अंतरराज्यीय परिषद, क्षेत्रीय परिषदें एवं अंतरराज्यीय विवाद
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: भारत का संविधान (मूल पाठ व नवीनतम संशोधन), RPSC RAS, UPSC CSE एवं राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं का आधिकारिक पाठ्यक्रम। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
अंतरराज्यीय परिषद, क्षेत्रीय परिषदें एवं अंतरराज्यीय विवाद
सुयोग AI गुरु
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⚡ Quick Answer: अंतरराज्यीय परिषद संविधान के अनु. 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति के आदेश से 28 मई 1990 को सरकारिया आयोग की अनुशंसा पर गठित स्थायी परामर्शदात्री निकाय है — अध्यक्ष प्रधानमंत्री; सदस्य सभी राज्यों व विधानसभा वाले संघ राज्यक्षेत्रों के मुख्यमंत्री, अन्य UT के प्रशासक, प्रधानमंत्री द्वारा नामित 6 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (गृह मंत्री सहित)। क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक नहीं, वैधानिक निकाय हैं — राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 से बनी 5 परिषदें (उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी); अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री; राजस्थान उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में है। पूर्वोत्तर हेतु अलग पूर्वोत्तर परिषद (NEC अधिनियम, 1971)। अंतरराज्यीय जल विवाद — अनु. 262 व अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत न्यायाधिकरणों से निपटते हैं; इनमें सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार वर्जित है।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): अंतरराज्यीय परिषद की अंतिम (11वीं) पूर्ण बैठक जुलाई 2016 में हुई थी — उसके बाद परिषद का पुनर्गठन तो हुआ, पर पूर्ण बैठक नहीं (17 अक्टूबर 2026 तक)। क्षेत्रीय परिषदों की बैठकें केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में नियमित रूप से हो रही हैं। अंतरराज्यीय नदी जल विवाद (संशोधन) विधेयक, 2019 (एकल स्थायी न्यायाधिकरण का प्रस्ताव) लोकसभा से पारित होने के बाद भी कानून नहीं बन सका। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 अंतरराज्यीय परिषद व क्षेत्रीय परिषदें — एक नज़र में
- अंतरराज्यीय परिषद: अनु. 263 — गठन 28 मई 1990 (राष्ट्रपति का आदेश)
- अनुशंसा: सरकारिया आयोग
- ISC अध्यक्ष: प्रधानमंत्री
- क्षेत्रीय परिषदें: 5 — राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (वैधानिक)
- क्षेत्रीय परिषद अध्यक्ष: केंद्रीय गृह मंत्री
- राजस्थान: उत्तरी क्षेत्रीय परिषद
- पूर्वोत्तर परिषद: NEC अधिनियम, 1971 — सिक्किम 2002 से
- जल विवाद: अनु. 262 — अधिनियम 1956
1. अंतरराज्यीय संबंध: संवैधानिक ढाँचा
संघीय व्यवस्था में केवल केंद्र–राज्य संबंध ही नहीं, बल्कि राज्य–राज्य (क्षैतिज) संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। संविधान ने अंतरराज्यीय सहयोग व विवाद-समाधान हेतु निम्न प्रावधान किए हैं —
| विषय | प्रावधान |
|---|---|
| अंतरराज्यीय जल विवादों का न्याय-निर्णय | अनु. 262 |
| अंतरराज्यीय परिषद द्वारा समन्वय | अनु. 263 |
| सार्वजनिक कृत्यों, अभिलेखों व न्यायिक कार्यवाहियों को पूर्ण विश्वास व मान्यता | अनु. 261 |
| अंतरराज्यीय व्यापार, वाणिज्य व समागम की स्वतंत्रता | अनु. 301–307 (भाग 13) |
| राज्यों के बीच विधिक विवाद (सर्वोच्च न्यायालय) | अनु. 131 |
| क्षेत्रीय परिषदें (संविधानेतर, वैधानिक) | राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 |
केंद्र–राज्य संबंधों के समग्र ढाँचे हेतु केंद्र–राज्य संबंध: विधायी, प्रशासनिक व वित्तीय पढ़ें।
2. अंतरराज्यीय परिषद (अनु. 263)
अनु. 263 के अनुसार यदि राष्ट्रपति को लगे कि लोकहित में परिषद की स्थापना आवश्यक है, तो वे आदेश द्वारा अंतरराज्यीय परिषद गठित कर सकते हैं और उसके कर्तव्य, संगठन व प्रक्रिया तय कर सकते हैं। अनु. 263 परिषद के तीन संभावित कार्य बताता है —
- (a) राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच व सलाह;
- (b) केंद्र व राज्यों के साझा हित के विषयों का अन्वेषण व विचार-विमर्श;
- (c) ऐसे विषयों पर नीति व कार्रवाई के बेहतर समन्वय हेतु सिफ़ारिश।
ध्यान दें: 1990 के राष्ट्रपति आदेश ने परिषद को केवल (b) व (c) कार्य सौंपे — विवादों की जाँच-सलाह (a) का कार्य नहीं दिया गया। परिषद परामर्शदात्री निकाय है; इसकी सिफ़ारिशें बाध्यकारी नहीं।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| गठन | 28 मई 1990, राष्ट्रपति का आदेश — सरकारिया आयोग (1988) की अनुशंसा पर; इससे पूर्व प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) ने भी सुझाया था |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री |
| सदस्य | सभी राज्यों के मुख्यमंत्री; विधानसभा वाले संघ राज्यक्षेत्रों के मुख्यमंत्री; विधानसभा-रहित UT के प्रशासक; राष्ट्रपति शासन वाले राज्यों के राज्यपाल; प्रधानमंत्री द्वारा नामित 6 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (गृह मंत्री सहित) |
| स्थायी आमंत्रित | प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री (कैबिनेट/स्वतंत्र प्रभार) |
| स्थायी समिति | 1996 में — अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री; कुछ केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री सदस्य; परिषद के विचारार्थ विषयों की तैयारी |
| सचिवालय | अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय (1991) — गृह मंत्रालय के अधीन; क्षेत्रीय परिषदों का सचिवालय भी (2011 से) |
| बैठकें | आदेश के अनुसार वर्ष में कम से कम 3 बार, बंद कमरे में, सर्वसम्मति से निर्णय; व्यवहार में अब तक 11 बैठकें — प्रथम अक्टूबर 1990, अंतिम जुलाई 2016 |
अनु. 263 के अंतर्गत अन्य परिषदें: केंद्रीय स्वास्थ्य परिषद, केंद्रीय स्थानीय शासन परिषद, भारतीय चिकित्सा पद्धति व होम्योपैथी की केंद्रीय परिषदें, क्षेत्रीय बिक्री कर परिषदें (पूर्व में)।
3. क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils)
प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1956 में राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान इनका सुझाव दिया। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (भाग 3) से पाँच क्षेत्रीय परिषदें बनीं — ये वैधानिक हैं, संवैधानिक नहीं; परामर्शदात्री निकाय।
| क्षेत्रीय परिषद | सदस्य राज्य/संघ राज्यक्षेत्र |
|---|---|
| उत्तरी | हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख |
| मध्य | छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश |
| पूर्वी | बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल |
| पश्चिमी | गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव |
| दक्षिणी | आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुदुचेरी |
संरचना
- अध्यक्ष: केंद्रीय गृह मंत्री (पाँचों परिषदों के साझा अध्यक्ष)।
- उपाध्यक्ष: सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से, प्रत्येक 1 वर्ष के लिए।
- सदस्य: क्षेत्र के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री; प्रत्येक राज्य से राज्यपाल द्वारा नामित 2 अन्य मंत्री; क्षेत्र के संघ राज्यक्षेत्रों के प्रशासक।
- सलाहकार (मतदान अधिकार नहीं): नीति आयोग द्वारा नामित व्यक्ति, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव व विकास आयुक्त।
- स्थायी समिति: सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव — बैठकों की तैयारी।
उद्देश्य: राष्ट्रीय एकीकरण, क्षेत्रीय/भाषाई/प्रांतीय भावनाओं पर अंकुश, आर्थिक-सामाजिक नियोजन में सहयोग, सीमा विवाद, भाषाई अल्पसंख्यक, अंतरराज्यीय परिवहन, सुरक्षा जैसे साझा विषयों पर विमर्श। राजस्थान का संदर्भ राजस्थान की राजव्यवस्था: संपूर्ण परिचय में देखें।
🎯 अंतरराज्यीय परिषद व क्षेत्रीय परिषदें — अभ्यास
अनु. 263 की परिषद की संरचना, पाँच क्षेत्रीय परिषदें (राजस्थान — उत्तरी) और जल विवाद न्यायाधिकरण RAS, CET व व्याख्याता परीक्षाओं के स्थायी प्रश्न हैं:
- RPSC RAS Prelims 2026 टेस्ट सीरीज़
- Rajasthan CET (स्नातक) फाइनल मेगा टेस्ट सीरीज़
- RPSC प्रथम श्रेणी व्याख्याता 2026 टेस्ट सीरीज़
- RAS Prelims फाइनल रिवीजन टेस्ट सीरीज़
सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स
4. पूर्वोत्तर परिषद (NEC)
- आधार: पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971 — वैधानिक निकाय; मुख्यालय शिलांग।
- सदस्य राज्य: असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश तथा 2002 से सिक्किम — कुल 8 राज्य।
- अध्यक्ष: 2018 से केंद्रीय गृह मंत्री (पदेन); उपाध्यक्ष — पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री।
- स्वरूप: मूलतः सलाहकारी, 2002 के संशोधन से क्षेत्रीय नियोजन निकाय — क्षेत्रीय योजना तैयार करना।
| आधार | अंतरराज्यीय परिषद | क्षेत्रीय परिषद | पूर्वोत्तर परिषद |
|---|---|---|---|
| प्रकृति | संवैधानिक (अनु. 263) — राष्ट्रपति के आदेश से गठित | वैधानिक — राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 | वैधानिक — NEC अधिनियम 1971 |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री | केंद्रीय गृह मंत्री | केंद्रीय गृह मंत्री (2018 से) |
| संख्या/क्षेत्र | 1 — राष्ट्रीय | 5 क्षेत्र | 8 पूर्वोत्तर राज्य |
| भूमिका | परामर्शदात्री | परामर्शदात्री | परामर्श + क्षेत्रीय नियोजन |
5. अंतरराज्यीय नदी जल विवाद (अनु. 262)
- अनु. 262(1): संसद विधि द्वारा अंतरराज्यीय नदी या नदी-घाटी के जल के उपयोग, वितरण या नियंत्रण संबंधी विवादों के न्याय-निर्णय की व्यवस्था कर सकती है।
- अनु. 262(2): संसद यह भी उपबंध कर सकती है कि ऐसे विवाद पर न सर्वोच्च न्यायालय, न अन्य कोई न्यायालय क्षेत्राधिकार का प्रयोग करेगा।
- अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956: केंद्र सरकार राज्य के अनुरोध पर तदर्थ न्यायाधिकरण गठित करती है; न्यायाधिकरण का निर्णय अंतिम व बाध्यकारी; SC व अन्य न्यायालयों का क्षेत्राधिकार वर्जित (पर अनु. 136 के तहत अपील SC ने स्वीकार की — कावेरी 2018)।
- 2002 का संशोधन: अनुरोध के 1 वर्ष में न्यायाधिकरण गठन; निर्णय 3 वर्ष में (2 वर्ष विस्तार संभव); निर्णय का राजपत्र में प्रकाशन होने पर SC की डिक्री के समान बल।
- नदी बोर्ड अधिनियम, 1956: अंतरराज्यीय नदियों के विनियमन व विकास हेतु बोर्ड — व्यवहार में अप्रभावी।
| न्यायाधिकरण | गठन | संबंधित राज्य |
|---|---|---|
| कृष्णा (KWDT-I) | 1969 | महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश |
| गोदावरी | 1969 | महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा |
| नर्मदा | 1969 | गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान |
| रावी व ब्यास | 1986 | पंजाब, हरियाणा, राजस्थान |
| कावेरी | 1990 | कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी |
| कृष्णा (KWDT-II) | 2004 | महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश (बाद में तेलंगाना) |
| वंशधारा | 2010 | ओडिशा, आंध्र प्रदेश |
| महादायी (मांडवी) | 2010 | गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र |
| महानदी | 2018 | ओडिशा, छत्तीसगढ़ |
कावेरी: न्यायाधिकरण का अंतिम निर्णय 2007; 16 फ़रवरी 2018 को सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक का हिस्सा बढ़ाया, कावेरी को ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ कहा; निर्णय लागू करने हेतु कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) व कावेरी जल विनियमन समिति (2018)। सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र देखें।
6. अंतरराज्यीय सीमा विवाद एवं अन्य मुद्दे
| विवाद | राज्य | स्थिति/तथ्य |
|---|---|---|
| बेलगावी (बेलगाम) | महाराष्ट्र–कर्नाटक | भाषाई आधार पर दावा; मामला सर्वोच्च न्यायालय में (2004 से) |
| असम–मेघालय | असम–मेघालय | मार्च 2022 में 12 में से 6 विवादित क्षेत्रों पर समझौता |
| असम–मिज़ोरम | असम–मिज़ोरम | जुलाई 2021 में हिंसक झड़प |
| असम–अरुणाचल | असम–अरुणाचल प्रदेश | अप्रैल 2023 का समझौता (नामसाई घोषणा के बाद) |
| असम–नागालैंड | असम–नागालैंड | लंबित; सीमा पर तनाव |
अंतरराज्यीय व्यापार एवं वाणिज्य (अनु. 301–307)
- अनु. 301: संपूर्ण भारत में व्यापार, वाणिज्य व समागम स्वतंत्र।
- अनु. 302: संसद लोकहित में प्रतिबंध लगा सकती है।
- अनु. 304(b): राज्य लोकहित में युक्तियुक्त प्रतिबंध लगा सकता है — विधेयक हेतु राष्ट्रपति की पूर्व मंज़ूरी आवश्यक।
- अनु. 307: संसद इन उद्देश्यों हेतु प्राधिकरण नियुक्त कर सकती है — अब तक नियुक्त नहीं।
सहकारी संघवाद के व्यापक संदर्भ में भारतीय संघवाद एवं सहकारी संघवाद पढ़ें।
7. प्रभावशीलता, समस्याएँ एवं सुझाव
| समस्या | सुझाव |
|---|---|
| अंतरराज्यीय परिषद की अनियमित बैठकें (2016 के बाद नहीं) | पुंछी आयोग — परिषद को ‘गतिशील, शक्तिशाली मंच’ बनाना; वर्ष में कम से कम 3 बैठकें |
| सिफ़ारिशें बाध्यकारी नहीं | सिफ़ारिशों पर कार्रवाई रिपोर्ट संसद में रखना |
| जल न्यायाधिकरणों में दशकों का विलंब | एकल स्थायी न्यायाधिकरण व विवाद समाधान समिति (2019 विधेयक का प्रस्ताव); नदी बेसिन प्राधिकरण |
| निर्णयों का अनुपालन न होना | CWMA जैसे क्रियान्वयन प्राधिकरण; राष्ट्रीय जल नीति |
| क्षेत्रीय परिषदों की सीमित भूमिका | विवादों के प्रारंभिक समाधान व क्षेत्रीय नियोजन में अधिक भूमिका |
संबंधित: केंद्र–राज्य संबंध | भारतीय संघवाद एवं सहकारी संघवाद | सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र | आपातकालीन प्रावधान: तुलना
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| अनुच्छेद | 263 — परिषद, 262 — जल | खंड 1, 2 व 5 |
| संरचना | ISC अध्यक्ष PM, ZC अध्यक्ष HM | खंड 2–4 |
| क्षेत्र-मिलान | राजस्थान — उत्तरी | खंड 3 |
| न्यायाधिकरण | नर्मदा, रावी-ब्यास, कावेरी | खंड 5 |
| प्रकृति | संवैधानिक बनाम वैधानिक | खंड 4 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
अंतरराज्यीय परिषद का गठन कब हुआ?
28 मई 1990 को राष्ट्रपति के आदेश से, अनु. 263 के अंतर्गत, सरकारिया आयोग की अनुशंसा पर; अध्यक्ष प्रधानमंत्री।
क्षेत्रीय परिषदें कितनी हैं और किस कानून से बनीं?
पाँच — उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी व दक्षिणी; राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 से; अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री।
राजस्थान किस क्षेत्रीय परिषद में है?
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में — हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के साथ।
अंतरराज्यीय जल विवाद कैसे सुलझते हैं?
अनु. 262 व अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत केंद्र द्वारा गठित न्यायाधिकरण से; निर्णय अंतिम व बाध्यकारी।
क्या अंतरराज्यीय परिषद संवैधानिक निकाय है?
हाँ — इसका आधार अनु. 263 है, किंतु इसका गठन राष्ट्रपति के आदेश से होता है; क्षेत्रीय परिषदें वैधानिक हैं।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
अंतरराज्यीय परिषद का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
(A) अनु. 262 (B) अनु. 263 (C) अनु. 280 (D) अनु. 261
✅ उत्तर: (B) अनु. 263 — 1990 में गठित।
अंतरराज्यीय परिषद का अध्यक्ष कौन होता है?
(A) प्रधानमंत्री (B) राष्ट्रपति (C) केंद्रीय गृह मंत्री (D) उपराष्ट्रपति
✅ उत्तर: (A) प्रधानमंत्री — स्थायी समिति — गृह मंत्री।
क्षेत्रीय परिषदें किस अधिनियम के अंतर्गत गठित हुईं?
(A) भारत शासन अधिनियम, 1935 (B) अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 (C) राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 (D) पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971
✅ उत्तर: (C) राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 — वैधानिक निकाय।
राजस्थान किस क्षेत्रीय परिषद का सदस्य है?
(A) पश्चिमी (B) मध्य (C) उत्तरी (D) उत्तरी व पश्चिमी दोनों
✅ उत्तर: (C) उत्तरी — हरियाणा, पंजाब आदि के साथ।
क्षेत्रीय परिषदों का अध्यक्ष कौन होता है?
(A) प्रधानमंत्री (B) संबंधित राज्यपाल (C) मुख्यमंत्री (बारी-बारी से) (D) केंद्रीय गृह मंत्री
✅ उत्तर: (D) केंद्रीय गृह मंत्री — उपाध्यक्ष — मुख्यमंत्री बारी-बारी से 1 वर्ष हेतु।
अंतरराज्यीय परिषद की स्थापना की अनुशंसा किसने की?
(A) सरकारिया आयोग (B) राजमन्नार समिति (C) पुंछी आयोग (D) दिनेश गोस्वामी समिति
✅ उत्तर: (A) सरकारिया आयोग — 1988 की रिपोर्ट।
2002 में पूर्वोत्तर परिषद में शामिल होने वाला राज्य —
(A) त्रिपुरा (B) सिक्किम (C) मिज़ोरम (D) अरुणाचल प्रदेश
✅ उत्तर: (B) सिक्किम — अब 8 राज्य।
रावी–ब्यास जल विवाद न्यायाधिकरण से संबंधित राज्य हैं —
(A) पंजाब, हरियाणा, हिमाचल (B) पंजाब, हरियाणा, दिल्ली (C) पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर (D) पंजाब, हरियाणा, राजस्थान
✅ उत्तर: (D) पंजाब, हरियाणा, राजस्थान — 1986 में गठित।
अंतरराज्यीय जल विवादों में सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार वर्जित करने की शक्ति संसद को किस अनुच्छेद से मिलती है?
(A) अनु. 262(2) (B) अनु. 131 (C) अनु. 263 (D) अनु. 253
✅ उत्तर: (A) अनु. 262(2) — अधिनियम 1956।
अंतरराज्यीय परिषद की अंतिम (11वीं) बैठक कब हुई?
(A) 2006 (B) 2010 (C) 2016 (D) 2022
✅ उत्तर: (C) 2016 — जुलाई 2016।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- अंतरराज्यीय परिषद — अनु. 263
- गठन — 28 मई 1990
- ISC अध्यक्ष — प्रधानमंत्री
- ISC स्थायी समिति — 1996 — गृह मंत्री
- क्षेत्रीय परिषदें — 5 — 1956 अधिनियम
- ZC अध्यक्ष — केंद्रीय गृह मंत्री
- NEC — 1971 अधिनियम, शिलांग
- जल विवाद — अनु. 262
- कावेरी न्यायाधिकरण — 1990
- सार्वजनिक कृत्यों को मान्यता — अनु. 261
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- 1990 के आदेश में अनु. 263(a) — विवादों की जाँच का कार्य परिषद को नहीं दिया गया।
- क्षेत्रीय परिषदें वैधानिक, अंतरराज्यीय परिषद संवैधानिक।
- क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष — मुख्यमंत्री, बारी-बारी 1 वर्ष हेतु।
- जल न्यायाधिकरण का निर्णय राजपत्र में प्रकाशन के बाद SC की डिक्री के समान।
- राजस्थान नर्मदा व रावी-ब्यास दोनों न्यायाधिकरणों में पक्षकार।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- अंतरराज्यीय परिषद के अध्यक्ष प्रधानमंत्री; क्षेत्रीय परिषद के गृह मंत्री।
- क्षेत्रीय परिषदें संविधान में नहीं — 1956 का अधिनियम।
- NEC में सिक्किम 2002 में जुड़ा — मूल सदस्य नहीं।
- जल विवाद अनु. 262 — अनु. 263 नहीं।
- राजस्थान पश्चिमी नहीं, उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- “262 पानी, 263 परिषद” — क्रम से।
- ISC — “PM अध्यक्ष, 6 मंत्री, 1990 जन्म, 2016 अंतिम बैठक”।
- उत्तरी परिषद — “HP-HR-PB-RJ + दिल्ली, चंडीगढ़, J&K, लद्दाख”।
- न्यायाधिकरण — “69 में तीन (कृष्णा-गोदावरी-नर्मदा), 86 रावी-ब्यास, 90 कावेरी”।
- “NEC — 71 में बना, 2002 में सिक्किम मिला, 2018 में गृह मंत्री अध्यक्ष”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
राजस्थान की परीक्षाओं में ‘राजस्थान किस क्षेत्रीय परिषद में है’ और ‘किन जल न्यायाधिकरणों में राजस्थान पक्षकार है’ (नर्मदा, रावी-ब्यास) बार-बार पूछे गए हैं। अंतरराज्यीय परिषद बनाम क्षेत्रीय परिषद की तुलनात्मक तालिका (खंड 4) से कथन-आधारित प्रश्न बनते हैं।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
अंतरराज्यीय परिषद, क्षेत्रीय परिषदें एवं अंतरराज्यीय विवाद पर अपनी तैयारी परखने के लिए:
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- केंद्र–राज्य संबंध
- भारतीय संघवाद एवं सहकारी संघवाद
- सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र
- आपातकालीन प्रावधान: तुलना
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- केंद्रीय मंत्रिपरिषद एवं मंत्रिमंडल
- राजस्थान की राजव्यवस्था: संपूर्ण परिचय
📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- भारत का संविधान — अनु. 131, 261, 262, 263, 301–307।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956; अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 (2002 संशोधन); पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971।
- अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय, गृह मंत्रालय (interstatecouncil.gov.in) — बैठकों व संरचना का विवरण।
- कर्नाटक राज्य बनाम तमिलनाडु राज्य (कावेरी, 2018); जल शक्ति मंत्रालय — न्यायाधिकरणों की सूची।

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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. अंतरराज्यीय परिषद का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. अंतरराज्यीय परिषद का अध्यक्ष कौन होता है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. क्षेत्रीय परिषदें किस अधिनियम के अंतर्गत गठित हुईं?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. राजस्थान किस क्षेत्रीय परिषद का सदस्य है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q5. क्षेत्रीय परिषदों का अध्यक्ष कौन होता है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
अनु. 263।
28 मई 1990।
5 — राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद।
अनु. 262।
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