शनिवार, 31 अक्टूबर 2026·5 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

31 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

संपादन: योगेश जांगिड़ (सुयोग अकादमी)अंतिम अपडेट:

आज की 5 परीक्षा-उपयोगी खबरें: (1) राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता नगर में एकता परेड — "सशस्त्र नक्सलवाद के अंत" का उत्सव, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और आनंदमठ पर नाट्य प्रस्तुति; साथ में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि (31 अक्टूबर 1984) व राजस्थान से उनका जुड़ाव; (2) राजस्थान सरकार ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया — जोधपुर, जालौर व बाड़मेर सबसे अधिक प्रभावित; (3) ग्रीन हाइड्रोजन में भारत विश्व में अग्रणी — 23 ऑफटेक अनुबंध, 5.55 लाख MTPA, 70% से अधिक निर्यात हेतु; (4) जल शक्ति मंत्रालय का "पुनः भरण" ऐप — 3 किमी दायरे में भूजल पुनर्भरण स्थल की पहचान; (5) कूनो के चीता शावक KNG22 की गोली (छर्रों) से मौत — प्रोजेक्ट चीता में पहली ऐसी घटना, केंद्र ने उच्चस्तरीय जांच दल भेजा। हर खबर के साथ स्टैटिक GK, राजस्थान कनेक्शन, स्मरण सूत्र और आधिकारिक स्रोत।

#1
राष्ट्रीयRASCETPATWARIPOLICESSCUPSC

एकता परेड 2026: राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) पर एकता नगर में "सशस्त्र नक्सलवाद के अंत" का उत्सव — वंदे मातरम् के 150 वर्ष व आनंदमठ पर नाट्य प्रस्तुति; आज इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आज 31 अक्टूबर 2026 को एकता नगर (गुजरात) में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है — सुबह प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि देंगे और शाम को एकता परेड होगी। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के अनुसार इस वर्ष परेड का मुख्य विषय "2026 में सशस्त्र नक्सलवाद का उन्मूलन" है — नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ने वाले राज्य पुलिस बल व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) भाग लेंगे। सांस्कृतिक विषय "वंदे मातरम्" (150वीं वर्षगांठ) है। आज ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि (31 अक्टूबर 1984) है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    एकता परेड 2026 — मुख्य तथ्य:
    • स्थान: एकता नगर (केवड़िया), नर्मदा जिला, गुजरात — स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर।
    • मुख्य विषय: 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद का उन्मूलन — तीन अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से।
    • राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के माध्यम से नक्सल-प्रभावित रहे 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकार।
    • 15 झांकियाँ — MyGov पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता से चुने विषय; एकता नगर में पहली बार "जन झांकी" (People's Tableau)।
    • बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास "आनंदमठ" पर आधारित नाट्य प्रस्तुति।
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    नक्सलवाद व वंदे मातरम् (Static GK):
    • नक्सलबाड़ी विद्रोह — 1967, दार्जिलिंग जिला (पश्चिम बंगाल); नेता — चारु मजूमदार, कानू सान्याल।
    • केंद्र ने नक्सलवाद उन्मूलन की समय-सीमा 31 मार्च 2026 तय की थी; गृह मंत्री ने 30 मार्च 2026 को लोकसभा में देश को लगभग नक्सल-मुक्त बताया।
    • वामपंथी उग्रवाद से निपटने की रणनीति — SAMADHAN (2017)।
    • वंदे मातरम् — रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय (रचना 1875); उपन्यास आनंदमठ (1882) में सम्मिलित; पहली बार 1896 कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गाया; संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया।
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    इंदिरा गांधी पुण्यतिथि और राजस्थान कनेक्शन:
    • इंदिरा गांधी — भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री (1966); जन्म 19 नवंबर 1917, इलाहाबाद; भारत रत्न (1971); निधन 31 अक्टूबर 1984। यह दिन राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
    • पोकरण-I (18 मई 1974) — "स्माइलिंग बुद्धा", भारत का पहला परमाणु परीक्षण, पोकरण (जैसलमेर) — इंदिरा गांधी के कार्यकाल में।
    • राजस्थान नहर का नाम 2 नवंबर 1984 को बदलकर इंदिरा गांधी नहर किया गया — उद्गम हरिके बैराज (सतलुज-ब्यास संगम, पंजाब); शिलान्यास 31 मार्च 1958 (गोविंद बल्लभ पंत); पहली बार पानी 11 अक्टूबर 1961 (नौरंगदेसर, हनुमानगढ़)।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#2
राजस्थानRASCETPATWARIREETPOLICE

राजस्थान में सूखा: राज्य सरकार ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया — 69 गंभीर व 11 मध्यम श्रेणी में; जोधपुर (12), जालौर (10) व बाड़मेर (10) सबसे अधिक प्रभावित

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग ने 24-25 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया। इनमें 69 तहसीलें गंभीर और 11 मध्यम रूप से प्रभावित श्रेणी में हैं। यह निर्णय मानसून 2026 में कम वर्षा और खरीफ फसलों को हुए नुकसान के आधार पर लिया गया। यह घोषणा 6 महीने तक प्रभावी रहेगी — इस दौरान पशुओं के लिए चारा डिपो खोले जाएंगे और कृषि ऋणों की वसूली स्थगित रहेगी।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    सूखा घोषणा 2026 — मुख्य तथ्य:
    • कुल: 14 जिले, 80 तहसीलें — 69 गंभीर, 11 मध्यम।
    • सर्वाधिक प्रभावित: जोधपुर (12 तहसील), जालौर (10), बाड़मेर (10); इसके बाद बालोतरा, पाली, डूंगरपुर, जैसलमेर, फलोदी।
    • अन्य जिले: बांसवाड़ा, ब्यावर, चूरू, बीकानेर, नागौर व सिरोही।
    • सामान्य से वर्षा में सर्वाधिक कमी: पाली (58%), जैसलमेर (54%), जालौर (50%), बांसवाड़ा (39%)।
    • राहत: चारा डिपो, पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था, 6 माह तक कृषि ऋण वसूली स्थगित।
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    सूखा प्रबंधन (Static GK):
    • सूखा घोषणा का आधार — केंद्रीय कृषि मंत्रालय का सूखा प्रबंधन मैनुअल (2016, संशोधित 2020) — वर्षा, फसल बुवाई क्षेत्र, वनस्पति सूचकांक (NDVI), मृदा नमी व जलस्तर जैसे संकेतक।
    • राहत राशि — राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF); गंभीर आपदा में NDRF से अतिरिक्त सहायता।
    • आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 — NDMA के अध्यक्ष प्रधानमंत्री, SDMA के अध्यक्ष मुख्यमंत्री।
    • सूखे के प्रकार: मौसमी (वर्षा की कमी), जलीय (जल स्रोतों में कमी), कृषि (मृदा नमी व फसल पर असर)।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान — क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा राज्य (3,42,239 वर्ग किमी); लगभग 61% भाग मरुस्थलीय (थार)।
    • अरावली के पश्चिम में वर्षा सामान्यतः कम — जैसलमेर राज्य का सबसे कम वर्षा वाला जिला।
    • बालोतरा, फलोदी व ब्यावर — 2023 में बने नए जिले, जो दिसंबर 2024 की समीक्षा के बाद भी कायम रहे; वर्तमान में राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग।
    • प्रभावित जिलों में बाड़मेर-जैसलमेर-जोधपुर थार के मुख्य भाग हैं, जबकि डूंगरपुर-बांसवाड़ा दक्षिणी (वागड़) क्षेत्र में हैं।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#3
अर्थव्यवस्थाRASUPSCSSCCET

ग्रीन हाइड्रोजन में भारत विश्व में अग्रणी: अक्टूबर 2026 तक 23 ऑफटेक अनुबंध, कुल 5,55,610 MTPA — 70% से अधिक निर्यात हेतु, लगभग ₹90,000 करोड़ निवेश की संभावना

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि भारतीय कंपनियों ने विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक (खरीद) प्रतिबद्धताएँ हासिल की हैं। 2023 में राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत से अब तक 23 ऑफटेक अनुबंध हुए हैं, जिनमें लगभग 5.5 लाख MTPA (मीट्रिक टन प्रति वर्ष) ग्रीन हाइड्रोजन समतुल्य शामिल है। केवल 2026 में 18 नए अनुबंध (4 लाख MTPA से अधिक) हुए। इनमें 70% से अधिक मात्रा निर्यात के लिए है और लगभग ₹90,000 करोड़ (करीब 9.5 अरब डॉलर) निवेश अपेक्षित है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    मुख्य तथ्य:
    • कुल प्रतिबद्धता: 5,55,610 MTPA — मिशन के लक्ष्य का लगभग 11%।
    • 23 अनुबंध (2023 से); 2026 में 18 नए अनुबंध।
    • 70% से अधिक निर्यात — प्रमुख साझेदार जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया।
    • प्रमुख सौदे: ACME — IHI (जापान) को 4,88,000 MTPA ग्रीन अमोनिया; RIL — सैमसंग C&T (द. कोरिया) से 3 अरब डॉलर से अधिक का समझौता; AM Green — जर्मनी की H2Global नीलामी में एशियाई लॉट का एकमात्र विजेता।
    • SIGHT कार्यक्रम के तहत 11 उर्वरक इकाइयों को 6,70,000 MTPA ग्रीन अमोनिया और IOCL, BPCL, HPCL व NRL की रिफाइनरियों को 30,000 MTPA ग्रीन हाइड्रोजन।
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    राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (Static GK):
    • मंजूरी: 4 जनवरी 2023; प्रारंभिक परिव्यय ₹19,744 करोड़ (2029-30 तक); नोडल — MNRE।
    • लक्ष्य (2030): कम से कम 5 MMTPA ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन; लगभग 125 GW नवीकरणीय क्षमता वृद्धि; ₹8 लाख करोड़ से अधिक निवेश; 6 लाख से अधिक रोजगार; प्रति वर्ष 50 MMT CO₂ उत्सर्जन में कमी।
    • SIGHT = Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition — इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण व ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन हेतु प्रोत्साहन।
    • ग्रीन हाइड्रोजन — नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत अपघटन (Electrolysis) द्वारा बनी हाइड्रोजन; भारत के मानक के अनुसार प्रति किलो H₂ पर अधिकतम 2 किलो CO₂ समतुल्य उत्सर्जन।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान — स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में देश में प्रथम; भड़ला सोलर पार्क (फलोदी, पूर्व में जोधपुर जिला) देश के सबसे बड़े सोलर पार्कों में।
    • सस्ती सौर व पवन बिजली, विशाल बंजर भूमि और गुजरात के बंदरगाहों की निकटता के कारण राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन/अमोनिया उत्पादन का संभावित केंद्र।
    • राज्य की राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति, 2024 में ग्रीन हाइड्रोजन को प्रोत्साहन शामिल।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#4
विज्ञान-तकनीकRASCETPATWARIUPSCSSC

"पुनः भरण" मोबाइल ऐप व वेब पोर्टल: जल शक्ति मंत्रालय ने वैज्ञानिक भूजल पुनर्भरण के लिए लॉन्च किया — 3 किमी दायरे में कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान, BISAG-N ने विकसित किया

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने 28 अक्टूबर 2026 को "पुनः भरण" (Punah Bharan) मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया। इसे BISAG-N ने राष्ट्रीय जल मिशन (NWM), जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सहयोग से विकसित किया है। ऐप उपयोगकर्ता के 3 किमी के दायरे में संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त संरचनाएँ सुझाता है, जबकि वेब पोर्टल पर गांव-स्तरीय कृत्रिम पुनर्भरण संरचना (ARS) ज़ोनेशन मानचित्र उपलब्ध हैं।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    पुनः भरण — मुख्य तथ्य:
    • लॉन्च: 28 अक्टूबर 2026, जल शक्ति मंत्रालय।
    • विकसित: BISAG-N (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान, गांधीनगर) + राष्ट्रीय जल मिशन।
    • ऐप: 3 किमी दायरे में संभावित पुनर्भरण क्षेत्र व उपयुक्त संरचनाएँ (चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट, परकोलेशन टैंक आदि)।
    • पोर्टल: गांव-स्तरीय ARS ज़ोनेशन मानचित्र, GIS टूल व थीमैटिक लेयर।
    • आधार डेटा: वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान व जल-निकासी (Drainage)।
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    जल प्रबंधन (Static GK):
    • जल शक्ति मंत्रालय — मई 2019 में जल संसाधन मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय को मिलाकर गठित।
    • राष्ट्रीय जल मिशन — जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPCC, 2008) के 8 मिशनों में से एक।
    • अटल भूजल योजना — शुभारंभ 25 दिसंबर 2019; 7 राज्य — गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान व उत्तर प्रदेश; विश्व बैंक की सहायता।
    • भूजल आकलन — केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB); श्रेणियाँ: सुरक्षित, अर्ध-संकटग्रस्त, संकटग्रस्त, अति-दोहित (Over-exploited)।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • राजस्थान में भूजल दोहन 100% से अधिक — राज्य के अधिकांश ब्लॉक अति-दोहित (डार्क ज़ोन) श्रेणी में; देश के सर्वाधिक भूजल-संकटग्रस्त राज्यों में।
    • मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान — प्रथम चरण 27 जनवरी 2016; MJSA 2.0 वर्तमान सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ।
    • पारंपरिक जल संरक्षण: खड़ीन (जैसलमेर, पालीवाल ब्राह्मण), टांका/कुंड, बावड़ी, जोहड़।
    • राजेन्द्र सिंह ("जलपुरुष") — तरुण भारत संघ, अलवर; रेमन मैग्सेसे (2001), स्टॉकहोम जल पुरस्कार (2015)।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):
#5
राष्ट्रीयRASUPSCCETSSCPATWARIPOLICE

प्रोजेक्ट चीता को झटका: कूनो के 19 माह के नर चीता शावक KNG22 की छर्रों (Firearm Pellets) से मौत — मुरैना वन क्षेत्र में घायल मिला, केंद्र ने उच्चस्तरीय जांच दल भेजा

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

कूनो राष्ट्रीय उद्यान (मध्य प्रदेश) का 19 माह का नर चीता शावक KNG22 25 अक्टूबर 2026 को उद्यान के संरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के प्रादेशिक वनों में गंभीर रूप से घायल मिला। जबलपुर में आपात सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के 5 छर्रे निकाले गए, परंतु 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। इसे प्रोजेक्ट चीता में गोली से मौत की पहली घटना बताया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मौके पर जांच के लिए उच्चस्तरीय दल भेजा है और राज्य सरकार ने विशेष कार्य बल (STF) गठित किया है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

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    घटना — मुख्य तथ्य:
    • चीता: KNG22 — 19 माह का नर, भारत में जन्मा शावक।
    • घायल मिला: 25 अक्टूबर 2026, मुरैना के प्रादेशिक वन (कूनो के संरक्षित क्षेत्र से बाहर)।
    • उपचार: जबलपुर में आपात सर्जरी — 5 छर्रे निकाले गए; मृत्यु 27 अक्टूबर।
    • जांच: केंद्र (MoEFCC) का उच्चस्तरीय दल + मध्य प्रदेश सरकार की विशेष कार्य बल (STF)।
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    प्रोजेक्ट चीता (Static GK):
    • भारत में चीता 1952 में विलुप्त घोषित; अंतिम चीतों का शिकार 1947 में कोरिया (अब छत्तीसगढ़) के महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव ने किया।
    • शुभारंभ: 17 सितंबर 2022 — नामीबिया से 8 चीते कूनो में छोड़े गए; फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते।
    • विश्व का पहला अंतर-महाद्वीपीय बड़े मांसाहारी का स्थानांतरण; क्रियान्वयन — राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA)।
    • कूनो राष्ट्रीय उद्यान — श्योपुर जिला (MP); दूसरा स्थल — गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य (मंदसौर-नीमच), जहाँ अप्रैल 2025 में चीते छोड़े गए।
    • चीता — IUCN: Vulnerable; एशियाई चीता — Critically Endangered (केवल ईरान में); वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I।
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    राजस्थान कनेक्शन:
    • कूनो नदी — चंबल की सहायक नदी; मुरैना चंबल क्षेत्र में स्थित है।
    • चंबल — उद्गम जानापाव पहाड़ी (महू, MP); राजस्थान में चौरासीगढ़ (चित्तौड़गढ़) से प्रवेश; राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य (1979) — राजस्थान, MP व UP में।
    • कूनो से निकलकर चीते कई बार सीमावर्ती राजस्थान (बारां आदि) तक पहुँचे हैं; कूनो–गांधी सागर क्षेत्र को MP-राजस्थान अंतरराज्यीय चीता परिदृश्य के रूप में विकसित करने की योजना है।
    • मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व (कोटा) को भी चीतों के संभावित भावी आवास के रूप में देखा गया है।
  • 🧠 स्मरण सूत्र (Quick Revision):