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राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ एवं उनके लेखक

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
3 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 3 अक्टूबर 2026
9 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

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राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ एवं उनके लेखक

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⚡ Quick Answer: राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ और उनके लेखक — रासो: पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई), बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह), खुमाण रासो (दलपति विजय), हम्मीर रासो (जोधराज); प्रबंध-वचनिका-वेलि: कान्हड़दे प्रबंध (पद्मनाभ), अचलदास खींची री वचनिका (शिवदास गाडण), वेलि क्रिसन रुकमणी री (पृथ्वीराज राठौड़); ख्यात-विगत: नैणसी री ख्यात व मारवाड़ रा परगना री विगत (नैणसी), बांकीदास री ख्यात, दयालदास री ख्यात; इतिहास-काव्य: वंश भास्कर (सूर्यमल्ल), वीर विनोद (श्यामलदास), सूरज प्रकाश (करणीदान); संस्कृत: पृथ्वीराज विजय (जयानक), हम्मीर महाकाव्य (नयनचंद्र सूरि), राजप्रशस्ति (रणछोड़ भट्ट), एकलिंग माहात्म्य (कान्ह व्यास), संगीतराज (महाराणा कुंभा); अंग्रेज़ी: Annals and Antiquities of Rajasthan (कर्नल टॉड)।

1. राजस्थान के ग्रंथ — परिचय

“राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ और उनके लेखक” — यह प्रश्न इतिहास और साहित्य दोनों खंडों से पूछा जाता है, क्योंकि राजस्थान के अधिकांश ग्रंथ इतिहास के स्रोत भी हैं। इस लेख में ग्रंथों को विधा/प्रकार के अनुसार बाँटा गया है — रासो, प्रबंध-वचनिका-वेलि, ख्यात-विगत, इतिहास-काव्य, संस्कृत ग्रंथ, संत-भक्ति ग्रंथ और आधुनिक ग्रंथ — ताकि याद रखना आसान हो। लेखकों के काल-क्रम के लिए राजस्थान के प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ देखें।

2. रासो ग्रंथ (वीर-काव्य)

ग्रंथलेखकविषयभाषा
पृथ्वीराज रासोचंदबरदाईपृथ्वीराज चौहान तृतीयपिंगल
बीसलदेव रासोनरपति नाल्हविग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) व राजमतीराजस्थानी
खुमाण रासोदलपति विजयमेवाड़ के गुहिल शासकराजस्थानी
हम्मीर रासोजोधराजरणथंभौर के हम्मीर देवराजस्थानी
सगत रासोगिरधर आसियाशक्तिसिंह (प्रताप के भाई)डिंगल

रासो क्या है? ‘रासो’ — वीर-रस प्रधान काव्य, जिसमें किसी राजा/वीर का जीवन, युद्ध और शौर्य वर्णित होता है।

3. प्रबंध, वचनिका एवं वेलि ग्रंथ

ग्रंथलेखकविषय/विशेष
कान्हड़दे प्रबंधपद्मनाभजालौर के कान्हड़दे सोनगरा व अलाउद्दीन खिलजी
हम्मीरायणभांडउ व्यासहम्मीर देव
अचलदास खींची री वचनिकाशिवदास गाडणगागरोन का साका (1423); डिंगल
राठौड़ रतनसिंह महेसदासोत री वचनिकाखिड़िया जग्गाधरमत युद्ध (1658) में रतनसिंह राठौड़ का शौर्य
वेलि क्रिसन रुकमणी रीपृथ्वीराज राठौड़कृष्ण-रुक्मिणी विवाह; डिंगल की श्रेष्ठ कृति
ढोला मारू री चौपाईकुशललाभढोला-मारवणी प्रेमकथा
गोरा बादल पद्मिनी चौपाईहेमरत्न सूरिचित्तौड़ की पद्मिनी कथा

विधा-संकेत: वचनिका — गद्य-पद्य मिश्रित; वेलि — डिंगल का विशेष छंद; प्रबंध — कथा-काव्य; चौपाई — जैन कवियों की कथा-काव्य शैली।

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‘अचलदास खींची री वचनिका’, ‘राजप्रशस्ति’, ‘पृथ्वीराज विजय’ जैसे ग्रंथ RAS, 1st/2nd Grade, CET व पटवारी में बार-बार पूछे जाते हैं। मॉक टेस्ट हल करें:

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4. ख्यात, विगत एवं इतिहास-ग्रंथ

ग्रंथलेखकविषय
नैणसी री ख्यातमुहणोत नैणसीराजस्थान के राजवंश
मारवाड़ रा परगना री विगतमुहणोत नैणसीमारवाड़ के परगनों का गजेटियर
बांकीदास री ख्यातबांकीदासजोधपुर (मानसिंह काल)
दयालदास री ख्यातदयालदासबीकानेर राज्य
सूरज प्रकाशकरणीदान कवियाजोधपुर महाराजा अभयसिंह
राजरूपकवीरभाणमारवाड़ का इतिहास-काव्य
वंश भास्करसूर्यमल्ल मिश्रणबूंदी के हाड़ा चौहान
वीर विनोदकविराजा श्यामलदासमेवाड़ का इतिहास
बुद्धि विलासबख्तराम शाहजयपुर (जयपुर नगर-योजना का वर्णन)
राजविलासमान कविमेवाड़ के महाराणा राजसिंह

विस्तृत लेख: मुहणोत नैणसी | सूर्यमल्ल मिश्रण

5. संस्कृत ग्रंथ

ग्रंथलेखकविषय
पृथ्वीराज विजयजयानकपृथ्वीराज चौहान तृतीय
हम्मीर महाकाव्यनयनचंद्र सूरिहम्मीर देव
ललित विग्रहराजसोमदेवविग्रहराज चतुर्थ
हरकेलि नाटकविग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)स्वयं शासक द्वारा रचित नाटक
राजप्रशस्तिरणछोड़ भट्टमेवाड़ — राजसमंद झील की शिलाओं पर अंकित
अमरकाव्य वंशावलीरणछोड़ भट्टमेवाड़ के शासक
एकलिंग माहात्म्यकान्ह व्यासमेवाड़ के गुहिल शासक; कुंभा काल
संगीतराज, संगीत मीमांसा, सूड प्रबंधमहाराणा कुंभासंगीत-शास्त्र

महाराणा कुंभा: राणा कुंभा — युद्ध, विजय, स्थापत्य

6. संत-भक्ति ग्रंथ

ग्रंथलेखक
पदावली, नरसीजी रो माहेरोमीराबाई
दादू वाणीदादूदयाल
ज्ञान समुद्र, सुंदर विलाससुंदरदास
सर्वंगीरज्जब जी
अणभै वाणीरामचरण जी
भक्तमालनाभादास
हरिरसईसरदास
विरुद छिहत्तरीदुरसा आढ़ा

संतों की सभी रचनाएँ: राजस्थान के प्रमुख संत एवं उनकी रचनाएँ

7. अंग्रेज़ी व आधुनिक ग्रंथ

ग्रंथलेखकविशेष
Annals and Antiquities of Rajasthanकर्नल जेम्स टॉडराजस्थान के इतिहास का प्रसिद्ध अंग्रेज़ी ग्रंथ
राजपूताने का इतिहासगौरीशंकर हीराचंद ओझाआधुनिक वैज्ञानिक इतिहास
चेतावनी रा चूँगट्याकेसरीसिंह बारहठ1903 — महाराणा फतेहसिंह को
केसर विलास (नाटक), कनक सुंदर (उपन्यास)शिवचंद्र भरतियापहला राजस्थानी नाटक (1900) व उपन्यास (1903)
राजस्थानी सबद कोससीताराम लालसराजस्थानी शब्दकोश
धरती धोरां री, लीलटांसकन्हैयालाल सेठियालीलटांस — साहित्य अकादमी 1976
बातां री फुलवाड़ीविजयदान देथासाहित्य अकादमी 1974
धूणी तपे तीरहरिराम मीणामानगढ़ (1913) पर हिंदी उपन्यास

विस्तृत लेख: कन्हैयालाल सेठिया | विजयदान देथा

8. इतिहास के स्रोत के रूप में ग्रंथों का महत्व

  1. रासो: वीर-गाथाएँ व युद्ध-वर्णन — पर अतिशयोक्ति के कारण तथ्य-परीक्षण आवश्यक।
  2. ख्यात-विगत: वंशावली, प्रशासन, राजस्व — अपेक्षाकृत तथ्य-आधारित।
  3. वचनिका-वेलि: किसी एक घटना (साका, युद्ध) का समकालीन विवरण।
  4. संस्कृत प्रशस्तियाँ: शिलालेखों पर अंकित होने से तिथि-निर्धारण में सहायक (जैसे राजप्रशस्ति)।
  5. संत-साहित्य: समाज, धर्म और लोक-जीवन का चित्र।
  6. अंग्रेज़ी ग्रंथ (टॉड): 19वीं सदी की दृष्टि से इतिहास-संकलन; आधुनिक इतिहासकारों ने इसकी कई धारणाओं की समीक्षा की।

📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — यह विषय परीक्षा में कैसे पूछा जाता है?

प्रश्न का प्रकारउदाहरणहल करने की कुंजी
ग्रंथ–लेखक‘पृथ्वीराज विजय’ किसकी?जयानक (संस्कृत)
एक नायक-अनेक ग्रंथहम्मीर पर लिखे ग्रंथजोधराज, नयनचंद्र सूरि, भांडउ व्यास
स्थान-आधारितराजसमंद झील पर अंकित ग्रंथ?राजप्रशस्ति (रणछोड़ भट्ट)
भाषा-आधारितपिंगल में रचित ग्रंथ?पृथ्वीराज रासो

ग्रंथ याद करने की ट्रिक-तालिका

ट्रिकजोड़ी
‘चंद’ का रासो, ‘जय’ की विजयपृथ्वीराज रासो — चंदबरदाई; पृथ्वीराज विजय — जयानक
‘रण’ का राजराजप्रशस्ति — रणछोड़ भट्ट
‘बख्त’ की बुद्धिबुद्धि विलास — बख्तराम शाह
‘शिव’ की वचनिकाअचलदास खींची री वचनिका — शिवदास गाडण
‘मान’ का विलासराजविलास — मान कवि

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राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ और उनके लेखक कौन-से हैं?

पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई), वेलि क्रिसन रुकमणी री (पृथ्वीराज राठौड़), नैणसी री ख्यात (नैणसी), वंश भास्कर (सूर्यमल्ल मिश्रण), वीर विनोद (श्यामलदास), राजप्रशस्ति (रणछोड़ भट्ट) और Annals and Antiquities of Rajasthan (कर्नल टॉड) प्रमुख ग्रंथ हैं।

‘पृथ्वीराज विजय’ किसने लिखा?

संस्कृत महाकाव्य ‘पृथ्वीराज विजय’ कश्मीरी कवि जयानक ने पृथ्वीराज चौहान तृतीय पर लिखा।

राजप्रशस्ति कहाँ अंकित है?

रणछोड़ भट्ट रचित संस्कृत ‘राजप्रशस्ति’ राजसमंद झील की शिलाओं पर अंकित है; यह महाराणा राजसिंह के काल की है।

‘हरकेलि नाटक’ किसकी रचना है?

‘हरकेलि नाटक’ अजमेर के चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) की स्वयं रचित संस्कृत रचना है।

‘बुद्धि विलास’ में किस नगर का वर्णन है?

बख्तराम शाह के ‘बुद्धि विलास’ में जयपुर नगर और उसकी योजना का वर्णन है।

📝 One-Liner Revision (15 प्रश्न)

  1. सगत रासो — गिरधर आसिया
  2. हम्मीरायण — भांडउ व्यास
  3. राठौड़ रतनसिंह महेसदासोत री वचनिका — खिड़िया जग्गा
  4. गोरा बादल पद्मिनी चौपाई — हेमरत्न सूरि
  5. राजरूपक — वीरभाण
  6. बुद्धि विलास — बख्तराम शाह
  7. राजविलास — मान कवि
  8. पृथ्वीराज विजय — जयानक
  9. ललित विग्रहराज — सोमदेव
  10. हरकेलि नाटक — विग्रहराज चतुर्थ
  11. राजप्रशस्ति — रणछोड़ भट्ट
  12. एकलिंग माहात्म्य — कान्ह व्यास
  13. संगीतराज — महाराणा कुंभा
  14. Annals and Antiquities of Rajasthan — कर्नल टॉड
  15. धूणी तपे तीर — हरिराम मीणा

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • रासो: पृथ्वीराज, बीसलदेव, खुमाण, हम्मीर, सगत।
  • वचनिका-वेलि: अचलदास खींची री, रतनसिंह महेसदासोत री; वेलि क्रिसन रुकमणी री।
  • ख्यात-विगत: नैणसी, बांकीदास, दयालदास।
  • संस्कृत: पृथ्वीराज विजय, हम्मीर महाकाव्य, राजप्रशस्ति, एकलिंग माहात्म्य, संगीतराज।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई) ≠ पृथ्वीराज विजय (जयानक) — एक पिंगल, एक संस्कृत।
  • हम्मीर रासो (जोधराज), हम्मीर महाकाव्य (नयनचंद्र सूरि), हम्मीरायण (भांडउ व्यास) — तीनों हम्मीर पर, लेखक अलग।
  • राजप्रशस्ति और अमरकाव्य वंशावली — दोनों रणछोड़ भट्ट की।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“हम्मीर के तीन — जोध का रासो, नयन का महाकाव्य, भांड का अयन”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

ग्रंथों पर प्रश्न इतिहास (स्रोत) और साहित्य — दोनों खंडों से आते हैं। एक ही नायक पर लिखे कई ग्रंथ (हम्मीर, पृथ्वीराज) सबसे अधिक भ्रम पैदा करते हैं; इन्हें अलग सूची में लिखकर याद करें।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ व राजस्थान की अन्य लोक-कलाओं पर अपनी तैयारी जाँचने के लिए नीचे दिए अभ्यास सेट हल करें:

पूरी कला एवं संस्कृति इकाई के नोट्स: राजस्थान कला एवं संस्कृति — सभी नोट्स | परीक्षा में आने वाले नए सांस्कृतिक तथ्य (पुरस्कार, महोत्सव, GI टैग): करेंट अफेयर्स

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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) — ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’ (साहित्यिक स्रोत)।
  • डॉ. गोपीनाथ शर्मा — ‘राजस्थान के इतिहास के स्रोत’।
  • डॉ. हीरालाल माहेश्वरी — ‘राजस्थानी भाषा और साहित्य’।
  • Indianetzone — Modern Rajasthani literature (शिवचंद्र भरतिया)।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान के प्रमुख ग्रंथ एवं उनके लेखक

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस, LDC एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: रासो व प्रबंध ग्रंथों के रचना-काल और लेखकत्व पर विद्वानों में मतभेद है (जैसे पृथ्वीराज रासो की प्रामाणिकता); यहाँ परीक्षा में प्रचलित लेखक-ग्रंथ संबंध दिए गए हैं।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 3 अक्टूबर 2026
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Sudhir Sirइतिहास विशेषज्ञलेखक परिचय
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. ‘पृथ्वीराज विजय’ के रचयिता हैं —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. राजसमंद झील की शिलाओं पर अंकित ‘राजप्रशस्ति’ के रचयिता हैं —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. ‘बुद्धि विलास’ के रचयिता हैं —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. ‘हरकेलि नाटक’ किसकी रचना है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. ‘गोरा बादल पद्मिनी चौपाई’ के रचयिता हैं —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

‘अचलदास खींची री वचनिका’ शिवदास गाडण की डिंगल रचना है, जिसमें गागरोन के साके (1423) का वर्णन है।

‘वीर विनोद’ मेवाड़ के कविराजा श्यामलदास ने मेवाड़ के इतिहास पर लिखा।

‘एकलिंग माहात्म्य’ कान्ह व्यास की रचना है, जो महाराणा कुंभा के काल से संबंधित है।

गिरधर आसिया का ‘सगत रासो’ महाराणा प्रताप के भाई शक्तिसिंह पर लिखा गया।

कर्नल जेम्स टॉड का प्रसिद्ध ग्रंथ ‘Annals and Antiquities of Rajasthan’ है।

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