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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन एवं समझौते — स्टॉकहोम से पेरिस, रामसर, CITES, CBD, COP — UPSC, RAS

महेंद्र ढाका (भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
25 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: UPSC CSE प्रारंभिक, RPSC RAS व RSSB वनरक्षक पाठ्यक्रम की पर्यावरण इकाई; NCERT जीव विज्ञान (कक्षा 12, पारिस्थितिकी इकाई) व भूगोल पाठ्यपुस्तकें तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आधिकारिक प्रकाशन। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: आधुनिक वैश्विक पर्यावरण कूटनीति की शुरुआत स्टॉकहोम सम्मेलन (5–16 जून 1972) से हुई, जिससे UNEP (मुख्यालय नैरोबी) बना और 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस घोषित हुआ। ब्रंटलैंड रिपोर्ट "Our Common Future" (1987) ने सतत विकास की प्रसिद्ध परिभाषा दी। रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) में UNFCCC और CBD हस्ताक्षर के लिए खुले, एजेंडा 21 अपनाया गया और मरुस्थलीकरण संधि (UNCCD, 1994) की नींव पड़ी। UNFCCC के अंतर्गत क्योटो प्रोटोकॉल (1997, लागू 2005) ने केवल विकसित (Annex I) देशों पर बाध्यकारी लक्ष्य रखे और CDM, JI, उत्सर्जन व्यापार तंत्र दिए, जबकि पेरिस समझौता (2015, COP21) ने तापमान वृद्धि को 2 °C से काफी नीचे रखने और 1.5 °C का प्रयास करने का लक्ष्य रखकर सभी देशों से NDC माँगे। ओज़ोन के लिए वियना अभिसमय (1985) और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) हैं, जिसके किगाली संशोधन (2016) से HFC की कटौती होती है। जैव विविधता व वन्यजीव के लिए रामसर (1971, आर्द्रभूमि), CITES (1973, वन्यजीव व्यापार), CMS/बॉन (1979, प्रवासी प्रजातियाँ), तथा CBD के कार्टाजेना (जैव सुरक्षा) और नागोया (पहुँच व लाभ-साझेदारी) प्रोटोकॉल हैं; कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF (2022) का "30x30" लक्ष्य 2030 तक 30% भूमि व समुद्र के संरक्षण का है। रसायनों के लिए बेसल (खतरनाक अपशिष्ट), रॉटरडैम (PIC) और स्टॉकहोम (POPs) अभिसमय हैं।


संक्षिप्त उत्तर

सम्मेलन / संधिवर्षविषयएक-पंक्ति पहचान
रामसर अभिसमय1971 (लागू 1975)आर्द्रभूमिरामसर, ईरान; 2 फरवरी विश्व आर्द्रभूमि दिवस
स्टॉकहोम सम्मेलन1972मानव पर्यावरणUNEP का जन्म; 5 जून
CITES1973 (लागू 1975)वन्यजीव व्यापारवाशिंगटन; परिशिष्ट I, II, III
CMS (बॉन अभिसमय)1979प्रवासी प्रजातियाँबॉन, जर्मनी
वियना अभिसमय1985ओज़ोन परत (ढाँचा)मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की मूल संधि
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल1987 (लागू 1989)ओज़ोन क्षयकारी पदार्थ16 सितंबर; सार्वभौमिक अनुसमर्थन
ब्रंटलैंड रिपोर्ट1987सतत विकास"Our Common Future"
बेसल अभिसमय1989 (लागू 1992)खतरनाक अपशिष्ट का सीमापार परिवहनविकसित से विकासशील देशों में कचरा डंपिंग पर रोक
रियो पृथ्वी सम्मेलन1992पर्यावरण व विकासUNFCCC, CBD, एजेंडा 21
UNCCD1994 (लागू 1996)मरुस्थलीकरण17 जून मरुस्थलीकरण व सूखा दिवस
क्योटो प्रोटोकॉल1997 (लागू 2005)GHG कटौतीCOP3; Annex I पर बाध्यकारी लक्ष्य
रॉटरडैम अभिसमय1998 (लागू 2004)खतरनाक रसायन/कीटनाशक व्यापारपूर्व सूचित सहमति (PIC)
कार्टाजेना प्रोटोकॉल2000 (लागू 2003)जैव सुरक्षाजीवित संशोधित जीव (LMO/GMO)
स्टॉकहोम अभिसमय2001 (लागू 2004)स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs)"डर्टी डज़न"
नागोया प्रोटोकॉल2010 (लागू 2014)पहुँच व लाभ-साझेदारी (ABS)आनुवंशिक संसाधन
मिनामाता अभिसमय2013 (लागू 2017)पारा (मरकरी)जापान की मिनामाता त्रासदी पर नाम
पेरिस समझौता2015 (लागू 2016)जलवायुCOP21; 1.5/2 °C; NDC
किगाली संशोधन2016 (लागू 2019)HFC कटौतीमॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में संशोधन
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल GBF2022जैव विविधताCBD COP15; 23 लक्ष्य; 30x30

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समझौते UPSC प्रारंभिक परीक्षा के पर्यावरण खंड का सबसे स्थिर स्रोत हैं — संधि का विषय, वर्ष, स्थान, बाध्यकारी है या नहीं, और भारत की स्थिति पर कथन-आधारित प्रश्न बनते हैं। RAS में ये पर्यावरण व अंतरराष्ट्रीय संबंध दोनों में आते हैं, RSSB वनरक्षक/वनपाल में रामसर, CITES और CBD सीधे पूछे जाते हैं, और राजस्थान CET (स्नातक) व SSC में "कौन-सा युग्म सही है" जैसे तथ्यात्मक प्रश्न आते हैं। जलवायु विज्ञान (ग्रीनहाउस गैसें, ओज़ोन) के लिए जलवायु परिवर्तन, ग्रीनहाउस प्रभाव और ओज़ोन क्षय नोट साथ पढ़ें।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • UPSC CSE प्रारंभिक — संधि-विषय मिलान, बाध्यकारी/अबाध्यकारी, भारत की सदस्यता
  • RPSC RAS प्रारंभिक व मुख्य — सम्मेलनों का क्रम, भारत की भूमिका
  • RSSB वनरक्षक/वनपाल — रामसर स्थल, CITES परिशिष्ट, CBD प्रोटोकॉल
  • राजस्थान CET (स्नातक), SSC — वर्ष व स्थान

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. संधि और विषय का मिलान (बेसल–अपशिष्ट, रॉटरडैम–PIC, स्टॉकहोम–POPs)
  2. वर्ष या स्थान (रामसर 1971 ईरान, CITES 1973 वाशिंगटन)
  3. कालक्रम — "इन्हें सही क्रम में लगाइए"
  4. प्रोटोकॉल किस मूल संधि का भाग है (कार्टाजेना/नागोया → CBD; क्योटो/पेरिस → UNFCCC; किगाली → मॉन्ट्रियल)
  5. COP और उसका परिणाम (COP3 क्योटो, COP21 पेरिस)
  6. सतत विकास की परिभाषा, CBDR-RC सिद्धांत

3. स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) और UNEP

बिंदुतथ्य
नामसंयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन (UN Conference on the Human Environment)
तिथि व स्थान5–16 जून 1972, स्टॉकहोम (स्वीडन)
महत्वपर्यावरण पर पहला बड़ा वैश्विक सम्मेलन
परिणामस्टॉकहोम घोषणा (26 सिद्धांत), कार्य योजना, UNEP की स्थापना
UNEP मुख्यालयनैरोबी, केन्या
विश्व पर्यावरण दिवस5 जून — सम्मेलन के आरंभ की तिथि; पहली बार 1973 में मनाया गया
भारतप्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सम्मेलन को संबोधित किया; इसके बाद भारत में जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 जैसे कानून बने (वायु व पर्यावरण संरक्षण अधिनियम अनुच्छेद 253 के अंतर्गत; जल अधिनियम राज्यों की सहमति से अनुच्छेद 252 के अंतर्गत)

4. ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987) और सतत विकास

संयुक्त राष्ट्र ने 1983 में नॉर्वे की पूर्व प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंटलैंड की अध्यक्षता में पर्यावरण और विकास पर विश्व आयोग (WCED) बनाया। इसकी रिपोर्ट "Our Common Future" (हमारा साझा भविष्य), 1987 ने सतत विकास की परिभाषा दी:

"सतत विकास वह विकास है जो भावी पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी करता है।"

सतत विकास के तीन स्तंभ माने जाते हैं — आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय। यही विचार रियो 1992 का आधार बना और आगे सतत विकास लक्ष्य (SDG) — 2015 में अपनाए गए 17 लक्ष्य और 169 उपलक्ष्य, 2030 तक — तक पहुँचा।


5. रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) और उसके बाद

बिंदुतथ्य
नामसंयुक्त राष्ट्र पर्यावरण एवं विकास सम्मेलन (UNCED), "पृथ्वी सम्मेलन"
तिथि व स्थानजून 1992, रियो डी जनेरियो (ब्राज़ील)
गैर-बाध्यकारी दस्तावेज़रियो घोषणा (27 सिद्धांत), एजेंडा 21 (21वीं सदी की कार्य योजना), वन सिद्धांत
हस्ताक्षर के लिए खुली संधियाँUNFCCC (लागू 1994) और CBD (लागू 1993)
UNCCD से संबंधएजेंडा 21 में मरुस्थलीकरण पर संधि की माँग की गई; UNCCD 1994 में पेरिस में अपनाई गई, 1996 में लागू
संस्थासतत विकास आयोग (CSD)
प्रमुख सिद्धांतसाझा किंतु विभेदित उत्तरदायित्व (CBDR), एहतियाती सिद्धांत (Precautionary), प्रदूषक भुगतान करे (Polluter Pays)
अनुवर्ती सम्मेलनवर्ष, स्थानपरिणाम
रियो+51997, न्यूयॉर्कएजेंडा 21 की समीक्षा
रियो+10 (WSSD)2002, जोहान्सबर्गजोहान्सबर्ग कार्य योजना
रियो+202012, रियो डी जनेरियो"The Future We Want"; SDG बनाने की प्रक्रिया शुरू

6. UNFCCC, क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौता

6.1 UNFCCC

  • संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन ढाँचा अभिसमय — 1992 में रियो में हस्ताक्षर के लिए खुला, 21 मार्च 1994 से लागू।
  • सचिवालय: बॉन, जर्मनी। सर्वोच्च निकाय: पक्षकारों का सम्मेलन (COP), जो प्रायः हर वर्ष होता है; पहला COP — बर्लिन, 1995।
  • उद्देश्य: वायुमंडल में GHG सांद्रता को उस स्तर पर स्थिर करना जो जलवायु तंत्र में "खतरनाक मानवजनित हस्तक्षेप" रोक सके।
  • देशों का वर्गीकरण: Annex I (औद्योगिक देश + संक्रमणशील अर्थव्यवस्थाएँ), Annex II (Annex I के OECD देश, जो वित्त व तकनीक देंगे), Non-Annex I (मुख्यतः विकासशील देश, भारत सहित)।

6.2 क्योटो प्रोटोकॉल

बिंदुतथ्य
अपनाया11 दिसंबर 1997, COP3, क्योटो (जापान)
लागू16 फरवरी 2005 (रूस के अनुसमर्थन के बाद)
बाध्यताकेवल विकसित देशों (Annex I/Annex B) पर कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य
पहली प्रतिबद्धता अवधि2008–2012; 1990 के स्तर से औसतन 5.2% कटौती
दूसरी प्रतिबद्धता अवधि2013–2020 — दोहा संशोधन (2012) द्वारा; NF₃ गैस जोड़ी गई
गैसेंCO₂, CH₄, N₂O, HFC, PFC, SF₆
अमेरिकाहस्ताक्षर किए, पर अनुसमर्थन नहीं किया
कनाडा2011 में अलग होने की घोषणा की
भारत2002 में अनुसमर्थन; Non-Annex I होने से कोई बाध्यकारी कटौती लक्ष्य नहीं; CDM परियोजनाओं में सक्रिय
लचीला तंत्रअनुच्छेदकौन किसके साथइकाई
उत्सर्जन व्यापार (ET)अनुच्छेद 17Annex I देश आपस में अतिरिक्त भत्ते बेचते-खरीदते हैंAAU
संयुक्त कार्यान्वयन (JI)अनुच्छेद 6Annex I देश दूसरे Annex I देश में परियोजना लगाता हैERU
स्वच्छ विकास तंत्र (CDM)अनुच्छेद 12Annex I देश विकासशील (Non-Annex I) देश में परियोजना लगाता हैCER (कार्बन क्रेडिट)

6.3 पेरिस समझौता

बिंदुतथ्य
अपनाया12 दिसंबर 2015, COP21, पेरिस (फ्रांस)
हस्ताक्षर22 अप्रैल 2016 (पृथ्वी दिवस), न्यूयॉर्क
लागू4 नवंबर 2016
तापमान लक्ष्यऔद्योगिक-पूर्व स्तर से वृद्धि को 2 °C से काफी नीचे रखना और 1.5 °C तक सीमित करने का प्रयास
NDCहर देश स्वयं अपना "राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान" तय करता है; हर 5 वर्ष में अद्यतन, पिछले से अधिक महत्वाकांक्षी
वैश्विक स्टॉकटेकहर 5 वर्ष में सामूहिक प्रगति की समीक्षा; पहला 2023 (COP28) में पूरा
अनुच्छेद 6कार्बन बाज़ार व सहयोग
प्रकृतिसमझौता बाध्यकारी है, पर NDC के लक्ष्य प्राप्त करना कानूनी रूप से बाध्य नहीं; NDC प्रस्तुत करना और रिपोर्ट करना अनिवार्य
भारत2 अक्टूबर 2016 (गांधी जयंती) को अनुसमर्थन
ISACOP21 के दौरान भारत-फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन शुरू किया; मुख्यालय गुरुग्राम

क्योटो बनाम पेरिस: क्योटो "ऊपर से नीचे" (top-down) था — लक्ष्य केवल विकसित देशों पर, बाहर से तय। पेरिस "नीचे से ऊपर" (bottom-up) है — सभी देश, स्वयं तय किए गए NDC। अमेरिका की पेरिस समझौते में भागीदारी राजनीतिक कारणों से बदलती रही है; यह परिवर्तनशील तथ्य है, इसे नवीनतम स्थिति से जाँचें।


7. वियना अभिसमय, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और किगाली संशोधन

संधितथ्य
वियना अभिसमय (1985)ओज़ोन परत संरक्षण का ढाँचा अभिसमय; 1988 में लागू; सहयोग व शोध पर ज़ोर, कटौती लक्ष्य नहीं
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (16 सितंबर 1987)ODS (CFC, हैलोन, CCl₄, मिथाइल क्लोरोफॉर्म, मिथाइल ब्रोमाइड, HCFC) के उत्पादन-उपभोग की समयबद्ध समाप्ति; 1 जनवरी 1989 से लागू
सार्वभौमिकतावियना अभिसमय और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल संयुक्त राष्ट्र के इतिहास की पहली संधियाँ हैं जिन्हें सभी सदस्य देशों ने अनुसमर्थित किया
बहुपक्षीय कोषविकासशील देशों को ODS हटाने में मदद (1990, लंदन संशोधन से)
संशोधनलंदन (1990), कोपेनहेगन (1992), मॉन्ट्रियल (1997), बीजिंग (1999), किगाली (2016)
किगाली संशोधन15 अक्टूबर 2016, किगाली (रवांडा); HFC का चरणबद्ध न्यूनीकरण (phase-down); 1 जनवरी 2019 से लागू; भारत ने 2021 में अनुसमर्थन किया
भारत और किगालीभारत विकासशील देशों के उस समूह में है जिसकी HFC कटौती की समय-सारिणी अपेक्षाकृत बाद में शुरू होती है (आधार वर्ष 2024–26, स्थिरीकरण 2028)
भारत की योजनाभारत शीतलन कार्य योजना (India Cooling Action Plan, 2019)

ध्यान दें: किगाली संशोधन ओज़ोन संधि में होते हुए भी जलवायु के लिए है, क्योंकि HFC ओज़ोन नहीं तोड़ते पर प्रबल ग्रीनहाउस गैस हैं। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को प्रायः सबसे सफल पर्यावरण संधि कहा जाता है।


8. जैव विविधता और वन्यजीव संधियाँ

8.1 रामसर अभिसमय (1971)

बिंदुतथ्य
हस्ताक्षर2 फरवरी 1971, रामसर (ईरान); 1975 में लागू
विषयअंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों का संरक्षण और "बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग" (wise use)
विश्व आर्द्रभूमि दिवस2 फरवरी
प्रकृतिUNEP से स्वतंत्र, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से बाहर की अंतर-सरकारी संधि; सचिवालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड (IUCN के साथ)
भारत1982 में पक्षकार बना; पहले रामसर स्थल — चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान)
मॉन्ट्रो रिकॉर्डऐसे रामसर स्थलों की सूची जिनके पारिस्थितिक स्वरूप में प्रतिकूल परिवर्तन हुआ हो; भारत से केवलादेव और लोकटक (मणिपुर) इसमें हैं; चिल्का को 2002 में इससे हटाया गया
राजस्थान के रामसर स्थलकेवलादेव (भरतपुर) और सांभर झील पुराने स्थल हैं; जून 2025 में खीचन (फलोदी) और मेनार (उदयपुर) भी जोड़े गए — सूची बढ़ती रहती है, नवीनतम स्थिति जाँचें

भारत में रामसर स्थलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए कुल संख्या परीक्षा से पहले पर्यावरण मंत्रालय की नवीनतम सूचना से देखें। संरक्षित क्षेत्रों के लिए भारत के संरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान और बायोस्फीयर रिज़र्व नोट देखें।

8.2 CITES (1973)

बिंदुतथ्य
पूरा नामConvention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora
हस्ताक्षर3 मार्च 1973, वाशिंगटन DC; 1975 में लागू
विश्व वन्यजीव दिवस3 मार्च
प्रशासनसचिवालय जिनेवा, UNEP द्वारा प्रशासित
प्रकृतिदेशों पर बाध्यकारी, पर राष्ट्रीय कानून के माध्यम से लागू; यह केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियंत्रित करता है, घरेलू शिकार नहीं
परिशिष्ट Iविलुप्ति के खतरे वाली प्रजातियाँ — व्यावसायिक व्यापार सामान्यतः प्रतिबंधित (जैसे बाघ)
परिशिष्ट IIअभी विलुप्त-प्राय नहीं, पर व्यापार नियंत्रित न हो तो हो सकती हैं — परमिट से व्यापार
परिशिष्ट IIIकिसी एक देश के अनुरोध पर सूचीबद्ध, जो अन्य देशों से सहयोग चाहता है
भारत1976 में पक्षकार बना; वन्यजीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2022 से CITES को घरेलू कानून में बेहतर ढंग से लागू करने के प्रावधान जोड़े गए

8.3 CMS — बॉन अभिसमय (1979)

  • प्रवासी वन्य जीव प्रजातियों के संरक्षण पर अभिसमय — 1979 में बॉन (जर्मनी) में हस्ताक्षर; 1983 में लागू; UNEP के अंतर्गत।
  • परिशिष्ट I — संकटग्रस्त प्रवासी प्रजातियाँ (कठोर संरक्षण); परिशिष्ट II — अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता वाली प्रजातियाँ।
  • भारत 1983 से पक्षकार है; CMS COP13 फरवरी 2020 में गांधीनगर (गुजरात) में हुआ, जिसमें ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण), एशियाई हाथी और बंगाल फ्लोरिकन परिशिष्ट I में जोड़े गए।
  • मध्य एशियाई फ्लाईवे (Central Asian Flyway) प्रवासी पक्षियों का प्रमुख मार्ग है, जो भारत से गुज़रता है।

8.4 जैव विविधता अभिसमय (CBD) और उसके प्रोटोकॉल

बिंदुतथ्य
CBDरियो 1992 में हस्ताक्षर के लिए खुला; 29 दिसंबर 1993 से लागू; सचिवालय मॉन्ट्रियल (कनाडा)
तीन उद्देश्य(1) जैव विविधता का संरक्षण, (2) उसके घटकों का सतत उपयोग, (3) आनुवंशिक संसाधनों से लाभों का उचित व न्यायसंगत बँटवारा
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस22 मई
अमेरिकाCBD का पक्षकार नहीं
भारत में कानूनजैव विविधता अधिनियम, 2002 — CBD को लागू करने के लिए
CBD COP112012, हैदराबाद (भारत)
कार्टाजेना प्रोटोकॉलजैव सुरक्षा — आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से बने जीवित संशोधित जीवों (LMO) का सुरक्षित स्थानांतरण व उपयोग; जनवरी 2000 में अपनाया, 2003 में लागू; "एहतियाती दृष्टिकोण" पर आधारित
नागोया–कुआलालंपुर पूरक प्रोटोकॉल2010; LMO से हुई क्षति के लिए दायित्व और निवारण (कार्टाजेना का पूरक)
नागोया प्रोटोकॉलआनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच और लाभ-साझेदारी (ABS); 2010 में COP10, नागोया (जापान) में अपनाया; 12 अक्टूबर 2014 को लागू
आइची जैव विविधता लक्ष्य2011–2020 के लिए 20 लक्ष्य (COP10, नागोया)

8.5 कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढाँचा (KMGBF)

बिंदुतथ्य
अपनायादिसंबर 2022, CBD COP15 — अध्यक्षता चीन (कुनमिंग), बैठक मॉन्ट्रियल (कनाडा) में
संरचना2050 के लिए 4 लक्ष्य (Goals) और 2030 के लिए 23 लक्ष्य (Targets)
30x30 (लक्ष्य 3)2030 तक विश्व की कम से कम 30% स्थलीय, अंतर्देशीय जल और तटीय-समुद्री क्षेत्रों का प्रभावी संरक्षण
लक्ष्य 22030 तक कम से कम 30% क्षरित पारितंत्रों का पुनर्स्थापन
अन्यआक्रामक विदेशी प्रजातियों के प्रवेश में कमी, कीटनाशकों व पोषक-तत्व प्रदूषण से जोखिम घटाना, हानिकारक सब्सिडी घटाना
आगेCBD COP16 (कैली, कोलंबिया, 2024) में डिजिटल अनुक्रम सूचना (DSI) से लाभ-साझेदारी हेतु "कैली फंड" बना; CBD COP17 अक्टूबर 2026 में येरेवान (आर्मेनिया) में निर्धारित — KMGBF की पहली वैश्विक समीक्षा

हॉटस्पॉट, IUCN श्रेणियाँ और संरक्षण विधियों के लिए जैव विविधता, हॉटस्पॉट और IUCN नोट देखें।


9. रसायन और अपशिष्ट संधियाँ — बेसल, रॉटरडैम, स्टॉकहोम, मिनामाता

अभिसमयअपनाया / लागूविषयमुख्य तंत्र
बेसल (स्विट्ज़रलैंड)1989 / 1992खतरनाक अपशिष्ट का सीमापार परिवहन और निपटानपूर्व सहमति; विकसित से विकासशील देशों में डंपिंग पर रोक; 2019 में प्लास्टिक अपशिष्ट संशोधन
रॉटरडैम (नीदरलैंड)1998 / 2004कुछ खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों का अंतरराष्ट्रीय व्यापारपूर्व सूचित सहमति (Prior Informed Consent — PIC)
स्टॉकहोम (स्वीडन)2001 / 2004स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs) — जैसे DDT, एल्ड्रिन, डाइऑक्सिन, PCBउत्पादन-उपयोग समाप्त/सीमित; प्रारंभ में 12 POPs ("डर्टी डज़न")
मिनामाता2013 / 2017पारा (मरकरी)पारा खनन, उत्पाद व उत्सर्जन पर नियंत्रण

BRS: बेसल, रॉटरडैम और स्टॉकहोम अभिसमयों का संयुक्त सचिवालय जिनेवा में है (UNEP, और रॉटरडैम के लिए FAO के साथ)। मलेरिया नियंत्रण के लिए DDT के सीमित उपयोग की छूट स्टॉकहोम अभिसमय में है। प्रदूषण के प्रकारों पर प्रदूषण: प्रकार, कारण और नियंत्रण नोट देखें।


10. UNFCCC के प्रमुख COP — तालिका

COPवर्षस्थानमुख्य परिणाम
COP11995बर्लिन (जर्मनी)बर्लिन अधिदेश
COP31997क्योटो (जापान)क्योटो प्रोटोकॉल
COP72001मराकेश (मोरक्को)मराकेश समझौते — क्योटो के नियम
COP82002नई दिल्ली (भारत)दिल्ली घोषणा — विकास और जलवायु
COP132007बाली (इंडोनेशिया)बाली कार्य योजना
COP152009कोपेनहेगन (डेनमार्क)कोपेनहेगन समझौता (Accord) — गैर-बाध्यकारी
COP162010कानकुन (मेक्सिको)हरित जलवायु कोष (GCF) की स्थापना का निर्णय
COP172011डरबन (दक्षिण अफ्रीका)नए वैश्विक समझौते के लिए डरबन प्लेटफॉर्म
COP182012दोहा (क़तर)दोहा संशोधन — क्योटो की दूसरी अवधि
COP192013वारसॉ (पोलैंड)हानि व क्षति के लिए वारसॉ अंतरराष्ट्रीय तंत्र; REDD+ ढाँचा
COP212015पेरिस (फ्रांस)पेरिस समझौता; ISA की शुरुआत
COP242018काटोविस (पोलैंड)पेरिस नियम-पुस्तिका (Rulebook)
COP262021ग्लासगो (UK)ग्लासगो जलवायु संधि — कोयले का "phase-down"; भारत का पंचामृत व नेट ज़ीरो 2070
COP272022शर्म अल-शेख (मिस्र)हानि व क्षति कोष बनाने पर सहमति
COP282023दुबई (UAE)पहला वैश्विक स्टॉकटेक; जीवाश्म ईंधनों से "दूर संक्रमण" (transitioning away); हानि व क्षति कोष चालू
COP292024बाकू (अज़रबैजान)नया सामूहिक वित्त लक्ष्य (NCQG) — 2035 तक विकासशील देशों के लिए प्रति वर्ष कम से कम 300 अरब डॉलर; अनुच्छेद 6 के नियम
COP302025बेलेम (ब्राज़ील)"बेलेम पैकेज"/ग्लोबल मुतिराओ निर्णय; 2035 तक अनुकूलन वित्त तिगुना करने का आह्वान; न्यायसंगत संक्रमण तंत्र; जीवाश्म ईंधन रोडमैप पाठ में नहीं
COP312026अंताल्या (तुर्किये)9–20 नवंबर 2026 निर्धारित; मेज़बान तुर्किये, वार्ता की अध्यक्षता ऑस्ट्रेलिया

नोट: COP28 से COP31 तक की प्रविष्टियाँ हाल की घटनाएँ हैं; इनके निर्णयों की व्याख्या और आँकड़े बदल सकते हैं, इसलिए करंट अफेयर्स के लिए आधिकारिक UNFCCC स्रोत से पुष्टि करें।

10.1 अन्य संधियों के COP — भारत की मेज़बानी

सम्मेलनवर्षस्थान
UNFCCC COP82002नई दिल्ली
CBD COP112012हैदराबाद
UNCCD COP142019ग्रेटर नोएडा (नई दिल्ली)
CMS COP132020गांधीनगर

11. अन्य महत्वपूर्ण संस्थाएँ और दिवस

संस्था / दिवसतथ्य
UNEP1972, नैरोबी
IPCC1988, WMO + UNEP, जिनेवा
वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF)1991; CBD, UNFCCC, UNCCD, स्टॉकहोम, मिनामाता आदि की वित्तीय व्यवस्था
हरित जलवायु कोष (GCF)COP16 कानकुन (2010) के निर्णय से; मुख्यालय सोंगडो, दक्षिण कोरिया
IUCN1948; ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड; रेड लिस्ट
IPBES2012; जैव विविधता पर IPCC जैसा अंतर-सरकारी मंच
2 फरवरीविश्व आर्द्रभूमि दिवस
3 मार्चविश्व वन्यजीव दिवस
22 अप्रैलपृथ्वी दिवस
22 मईअंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस
5 जूनविश्व पर्यावरण दिवस
17 जूनमरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस
16 सितंबरविश्व ओज़ोन दिवस

12. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: स्टॉकहोम सम्मेलन बनाम स्टॉकहोम अभिसमय

स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) मानव पर्यावरण पर था और उससे UNEP बना। स्टॉकहोम अभिसमय (2001) स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (POPs) पर संधि है। नाम एक, विषय अलग।

Trap 2: रामसर संयुक्त राष्ट्र की संधि है?

नहीं। रामसर अभिसमय UNEP या संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का भाग नहीं; यह स्वतंत्र अंतर-सरकारी संधि है (सचिवालय ग्लैंड)। CITES और CMS UNEP द्वारा प्रशासित हैं।

Trap 3: CITES वन्यजीवों के घरेलू शिकार पर रोक लगाता है?

नहीं। CITES केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है। घरेलू शिकार भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 से नियंत्रित है।

Trap 4: क्योटो में भारत पर बाध्यकारी लक्ष्य था?

नहीं। भारत Non-Annex I देश था, इसलिए उस पर बाध्यकारी कटौती नहीं थी; भारत CDM का मेज़बान देश था।

Trap 5: CDM बनाम JI

CDM — विकसित देश की परियोजना विकासशील देश में (CER)। JI — विकसित देश की परियोजना दूसरे विकसित/Annex I देश में (ERU)।

Trap 6: किगाली संशोधन ओज़ोन बचाने के लिए है?

मुख्यतः नहीं। HFC ओज़ोन नहीं तोड़ते; किगाली का उद्देश्य जलवायु (HFC का GWP) है, पर यह मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में संशोधन है।

Trap 7: कार्टाजेना बनाम नागोया

कार्टाजेना = जैव सुरक्षा (LMO/GMO)। नागोया = पहुँच व लाभ-साझेदारी (ABS)। दोनों CBD के प्रोटोकॉल हैं, UNFCCC के नहीं।

Trap 8: बेसल बनाम रॉटरडैम

बेसल = खतरनाक अपशिष्ट का सीमापार परिवहन। रॉटरडैम = खतरनाक रसायनों/कीटनाशकों का व्यापार (PIC)। स्टॉकहोम = POPs।

Trap 9: पेरिस समझौते में NDC लक्ष्य प्राप्त करना कानूनी बाध्यता है?

नहीं। NDC बनाना, प्रस्तुत करना और रिपोर्ट करना अनिवार्य है, पर लक्ष्य प्राप्त करना कानूनी बाध्यता नहीं।

Trap 10: UNCCD रियो में हस्ताक्षरित हुआ?

नहीं। रियो में UNFCCC और CBD खुले; UNCCD की माँग एजेंडा 21 में की गई और यह 1994 में पेरिस में अपनाई गई।

Trap 11: KMGBF का 30x30 केवल भूमि के लिए?

नहीं। यह स्थलीय, अंतर्देशीय जल और तटीय-समुद्री — तीनों के 30% प्रभावी संरक्षण का लक्ष्य है।


13. Most-Asked रिवीज़न तालिका

क्र.प्रश्नउत्तर
1पर्यावरण पर पहला बड़ा वैश्विक सम्मेलनस्टॉकहोम, 1972
2स्टॉकहोम 1972 से बनी संस्थाUNEP
3UNEP मुख्यालयनैरोबी
4विश्व पर्यावरण दिवस5 जून
5"Our Common Future"ब्रंटलैंड रिपोर्ट, 1987
6ब्रंटलैंड आयोग का नामWCED
7पृथ्वी सम्मेलनरियो डी जनेरियो, 1992
8रियो में हस्ताक्षर हेतु खुली संधियाँUNFCCC, CBD
921वीं सदी की कार्य योजनाएजेंडा 21
10UNCCD अपनाई गई1994, पेरिस
11रियो+20 दस्तावेज़"The Future We Want"
12SDG की संख्या17 लक्ष्य, 169 उपलक्ष्य
13UNFCCC लागू21 मार्च 1994
14UNFCCC सचिवालयबॉन
15पहला COPबर्लिन, 1995
16क्योटो प्रोटोकॉल किस COP मेंCOP3, 1997
17क्योटो लागू16 फरवरी 2005
18क्योटो पहली अवधि2008–2012
19क्योटो दूसरी अवधि2013–2020 (दोहा संशोधन)
20CDM अनुच्छेद12
21CDM की इकाईCER
22उत्सर्जन व्यापार अनुच्छेद17
23क्योटो अनुसमर्थन न करने वाला प्रमुख देशअमेरिका
24पेरिस समझौताCOP21, 2015
25पेरिस समझौता लागू4 नवंबर 2016
26भारत ने पेरिस समझौता अनुसमर्थित किया2 अक्टूबर 2016
27पेरिस तापमान लक्ष्य2 °C से काफी नीचे, 1.5 °C का प्रयास
28वैश्विक स्टॉकटेक की आवृत्तिहर 5 वर्ष
29COP8 मेज़बाननई दिल्ली, 2002
30हरित जलवायु कोष का निर्णयCOP16, कानकुन
31हानि व क्षति कोष पर सहमतिCOP27, शर्म अल-शेख
32ओज़ोन का ढाँचा अभिसमयवियना, 1985
33मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल16 सितंबर 1987
34सार्वभौमिक अनुसमर्थन वाली पहली UN संधियाँवियना अभिसमय व मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
35किगाली संशोधन2016, HFC phase-down
36किगाली किस देश मेंरवांडा
37रामसर अभिसमय1971, ईरान
38भारत के पहले रामसर स्थलचिल्का, केवलादेव
39मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में भारत के स्थलकेवलादेव, लोकटक
40CITES1973, वाशिंगटन
41CITES का विषयवन्यजीवों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार
42CITES परिशिष्ट Iव्यावसायिक व्यापार सामान्यतः प्रतिबंधित
43CMS / बॉन अभिसमय1979, प्रवासी प्रजातियाँ
44CMS COP13गांधीनगर, 2020
45CBD लागू29 दिसंबर 1993
46CBD सचिवालयमॉन्ट्रियल
47CBD के तीन उद्देश्यसंरक्षण, सतत उपयोग, लाभ-साझेदारी
48कार्टाजेना प्रोटोकॉलजैव सुरक्षा, LMO
49नागोया प्रोटोकॉलABS, लागू 2014
50आइची लक्ष्य20 लक्ष्य, 2011–2020
51KMGBFCBD COP15, 2022
52KMGBF के 2030 लक्ष्य23
5330x302030 तक 30% भूमि/जल/समुद्र संरक्षण
54CBD COP11हैदराबाद, 2012
55बेसल अभिसमयखतरनाक अपशिष्ट, 1989
56रॉटरडैम अभिसमयPIC, 1998
57स्टॉकहोम अभिसमयPOPs, 2001
58मिनामाता अभिसमयपारा, 2013

14. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

पैटर्न 1 — सुमेलित युग्म: "निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? (a) बेसल — खतरनाक अपशिष्ट (b) रॉटरडैम — पूर्व सूचित सहमति (c) स्टॉकहोम अभिसमय — ओज़ोन परत (d) रामसर — आर्द्रभूमि" — उत्तर (c), स्टॉकहोम अभिसमय POPs पर है।

पैटर्न 2 — कालक्रम: "क्योटो प्रोटोकॉल, रामसर अभिसमय, पेरिस समझौता, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को अपनाए जाने के क्रम में लगाइए" — रामसर (1971) → मॉन्ट्रियल (1987) → क्योटो (1997) → पेरिस (2015)।

पैटर्न 3 — मूल संधि पहचानें: "कार्टाजेना प्रोटोकॉल किस अभिसमय के अंतर्गत है?" — CBD।

पैटर्न 4 — UPSC बहु-कथन: "पेरिस समझौते के संदर्भ में: 1. यह COP21 में अपनाया गया। 2. इसमें केवल विकसित देशों के लिए बाध्यकारी कटौती लक्ष्य हैं। 3. यह 1.5 °C तक सीमित रखने का प्रयास करने की बात करता है।" — 1 और 3 सही।

पैटर्न 5 — भारत-केंद्रित: "भारत ने किस UNFCCC COP की मेज़बानी की?" — COP8, 2002।

पैटर्न 6 — दिवस: "विश्व आर्द्रभूमि दिवस किस अभिसमय की तिथि पर मनाया जाता है?" — रामसर (2 फरवरी)।


15. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. कालक्रम सूत्र — "र-स्टॉ-सी-बॉ": रामसर 71, स्टॉकहोम 72, सीTES 73, बॉन 79 — 70 के दशक की चार संधियाँ।

2. ओज़ोन जोड़ी — "वि-मो 85-87": वियना 85 (ढाँचा), मॉन्ट्रियल 87 (कार्रवाई), किगाली 16 (HFC)।

3. BRS — "Basel = Bin, Rotterdam = Request, Stockholm = Sticky": बेसल = कचरे का डिब्बा (अपशिष्ट), रॉटरडैम = अनुमति माँगना (PIC), स्टॉकहोम = चिपकने वाले/स्थायी प्रदूषक (POPs)।

4. CBD प्रोटोकॉल — "का-जै, ना-ला": कार्टाजेना = जैव सुरक्षा; नागोया = लाभ-साझेदारी।

5. क्योटो तंत्र — "C-विकासशील, J-जोड़ीदार विकसित, E-एक्सचेंज": CDM विकासशील में, JI विकसित-विकसित, ET भत्तों का लेन-देन।

6. COP अंक — "3 क्योटो, 8 दिल्ली, 21 पेरिस, 26 ग्लासगो": सबसे अधिक पूछे जाने वाले चार COP।

7. दिवस — "2 फरवरी पानी, 3 मार्च जानवर, 5 जून पर्यावरण, 16 सितंबर ओज़ोन"।


16. कथन अभ्यास

स्टॉकहोम सम्मेलन 1972 के परिणामस्वरूप UNEP की स्थापना हुई। — सही।

UNEP का मुख्यालय जिनेवा में है। — गलत (नैरोबी, केन्या)।

ब्रंटलैंड रिपोर्ट का शीर्षक "Our Common Future" था। — सही।

क्योटो प्रोटोकॉल 1997 में अपनाया गया और 2005 में लागू हुआ। — सही।

स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) के अंतर्गत विकसित देश दूसरे विकसित देश में परियोजना लगाते हैं। — गलत (यह JI है; CDM में परियोजना विकासशील देश में होती है)।

पेरिस समझौता COP21 में अपनाया गया। — सही।

किगाली संशोधन का संबंध HFC की चरणबद्ध कटौती से है। — सही।

रामसर अभिसमय पर 1971 में ईरान में हस्ताक्षर हुए। — सही।

CITES वन्यजीवों के घरेलू शिकार पर प्रतिबंध लगाता है। — गलत (केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियंत्रित करता है)।

नागोया प्रोटोकॉल जैव सुरक्षा से संबंधित है। — गलत (नागोया = पहुँच व लाभ-साझेदारी; जैव सुरक्षा = कार्टाजेना)।

रॉटरडैम अभिसमय "पूर्व सूचित सहमति" प्रक्रिया पर आधारित है। — सही।

भारत ने UNFCCC के COP8 की मेज़बानी नई दिल्ली में की। — सही।


17. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. स्टॉकहोम 1972 → UNEP (नैरोबी) → 5 जून पर्यावरण दिवस
  2. ब्रंटलैंड 1987 → "Our Common Future" → सतत विकास की परिभाषा
  3. रियो 1992 → UNFCCC + CBD + एजेंडा 21; UNCCD 1994 पेरिस
  4. UNFCCC लागू 1994, सचिवालय बॉन, COP1 बर्लिन 1995
  5. क्योटो — COP3 1997, लागू 2005, Annex I पर बाध्यकारी; 2008–12 और 2013–20
  6. तंत्र: CDM (अनु. 12, CER), JI (अनु. 6), ET (अनु. 17)
  7. पेरिस — COP21 2015, लागू 4 नवंबर 2016; 2 °C से काफी नीचे, 1.5 °C प्रयास; NDC हर 5 वर्ष
  8. वियना 1985 + मॉन्ट्रियल 1987 (16 सितंबर) — सार्वभौमिक अनुसमर्थन; किगाली 2016 — HFC
  9. रामसर 1971 ईरान, 2 फरवरी; भारत 1982; पहले स्थल चिल्का व केवलादेव
  10. CITES 1973 वाशिंगटन, 3 मार्च; परिशिष्ट I-II-III; केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार
  11. CMS बॉन 1979; COP13 गांधीनगर 2020
  12. CBD लागू 1993, मॉन्ट्रियल; कार्टाजेना = जैव सुरक्षा; नागोया = ABS
  13. KMGBF 2022 — 4 goals, 23 targets, 30x30
  14. बेसल = अपशिष्ट, रॉटरडैम = PIC, स्टॉकहोम = POPs, मिनामाता = पारा
  15. भारत मेज़बान: UNFCCC COP8 (2002), CBD COP11 (2012), UNCCD COP14 (2019), CMS COP13 (2020)

18. अभ्यास

इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों के क्विज़ में संधि-विषय मिलान, वर्ष और मूल संधि पहचानने के प्रश्न हैं। हर गलती पर Quick Answer Box और Trap Section दोबारा देखें। पूर्ण-लंबाई अभ्यास के लिए UPSC CSE 2027 प्रारंभिक टेस्ट सीरीज़ और RPSC RAS प्रारंभिक 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।


19. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समझौतों को याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका है — हर संधि को उसके विषय, वर्ष, मूल संधि और बाध्यता के साथ जोड़ना। जलवायु के लिए UNFCCC-क्योटो-पेरिस, ओज़ोन के लिए वियना-मॉन्ट्रियल-किगाली, जैव विविधता के लिए CBD-कार्टाजेना-नागोया-KMGBF, वन्यजीव के लिए रामसर-CITES-CMS और रसायनों के लिए बेसल-रॉटरडैम-स्टॉकहोम-मिनामाता — ये पाँच परिवार हैं। स्थायी तथ्य परीक्षा का आधार हैं; हाल के COP के निर्णय करंट अफेयर्स की तरह अद्यतन करते रहें।

स्टॉकहोम 72 → UNEP | रियो 92 → UNFCCC + CBD | क्योटो 97 (COP3) | पेरिस 15 (COP21) | मॉन्ट्रियल 87 + किगाली 16 | रामसर 71 · CITES 73 · CMS 79 | कार्टाजेना = जैव सुरक्षा · नागोया = ABS | 30x30


अंतिम संशोधन (Last Updated):
RPSC / RSSB सिलेबस के अनुसार
भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखकलेखक परिचय

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“अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन एवं समझौते — स्टॉकहोम से पेरिस, रामसर, CITES, CBD, COP — UPSC, RAS” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।

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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

5–16 जून 1972 को स्टॉकहोम में हुआ संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन पर्यावरण पर पहला बड़ा वैश्विक सम्मेलन था। इसी से UNEP (मुख्यालय नैरोबी) बना और 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस घोषित हुआ।

ब्रंटलैंड आयोग (WCED) की 1987 की रिपोर्ट 'Our Common Future' ने सतत विकास को ऐसा विकास बताया जो भावी पीढ़ियों की आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की आवश्यकताएँ पूरी करे।

रियो में UNFCCC और जैव विविधता अभिसमय (CBD) हस्ताक्षर के लिए खुले, तथा रियो घोषणा, एजेंडा 21 और वन सिद्धांत अपनाए गए। एजेंडा 21 की माँग पर 1994 में मरुस्थलीकरण संधि (UNCCD) बनी।

क्योटो (1997) में केवल विकसित (Annex I) देशों पर बाध्यकारी कटौती लक्ष्य थे, जबकि पेरिस समझौते (2015) में सभी देश स्वयं अपने NDC तय करते हैं। पेरिस का लक्ष्य तापमान वृद्धि को 2 °C से काफी नीचे रखना और 1.5 °C का प्रयास है।

उत्सर्जन व्यापार (अनुच्छेद 17), संयुक्त कार्यान्वयन (अनुच्छेद 6) और स्वच्छ विकास तंत्र (अनुच्छेद 12)। CDM में विकसित देश विकासशील देश में परियोजना लगाकर CER क्रेडिट पाते हैं।

किगाली संशोधन (2016) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में किया गया संशोधन है, जिससे हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) का चरणबद्ध न्यूनीकरण होता है। HFC ओज़ोन नहीं तोड़ते, पर प्रबल ग्रीनहाउस गैसें हैं; यह 2019 से लागू है।

रामसर अभिसमय (1971, रामसर, ईरान) अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण की संधि है। भारत 1982 में इसका पक्षकार बना और चिल्का झील व केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान इसके पहले रामसर स्थल थे।

परिशिष्ट I में विलुप्ति के खतरे वाली प्रजातियाँ हैं जिनका व्यावसायिक व्यापार सामान्यतः प्रतिबंधित है, परिशिष्ट II में वे जिनका व्यापार परमिट से नियंत्रित होता है, और परिशिष्ट III में किसी एक देश के अनुरोध पर सूचीबद्ध प्रजातियाँ।

दोनों जैव विविधता अभिसमय (CBD) के प्रोटोकॉल हैं। कार्टाजेना प्रोटोकॉल जैव सुरक्षा (जीवित संशोधित जीव) से और नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच व लाभ-साझेदारी (ABS) से संबंधित है।

कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढाँचे (2022) का लक्ष्य 3, जिसके अनुसार 2030 तक विश्व की कम से कम 30% स्थलीय, अंतर्देशीय जल और तटीय-समुद्री क्षेत्रों का प्रभावी संरक्षण करना है।

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