दिशा एवं दूरी (Direction Sense) — 8 दिशाएँ, घुमाव, पाइथागोरस दूरी, छाया और कूट दिशा, 20 हल उदाहरण
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: SSC, RRB NTPC, RSSB CET व राजस्थान पुलिस पाठ्यक्रम की तार्किक व मानसिक योग्यता इकाई। सभी उदाहरण व प्रश्न सुयोग अकादमी द्वारा तैयार; शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
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संक्षिप्त उत्तर: दिशा एवं दूरी (Direction Sense) में कुल 8 दिशाएँ होती हैं: 4 मुख्य (उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम) और 4 उप-दिशाएँ (उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम)। मानचित्र पर ऊपर उत्तर, दाएँ पूर्व, नीचे दक्षिण और बाएँ पश्चिम मानकर चित्र बनाते हैं। दाएँ मुड़ना = 90° दक्षिणावर्त (clockwise) और बाएँ मुड़ना = 90° वामावर्त (anticlockwise); उत्तर को 0° मानकर दक्षिणावर्त कोण जोड़ने से अंतिम दिशा तुरंत मिल जाती है। प्रारंभ बिंदु से न्यूनतम दूरी निकालने के लिए कुल पूर्व-पश्चिम विस्थापन (x) और कुल उत्तर-दक्षिण विस्थापन (y) अलग जोड़ें, फिर दूरी = √(x² + y²) (पाइथागोरस) लगाएँ। छाया के प्रश्नों में सूर्योदय (सुबह) के समय छाया पश्चिम में और सूर्यास्त (शाम) के समय छाया पूर्व में पड़ती है। कूटबद्ध दिशा (Coded direction) के प्रश्नों में पहले देखें कि हर दिशा कितने अंश घुमाई गई है, फिर वही घुमाव माँगी गई दिशा पर लगाएँ। सबसे बड़ी गलती है "अंतिम मुख की दिशा" और "प्रारंभ बिंदु से दिशा" को एक मान लेना; ये दो अलग प्रश्न हैं।
संक्षिप्त उत्तर
| दिशा | English | उत्तर से दक्षिणावर्त कोण | विपरीत दिशा |
|---|---|---|---|
| उत्तर | North (N) | 0° (या 360°) | दक्षिण |
| उत्तर-पूर्व (ईशान) | North-East (NE) | 45° | दक्षिण-पश्चिम |
| पूर्व | East (E) | 90° | पश्चिम |
| दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) | South-East (SE) | 135° | उत्तर-पश्चिम |
| दक्षिण | South (S) | 180° | उत्तर |
| दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) | South-West (SW) | 225° | उत्तर-पूर्व |
| पश्चिम | West (W) | 270° | पूर्व |
| उत्तर-पश्चिम (वायव्य) | North-West (NW) | 315° | दक्षिण-पूर्व |
| नियम / सूत्र | याद रखने की बात |
|---|---|
| दाएँ मुड़ना (Right turn) | +90° (दक्षिणावर्त) |
| बाएँ मुड़ना (Left turn) | −90° (वामावर्त) |
| पीछे मुड़ना (About turn) | 180° (दाएँ या बाएँ, परिणाम एक ही) |
| अंतिम दिशा | प्रारंभिक कोण + सभी दक्षिणावर्त घुमाव − सभी वामावर्त घुमाव; फिर 360 से भाग का शेष |
| न्यूनतम (सीधी) दूरी | √(x² + y²), जहाँ x = कुल पूर्व − कुल पश्चिम, y = कुल उत्तर − कुल दक्षिण |
| x और y दोनों बराबर (a) | दूरी = a√2, दिशा ठीक उप-दिशा (45°) |
| सुबह (सूर्योदय) की छाया | पश्चिम की ओर |
| शाम (सूर्यास्त) की छाया | पूर्व की ओर |
| 360° घूमना | दिशा वही रहती है |
2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
दिशा एवं दूरी तार्किक योग्यता (Reasoning) की विश्लेषणात्मक तर्क इकाई का स्थायी अध्याय है। इसके प्रश्न छोटे होते हैं और एक साफ़ चित्र बना लेने पर 30–40 सेकंड में हल हो जाते हैं, इसलिए यह अंक बचाने वाला अध्याय माना जाता है। यह अध्याय रक्त संबंध के साथ मिलाकर (मिश्रित प्रश्न) और क्रम व्यवस्था और बैठक व्यवस्था की बाएँ-दाएँ की समझ के साथ भी पूछा जाता है। घड़ी की सुइयों से दिशा वाले प्रश्नों के लिए कैलेंडर और घड़ी वाला नोट भी साथ पढ़ें।
परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★
- SSC CGL / CHSL / MTS / GD: चलने के प्रश्न (दूरी + दिशा), छाया, कूटबद्ध दिशा
- RRB NTPC: व्यक्ति के चलने के बाद अंतिम दिशा, पाइथागोरस से दूरी, घुमाव के अंश
- राजस्थान CET (12वीं व स्नातक), पटवारी, राजस्थान पुलिस: सीधे चलने वाले प्रश्न, सापेक्ष स्थिति, प्रतीक-आधारित दिशा
प्रश्न कैसे आते हैं?
- कोई व्यक्ति कई बार मुड़कर चलता है; प्रारंभ बिंदु से उसकी दूरी और दिशा पूछी जाती है।
- केवल घुमाव (अंशों में) देकर अंतिम मुख की दिशा पूछी जाती है।
- सुबह या शाम की छाया देकर व्यक्ति के मुख की दिशा पूछी जाती है।
- दिशाओं के नाम बदलकर (कूट) नई दिशा का नाम पूछा जाता है।
- प्रतीकों से स्थिति (जैसे "P % Q का अर्थ P, Q के उत्तर में") देकर सापेक्ष दिशा पूछी जाती है।
3. दिशाओं की मूल बातें
3.1 चित्र बनाने का मानक नियम
हर प्रश्न में कागज़ पर एक छोटा "धन (+)" चिह्न बनाएँ: ऊपर उत्तर, नीचे दक्षिण, दाएँ पूर्व, बाएँ पश्चिम। यह मानचित्र का मानक है, और परीक्षा का हर प्रश्न इसी मान्यता पर बनता है। दो मुख्य दिशाओं के बीच की दिशा को दोनों के नाम से बोलते हैं, और हिंदी में भी परीक्षा में "उत्तर-पूर्व" ही लिखा जाता है, "पूर्व-उत्तर" नहीं।
| स्थिति | दिशा | निर्देशांक संकेत (x, y) |
|---|---|---|
| ऊपर | उत्तर | (0, +) |
| नीचे | दक्षिण | (0, −) |
| दाएँ | पूर्व | (+, 0) |
| बाएँ | पश्चिम | (−, 0) |
| ऊपर-दाएँ | उत्तर-पूर्व | (+, +) |
| नीचे-दाएँ | दक्षिण-पूर्व | (+, −) |
| नीचे-बाएँ | दक्षिण-पश्चिम | (−, −) |
| ऊपर-बाएँ | उत्तर-पश्चिम | (−, +) |
3.2 उप-दिशाओं के पारंपरिक नाम
| उप-दिशा | पारंपरिक नाम | किन दो के बीच |
|---|---|---|
| उत्तर-पूर्व | ईशान | उत्तर और पूर्व |
| दक्षिण-पूर्व | आग्नेय | दक्षिण और पूर्व |
| दक्षिण-पश्चिम | नैऋत्य | दक्षिण और पश्चिम |
| उत्तर-पश्चिम | वायव्य | उत्तर और पश्चिम |
3.3 "मुख की दिशा" बनाम "स्थिति की दिशा"
प्रश्न दो तरह की दिशा पूछते हैं। मुख की दिशा बताती है कि व्यक्ति अंत में किस ओर देख रहा है; यह केवल घुमावों से तय होती है, चली गई दूरी से नहीं। स्थिति की दिशा बताती है कि व्यक्ति प्रारंभ बिंदु से किस ओर है; यह पूरे विस्थापन (x, y) से तय होती है। एक ही प्रश्न में दोनों उत्तर अलग हो सकते हैं।
4. मुड़ना (Turns): बाएँ, दाएँ और अंश
4.1 दाएँ और बाएँ मुड़ने की तालिका
| अभी मुख | दाएँ मुड़ने पर | बाएँ मुड़ने पर | पीछे मुड़ने पर |
|---|---|---|---|
| उत्तर | पूर्व | पश्चिम | दक्षिण |
| पूर्व | दक्षिण | उत्तर | पश्चिम |
| दक्षिण | पश्चिम | पूर्व | उत्तर |
| पश्चिम | उत्तर | दक्षिण | पूर्व |
| उत्तर-पूर्व | दक्षिण-पूर्व | उत्तर-पश्चिम | दक्षिण-पश्चिम |
| दक्षिण-पूर्व | दक्षिण-पश्चिम | उत्तर-पूर्व | उत्तर-पश्चिम |
| दक्षिण-पश्चिम | उत्तर-पश्चिम | दक्षिण-पूर्व | उत्तर-पूर्व |
| उत्तर-पश्चिम | उत्तर-पूर्व | दक्षिण-पश्चिम | दक्षिण-पूर्व |
4.2 अंशों में घुमाव
उत्तर = 0° मानें। दक्षिणावर्त घुमाव जोड़ें, वामावर्त घटाएँ। परिणाम ऋणात्मक हो तो 360 जोड़ें, 360 से अधिक हो तो 360 घटाएँ। फिर तालिका 1 से दिशा पढ़ें।
| घुमाव | दक्षिणावर्त (clockwise) | वामावर्त (anticlockwise) |
|---|---|---|
| 45° | एक उप-दिशा आगे (उत्तर → उत्तर-पूर्व) | एक उप-दिशा पीछे (उत्तर → उत्तर-पश्चिम) |
| 90° | = दाएँ मुड़ना | = बाएँ मुड़ना |
| 135° | उत्तर → दक्षिण-पूर्व | उत्तर → दक्षिण-पश्चिम |
| 180° | विपरीत दिशा | विपरीत दिशा |
| 270° | = 90° वामावर्त (बाएँ) | = 90° दक्षिणावर्त (दाएँ) |
| 360° | वही दिशा | वही दिशा |
4.3 हल उदाहरण (घुमाव)
उदाहरण 1: एक व्यक्ति उत्तर की ओर मुख करके खड़ा है। वह 90° दक्षिणावर्त घूमता है, फिर 135° वामावर्त, फिर 180° दक्षिणावर्त। अब उसका मुख किस दिशा में है?
| चरण | गणना | दिशा |
|---|---|---|
| प्रारंभ | 0° | उत्तर |
| 90° दक्षिणावर्त | 0 + 90 = 90° | पूर्व |
| 135° वामावर्त | 90 − 135 = −45° → 315° | उत्तर-पश्चिम |
| 180° दक्षिणावर्त | 315 + 180 = 495 → 135° | दक्षिण-पूर्व |
उत्तर: दक्षिण-पूर्व। शॉर्टकट: कुल घुमाव = +90 − 135 + 180 = +135° दक्षिणावर्त; उत्तर से 135° = दक्षिण-पूर्व।
उदाहरण 2: पश्चिम की ओर मुख किया व्यक्ति बाएँ, फिर बाएँ, फिर दाएँ मुड़ता है। अंतिम मुख?
हल: पश्चिम → (बाएँ) दक्षिण → (बाएँ) पूर्व → (दाएँ) दक्षिण। शॉर्टकट: दो बाएँ और एक दाएँ = कुल एक बाएँ (−90°); पश्चिम 270° − 90° = 180° = दक्षिण।
उदाहरण 3: दक्षिण की ओर मुख किया व्यक्ति 90° दक्षिणावर्त, फिर 180° वामावर्त, फिर 45° दक्षिणावर्त घूमता है।
हल: 180 + 90 − 180 + 45 = 135° → दक्षिण-पूर्व।
उदाहरण 4: उत्तर-पूर्व की ओर मुख किया व्यक्ति दो बार 90° वामावर्त घूमता है।
हल: 45 − 90 − 90 = −135 → 225° → दक्षिण-पश्चिम (दो बार 90° = 180°, यानी विपरीत दिशा)।
उदाहरण 5: पश्चिम की ओर मुख किया व्यक्ति 270° दक्षिणावर्त घूमता है।
हल: 270 + 270 = 540 → 540 − 360 = 180° → दक्षिण। (270° दक्षिणावर्त = 90° वामावर्त = बाएँ मुड़ना; पश्चिम से बाएँ = दक्षिण।)
5. अंतिम स्थिति और न्यूनतम दूरी
5.1 निर्देशांक विधि (सबसे सुरक्षित)
- प्रारंभ बिंदु को (0, 0) मानें।
- हर चरण में देखें कि व्यक्ति किस दिशा में चल रहा है: पूर्व में x बढ़ाएँ, पश्चिम में x घटाएँ, उत्तर में y बढ़ाएँ, दक्षिण में y घटाएँ।
- अंतिम बिंदु (x, y) से दूरी = √(x² + y²)।
- दिशा: x और y के चिह्न से (तालिका 3.1)। x = 0 हो तो सीधे उत्तर या दक्षिण, y = 0 हो तो सीधे पूर्व या पश्चिम।
5.2 पाइथागोरस त्रिक (Pythagorean triplets)
| भुजा 1 | भुजा 2 | कर्ण (सीधी दूरी) |
|---|---|---|
| 3 | 4 | 5 |
| 6 | 8 | 10 |
| 9 | 12 | 15 |
| 12 | 16 | 20 |
| 15 | 20 | 25 |
| 5 | 12 | 13 |
| 8 | 15 | 17 |
| 7 | 24 | 25 |
| 20 | 21 | 29 |
| a | a | a√2 (जैसे 5, 5 → 5√2) |
5.3 हल उदाहरण (दूरी और दिशा)
उदाहरण 6: राहुल 10 m उत्तर चलता है, फिर दाएँ मुड़कर 6 m चलता है, फिर दाएँ मुड़कर 18 m चलता है। प्रारंभ बिंदु से वह कितनी दूर और किस दिशा में है?
| चरण | चलने की दिशा | x | y |
|---|---|---|---|
| 10 m | उत्तर | 0 | +10 |
| दाएँ, 6 m | पूर्व | +6 | +10 |
| दाएँ, 18 m | दक्षिण | +6 | 10 − 18 = −8 |
दूरी = √(6² + 8²) = √100 = 10 m; x धनात्मक, y ऋणात्मक → दक्षिण-पूर्व। अंतिम मुख दक्षिण की ओर है; यह स्थिति की दिशा से अलग है।
उदाहरण 7: सीमा 4 km पूर्व चलती है, फिर बाएँ मुड़कर 6 km, फिर बाएँ मुड़कर 12 km चलती है। प्रारंभ से दूरी व दिशा?
हल: पूर्व 4 → (4, 0); बाएँ = उत्तर 6 → (4, 6); बाएँ = पश्चिम 12 → (4 − 12, 6) = (−8, 6)। दूरी = √(64 + 36) = 10 km; x ऋणात्मक, y धनात्मक → उत्तर-पश्चिम।
उदाहरण 8: एक व्यक्ति 9 km उत्तर, फिर दाएँ मुड़कर 5 km, फिर दाएँ मुड़कर 3 km, फिर बाएँ मुड़कर 3 km चलता है। प्रारंभ से दूरी व दिशा?
| चरण | दिशा | (x, y) |
|---|---|---|
| 9 km | उत्तर | (0, 9) |
| दाएँ 5 km | पूर्व | (5, 9) |
| दाएँ 3 km | दक्षिण | (5, 6) |
| बाएँ 3 km | पूर्व | (8, 6) |
दूरी = √(64 + 36) = 10 km, दिशा उत्तर-पूर्व, और अंतिम मुख पूर्व की ओर।
उदाहरण 9: मोहन घर से 3 km उत्तर, फिर 4 km पूर्व, फिर 3 km दक्षिण चलता है। घर से दूरी व दिशा?
हल: y = 3 − 3 = 0, x = 4 → (4, 0)। दूरी 4 km, दिशा ठीक पूर्व। उत्तर और दक्षिण की बराबर दूरियाँ एक-दूसरे को रद्द कर देती हैं।
उदाहरण 10: एक व्यक्ति 10 m उत्तर चलता है, फिर बाएँ 10 m, फिर बाएँ 10 m, फिर दाएँ 10 m। प्रारंभ से स्थिति?
हल: उत्तर 10 → (0, 10); बाएँ = पश्चिम 10 → (−10, 10); बाएँ = दक्षिण 10 → (−10, 0); दाएँ = पश्चिम 10 → (−20, 0)। उत्तर: 20 m पश्चिम।
उदाहरण 11: अनीता 5 km पूर्व चलती है, फिर बाएँ मुड़कर 12 km चलती है। सीधी दूरी?
हल: (5, 12) → √(25 + 144) = √169 = 13 km, दिशा उत्तर-पूर्व।
उदाहरण 12 (बराबर भुजाएँ): रवि 7 km दक्षिण चलकर बाएँ मुड़ता है और 7 km चलता है। सीधी दूरी व दिशा?
हल: दक्षिण से बाएँ = पूर्व; (7, −7) → दूरी 7√2 km, दिशा ठीक दक्षिण-पूर्व।
5.4 और हल उदाहरण: एक नज़र में
नीचे की हर पंक्ति में पहले स्वयं हल करें, फिर अंतिम तीन स्तंभों से मिलाएँ। सभी में प्रारंभ (0, 0) है।
| क्रम | प्रारंभिक मुख और चाल | अंतिम (x, y) | सीधी दूरी व दिशा | अंतिम मुख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | दक्षिण 12 km, दाएँ 5 km | (−5, −12) | 13 km, दक्षिण-पश्चिम | पश्चिम |
| 2 | पश्चिम 9 m, दाएँ 4 m, दाएँ 12 m | (3, 4) | 5 m, उत्तर-पूर्व | पूर्व |
| 3 | पूर्व 15 km, दाएँ 20 km | (15, −20) | 25 km, दक्षिण-पूर्व | दक्षिण |
| 4 | उत्तर 6 m, बाएँ 3 m, बाएँ 14 m, बाएँ 3 m | (0, −8) | 8 m, ठीक दक्षिण | पूर्व |
| 5 | दक्षिण 6 km, बाएँ 4 km, बाएँ 12 km, दाएँ 4 km | (8, 6) | 10 km, उत्तर-पूर्व | पूर्व |
| 6 | पूर्व 10 m, बाएँ 10 m, दाएँ 5 m, दाएँ 10 m | (15, 0) | 15 m, ठीक पूर्व | दक्षिण |
| 7 | पश्चिम 24 km, बाएँ 7 km | (−24, −7) | 25 km, दक्षिण-पश्चिम | दक्षिण |
| 8 | उत्तर 5 m, फिर तीन बार दाएँ मुड़कर हर बार 5 m | (0, 0) | 0, प्रारंभ बिंदु पर वापस | पश्चिम |
पंक्ति 8 पर ध्यान दें: व्यक्ति एक वर्ग पूरा करके उसी बिंदु पर लौट आता है, पर उसका मुख पश्चिम की ओर है, उत्तर की ओर नहीं। तीन दाएँ मोड़ = एक बाएँ मोड़; उत्तर से बाएँ = पश्चिम।
6. दो व्यक्तियों या स्थानों की सापेक्ष दिशा
"A, B से किस दिशा में है?" का अर्थ है: B पर खड़े होकर A किस ओर दिखेगा। इसलिए हमेशा A का निर्देशांक − B का निर्देशांक निकालें। "B, A से किस दिशा में?" पूछा जाए तो उत्तर ठीक विपरीत होगा।
| दिया गया | पूछा गया | गणना | उत्तर |
|---|---|---|---|
| A, B के 10 m उत्तर; C, B के 10 m पूर्व | A, C से किस दिशा में? | A(0,10) − C(10,0) = (−10, 10) | उत्तर-पश्चिम, 10√2 m |
| वही | C, A से किस दिशा में? | (10, −10) | दक्षिण-पूर्व |
| X, Y के 6 km पूर्व; Z, X के 8 km उत्तर | Z और Y की दूरी | Z(6, 8) − Y(0, 0) | 10 km, Z उत्तर-पूर्व में |
| P, Q के 5 km पश्चिम; R, Q के 5 km दक्षिण | P, R से किस दिशा में? | P(−5,0) − R(0,−5) = (−5, 5) | उत्तर-पश्चिम, 5√2 km |
6.1 प्रतीक-आधारित (कूटबद्ध) स्थिति
उदाहरण 13: "P % Q" का अर्थ है P, Q के 3 m उत्तर में है; "P & Q" का अर्थ है P, Q के 4 m पूर्व में है। "M % N & O" में M, O से किस दिशा में और कितनी दूर है?
हल: N & O → N, O के 4 m पूर्व: O = (0, 0) तो N = (4, 0)। M % N → M, N के 3 m उत्तर: M = (4, 3)। दूरी = √(16 + 9) = 5 m, दिशा उत्तर-पूर्व।
विधि: प्रतीक-श्रृंखला को दाएँ से बाएँ पढ़ें। सबसे दाएँ वाले व्यक्ति को (0, 0) रखें और एक-एक संबंध जोड़ते जाएँ।
7. छाया आधारित प्रश्न (Shadow problems)
सूर्य पूर्व में उगता और पश्चिम में अस्त होता है। छाया हमेशा सूर्य के विपरीत पड़ती है। इसलिए सुबह छाया पश्चिम में और शाम को पूर्व में पड़ती है। ठीक दोपहर की छाया अक्षांश और ऋतु पर निर्भर करती है; परीक्षा के प्रश्न सुबह या शाम पर ही बनते हैं, और यह नोट भी उन्हीं तक सीमित है।
| समय | सूर्य | छाया की दिशा |
|---|---|---|
| सूर्योदय / सुबह | पूर्व | पश्चिम |
| सूर्यास्त / शाम | पश्चिम | पूर्व |
| छाया कहाँ पड़ रही है | सुबह: मुख की दिशा | शाम: मुख की दिशा |
|---|---|---|
| ठीक सामने | पश्चिम | पूर्व |
| ठीक पीछे | पूर्व | पश्चिम |
| बाईं ओर | उत्तर | दक्षिण |
| दाईं ओर | दक्षिण | उत्तर |
जाँच का तरीका: उत्तर की ओर मुख हो तो बायाँ हाथ पश्चिम में होता है; सुबह छाया पश्चिम में है, इसलिए "सुबह छाया बाईं ओर" = उत्तर की ओर मुख। बाकी पंक्तियाँ भी इसी तरह जाँचें।
उदाहरण 14: सूर्योदय के बाद मोहन एक खंभे की ओर मुख करके खड़ा है। खंभे की छाया ठीक उसकी दाईं ओर पड़ती है। मोहन का मुख किस दिशा में है?
हल: सुबह छाया पश्चिम में है, और पश्चिम उसकी दाईं ओर है। जिस व्यक्ति का दायाँ हाथ पश्चिम में हो, उसका मुख दक्षिण की ओर होता है।
उदाहरण 15: शाम को रीना की छाया उसकी बाईं ओर पड़ती है। वह किस ओर मुख किए है?
हल: शाम की छाया पूर्व में है, और पूर्व उसकी बाईं ओर है, इसलिए मुख दक्षिण की ओर है।
उदाहरण 16: सुबह A और B आमने-सामने खड़े हैं। B की छाया ठीक A की दाईं ओर पड़ती है। B का मुख किस ओर है?
हल: छाया पश्चिम में है, जो A की दाईं ओर है, इसलिए A का मुख दक्षिण में है। B, A के आमने-सामने है, इसलिए B का मुख उत्तर में है।
उदाहरण 17: सूर्योदय के समय एक व्यक्ति सूर्य की ओर पीठ करके खड़ा है। उसकी छाया किस दिशा में है?
हल: सूर्य पूर्व में है, तो छाया पश्चिम में, यानी ठीक उसके सामने पड़ेगी।
8. कूटबद्ध दिशाएँ (Coded directions)
प्रश्न कहता है "यदि उत्तर को पूर्व कहा जाए, पूर्व को दक्षिण…"। ऐसे प्रश्न में हर दिशा एक ही कोण से घुमाई गई होती है।
- पहले एक जोड़ी से घुमाव निकालें: उत्तर (0°) को पूर्व (90°) कहा गया, तो घुमाव +90° (दक्षिणावर्त) है।
- दूसरी जोड़ी से जाँचें कि घुमाव वही है।
- पूछी गई दिशा पर वही घुमाव लगाएँ।
| कूट | घुमाव | पूछा | गणना | उत्तर |
|---|---|---|---|---|
| उत्तर → पूर्व, पूर्व → दक्षिण | +90° | दक्षिण-पश्चिम को क्या कहेंगे? | 225 + 90 = 315 | उत्तर-पश्चिम |
| उत्तर → दक्षिण-पूर्व, दक्षिण → उत्तर-पश्चिम | +135° | पश्चिम को क्या कहेंगे? | 270 + 135 = 405 → 45 | उत्तर-पूर्व |
| दक्षिण-पूर्व → उत्तर | −135° | उत्तर-पूर्व को क्या कहेंगे? | 45 − 135 = −90 → 270 | पश्चिम |
| उत्तर → दक्षिण, पूर्व → पश्चिम | 180° | उत्तर-पूर्व को क्या कहेंगे? | 45 + 180 = 225 | दक्षिण-पश्चिम |
उदाहरण 18: यदि उत्तर-पूर्व को पश्चिम और पूर्व को उत्तर-पश्चिम कहा जाए, तो दक्षिण को क्या कहेंगे?
हल: उत्तर-पूर्व (45°) → पश्चिम (270°): घुमाव 225° दक्षिणावर्त (= 135° वामावर्त)। जाँच: पूर्व (90°) + 225 = 315° = उत्तर-पश्चिम, मेल खाता है। दक्षिण (180°) + 225 = 405 → 45° = उत्तर-पूर्व।
ऐसे प्रश्नों की बनावट कोडिंग-डिकोडिंग जैसी होती है: पहले नियम पकड़ें, फिर उसे लगाएँ।
9. घड़ी की सुइयों से दिशा
सामान्य घड़ी में 12 ऊपर (उत्तर), 3 दाएँ (पूर्व), 6 नीचे (दक्षिण) और 9 बाएँ (पश्चिम) होता है। प्रश्न में यह बदल दिया जाता है।
उदाहरण 19: घड़ी में 3:00 बजे हैं। घंटे की सुई उत्तर की ओर है, तो मिनट की सुई किस ओर है?
हल: 3:00 पर घंटे की सुई 3 पर और मिनट की सुई 12 पर होती है। सामान्य घड़ी में 3 का अंक पूर्व में होता है; यहाँ वह उत्तर में है, यानी पूरी घड़ी 90° वामावर्त घूमी है। 12 (उत्तर) भी 90° वामावर्त घूमकर पश्चिम में आ जाएगा।
उदाहरण 20: 9:00 बजे मिनट की सुई पूर्व की ओर है, तो घंटे की सुई किस ओर है?
हल: मिनट की सुई 12 पर है; 12 का अंक उत्तर से पूर्व में आया, यानी घुमाव +90° है। घंटे की सुई 9 पर है (सामान्यतः पश्चिम, 270°), और 270 + 90 = 360°, यानी उत्तर।
10. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)
Trap 1: मुख की दिशा और स्थिति की दिशा को एक मान लेना
उदाहरण 6 में अंतिम मुख दक्षिण की ओर है, पर व्यक्ति प्रारंभ से दक्षिण-पूर्व में है। प्रश्न ध्यान से पढ़ें: "किस दिशा में चल रहा है / मुख है" अलग प्रश्न है और "प्रारंभ बिंदु से किस दिशा में है" अलग।
Trap 2: "दाएँ मुड़ना" को हमेशा पूर्व मान लेना
दाएँ मुड़ना व्यक्ति के अपने मुख के सापेक्ष होता है। दक्षिण की ओर जा रहा व्यक्ति दाएँ मुड़े तो पश्चिम में जाएगा, पूर्व में नहीं। हर मोड़ पर तालिका 4.1 से जाँचें।
Trap 3: कुल चली दूरी और सीधी दूरी
"प्रारंभ बिंदु से कितनी दूर" का अर्थ सीधी (न्यूनतम) दूरी है, न कि सभी चरणों का योग। उदाहरण 6 में कुल चली दूरी 34 m है, पर सीधी दूरी 10 m।
Trap 4: "उत्तर-पूर्व" का अर्थ ठीक 45° नहीं
(6, 8) पर खड़ा व्यक्ति ठीक 45° पर नहीं है, फिर भी परीक्षा के विकल्पों में उसकी दिशा "उत्तर-पूर्व" ही लिखी जाती है। x और y दोनों शून्य से अलग हों तो उप-दिशा ही उत्तर है।
Trap 5: "A, B से किस दिशा में" उलटा पढ़ना
संदर्भ बिंदु "से" के बाद वाला है। A, B से उत्तर में है, तो B, A से दक्षिण में है। निर्देशांक में A − B लें।
Trap 6: छाया में सुबह-शाम उलटना
सुबह सूर्य पूर्व में है और छाया पश्चिम में। "सुबह छाया पूर्व में" लिखना सबसे आम गलती है। सूर्य और छाया हमेशा विपरीत दिशाओं में होते हैं।
Trap 7: 270° दक्षिणावर्त को "दाएँ" समझना
270° दक्षिणावर्त घुमाव 90° वामावर्त के बराबर है, यानी बाएँ मुड़ना। इसी तरह 270° वामावर्त = दाएँ मुड़ना।
Trap 8: कूटबद्ध दिशा में घुमाव की जाँच न करना
केवल एक जोड़ी से घुमाव निकालकर उत्तर न दें; दूसरी जोड़ी से पुष्टि करें। प्रश्न कभी-कभी "दिशाओं को उलटा" (180°) भी करते हैं, जो 90° से अलग है।
11. Most-Asked रिवीज़न तालिका (50 तथ्य)
| क्रम | प्रश्न / स्थिति | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | कुल दिशाएँ | 8 (4 मुख्य + 4 उप-दिशाएँ) |
| 2 | दो क्रमागत मुख्य दिशाओं के बीच कोण | 90° |
| 3 | मुख्य दिशा और उसकी पास की उप-दिशा के बीच कोण | 45° |
| 4 | उत्तर-पूर्व की विपरीत दिशा | दक्षिण-पश्चिम |
| 5 | दक्षिण-पूर्व की विपरीत दिशा | उत्तर-पश्चिम |
| 6 | ईशान कोण | उत्तर-पूर्व |
| 7 | आग्नेय कोण | दक्षिण-पूर्व |
| 8 | नैऋत्य कोण | दक्षिण-पश्चिम |
| 9 | वायव्य कोण | उत्तर-पश्चिम |
| 10 | दाएँ मुड़ना | 90° दक्षिणावर्त |
| 11 | बाएँ मुड़ना | 90° वामावर्त |
| 12 | उत्तर से दाएँ | पूर्व |
| 13 | पूर्व से दाएँ | दक्षिण |
| 14 | दक्षिण से दाएँ | पश्चिम |
| 15 | पश्चिम से दाएँ | उत्तर |
| 16 | उत्तर से बाएँ | पश्चिम |
| 17 | पूर्व से बाएँ | उत्तर |
| 18 | दक्षिण से बाएँ | पूर्व |
| 19 | पश्चिम से बाएँ | दक्षिण |
| 20 | दो बार दाएँ मुड़ना | विपरीत दिशा (180°) |
| 21 | तीन बार दाएँ मुड़ना | एक बार बाएँ मुड़ने के बराबर |
| 22 | चार बार एक ही ओर मुड़ना | वही दिशा |
| 23 | एक दाएँ + एक बाएँ | वही दिशा |
| 24 | 270° दक्षिणावर्त | = बाएँ मुड़ना |
| 25 | 270° वामावर्त | = दाएँ मुड़ना |
| 26 | उत्तर से 135° दक्षिणावर्त | दक्षिण-पूर्व |
| 27 | पूर्व से 135° वामावर्त | उत्तर-पश्चिम |
| 28 | उत्तर-पूर्व से 90° दक्षिणावर्त | दक्षिण-पूर्व |
| 29 | उत्तर-पश्चिम से 90° दक्षिणावर्त | उत्तर-पूर्व |
| 30 | न्यूनतम दूरी सूत्र | √(x² + y²) |
| 31 | 3 और 4 की भुजाएँ | 5 |
| 32 | 6 और 8 | 10 |
| 33 | 5 और 12 | 13 |
| 34 | 8 और 15 | 17 |
| 35 | 7 और 24 | 25 |
| 36 | a और a | a√2 |
| 37 | (+x, +y) | उत्तर-पूर्व |
| 38 | (+x, −y) | दक्षिण-पूर्व |
| 39 | (−x, −y) | दक्षिण-पश्चिम |
| 40 | (−x, +y) | उत्तर-पश्चिम |
| 41 | (+x, 0) | ठीक पूर्व |
| 42 | (0, −y) | ठीक दक्षिण |
| 43 | सुबह छाया | पश्चिम |
| 44 | शाम छाया | पूर्व |
| 45 | सुबह छाया बाईं ओर | मुख उत्तर |
| 46 | सुबह छाया दाईं ओर | मुख दक्षिण |
| 47 | शाम छाया बाईं ओर | मुख दक्षिण |
| 48 | शाम छाया दाईं ओर | मुख उत्तर |
| 49 | कूट: उत्तर → पूर्व | हर दिशा +90° |
| 50 | कूट: उत्तर → दक्षिण | हर दिशा 180° (विपरीत) |
12. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
दिशा-दूरी के प्रश्न प्रायः छह ढाँचों में आते हैं। हर ढाँचे का एक नमूना प्रश्न (स्वयं बनाया गया) नीचे है:
- चलना + सीधी दूरी: "रमेश 8 km उत्तर चलकर दाएँ मुड़ता है और 6 km चलता है। प्रारंभ से दूरी?" (उत्तर: (6, 8) → 10 km, उत्तर-पूर्व)
- केवल घुमाव: "पूर्व की ओर मुख किया व्यक्ति 135° वामावर्त घूमता है।" (उत्तर: 90 − 135 = −45 → उत्तर-पश्चिम)
- छाया: "सुबह किसी व्यक्ति की छाया उसकी बाईं ओर है।" (उत्तर: मुख उत्तर)
- कूटबद्ध दिशा: "यदि दक्षिण-पूर्व को उत्तर कहा जाए तो उत्तर-पूर्व को?" (उत्तर: −135° → पश्चिम)
- सापेक्ष स्थिति: "A, B के उत्तर में और C, B के पूर्व में बराबर दूरी पर है; A, C से किस दिशा में?" (उत्तर: उत्तर-पश्चिम)
- मिश्रित (रक्त संबंध + दिशा): "P, Q का पिता है और Q के 5 km उत्तर में रहता है; R, P की पत्नी है और P के 5 km पूर्व में रहती है; R, Q से किस दिशा में?" (Q(0,0), P(0,5), R(5,5) → उत्तर-पूर्व, 5√2 km)
रणनीति: कभी भी मन में हल न करें; दो सेकंड में "+" बनाकर चलते जाएँ। हर मोड़ के बाद लिख लें कि अब मुख किस ओर है। अंत में x और y अलग जोड़ें।
13. इसे आसानी से याद कैसे रखें?
1. घड़ी की तरह दाएँ: "दाएँ = घड़ी की सुई की दिशा": उत्तर → पूर्व → दक्षिण → पश्चिम → उत्तर। बाएँ = इसका उलटा क्रम।
2. "उ-पू-द-प" (उपूदप): दक्षिणावर्त क्रम में चारों मुख्य दिशाएँ। दाएँ मुड़ना = अगला अक्षर, बाएँ = पिछला अक्षर।
3. उप-दिशाएँ "ई-आ-नै-वा": ईशान (उत्तर-पूर्व), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व), नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम), वायव्य (उत्तर-पश्चिम), ये भी दक्षिणावर्त क्रम में हैं।
4. छाया: "सुबह की छाया पश्चिम को भागे, शाम की छाया पूरब में जागे।"
5. छाया-मुख का शॉर्टकट: सुबह "बाएँ = उत्तर", शाम "बाएँ = दक्षिण"; दायाँ हमेशा बाएँ का उलटा।
6. 3-4-5 परिवार: 3-4-5 के गुणज (6-8-10, 9-12-15, 12-16-20) और 5-12-13 सबसे ज़्यादा आते हैं।
14. कथन अभ्यास
उत्तर की ओर मुख किया व्यक्ति दाएँ मुड़े तो उसका मुख पूर्व की ओर होगा। — सही
दक्षिण की ओर चल रहा व्यक्ति दाएँ मुड़े तो पूर्व में जाएगा। — गलत (वह पश्चिम में जाएगा)
सूर्योदय के समय किसी खंभे की छाया पश्चिम की ओर पड़ती है। — सही
सूर्यास्त के समय छाया पश्चिम की ओर पड़ती है। — गलत (शाम को छाया पूर्व की ओर पड़ती है)
270° दक्षिणावर्त घूमना बाएँ मुड़ने के बराबर है। — सही
उत्तर-पूर्व की विपरीत दिशा दक्षिण-पूर्व है। — गलत (विपरीत दिशा दक्षिण-पश्चिम है)
प्रारंभ बिंदु से दूरी का अर्थ कुल चली गई दूरी होता है। — गलत (इसका अर्थ सीधी, न्यूनतम दूरी है)
यदि अंतिम बिंदु (−8, 6) है तो व्यक्ति प्रारंभ से 10 इकाई उत्तर-पश्चिम में है। — सही
शाम को किसी की छाया उसकी दाईं ओर पड़े तो उसका मुख उत्तर की ओर है। — सही
यदि A, B के पूर्व में है तो B, A के पूर्व में है। — गलत (B, A के पश्चिम में है)
तीन बार दाएँ मुड़ने का परिणाम एक बार बाएँ मुड़ने के समान है। — सही
आग्नेय कोण उत्तर-पश्चिम दिशा को कहते हैं। — गलत (आग्नेय = दक्षिण-पूर्व; उत्तर-पश्चिम = वायव्य)
15. एक दिन पहले — 14 रेखाएँ
- 8 दिशाएँ; उत्तर 0°, पूर्व 90°, दक्षिण 180°, पश्चिम 270°।
- दाएँ = +90° (दक्षिणावर्त), बाएँ = −90° (वामावर्त)।
- दो बार एक ओर मुड़ना = विपरीत दिशा; चार बार = वही दिशा।
- 270° दक्षिणावर्त = बाएँ; 270° वामावर्त = दाएँ।
- प्रारंभ को (0, 0) लेकर x (पूर्व +) और y (उत्तर +) अलग जोड़ें।
- सीधी दूरी = √(x² + y²); 3-4-5, 6-8-10, 5-12-13 याद रखें।
- बराबर भुजाएँ a, a → दूरी a√2।
- मुख की दिशा केवल घुमावों से, स्थिति की दिशा पूरे विस्थापन से तय होती है।
- "A, B से किस दिशा में" → A − B।
- सुबह छाया पश्चिम, शाम छाया पूर्व।
- सुबह छाया बाईं ओर → मुख उत्तर; दाईं ओर → मुख दक्षिण।
- शाम छाया बाईं ओर → मुख दक्षिण; दाईं ओर → मुख उत्तर।
- कूटबद्ध दिशा: एक जोड़ी से घुमाव निकालें, दूसरी से जाँचें, फिर लगाएँ।
- प्रतीक-श्रृंखला को दाएँ से बाएँ पढ़कर निर्देशांक बनाएँ।
16. अभ्यास
नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। हर प्रश्न के लिए "+" चिह्न बनाकर हल करें, मन में नहीं। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 4 (घुमाव), खंड 5 (निर्देशांक विधि) और खंड 7 (छाया) दोबारा पढ़ें। पूरे रीज़निंग खंड के परीक्षा-स्तर के अभ्यास के लिए रीज़निंग मेगा टेस्ट सीरीज़ 2026 या SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।
17. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?
दिशा एवं दूरी का पूरा अध्याय तीन औज़ारों पर टिका है: मोड़ों के लिए कोण (उत्तर = 0°, दाएँ = +90°), स्थिति के लिए निर्देशांक (x, y) और दूरी के लिए पाइथागोरस। छाया के प्रश्न एक ही तथ्य से हल होते हैं कि छाया सूर्य के विपरीत पड़ती है, और कूटबद्ध दिशा के प्रश्न एक समान घुमाव से। हर प्रश्न में चित्र बनाएँ, हर मोड़ पर मुख की दिशा लिखें, और अंत में यह ज़रूर जाँचें कि प्रश्न मुख की दिशा पूछ रहा है या प्रारंभ बिंदु से स्थिति।
उ-पू-द-प दक्षिणावर्त | दाएँ +90°, बाएँ −90° | दूरी = √(x² + y²) | A से B की दिशा = B − A | सुबह छाया पश्चिम, शाम छाया पूर्व | कूट = एक समान घुमाव

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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
कुल 8 दिशाएँ होती हैं: 4 मुख्य दिशाएँ (उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम) और 4 उप-दिशाएँ (उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम)।
दाएँ मुड़ना 90° दक्षिणावर्त (घड़ी की सुई की दिशा में) घूमना है और बाएँ मुड़ना 90° वामावर्त घूमना है। यह व्यक्ति के अपने मुख के सापेक्ष होता है, मानचित्र के सापेक्ष नहीं।
कुल पूर्व-पश्चिम विस्थापन x और कुल उत्तर-दक्षिण विस्थापन y अलग-अलग जोड़ें। फिर पाइथागोरस से दूरी = √(x² + y²) निकालें।
सूर्योदय के समय सूर्य पूर्व में होता है, इसलिए छाया पश्चिम की ओर पड़ती है। शाम को सूर्य पश्चिम में होता है, इसलिए छाया पूर्व की ओर पड़ती है।
सुबह छाया पश्चिम में होती है। जिसका बायाँ हाथ पश्चिम में हो उसका मुख उत्तर की ओर होता है, इसलिए उत्तर।
दी गई एक जोड़ी से देखें कि दिशा कितने अंश घुमाई गई है और दूसरी जोड़ी से उसकी पुष्टि करें। फिर वही घुमाव पूछी गई दिशा पर लगाएँ।
270° दक्षिणावर्त घूमना 90° वामावर्त, यानी एक बार बाएँ मुड़ने के बराबर है। इसी तरह 270° वामावर्त घूमना एक बार दाएँ मुड़ने के बराबर है।
मुख की दिशा केवल घुमावों से तय होती है और बताती है कि व्यक्ति अंत में किस ओर देख रहा है। प्रारंभ बिंदु से दिशा पूरे विस्थापन (x, y) से तय होती है; दोनों उत्तर अलग हो सकते हैं।
ईशान उत्तर-पूर्व, आग्नेय दक्षिण-पूर्व, नैऋत्य दक्षिण-पश्चिम और वायव्य उत्तर-पश्चिम दिशा है।
3-4-5, 6-8-10, 9-12-15, 5-12-13, 8-15-17 और 7-24-25 सबसे अधिक काम आते हैं। दोनों भुजाएँ बराबर (a, a) हों तो सीधी दूरी a√2 होती है।
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