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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

शिक्षण विधियाँ, शिक्षण सूत्र और मूल्यांकन — CCE, ब्लूम, NCF 2005, NEP 2020, क्रियात्मक अनुसंधान

महेंद्र ढाका (भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
21 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: REET व RSSB REET मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम का बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड; NCERT/NCF 2005, RTE अधिनियम 2009 व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल प्रावधान। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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संक्षिप्त उत्तर: शिक्षण विधियाँ दो ध्रुवों के बीच हैं — शिक्षक-केंद्रित (व्याख्यान, प्रदर्शन) और बाल-केंद्रित (प्रोजेक्ट — किलपैट्रिक, ह्यूरिस्टिक/अन्वेषण — आर्मस्ट्रांग, मॉन्टेसरी — मारिया मॉन्टेसरी, किंडरगार्टन — फ्रोबेल, डाल्टन योजना — हेलेन पार्कहर्स्ट, खेल-विधि, समस्या-समाधान, क्रिया-आधारित और पृच्छा/जाँच-आधारित)। शिक्षण सूत्र कहते हैं — ज्ञात से अज्ञात, सरल से जटिल, मूर्त से अमूर्त, विशिष्ट से सामान्य। आकलन में रचनात्मक (Formative) आकलन सीखने के दौरान सुधार के लिए (assessment for learning) और योगात्मक (Summative) आकलन अंत में निर्णय के लिए (assessment of learning) होता है; स्व-आकलन और चिंतन assessment as learning है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) में "सतत" = पूरे वर्ष नियमित आकलन और "व्यापक" = शैक्षिक (Scholastic) व सह-शैक्षिक (Co-scholastic) दोनों पक्ष; निदानात्मक परीक्षण कठिनाई का कारण खोजता है और उसके बाद उपचारात्मक शिक्षण होता है। ब्लूम (1956) के संज्ञानात्मक स्तर — ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन — को एंडरसन व क्राथवोल (2001) ने स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन में संशोधित किया। NCF 2005 ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ने और रटंत से मुक्ति पर बल देता है; NEP 2020 ने 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 ढाँचा दिया; और कक्षा की तात्कालिक समस्या के शिक्षक-द्वारा समाधान को क्रियात्मक अनुसंधान (स्टीफन कोरे) कहते हैं।


संक्षिप्त उत्तर

विधि / अवधारणाप्रतिपादक / संबंधमुख्य विशेषता
प्रोजेक्ट विधिविलियम हर्ड किलपैट्रिक (ड्यूई के प्रयोजनवाद पर आधारित)सामाजिक वातावरण में पूरे मन से किया गया उद्देश्यपूर्ण कार्य
ह्यूरिस्टिक (अन्वेषण) विधिएच. ई. आर्मस्ट्रांगछात्र स्वयं खोजकर्ता की तरह सीखे
मॉन्टेसरी विधिमारिया मॉन्टेसरी (इटली)इंद्रिय-प्रशिक्षण, उपदेशात्मक उपकरण, स्व-शिक्षा
किंडरगार्टनफ्रेडरिक फ्रोबेल (जर्मनी)"बालकों का बगीचा"; उपहार (Gifts) व व्यापार (Occupations); खेल
डाल्टन योजनाहेलेन पार्कहर्स्ट (अमेरिका)मासिक कार्य-अनुबंध (Assignment), विषय-प्रयोगशालाएँ, अपनी गति
समस्या-समाधान विधिजॉन ड्यूई (चिंतनशील विचार)समस्या → परिकल्पना → परीक्षण → निष्कर्ष
पाँच औपचारिक सोपानहरबर्ट (हरबार्ट)तैयारी, प्रस्तुतीकरण, तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग
रचनात्मक व योगात्मक मूल्यांकन शब्दमाइकल स्क्रिवनFormative — दौरान; Summative — अंत में
ब्लूम का वर्गीकरणबेंजामिन ब्लूम, 19566 संज्ञानात्मक स्तर; शीर्ष — मूल्यांकन
संशोधित वर्गीकरणएंडरसन व क्राथवोल, 20016 स्तर क्रिया-रूप में; शीर्ष — सृजन
NCF 2005NCERT; अध्यक्ष — प्रो. यशपालज्ञान को जीवन से जोड़ना, रटंत से मुक्ति, रचनावाद
NEP 2020केंद्र सरकार (डॉ. के. कस्तूरीरंगन समिति का प्रारूप)5+3+3+4 ढाँचा
शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधानस्टीफन एम. कोरे (1953); शब्द — कर्ट लेविनशिक्षक द्वारा कक्षा की तात्कालिक समस्या का व्यवस्थित समाधान

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

REET और CTET के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड में "शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, शिक्षण विधियाँ, आकलन और मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, क्रियात्मक अनुसंधान" सीधे सूचीबद्ध हैं। REET के प्रत्येक विषय के शिक्षण विधि (Pedagogy) भाग — हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन — में भी यही विधियाँ, सूत्र और आकलन के प्रश्न अलग रूप में आते हैं। सीखने के सिद्धांतों के लिए पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत और वाइगोत्स्की का सामाजिक रचनावाद इस अध्याय की पृष्ठभूमि हैं, क्योंकि NCF 2005 की बाल-केंद्रित शिक्षा इन्हीं पर टिकी है।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • REET लेवल 1 व लेवल 2 — शिक्षाशास्त्र, आकलन, CCE, क्रियात्मक अनुसंधान
  • RSSB REET मुख्य परीक्षा — शैक्षिक मनोविज्ञान और विषय-शिक्षणशास्त्र
  • CTET पेपर I व II — Assessment, Pedagogy, NCF 2005
  • RPSC/RSSB शिक्षक भर्ती — शिक्षण विधियाँ व उनके प्रतिपादक

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. विधि–प्रतिपादक मिलान (डाल्टन योजना — हेलेन पार्कहर्स्ट)
  2. कक्षा परिदृश्य से विधि पहचानना
  3. शिक्षण सूत्र का उदाहरण पहचानना
  4. रचनात्मक बनाम योगात्मक आकलन; निदान बनाम उपचार
  5. ब्लूम के स्तर का क्रम और प्रश्न का स्तर पहचानना
  6. NCF 2005 के सिद्धांत, NEP 2020 का ढाँचा, क्रियात्मक अनुसंधान का उद्देश्य

3. शिक्षण विधियाँ

3.1 शिक्षक-केंद्रित बनाम बाल-केंद्रित

आधारशिक्षक-केंद्रितबाल-केंद्रित
सक्रियताशिक्षक सक्रिय, छात्र निष्क्रिय श्रोताछात्र सक्रिय, शिक्षक सुविधादाता
ज्ञानहस्तांतरित किया जाता हैछात्र स्वयं निर्मित करता है (रचनावाद)
उदाहरणव्याख्यान, प्रदर्शनप्रोजेक्ट, ह्यूरिस्टिक, खेल-विधि, समस्या-समाधान, पृच्छा
NCF 2005 की दृष्टिसीमित उपयोगअनुशंसित

3.2 प्रमुख विधियाँ — विस्तृत तालिका

विधिप्रतिपादकप्रक्रिया / विशेषताउपयुक्त कबसीमा
व्याख्यान (Lecture)—शिक्षक मौखिक रूप से विषय प्रस्तुत करता हैबड़ी कक्षा, उच्च कक्षाएँ, कम समय में अधिक सामग्री, परिचयछात्र निष्क्रिय; छोटे बच्चों के लिए अनुपयुक्त
प्रदर्शन (Demonstration)—शिक्षक प्रयोग/कौशल करके दिखाता है, छात्र अवलोकन करते हैंविज्ञान प्रयोग, खतरनाक या महँगे उपकरण, कौशलछात्र स्वयं नहीं करते
प्रोजेक्ट (Project)किलपैट्रिकवास्तविक जीवन की समस्या पर समूह में उद्देश्यपूर्ण कार्यपर्यावरण, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान — "करके सीखना"अधिक समय और संसाधन
ह्यूरिस्टिक (Heuristic)आर्मस्ट्रांगयूनानी "Heurisko" — मैं खोजता हूँ; छात्र प्रयोग करके स्वयं निष्कर्ष निकालता हैविज्ञान, गणितधीमी गति; छोटे बच्चों के लिए कठिन
मॉन्टेसरीमारिया मॉन्टेसरी"बाल गृह" (Casa dei Bambini, रोम); उपदेशात्मक उपकरण; इंद्रिय-प्रशिक्षण; शिक्षिका = "निर्देशिका"; स्व-शिक्षापूर्व-प्राथमिकमहँगे उपकरण
किंडरगार्टनफ्रोबेलविद्यालय = बगीचा, बच्चा = पौधा, शिक्षक = माली; उपहार, व्यापार, गीत, खेलपूर्व-प्राथमिकऔपचारिक क्रम पर अधिक बल
डाल्टन योजनाहेलेन पार्कहर्स्टडाल्टन (मैसाचुसेट्स, अमेरिका); मासिक कार्य-अनुबंध; विषय-प्रयोगशालाएँ; अपनी गति से स्वतंत्र अध्ययन; समय-सारिणी का बंधन नहींउच्च प्राथमिक व माध्यमिक, स्व-अध्ययनकमजोर छात्र पिछड़ सकते हैं
खेल-विधि (Play-way)फ्रोबेल ने खेल को शिक्षा का आधार माना; "Play Way" नाम काल्डवेल कुक से जुड़ाखेल के माध्यम से सीखना; आनंद, सक्रियताप्राथमिक कक्षाएँ, भाषा, गणितउद्देश्य से भटकने का खतरा
समस्या-समाधानजॉन ड्यूईसमस्या पहचान → तथ्य संग्रह → परिकल्पना → परीक्षण → निष्कर्षविज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययनसमय अधिक
क्रिया-आधारित (Activity-based)"करके सीखना" (ड्यूई)मॉडल बनाना, खेल, भूमिका-निर्वाह, क्षेत्र-भ्रमणसभी स्तर, विशेषकर प्राथमिकयोजना आवश्यक
पृच्छा / जाँच-आधारित (Inquiry)सचमैन का पृच्छा प्रशिक्षण प्रतिमान प्रसिद्धछात्र प्रश्न पूछते, जाँच करते, प्रमाण से निष्कर्ष निकालते हैंविज्ञान, पर्यावरणशिक्षक का कुशल मार्गदर्शन चाहिए

3.3 प्रोजेक्ट विधि के सोपान

क्रमसोपानउदाहरण — "विद्यालय का किचन गार्डन"
1परिस्थिति उत्पन्न करनामध्याह्न भोजन की सब्जियों पर चर्चा
2प्रोजेक्ट का चयन (उद्देश्य निर्धारण)छात्र किचन गार्डन बनाने का निर्णय लेते हैं
3योजना बनानास्थान, बीज, समूह, कार्य-विभाजन
4क्रियान्वयनबुवाई, सिंचाई, देखभाल
5मूल्यांकनक्या सीखा, क्या सुधारें
6लेखा-जोखा (रिकॉर्ड)डायरी, चार्ट, रिपोर्ट

3.4 आगमन बनाम निगमन विधि

आधारआगमन (Inductive)निगमन (Deductive)
क्रमउदाहरण → नियमनियम → उदाहरण
सूत्रविशिष्ट से सामान्य, मूर्त से अमूर्तसामान्य से विशिष्ट
उदाहरणकई त्रिभुजों के कोण मापकर छात्र निष्कर्ष निकालें कि योग 180° हैपहले नियम "त्रिभुज के कोणों का योग 180°" बताकर प्रश्न हल कराना
उपयुक्ततानए ज्ञान की खोज, छोटी कक्षाएँअभ्यास, समय की बचत

व्यवहार में अच्छी कक्षा आगमन-निगमन दोनों का मेल करती है — पहले उदाहरणों से नियम खोजें, फिर नियम को नए प्रश्नों पर लागू करें।

3.5 हरबर्ट के पाँच सोपान

पाठ-योजना की पारंपरिक संरचना हरबर्ट से आती है: तैयारी (पूर्व ज्ञान से जोड़ना) → प्रस्तुतीकरण → तुलना / संबंध → सामान्यीकरण → प्रयोग / अनुप्रयोग।


4. शिक्षण सूत्र (Maxims of Teaching)

सूत्रअर्थकक्षा उदाहरण
ज्ञात से अज्ञातबच्चे के पूर्व ज्ञान से नए ज्ञान की ओरघर के पौधों से प्रकाश-संश्लेषण की ओर
सरल से जटिलआसान भाग पहले, कठिन बाद मेंएक अंक के जोड़ से हासिल वाले जोड़ तक
मूर्त से अमूर्तवास्तविक वस्तुओं से विचार/संकेत की ओरगिनती-मोती से संख्या-चिह्न तक
विशिष्ट से सामान्यउदाहरणों से नियम (आगमन)कई संज्ञा शब्दों से संज्ञा की परिभाषा
पूर्ण से अंशपहले संपूर्ण, फिर भाग (गेस्टाल्ट दृष्टि)पहले पूरी कविता, फिर पंक्तियाँ; पहले वाक्य, फिर शब्द-अक्षर
विश्लेषण से संश्लेषणपहले तोड़कर समझना, फिर जोड़नाज्यामिति प्रश्न को भागों में बाँटकर हल करना
अनुभव से तर्क (आनुभविक से तार्किक)प्रत्यक्ष अनुभव से तर्कपूर्ण ज्ञान की ओरपानी उबालकर वाष्पन की व्याख्या
निकट से दूरपरिवेश से दूर के संसार की ओरअपने गाँव से जिला, राज्य, देश
मनोवैज्ञानिक से तार्किकबच्चे की रुचि/क्षमता से विषय के तार्किक क्रम की ओरकहानी से इतिहास-कालक्रम तक
अनिश्चित से निश्चितधुंधले विचार से स्पष्ट अवधारणा"गर्म-ठंडा" से तापमान की माप

5. आकलन और मूल्यांकन

5.1 मापन, आकलन, मूल्यांकन

पदअर्थउदाहरण
मापन (Measurement)संख्यात्मक वर्णन — मात्रात्मक"रीना को 50 में से 40 अंक मिले"
मूल्यांकन (Evaluation)मापन + मूल्य-निर्णय — मात्रात्मक व गुणात्मक"रीना का प्रदर्शन बहुत अच्छा है, भिन्न में अभ्यास चाहिए"
आकलन (Assessment)सीखने के बारे में सूचना एकत्र करने की सतत प्रक्रिया, सुधार के लिएकक्षा में प्रश्न, अवलोकन, कार्य-पत्रक

5.2 रचनात्मक बनाम योगात्मक

आधाररचनात्मक (Formative)योगात्मक (Summative)
समयशिक्षण के दौरान, लगातारइकाई, सत्र या वर्ष के अंत में
उद्देश्यसुधार, प्रतिपुष्टि, शिक्षण में परिवर्तनप्रमाणन, ग्रेड, उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण निर्णय
प्रकृतिअनौपचारिक भी, कम दबावऔपचारिक, अधिक दबाव
उपकरणमौखिक प्रश्न, अवलोकन, कक्षा-कार्य, क्विज़, सहपाठी आकलनसत्रांत परीक्षा, वार्षिक परीक्षा
किससे जुड़ाAssessment for learningAssessment of learning

ये दोनों शब्द माइकल स्क्रिवन ने दिए। एक सरल कसौटी: "जब रसोइया सूप चखता है, वह रचनात्मक है; जब अतिथि चखता है, वह योगात्मक है।"

5.3 Assessment of / for / as Learning

प्रकारअर्थकौन करता हैउदाहरण
अधिगम का आकलन (of)सीखा कितना — अंत में निर्णयशिक्षक / बोर्डसत्रांत परीक्षा, अंक-पत्र
अधिगम के लिए आकलन (for)सीखने में सुधार हेतु प्रतिपुष्टिशिक्षककक्षा में प्रश्न पूछकर अगली गतिविधि बदलना
अधिगम के रूप में आकलन (as)छात्र स्वयं अपनी सीख पर चिंतन करे — अधि-संज्ञानछात्र स्वयंस्व-आकलन, सीखने की डायरी, "आज मैंने क्या सीखा"

5.4 सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)

RTE अधिनियम 2009 की धारा 29 बाल-केंद्रित, भयमुक्त शिक्षा और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन की बात करती है; NCF 2005 ने भी परीक्षा को कक्षा-जीवन से जोड़ने और लचीला बनाने पर बल दिया।

पक्षअर्थ
सतत (Continuous)आकलन पूरे सत्र में नियमित रूप से, शिक्षण के साथ-साथ; रचनात्मक और योगात्मक दोनों
व्यापक (Comprehensive)बच्चे के सर्वांगीण विकास — शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्रों का आकलन
शैक्षिक (Scholastic)सह-शैक्षिक (Co-scholastic)
विषयों से संबंधित — भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान, सामाजिक विज्ञानजीवन कौशल, अभिवृत्तियाँ और मूल्य, सह-पाठ्यचारी गतिविधियाँ (संगीत, कला, खेल), स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा
उपकरण — लिखित/मौखिक परीक्षा, परियोजना, कार्य-पत्रकउपकरण — अवलोकन, जाँच-सूची, निर्धारण मापनी, उपाख्यान अभिलेख

5.5 निदानात्मक परीक्षण और उपचारात्मक शिक्षण

आधारनिदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)
उद्देश्यकठिनाई का क्षेत्र और कारण पहचाननापहचानी गई कठिनाई को दूर करना
क्रमपहलेनिदान के बाद
उपमाडॉक्टर द्वारा रोग की जाँचदवा / इलाज
उदाहरणपता चलना कि छात्र हासिल वाले घटाव में शून्य वाले स्थान पर गलती करता हैमूर्त सामग्री से उसी चरण का पुनः शिक्षण और अभ्यास

उपलब्धि परीक्षण बताता है कि छात्र ने कितना सीखा; निदानात्मक परीक्षण बताता है कि कहाँ और क्यों कठिनाई है।

5.6 मानक-संदर्भित बनाम निकष-संदर्भित

मानक-संदर्भित (Norm-referenced)निकष-संदर्भित (Criterion-referenced)
छात्र की तुलना दूसरे छात्रों (समूह) सेछात्र की तुलना पूर्व-निर्धारित मानदंड / अधिगम-लक्ष्य से
"कक्षा में तीसरा स्थान""दो अंकों का जोड़ हासिल सहित कर लेता है"

5.7 आकलन के उपकरण

उपकरणअर्थ
पोर्टफोलियोसमय के साथ छात्र के कार्यों का उद्देश्यपूर्ण संग्रह — प्रगति और विकास दिखाता है; छात्र भी चयन और चिंतन करता है
रूब्रिक (Rubric)अंकन-मार्गदर्शिका — मानदंड (Criteria) और प्रत्येक के प्रदर्शन-स्तरों का स्पष्ट विवरण; आकलन को पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाता है
जाँच-सूची (Checklist)व्यवहार/कौशल है या नहीं — हाँ/नहीं
निर्धारण मापनी (Rating Scale)गुण की मात्रा — जैसे 1 से 5 तक
उपाख्यान अभिलेख (Anecdotal Record)किसी महत्वपूर्ण घटना/व्यवहार का तथ्यात्मक लिखित विवरण
सहपाठी व स्व-आकलनछात्र एक-दूसरे या स्वयं के कार्य का मानदंड के आधार पर आकलन

6. ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy)

बेंजामिन ब्लूम और सहयोगियों ने 1956 में शैक्षिक उद्देश्यों को तीन क्षेत्रों में बाँटा — संज्ञानात्मक (Cognitive), भावात्मक (Affective) और मनोगत्यात्मक/क्रियात्मक (Psychomotor)। 1956 की पुस्तक संज्ञानात्मक क्षेत्र की थी।

स्तर (निम्न → उच्च)मूल — ब्लूम (1956)संशोधित — एंडरसन व क्राथवोल (2001)प्रश्न के संकेत शब्द
1ज्ञान (Knowledge)स्मरण (Remember)परिभाषित करें, सूची बनाएँ, नाम बताएँ
2बोध (Comprehension)समझना (Understand)व्याख्या करें, अपने शब्दों में लिखें, उदाहरण दें
3अनुप्रयोग (Application)लागू करना (Apply)हल करें, प्रयोग करें, गणना करें
4विश्लेषण (Analysis)विश्लेषण करना (Analyze)तुलना करें, अंतर बताएँ, वर्गीकृत करें
5संश्लेषण (Synthesis)मूल्यांकन करना (Evaluate)मूल: रचना करें / संशोधित: औचित्य बताएँ, निर्णय दें
6मूल्यांकन (Evaluation)सृजन करना (Create)मूल: निर्णय दें / संशोधित: रचना करें, डिज़ाइन करें, नया बनाएँ

मुख्य परिवर्तन: (1) संज्ञाओं के स्थान पर क्रियाएँ; (2) "ज्ञान" → "स्मरण", "बोध" → "समझना"; (3) "संश्लेषण" को "सृजन" नाम देकर शीर्ष पर रखा और "मूल्यांकन" एक स्तर नीचे आया।

6.1 भावात्मक क्षेत्र (क्राथवोल व सहयोगी)

ग्रहण करना (Receiving) → अनुक्रिया करना (Responding) → मूल्य देना (Valuing) → संगठन (Organization) → चारित्रीकरण (Characterization)। मनोगत्यात्मक क्षेत्र के स्तर अलग-अलग विद्वानों (सिम्पसन, डेव, हैरो) ने अलग दिए हैं, इसलिए उन्हें क्विज़ में नहीं रखा गया।


7. NCF 2005 और NEP 2020

7.1 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 — पाँच मार्गदर्शी सिद्धांत

NCF 2005 NCERT ने प्रो. यशपाल की अध्यक्षता में तैयार किया; इसकी पृष्ठभूमि में "बोझ के बिना शिक्षा (Learning Without Burden, 1993)" रिपोर्ट थी।

क्रममार्गदर्शी सिद्धांत
1ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना
2पढ़ाई को रटंत प्रणाली से मुक्त करना
3पाठ्यचर्या को पाठ्यपुस्तक-केंद्रित होने से बचाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास के अवसर देना
4परीक्षा को अधिक लचीला बनाना और कक्षा की गतिविधियों से जोड़ना
5देश की लोकतांत्रिक राज्य-व्यवस्था के अंतर्गत एक-दूसरे के प्रति चिंताशील पहचान को बढ़ावा देना

NCF 2005 रचनावाद (बच्चा ज्ञान का निर्माता), बहुभाषिकता, शिक्षक को सुविधादाता और गलतियों को सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा मानता है।

7.2 NEP 2020 — 5+3+3+4 ढाँचा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई 2020 को स्वीकृति दी; इसका प्रारूप डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया। इसने 10+2 के स्थान पर नया ढाँचा दिया:

चरणवर्षआयुकक्षाएँ
आधारभूत (Foundational)53–8 वर्ष3 वर्ष आँगनवाड़ी/पूर्व-प्राथमिक + कक्षा 1–2
प्रारंभिक (Preparatory)38–11 वर्षकक्षा 3–5
मध्य (Middle)311–14 वर्षकक्षा 6–8
माध्यमिक (Secondary)414–18 वर्षकक्षा 9–12

कुल 5 + 3 + 3 + 4 = 15 वर्ष (आयु 3 से 18)। आधारभूत चरण खेल और गतिविधि-आधारित है; NEP 2020 आधारभूत साक्षरता व संख्या-ज्ञान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।


8. क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research)

"Action Research" शब्द कर्ट लेविन से जुड़ा है, जबकि शिक्षा में इसे लोकप्रिय बनाने का श्रेय स्टीफन एम. कोरे को है (पुस्तक "Action Research to Improve School Practices", 1953)। कोरे के अनुसार यह वह प्रक्रिया है जिससे व्यवहारकर्ता (शिक्षक) अपने निर्णयों और कार्यों को सुधारने के लिए अपनी समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन करते हैं।

विशेषताक्रियात्मक अनुसंधानमौलिक अनुसंधान
कौन करता हैशिक्षक स्वयंविशेषज्ञ शोधकर्ता
उद्देश्यअपनी कक्षा/विद्यालय की तात्कालिक समस्या का समाधाननए सिद्धांत, सामान्यीकरण
क्षेत्रसीमित, स्थानीयव्यापक
परिणामतुरंत व्यवहार में लागूदीर्घकालिक

8.1 सोपान

  1. समस्या की पहचान — "कक्षा 5 के कई छात्र गृहकार्य पूरा नहीं करते"
  2. समस्या का परिसीमन और संभावित कारणों का विश्लेषण
  3. क्रियात्मक परिकल्पना — "यदि गृहकार्य छोटा और रुचिकर हो तो पूर्णता बढ़ेगी"
  4. योजना बनाकर क्रियान्वयन
  5. परिणामों का मूल्यांकन और निष्कर्ष; आवश्यकता पर अगला चक्र

9. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: ह्यूरिस्टिक — आर्मस्ट्रांग, प्रोजेक्ट — किलपैट्रिक

"खोज करके सीखना" = ह्यूरिस्टिक (आर्मस्ट्रांग); "उद्देश्यपूर्ण सामाजिक कार्य" = प्रोजेक्ट (किलपैट्रिक)। प्रोजेक्ट विधि ड्यूई के विचारों पर आधारित है, पर प्रतिपादक किलपैट्रिक ही हैं।

Trap 2: डाल्टन योजना और मॉन्टेसरी

डाल्टन योजना = हेलेन पार्कहर्स्ट; मॉन्टेसरी = मारिया मॉन्टेसरी। दोनों महिलाएँ — यही भ्रम का कारण है।

Trap 3: संशोधित ब्लूम में शीर्ष "सृजन"

मूल (1956) में शीर्ष = मूल्यांकन; संशोधित (2001) में शीर्ष = सृजन। प्रश्न में "संशोधित" या "एंडरसन" लिखा हो तो सृजन चुनें।

Trap 4: रचनात्मक आकलन = Assessment for Learning

"for" — सीखने के लिए, यानी दौरान सुधार; "of" — सीखने का, यानी अंत में निर्णय। स्व-आकलन = "as"।

Trap 5: पहले निदान, फिर उपचार

उपचारात्मक शिक्षण निदानात्मक परीक्षण के बाद आता है। "उपचारात्मक शिक्षण से कठिनाई पहचानी जाती है" — गलत।

Trap 6: CCE का "व्यापक" अर्थ

व्यापक = शैक्षिक + सह-शैक्षिक (सर्वांगीण विकास); "सतत" = नियमित। "व्यापक = अधिक परीक्षाएँ" — गलत।

Trap 7: NEP का पहला चरण 5 वर्ष का

आधारभूत चरण = 3 वर्ष पूर्व-प्राथमिक + कक्षा 1–2 = 5 वर्ष (आयु 3–8)। कक्षा 3–5 = प्रारंभिक; 6–8 = मध्य; 9–12 = माध्यमिक।

Trap 8: क्रियात्मक अनुसंधान का उद्देश्य

उद्देश्य तात्कालिक, स्थानीय समस्या का समाधान और शिक्षक के कार्य में सुधार है — नए सार्वभौमिक सिद्धांत बनाना नहीं।


10. Most-Asked रिवीज़न तालिका (52 प्रश्न)

क्रमप्रश्नउत्तर
1प्रोजेक्ट विधिकिलपैट्रिक
2प्रोजेक्ट विधि का दार्शनिक आधारप्रयोजनवाद (ड्यूई)
3ह्यूरिस्टिक विधिआर्मस्ट्रांग
4Heuristic का अर्थमैं खोजता हूँ
5मॉन्टेसरी विधिमारिया मॉन्टेसरी (इटली)
6मॉन्टेसरी — बाल गृहCasa dei Bambini, रोम
7किंडरगार्टनफ्रोबेल (जर्मनी)
8किंडरगार्टन का अर्थबालकों का बगीचा
9फ्रोबेल के अनुसार शिक्षकमाली
10फ्रोबेल — शिक्षण सामग्रीउपहार (Gifts) और व्यापार (Occupations)
11डाल्टन योजनाहेलेन पार्कहर्स्ट
12डाल्टन योजना की विशेषताकार्य-अनुबंध, विषय-प्रयोगशाला, अपनी गति
13समस्या-समाधान / चिंतनशील विचारजॉन ड्यूई
14"करके सीखना"ड्यूई / क्रिया-आधारित शिक्षण
15पाँच औपचारिक सोपानहरबर्ट
16हरबर्ट का पहला सोपानतैयारी
17उदाहरण → नियमआगमन विधि
18नियम → उदाहरणनिगमन विधि
19विज्ञान प्रयोग शिक्षक करके दिखाएप्रदर्शन विधि
20बड़ी कक्षा, कम समय, अधिक सामग्रीव्याख्यान विधि
21घर के अनुभव से नया पाठज्ञात से अज्ञात
22मोतियों से संख्या-चिह्न तकमूर्त से अमूर्त
23पहले पूरी कविता, फिर पंक्तियाँपूर्ण से अंश
24गाँव → जिला → राज्यनिकट से दूर
25Formative / Summative शब्दमाइकल स्क्रिवन
26शिक्षण के दौरान सुधार हेतु आकलनरचनात्मक
27सत्र के अंत में ग्रेड हेतुयोगात्मक
28Assessment for learningरचनात्मक
29Assessment of learningयोगात्मक
30Assessment as learningस्व-आकलन, अधि-संज्ञान
31CCE — सततनियमित, पूरे सत्र
32CCE — व्यापकशैक्षिक + सह-शैक्षिक
33जीवन कौशल, मूल्य, खेल का आकलनसह-शैक्षिक
34CCE का उल्लेख करने वाली RTE धाराधारा 29
35कठिनाई के कारण की पहचाननिदानात्मक परीक्षण
36निदान के बादउपचारात्मक शिक्षण
37समय के साथ कार्यों का संग्रहपोर्टफोलियो
38मानदंड व प्रदर्शन-स्तर वाली अंकन-मार्गदर्शिकारूब्रिक
39दूसरों से तुलनामानक-संदर्भित
40पूर्व-निर्धारित लक्ष्य से तुलनानिकष-संदर्भित
41ब्लूम का वर्गीकरण1956
42मूल ब्लूम का शीर्ष स्तरमूल्यांकन
43संशोधित ब्लूमएंडरसन व क्राथवोल, 2001
44संशोधित ब्लूम का शीर्ष स्तरसृजन
45ब्लूम का सबसे निचला स्तर (मूल)ज्ञान
46NCF 2005 की अध्यक्षताप्रो. यशपाल
47NCF 2005 का पहला मार्गदर्शी सिद्धांतज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना
48NEP 2020 का ढाँचा5+3+3+4
49NEP आधारभूत चरणआयु 3–8; पूर्व-प्राथमिक + कक्षा 1–2
50NEP मध्य चरणकक्षा 6–8
51शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधानस्टीफन कोरे (1953)
52क्रियात्मक अनुसंधान का उद्देश्यकक्षा की तात्कालिक समस्या का समाधान

11. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

नमूना प्रश्न (स्वनिर्मित):

  1. प्रतिपादक: "डाल्टन योजना किसने विकसित की?" — हेलेन पार्कहर्स्ट।
  2. परिदृश्य से विधि: "छात्र अलग-अलग त्रिभुजों के कोण मापकर स्वयं निष्कर्ष निकालते हैं कि उनका योग 180° है" — आगमन विधि।
  3. शिक्षण सूत्र: "भिन्न पढ़ाने से पहले शिक्षक रोटी के टुकड़े करके दिखाता है" — मूर्त से अमूर्त।
  4. आकलन प्रकार: "पाठ के बीच में शिक्षक प्रश्न पूछकर देखती है कि बच्चे समझ रहे हैं या नहीं, और फिर अपनी व्याख्या बदलती है" — रचनात्मक आकलन / assessment for learning।
  5. ब्लूम स्तर: "'पर्यावरण बचाने के लिए एक नया पोस्टर अभियान डिज़ाइन करें' — संशोधित ब्लूम के किस स्तर का प्रश्न?" — सृजन।
  6. NEP: "5+3+3+4 में 'प्रारंभिक (Preparatory)' चरण की कक्षाएँ" — 3 से 5।
  7. क्रियात्मक अनुसंधान: "कक्षा में बढ़ती अनुपस्थिति की समस्या पर शिक्षक द्वारा किया गया अध्ययन" — क्रियात्मक अनुसंधान।

रणनीति: विधि पहचानते समय देखें — कौन सक्रिय है (शिक्षक या छात्र) और क्रम क्या है (उदाहरण पहले या नियम पहले)। आकलन में देखें — कब (दौरान या अंत) और किसलिए (सुधार या निर्णय)।


12. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. विधि–प्रतिपादक जोड़ियाँ: "किसान प्रोजेक्ट" (किलपैट्रिक-प्रोजेक्ट), "आर्मस्ट्रांग खोज" (ह्यूरिस्टिक), "फ्रोबेल का बगीचा" (किंडरगार्टन), "हेलेन का डाल्टन"।

2. मूल ब्लूम — "ज्ञा-बो-अ-वि-सं-मू": "ज्ञानी बोला अब विचार संभलकर मूल्यांकन करो"।

3. संशोधित ब्लूम — "RUAAEC": Remember, Understand, Apply, Analyze, Evaluate, Create — "Create सबसे ऊपर"।

4. आकलन — "For = दौरान, Of = अंत, As = स्वयं"।

5. हरबर्ट — "तै-प्र-तु-सा-प्र": तैयारी, प्रस्तुतीकरण, तुलना, सामान्यीकरण, प्रयोग।

6. NEP — "5-3-3-4 = 3-8, 8-11, 11-14, 14-18": पहला चरण 5 वर्ष, अंतिम चरण 4 वर्ष।

7. निदान → उपचार: "पहले डॉक्टर जाँच करता है, फिर दवा देता है"।

8. क्रियात्मक अनुसंधान — "कोरे की कक्षा": कोरे = कक्षा की समस्या, शिक्षक स्वयं।


13. कथन अभ्यास

प्रोजेक्ट विधि के प्रतिपादक किलपैट्रिक हैं। — सही।

ह्यूरिस्टिक विधि का संबंध हेलेन पार्कहर्स्ट से है। — गलत (ह्यूरिस्टिक — आर्मस्ट्रांग; पार्कहर्स्ट — डाल्टन योजना)।

किंडरगार्टन पद्धति फ्रोबेल ने दी। — सही।

आगमन विधि में पहले नियम बताकर फिर उदाहरण दिए जाते हैं। — गलत (यह निगमन है; आगमन में उदाहरण से नियम)।

रचनात्मक आकलन शिक्षण के दौरान सुधार के लिए किया जाता है। — सही।

योगात्मक आकलन को assessment for learning कहते हैं। — गलत (योगात्मक = assessment of learning)।

CCE के "व्यापक" पक्ष में शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों क्षेत्र आते हैं। — सही।

उपचारात्मक शिक्षण निदानात्मक परीक्षण से पहले किया जाता है। — गलत (निदान के बाद)।

संशोधित ब्लूम वर्गीकरण में शीर्ष स्तर "सृजन" है। — सही।

NEP 2020 के 5+3+3+4 ढाँचे में मध्य चरण कक्षा 6 से 8 का है। — सही।

क्रियात्मक अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य सार्वभौमिक सिद्धांत बनाना है। — गलत (तात्कालिक, स्थानीय समस्या का समाधान)।

NCF 2005 पढ़ाई को रटंत प्रणाली से मुक्त करने पर बल देता है। — सही।


14. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. प्रोजेक्ट — किलपैट्रिक (ड्यूई का प्रयोजनवाद); ह्यूरिस्टिक — आर्मस्ट्रांग
  2. मॉन्टेसरी — इंद्रिय-प्रशिक्षण, उपदेशात्मक उपकरण; किंडरगार्टन — फ्रोबेल (शिक्षक = माली)
  3. डाल्टन योजना — हेलेन पार्कहर्स्ट; कार्य-अनुबंध, विषय-प्रयोगशाला
  4. समस्या-समाधान — ड्यूई; हरबर्ट — 5 सोपान (तैयारी से प्रयोग)
  5. आगमन = उदाहरण → नियम; निगमन = नियम → उदाहरण
  6. सूत्र — ज्ञात→अज्ञात, सरल→जटिल, मूर्त→अमूर्त, विशिष्ट→सामान्य, पूर्ण→अंश
  7. रचनात्मक = दौरान, सुधार (for); योगात्मक = अंत, निर्णय (of); स्व-आकलन = as
  8. Formative/Summative शब्द — माइकल स्क्रिवन
  9. CCE — सतत (नियमित) + व्यापक (शैक्षिक + सह-शैक्षिक); RTE धारा 29
  10. निदानात्मक परीक्षण → उपचारात्मक शिक्षण
  11. पोर्टफोलियो = कार्यों का संग्रह; रूब्रिक = मानदंड + स्तर
  12. ब्लूम 1956: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन
  13. एंडरसन-क्राथवोल 2001: स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन
  14. NCF 2005 (यशपाल) — जीवन से जोड़ो, रटंत छोड़ो; NEP 2020 — 5+3+3+4
  15. क्रियात्मक अनुसंधान — स्टीफन कोरे; शिक्षक द्वारा तात्कालिक समस्या का समाधान

15. अभ्यास

पेज के अंत में दिए 25 प्रश्नों में विधि–प्रतिपादक मिलान, कक्षा-परिदृश्य से विधि और शिक्षण सूत्र की पहचान, आकलन के प्रकार, CCE, ब्लूम के स्तर, NEP 2020 का ढाँचा और क्रियात्मक अनुसंधान शामिल हैं। हर परिदृश्य में पूछें — "कौन सक्रिय है, और आकलन कब व किसलिए हो रहा है?" पूर्ण अभ्यास के लिए REET लेवल 2 टेस्ट सीरीज़ और RSSB REET मुख्य परीक्षा लेवल 1 टेस्ट सीरीज़ हल करें।


16. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

शिक्षण विधियाँ, शिक्षण सूत्र और आकलन — तीनों एक ही विचार की तीन अभिव्यक्तियाँ हैं: बच्चा सक्रिय होकर, अपने अनुभव से, अपनी गति से सीखता है। किलपैट्रिक, आर्मस्ट्रांग, मॉन्टेसरी, फ्रोबेल और पार्कहर्स्ट की विधियाँ इसी बाल-केंद्रितता के अलग-अलग रूप हैं; रचनात्मक आकलन और CCE सीखने के दौरान सुधार को केंद्र में रखते हैं; ब्लूम का वर्गीकरण प्रश्नों को स्मरण से सृजन तक ले जाने का नक्शा देता है। NCF 2005 और NEP 2020 इसी दिशा को नीति का रूप देते हैं, और क्रियात्मक अनुसंधान शिक्षक को अपनी कक्षा का शोधकर्ता बनाता है।

किलपैट्रिक-प्रोजेक्ट · आर्मस्ट्रांग-ह्यूरिस्टिक · फ्रोबेल-किंडरगार्टन · पार्कहर्स्ट-डाल्टन | for = रचनात्मक, of = योगात्मक | CCE = सतत + व्यापक | ब्लूम शीर्ष: मूल्यांकन → सृजन | NEP 5+3+3+4 | कोरे = क्रियात्मक अनुसंधान


अंतिम संशोधन (Last Updated):
RPSC / RSSB सिलेबस के अनुसार
भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखकलेखक परिचय

इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?

“शिक्षण विधियाँ, शिक्षण सूत्र और मूल्यांकन — CCE, ब्लूम, NCF 2005, NEP 2020, क्रियात्मक अनुसंधान” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।

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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

प्रोजेक्ट विधि के प्रतिपादक विलियम हर्ड किलपैट्रिक हैं, जिन्होंने इसे जॉन ड्यूई के प्रयोजनवादी विचारों पर विकसित किया। इसमें छात्र सामाजिक वातावरण में किसी वास्तविक समस्या पर पूरे मन से उद्देश्यपूर्ण कार्य करते हैं।

डाल्टन योजना हेलेन पार्कहर्स्ट ने दी। इसमें छात्र कार्य-अनुबंध (Assignment) लेकर विषय-प्रयोगशालाओं में अपनी गति से स्वतंत्र रूप से अध्ययन करते हैं।

रचनात्मक आकलन शिक्षण के दौरान सीखने में सुधार के लिए होता है (assessment for learning)। योगात्मक आकलन इकाई या सत्र के अंत में ग्रेड या निर्णय के लिए होता है (assessment of learning)।

'सतत' का अर्थ है पूरे सत्र में नियमित आकलन, और 'व्यापक' का अर्थ है शैक्षिक (विषय) और सह-शैक्षिक (जीवन कौशल, मूल्य, कला, खेल, स्वास्थ्य) — दोनों पक्षों का आकलन।

निदानात्मक परीक्षण से छात्र की सीखने की कठिनाई का क्षेत्र और कारण पहचाना जाता है। उसके बाद उसी कठिनाई को दूर करने के लिए उपचारात्मक शिक्षण किया जाता है।

ब्लूम (1956) के स्तर ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन हैं। एंडरसन व क्राथवोल (2001) के संशोधन में स्तर क्रिया-रूप में हैं — स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन और सबसे ऊपर सृजन।

आधारभूत चरण (5 वर्ष, आयु 3–8: पूर्व-प्राथमिक + कक्षा 1–2), प्रारंभिक चरण (कक्षा 3–5), मध्य चरण (कक्षा 6–8) और माध्यमिक चरण (कक्षा 9–12)। इसने 10+2 ढाँचे का स्थान लिया।

ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ना, पढ़ाई को रटंत से मुक्त करना, पाठ्यचर्या को पाठ्यपुस्तक-केंद्रित न रखकर सर्वांगीण विकास से जोड़ना, परीक्षा को लचीला और कक्षा-जीवन से जुड़ा बनाना, और लोकतांत्रिक व्यवस्था में परस्पर चिंताशील पहचान विकसित करना।

क्रियात्मक अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक अपनी कक्षा या विद्यालय की तात्कालिक समस्या का व्यवस्थित अध्ययन कर समाधान खोजता है। शिक्षा में इसे स्टीफन एम. कोरे ने 1953 में लोकप्रिय बनाया।

भिन्न पढ़ाने से पहले रोटी या कागज़ के टुकड़े करके दिखाना, या गिनती-मोतियों से शुरू करके संख्या-चिह्नों तक जाना 'मूर्त से अमूर्त' सूत्र के उदाहरण हैं।

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