कला एवं संस्कृति14 सित॰ 2026 देवनारायण जी व गुर्जर फड़ परंपरा — CET/RAS PYQ के साथ (2026 Free Notes)
देवनारायण जी का जीवन, गुर्जर समुदाय में महत्व, बगड़ावत लोकगाथा, देवनारायण जी की फड़, भोपा परंपरा, जंतर वाद्य और आसींद से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य पढ़ें। Rajasthan CET, REET, RPSC व अन्य परीक्षाओं के लिए उपयोगी नोट्स। 202…
कला एवं संस्कृति2 अक्टू॰ 2026 ढूंढाड़ चित्रकला शैली: इतिहास, विशेषताएँ, प्रमुख चित्रकार एवं केंद्र
ढूंढाड़ चित्रकला शैली — कछवाहा क्षेत्र की शैली, आमेर काल, मुगल प्रभाव, 5 उपशैलियाँ (आमेर, जयपुर, अलवर, उनियारा, शेखावाटी), आदमकद चित्र, आला-गीला भित्ति चित्र, शेखावाटी की ओपन आर्ट गैलरी व प्रमुख चित्रकार — RAS/CET नोट्स।
कला एवं संस्कृति2 अक्टू॰ 2026 अलवर चित्रकला शैली: इतिहास, विशेषताएँ एवं प्रमुख चित्रकार
अलवर चित्रकला शैली — ढूंढाड़ की उपशैली, प्रतापसिंह काल में शिवकुमार-डालूराम से प्रारंभ, विनयसिंह का स्वर्ण युग, बलदेव-गुलाम अली की गुलिस्ताँ, गणिका चित्रण, बसली बॉर्डर, मूलचंद का हाथीदाँत चित्रण — RAS/CET नोट्स।
कला एवं संस्कृति2 अक्टू॰ 2026 राजस्थान की चित्रकला शैलियों में अंतर: मेवाड़, मारवाड़, ढूंढाड़, हाड़ौती एवं किशनगढ़
राजस्थान की 5 प्रमुख चित्र-शैलियों में अंतर — पशु, पक्षी, वृक्ष, नेत्र, रंग व विषय की मास्टर तालिका; इतिहास, चित्रकार, मानव आकृतियाँ, युग्म-वार तुलना (बूँदी बनाम कोटा आदि), चित्र पहचानने की 5-चरणीय विधि व उपशैली मानचित्र।
कला एवं संस्कृति2 अक्टू॰ 2026 राजस्थान चित्रकला के प्रमुख चित्रकार एवं उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ
राजस्थान चित्रकला के प्रमुख चित्रकार — नासिरुद्दीन, साहिबदीन, वीरजी, निहालचंद, साहिबराम, लालचंद, डालू, बलदेव, मूलचंद, अली रज़ा, बगता-चोखा, श्रीलाल जोशी व आधुनिक चित्रकार (चोयल, माथोड़िया, गोवर्धनलाल बाबा) — शैली, संरक्षक व कृतियाँ।
कला एवं संस्कृति2 अक्टू॰ 2026 राजस्थान चित्रकला के 100 महत्वपूर्ण तथ्य एवं PYQs
राजस्थान चित्रकला के 100 महत्वपूर्ण तथ्य — 10 खंडों में (मेवाड़, नाथद्वारा-फड़, मारवाड़-बीकानेर, किशनगढ़, ढूंढाड़-जयपुर, अलवर, बूँदी-कोटा, आधुनिक चित्रकार, संग्रहालय) तथा RPSC/RSMSSB पैटर्न के 12 व्याख्या-सहित अभ्यास प्रश्न।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के प्रमुख लोक गायन: मांड, पावड़ा, पंडून का कड़ा एवं लोकगाथाएँ
राजस्थान की लोक गायन शैलियाँ — मांड (जैसलमेर, केसरिया बालम, अल्लाह जिलाई बाई), पवाड़ा (पाबूजी, रावणहत्था, माटा), पंडून का कड़ा (मेवात, मेव जोगी, भपंग), तालबंदी, हवेली संगीत व प्रमुख लोकगाथाओं के गायक-वाद्य — RAS/CET नोट्स।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के प्रमुख लोकगीत एवं उनसे जुड़े अवसर
राजस्थान के लोकगीत अवसर-अनुसार — जन्म (हालरिया), विवाह (कामण, जला, सीठणे, घोड़ी, कोयलड़ी, पावणा), मृत्यु (मरस्या, हरजस), विरह (कुरजाँ, सुवटिया, झोरावा, हिचकी, बीछुड़ो), त्योहार (गणगौर, रसिया, लांगुरिया) व श्रम (तेजा गीत, जीरो) — परीक्षा नोट्स।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के प्रमुख लोक गायक एवं गायिकाएँ
राजस्थान के प्रमुख लोक गायक-गायिकाएँ — मांड (अल्लाह जिलाई बाई, गवरी देवी, मांगी बाई), मांगणियार (साकर खाँ, अनवर खाँ, लाखा खाँ, मामे खाँ), लंगा, ढाढ़ी, कामड़ आदि गायक समुदाय, शास्त्रीय-ग़ज़ल गायक व पद्म सम्मान — परीक्षा नोट्स।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के लोक वाद्यों का वर्गीकरण: तत्, सुषिर, अवनद्ध एवं घन
राजस्थान के लोक वाद्यों का चार वर्गों में वर्गीकरण — तत् (सारंगी, रावणहत्था, कमायचा, जंतर, भपंग), सुषिर (अलगोजा, पूंगी, सतारा, मशक), अवनद्ध (ढोल, नगाड़ा, चंग, मादल, माटा), घन (मंजीरा, खड़ताल, घुँघरू) — बनावट, वादक, निर्माण सामग्री व exam traps।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के लोक वाद्य यंत्र एवं उनके प्रमुख वादक
राजस्थान के लोक वाद्य और प्रमुख वादक — मोहन वीणा (विश्वमोहन भट्ट, ग्रैमी 1994), कमायचा (साकर खाँ), सिंधी सारंगी (लाखा खाँ), भपंग (जहूर खाँ मेवाती), खड़ताल (सद्दीक खाँ), नड़ (करणा भील), नगाड़ा (रामकिशन सोलंकी) व भोपे-कामड़-लंगा जैसे वादक समुदाय।
कला एवं संस्कृति3 अक्टू॰ 2026 राजस्थान के लोकगीत, लोकगायक एवं लोकवाद्य: संपूर्ण तुलना
राजस्थान के लोकगीत, लोकगायक व लोकवाद्य की संपूर्ण तुलना — लोकदेवता श्रृंखला (पाबूजी-रावणहत्था, देवनारायण-जंतर), समुदाय श्रृंखला (मांगणियार-कमायचा, लंगा-सिंधी सारंगी), क्षेत्र-वार तालिका, भ्रम वाले युग्म व सम्मानित कलाकार — अंतिम रिवीजन नोट्स।