गुरुवार, 5 नवंबर 2026·5 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

5 नवंबर 2026 — करेंट अफेयर्स (दैनिक समसामयिकी)

संपादन: योगेश जांगिड़ (सुयोग अकादमी)प्रकाशित: संपादकीय नीति · नवंबर 2026 के सभी संकलन

आज की 5 परीक्षा-उपयोगी खबरें: (1) अग्निपथ योजना में बड़ा नीतिगत सुधार: 25% नियमित कैडर के अतिरिक्त शेष 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार (4+2 = 6 वर्ष) व स्थायी सेना भर्ती का अवसर; (2) स्वच्छ ऊर्जा ग्रिड स्टोरेज: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 92 GWh एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (ESS) हेतु ₹14,500 करोड़ की VGF योजना स्वीकृत; (3) क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज): घरेलू प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सहायता (Capex Support) योजना; (4) फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs / POCSO): महिलाओं व बाल अपराधों के त्वरित निस्तारण हेतु योजना को मार्च 2031 तक विस्तार (₹3,788.04 करोड़); (5) 5 नवंबर — विश्व सुनामी जागरूकता दिवस (World Tsunami Awareness Day 2026): थीम "Be Tsunami Ready: Resilience starts with you"। हर खबर के साथ स्टैटिक GK, राजस्थान कनेक्शन, स्मरण सूत्र और आधिकारिक स्रोत।

#1
रक्षाRASCETUPSCSSCPOLICE

अग्निपथ योजना में केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा सुधार

25% नियमित कैडर के अतिरिक्त शेष 75% अग्निवीरों हेतु 2 वर्ष का सेवा विस्तार — CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि की घोषणा; 6 वर्ष की कुल सेवा उपरांत स्थायी सेना में नियमित प्रवेश का विकल्प

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4–5 नवंबर 2026 को ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सशस्त्र बलों की "अग्निपथ योजना" में बड़ा नीतिगत सुधार किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले शीर्ष 25% अग्निवीरों को नियमित संवर्ग में शामिल करने के साथ ही शेष 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Additional Engagement Period) दिया जाएगा। इस प्रकार 6 वर्ष (4+2) की कुल सेवा के बाद योग्यता और चयन मानकों के आधार पर उन्हें स्थायी सेना में नियमित प्रवेश का अवसर प्राप्त होगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    सुधार — मुख्य बिंदु:
    • 2 वर्ष का सेवा विस्तार: 4 वर्ष पूर्ण करने वाले शेष 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष की अतिरिक्त सैन्य सेवा का विकल्प; कुल सैन्य सेवा 6 वर्ष तक संभव।
    • नियमित सेना भर्ती अवसर: 6 वर्ष की सेवा पूरी होने पर अग्निवीर चयन मानकों और इच्छा के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में स्थायी प्रवेश के पात्र होंगे।
    • उद्देश्य: सेना को युवा (Youthful Profile), तकनीकी रूप से दक्ष और आधुनिक हाइब्रिड युद्धकला (ड्रोन, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर) के अनुरूप तैयार करना।
    • सशस्त्र बल: थलसेना (Indian Army), नौसेना (Indian Navy) और वायुसेना (Indian Air Force) तीनों में एकसमान लागू।
    • कल्याणकारी उपाय: अतिरिक्त 2 वर्ष की अवधि में भी वेतन वृद्धि, बीमा सुरक्षा और ग्रेच्युटी/पेंशन से जुड़े लाभों का सुदृढ़ीकरण।
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    अग्निपथ योजना व रक्षा (Static GK):
    • योजना का शुभारंभ: 14 जून 2022; रक्षा मंत्रालय द्वारा; आयु सीमा — 17.5 से 21 वर्ष।
    • सेवा निधि पैकेज: 4 वर्ष पूरे होने पर लगभग ₹11.71 लाख (आयकर मुक्त) ब्याज सहित एकमुश्त भुगतान।
    • CDS (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ): पद सृजन — 2019 (करगिल समीक्षा समिति व शेकातकर समिति की सिफारिश पर); पहले CDS — जनरल बिपिन रावत; वर्तमान CDS — जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि।
    • सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सेनापति: राष्ट्रपति (संविधान के अनुच्छेद 53(2) के अंतर्गत)।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान देश में सैन्य भर्तियों का सबसे बड़ा केंद्र है; विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनूं, सीकर, चूरू), नागौर, अलवर और भरतपुर से सर्वाधिक युवा सशस्त्र बलों में सेवा देते हैं।
    • झुंझुनूं — देश में सर्वाधिक सैनिक व बलिदानी देने वाले अग्रणी जिलों में शामिल; राज्य में दो सैनिक स्कूल — सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ (1961) व सैनिक स्कूल झुंझुनूं (2018)।
    • राजस्थान सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों हेतु विशेष आरक्षण (राज्य सेवाओं में 5% व अधीनस्थ सेवाओं में 12.5%) तथा शौर्य पुरस्कार विजेताओं हेतु नकद व भूमि आवंटन नीति लागू है।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#2
अर्थव्यवस्थाRASCETUPSCSSCPATWARI

स्वच्छ ऊर्जा एकीकरण

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज (ESS) हेतु ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना स्वीकृत — 92 GWh बैटरी व पंप्ड स्टोरेज क्षमता का लक्ष्य; 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4–5 नवंबर 2026 को देश में 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Energy Storage Systems - ESS) के विकास हेतु ₹14,500 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF) योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और इसका मुख्य उद्देश्य सौर एवं पवन ऊर्जा की अनिरंतरता (intermittency) को दूर कर 24×7 हरित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    योजना — मुख्य बिंदु:
    • बजटीय परिव्यय: ₹14,500 करोड़ की VGF वित्तीय सहायता (2026-27 से 2030-31 तक 5 वर्ष हेतु)।
    • लक्ष्य क्षमता: कुल 92 GWh ऊर्जा भंडारण — जिसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) और पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट्स (PSP) शामिल हैं।
    • वित्तीय सहायता: परियोजना पूंजीगत लागत (Capex) का 40% तक केंद्र सरकार द्वारा VGF के रूप में दिया जाएगा।
    • ऊर्जा ग्रिड संतुलन: पीक डिमांड (शाम 6 से 10 बजे) के दौरान दिन की अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड में प्रवाहित कर थर्मल पावर पर निर्भरता कम करना।
    • निजी निवेश प्रोत्साहन: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से डेवलपर्स का चयन।
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    ऊर्जा व अर्थव्यवस्था (Static GK):
    • VGF (Viability Gap Funding): आर्थिक रूप से न्यायसंगत किंतु व्यावसायिक रूप से कम व्यावहारिक ढांचागत परियोजनाओं हेतु आर्थिक कार्य विभाग (DEA, वित्त मंत्रालय) द्वारा प्रदान किया जाने वाला पूंजीगत अनुदान।
    • भारत का पंचामृत लक्ष्य (COP26, ग्लासगो 2021): वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, 50% बिजली नवीकरणीय स्रोतों से, और 2070 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन।
    • नियामक संस्था: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) एवं केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC); विद्युत अधिनियम, 2003।
    • BESS vs PSP: बैटरी स्टोरेज (त्वरित प्रतिक्रिया, 4–6 घंटे बैकअप) और पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज (दीर्घकालिक, जल गुरुत्वाकर्षण आधारित भंडारण)।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान देश में सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक (45,000+ MW) है; दिन में बनने वाली भारी सौर ऊर्जा को स्टोर करने हेतु राजस्थान में विशाल BESS प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं।
    • जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर में ग्रिड-स्केल बैटरी स्टोरेज क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं।
    • राजस्थान में रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) व चंबल नदी क्षेत्र में पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएँ (PSP) प्रस्तावित; नोडल एजेंसी — राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RRECL)।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#3
राष्ट्रीयRASUPSCCETSSCPATWARI

क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज)

घरेलू प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सहायता (Capex Support) योजना स्वीकृत — लिथियम, कोबाल्ट, निकल व दुर्लभ मृदा तत्वों (REE) में 100% आयात निर्भरता समाप्त करने का ऐतिहासिक कदम

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4–5 नवंबर 2026 को देश में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों (Critical and Strategic Minerals) के घरेलू शोधन एवं प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने हेतु ₹2,814 करोड़ की नई पूंजीगत सहायता योजना (Capex Support Scheme) को मंजूरी दी है। यह योजना नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन (NCMM) के अंतर्गत लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (REE) के आयात पर निर्भरता को कम करेगी, जो इलेक्ट्रिक वाहन, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अनिवार्य हैं।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    योजना — मुख्य तथ्य:
    • वित्तीय परिव्यय: ₹2,814 करोड़ का कैपेक्स समर्थन; 5 वर्षों की अवधि (2026–2031) हेतु।
    • लक्षित खनिज: लिथियम, निकल, कोबाल्ट, टाइटेनियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम और 17 दुर्लभ पृथ्वी तत्व (REE)।
    • प्रोत्साहन दर: प्रोसेसिंग इकाइयों को प्लांट व मशीनरी की पूंजीगत लागत पर 20% से 25% तक प्रत्यक्ष सब्सिडी।
    • रणनीतिक उद्देश्य: चीन सहित अन्य विदेशी स्रोतों पर 100% प्रसंस्करण निर्भरता को समाप्त कर स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना।
    • रोजगार व निवेश: देश में ₹12,000 करोड़ से अधिक का निजी निवेश और 30,000+ उच्च-कुशल प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान।
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    खनिज व कानून (Static GK):
    • क्रिटिकल मिनरल्स की सूची: खान मंत्रालय द्वारा भारत के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा महत्व हेतु 24 महत्वपूर्ण खनिजों की सूची अधिसूचित।
    • खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2023 (MMDR Act): केंद्र सरकार को 24 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के खनन पट्टों की नीलामी का विशेष अधिकार।
    • KABIL (खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड): 2019 में स्थापित संयुक्त उद्यम (NALCO, HCL, MECL) — विदेशों (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया) में लिथियम और कोबाल्ट संपत्तियों का अधिग्रहण।
    • GSI (भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण): स्थापना 1851, मुख्यालय कोलकाता।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान को "खनिजों का अजायबघर" (Museum of Minerals) कहा जाता है — राज्य में 82 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जिनमें से 57 का व्यावसायिक उत्पादन होता है।
    • डेगाना (नागौर) — लिथियम के विशाल भंडार की प्रारंभिक खोज तथा देश की एकमात्र प्रमुख टंगस्टन (वुल्फ्रेमाइट) खान।
    • जामरकोटड़ा (उदयपुर) — देश का सबसे बड़ा रॉक फॉस्फेट भंडार।
    • रामपुरा-आगुचा (भीलवाड़ा) — विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत सीसा-जस्ता (Lead-Zinc) खदान।
    • नोडल संस्था — राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML), मुख्यालय उदयपुर।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#4
राष्ट्रीयRASCETPOLICEUPSCSSC

महिला व बाल सुरक्षा

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSC) योजना को मार्च 2031 तक विस्तार — ₹3,788.04 करोड़ का कुल परिव्यय; 400+ अनन्य पॉक्सो (Exclusive POCSO) अदालतों में दुष्कर्म व बाल यौन अपराधों का त्वरित ट्रायल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4–5 नवंबर 2026 को महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर यौन अपराधों के त्वरित निस्तारण हेतु संचालित केंद्र प्रायोजित योजना "फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs)" को अगले पाँच वर्षों के लिए यानी 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना का कुल बजटीय परिव्यय ₹3,788.04 करोड़ है, जिसमें केंद्र का हिस्सा ₹2,400+ करोड़ "निर्भया फंड" से वहन किया जाएगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    योजना — मुख्य तथ्य:
    • विस्तार अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक (5 वर्ष विस्तार)।
    • कुल वित्तीय परिव्यय: ₹3,788.04 करोड़ (केंद्र प्रायोजित योजना - CSS; केंद्र-राज्य 60:40 अनुपात, पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य 90:10)।
    • अदालतों की संख्या: देश भर में लगभग 750+ फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स, जिनमें 400 से अधिक अनन्य पॉक्सो (Exclusive POCSO) अदालतें शामिल हैं।
    • उद्देश्य: बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत लंबित मामलों का स्पीडी ट्रायल कर पीड़ितों को समयबद्ध न्याय व सुरक्षा प्रदान करना।
    • फंडिंग: केंद्र का अंशदान "निर्भया फंड" (Nirbhaya Fund) से जारी किया जाता है।
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    न्यायपालिका व कानून (Static GK):
    • FTSC योजना की शुरुआत: अक्टूबर 2019 में, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 के बाद।
    • POCSO अधिनियम, 2012: 14 नवंबर 2012 को लागू; 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण; 2019 में संशोधन कर मृत्युदंड का प्रावधान जोड़ा गया।
    • त्वरित विचारण का अधिकार (Right to Speedy Trial): अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मौलिक अधिकार (हुस्नआरा खातून वाद 1979 व कॉमन कॉज वाद)।
    • फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की मूल अवधारणा: 11वें वित्त आयोग (2000) की सिफारिश पर शुरू हुई थी।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान में महिला एवं बाल अपराधों के त्वरित निस्तारण हेतु सभी न्यायिक जिलों में 45 से अधिक फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSC/POCSO Courts) क्रियाशील हैं।
    • राजस्थान पुलिस मुख्यालय, जयपुर में सिविल राइट्स एवं एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा महिला एवं बाल अपराध विशेष अनुसंधान सेल (WCSUC) प्रत्येक जिला स्तर पर गठित।
    • राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर व जयपुर) द्वारा नियमित रूप से FTSCs में लंबित मुकदमों के निस्तारण की सख्त निगरानी की जाती है।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#5
अंतरराष्ट्रीयRASCETUPSCSSCPATWARIREET

5 नवंबर — विश्व सुनामी जागरूकता दिवस (World Tsunami Awareness Day 2026): थीम "Be Tsunami Ready: Resilience starts with you" — संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2015 से मान्य; 1854 की जापानी "इनामुरा-नो-ही" परंपरा और हिंद महासागर सुनामी 2004 की सीख

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 5 नवंबर को विश्व भर में संयुक्त राष्ट्र द्वारा "विश्व सुनामी जागरूकता दिवस" (World Tsunami Awareness Day) मनाया जाता है। वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम "Be Tsunami Ready: Resilience starts with you" रखी गई है, जिसमें तटीय समुदायों की आपदा-रोधी क्षमता (Resilience) और पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) के अंतिम छोर तक प्रसार पर बल दिया गया है। भारत के राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS, हैदराबाद) ने इस अवसर पर भारतीय तटीय राज्यों के लिए सुनामी मॉक ड्रिल और जागरूकता सत्र आयोजित किए।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    दिवस — मुख्य तथ्य:
    • तारीख व आयोजक: 5 नवंबर; संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (UNDRR) और UNESCO-IOC द्वारा समन्वित।
    • 2026 की थीम: "Be Tsunami Ready: Resilience starts with you" (सुनामी के लिए तैयार रहें: लचीलापन आपसे शुरू होता है)।
    • इतिहास व उत्पत्ति: दिसंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा जापान के प्रस्ताव पर अंगीकृत; 1854 की जापानी कथा "इनामुरा-नो-ही" (धान के पूलों में आग) पर आधारित, जब किसान हमगुची गोरयो ने गाँव वालों को सुनामी से बचाने के लिए अपने धान के ढेरों में आग लगाकर ऊँचे स्थान पर बुलाया था।
    • 2004 की हिंद महासागर सुनामी: 26 दिसंबर 2004 को सुमात्रा (इंडोनेशिया) में 9.1–9.3 तीव्रता का भूकंप; 14 देशों में 2.30 लाख+ लोगों की मृत्यु।
    • भारत की पूर्व चेतावनी प्रणाली: ITEWC (भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र) — स्थापना 2007 में INCOIS (हैदराबाद) में; पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन।
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    आपदा व भूगोल (Static GK):
    • सुनामी क्या है?: "सुनामी" जापानी भाषा का शब्द है (Tsu = हार्बर/बंदरगाह, Nami = लहर)। यह उथले पानी की समुद्री लहरों की श्रृंखला है जो समुद्र के नीचे आए भूकंप (Subduction Zones), ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन के कारण उत्पन्न होती है।
    • सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework 2015–2030): आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु 15 वर्षीय वैश्विक ढाँचा; 7 लक्ष्य और 4 प्राथमिकताएँ।
    • आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005: भारत में NDMA (अध्यक्ष — प्रधानमंत्री), SDMA (अध्यक्ष — मुख्यमंत्री), और DDMA (अध्यक्ष — जिला कलेक्टर) का त्रि-स्तरीय ढाँचा।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान यद्यपि स्थलरुद्ध (Landlocked) राज्य है, किंतु भूकम्पीय दृष्टि से राज्य ज़ोन-II (निम्न), ज़ोन-III (मध्यम) और ज़ोन-IV (उच्च संवेदनशील — बाड़मेर, जालोर, झुंझुनूं का कुछ भाग) में विभाजित है।
    • 2001 के गुजरात (भुज) भूकंप का गंभीर प्रभाव राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जालोर जिलों में देखा गया था।
    • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), जयपुर — राज्य में प्राकृतिक व मानव-निर्मित आपदाओं के न्यूनीकरण की सर्वोच्च संस्था; राज्य में SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की 8 कंपनियाँ कार्यरत हैं।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):