनास के अन्य त्रिवेणी संगम

बनास के मार्ग में इसके अतिरिक्त भी दो उल्लेखनीय त्रिवेणी संगम बनते हैं, जो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं:

क्रमस्थानजिलामिलने वाली नदियाँ
1बिगोदभीलवाड़ाबनास + बेड़च + मेनाल
2राजमहलटोंकबनास + खारी + डाई
3रामेश्वरम घाटसवाई माधोपुरबनास + चंबल + सीप

5. सहायक नदियाँ (Tributaries)

बनास नदी तंत्र राजस्थान के सबसे बड़े जलग्रहण क्षेत्रों में से एक है। इसकी सहायक नदियों को बायें व दायें तट के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

दायें तट की सहायक नदियाँ

  • बेड़च नदी (उदयपुर के गोगुंदा से निकलकर बिगोद, भीलवाड़ा में मिलती है)
  • मेनाली/मेनाल नदी
  • खारी नदी (राजसमंद की बिजराल पहाड़ी से उद्गम)

बायें तट की सहायक नदियाँ

  • कोठारी नदी (राजसमंद के देवगढ़ के निकट दिवेर से उद्गम, भीलवाड़ा के नंदराई में संगम)
  • डाई नदी (अजमेर से उद्गम, राजमहल-टोंक में संगम)
  • मासी/माशी नदी
  • ढील नदी
  • सोहादरा (सोडरा) नदी
  • मोरेल नदी
  • ढूंढ नदी
  • कालीसिल नदी
  • गंभीरी नदी (मध्य प्रदेश के विंध्यांचल से उद्गम, चित्तौड़गढ़ में बेड़च से मिलती है, फिर बेड़च बनास में मिलती है)

📝 परीक्षा टिप: प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछे जाने वाले नाम — बेड़च, कोठारी, खारी, डाई और मोरेल — इन पाँच सहायक नदियों के उद्गम व संगम स्थल याद रखना अनिवार्य है।

6. बीसलपुर बांध — बनास की सबसे बड़ी परियोजना

बनास नदी पर बना बीसलपुर बांध राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं में गिना जाता है।

प्रमुख तथ्य

विवरणजानकारी
स्थानबीसलपुर, देवली तहसील, टोंक जिला
नदीबनास नदी
निर्माण पूर्णवर्ष 1999
बांध प्रकारग्रेविटी बांध
ऊँचाईलगभग 39.5 मीटर
लंबाईलगभग 574 मीटर
पूर्ण जलभराव क्षमता315.50 RL मीटर
मुख्य उद्देश्यजयपुर, अजमेर व टोंक को पेयजल आपूर्ति तथा सिंचाई

बीसलपुर बांध से बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना (राज्य सरकार द्वारा 2009 में पूर्ण) के माध्यम से जयपुर शहर को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। वर्तमान में यह बांध अजमेर, जयपुर और टोंक — तीनों जिलों की मिलाकर एक करोड़ से अधिक आबादी की पेयजल आवश्यकता पूरी करता है। मानसून सीज़न में जब जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता (315.50 RL मीटर) के निकट पहुँचता है, तो बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी बनास नदी में छोड़ा जाता है, जिससे नदी में उफान की स्थिति बनती है — यह घटनाक्रम राजस्थान के स्थानीय समाचारों में हर मानसून सीज़न में सुर्खियों में रहता है।

अन्य संबंधित परियोजनाएँ

  • मेजा बांध — कोठारी नदी (बनास की सहायक) पर, भीलवाड़ा जिले में स्थित
  • बनास पर आधारित लघु सिंचाई परियोजनाएँ भीलवाड़ा व टोंक जिलों में

7. भौगोलिक व आर्थिक महत्व

  1. पेयजल स्रोत: बीसलपुर बांध के माध्यम से जयपुर-अजमेर-टोंक क्षेत्र की जीवन-रेखा।
  2. सिंचाई: भीलवाड़ा, टोंक व सवाई माधोपुर जिलों की कृषि भूमि की सिंचाई में योगदान।
  3. मरुस्थलीय/मौसमी प्रकृति: बनास मुख्यतः वर्षा-आधारित (मौसमी) नदी है, जो गर्मियों में कई भागों में शुष्क हो जाती है, जिससे बांध जैसी भंडारण संरचनाओं का महत्व और बढ़ जाता है।
  4. सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व: बनास घाटी क्षेत्र में बागोर सभ्यता (भीलवाड़ा) जैसे प्रागैतिहासिक पुरातात्विक स्थल स्थित हैं, जो मध्य पाषाण युग (Mesolithic) की सभ्यता के प्रमाण देते हैं। बनास नदी बेसिन में ही आहड़ सभ्यता (उदयपुर) के निकटवर्ती क्षेत्र भी आते हैं, जो इसे राजस्थान की प्रागैतिहासिक नदी-घाटी सभ्यताओं में एक प्रमुख स्थान देता है।
  5. राजस्थान की यमुना: पूर्ण रूप से राज्य के भीतर बहने और मेवाड़-ढूंढाड़ की जीवन-रेखा होने के कारण इसे यह उपनाम मिला है।

तुलनात्मक तालिका — बनास बनाम राजस्थान की अन्य प्रमुख नदियाँ

नदीउद्गमअपवाह तंत्रविशेषता
बनासखमनोर पहाड़ी, राजसमंद (अरावली)बंगाल की खाड़ी (चंबल-यमुना-गंगा)पूर्णतः राजस्थान में प्रवाहित, सबसे लंबी आंतरिक नदी
चंबलसिंगार चौरी, मध्य प्रदेशबंगाल की खाड़ीबनास की मुख्य नदी (जिसमें बनास मिलती है)
लूनीनाग पहाड़, अजमेर (आनासागर)अंतः प्रवाही (कच्छ का रन)खारे पानी की नदी, राज्य से बाहर जाकर लुप्त
माहीमध्य प्रदेश (धार जिला)अरब सागर (खंभात की खाड़ी)गुजरात होकर सागर में मिलती है

Exam Trap — विद्यार्थी अक्सर यहाँ भ्रमित होते हैं

  1. बनास बनाम लूनी: अनेक विद्यार्थी "पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली नदी" के प्रश्न में लूनी और बनास को लेकर भ्रमित होते हैं — याद रखें, लूनी राज्य से बाहर (कच्छ के रन में) जाकर विलीन होती है, जबकि बनास का संगम भी राज्य के भीतर ही (सवाई माधोपुर में) होता है — इसीलिए बनास को "पूर्ण चक्र राजस्थान में पूरा करने वाली नदी" कहा जाता है।
  2. बनास बनाम बनास (गुजरात की पश्चिम बनास): गुजरात में भी एक अलग "पश्चिम बनास" या "बनासकांठा" क्षेत्र की नदी है (जिस पर दांतीवाड़ा बांध बना है) — इसे राजस्थान की बनास नदी से भ्रमित न करें, ये दोनों पूर्णतः भिन्न नदियाँ हैं।
  3. लंबाई का आँकड़ा: परीक्षा में 480 किमी, 500 किमी व 512 किमी — तीनों आँकड़े अलग-अलग स्रोतों में मिलते हैं; RPSC के नवीनतम आधिकारिक स्रोत से पुष्टि किए बिना कोई एक आँकड़ा निश्चित न मानें।
  4. सहायक बनाम मुख्य नदी: बेड़च और कोठारी को कई छात्र स्वयं मुख्य नदी समझ लेते हैं — जबकि ये दोनों बनास की सहायक नदियाँ हैं।
  5. त्रिवेणी संगम स्थलों की अदला-बदली: बिगोद, राजमहल और रामेश्वरम घाट — तीनों त्रिवेणी संगमों के नाम व नदी-संयोजन को छात्र प्रायः आपस में बदल देते हैं।
  6. बीसलपुर परियोजना पूर्णता वर्ष: बांध निर्माण 1999 में तथा जयपुर तक जलापूर्ति परियोजना 2009 में पूर्ण हुई — इन दो अलग-अलग वर्षों को एक न समझें।

स्मरण तकनीक (Memory Trick)

"खमनोर से रामेश्वरम, बनास बहे अविराम" उद्गम (खमनोर-कुंभलगढ़) से संगम (रामेश्वरम घाट) तक याद रखने के लिए यह पंक्ति उपयोगी है।

सहायक नदियाँ याद रखने हेतु: "बेड़च-कोठारी-खारी-डाई, मोरेल-ढूंढ भी साथ में आई" — इस तुकबंदी से पाँच से सात प्रमुख सहायक नदियों का क्रम स्मरण रखा जा सकता है।

शिक्षक की टिप्पणी (Teacher's Commentary)

बनास नदी RPSC RAS, RSMSSB, पटवारी व REET जैसी परीक्षाओं में भूगोल खंड का एक स्थायी और उच्च-भारांक (high-weightage) विषय रहा है। विद्यार्थियों को केवल उद्गम-संगम रटने के बजाय नदी तंत्र की संरचना (सहायक नदियाँ + त्रिवेणी संगम + बांध परियोजनाएँ) को एक मानचित्र पर देखकर समझना चाहिए। जब आप बनास को चंबल और बीसलपुर बांध के साथ जोड़कर पढ़ते हैं, तो यह विषय केवल कंठस्थ ज्ञान नहीं रहता बल्कि राजस्थान की जल-नीति और पेयजल संकट जैसे समसामयिक (current affairs) विषयों से भी जुड़ जाता है — जो साक्षात्कार व मुख्य परीक्षा दोनों में उपयोगी सिद्ध होता है।

पूर्व वर्ष के प्रश्न (PYQs)

प्रश्न 1. राजस्थान की वह कौन-सी नदी है जो अपना संपूर्ण प्रवाह चक्र राज्य के भीतर ही पूरा करती है? (अ) लूनी (ब) बनास (स) माही (द) चंबल उत्तर: (ब) बनास

प्रश्न 2. बनास नदी का उद्गम स्थल है? (अ) गोगुंदा की पहाड़ियाँ (ब) खमनोर की पहाड़ियाँ (स) नाग पहाड़ (द) जरगा पहाड़ी उत्तर: (ब) खमनोर की पहाड़ियाँ

प्रश्न 3. बीसलपुर बांध किस नदी पर स्थित है? (अ) बनास (ब) बेड़च (स) कोठारी (द) चंबल उत्तर: (अ) बनास

प्रश्न 4. बनास नदी किस स्थान पर चंबल नदी में मिलती है? (अ) राजमहल (ब) बिगोद (स) रामेश्वरम घाट (द) कोटा उत्तर: (स) रामेश्वरम घाट

प्रश्न 5. बिगोद (भीलवाड़ा) में कौन-सी नदियों का त्रिवेणी संगम होता है? (अ) बनास+चंबल+सीप (ब) बनास+बेड़च+मेनाल (स) बनास+खारी+डाई (द) बनास+कोठारी+मोरेल उत्तर: (ब) बनास+बेड़च+मेनाल

 लेखक टिप्पणी

यह लेख Suyog Academy की विशेषज्ञ टीम द्वारा RPSC आधिकारिक सिलेबस, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की सामग्री तथा प्रामाणिक भौगोलिक स्रोतों (Wikipedia) के क्रॉस-रेफरेंस के आधार पर तैयार किया गया है। बीसलपुर बांध से जुड़े नवीनतम जलस्तर व मानसून अपडेट स्थानीय समाचार स्रोतों से सत्यापित किए गए हैं (अगस्त 2026 तक अद्यतन)। यह लेख राजस्थान नदी तंत्र श्रृंखला का भाग है — इससे पहले हमने जल संरक्षण की परंपरागत पद्धतियों और भूजल स्तर पर लेख प्रकाशित किए हैं।

बाह्य सरकारी संदर्भ (External Government References)

  1. जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार — बीसलपुर परियोजना आधिकारिक जानकारी: https://water.rajasthan.gov.in
  2. केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार: https://cgwb.gov.in
  3. RPSC आधिकारिक वेबसाइट (सिलेबस सत्यापन हेतु): https://rpsc.rajasthan.gov.in
  4. भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय — राष्ट्रीय जल संसाधन डेटा: https://jalshakti-dowr.gov.in

सुयोग AI गुरु

पढ़ने के बाद मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

अनुशंसित संदर्भ पुस्तक (Recommended Study Book)Amazon Verified
44Rajasthan GK Abhikathan-Karan (कथन-कारण प्रश्न) 1000+ MCQs | RPSC & RSMSSB New Exam Pattern

Rajasthan GK Abhikathan-Karan (कथन-कारण प्रश्न) 1000+ MCQs | RPSC & RSMSSB New Exam Pattern

लेखक / पब्लिकेशन: Gauri Publication

1000+ अभिकथन-कारण प्रश्न: RPSC और RSMSSB के latest exam pattern और recent papers पर आधारित - बिल्कुल वैसे जैसे अब exam में आते हैं।

4.5(120+ विद्यार्थी समीक्षाएं)

🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. बनास नदी को राजस्थान की कौन-सी नदी कहा जाता है?

Q2. बनास शब्द का अर्थ है?

Q3. बनास नदी की प्रकृति के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

Q4. बनास घाटी में स्थित प्रागैतिहासिक पुरातात्विक स्थल कौन-सा है?

Q5. मेजा बांध किस सहायक नदी पर तथा किस जिले में स्थित है?

Q6. बीसलपुर बांध की पूर्ण जलभराव क्षमता (RL मीटर में) कितनी है?

Q7. बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना किस वर्ष पूर्ण हुई?

Q8. बीसलपुर बांध का निर्माण किस वर्ष पूर्ण हुआ?

2026

Q9. बीसलपुर बांध किस जिले में स्थित है?

RPSC RAS 2026

Q10. खारी नदी का उद्गम किस स्थान से होता है?

2026

Q11. डाई नदी का उद्गम किस जिले से होता है?

2026

Q12. कोठारी नदी का उद्गम स्थल कहाँ है?

Q13. राजमहल (टोंक) त्रिवेणी संगम पर बनास के साथ कौन-सी दो नदियाँ मिलती हैं?

Q14. बेड़च नदी किस त्रिवेणी संगम पर बनास से मिलती है?

Q15. रामेश्वरम घाट पर बनास व चंबल के साथ कौन-सी तीसरी नदी मिलती है?

Q16. बनास किस स्थान पर चंबल में विलीन होती है?

Q17. बनास अंततः किस अपवाह तंत्र का भाग है?

Q18. बनास किस बड़ी नदी की सहायक नदी है?

Q19. बनास किस दुर्ग के निकट से निकलती है?

Q20. बनास नदी किस जिले से निकलती है?

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

बनास नदी का उद्गम राजसमंद जिले में अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों से होता है, जो कुंभलगढ़ दुर्ग से लगभग 5 किमी दूर स्थित हैं।

बनास नदी सवाई माधोपुर जिले के रामेश्वरम घाट पर चंबल नदी में मिलती है, जहाँ सीप नदी के साथ त्रिवेणी संगम बनता है।

क्योंकि यह राजस्थान की एकमात्र प्रमुख नदी है जो अपना संपूर्ण उद्गम-से-संगम प्रवाह चक्र राज्य की सीमाओं के भीतर ही पूरा करती है।

बीसलपुर बांध बनास नदी पर टोंक जिले में बना है और जयपुर, अजमेर व टोंक जिलों की एक करोड़ से अधिक आबादी को पेयजल आपूर्ति करता है।

प्रमुख सहायक नदियों में बेड़च, कोठारी, खारी, डाई, मासी, मोरेल, ढूंढ, ढील, सोहादरा और कालीसिल शामिल हैं।

विभिन्न स्रोतों में यह आँकड़ा 480 से 512 किमी के बीच दर्ज है; सटीक परीक्षा-उत्तर के लिए RPSC के नवीनतम आधिकारिक स्रोत से पुष्टि आवश्यक है।

बनास का संगम राज्य के भीतर (सवाई माधोपुर में चंबल से) होता है, जबकि लूनी नदी राज्य से बाहर निकलकर कच्छ के रन में विलीन हो जाती है।

भीलवाड़ा जिले का बागोर पुरातात्विक स्थल बनास नदी बेसिन में स्थित है, जो मध्य पाषाण युग की सभ्यता का प्रमाण देता है।

क्या आपको यह अध्ययन नोट्स पसंद आए? अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें:

मुफ्त अध्ययन सामग्री और सिलेबस ट्रैकर के लिए विजिट करें: https://suyogacademy.com© 2026 Suyog Academy