संसदीय समितियाँ: लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति एवं लोक उपक्रम समिति
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स्रोत आधार: राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं का संबंधित आधिकारिक पाठ्यक्रम। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
संसदीय समितियाँ: लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति एवं लोक उपक्रम समिति
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⚡ Quick Answer: संसदीय समितियाँ संसद की ‘लघु संसद’ हैं — ये स्थायी (जैसे वित्तीय समितियाँ, DRSC) और तदर्थ (प्रवर समिति, JPC) होती हैं। तीन वित्तीय समितियाँ: (1) लोक लेखा समिति — 1921, 22 सदस्य (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा), CAG प्रतिवेदनों की जाँच, अध्यक्ष 1967 से विपक्ष से; (2) प्राक्कलन समिति — 1950 (जॉन मथाई की सिफ़ारिश), 30 सदस्य केवल लोकसभा से, ‘सतत मितव्ययिता समिति’; (3) लोक उपक्रम समिति — 1964 (कृष्ण मेनन समिति), 22 सदस्य (15 + 7), सार्वजनिक उपक्रमों की जाँच। सभी का कार्यकाल 1 वर्ष, मंत्री सदस्य नहीं, सिफ़ारिशें सलाहकारी। 24 विभाग-संबंधित स्थायी समितियाँ मंत्रालयों की बजट-मांगों की जाँच करती हैं।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ से संबंधित संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक 2024 और वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2024 जैसे विधेयक संयुक्त संसदीय समितियों (JPC) को भेजे गए — रिपोर्टों के अनुसार वक़्फ़ विधेयक 2025 में पारित हुआ, जबकि 129वें संशोधन विधेयक की JPC की स्थिति हेतु लोकसभा की वेबसाइट देखें (14 अक्टूबर 2026 तक)। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 संसदीय समितियाँ — एक दृष्टि — एक नज़र में
- आधार: अनु. 105, 118 — सदन के नियम; संविधान में विस्तृत उल्लेख नहीं
- दो प्रकार: स्थायी व तदर्थ
- वित्तीय समितियाँ: PAC, प्राक्कलन, लोक उपक्रम
- PAC: 22 सदस्य; अध्यक्ष विपक्ष से (1967 से)
- प्राक्कलन: 30 सदस्य, केवल लोकसभा
- DRSC: 24 — 16 लोकसभा, 8 राज्यसभा के अधीन
1. संसदीय समितियाँ — ‘लघु संसद’
संसद के पास समय कम और कार्य अधिक होता है; हर विधेयक, बजट-मांग या सरकारी व्यय की गहन जाँच पूरे सदन में संभव नहीं। इसलिए संसद अपने सदस्यों की छोटी-छोटी समितियाँ बनाती है, जिन्हें ‘लघु संसद’ (mini-Parliament) कहा जाता है। संविधान में इनका अलग से विस्तृत प्रावधान नहीं — ये प्रक्रिया-नियमों (अनु. 118) के अंतर्गत बनती हैं और इनके सदस्यों को संसदीय विशेषाधिकार (अनु. 105) प्राप्त होते हैं। संसदीय समिति वह है जो (i) सदन द्वारा नियुक्त/निर्वाचित या अध्यक्ष/सभापति द्वारा नामित हो, (ii) अध्यक्ष/सभापति के निर्देशन में कार्य करे, (iii) सदन या अध्यक्ष को रिपोर्ट दे और (iv) जिसका सचिवालय लोकसभा/राज्यसभा सचिवालय हो। संसद की संरचना भारतीय संसद: लोकसभा व राज्यसभा की तुलना में देखें।
2. समितियों का वर्गीकरण
| श्रेणी | उदाहरण |
|---|---|
| वित्तीय समितियाँ | लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति, सरकारी (लोक) उपक्रम समिति |
| विभाग-संबंधित स्थायी समितियाँ (DRSC) | 24 — जैसे गृह, वित्त, रक्षा, शिक्षा आदि |
| जाँच संबंधी | याचिका समिति, विशेषाधिकार समिति, आचार समिति |
| संवीक्षा/नियंत्रण संबंधी | सरकारी आश्वासन समिति, अधीनस्थ विधान समिति, सभा पटल पर रखे पत्रों संबंधी समिति, SC/ST कल्याण समिति, महिला सशक्तिकरण समिति |
| दैनंदिन कार्य संबंधी | कार्य मंत्रणा समिति, गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयकों व संकल्पों संबंधी समिति, नियम समिति, सदस्यों की अनुपस्थिति संबंधी समिति |
| गृह-व्यवस्था (house-keeping) | सामान्य प्रयोजन समिति, आवास समिति, पुस्तकालय समिति, वेतन-भत्ता संयुक्त समिति |
| तदर्थ समितियाँ | प्रवर समिति, संयुक्त संसदीय समिति (JPC) — विशिष्ट विधेयक/विषय हेतु |
🎯 संसदीय समितियाँ — अभ्यास
PAC, प्राक्कलन व COPU की संख्या-वर्ष-अध्यक्ष वाली तालिका RAS, CET व व्याख्याता परीक्षाओं में बार-बार:
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3. लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee)
- उत्पत्ति: 1921 — भारत शासन अधिनियम 1919 (मोंटफ़ोर्ड सुधार) के अंतर्गत; सबसे पुरानी वित्तीय समिति।
- संरचना: 22 सदस्य — 15 लोकसभा (लोकसभा द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से निर्वाचित) + 7 राज्यसभा (सहयोजित); कार्यकाल 1 वर्ष; मंत्री सदस्य नहीं हो सकते।
- अध्यक्ष: लोकसभा अध्यक्ष द्वारा सदस्यों में से नियुक्त — 1967 से परंपरागत रूप से विपक्ष से।
- कार्य: CAG के वार्षिक लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच — विनियोग लेखे, वित्त लेखे, सार्वजनिक उपक्रम लेखे; यह देखना कि व्यय संसद द्वारा स्वीकृत प्रयोजन व राशि के भीतर हुआ; अधिक व्यय की जाँच कर लोकसभा को सिफ़ारिश।
- CAG को PAC का ‘मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ कहा जाता है।
- सीमाएँ: व्यय हो जाने के बाद जाँच (post-mortem); नीतिगत प्रश्नों में नहीं जाती; सिफ़ारिशें बाध्यकारी नहीं; दैनिक प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं।
4. प्राक्कलन समिति (Estimates Committee)
- उत्पत्ति: 1950 — तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई की सिफ़ारिश पर (पृष्ठभूमि — 1921 की स्थायी वित्त समिति)।
- संरचना: मूलतः 25, 1956 से 30 सदस्य — सभी लोकसभा से (आनुपातिक प्रतिनिधित्व से निर्वाचित); राज्यसभा का प्रतिनिधित्व नहीं; कार्यकाल 1 वर्ष; अध्यक्ष प्रायः सत्तारूढ़ दल से।
- कार्य: बजट प्राक्कलनों की जाँच कर मितव्ययिता, संगठनात्मक सुधार व दक्षता हेतु वैकल्पिक नीतियाँ सुझाना; यह देखना कि धन नीति की सीमा में सही ढंग से व्यय हो रहा है — इसलिए ‘सतत मितव्ययिता समिति’।
- सीमाएँ: बजट मतदान से पहले नहीं — पूरे वर्ष चयनित मंत्रालयों की जाँच; संसद द्वारा निर्धारित नीति पर प्रश्न नहीं; सिफ़ारिशें सलाहकारी।
5. सरकारी (लोक) उपक्रम समिति (COPU)
- उत्पत्ति: 1964 — कृष्ण मेनन समिति की सिफ़ारिश पर।
- संरचना: मूलतः 15 (10 + 5), 1974 से 22 सदस्य — 15 लोकसभा + 7 राज्यसभा; कार्यकाल 1 वर्ष; मंत्री सदस्य नहीं।
- कार्य: सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिवेदनों व लेखों तथा उन पर CAG के प्रतिवेदनों की जाँच; यह देखना कि उपक्रम ठोस व्यावसायिक सिद्धांतों पर चल रहे हैं।
- सीमाएँ: दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन/नीति में हस्तक्षेप नहीं; सभी उपक्रम इसकी परिधि में नहीं।
6. तीन वित्तीय समितियों की तुलना
| आधार | लोक लेखा समिति | प्राक्कलन समिति | लोक उपक्रम समिति |
|---|---|---|---|
| स्थापना | 1921 | 1950 | 1964 |
| सदस्य | 22 (15 + 7) | 30 (केवल लोकसभा) | 22 (15 + 7) |
| राज्यसभा | हाँ — 7 | नहीं | हाँ — 7 |
| अध्यक्ष | विपक्ष से (1967 से परंपरा) | प्रायः सत्तापक्ष से | प्रायः सत्तापक्ष से |
| मुख्य आधार | CAG प्रतिवेदन | बजट प्राक्कलन | उपक्रमों के लेखे + CAG प्रतिवेदन |
| उपनाम | व्यय की ‘पोस्ट-मॉर्टम’ समिति | सतत मितव्ययिता समिति | — |
| सिफ़ारिश | सलाहकारी | सलाहकारी | सलाहकारी |
बजट प्रक्रिया में इन समितियों की भूमिका केंद्रीय बजट, विनियोग व वित्त विधेयक में देखें।
7. विभाग-संबंधित स्थायी समितियाँ (DRSC) व अन्य
- DRSC: 1993 में 17 समितियों से शुरुआत (नियम समिति की सिफ़ारिश पर); 2004 में बढ़ाकर 24 — 16 लोकसभा व 8 राज्यसभा के अधीन; प्रत्येक में 31 सदस्य (21 लोकसभा + 10 राज्यसभा)।
- कार्य — मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जाँच (बजट के अवकाश-काल में), संदर्भित विधेयकों की जाँच, वार्षिक प्रतिवेदन व दीर्घकालीन नीति-दस्तावेज़ों पर विचार; मंत्री सदस्य नहीं।
- विशेषाधिकार समिति: लोकसभा में 15, राज्यसभा में 10 सदस्य — विशेषाधिकार भंग की जाँच; विस्तार संसदीय विशेषाधिकार एवं विशेषाधिकार भंग में।
- आचार समिति: राज्यसभा 1997, लोकसभा 2000 (तदर्थ), 2015 से स्थायी — सदस्यों के नैतिक आचरण की जाँच।
- संयुक्त संसदीय समिति (JPC): तदर्थ; प्रमुख उदाहरण — बोफ़ोर्स (1987), हर्षद मेहता प्रतिभूति घोटाला (1992), केतन पारेख (2001), शीतल पेय कीटनाशक (2003), 2G स्पेक्ट्रम (2011)।
- कार्य मंत्रणा समिति: लोकसभा में 15 सदस्य — अध्यक्ष पदेन अध्यक्ष; सदन का समय-निर्धारण।
महत्व व आलोचना: समितियाँ दलगत राजनीति से हटकर विशेषज्ञ जाँच करती हैं और कार्यपालिका की जवाबदेही बढ़ाती हैं; पर सिफ़ारिशें बाध्यकारी नहीं, और हाल के वर्षों में कम विधेयक समितियों को भेजे जाने की आलोचना की जाती है (PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के विश्लेषणों के अनुसार)।
संबंधित: केंद्रीय बजट, विनियोग व वित्त विधेयक | भारतीय संसद: लोकसभा व राज्यसभा की तुलना | लोकसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष | संसदीय विशेषाधिकार एवं विशेषाधिकार भंग
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| वर्गीकरण | 7 श्रेणी | खंड 2 |
| PAC | 1921, 22 | खंड 3 |
| प्राक्कलन | 1950, 30 | खंड 4 |
| COPU | 1964, 22 | खंड 5 |
| DRSC/JPC | 24 | खंड 7 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
लोक लेखा समिति में कितने सदस्य होते हैं?
22 — 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से; कार्यकाल एक वर्ष।
प्राक्कलन समिति को सतत मितव्ययिता समिति क्यों कहते हैं?
क्योंकि वह पूरे वर्ष बजट प्राक्कलनों की जाँच कर व्यय में मितव्ययिता व दक्षता हेतु वैकल्पिक नीतियाँ सुझाती है।
लोक लेखा समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नियुक्त सदस्य — 1967 से परंपरागत रूप से विपक्षी दल से।
किस वित्तीय समिति में राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता?
प्राक्कलन समिति — इसके सभी 30 सदस्य लोकसभा से होते हैं।
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) क्या है?
किसी विशिष्ट विधेयक या विषय की जाँच हेतु दोनों सदनों के सदस्यों से बनी तदर्थ समिति, जो रिपोर्ट देने के बाद समाप्त हो जाती है।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
लोक लेखा समिति (PAC) में कुल सदस्य —
(A) 30 (केवल लोकसभा) (B) 15 (केवल लोकसभा) (C) 31 (21 + 10) (D) 22 (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा)
✅ उत्तर: (D) 22 (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा) — कार्यकाल 1 वर्ष।
प्राक्कलन समिति के संबंध में सही कथन —
(A) 22 सदस्य, दोनों सदनों से (B) राज्यसभा के 10 सदस्य (C) अध्यक्ष विपक्ष से (D) 30 सदस्य, सभी लोकसभा से
✅ उत्तर: (D) 30 सदस्य, सभी लोकसभा से — सबसे बड़ी वित्तीय समिति।
लोक लेखा समिति का अध्यक्ष विपक्ष से नियुक्त करने की परंपरा कब से?
(A) 1952 (B) 1977 (C) 1993 (D) 1967
✅ उत्तर: (D) 1967 — अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
‘सतत मितव्ययिता समिति’ (Continuous Economy Committee) किसे कहा जाता है?
(A) लोक लेखा समिति (B) लोक उपक्रम समिति (C) कार्य मंत्रणा समिति (D) प्राक्कलन समिति
✅ उत्तर: (D) प्राक्कलन समिति — मितव्ययिता हेतु वैकल्पिक नीतियाँ सुझाती है।
लोक उपक्रम समिति (COPU) का गठन किसकी सिफ़ारिश पर हुआ?
(A) कृष्ण मेनन समिति (B) जॉन मथाई (C) बलवंत राय मेहता (D) सरकारिया आयोग
✅ उत्तर: (A) कृष्ण मेनन समिति — 1964।
CAG को किस संसदीय समिति का ‘मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ कहा जाता है?
(A) लोक लेखा समिति (B) प्राक्कलन समिति (C) लोक उपक्रम समिति (D) कार्य मंत्रणा समिति
✅ उत्तर: (A) लोक लेखा समिति — PAC CAG के प्रतिवेदनों पर ही कार्य करती है।
विभाग-संबंधित स्थायी समितियों (DRSC) की वर्तमान संख्या —
(A) 17 (B) 22 (C) 30 (D) 24
✅ उत्तर: (D) 24 — 1993 में 17; 2004 में 24।
प्राक्कलन समिति का गठन किसकी सिफ़ारिश पर (1950)?
(A) टी.टी. कृष्णमाचारी (B) जॉन मथाई (वित्त मंत्री) (C) जी.वी. मावलंकर (D) नेहरू
✅ उत्तर: (B) जॉन मथाई (वित्त मंत्री) — स्वतंत्रता पूर्व 1921 में ‘स्थायी वित्त समिति’ से पृष्ठभूमि।
मंत्री किस वित्तीय समिति का सदस्य नहीं हो सकता?
(A) किसी पर रोक नहीं (B) तीनों वित्तीय समितियों का (C) केवल PAC का (D) केवल प्राक्कलन समिति का
✅ उत्तर: (B) तीनों वित्तीय समितियों का — मंत्री बनने पर सदस्यता समाप्त।
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) किस प्रकार की समिति है?
(A) तदर्थ समिति (B) स्थायी वित्तीय समिति (C) विभाग-संबंधित स्थायी समिति (D) संवैधानिक समिति
✅ उत्तर: (A) तदर्थ समिति — विशिष्ट विषय हेतु — कार्य पूरा होने पर समाप्त।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- सबसे पुरानी वित्तीय समिति — लोक लेखा समिति (1921)
- सबसे बड़ी वित्तीय समिति — प्राक्कलन (30)
- प्राक्कलन समिति सिफ़ारिश — जॉन मथाई
- COPU सिफ़ारिश — कृष्ण मेनन समिति
- PAC अध्यक्ष विपक्ष से — 1967
- DRSC — 24
- CAG — PAC का मित्र, दार्शनिक, मार्गदर्शक
- आचार समिति (राज्यसभा) — 1997
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- संसदीय समितियों के सदस्यों को विशेषाधिकार प्राप्त।
- वित्तीय समितियों में मंत्री सदस्य नहीं हो सकते।
- समितियों की सिफ़ारिशें बाध्यकारी नहीं।
- PAC व्यय के बाद की जाँच करती है।
- JPC तदर्थ समिति है।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- प्राक्कलन समिति में राज्यसभा सदस्य नहीं।
- PAC का अध्यक्ष राज्यसभा से नहीं बनाया जाता (परंपरा — लोकसभा सदस्य)।
- COPU में 22 सदस्य — 15 नहीं (1974 से)।
- DRSC 1993 में 17 — 24 नहीं।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- स्थापना — “21-50-64” (PAC 1921, प्राक्कलन 1950, COPU 1964)।
- सदस्य — “22-30-22”; प्राक्कलन में राज्यसभा ‘शून्य’।
- “PAC = पिछला व्यय (Past), प्राक्कलन = पहले का अनुमान, COPU = कंपनियाँ”।
- “PAC का अध्यक्ष विपक्ष — 67 से”।
- DRSC — “17 से 24; 16 लोक + 8 राज्य; 31 सदस्य”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
खंड 6 की तुलना-तालिका को दीवार पर लगाइए — वर्ष (21-50-64) और सदस्य (22-30-22) का जोड़ा याद हो गया तो इस अध्याय के 70% प्रश्न हल हो जाते हैं।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
संसदीय समितियाँ: लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति एवं लोक उपक्रम समिति पर अपनी तैयारी परखने के लिए:
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- संसद में विधेयकों के प्रकार
- राज्यसभा के सभापति, उपसभापति व विशेष शक्तियाँ
- संसद के सत्र, प्रश्नकाल, शून्यकाल व प्रस्ताव
- केंद्रीय मंत्रिपरिषद एवं मंत्रिमंडल
📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- लोकसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियम — समितियों संबंधी अध्याय।
- लोकसभा सचिवालय — संसदीय समितियों की पुस्तिका (sansad.in/ls/committee)।
- भारत का संविधान — अनु. 105, 118, 148–151।
- PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च — समिति रिपोर्ट विश्लेषण (prsindia.org)।

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Q1. लोक लेखा समिति (PAC) में कुल सदस्य —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. प्राक्कलन समिति के संबंध में सही कथन —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. लोक लेखा समिति का अध्यक्ष विपक्ष से नियुक्त करने की परंपरा कब से?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. ‘सतत मितव्ययिता समिति’ (Continuous Economy Committee) किसे कहा जाता है?
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सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
22।
30 (लोकसभा)।
1964।
विपक्ष से।
24।
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