नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): अनुच्छेद 148 से 151 एवं कार्य
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): अनुच्छेद 148 से 151 एवं कार्य
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⚡ Quick Answer: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) भारत के सार्वजनिक धन का संरक्षक और केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर संपूर्ण वित्तीय व्यवस्था का नियंत्रक है — संविधान के भाग 5, अध्याय 5 (अनु. 148–151) में। वह भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग (IA&AD) का प्रमुख है। CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर व मुद्रा सहित अधिपत्र (warrant) द्वारा करते हैं; शपथ राष्ट्रपति के समक्ष (तीसरी अनुसूची)। कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (CAG अधिनियम, 1971); हटाना सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की भाँति; वेतन SC न्यायाधीश के बराबर, भारत की संचित निधि पर भारित; पद छोड़ने के बाद किसी सरकारी पद हेतु अपात्र। CAG केंद्र के लेखा-प्रतिवेदन राष्ट्रपति को और राज्य के राज्यपाल को सौंपता है (अनु. 151), जो इन्हें विधायिका के समक्ष रखवाते हैं। डॉ. अंबेडकर ने इसे संविधान का ‘सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी’ कहा। वर्तमान (15वें) CAG — के. संजय मूर्ति।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): के. संजय मूर्ति ने 21 नवंबर 2024 को भारत के 15वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के रूप में शपथ ली — उनसे पहले गिरीश चंद्र मुर्मू (14वें CAG) थे। CAG ने हाल के वर्षों में स्थानीय निकायों की लेखा-परीक्षा, डिजिटल/डेटा-आधारित लेखा-परीक्षा और राज्यों के वित्त पर वार्षिक प्रतिवेदन पर ज़ोर दिया है। प्रतिवेदनों की अद्यतन सूची cag.gov.in पर देखें। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) — एक नज़र में
- संवैधानिक आधार: अनु. 148–151 (भाग 5)
- नियुक्ति: राष्ट्रपति — अधिपत्र (warrant) द्वारा
- कार्यकाल: 6 वर्ष या 65 वर्ष (1971 का अधिनियम)
- हटाना: SC न्यायाधीश की भाँति
- प्रतिवेदन: केंद्र — राष्ट्रपति; राज्य — राज्यपाल (अनु. 151)
- प्रमुख विधि: CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1971
- प्रथम CAG: वी. नरहरि राव (1948–54)
- वर्तमान CAG: के. संजय मूर्ति (15वें)
1. CAG: परिचय एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
संसदीय लोकतंत्र में कार्यपालिका जनता के धन का व्यय करती है और विधायिका उसकी जवाबदेही तय करती है। विधायिका यह जवाबदेही CAG के प्रतिवेदनों के माध्यम से सुनिश्चित करती है — इसलिए CAG को ‘संसद की आँख व कान’ और ‘लोक धन का प्रहरी’ कहा जाता है। डॉ. अंबेडकर के अनुसार CAG का कर्तव्य ‘न्यायपालिका से भी अधिक महत्वपूर्ण’ है।
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1858 | लेखा-परीक्षा कार्यालय की स्थापना (ब्रिटिश क्राउन द्वारा शासन ग्रहण के बाद) |
| 1860 | सर एडवर्ड ड्रमंड — भारत के प्रथम महालेखा परीक्षक (Auditor General) |
| 1919, 1935 | भारत शासन अधिनियमों से वैधानिक स्थिति व स्वतंत्रता |
| 1948 | वी. नरहरि राव — स्वतंत्र भारत के प्रथम CAG |
| 1950 | संविधान के अनु. 148–151 |
| 1971 | CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम |
| 1976 | केंद्र सरकार के लेखांकन को लेखा-परीक्षा से अलग किया गया (विभागीकरण) — लेखा अब नियंत्रक महालेखा (CGA) व मंत्रालयों के पास |
2. संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 148–151
| अनुच्छेद | प्रावधान |
|---|---|
| 148 | CAG की नियुक्ति, शपथ, सेवा-शर्तें, हटाना, सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिबंध, कार्यालय का व्यय |
| 149 | CAG के कर्तव्य व शक्तियाँ — संसद की विधि द्वारा (1971 का अधिनियम) |
| 150 | संघ व राज्यों के लेखाओं का प्रारूप — राष्ट्रपति, CAG की सलाह पर निर्धारित करते हैं |
| 151 | लेखा-परीक्षा प्रतिवेदन — संघ के राष्ट्रपति को, राज्य के राज्यपाल को; वे इन्हें संसद/विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं |
| 279 | करों के ‘शुद्ध आगम’ का CAG द्वारा निर्धारण व प्रमाणन — अंतिम |
ध्यान दें: विधानमंडल वाले संघ राज्यक्षेत्रों (दिल्ली, पुदुचेरी, जम्मू-कश्मीर) के प्रतिवेदन उपराज्यपाल को सौंपे जाते हैं।
3. नियुक्ति, शपथ, कार्यकाल एवं हटाना
- नियुक्ति: राष्ट्रपति — अपने हस्ताक्षर व मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा (अनु. 148(1)); संविधान या विधि में कोई योग्यता निर्धारित नहीं — परंपरा से वरिष्ठ IAS/IA&AS अधिकारी।
- शपथ (अनु. 148(2)): राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष — तीसरी अनुसूची; संविधान व विधि बनाए रखने, भारत की प्रभुता-अखंडता, बिना भय-पक्षपात कर्तव्य पालन की शपथ।
- कार्यकाल: 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु — जो पहले हो (1971 का अधिनियम)।
- त्यागपत्र: राष्ट्रपति को।
- हटाना: उसी रीति व आधार पर जैसे सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश — सिद्ध कदाचार/असमर्थता पर संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत से पारित समावेदन पर राष्ट्रपति। अर्थात CAG राष्ट्रपति के ‘प्रसादपर्यंत’ पद धारण नहीं करता।
हटाने की प्रक्रिया का विस्तार सर्वोच्च न्यायालय: न्यायाधीशों की नियुक्ति व हटाना में देखें।
🎯 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) — अभ्यास
अनु. 148–151, CAG के प्रतिवेदन किसे सौंपे जाते हैं और ‘PAC का मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ — ये तथ्य RAS, CET व व्याख्याता परीक्षाओं में बार-बार आते हैं:
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4. स्वतंत्रता हेतु संवैधानिक सुरक्षा
| सुरक्षा | प्रावधान |
|---|---|
| कार्यकाल की सुरक्षा | केवल SC न्यायाधीश की भाँति हटाया जा सकता है |
| सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिबंध | भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन आगे कोई पद नहीं (अनु. 148(4)) |
| वेतन व सेवा-शर्तें | संसद द्वारा निर्धारित — SC न्यायाधीश के बराबर; नियुक्ति के बाद अलाभकारी परिवर्तन नहीं |
| व्यय भारित | वेतन, भत्ते, पेंशन व कार्यालय का प्रशासनिक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित — मतदान नहीं |
| विभाग पर नियंत्रण | IA&AD के कर्मचारियों की सेवा-शर्तें राष्ट्रपति, CAG से परामर्श के बाद तय करते हैं (अनु. 148(5)) |
| मंत्री द्वारा प्रतिनिधित्व नहीं | कोई मंत्री संसद में CAG का प्रतिनिधित्व नहीं करता, न उसके कार्यों की ज़िम्मेदारी लेता |
इन सुरक्षाओं की अन्य संवैधानिक निकायों से तुलना संवैधानिक, वैधानिक व नियामक निकायों में अंतर में करें।
5. CAG के कर्तव्य एवं शक्तियाँ (1971 का अधिनियम)
- भारत की संचित निधि, प्रत्येक राज्य की संचित निधि तथा विधानसभा वाले प्रत्येक संघ राज्यक्षेत्र की संचित निधि से हुए सभी व्यय की लेखा-परीक्षा।
- भारत की आकस्मिकता निधि व लोक लेखा तथा राज्यों की आकस्मिकता निधि व लोक लेखा से व्यय की लेखा-परीक्षा।
- केंद्र/राज्य सरकार के किसी विभाग के व्यापार, विनिर्माण, लाभ-हानि लेखे, तुलन-पत्र व सहायक लेखाओं की लेखा-परीक्षा।
- केंद्र/राज्य के भंडार व स्टॉक लेखे।
- केंद्र/राज्य के राजस्व से पर्याप्त रूप से वित्तपोषित निकायों व प्राधिकरणों; सरकारी कंपनियों; तथा अन्य निगमों की, जब उनकी विधि ऐसा कहे।
- राष्ट्रपति/राज्यपाल के अनुरोध पर किसी अन्य प्राधिकरण की लेखा-परीक्षा (जैसे स्थानीय निकाय)।
- करों के शुद्ध आगम का निर्धारण व प्रमाणन (अनु. 279) — प्रमाणपत्र अंतिम।
- लेखाओं के प्रारूप पर राष्ट्रपति को सलाह (अनु. 150)।
- राज्यों के लेखाओं का संकलन व रख-रखाव (केंद्र के लेखे 1976 से अलग)।
- लोक लेखा समिति (PAC) के ‘मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ के रूप में कार्य।
6. लेखा-परीक्षा के प्रकार एवं तीन प्रतिवेदन
| प्रकार | अर्थ | स्वरूप |
|---|---|---|
| वैधानिक/नियामक लेखा-परीक्षा (Legal/Regularity) | व्यय विधि, नियमों व विनियोग के अनुरूप है या नहीं | अनिवार्य |
| औचित्य लेखा-परीक्षा (Propriety) | व्यय में बुद्धिमत्ता, निष्ठा, मितव्ययिता — अपव्यय/दिखावा तो नहीं | विवेकाधीन |
| निष्पादन लेखा-परीक्षा (Performance) | योजनाओं की दक्षता, प्रभावशीलता, मितव्ययिता (3E) | विवेकाधीन; बढ़ता महत्व |
| वित्तीय लेखा-परीक्षा (Financial attest) | लेखों का प्रमाणन | अनिवार्य |
गुप्त सेवा व्यय: सुरक्षा/गुप्तचर एजेंसियों के गुप्त व्यय का CAG विस्तृत परीक्षण नहीं करता — केवल सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी का प्रमाणपत्र स्वीकार करता है।
| CAG के तीन मुख्य प्रतिवेदन | विषय |
|---|---|
| विनियोग लेखा पर प्रतिवेदन | संसद द्वारा विनियोग अधिनियम से स्वीकृत राशि बनाम वास्तविक व्यय |
| वित्त लेखा पर प्रतिवेदन | प्राप्तियाँ व वितरण, संपत्तियाँ-देयताएँ |
| सार्वजनिक उपक्रमों पर प्रतिवेदन | सरकारी कंपनियाँ व निगम |
चर्चित प्रतिवेदन: 2G स्पेक्ट्रम आवंटन (2010), कोयला ब्लॉक आवंटन (2012), राष्ट्रमंडल खेल (2011) — इन्होंने ‘अनुमानित हानि’ की अवधारणा पर व्यापक बहस छेड़ी।
7. CAG और लोक लेखा समिति (PAC)
- CAG के प्रतिवेदन संसद में रखे जाने के बाद लोक लेखा समिति द्वारा जाँचे जाते हैं; सार्वजनिक उपक्रमों संबंधी प्रतिवेदन सार्वजनिक उपक्रम समिति (COPU) देखती है।
- CAG समिति की बैठकों में उपस्थित रहकर सहायता करता है — इसलिए ‘PAC का मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’।
- PAC में 22 सदस्य (लोकसभा 15, राज्यसभा 7); परंपरा से अध्यक्ष विपक्ष से।
- CAG के प्रतिवेदन सलाहकारी हैं — सरकार पर सीधे बाध्यकारी नहीं; कार्रवाई PAC की अनुशंसाओं व सरकार की ‘कार्रवाई-टिप्पणियों (ATN)’ से होती है।
समितियों का विस्तार संसदीय समितियाँ: PAC, प्राक्कलन व COPU तथा बजट प्रक्रिया केंद्रीय बजट, विनियोग व वित्त विधेयक में पढ़ें।
8. भारत बनाम ब्रिटेन का CAG एवं सीमाएँ
| आधार | भारत | ब्रिटेन |
|---|---|---|
| भूमिका | केवल महालेखा परीक्षक — व्यय होने के बाद लेखा-परीक्षा | नियंत्रक भी — संचित निधि से धन निकासी पर पूर्व नियंत्रण |
| धन निकासी | कार्यपालिका CAG की अनुमति के बिना निकाल सकती है | CAG की स्वीकृति आवश्यक |
| संसद से संबंध | संसद का सदस्य/अधिकारी नहीं — स्वतंत्र संवैधानिक प्राधिकारी | हाउस ऑफ़ कॉमन्स का अधिकारी |
सीमाएँ एवं सुधार के सुझाव
- नाम ‘नियंत्रक’ होते हुए भी निकासी पर नियंत्रण नहीं — केवल व्यय-पश्चात (post-facto) लेखा-परीक्षा।
- नियुक्ति में पारदर्शिता का अभाव — कोई चयन समिति या योग्यता निर्धारित नहीं; बहु-सदस्यीय लेखा-परीक्षा बोर्ड का सुझाव।
- प्रतिवेदनों पर PAC व सरकार की कार्रवाई में विलंब; कई राज्यों में प्रतिवेदन देर से सदन में रखे जाते हैं।
- PPP परियोजनाएँ, निजी कंपनियों को आवंटित संसाधन व स्थानीय निकायों की लेखा-परीक्षा में अधिकार स्पष्ट करना — सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में कहा कि सरकार के साथ राजस्व-साझेदारी वाली निजी दूरसंचार कंपनियों के लेखे CAG जाँच सकता है।
संबंधित: संसदीय समितियाँ: PAC, प्राक्कलन व COPU | केंद्रीय बजट, विनियोग व वित्त विधेयक | वित्त आयोग: अनुच्छेद 280 | संवैधानिक, वैधानिक व नियामक निकायों में अंतर
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| अनुच्छेद-मिलान | 148 नियुक्ति, 151 प्रतिवेदन | खंड 2 |
| कार्यकाल/हटाना | 6/65, SC न्यायाधीश की भाँति | खंड 3 |
| सुरक्षा | आगे कोई पद नहीं | खंड 4 |
| लेखा-परीक्षा प्रकार | औचित्य — विवेकाधीन | खंड 6 |
| संबंध/तुलना | PAC; ब्रिटेन | खंड 7 व 8 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
CAG की नियुक्ति कौन करता है?
राष्ट्रपति — अपने हस्ताक्षर व मुद्रा सहित अधिपत्र (warrant) द्वारा, अनु. 148 के अंतर्गत।
CAG का कार्यकाल कितना होता है?
6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो — CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1971 के अनुसार।
CAG अपना प्रतिवेदन किसे सौंपता है?
केंद्र से संबंधित प्रतिवेदन राष्ट्रपति को और राज्य से संबंधित राज्यपाल को (अनु. 151), जो इन्हें संसद/विधानमंडल में रखवाते हैं।
CAG को ‘PAC का मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ क्यों कहते हैं?
क्योंकि लोक लेखा समिति CAG के प्रतिवेदनों की जाँच करती है और CAG बैठकों में उपस्थित रहकर समिति को तकनीकी सहायता देता है।
वर्तमान CAG कौन हैं?
के. संजय मूर्ति — भारत के 15वें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, 21 नवंबर 2024 से।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
CAG की नियुक्ति संबंधी प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
(A) अनु. 76 (B) अनु. 148 (C) अनु. 151 (D) अनु. 280
✅ उत्तर: (B) अनु. 148 — अनु. 76 — महान्यायवादी।
CAG का कार्यकाल —
(A) 5 वर्ष या 62 वर्ष (B) राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (C) 6 वर्ष या 65 वर्ष (D) 5 वर्ष या 65 वर्ष
✅ उत्तर: (C) 6 वर्ष या 65 वर्ष — 1971 का अधिनियम।
CAG राज्य के लेखाओं से संबंधित प्रतिवेदन किसे सौंपता है?
(A) राज्यपाल (B) मुख्यमंत्री (C) विधानसभा अध्यक्ष (D) राष्ट्रपति
✅ उत्तर: (A) राज्यपाल — अनु. 151(2)।
CAG को हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
(A) UPSC अध्यक्ष (B) महान्यायवादी (C) मुख्य सूचना आयुक्त (D) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
✅ उत्तर: (D) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश — अनु. 148(1)।
संघ व राज्यों के लेखाओं का प्रारूप कौन निर्धारित करता है?
(A) CAG (B) राष्ट्रपति — CAG की सलाह पर (C) वित्त मंत्री (D) संसद
✅ उत्तर: (B) राष्ट्रपति — CAG की सलाह पर — अनु. 150।
CAG की कौन-सी लेखा-परीक्षा विवेकाधीन है?
(A) औचित्य लेखा-परीक्षा (B) वैधानिक लेखा-परीक्षा (C) नियामक लेखा-परीक्षा (D) विनियोग लेखा
✅ उत्तर: (A) औचित्य लेखा-परीक्षा — अपव्यय की जाँच।
CAG को ‘लोक लेखा समिति का मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक’ कहा जाता है क्योंकि —
(A) वह समिति का अध्यक्ष है (B) वह समिति के सदस्यों को नामित करता है (C) समिति उसके प्रतिवेदनों की जाँच करती है और वह सहायता करता है (D) वह संसद का सदस्य है
✅ उत्तर: (C) समिति उसके प्रतिवेदनों की जाँच करती है और वह सहायता करता है — PAC में 22 सदस्य।
स्वतंत्र भारत के प्रथम CAG —
(A) के. संजय मूर्ति (B) विनोद राय (C) सर एडवर्ड ड्रमंड (D) वी. नरहरि राव
✅ उत्तर: (D) वी. नरहरि राव — 1948–54।
करों के ‘शुद्ध आगम’ का CAG द्वारा प्रमाणन किस अनुच्छेद में है?
(A) अनु. 279 (B) अनु. 270 (C) अनु. 280 (D) अनु. 266
✅ उत्तर: (A) अनु. 279 — प्रमाणपत्र अंतिम।
1976 में केंद्र सरकार के किस कार्य को CAG से अलग किया गया?
(A) लेखा-परीक्षा (B) लेखांकन (accounts) (C) बजट निर्माण (D) कर संग्रह
✅ उत्तर: (B) लेखांकन (accounts) — विभागीकरण।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- CAG — अनु. 148–151
- नियुक्ति — राष्ट्रपति — अधिपत्र द्वारा
- कार्यकाल — 6 वर्ष / 65 वर्ष
- CAG अधिनियम — 1971
- लेखांकन अलग — 1976
- प्रतिवेदन — अनु. 151
- शुद्ध आगम प्रमाणन — अनु. 279
- प्रथम महालेखा परीक्षक — सर एडवर्ड ड्रमंड, 1860
- प्रथम CAG (स्वतंत्र भारत) — वी. नरहरि राव
- 15वें CAG — के. संजय मूर्ति
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- CAG का पद राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत नहीं — हटाना SC न्यायाधीश की भाँति।
- सेवानिवृत्ति के बाद किसी सरकारी पद हेतु अपात्र।
- भारत में CAG केवल ‘महालेखा परीक्षक’ — धन निकासी पर नियंत्रण नहीं।
- औचित्य व निष्पादन लेखा-परीक्षा विवेकाधीन, वैधानिक अनिवार्य।
- प्रतिवेदन PAC व COPU द्वारा जाँचे जाते हैं।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- राज्य के प्रतिवेदन राज्यपाल को — मुख्यमंत्री या विधानसभा अध्यक्ष को नहीं।
- लेखाओं का प्रारूप राष्ट्रपति तय करते हैं — CAG केवल सलाह देता है।
- CAG का कार्यकाल संविधान में नहीं, 1971 के अधिनियम में है।
- सर एडवर्ड ड्रमंड — महालेखा परीक्षक (1860); वी. नरहरि राव — स्वतंत्र भारत के प्रथम CAG।
- CAG संसद का सदस्य नहीं और कोई मंत्री उसका प्रतिनिधित्व नहीं करता।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- “148 बिठाओ, 149 काम दो, 150 फ़ॉर्मैट, 151 रिपोर्ट”।
- “CAG = 6-65, SC जैसा हटाना, आगे कुछ नहीं”।
- प्रतिवेदन — “केंद्र → राष्ट्रपति, राज्य → राज्यपाल, UT → उपराज्यपाल”।
- तीन प्रतिवेदन — “विनियोग, वित्त, उपक्रम” (VVU)।
- “71 में अधिनियम, 76 में अलग हिसाब”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
CAG पर प्रश्न प्रायः तीन बिंदुओं से आते हैं — प्रतिवेदन किसे (अनु. 151), हटाने की रीति (SC न्यायाधीश जैसी) और सेवानिवृत्ति के बाद पूर्ण प्रतिबंध। RAS मुख्य परीक्षा में ‘CAG की भूमिका व सीमाएँ’ पर उत्तर देते समय भारत–ब्रिटेन तुलना (खंड 8) अवश्य लिखें।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): अनुच्छेद 148 से 151 एवं कार्य पर अपनी तैयारी परखने के लिए:
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- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
- राजस्थान के संवैधानिक एवं वैधानिक आयोग
📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- भारत का संविधान — अनु. 148–151, 279; तीसरी अनुसूची।
- नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1971।
- भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक कार्यालय (cag.gov.in) — CAG की सूची, लेखा-परीक्षा मानक।
- एसोसिएशन ऑफ़ यूनिफ़ाइड टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स बनाम भारत संघ (2014)।

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Q1. CAG की नियुक्ति संबंधी प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. CAG का कार्यकाल —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. CAG राज्य के लेखाओं से संबंधित प्रतिवेदन किसे सौंपता है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. CAG को हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
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सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
अनु. 148–151।
6 वर्ष या 65 वर्ष।
केंद्र — राष्ट्रपति; राज्य — राज्यपाल।
SC न्यायाधीश की भाँति, संसद के विशेष बहुमत से।
के. संजय मूर्ति (15वें)।
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