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भारत का इतिहास

गांधी युग से स्वतंत्रता तक 1919–1947 — असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो, INA, विभाजन — UPSC/RAS

सुधीर ढाका (इतिहास, कला-संस्कृति, हिंदी व्याकरण, विज्ञान व प्रौद्योगिकी नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
27 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: UPSC CSE प्रारंभिक, RPSC RAS व SSC पाठ्यक्रम की भारतीय इतिहास इकाई; NCERT इतिहास पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–12) व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तथ्य। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: गांधी दक्षिण अफ्रीका से 9 जनवरी 1915 को भारत लौटे और चंपारण (1917), अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) व खेड़ा (1918) से अपने सत्याग्रह की शुरुआत की। रौलट एक्ट के विरोध के बीच 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड (जनरल डायर) हुआ, जिसके बाद खिलाफ़त-असहयोग आंदोलन (1920–22) चला, जो चौरी-चौरा (5 फरवरी 1922) की हिंसा के बाद वापस ले लिया गया। साइमन कमीशन (नियुक्ति 1927, भारत आगमन 1928) के बहिष्कार और नेहरू रिपोर्ट (1928) के बाद लाहौर अधिवेशन (1929, जवाहरलाल नेहरू) ने पूर्ण स्वराज का लक्ष्य रखा और 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। दांडी मार्च (12 मार्च–6 अप्रैल 1930) से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ; गांधी-इरविन समझौता (मार्च 1931) के बाद गांधी ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया; सांप्रदायिक पंचाट के विरुद्ध पूना पैक्ट (1932) हुआ और भारत शासन अधिनियम 1935 ने प्रांतीय स्वायत्तता दी। 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से भारत छोड़ो ("करो या मरो") शुरू हुआ; सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार बनाई। अंतिम चरण में कैबिनेट मिशन (1946), अंतरिम सरकार (2 सितंबर 1946), एटली घोषणा (20 फरवरी 1947), माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 से 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।


संक्षिप्त उत्तर

घटनातिथि / वर्षमुख्य तथ्य
गांधी का भारत आगमन9 जनवरी 1915इसी तिथि पर प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है
चंपारण सत्याग्रह1917नील किसान, तिनकठिया पद्धति; भारत में गांधी का पहला सत्याग्रह
जलियाँवाला बाग़13 अप्रैल 1919जनरल डायर; जाँच — हंटर कमेटी
असहयोग आंदोलन1 अगस्त 1920 – फरवरी 1922नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) का अनुमोदन; चौरी-चौरा के बाद वापस
स्वराज पार्टी1923सी.आर. दास, मोतीलाल नेहरू
साइमन कमीशननियुक्ति 1927, आगमन 1928सभी 7 सदस्य अंग्रेज़; "साइमन वापस जाओ"
पूर्ण स्वराज प्रस्तावदिसंबर 1929, लाहौरअध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू; 26 जनवरी 1930 स्वतंत्रता दिवस
दांडी मार्च12 मार्च – 6 अप्रैल 1930साबरमती से दांडी; नमक क़ानून भंग
गांधी-इरविन समझौता5 मार्च 1931सविनय अवज्ञा स्थगित; दूसरे गोलमेज में भागीदारी
पूना पैक्टसितंबर 1932गांधी–आंबेडकर; दलितों के लिए पृथक निर्वाचन के स्थान पर आरक्षित सीटें
भारत शासन अधिनियम1935प्रांतीय स्वायत्तता; केंद्र में द्वैध शासन (लागू नहीं)
भारत छोड़ो8 अगस्त 1942ग्वालिया टैंक, बंबई; "करो या मरो"
आज़ाद हिंद सरकार21 अक्टूबर 1943सिंगापुर; सुभाष चंद्र बोस
अंतरिम सरकार2 सितंबर 1946नेहरू — उपाध्यक्ष (वायसराय की कार्यकारी परिषद)
माउंटबेटन योजना3 जून 1947विभाजन के साथ सत्ता हस्तांतरण

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

1919–1947 का गांधी युग आधुनिक भारत का वह खंड है जिससे लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में प्रश्न बनते हैं — आंदोलनों के कारण-परिणाम, समझौतों के प्रावधान, अधिवेशन, वायसराय और घटनाओं का कालक्रम। इसकी पृष्ठभूमि (कांग्रेस की स्थापना, बंग-भंग, होमरूल, 1919 अधिनियम) राष्ट्रीय आंदोलन 1885–1919 में है; दोनों नोट साथ पढ़ने पर 1885 से 1947 तक की पूरी कड़ी बनती है।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • UPSC CSE प्रारंभिक — कथन-आधारित प्रश्न (गोलमेज, 1935 अधिनियम, कैबिनेट मिशन, क्रिप्स प्रस्ताव)
  • RPSC RAS प्रारंभिक व मुख्य — घटनाएँ, नेता, वायसराय, आंदोलनों का मूल्यांकन
  • SSC CGL / CHSL — तिथियाँ, स्थान, नारे, अध्यक्ष
  • राजस्थान CET (स्नातक स्तर) — सीधे तथ्यात्मक प्रश्न
  • RPSC व्याख्याता / वरिष्ठ अध्यापक — सामान्य अध्ययन

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. घटनाओं का कालानुक्रम (साइमन → नेहरू रिपोर्ट → लाहौर → दांडी → गांधी-इरविन)
  2. वायसराय — घटना सुमेलन
  3. योजना / मिशन के प्रावधान — क्रिप्स, वेवेल, कैबिनेट मिशन, माउंटबेटन
  4. अधिवेशन — अध्यक्ष — निर्णय
  5. नारे और व्यक्ति — "करो या मरो", "दिल्ली चलो", "साइमन वापस जाओ"
  6. कथन-आधारित व अभिकथन-कारण

3. गांधी का आगमन और प्रारंभिक सत्याग्रह (1915–1918)

दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह का प्रयोग कर चुके गांधी 9 जनवरी 1915 को बंबई लौटे। गोपाल कृष्ण गोखले को वे अपना राजनीतिक गुरु मानते थे और उन्हीं की सलाह पर पहले एक वर्ष देश भ्रमण किया। 1915 में अहमदाबाद के कोचरब में आश्रम बना, जो 1917 में साबरमती स्थानांतरित हुआ।

आंदोलनवर्षमुद्दासहयोगी / विशेषता
चंपारण (बिहार)1917नील की खेती — तिनकठिया पद्धति (ज़मीन के 3/20 भाग पर नील उगाने की बाध्यता)राजकुमार शुक्ल ने आमंत्रित किया; राजेंद्र प्रसाद, मज़हरुल हक़, जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई; भारत में पहला सविनय अवज्ञा प्रयोग
अहमदाबाद मिल हड़ताल (गुजरात)1918प्लेग बोनस समाप्ति पर मज़दूरी विवादअनसूया साराभाई (मिल मालिक अंबालाल साराभाई की बहन); गांधी का भारत में पहला अनशन; 35% वृद्धि पर समझौता
खेड़ा (गुजरात)1918फ़सल ख़राब होने पर भी लगान वसूलीवल्लभभाई पटेल, इंदुलाल याज्ञिक; पहला असहयोग प्रयोग

याद रखें: चंपारण = पहला सविनय अवज्ञा, अहमदाबाद = पहला अनशन, खेड़ा = पहला असहयोग।


4. रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग़ (1919)

रौलट एक्ट (मार्च 1919) के विरोध में गांधी ने देशव्यापी हड़ताल और सत्याग्रह का आह्वान किया — यह उनका पहला अखिल भारतीय आंदोलन था। पंजाब में स्थानीय नेताओं डॉ. सैफ़ुद्दीन किचलू और डॉ. सत्यपाल की गिरफ़्तारी से तनाव बढ़ा।

बिंदुविवरण
तिथि13 अप्रैल 1919 (बैसाखी)
स्थानजलियाँवाला बाग़, अमृतसर
गोली चलवाने वालाब्रिगेडियर-जनरल रेजिनाल्ड डायर
पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नरमाइकल ओ'डायर
सरकारी जाँचहंटर कमेटी (अक्टूबर 1919, अध्यक्ष लॉर्ड विलियम हंटर)
कांग्रेस की जाँचकांग्रेस ने अपनी अलग जाँच समिति बनाई
विरोधरवींद्रनाथ टैगोर ने "नाइटहुड" लौटाया; गांधी ने बाद में (1920) कैसर-ए-हिंद पदक लौटाया
प्रतिशोधऊधम सिंह ने 1940 में लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या की
वायसरायलॉर्ड चेम्सफोर्ड

ध्यान दें: डायर (जनरल, गोली चलवाने वाला) और ओ'डायर (लेफ्टिनेंट गवर्नर) अलग व्यक्ति हैं। ऊधम सिंह ने ओ'डायर को मारा था। हताहतों की संख्या पर सरकारी और ग़ैर-सरकारी अनुमानों में भारी अंतर है, इसलिए संख्या को प्रश्न का आधार न बनाएँ।


5. खिलाफ़त और असहयोग आंदोलन (1920–1922)

5.1 खिलाफ़त आंदोलन

प्रथम विश्व युद्ध के बाद तुर्की के ख़लीफ़ा (ऑटोमन सुल्तान) के साथ कठोर व्यवहार के विरोध में भारतीय मुसलमानों ने आंदोलन चलाया। प्रमुख नेता — अली बंधु (मुहम्मद अली व शौकत अली), मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, हकीम अजमल ख़ाँ, हसरत मोहानी। गांधी ने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता का अवसर मानकर समर्थन दिया।

5.2 असहयोग आंदोलन

बिंदुविवरण
आरंभ1 अगस्त 1920 (इसी दिन तिलक का निधन)
कांग्रेस की स्वीकृतिविशेष अधिवेशन, कलकत्ता (सितंबर 1920, अध्यक्ष लाला लाजपत राय)
अनुमोदननागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920, अध्यक्ष सी. विजयराघवाचारियर)
नागपुर के अन्य निर्णयभाषाई आधार पर प्रांतीय कांग्रेस समितियाँ; लक्ष्य — शांतिपूर्ण व वैध तरीकों से स्वराज
कार्यक्रमउपाधियाँ लौटाना; सरकारी स्कूल-कॉलेज, अदालतें, विधान परिषदें और विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार; राष्ट्रीय शिक्षण संस्थाएँ, खादी, पंचायतें
राष्ट्रीय संस्थाएँकाशी विद्यापीठ, गुजरात विद्यापीठ, जामिया मिल्लिया इस्लामिया
प्रिंस ऑफ वेल्स का आगमननवंबर 1921 — देशव्यापी हड़ताल
चौरी-चौरा5 फरवरी 1922, गोरखपुर ज़िला (उ.प्र.) — भीड़ ने थाने में आग लगाई, पुलिसकर्मी मारे गए
वापसीबारदोली प्रस्ताव, 12 फरवरी 1922
गांधी की गिरफ़्तारीमार्च 1922 — छह वर्ष का दंड (1924 में स्वास्थ्य कारणों से रिहा)
वायसरायचेम्सफोर्ड (आरंभ), रीडिंग (वापसी के समय)

1922 में तुर्की में मुस्तफ़ा कमाल पाशा के उदय और 1924 में ख़िलाफ़त के उन्मूलन से खिलाफ़त का प्रश्न स्वतः समाप्त हो गया।


6. स्वराज पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन का दूसरा चरण

6.1 स्वराज पार्टी (1923)

असहयोग की वापसी के बाद कांग्रेस में दो मत बने — परिवर्तन समर्थक (विधान परिषदों में प्रवेश कर भीतर से विरोध) और अपरिवर्तनवादी (गांधी का रचनात्मक कार्यक्रम)। गया अधिवेशन (1922, अध्यक्ष सी.आर. दास) में परिषद-प्रवेश प्रस्ताव गिरने पर सी.आर. दास (अध्यक्ष) और मोतीलाल नेहरू (सचिव) ने 1923 में कांग्रेस-खिलाफ़त स्वराज पार्टी बनाई। अपरिवर्तनवादियों में राजेंद्र प्रसाद, वल्लभभाई पटेल, सी. राजगोपालाचारी प्रमुख थे। 1925 में स्वराजवादी विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष चुने गए।

6.2 क्रांतिकारी आंदोलन — दूसरा चरण

संगठन / घटनावर्षप्रमुख व्यक्ति
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA)1924, कानपुररामप्रसाद बिस्मिल, सचिंद्रनाथ सान्याल, योगेश चंद्र चटर्जी
काकोरी ट्रेन डकैती9 अगस्त 1925बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह (फाँसी)
हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA)1928, फ़िरोज़शाह कोटला (दिल्ली)चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, सुखदेव
सॉन्डर्स की हत्यादिसंबर 1928, लाहौरभगत सिंह, राजगुरु (लाजपत राय की मृत्यु का प्रतिशोध)
केंद्रीय विधान सभा में बम8 अप्रैल 1929भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त
चटगाँव शस्त्रागार छापाअप्रैल 1930सूर्य सेन ("मास्टर दा")
भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फाँसी23 मार्च 1931, लाहौर—

7. साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट और लाहौर अधिवेशन

7.1 साइमन कमीशन

बिंदुविवरण
उद्देश्य1919 अधिनियम की कार्यप्रणाली की समीक्षा (10 वर्ष बाद समीक्षा का प्रावधान)
नियुक्ति / आगमननियुक्ति नवंबर 1927; भारत आगमन फरवरी 1928 — दोनों वर्ष अलग-अलग संदर्भ में उद्धृत होते हैं
अध्यक्षसर जॉन साइमन
सदस्य7, सभी ब्रिटिश — कोई भारतीय नहीं (इसी कारण विरोध); क्लेमेंट एटली भी सदस्य थे
बहिष्कार का निर्णयकांग्रेस मद्रास अधिवेशन, 1927 (अध्यक्ष एम.ए. अंसारी)
नारा"साइमन वापस जाओ" (Simon Go Back)
लाला लाजपत रायलाहौर में विरोध प्रदर्शन (अक्टूबर 1928) के दौरान लाठीचार्ज में घायल; नवंबर 1928 में निधन
भारत सचिवलॉर्ड बर्कनहेड — भारतीयों को सर्वसम्मत संविधान बनाने की चुनौती दी

7.2 नेहरू रिपोर्ट (अगस्त 1928)

बर्कनहेड की चुनौती के उत्तर में सर्वदलीय सम्मेलन ने मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में समिति बनाई। रिपोर्ट की मुख्य बातें — भारत के लिए औपनिवेशिक स्वराज (डोमिनियन स्टेटस), पृथक निर्वाचन के स्थान पर संयुक्त निर्वाचन (अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटें), मौलिक अधिकार, भाषाई प्रांत। मुस्लिम लीग के एक वर्ग ने इसे अस्वीकार किया और जिन्ना ने मार्च 1929 में अपनी 14 सूत्रीय माँगें रखीं। युवा नेता (जवाहरलाल नेहरू, सुभाष बोस) डोमिनियन स्टेटस से असंतुष्ट थे और पूर्ण स्वतंत्रता चाहते थे।

7.3 लाहौर अधिवेशन (दिसंबर 1929)

  • अध्यक्ष — जवाहरलाल नेहरू
  • पूर्ण स्वराज को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया
  • 31 दिसंबर 1929 को रावी तट पर तिरंगा फहराया गया
  • 26 जनवरी 1930 को देशभर में प्रथम "स्वतंत्रता दिवस" मनाया गया — इसी स्मृति में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया
  • कार्यसमिति को सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का अधिकार

8. सविनय अवज्ञा आंदोलन और गोलमेज सम्मेलन (1930–1934)

8.1 दांडी मार्च

गांधी ने वायसराय इरविन के सामने 11 माँगें रखीं; उत्तर न मिलने पर 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से लगभग 78 साथियों के साथ दांडी (नवसारी ज़िला, गुजरात तट) की ओर कूच किया और 6 अप्रैल 1930 को समुद्र तट पर नमक बनाकर नमक क़ानून तोड़ा।

क्षेत्रनेतृत्व / घटना
पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत (पेशावर)ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ाँ ("सीमांत गांधी") — ख़ुदाई ख़िदमतगार (लाल कुर्ती); गढ़वाली सैनिकों (चंद्र सिंह गढ़वाली) ने निहत्थी भीड़ पर गोली चलाने से इनकार किया
तमिलनाडुसी. राजगोपालाचारी — त्रिचिनापल्ली से वेदारण्यम तक नमक यात्रा
गुजरात (धरासना)धरासना नमक कारख़ाने पर सत्याग्रह — सरोजिनी नायडू
पूर्वोत्तररानी गाइदिनल्यू (नागा क्षेत्र)

8.2 गोलमेज सम्मेलन (लंदन)

सम्मेलनसमयकांग्रेसमुख्य बात
प्रथमनवंबर 1930 – जनवरी 1931भाग नहीं लिया (सविनय अवज्ञा जारी)ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्से मैकडोनाल्ड; भारतीय रियासतों, लीग, उदारवादियों, दलित प्रतिनिधियों की भागीदारी
द्वितीयसितंबर – दिसंबर 1931गांधी — कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधिअल्पसंख्यक प्रश्न पर गतिरोध; विफल
तृतीयनवंबर – दिसंबर 1932भाग नहीं लियासीमित भागीदारी; 1935 अधिनियम की दिशा में

बी.आर. आंबेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया।

8.3 गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931)

  • हिंसा के दोषी न ठहराए गए राजनीतिक बंदियों की रिहाई
  • तटीय गाँवों में निजी उपयोग के लिए नमक बनाने की छूट
  • शराब व विदेशी वस्त्र की दुकानों पर शांतिपूर्ण धरने की अनुमति
  • कांग्रेस द्वारा सविनय अवज्ञा स्थगित करना और दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना

इस समझौते को कराची अधिवेशन (मार्च 1931, अध्यक्ष वल्लभभाई पटेल) ने स्वीकृति दी; इसी अधिवेशन में मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव पारित हुआ। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फाँसी (23 मार्च 1931) रुकवाने में विफलता के कारण युवाओं में समझौते की आलोचना हुई। दूसरे गोलमेज से लौटने के बाद 1932 में आंदोलन फिर शुरू हुआ और 1934 में औपचारिक रूप से वापस लिया गया।

8.4 सांप्रदायिक पंचाट और पूना पैक्ट (1932)

बिंदुसांप्रदायिक पंचाटपूना पैक्ट
तिथिअगस्त 1932सितंबर 1932
किसके द्वाराब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्से मैकडोनाल्डगांधी और बी.आर. आंबेडकर के बीच
मुख्य प्रावधानदलित वर्गों (Depressed Classes) सहित अनेक समुदायों के लिए पृथक निर्वाचनदलितों के लिए पृथक निर्वाचन समाप्त; संयुक्त निर्वाचन में प्रांतीय विधानमंडलों में अधिक आरक्षित सीटें
गांधी की प्रतिक्रियायरवदा जेल (पूना) में आमरण अनशनसमझौते के बाद अनशन समाप्त

9. भारत शासन अधिनियम 1935 और 1937 के चुनाव

प्रावधानविवरण
अखिल भारतीय संघब्रिटिश प्रांतों और रियासतों का संघ प्रस्तावित — रियासतों के शामिल न होने से कभी अस्तित्व में नहीं आया
प्रांतीय स्वायत्तताप्रांतों से द्वैध शासन समाप्त; मंत्री विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी
केंद्र में द्वैध शासनप्रस्तावित, पर लागू नहीं हुआ
विषयों का विभाजनसंघ सूची, प्रांतीय सूची, समवर्ती सूची
संघीय न्यायालयप्रावधान — स्थापना 1937 में
पृथक निर्वाचनजारी रहा और विस्तृत हुआ (दलित वर्गों को पूना पैक्ट के अनुसार आरक्षण)
प्रांतीय विधानमंडलकुछ प्रांतों (बंगाल, बंबई, मद्रास, बिहार, संयुक्त प्रांत, असम) में द्विसदनीय
बर्माभारत से अलग किया गया (1937 से प्रभावी)
आलोचनानेहरू — "मज़बूत ब्रेक वाली, पर बिना इंजन की मशीन"

1937 के प्रांतीय चुनाव: 11 प्रांतों में चुनाव हुए; कांग्रेस को अधिकांश प्रांतों में सफलता मिली और जुलाई 1937 से उसके मंत्रिमंडल बने (बाद में कुल 8 प्रांतों में)। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों से पूछे बिना भारत को शामिल करने के विरोध में अक्टूबर–नवंबर 1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दिया; मुस्लिम लीग ने 22 दिसंबर 1939 को "मुक्ति दिवस" (Day of Deliverance) मनाया। मार्च 1940 के लाहौर अधिवेशन में लीग ने पृथक मुस्लिम राज्यों की माँग वाला लाहौर प्रस्ताव (पाकिस्तान प्रस्ताव) पारित किया।


10. द्वितीय विश्व युद्ध काल: अगस्त प्रस्ताव से भारत छोड़ो तक

घटनातिथिमुख्य तथ्य
अगस्त प्रस्ताव8 अगस्त 1940वायसराय लिनलिथगो; डोमिनियन स्टेटस को लक्ष्य बताया, युद्ध के बाद संविधान-निर्मात्री निकाय, कार्यकारी परिषद का विस्तार; अल्पसंख्यकों की सहमति के बिना कोई संविधान नहीं — कांग्रेस ने अस्वीकार किया
व्यक्तिगत सत्याग्रहअक्टूबर 1940 सेयुद्ध-विरोधी भाषण का अधिकार; प्रथम सत्याग्रही विनोबा भावे, द्वितीय जवाहरलाल नेहरू
क्रिप्स मिशनमार्च 1942सर स्टैफ़र्ड क्रिप्स; युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस, संविधान सभा, प्रांतों को संघ से अलग रहने का अधिकार — कांग्रेस और लीग दोनों ने अस्वीकार किया; गांधी के नाम से जुड़ी टिप्पणी — "पोस्ट-डेटेड चेक"
वर्धा प्रस्तावजुलाई 1942कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा आंदोलन का विचार स्वीकार
भारत छोड़ो प्रस्ताव8 अगस्त 1942AICC, ग्वालिया टैंक मैदान, बंबई; गांधी — "करो या मरो"
"ऑपरेशन ज़ीरो आवर"9 अगस्त 1942गांधी सहित सभी प्रमुख नेता गिरफ़्तार; गांधी आगा ख़ाँ पैलेस (पूना) में बंदी

10.1 भारत छोड़ो आंदोलन की विशेषताएँ

  • नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद आंदोलन नेतृत्वविहीन होकर स्वतःस्फूर्त जन-विद्रोह बना
  • अरुणा आसफ़ अली ने 9 अगस्त को ग्वालिया टैंक मैदान में तिरंगा फहराया
  • उषा मेहता — गुप्त "कांग्रेस रेडियो"
  • भूमिगत नेतृत्व — जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, अच्युत पटवर्धन
  • समानांतर सरकारें — बलिया (उ.प्र., चित्तू पांडे), तामलुक (मिदनापुर, बंगाल — जातीय सरकार), सतारा (महाराष्ट्र — प्रति सरकार)
  • मुस्लिम लीग, हिंदू महासभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आंदोलन का समर्थन नहीं किया
  • फरवरी 1943 में गांधी का 21 दिन का उपवास; कस्तूरबा गांधी का आगा ख़ाँ पैलेस में निधन (1944)

11. सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज

वर्षघटना
1938हरिपुरा अधिवेशन — कांग्रेस अध्यक्ष
1939त्रिपुरी अधिवेशन — पट्टाभि सीतारमैया (गांधी समर्थित) को हराकर पुनः अध्यक्ष; मतभेद के कारण त्यागपत्र; फ़ॉरवर्ड ब्लॉक का गठन
1941कलकत्ता में नज़रबंदी से निकलकर अफ़ग़ानिस्तान होते हुए जर्मनी पहुँचे
1942दक्षिण-पूर्व एशिया में मोहन सिंह ने जापानी सहायता से पहली INA बनाई; रासबिहारी बोस की इंडियन इंडिपेंडेंस लीग सक्रिय
1943 (जुलाई)बोस सिंगापुर पहुँचे, INA की कमान संभाली; नारे — "दिल्ली चलो", "तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा"
21 अक्टूबर 1943आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार, सिंगापुर
1943–44महिला रेजिमेंट — रानी झाँसी रेजिमेंट (लक्ष्मी स्वामीनाथन); जापान द्वारा अंडमान-निकोबार सौंपे गए, नाम "शहीद" व "स्वराज" द्वीप
1944इंफाल-कोहिमा अभियान — विफल; बोस ने एक रेडियो संबोधन में गांधी को "राष्ट्रपिता" कहकर संबोधित किया
अगस्त 1945ताइपे में विमान दुर्घटना में मृत्यु बताई जाती है — परिस्थितियाँ विवादित

INA की सैन्य संख्या विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग दी गई है, इसलिए उसे रटने की आवश्यकता नहीं।

11.1 INA मुक़दमे (लाल क़िला, नवंबर 1945)

INA के तीन अधिकारियों — शाहनवाज़ ख़ान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख़्श सिंह ढिल्लों (क्रमशः मुस्लिम, हिंदू, सिख) — पर दिल्ली के लाल क़िले में मुक़दमा चला। बचाव पक्ष में भूलाभाई देसाई (प्रमुख), तेज बहादुर सप्रू, आसफ़ अली, कैलाशनाथ काटजू और जवाहरलाल नेहरू थे। देशव्यापी जन-आंदोलन के दबाव में दंड माफ़ किए गए।

11.2 नौसेना विद्रोह (RIN विद्रोह) — फरवरी 1946

18 फरवरी 1946 को बंबई में HMIS तलवार के नाविकों ने ख़राब भोजन, नस्लीय भेदभाव और INA मुक़दमों के विरोध में हड़ताल की, जो कराची से कलकत्ता तक फैल गई। सरदार पटेल और जिन्ना के समझाने पर नाविकों ने आत्मसमर्पण किया। इसे ब्रिटिश सत्ता के सैन्य आधार के कमज़ोर होने का संकेत माना जाता है।


12. स्वतंत्रता की ओर: 1945–1947

घटनातिथिमुख्य तथ्य
वेवेल योजना / शिमला सम्मेलनजून 1945वायसराय की कार्यकारी परिषद में (वायसराय व सेनापति को छोड़कर) सभी भारतीय सदस्य; सवर्ण हिंदुओं और मुसलमानों का समान प्रतिनिधित्व — जिन्ना के सभी मुस्लिम सदस्यों को स्वयं नामित करने के आग्रह पर विफल
कैबिनेट मिशनमार्च–जून 1946 (योजना 16 मई 1946)पैथिक-लॉरेंस, स्टैफ़र्ड क्रिप्स, ए.वी. अलेक्ज़ेंडर; पाकिस्तान की माँग अस्वीकार; सीमित शक्तियों (रक्षा, विदेश, संचार) वाला संघ; प्रांतों के तीन समूह (A, B, C); प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा संविधान सभा का चुनाव
प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस16 अगस्त 1946मुस्लिम लीग का आह्वान; कलकत्ता में भीषण सांप्रदायिक दंगे
अंतरिम सरकार2 सितंबर 1946नेहरू — वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष; लीग अक्टूबर 1946 में शामिल (लियाक़त अली ख़ाँ — वित्त)
संविधान सभा की पहली बैठक9 दिसंबर 1946मुस्लिम लीग ने बहिष्कार किया
एटली घोषणा20 फरवरी 1947ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली — जून 1948 तक सत्ता हस्तांतरण
माउंटबेटन योजना3 जून 1947भारत और पाकिस्तान — दो डोमिनियन; पंजाब व बंगाल के विभाजन का प्रावधान; रियासतों को किसी एक में मिलने की स्वतंत्रता
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियमजुलाई 1947 (शाही स्वीकृति 18 जुलाई)15 अगस्त 1947 से दो स्वतंत्र डोमिनियन; सीमा निर्धारण — रैडक्लिफ़ आयोग
स्वतंत्रता15 अगस्त 1947माउंटबेटन स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल; सी. राजगोपालाचारी प्रथम व अंतिम भारतीय गवर्नर-जनरल

13. वायसराय और घटनाएँ (1916–1947)

वायसरायकार्यकालप्रमुख घटनाएँ
लॉर्ड चेम्सफोर्ड1916–1921चंपारण, खेड़ा, अहमदाबाद; रौलट एक्ट; जलियाँवाला बाग़; 1919 अधिनियम; खिलाफ़त व असहयोग का आरंभ
लॉर्ड रीडिंग1921–1926मोपला विद्रोह (1921), प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा, चौरी-चौरा व असहयोग की वापसी (1922), स्वराज पार्टी (1923), काकोरी (1925)
लॉर्ड इरविन1926–1931साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट, लाहौर अधिवेशन, दांडी मार्च व सविनय अवज्ञा, प्रथम गोलमेज, गांधी-इरविन समझौता, भगत सिंह को फाँसी
लॉर्ड विलिंगडन1931–1936द्वितीय व तृतीय गोलमेज, सांप्रदायिक पंचाट, पूना पैक्ट, भारत शासन अधिनियम 1935
लॉर्ड लिनलिथगो1936–19431937 चुनाव, कांग्रेस मंत्रिमंडलों का त्यागपत्र (1939), लाहौर प्रस्ताव व अगस्त प्रस्ताव (1940), क्रिप्स मिशन व भारत छोड़ो (1942)
लॉर्ड वेवेल1943–1947आज़ाद हिंद सरकार (1943), शिमला सम्मेलन (1945), INA मुक़दमे, RIN विद्रोह, कैबिनेट मिशन, प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस, अंतरिम सरकार (1946)
लॉर्ड माउंटबेटनमार्च–अगस्त 1947 (वायसराय)3 जून योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, विभाजन व स्वतंत्रता

14. मास्टर कालक्रम (1915–1947)

वर्षघटनाएँ
1915गांधी का भारत आगमन (9 जनवरी)
1917चंपारण सत्याग्रह; साबरमती आश्रम
1918अहमदाबाद मिल हड़ताल; खेड़ा सत्याग्रह
1919रौलट एक्ट व सत्याग्रह; जलियाँवाला बाग़ (13 अप्रैल); हंटर कमेटी; अमृतसर अधिवेशन
1920असहयोग आरंभ (1 अगस्त); कलकत्ता विशेष अधिवेशन (सितंबर); नागपुर अधिवेशन (दिसंबर)
1921मोपला विद्रोह; प्रिंस ऑफ वेल्स की यात्रा
1922चौरी-चौरा (5 फरवरी); बारदोली प्रस्ताव; गांधी को कारावास; गया अधिवेशन
1923स्वराज पार्टी
1924HRA (कानपुर); बेलगाँव अधिवेशन — गांधी अध्यक्ष
1925काकोरी; कानपुर अधिवेशन — सरोजिनी नायडू (प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष)
1927साइमन कमीशन की नियुक्ति; मद्रास अधिवेशन — बहिष्कार निर्णय
1928साइमन कमीशन का आगमन; बारदोली सत्याग्रह (वल्लभभाई पटेल); नेहरू रिपोर्ट; लाजपत राय का निधन; HSRA
1929जिन्ना के 14 सूत्र; असेंबली बम कांड (8 अप्रैल); लाहौर अधिवेशन — पूर्ण स्वराज
1930स्वतंत्रता दिवस (26 जनवरी); दांडी मार्च; चटगाँव; प्रथम गोलमेज
1931गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च); भगत सिंह को फाँसी (23 मार्च); कराची अधिवेशन; द्वितीय गोलमेज
1932सांप्रदायिक पंचाट; पूना पैक्ट; तृतीय गोलमेज
1934सविनय अवज्ञा की औपचारिक वापसी
1935भारत शासन अधिनियम
1937प्रांतीय चुनाव; कांग्रेस मंत्रिमंडल
1938–39हरिपुरा व त्रिपुरी — सुभाष बोस; फ़ॉरवर्ड ब्लॉक; कांग्रेस मंत्रिमंडलों का त्यागपत्र; मुक्ति दिवस
1940लाहौर प्रस्ताव (मार्च); अगस्त प्रस्ताव (8 अगस्त); व्यक्तिगत सत्याग्रह (अक्टूबर)
1942क्रिप्स मिशन (मार्च); भारत छोड़ो (8 अगस्त)
1943बोस ने INA की कमान संभाली; आज़ाद हिंद सरकार (21 अक्टूबर)
1945शिमला सम्मेलन (जून); INA मुक़दमे (नवंबर)
1946RIN विद्रोह (फरवरी); कैबिनेट मिशन; प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस (16 अगस्त); अंतरिम सरकार (2 सितंबर); संविधान सभा (9 दिसंबर)
1947एटली घोषणा (20 फरवरी); माउंटबेटन योजना (3 जून); स्वतंत्रता अधिनियम (जुलाई); स्वतंत्रता (15 अगस्त)

15. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: डायर बनाम ओ'डायर

जलियाँवाला बाग़ में गोली — जनरल रेजिनाल्ड डायर। पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर — माइकल ओ'डायर। ऊधम सिंह ने 1940 में ओ'डायर को मारा।

Trap 2: चंपारण, अहमदाबाद, खेड़ा — "पहला" क्या?

चंपारण — पहला सविनय अवज्ञा; अहमदाबाद — पहला अनशन; खेड़ा — पहला असहयोग। रौलट सत्याग्रह — पहला अखिल भारतीय आंदोलन।

Trap 3: असहयोग — कलकत्ता बनाम नागपुर

असहयोग प्रस्ताव पहले कलकत्ता विशेष अधिवेशन (सितंबर 1920) में स्वीकृत हुआ और नागपुर (दिसंबर 1920) में अनुमोदित।

Trap 4: साइमन कमीशन का वर्ष

नियुक्ति 1927, भारत आगमन 1928। प्रश्न में "नियुक्त" या "भारत आया" — कौन-सा शब्द है, ध्यान से पढ़ें।

Trap 5: नेहरू रिपोर्ट बनाम लाहौर अधिवेशन

नेहरू रिपोर्ट (1928) — मोतीलाल नेहरू, लक्ष्य डोमिनियन स्टेटस। लाहौर अधिवेशन (1929) — जवाहरलाल नेहरू, लक्ष्य पूर्ण स्वराज।

Trap 6: गांधी किस गोलमेज में?

केवल दूसरे (1931) में। पहले और तीसरे में कांग्रेस शामिल नहीं हुई। आंबेडकर तीनों में शामिल हुए।

Trap 7: 1919 बनाम 1935 का द्वैध शासन

1919 — प्रांतों में द्वैध शासन (लागू हुआ)। 1935 — प्रांतों में स्वायत्तता, केंद्र में द्वैध शासन (प्रस्तावित, कभी लागू नहीं)।

Trap 8: अगस्त प्रस्ताव बनाम भारत छोड़ो

दोनों 8 अगस्त को — अगस्त प्रस्ताव 1940 (लिनलिथगो की ओर से), भारत छोड़ो 1942 (कांग्रेस की ओर से)।

Trap 9: INA का संस्थापक

पहली INA — मोहन सिंह (1942)। बोस ने 1943 में कमान संभालकर उसे पुनर्गठित किया। आज़ाद हिंद सरकार — सिंगापुर, 21 अक्टूबर 1943 (टोक्यो या रंगून नहीं)।

Trap 10: वेवेल बनाम कैबिनेट मिशन बनाम माउंटबेटन

शिमला सम्मेलन — वेवेल (1945)। तीन समूह (A, B, C) — कैबिनेट मिशन (1946)। विभाजन की योजना — माउंटबेटन (3 जून 1947)। कैबिनेट मिशन ने पाकिस्तान की माँग अस्वीकार की थी।


16. Most-Asked रिवीज़न तालिका (55 तथ्य)

क्र.प्रश्न-बिंदुउत्तर
1गांधी का भारत आगमन9 जनवरी 1915
2गांधी के राजनीतिक गुरुगोपाल कृष्ण गोखले
3चंपारण के लिए आमंत्रणराजकुमार शुक्ल
4तिनकठिया पद्धतिचंपारण, नील की खेती
5गांधी का भारत में पहला अनशनअहमदाबाद मिल हड़ताल, 1918
6खेड़ा सत्याग्रह के सहयोगीवल्लभभाई पटेल
7जलियाँवाला बाग़13 अप्रैल 1919, अमृतसर
8गोली चलवाने वालाजनरल डायर
9जाँच समिति (सरकारी)हंटर कमेटी
10नाइटहुड लौटायारवींद्रनाथ टैगोर
11ओ'डायर की हत्याऊधम सिंह, 1940, लंदन
12खिलाफ़त के नेताअली बंधु, आज़ाद, अजमल ख़ाँ, हसरत मोहानी
13असहयोग आरंभ1 अगस्त 1920
14असहयोग का अनुमोदननागपुर अधिवेशन, दिसंबर 1920
15चौरी-चौरा5 फरवरी 1922, गोरखपुर
16असहयोग वापसी का प्रस्तावबारदोली, 12 फरवरी 1922
17स्वराज पार्टी1923 — सी.आर. दास, मोतीलाल नेहरू
18गांधी — कांग्रेस अध्यक्ष (एकमात्र बार)बेलगाँव 1924
19प्रथम भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्षसरोजिनी नायडू, कानपुर 1925
20काकोरी कांड9 अगस्त 1925 — बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला
21HSRA1928, फ़िरोज़शाह कोटला
22साइमन कमीशननियुक्ति 1927, आगमन 1928; 7 ब्रिटिश सदस्य
23लाठीचार्ज में घायललाला लाजपत राय, लाहौर, 1928
24नेहरू रिपोर्ट1928 — मोतीलाल नेहरू, डोमिनियन स्टेटस
25जिन्ना के 14 सूत्र1929
26बारदोली सत्याग्रह (1928)वल्लभभाई पटेल — "सरदार" उपाधि
27असेंबली बम कांड8 अप्रैल 1929 — भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त
28पूर्ण स्वराज प्रस्तावलाहौर 1929 — जवाहरलाल नेहरू
29प्रथम स्वतंत्रता दिवस26 जनवरी 1930
30दांडी मार्च12 मार्च – 6 अप्रैल 1930
31सीमांत गांधीख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ाँ — ख़ुदाई ख़िदमतगार
32वेदारण्यम नमक यात्रासी. राजगोपालाचारी
33धरासना सत्याग्रहसरोजिनी नायडू
34चटगाँव शस्त्रागार छापा1930 — सूर्य सेन
35प्रथम गोलमेज1930–31; कांग्रेस अनुपस्थित
36गांधी-इरविन समझौता5 मार्च 1931
37भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फाँसी23 मार्च 1931
38मौलिक अधिकार प्रस्तावकराची 1931 — वल्लभभाई पटेल
39द्वितीय गोलमेज1931 — गांधी
40सांप्रदायिक पंचाट1932 — रैम्से मैकडोनाल्ड
41पूना पैक्ट1932 — गांधी व आंबेडकर
42प्रांतीय स्वायत्तताभारत शासन अधिनियम 1935
43संघीय न्यायालय की स्थापना1937
44हरिपुरा व त्रिपुरी अध्यक्षसुभाष चंद्र बोस (1938, 1939)
45फ़ॉरवर्ड ब्लॉक1939 — सुभाष बोस
46मुक्ति दिवस22 दिसंबर 1939 — मुस्लिम लीग
47अगस्त प्रस्ताव8 अगस्त 1940 — लिनलिथगो
48प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रहीविनोबा भावे
49क्रिप्स मिशनमार्च 1942
50भारत छोड़ो प्रस्ताव8 अगस्त 1942, ग्वालिया टैंक, बंबई — "करो या मरो"
51आज़ाद हिंद सरकार21 अक्टूबर 1943, सिंगापुर
52INA मुक़दमे के प्रमुख वकीलभूलाभाई देसाई
53RIN विद्रोहफरवरी 1946, बंबई — HMIS तलवार
54अंतरिम सरकार2 सितंबर 1946 — नेहरू
55माउंटबेटन योजना3 जून 1947

17. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

नीचे के नमूना प्रश्न इस नोट के लिए तैयार किए गए हैं; ये केवल प्रश्नों के ढाँचे समझाने के लिए हैं।

  1. कालानुक्रम: "सही क्रम चुनिए — (a) गांधी-इरविन समझौता (b) दांडी मार्च (c) लाहौर अधिवेशन (d) पूना पैक्ट।" उत्तर: c (1929) → b (1930) → a (1931) → d (1932)।
  2. सुमेलन (वायसराय — घटना): इरविन — दांडी मार्च; विलिंगडन — पूना पैक्ट; लिनलिथगो — क्रिप्स मिशन; वेवेल — शिमला सम्मेलन।
  3. कथन-आधारित: "कैबिनेट मिशन के संबंध में — 1. इसने पाकिस्तान की माँग स्वीकार की। 2. इसने प्रांतों के तीन समूह प्रस्तावित किए।" — कथन 1 गलत, कथन 2 सही।
  4. अभिकथन-कारण: अभिकथन (A): कांग्रेस ने प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया। कारण (R): उस समय सविनय अवज्ञा आंदोलन चल रहा था। — दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है।
  5. नारा — व्यक्ति: "करो या मरो" — गांधी; "दिल्ली चलो" — सुभाष बोस; "साइमन वापस जाओ" — साइमन कमीशन विरोध।
  6. प्रावधान पहचानना: "किस योजना में प्रांतों को भारतीय संघ से अलग रहने का अधिकार था?" — क्रिप्स प्रस्ताव।

18. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. प्रारंभिक सत्याग्रह — "चं-अ-खे" (1917-18-18): चंपारण-अवज्ञा, अहमदाबाद-अनशन, खेड़ा-असहयोग।

2. 1927 से 1932 — "सा-ने-ला-दां-गां-पू": साइमन (27-28) → नेहरू रिपोर्ट (28) → लाहौर (29) → दांडी (30) → गांधी-इरविन (31) → पूना (32)।

3. गोलमेज — "1-0, 2-गांधी, 3-0": कांग्रेस केवल दूसरे में।

4. वायसराय क्रम — "चे-री-इ-वि-लि-वे-मा": चेम्सफोर्ड, रीडिंग, इरविन, विलिंगडन, लिनलिथगो, वेवेल, माउंटबेटन — "चेरी इविलि वेमा"।

5. 8 अगस्त दो बार: 1940 — अंग्रेज़ों का "ऑफ़र"; 1942 — कांग्रेस का "क्विट"।

6. 1946 के तीन "स": समूह (कैबिनेट मिशन), संघर्ष (प्रत्यक्ष कार्रवाई, 16 अगस्त), सरकार (अंतरिम, 2 सितंबर)।


19. कथन अभ्यास

गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। — सही।

खेड़ा सत्याग्रह में गांधी ने भारत में अपना पहला अनशन किया। — गलत (पहला अनशन — अहमदाबाद मिल हड़ताल, 1918)।

जलियाँवाला बाग़ की जाँच के लिए सरकार ने हंटर कमेटी बनाई। — सही।

चौरी-चौरा की घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया। — सही।

स्वराज पार्टी की स्थापना सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने की। — सही।

नेहरू रिपोर्ट ने पूर्ण स्वराज को लक्ष्य बताया। — गलत (डोमिनियन स्टेटस; पूर्ण स्वराज — लाहौर 1929)।

लाहौर अधिवेशन 1929 की अध्यक्षता मोतीलाल नेहरू ने की। — गलत (जवाहरलाल नेहरू)।

गांधी ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया। — गलत (केवल दूसरे में)।

पूना पैक्ट गांधी और आंबेडकर के बीच हुआ। — सही।

भारत शासन अधिनियम 1935 ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया। — गलत (प्रांतीय स्वायत्तता; द्वैध शासन केंद्र में प्रस्तावित)।

व्यक्तिगत सत्याग्रह के प्रथम सत्याग्रही विनोबा भावे थे। — सही।

आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार टोक्यो में बनी थी। — गलत (सिंगापुर, 21 अक्टूबर 1943)।


20. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. गांधी आगमन 9 जनवरी 1915; गुरु गोखले
  2. चंपारण 1917 (अवज्ञा), अहमदाबाद 1918 (अनशन), खेड़ा 1918 (असहयोग)
  3. जलियाँवाला — 13 अप्रैल 1919, डायर; हंटर कमेटी; टैगोर ने नाइटहुड लौटाया
  4. असहयोग — 1 अगस्त 1920; कलकत्ता (सितंबर) स्वीकृति, नागपुर (दिसंबर) अनुमोदन
  5. चौरी-चौरा 5 फरवरी 1922 → बारदोली प्रस्ताव से वापसी
  6. स्वराज पार्टी 1923 — दास व मोतीलाल
  7. साइमन — नियुक्ति 1927, आगमन 1928; लाजपत राय पर लाठी
  8. नेहरू रिपोर्ट 1928 (डोमिनियन) → लाहौर 1929 (पूर्ण स्वराज, जवाहरलाल) → 26 जनवरी 1930
  9. दांडी 12 मार्च – 6 अप्रैल 1930; गांधी-इरविन 5 मार्च 1931; गांधी केवल दूसरे गोलमेज में
  10. सांप्रदायिक पंचाट (मैकडोनाल्ड) → पूना पैक्ट (गांधी-आंबेडकर) 1932
  11. 1935 अधिनियम — प्रांतीय स्वायत्तता; केंद्र में द्वैध (लागू नहीं)
  12. अगस्त प्रस्ताव 8 अगस्त 1940; व्यक्तिगत सत्याग्रह — विनोबा प्रथम; क्रिप्स मार्च 1942
  13. भारत छोड़ो 8 अगस्त 1942, ग्वालिया टैंक — "करो या मरो"
  14. आज़ाद हिंद सरकार 21 अक्टूबर 1943, सिंगापुर; INA मुक़दमे — लाल क़िला; RIN — फरवरी 1946
  15. कैबिनेट मिशन 1946 → अंतरिम सरकार 2 सितंबर 1946 → एटली 20 फरवरी 1947 → माउंटबेटन 3 जून 1947 → 15 अगस्त 1947

21. अभ्यास

नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें — इसमें कालानुक्रम, सुमेलन और कथन-आधारित प्रश्न शामिल हैं। गलत उत्तरों पर मास्टर कालक्रम और वायसराय तालिका दोबारा देखें। पूर्ण-लंबाई अभ्यास के लिए UPSC CSE 2027 प्रारंभिक फ्री टेस्ट सीरीज़ और RPSC RAS प्रारंभिक 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें। पृष्ठभूमि के लिए 1857 की क्रांति का नोट भी देखें।


22. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

1919 से 1947 तक का स्वतंत्रता संघर्ष तीन बड़े जन-आंदोलनों — असहयोग (1920–22), सविनय अवज्ञा (1930–34) और भारत छोड़ो (1942) — के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनके बीच के वर्षों में स्वराजवादी, क्रांतिकारी और संवैधानिक धाराएँ सक्रिय रहीं। ब्रिटिश सरकार ने हर चरण में आयोग, सम्मेलन और अधिनियम (साइमन, गोलमेज, 1935, क्रिप्स, वेवेल, कैबिनेट मिशन) का सहारा लिया, जबकि सांप्रदायिक प्रश्न अंततः विभाजन तक पहुँचा। INA मुक़दमों और नौसेना विद्रोह ने ब्रिटिश सत्ता की नींव को हिलाया और 1947 में सत्ता हस्तांतरण हुआ। परीक्षा के लिए कालक्रम, वायसराय-घटना और योजनाओं के प्रावधान सबसे ज़रूरी हैं।

1915 आगमन → 1917-18 चं-अ-खे → 1919 जलियाँवाला → 1920-22 असहयोग → 1927-28 साइमन → 1929 पूर्ण स्वराज → 1930 दांडी → 1931 गांधी-इरविन → 1932 पूना → 1935 अधिनियम → 1942 भारत छोड़ो → 1943 आज़ाद हिंद → 1946 कैबिनेट मिशन → 3 जून 1947 → 15 अगस्त 1947


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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से बंबई लौटे। इसी तिथि की स्मृति में प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है।

भारत में गांधी का पहला सत्याग्रह 1917 का चंपारण सत्याग्रह था, जो नील किसानों पर थोपी गई तिनकठिया पद्धति के विरुद्ध था। इसके बाद 1918 में अहमदाबाद मिल हड़ताल और खेड़ा सत्याग्रह हुए।

जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 (बैसाखी) को अमृतसर में जनरल डायर के आदेश पर हुआ। सरकार ने इसकी जाँच के लिए हंटर कमेटी बनाई, जबकि कांग्रेस ने अपनी अलग जाँच समिति बनाई।

5 फरवरी 1922 को गोरखपुर ज़िले के चौरी-चौरा में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के सिद्धांत के उल्लंघन से आहत होकर गांधी ने 12 फरवरी 1922 के बारदोली प्रस्ताव द्वारा आंदोलन वापस ले लिया।

1927 में नियुक्त और 1928 में भारत आए साइमन कमीशन के सभी 7 सदस्य अंग्रेज़ थे, कोई भारतीय नहीं था। इसलिए कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया और 'साइमन वापस जाओ' के नारे लगे।

पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पारित हुआ। इसके बाद 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।

दांडी मार्च 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुआ और 6 अप्रैल 1930 को गांधी ने दांडी तट पर नमक बनाकर नमक क़ानून तोड़ा। इसी से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ।

1932 के सांप्रदायिक पंचाट ने दलित वर्गों को पृथक निर्वाचन दिया था, जिसके विरोध में गांधी ने यरवदा जेल में अनशन किया। सितंबर 1932 में गांधी और आंबेडकर के बीच पूना पैक्ट हुआ, जिसमें पृथक निर्वाचन के स्थान पर संयुक्त निर्वाचन में दलितों के लिए आरक्षित सीटें तय हुईं।

भारत छोड़ो प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक में पारित हुआ। गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया और अगले दिन सभी प्रमुख नेता गिरफ़्तार कर लिए गए।

सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आज़ाद हिंद की अस्थायी सरकार की स्थापना की। इससे पहले जुलाई 1943 में उन्होंने आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) की कमान संभाली थी।

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