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राजस्थान भूगोल

बीसलपुर बाँध परियोजना: बनास नदी, सिंचाई एवं पेयजल

महेंद्र सरमहेंद्र सर (भूगोल विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
9 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान भूगोल इकाई। आधिकारिक सिलेबस से विषय-सूची; पुस्तक का शब्दशः पाठ नहीं।

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बीसलपुर बाँध परियोजना: बनास नदी, सिंचाई एवं पेयजल

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⚡ Quick Answer: बीसलपुर बाँध टोंक जिले की टोडारायसिंह तहसील में बनास नदी पर बना राजस्थान की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना है। यह बाँध जयपुर, अजमेर और टोंक शहरों तथा सैकड़ों कस्बों-गाँवों को पेयजल देता है और इसकी नहरों से टोंक जिले में सिंचाई होती है। निर्माण 1980 के दशक के उत्तरार्ध में प्रारंभ होकर 1990 के दशक में पूर्ण हुआ। बाँध का नाम पास स्थित बीसलदेव मंदिर पर है, जिसे चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने बनवाया था। बाँध क्षेत्र को 2008 में राजस्थान का पहला ‘कंजर्वेशन रिज़र्व’ घोषित किया गया।

1. बीसलपुर बाँध — परिचय

मध्य और पूर्वी राजस्थान में भूजल का तेज़ी से गिरता स्तर (डार्क ज़ोन) और बढ़ती शहरी आबादी — इन दो चुनौतियों का सबसे बड़ा समाधान बीसलपुर बाँध बना। आज जयपुर जैसे महानगर की अधिकांश पेयजल आपूर्ति इसी बाँध पर निर्भर है, इसलिए इसे ‘जयपुर की जीवनरेखा’ भी कहा जाता है।

तथ्यविवरण
स्थानबीसलपुर गाँव, टोडारायसिंह तहसील, टोंक जिला
नदीबनास (राजस्थान में पूर्णतः बहने वाली सबसे लंबी नदी)
निकटवर्ती संगमराजमहल (टोंक) — बनास, खारी व डाई का त्रिवेणी संगम
मुख्य उद्देश्यपेयजल (प्राथमिक), सिंचाई (द्वितीयक)
पेयजल लाभार्थीजयपुर, अजमेर, टोंक शहर व मार्ग के कस्बे/गाँव
सिंचाई लाभार्थीटोंक जिला (बायीं व दायीं मुख्य नहरें)
प्रकारगुरुत्व (Gravity) बाँध — कंक्रीट/चिनाई
नामकरणबीसलदेव (विग्रहराज चतुर्थ) द्वारा निर्मित गोकर्णेश्वर/बीसलदेव मंदिर के नाम पर
संरक्षणबीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व — 2008 (राज्य का प्रथम)

बनास नदी के सम्पूर्ण विवरण के लिए बनास नदी और उसकी सहायक नदियों के लिए बनास की सहायक नदियाँ देखें।

2. बीसलपुर का इतिहास एवं नामकरण

बीसलपुर का नाम शाकंभरी-अजमेर के चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ से जुड़ा है, जिन्हें ‘बीसलदेव’ कहा जाता था। उन्होंने यहाँ बीसलपुर नगर बसाया और गोकर्णेश्वर (बीसलदेव) मंदिर का निर्माण करवाया। विग्रहराज चतुर्थ विद्वानों के संरक्षक थे — ‘हरिकेलि’ नाटक उनकी रचना मानी जाती है और उन्हें ‘कवि बांधव’ की उपाधि दी गई। अजमेर का ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ मूलतः उनके द्वारा बनवाई गई संस्कृत पाठशाला थी। चौहान इतिहास के लिए देखें राजस्थान के प्रमुख दुर्ग व इतिहास खंड।

3. निर्माण एवं विकास के चरण

चरणविवरण
योजना1970-80 के दशक में अजमेर-जयपुर की पेयजल समस्या को देखते हुए बनास पर बड़े बाँध की योजना
निर्माण प्रारंभ1980 के दशक के उत्तरार्ध में (पाठ्यपुस्तकों में 1987-88)
बाँध पूर्ण1990 के दशक में; सिंचाई व पेयजल वितरण तंत्र चरणबद्ध रूप से
अजमेर को जलापूर्तिबीसलपुर-अजमेर पेयजल परियोजना — पहले चरण में
जयपुर को जलापूर्तिबीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना — एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से; 2000 के दशक में जयपुर तक पाइपलाइन
विस्तारबीसलपुर से दूदू, फुलेरा, किशनगढ़, केकड़ी आदि कस्बों तक पेयजल नेटवर्क

4. पेयजल आपूर्ति — बीसलपुर का सबसे बड़ा योगदान

  • जयपुर: राजधानी की पेयजल आवश्यकता का बड़ा भाग बीसलपुर से; इससे जयपुर के ट्यूबवेल-आधारित भूजल दोहन में कमी आई। जयपुर के रामगढ़ बाँध के सूखने के बाद बीसलपुर ही मुख्य स्रोत बना।
  • अजमेर: अजमेर-ब्यावर-किशनगढ़ क्षेत्र — पहले फ्लोराइड युक्त भूजल की समस्या, बीसलपुर से समाधान।
  • टोंक: टोंक शहर व आसपास के गाँव।
  • फ्लोराइड समस्या का निवारण: मध्य राजस्थान के अनेक गाँवों में भूजल में फ्लोराइड अधिक था, जिससे ‘फ्लोरोसिस’ रोग होता था; बीसलपुर के सतही जल ने इसमें राहत दी।

भूजल की स्थिति (डार्क ज़ोन) के लिए राजस्थान भूजल — Dark, Grey व White जोन पढ़ें।

5. सिंचाई — बीसलपुर नहर प्रणाली

बीसलपुर बाँध से दो मुख्य नहरें निकलती हैं — बायीं मुख्य नहर और दायीं मुख्य नहर, जो मुख्यतः टोंक जिले की टोडारायसिंह, मालपुरा, टोंक व देवली तहसीलों के क्षेत्र में सिंचाई करती हैं। प्राथमिकता नीति के अनुसार बाँध का जल पहले पेयजल हेतु आरक्षित रहता है; अच्छे मानसून वाले वर्षों में ही पर्याप्त सिंचाई जल छोड़ा जाता है।

6. बीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व — राजस्थान का पहला

  • घोषणा: 2008 — वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधन 2002) की धारा 36A के अंतर्गत राजस्थान का प्रथम कंजर्वेशन रिज़र्व।
  • उद्देश्य: बाँध के जलग्रहण क्षेत्र की वनस्पति, जल-पक्षियों और वन्यजीवों का संरक्षण।
  • जैव-विविधता: शीतकाल में प्रवासी पक्षी, मगरमच्छ, तेंदुआ, नीलगाय आदि।

अन्य कंजर्वेशन रिज़र्व व वन्यजीव क्षेत्रों के मानचित्र प्रश्न: राजस्थान Wildlife Map Based Questions।

7. बीसलपुर से जुड़ी अन्य परियोजनाएँ

परियोजनाविवरण
ईसरदा बाँधबनास पर बीसलपुर से नीचे (टोंक-सवाई माधोपुर सीमा); बीसलपुर का अतिरिक्त जल रोककर दौसा व सवाई माधोपुर जिलों को पेयजल
ब्राह्मणी-बीसलपुर लिंकचंबल की सहायक ब्राह्मणी नदी के अतिरिक्त जल को बीसलपुर लाने की योजना — PKC-ERCP/राम जल सेतु लिंक से संबंधित
PKC-ERCPपार्वती-कालीसिंध-चंबल के अतिरिक्त जल को पूर्वी राजस्थान के बाँधों (बीसलपुर, ईसरदा सहित) तक पहुँचाने की योजना
जल पर्यटनबीसलपुर बाँध व राजमहल त्रिवेणी — मानसून में गेट खुलने पर पर्यटन

PKC-ERCP के लिए चंबल घाटी परियोजना व पार्वती नदी नोट देखें।

8. चुनौतियाँ

  1. मानसून-निर्भरता: बनास बारहमासी नहीं है; कम वर्षा वाले वर्षों में बाँध पूरा नहीं भरता और जयपुर-अजमेर में जल-कटौती करनी पड़ती है।
  2. पेयजल बनाम सिंचाई संघर्ष: किसानों की सिंचाई माँग और शहरी पेयजल प्राथमिकता के बीच तनाव।
  3. गाद (Siltation): अरावली-मेवाड़ क्षेत्र से आने वाली मिट्टी से भराव क्षमता घटना।
  4. अवैध बजरी खनन: बनास के तल में बजरी खनन से नदी-तंत्र पर दुष्प्रभाव।
  5. जल-हानि: लंबी पाइपलाइनों में रिसाव व वाष्पीकरण।

9. राजस्थान के प्रमुख पेयजल बाँधों की तुलना

बाँधनदीजिलामुख्य लाभार्थी शहर
बीसलपुरबनासटोंकजयपुर, अजमेर, टोंक
जवाईजवाईपालीपाली, जालौर (पूर्व में जोधपुर)
मेजाकोठारीभीलवाड़ाभीलवाड़ा
ईसरदाबनासटोंक/सवाई माधोपुरदौसा, सवाई माधोपुर
रामगढ़ (अब लगभग सूखा)बाणगंगाजयपुरजयपुर (ऐतिहासिक)

जवाई बाँध के विस्तृत अध्ययन हेतु जवाई बाँध देखें।

📝 One-Liner Revision — बीसलपुर बाँध (15 प्रश्न)

  1. प्रश्न: बीसलपुर बाँध किस तहसील में है?
    उत्तर: टोडारायसिंह (टोंक)
  2. प्रश्न: बीसलपुर बाँध का प्रमुख उद्देश्य?
    उत्तर: पेयजल
  3. प्रश्न: बीसलपुर से सर्वाधिक लाभान्वित शहर?
    उत्तर: जयपुर
  4. प्रश्न: बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना में सहयोगी संस्था?
    उत्तर: एशियाई विकास बैंक (ADB)
  5. प्रश्न: बीसलपुर के निकट त्रिवेणी संगम?
    उत्तर: राजमहल (बनास-खारी-डाई)
  6. प्रश्न: राजमहल (टोंक) किस रत्न के लिए भी प्रसिद्ध है?
    उत्तर: तामड़ा (गार्नेट)
  7. प्रश्न: बीसलदेव का वास्तविक नाम?
    उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ
  8. प्रश्न: ‘हरिकेलि’ नाटक की रचना किसने की?
    उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ
  9. प्रश्न: विग्रहराज चतुर्थ की उपाधि?
    उत्तर: कवि बांधव
  10. प्रश्न: अढ़ाई दिन का झोंपड़ा मूलतः क्या था?
    उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ की संस्कृत पाठशाला
  11. प्रश्न: राजस्थान का प्रथम कंजर्वेशन रिज़र्व?
    उत्तर: बीसलपुर (2008)
  12. प्रश्न: ईसरदा बाँध किन जिलों को पेयजल देता है?
    उत्तर: दौसा, सवाई माधोपुर
  13. प्रश्न: बीसलपुर की नहरें किस जिले में सिंचाई करती हैं?
    उत्तर: टोंक
  14. प्रश्न: जयपुर का पुराना पेयजल बाँध जो अब लगभग सूखा है?
    उत्तर: रामगढ़ बाँध (बाणगंगा)
  15. प्रश्न: मध्य राजस्थान के भूजल की प्रमुख रासायनिक समस्या?
    उत्तर: फ्लोराइड की अधिकता
  16. प्रश्न: बीसलपुर बाँध किस प्रकार का बाँध है?
    उत्तर: गुरुत्व (कंक्रीट/चिनाई) बाँध
  17. प्रश्न: बीसलपुर से पेयजल पाने वाले अजमेर क्षेत्र के प्रमुख कस्बे?
    उत्तर: ब्यावर, किशनगढ़, केकड़ी, नसीराबाद
  18. प्रश्न: ब्राह्मणी नदी किस नदी तंत्र की है?
    उत्तर: चंबल तंत्र
  19. प्रश्न: बनास तल में किस अवैध गतिविधि से बीसलपुर बेसिन प्रभावित होता है?
    उत्तर: बजरी खनन
  20. प्रश्न: बीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व किस अधिनियम की धारा के तहत?
    उत्तर: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 36A

✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में

  • बीसलपुर बाँध — टोडारायसिंह (टोंक), बनास नदी पर।
  • राजस्थान की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना; लाभार्थी — जयपुर, अजमेर, टोंक।
  • सिंचाई — टोंक जिला (बायीं व दायीं मुख्य नहर)।
  • नाम — विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के बीसलदेव/गोकर्णेश्वर मंदिर पर।
  • बीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व (2008) — राजस्थान का प्रथम।
  • जयपुर पेयजल परियोजना — ADB सहयोग से।
  • पास में राजमहल त्रिवेणी (बनास-खारी-डाई)।
  • नीचे की ओर ईसरदा बाँध — दौसा व सवाई माधोपुर को पेयजल।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  1. बीसलपुर को अजमेर जिले में रखना — बाँध टोंक में है; अजमेर केवल लाभार्थी है।
  2. बीसलपुर को मुख्यतः सिंचाई परियोजना मानना — प्राथमिक उद्देश्य पेयजल है।
  3. बीसलदेव को पृथ्वीराज चौहान मानना — बीसलदेव = विग्रहराज चतुर्थ।
  4. पहला कंजर्वेशन रिज़र्व जोड़बीड़ (बीकानेर) बताना — प्रथम बीसलपुर (टोंक), 2008।
  5. ईसरदा को चंबल पर मानना — ईसरदा बनास पर है।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“टोंक में बाँध, जयपुर में पानी” — स्थान टोंक, सबसे बड़ा लाभार्थी जयपुर।

“बीसल-बनास-बीस-आठ” — बीसलपुर, बनास नदी, 2008 में प्रथम कंजर्वेशन रिज़र्व।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

बीसलपुर पर प्रश्न भूगोल (नदी-जिला), पर्यावरण (कंजर्वेशन रिज़र्व), इतिहास (बीसलदेव) और करेंट अफेयर्स (ERCP, ब्राह्मणी लिंक) — चारों से बनते हैं। Mains में ‘राजस्थान में पेयजल संकट और समाधान’ पर उत्तर लिखें तो बीसलपुर को केस-स्टडी की तरह लिखें: स्रोत, लाभार्थी, फ्लोराइड समस्या का समाधान और मानसून-निर्भरता की चुनौती। यह संरचना 10 अंक के उत्तर में पूरे अंक दिलाती है।

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • जल संसाधन विभाग, राजस्थान — बीसलपुर परियोजना विवरण।
  • जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED/जलदाय विभाग), राजस्थान — बीसलपुर-जयपुर/अजमेर पेयजल परियोजनाएँ।
  • राजस्थान वन विभाग — कंजर्वेशन रिज़र्व अधिसूचनाएँ।
  • डॉ. हरिमोहन सक्सेना — ‘राजस्थान का भूगोल’; डॉ. गोपीनाथ शर्मा — ‘राजस्थान का इतिहास’ (बीसलदेव)।

Author Byline

लेखक: महेंद्र ढाका (भूगोल विशेषज्ञ), सुयोग अकादमी

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुयोग अकादमी संपादकीय टीम (सुधीर ढाका – BSc-BEd)

विषय: बीसलपुर बाँध परियोजना: बनास नदी, सिंचाई एवं पेयजल

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC प्राध्यापक/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET (स्नातक/12वीं), पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: बाँध के निर्माण वर्ष विभिन्न स्रोतों में चरणों के अनुसार भिन्न (प्रारंभ/पूर्णता/जलापूर्ति) बताए जाते हैं; परीक्षा में प्रश्न में दिए चरण के अनुरूप उत्तर चुनें।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026 — जिलों के नाम दिसंबर 2024 के पुनर्गठन (41 जिले) के अनुसार।

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
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महेंद्र सरभूगोल विशेषज्ञलेखक परिचय
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. बीसलपुर बाँध किस जिले में स्थित है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. बीसलपुर बाँध किस नदी पर बना है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. राजस्थान का प्रथम कंजर्वेशन रिज़र्व है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. ‘बीसलदेव’ उपनाम किस शासक का था?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. बीसलपुर का अतिरिक्त जल रोककर दौसा-सवाई माधोपुर को पेयजल देने वाला बाँध है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

बीसलपुर बाँध बनास नदी पर टोंक जिले की टोडारायसिंह तहसील में स्थित है।

बीसलपुर बाँध से मुख्यतः जयपुर, अजमेर और टोंक शहरों के साथ मार्ग के अनेक कस्बों व गाँवों को पेयजल मिलता है।

बीसलपुर का नाम चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के नाम पर पड़ा, जिन्होंने यहाँ बीसलदेव (गोकर्णेश्वर) मंदिर बनवाया।

टोंक जिले का बीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व (2008) राजस्थान का पहला कंजर्वेशन रिज़र्व है।

ईसरदा बाँध बनास नदी पर बीसलपुर से नीचे की ओर है, जो बीसलपुर के अतिरिक्त जल को रोककर दौसा और सवाई माधोपुर को पेयजल देता है।

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