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राजस्थान के प्रमुख लोकगीत एवं उनसे जुड़े अवसर

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
8 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

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राजस्थान के प्रमुख लोकगीत एवं उनसे जुड़े अवसर

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⚡ Quick Answer: राजस्थान के लोकगीतों को अवसर के आधार पर 6 वर्गों में बाँटा जाता है — (1) जन्म संस्कार: हालरिया, जच्चा (होलर), लोरी; (2) विवाह संस्कार: बन्ना-बन्नी, घोड़ी, जला, कामण, सीठणे, चाक, पीठी, बधावा, कोयलड़ी, ओल्यूं, पावणा; (3) मृत्यु/शोक: हरजस, मरस्या; (4) ऋतु व त्योहार: गणगौर, तीज, पीपली, होली (चंग, रसिया), लांगुरिया; (5) विरह गीत: कुरजाँ, सुवटिया, झोरावा, पीपली, कागा, हिचकी, पपैयो; (6) श्रम व कृषि: तेजा गीत, पणिहारी, जीरो, बिणजारा।

1. अवसर-आधारित वर्गीकरण क्यों?

राजस्थानी लोकगीत जीवन के हर अवसर से जुड़े हैं — जन्म से मृत्यु तक, बुवाई से कटाई तक और तीज से होली तक। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है — ‘कौन-सा गीत किस अवसर पर गाया जाता है?’ या ‘विवाह के समय वर को जादू-टोने से बचाने वाला गीत कौन-सा?’ इसलिए गीतों को अवसर के अनुसार समूहों में याद करना सबसे प्रभावी तरीका है।

प्रसिद्ध गीतों (केसरिया बालम, पणिहारी, गोरबंद, घूमर आदि) का भाव-विश्लेषण राजस्थान के प्रमुख लोकगीत नोट में है। यह नोट विशेष रूप से ‘कौन-सा गीत किस अवसर पर’ — संस्कार, ऋतु, विरह और श्रम — के वर्गीकरण पर केंद्रित है।

2. जन्म संस्कार के गीत

गीतअवसर/भाव
हालरिया (हालरा)पुत्र-जन्म की खुशी में गाए जाने वाले गीत
जच्चा गीत (होलर)प्रसूता (जच्चा) व नवजात से जुड़े मंगल गीत
लोरीबच्चे को सुलाने हेतु
रातीजगाजन्म/विवाह पर रात भर जागकर देवी-देवताओं के गीत
बधावाशुभ कार्य (जन्म, विवाह) सम्पन्न होने पर बधाई गीत

3. विवाह संस्कार के गीत — क्रमानुसार

राजस्थानी विवाह लगभग हर रस्म के लिए अलग गीत रखता है। इन्हें रस्मों के क्रम में याद करना सबसे आसान है:

क्रमगीतरस्म/अवसर
1बन्ना-बन्नीविवाह से पहले वर (बन्ना) व वधू (बन्नी) के श्रृंगार व प्रशंसा के गीत
2चाक गीतविवाह से पहले कुम्हार के चाक की पूजा के समय
3पीठी गीतवर-वधू को हल्दी-उबटन (पीठी) लगाते समय
4काजलियोवर की आँखों में काजल लगाने (प्रायः भाभी द्वारा) के समय
5घोड़ीवर की निकासी — घोड़ी पर चढ़ते समय
6कामणवर को जादू-टोने (बुरी नज़र) से बचाने हेतु
7जलावधू पक्ष की स्त्रियाँ बारात का डेरा देखने जाते समय
8सीठणेभोजन के समय समधियों को हास्य-व्यंग्यपूर्ण ‘गालियाँ’ (गाली गीत)
9बधावाविवाह सम्पन्न होने पर मंगल-बधाई
10कोयलड़ीबेटी की विदाई के समय — परिवार की स्त्रियाँ
11ओल्यूंविदा हुई बेटी या बिछुड़े प्रियजन की याद में
12पावणादामाद के ससुराल आने पर स्वागत/भोजन के समय

संबंधित: मोरिया — ऐसी युवती का गीत जिसकी सगाई हो चुकी पर विवाह में विलंब हो रहा है; चिरमी — नववधू द्वारा पीहर (मायके) के परिजनों की याद में।

4. मृत्यु/शोक व भक्ति के गीत

गीतअवसर/भाव
हरजसराम-कृष्ण की सगुण भक्ति के गीत; मृत्यु के अवसर पर भी गाए जाते हैं
मरस्याकिसी व्यक्ति की मृत्यु पर उसके गुणों का स्मरण करते हुए गाए जाने वाले शोक-गीत (मारवाड़)
भजन/वाणीमीरा, दादू, रामदेवजी, कबीर की वाणियाँ — जागरण (जम्मा) में

भक्ति परंपरा के लिए मीरा बाई व दादूदयाल नोट देखें।

5. ऋतु व त्योहार के गीत

गीतत्योहार/ऋतुक्षेत्र/विशेष
गणगौर गीत (‘गोर गोर गोमती’)गणगौर (चैत्र)सम्पूर्ण राजस्थान; ईसर-गौर की पूजा
तीज गीतहरियाली तीज (सावन)झूले के गीत; जयपुर की तीज सवारी
पीपलीवर्षा ऋतु/तीजमारवाड़, बीकानेर, शेखावाटी — विरहिणी का गीत
चंग/धमालहोली (फाल्गुन)शेखावाटी, बीकानेर
रसियाहोलीभरतपुर-धौलपुर (ब्रज क्षेत्र)
लांगुरियाकैलादेवी का मेला (चैत्र)करौली
घूमरगणगौर, उत्सवराजकीय लोकनृत्य के साथ गायन

लोकनृत्यों के लिए घूमर व चंग नृत्य देखें।

6. विरह गीत — परदेस गए प्रियतम की याद

मरुस्थलीय राजस्थान में पुरुषों का आजीविका हेतु परदेस जाना आम था, इसलिए विरह-गीतों की समृद्ध परंपरा बनी। इनमें प्रायः कोई पक्षी या प्रकृति-तत्व संदेशवाहक बनता है:

गीतसंदेशवाहक/भावक्षेत्र/समुदाय
कुरजाँकुरजाँ पक्षी (डेमोइसेल क्रेन) को संदेशवाहक बनाकर पति को संदेशमारवाड़
सुवटियातोते (सुवा) के माध्यम से परदेस गए पति को संदेशभील स्त्रियाँ
कागाकौए को उड़ाकर पति के आगमन का शकुनसम्पूर्ण राजस्थान
झोरावापति के परदेस जाने पर उसकी यादजैसलमेर
पीपलीवर्षा ऋतु में विरहिणी की व्यथामारवाड़, बीकानेर, शेखावाटी
हिचकीहिचकी आने पर प्रियजन के याद करने का भावमेवात (अलवर)
पपैयोपपीहे के माध्यम से प्रेयसी का प्रियतम को बुलाना—
बीछुड़ोबिच्छू के डंक से मरणासन्न पत्नी पति से दूसरा विवाह करने को कहती हैहाड़ौती

कुरजाँ पक्षी के प्रवास (खीचन) के लिए राजस्थान के प्रमुख Wetlands देखें।

7. श्रम, कृषि व दैनिक जीवन के गीत

गीतअवसर/भाव
तेजा गीतकिसान खेत में बुवाई/जुताई प्रारंभ करते समय तेजाजी का स्मरण
पणिहारीपानी भरने जाती स्त्रियाँ; पतिव्रत धर्म का भाव
ईंडोणीपानी भरने जाते समय सिर पर रखने की ईंडोणी (गद्दी) खो जाने का प्रसंग
जीरोजीरे की खेती की कठिनाई — पत्नी पति से जीरा न बोने का आग्रह करती है
गोरबंदऊँट के गले के आभूषण (गोरबंद) बनाने का प्रसंग
बिणजाराबंजारे व्यापारियों का जीवन
दारूड़ीरजवाड़ों/सामंती महफ़िलों में मदिरा-पान के समय
हमसीढ़ोभील स्त्री-पुरुषों का युगल गीत (उत्तरी मेवाड़)

तेजाजी के लिए तेजाजी महाराज देखें।

8. क्षेत्र-वार प्रमुख लोकगीत — एक नज़र में

क्षेत्रविशिष्ट लोकगीत
जैसलमेरमूमल, झोरावा, मांड गायन
मारवाड़ (जोधपुर-बाड़मेर)कुरजाँ, पीपली, गोरबंद, मरस्या, जीरो
बीकानेरमांड (केसरिया बालम), पीपली, चंग-धमाल
शेखावाटीपीपली, गोरबंद, चंग-धमाल
मेवात (अलवर)हिचकी, पंडून का कड़ा
ब्रज (भरतपुर-धौलपुर)रसिया, तालबंदी
करौलीलांगुरिया
हाड़ौतीबीछुड़ो
मेवाड़ व आदिवासी क्षेत्रसुवटिया, हमसीढ़ो (भील), गवरी के गीत

उपयोग: ‘निम्न में से कौन-सा गीत-क्षेत्र युग्म सही नहीं है’ जैसे प्रश्नों के लिए यह तालिका सबसे उपयोगी है। गीत को उसके क्षेत्र की बोली (मारवाड़ी, मेवाती, ब्रज, हाड़ौती, वागड़ी) से जोड़कर याद करें — इससे भ्रम कम होता है।

📝 One-Liner Revision — कौन-सा गीत किस अवसर पर (22 प्रश्न)

  1. प्रश्न: पुत्र-जन्म पर गाया जाने वाला गीत?
    उत्तर: हालरिया
  2. प्रश्न: वर को जादू-टोने से बचाने का गीत?
    उत्तर: कामण
  3. प्रश्न: बारात का डेरा देखने जाते समय वधू पक्ष का गीत?
    उत्तर: जला
  4. प्रश्न: समधियों को हास्य-व्यंग्य ‘गालियाँ’?
    उत्तर: सीठणे
  5. प्रश्न: वर की घुड़चढ़ी का गीत?
    उत्तर: घोड़ी
  6. प्रश्न: हल्दी-उबटन के समय?
    उत्तर: पीठी गीत
  7. प्रश्न: बेटी की विदाई पर?
    उत्तर: कोयलड़ी
  8. प्रश्न: दामाद के ससुराल आने पर?
    उत्तर: पावणा
  9. प्रश्न: सगाई के बाद विवाह में विलंब पर युवती का गीत?
    उत्तर: मोरिया
  10. प्रश्न: नववधू द्वारा पीहर की याद में?
    उत्तर: चिरमी
  11. प्रश्न: मृत्यु पर गुणगान करने वाला शोक-गीत (मारवाड़)?
    उत्तर: मरस्या
  12. प्रश्न: मृत्यु पर भी गाया जाने वाला भक्ति गीत?
    उत्तर: हरजस
  13. प्रश्न: तोते से संदेश भेजने वाला भील गीत?
    उत्तर: सुवटिया
  14. प्रश्न: जैसलमेर का विरह गीत?
    उत्तर: झोरावा
  15. प्रश्न: मेवात का ‘याद’ गीत?
    उत्तर: हिचकी
  16. प्रश्न: हाड़ौती का बिच्छू-डंक प्रसंग वाला गीत?
    उत्तर: बीछुड़ो
  17. प्रश्न: बुवाई के समय गाया जाने वाला गीत?
    उत्तर: तेजा गीत
  18. प्रश्न: कैलादेवी मेले का गीत?
    उत्तर: लांगुरिया
  19. प्रश्न: ब्रज क्षेत्र का होली गीत?
    उत्तर: रसिया
  20. प्रश्न: जीरे की खेती पर व्यथा गीत?
    उत्तर: जीरो
  21. प्रश्न: भील युगल गीत?
    उत्तर: हमसीढ़ो
  22. प्रश्न: गणगौर का प्रसिद्ध गीत?
    उत्तर: गोर गोर गोमती
  23. प्रश्न: वर की आँखों में काजल लगाते समय का गीत?
    उत्तर: काजलियो
  24. प्रश्न: कुम्हार के चाक की पूजा का गीत?
    उत्तर: चाक गीत
  25. प्रश्न: शुभ कार्य पूर्ण होने पर बधाई गीत?
    उत्तर: बधावा
  26. प्रश्न: कौए को उड़ाकर शकुन देखने वाला विरह गीत?
    उत्तर: कागा

✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में

  • जन्म — हालरिया, जच्चा (होलर), लोरी।
  • विवाह — बन्ना-बन्नी, घोड़ी, कामण, जला, सीठणे, कोयलड़ी, पावणा।
  • मृत्यु — मरस्या, हरजस।
  • विरह — कुरजाँ, सुवटिया (भील), झोरावा (जैसलमेर), हिचकी (मेवात), बीछुड़ो (हाड़ौती)।
  • त्योहार — गणगौर, तीज, रसिया (ब्रज), लांगुरिया (करौली)।
  • श्रम — तेजा गीत (बुवाई), पणिहारी, जीरो, गोरबंद।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  1. जला और कामण में भ्रम — जला = बारात का डेरा देखने जाते समय; कामण = वर को जादू-टोने से बचाने हेतु।
  2. कोयलड़ी को विरह गीत मानना — कोयलड़ी बेटी की विदाई का गीत है।
  3. हिचकी को मारवाड़ से जोड़ना — हिचकी मेवात (अलवर) का गीत।
  4. सुवटिया व कुरजाँ के संदेशवाहक बदलना — सुवटिया = तोता (भील); कुरजाँ = कुरजाँ पक्षी।
  5. लांगुरिया को गणगौर से जोड़ना — लांगुरिया कैलादेवी (करौली) से।

🧠 मेमोरी ट्रिक

विवाह क्रम: “बन्ना-चाक-पीठी-घोड़ी-कामण-जला-सीठणे-कोयलड़ी”।

विरह के पक्षी: “कुरजाँ, सुवा (तोता), कागा, पपैयो”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

‘गीत–अवसर’ वाले प्रश्न RSMSSB की लगभग हर परीक्षा में आते हैं और इनमें विवाह-गीत सबसे अधिक पूछे जाते हैं। मेरी सलाह — विवाह गीतों को रस्मों के क्रम में (ऊपर की तालिका) कहानी की तरह याद करें, तब जला-कामण-सीठणे जैसे समान लगने वाले गीत अलग-अलग याद रहेंगे। विरह गीतों में ‘संदेशवाहक’ और ‘क्षेत्र/समुदाय’ दोनों याद रखें, क्योंकि प्रश्न दोनों से बनते हैं।

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • राजस्थान संगीत नाटक अकादमी — लोकगीत संकलन।
  • रूपायन संस्थान (कोमल कोठारी) — लोकगीत अध्ययन।
  • डॉ. गोपीनाथ शर्मा — ‘राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा’; RBSE ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान के प्रमुख लोकगीत एवं उनसे जुड़े अवसर

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक (कला/इतिहास), Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: लोकगीतों के नाम क्षेत्र के अनुसार थोड़े बदलते हैं (सुवटिया/सूवटियो, कोयलड़ी/कोयल); यहाँ परीक्षाओं में प्रचलित रूप दिए गए हैं।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
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Sudhir Sirइतिहास विशेषज्ञलेखक परिचय
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. विवाह के समय वर को जादू-टोने से बचाने हेतु गाया जाने वाला गीत —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. ‘सुवटिया’ गीत किस समुदाय की स्त्रियाँ गाती हैं?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. ‘झोरावा’ गीत किस जिले से संबंधित है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. ‘बीछुड़ो’ लोकगीत किस क्षेत्र का है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. बेटी की विदाई के समय गाया जाने वाला गीत —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

कामण गीत विवाह के समय वर को जादू-टोने और बुरी नज़र से बचाने के लिए गाया जाता है।

जला गीत विवाह के समय वधू पक्ष की स्त्रियाँ बारात का डेरा देखने जाते समय गाती हैं।

सुवटिया भील स्त्रियों का विरह गीत है, जिसमें वे तोते (सुवा) के माध्यम से परदेस गए पति को संदेश भेजती हैं।

हिचकी गीत मेवात (अलवर) क्षेत्र का है, जिसमें हिचकी आने को प्रियजन द्वारा याद किए जाने का संकेत माना जाता है।

पुत्र-जन्म की खुशी में हालरिया गीत गाए जाते हैं।

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