भारत में आर्थिक नियोजन: 12 पंचवर्षीय योजनाएँ, योजना आयोग, NDC और नीति आयोग — RAS, UPSC, SSC
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RPSC RAS, UPSC CSE प्रारंभिक, SSC व बैंकिंग पाठ्यक्रम की अर्थव्यवस्था इकाई; NCERT अर्थशास्त्र पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 9–12) तथा RBI व भारत सरकार के आधिकारिक प्रकाशनों की मानक परिभाषाएँ। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
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संक्षिप्त उत्तर: भारत में आर्थिक नियोजन के विचार स्वतंत्रता से पहले ही आ गए थे — एम. विश्वेश्वरैया की "Planned Economy for India" (1934), कांग्रेस की राष्ट्रीय योजना समिति (1938, अध्यक्ष नेहरू), उद्योगपतियों की बॉम्बे योजना (1944), श्रीमन्नारायण अग्रवाल की गांधीवादी योजना (1944) और एम.एन. रॉय की जन योजना (1945)। योजना आयोग 15 मार्च 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव से बना — यह न संवैधानिक था न वैधानिक; प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसके पहले अध्यक्ष थे। योजनाओं को अंतिम स्वीकृति देने वाली राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) 1952 में बनी। भारत में 12 पंचवर्षीय योजनाएँ चलीं (1951–2017): पहली कृषि पर (हैरोड-डोमर मॉडल), दूसरी भारी उद्योग पर (महालनोबिस मॉडल), तीसरी विफल रही, उसके बाद योजना अवकाश 1966–69, चौथी का लक्ष्य "स्थिरता के साथ विकास", पाँचवीं का नारा "गरीबी हटाओ" (एक वर्ष पहले समाप्त), फिर अनवरत (रोलिंग) योजना 1978–80, और अंतिम बारहवीं (2012–17) का लक्ष्य "तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास"। योजना आयोग की जगह 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग (National Institution for Transforming India) बना, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं, एक उपाध्यक्ष होता है और सभी मुख्यमंत्रियों वाली गवर्निंग काउंसिल सहकारी संघवाद का मंच है।
संक्षिप्त उत्तर
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| "Planned Economy for India" | एम. विश्वेश्वरैया, 1934 |
| राष्ट्रीय योजना समिति (कांग्रेस) | 1938; अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू (कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस की पहल) |
| बॉम्बे योजना | 1944; आठ प्रमुख उद्योगपति (जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला आदि) |
| गांधीवादी योजना | 1944; श्रीमन्नारायण अग्रवाल |
| जन योजना (People's Plan) | 1945; एम.एन. रॉय |
| सर्वोदय योजना | 1950; जयप्रकाश नारायण |
| योजना आयोग की स्थापना | 15 मार्च 1950, मंत्रिमंडल प्रस्ताव से (गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक) |
| योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष / उपाध्यक्ष | जवाहरलाल नेहरू / गुलज़ारीलाल नंदा |
| राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) | 6 अगस्त 1952; अध्यक्ष प्रधानमंत्री |
| पहली पंचवर्षीय योजना | 1951–56; कृषि; हैरोड-डोमर मॉडल |
| दूसरी पंचवर्षीय योजना | 1956–61; भारी उद्योग; महालनोबिस मॉडल |
| योजना अवकाश | 1966–69 (तीन वार्षिक योजनाएँ) |
| अनवरत (रोलिंग) योजना | 1978–80 (जनता सरकार) |
| अंतिम (12वीं) योजना | 2012–17; "तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास" |
| नीति आयोग | 1 जनवरी 2015; अध्यक्ष प्रधानमंत्री |
| नीति आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष / CEO | अरविंद पनगढ़िया / सिंधुश्री खुल्लर |
2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
पंचवर्षीय योजनाएँ भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास की रीढ़ हैं — हर योजना के साथ कोई नीति, कार्यक्रम या संस्था जुड़ी है। RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा में "आर्थिक नियोजन" और नीति आयोग सीधे सिलेबस में हैं, UPSC प्रारंभिक परीक्षा योजना आयोग बनाम नीति आयोग, NDC और योजनाओं के मॉडल पर कथन पूछती है, SSC में योजना–अवधि–लक्ष्य का मिलान सबसे आम है, और बैंकिंग तथा राजस्थान CET में नीति आयोग की संरचना जैसे प्रश्न आते हैं।
परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★
- RAS प्रारंभिक व मुख्य (आर्थिक नियोजन, नीति आयोग)
- UPSC प्रारंभिक (संस्थाओं की प्रकृति, योजनाओं के मॉडल)
- SSC CGL / CHSL (योजना–अवधि–लक्ष्य मिलान)
- IBPS / SBI (नीति आयोग, संस्थागत तथ्य)
- राजस्थान CET स्नातक, व्याख्याता (अर्थशास्त्र)
प्रश्न कैसे आते हैं?
- "किस योजना का मॉडल महालनोबिस मॉडल था?" — मॉडल / लक्ष्य / नारा पहचानना
- सुमेलन: योजना ↔ अवधि ↔ मुख्य लक्ष्य
- योजना अवकाश, रोलिंग योजना, वार्षिक योजनाओं के वर्ष
- योजना-पूर्व प्रयास: बॉम्बे, गांधीवादी, जन, सर्वोदय योजना — प्रस्तावक
- योजना आयोग और NDC की प्रकृति (संवैधानिक / वैधानिक / कार्यकारी)
- नीति आयोग: स्थापना, संरचना, योजना आयोग से अंतर
3. नियोजन क्या है और उसके प्रकार
आर्थिक नियोजन का अर्थ है उपलब्ध संसाधनों का निश्चित लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुसार, एक निर्धारित अवधि में, केंद्रीय रूप से सोचा-समझा उपयोग। भारत में योजनाओं के प्रमुख लक्ष्य NCERT ("भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास") के अनुसार चार रहे — संवृद्धि, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और समानता।
| प्रकार | अर्थ | भारत में |
|---|---|---|
| आदेशात्मक (Imperative) | सभी आर्थिक निर्णय केंद्रीय प्राधिकरण के आदेश से | सोवियत प्रकार; भारत में पूर्णतः नहीं |
| सांकेतिक (Indicative) | सरकार दिशा और लक्ष्य बताती है, निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देती है | आठवीं योजना (1992–97) से प्रमुख |
| केंद्रीकृत (Top-down) | ऊपर से योजना बनकर नीचे लागू | योजना आयोग काल |
| विकेंद्रीकृत (Bottom-up) | गाँव, ज़िला, राज्य स्तर से योजना | पंचायती राज; नीति आयोग का दृष्टिकोण |
| परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) | 15–20 वर्ष की दीर्घकालिक रूपरेखा | नीति आयोग का 15-वर्षीय विज़न दस्तावेज़ इसी प्रकार का |
| अनवरत योजना (Rolling Plan) | हर वर्ष समीक्षा कर अगले वर्ष जोड़ना | 1978–80 |
4. स्वतंत्रता से पहले के योजना-प्रयास
| योजना / प्रयास | वर्ष | प्रस्तावक | मुख्य विचार |
|---|---|---|---|
| Planned Economy for India | 1934 | एम. विश्वेश्वरैया | दस वर्ष में राष्ट्रीय आय बढ़ाने हेतु औद्योगीकरण; भारत में नियोजन का पहला व्यवस्थित विचार |
| राष्ट्रीय योजना समिति | 1938 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस; अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू | कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस की पहल पर गठित |
| बॉम्बे योजना (Bombay Plan) | 1944 | आठ उद्योगपति — जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला, पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास आदि | 15 वर्ष में तीव्र औद्योगीकरण; आधारभूत उद्योगों में राज्य की भूमिका स्वीकार |
| गांधीवादी योजना (Gandhian Plan) | 1944 | श्रीमन्नारायण अग्रवाल | कुटीर उद्योग, ग्राम स्वावलंबन, विकेंद्रीकरण, कृषि |
| जन योजना (People's Plan) | 1945 | एम.एन. रॉय | कृषि व उपभोक्ता वस्तुओं को प्राथमिकता; रॉय के मानववादी-क्रांतिकारी दृष्टिकोण पर आधारित |
| सर्वोदय योजना | 1950 | जयप्रकाश नारायण | गांधी-विनोबा के विचार; कृषि, लघु उद्योग, भूमि सुधार |
इन सभी योजनाओं को लागू करने का अधिकार किसी के पास नहीं था, पर इन्होंने स्वतंत्रता के बाद की योजना-प्रक्रिया की बहस को आकार दिया।
5. योजना आयोग और राष्ट्रीय विकास परिषद
5.1 योजना आयोग (1950–2014)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थापना | 15 मार्च 1950, केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से |
| प्रकृति | गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक, परामर्शदात्री निकाय |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री (पहले — जवाहरलाल नेहरू) |
| उपाध्यक्ष | पहले — गुलज़ारीलाल नंदा; अंतिम — मोंटेक सिंह अहलूवालिया |
| कार्य | संसाधनों का आकलन, पंचवर्षीय योजनाएँ बनाना, प्राथमिकताएँ तय करना, राज्यों को योजना-अनुदान की सिफ़ारिश |
| संवैधानिक संदर्भ | "आर्थिक और सामाजिक योजना" समवर्ती सूची का विषय है |
| समाप्ति की घोषणा | 15 अगस्त 2014 (प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस भाषण) |
5.2 राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थापना | 6 अगस्त 1952, कार्यकारी प्रस्ताव से (गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक) |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री |
| सदस्य | केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, योजना आयोग के सदस्य |
| सचिव | योजना आयोग का सचिव |
| मुख्य कार्य | पंचवर्षीय योजना को अंतिम स्वीकृति; केंद्र-राज्य सहयोग |
योजना आयोग की प्रक्रिया में योजना का प्रारूप आयोग बनाता था, केंद्रीय मंत्रिमंडल उस पर विचार करता था, NDC अंतिम स्वीकृति देती थी और फिर संसद में प्रस्तुत होता था। नीति आयोग के बाद व्यवहार में NDC की भूमिका नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल ने ले ली।
6. बारह पंचवर्षीय योजनाएँ: एक तालिका
| योजना | अवधि | मुख्य ज़ोर / लक्ष्य | मॉडल / विशेष तथ्य |
|---|---|---|---|
| पहली | 1951–56 | कृषि, सिंचाई, बिजली; विभाजन के बाद पुनर्वास | हैरोड-डोमर मॉडल; लक्ष्य से अधिक वृद्धि; सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) |
| दूसरी | 1956–61 | तीव्र औद्योगीकरण — भारी व आधारभूत उद्योग | पी.सी. महालनोबिस मॉडल; भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला इस्पात संयंत्र |
| तीसरी | 1961–66 | आत्मनिर्भर और स्वतः-स्फूर्त (Self-generating) अर्थव्यवस्था; कृषि व उद्योग दोनों | विफल — 1962 चीन युद्ध, 1965 पाकिस्तान युद्ध, 1965-66 का सूखा |
| योजना अवकाश | 1966–69 | तीन वार्षिक योजनाएँ | नई कृषि रणनीति / हरित क्रांति की शुरुआत; 1966 में रुपये का अवमूल्यन |
| चौथी | 1969–74 | स्थिरता के साथ विकास (Growth with Stability) और आत्मनिर्भरता की उत्तरोत्तर प्राप्ति | 1969 बैंक राष्ट्रीयकरण; केंद्रीय सहायता हेतु गाडगिल फ़ॉर्मूला |
| पाँचवीं | 1974–79 (प्रस्तावित) | गरीबी हटाओ और आत्मनिर्भरता | 1978 में जनता सरकार ने एक वर्ष पहले समाप्त की; न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम; बीस सूत्री कार्यक्रम (1975) |
| अनवरत (रोलिंग) योजना | 1978–80 | हर वर्ष संशोधित होने वाली योजना | जनता सरकार; 1980 में नई सरकार ने समाप्त की |
| छठी | 1980–85 | गरीबी उन्मूलन, रोज़गार सृजन | IRDP का देशव्यापी विस्तार, राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम (NREP) |
| सातवीं | 1985–90 | भोजन, काम और उत्पादकता (Food, Work and Productivity) | जवाहर रोज़गार योजना (1989) |
| वार्षिक योजनाएँ | 1990–92 | दो वार्षिक योजनाएँ | राजनीतिक अस्थिरता और भुगतान संतुलन संकट |
| आठवीं | 1992–97 | मानव संसाधन विकास; सुधारों के बाद की पहली योजना | सांकेतिक नियोजन; LPG के अनुरूप |
| नौवीं | 1997–2002 | सामाजिक न्याय और समानता के साथ विकास | स्वतंत्रता के 50वें वर्ष में शुरू |
| दसवीं | 2002–07 | तीव्र वृद्धि; 10 वर्ष में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करना | राज्यवार विकास लक्ष्य; निगरानी-योग्य लक्ष्य (Monitorable Targets) |
| ग्यारहवीं | 2007–12 | तीव्रतर और अधिक समावेशी विकास (Faster and More Inclusive Growth) | समावेशी विकास पर ज़ोर |
| बारहवीं | 2012–17 | तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास (Faster, More Inclusive and Sustainable Growth) | अंतिम पंचवर्षीय योजना |
योजनाओं के लक्षित और प्राप्त वृद्धि-दर के आँकड़े अलग-अलग स्रोतों में थोड़े भिन्न मिलते हैं, इसलिए इस नोट में उन्हें प्रश्न-सामग्री नहीं बनाया गया; परीक्षा में मुख्यतः अवधि, ज़ोर और मॉडल पूछे जाते हैं।
6.1 पहली योजना: हैरोड-डोमर मॉडल
हैरोड-डोमर मॉडल के अनुसार आर्थिक वृद्धि दर बचत दर और पूँजी-उत्पाद अनुपात पर निर्भर करती है: वृद्धि दर (g) = बचत दर (s) ÷ पूँजी-उत्पाद अनुपात (k)। उदाहरण: बचत दर 12% और पूँजी-उत्पाद अनुपात 3 हो, तो g = 12 ÷ 3 = 4%। इसलिए अधिक बचत और निवेश से वृद्धि तेज़ होती है। विभाजन के बाद खाद्यान्न की कमी और शरणार्थी समस्या के कारण पहली योजना ने कृषि, सिंचाई और बिजली को प्राथमिकता दी; भाखड़ा-नांगल, दामोदर घाटी जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाएँ इसी दौर से जुड़ी हैं।
6.2 दूसरी योजना: महालनोबिस मॉडल
प्रो. पी.सी. महालनोबिस (भारतीय सांख्यिकी संस्थान के संस्थापक) का मॉडल पूँजीगत वस्तु (भारी) उद्योगों में निवेश को प्राथमिकता देता था, ताकि दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता तेज़ी से बढ़े। इसी योजना में तीन सार्वजनिक इस्पात संयंत्र लगे:
| इस्पात संयंत्र | राज्य (वर्तमान) | सहयोगी देश |
|---|---|---|
| भिलाई | छत्तीसगढ़ | सोवियत संघ |
| दुर्गापुर | पश्चिम बंगाल | ब्रिटेन |
| राउरकेला | ओडिशा | पश्चिम जर्मनी |
दूसरी योजना का औद्योगिक ढाँचा 1956 के औद्योगिक नीति प्रस्ताव से जुड़ा था — विस्तार के लिए अर्थव्यवस्था के प्रकार, क्षेत्र और 1991 के आर्थिक सुधार देखें।
6.3 तीसरी योजना की विफलता और योजना अवकाश
तीसरी योजना (1961–66) में एक के बाद एक झटके लगे — 1962 का भारत-चीन युद्ध, 1965 का भारत-पाक युद्ध और 1965-66 का भीषण सूखा। लक्ष्य पूरे नहीं हुए और योजना विफल मानी गई। परिणामस्वरूप 1966–69 में पंचवर्षीय योजना की जगह तीन वार्षिक योजनाएँ चलीं — इसे योजना अवकाश (Plan Holiday) कहा जाता है। इसी दौरान उच्च उपज वाले बीजों (HYV), उर्वरक और सिंचाई पर आधारित नई कृषि रणनीति से हरित क्रांति की शुरुआत हुई।
6.4 पाँचवीं योजना और अनवरत योजना
पाँचवीं योजना (1974–79) का प्रारूप डी.पी. धर ने तैयार किया और इसका केंद्रीय नारा "गरीबी हटाओ" था। 1977 में सत्ता परिवर्तन के बाद जनता सरकार ने इसे 1978 में, एक वर्ष पहले समाप्त कर अनवरत योजना (Rolling Plan, 1978–80) शुरू की, जिसमें हर वर्ष योजना की समीक्षा कर एक नया वर्ष जोड़ा जाता था। अनवरत योजना की अवधारणा प्रायः स्वीडिश अर्थशास्त्री गुन्नार मिर्डल से जोड़ी जाती है। 1980 में नई सरकार ने अनवरत योजना समाप्त कर छठी योजना शुरू की।
6.5 आठवीं से बारहवीं योजना
1990–92 की दो वार्षिक योजनाओं के बाद आठवीं योजना (1992–97) 1991 के सुधारों के बाद की पहली योजना थी; इसमें नियोजन सांकेतिक हुआ और मानव संसाधन विकास को केंद्र में रखा गया। नौवीं (1997–2002) सामाजिक न्याय और समानता के साथ विकास, दसवीं (2002–07) तीव्र वृद्धि और निगरानी-योग्य लक्ष्यों, ग्यारहवीं (2007–12) तीव्रतर और अधिक समावेशी विकास तथा बारहवीं (2012–17) तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास पर केंद्रित रहीं। बारहवीं योजना के बाद पंचवर्षीय योजनाओं का क्रम समाप्त हो गया।
7. नीति आयोग (NITI Aayog)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | National Institution for Transforming India (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) |
| स्थापना | 1 जनवरी 2015, केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से |
| प्रकृति | गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक; नीति-निर्माण का थिंक टैंक |
| अध्यक्ष (Chairperson) | प्रधानमंत्री |
| उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) | प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त; पहले — अरविंद पनगढ़िया |
| मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) | भारत सरकार के सचिव स्तर का अधिकारी, निश्चित कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त; पहली — सिंधुश्री खुल्लर |
| पूर्णकालिक सदस्य | प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ |
| अंशकालिक सदस्य | प्रमुख विश्वविद्यालयों / शोध संस्थानों से, पदेन क्रम में (अधिकतम 2) |
| पदेन सदस्य | केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अधिकतम 4, प्रधानमंत्री द्वारा नामित |
| गवर्निंग काउंसिल | प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, विधानमंडल वाले केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री तथा अन्य केंद्र-शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल / प्रशासक |
| क्षेत्रीय परिषदें | एक से अधिक राज्यों से जुड़े विशिष्ट मुद्दों के लिए, निश्चित अवधि हेतु; अध्यक्ष प्रधानमंत्री या उनके द्वारा नामित |
| विशेष आमंत्रित | विशेषज्ञ, प्रधानमंत्री द्वारा नामित |
| दो प्रमुख हब | टीम इंडिया हब (केंद्र-राज्य समन्वय), ज्ञान एवं नवाचार हब (थिंक टैंक कार्य) |
| संबद्ध पहल | अटल नवाचार मिशन (AIM), विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) |
7.1 नीति आयोग के मूल सिद्धांत
- सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism): राज्यों को योजना में बराबर का भागीदार बनाना — "टीम इंडिया"।
- प्रतिस्पर्धी संघवाद: विभिन्न सूचकांकों के माध्यम से राज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा।
- नीचे से ऊपर (Bottom-up) दृष्टिकोण: गाँव स्तर पर विश्वसनीय योजनाएँ बनाकर उन्हें ऊपर के स्तरों पर जोड़ना।
- "एक आकार सबके लिए" नहीं: राज्यों की विविध ज़रूरतों के अनुसार नीति।
- थिंक टैंक व ज्ञान केंद्र: केंद्र और राज्यों को रणनीतिक और तकनीकी परामर्श।
7.2 पंचवर्षीय योजना की जगह क्या
| दस्तावेज़ | अवधि |
|---|---|
| विज़न दस्तावेज़ | 15 वर्ष |
| रणनीति दस्तावेज़ | 7 वर्ष |
| कार्य एजेंडा (Action Agenda) | 3 वर्ष |
नीति आयोग द्वारा प्रकाशित सूचकांक (जैसे SDG India Index, निर्यात तैयारी सूचकांक) और उनमें राज्यों की रैंकिंग हर संस्करण में बदलती है — रैंकिंग को स्थायी तथ्य न मानें; नवीनतम संस्करण नीति आयोग की वेबसाइट पर देखें। नीति आयोग के वर्तमान उपाध्यक्ष और CEO भी समय के साथ बदलते हैं।
8. योजना आयोग बनाम नीति आयोग
| आधार | योजना आयोग | नीति आयोग |
|---|---|---|
| स्थापना | 15 मार्च 1950 | 1 जनवरी 2015 |
| प्रकृति | गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक | गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक |
| अध्यक्ष | प्रधानमंत्री | प्रधानमंत्री |
| दूसरा शीर्ष पद | उपाध्यक्ष | उपाध्यक्ष + CEO |
| दृष्टिकोण | ऊपर से नीचे (Top-down) | नीचे से ऊपर (Bottom-up) |
| राज्यों की भूमिका | सीमित; NDC की बैठकों तक | गवर्निंग काउंसिल में सभी मुख्यमंत्री — सहकारी संघवाद |
| धन-आवंटन | राज्यों और मंत्रालयों को योजना-धन के आवंटन में प्रमुख भूमिका | धन आवंटन का अधिकार नहीं (यह वित्त मंत्रालय के पास) |
| योजना का स्वरूप | पंचवर्षीय योजनाएँ | 15-वर्षीय विज़न, 7-वर्षीय रणनीति, 3-वर्षीय कार्य एजेंडा |
| भूमिका | योजना बनाने वाला निकाय | थिंक टैंक / परामर्शदात्री निकाय |
| नीति थोपना | नीतियाँ प्रायः राज्यों पर लागू | राज्यों को परामर्श; बाध्यकारी नहीं |
9. योजनाओं से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम
| कार्यक्रम | वर्ष | योजना काल |
|---|---|---|
| सामुदायिक विकास कार्यक्रम | 1952 | पहली |
| बलवंत राय मेहता समिति (पंचायती राज) | 1957 | दूसरी |
| गहन कृषि ज़िला कार्यक्रम (IADP) | 1960-61 | दूसरी / तीसरी |
| नई कृषि रणनीति / हरित क्रांति | 1966 से | योजना अवकाश |
| 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण | 1969 | चौथी |
| बीस सूत्री कार्यक्रम | 1975 | पाँचवीं |
| क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक | 1975 | पाँचवीं |
| NABARD | 1982 | छठी |
| जवाहर रोज़गार योजना | 1989 | सातवीं |
| नई आर्थिक नीति (LPG) | 1991 | वार्षिक योजनाएँ (आठवीं से ठीक पहले) |
RRB, NABARD जैसी संस्थाओं का विस्तार मुद्रा, बैंकिंग और RBI की मौद्रिक नीति वाले नोट में है।
10. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)
Trap 1: योजना आयोग को संवैधानिक निकाय मानना
योजना आयोग, NDC और नीति आयोग — तीनों कार्यकारी (मंत्रिमंडल) प्रस्ताव से बने; कोई भी संवैधानिक या वैधानिक नहीं। वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) संवैधानिक है — इन्हें मिलाएँ नहीं।
Trap 2: पहली और दूसरी योजना के मॉडल उलटना
पहली — हैरोड-डोमर (कृषि); दूसरी — महालनोबिस (भारी उद्योग)।
Trap 3: योजना अवकाश के वर्ष
योजना अवकाश 1966–69 (तीन वार्षिक योजनाएँ)। 1978–80 अनवरत योजना है और 1990–92 दो वार्षिक योजनाएँ — तीनों अलग।
Trap 4: "गरीबी हटाओ" किस योजना का
पाँचवीं योजना (1974–79) का। छठी योजना का लक्ष्य भी गरीबी उन्मूलन था, पर नारा "गरीबी हटाओ" पाँचवीं से जुड़ा है।
Trap 5: 11वीं और 12वीं योजना के लक्ष्य
11वीं — "तीव्रतर और अधिक समावेशी विकास"; 12वीं — "तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास"। "सतत (Sustainable)" शब्द 12वीं की पहचान है।
Trap 6: नीति आयोग की स्थापना तिथि
योजना आयोग की समाप्ति की घोषणा 15 अगस्त 2014 को हुई, पर नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को बना।
Trap 7: गांधीवादी योजना के प्रस्तावक
गांधीवादी योजना श्रीमन्नारायण अग्रवाल ने बनाई (महात्मा गांधी ने नहीं); जन योजना एम.एन. रॉय की; सर्वोदय योजना जयप्रकाश नारायण की।
Trap 8: नीति आयोग धन आवंटित करता है
गलत। योजना आयोग धन-आवंटन में भूमिका निभाता था; नीति आयोग के पास धन-आवंटन का अधिकार नहीं।
Trap 9: पाँचवीं योजना की अवधि
प्रस्तावित अवधि 1974–79 थी, पर यह 1978 में एक वर्ष पहले समाप्त हो गई।
11. Most-Asked रिवीज़न तालिका
| # | प्रश्न / बिंदु | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | "Planned Economy for India" के लेखक | एम. विश्वेश्वरैया (1934) |
| 2 | राष्ट्रीय योजना समिति | 1938, अध्यक्ष नेहरू |
| 3 | बॉम्बे योजना | 1944, आठ उद्योगपति |
| 4 | गांधीवादी योजना | 1944, श्रीमन्नारायण अग्रवाल |
| 5 | जन योजना | 1945, एम.एन. रॉय |
| 6 | सर्वोदय योजना | 1950, जयप्रकाश नारायण |
| 7 | योजना आयोग की स्थापना | 15 मार्च 1950 |
| 8 | योजना आयोग की प्रकृति | गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक |
| 9 | योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष | जवाहरलाल नेहरू |
| 10 | योजना आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष | गुलज़ारीलाल नंदा |
| 11 | योजना आयोग के अंतिम उपाध्यक्ष | मोंटेक सिंह अहलूवालिया |
| 12 | NDC की स्थापना | 6 अगस्त 1952 |
| 13 | NDC के अध्यक्ष | प्रधानमंत्री |
| 14 | योजना को अंतिम स्वीकृति | NDC |
| 15 | "आर्थिक और सामाजिक योजना" किस सूची में | समवर्ती सूची |
| 16 | पहली योजना | 1951–56, कृषि |
| 17 | पहली योजना का मॉडल | हैरोड-डोमर |
| 18 | हैरोड-डोमर सूत्र | g = s ÷ k |
| 19 | सामुदायिक विकास कार्यक्रम | 1952, पहली योजना |
| 20 | दूसरी योजना | 1956–61, भारी उद्योग |
| 21 | दूसरी योजना का मॉडल | महालनोबिस |
| 22 | भिलाई इस्पात संयंत्र | सोवियत संघ के सहयोग से |
| 23 | दुर्गापुर इस्पात संयंत्र | ब्रिटेन के सहयोग से |
| 24 | राउरकेला इस्पात संयंत्र | पश्चिम जर्मनी के सहयोग से |
| 25 | तीसरी योजना | 1961–66, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था; विफल |
| 26 | तीसरी योजना की विफलता के कारण | 1962 चीन युद्ध, 1965 पाक युद्ध, सूखा |
| 27 | योजना अवकाश | 1966–69 |
| 28 | हरित क्रांति की शुरुआत | योजना अवकाश काल |
| 29 | चौथी योजना | 1969–74, स्थिरता के साथ विकास |
| 30 | गाडगिल फ़ॉर्मूला | चौथी योजना, केंद्रीय सहायता का वितरण |
| 31 | पाँचवीं योजना | 1974–79 (1978 में समाप्त), गरीबी हटाओ |
| 32 | पाँचवीं योजना का प्रारूप | डी.पी. धर |
| 33 | अनवरत योजना | 1978–80, जनता सरकार |
| 34 | छठी योजना | 1980–85, गरीबी उन्मूलन |
| 35 | सातवीं योजना | 1985–90, भोजन, काम और उत्पादकता |
| 36 | जवाहर रोज़गार योजना | 1989 |
| 37 | दो वार्षिक योजनाएँ | 1990–92 |
| 38 | आठवीं योजना | 1992–97, मानव संसाधन विकास |
| 39 | सुधारों के बाद पहली योजना | आठवीं |
| 40 | नौवीं योजना | 1997–2002, सामाजिक न्याय व समानता के साथ विकास |
| 41 | दसवीं योजना | 2002–07, निगरानी-योग्य लक्ष्य |
| 42 | ग्यारहवीं योजना | 2007–12, तीव्रतर और अधिक समावेशी विकास |
| 43 | बारहवीं योजना | 2012–17, तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास |
| 44 | अंतिम पंचवर्षीय योजना | बारहवीं |
| 45 | योजना आयोग समाप्ति की घोषणा | 15 अगस्त 2014 |
| 46 | नीति आयोग की स्थापना | 1 जनवरी 2015 |
| 47 | NITI का पूरा नाम | National Institution for Transforming India |
| 48 | नीति आयोग के अध्यक्ष | प्रधानमंत्री |
| 49 | नीति आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष | अरविंद पनगढ़िया |
| 50 | नीति आयोग की प्रथम CEO | सिंधुश्री खुल्लर |
| 51 | गवर्निंग काउंसिल में | प्रधानमंत्री, सभी मुख्यमंत्री, UT के उपराज्यपाल / प्रशासक |
| 52 | नीति आयोग का दृष्टिकोण | नीचे से ऊपर, सहकारी संघवाद |
| 53 | नीति आयोग के दस्तावेज़ | 15-वर्षीय विज़न, 7-वर्षीय रणनीति, 3-वर्षीय कार्य एजेंडा |
| 54 | पदेन सदस्य (अधिकतम) | 4 केंद्रीय मंत्री |
| 55 | सांकेतिक नियोजन की शुरुआत | आठवीं योजना |
12. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
इस अध्याय के अधिकांश प्रश्न मिलान और पहचान पर आधारित होते हैं। स्वयं तैयार किए गए नमूना-प्रश्न:
- मॉडल पहचान: "किस पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योगों पर ज़ोर देने वाला मॉडल अपनाया गया?" — दूसरी (महालनोबिस)।
- सुमेलन: "सुमेलित करें — गांधीवादी योजना / जन योजना / सर्वोदय योजना / बॉम्बे योजना ↔ श्रीमन्नारायण / एम.एन. रॉय / जयप्रकाश नारायण / उद्योगपति"।
- कथन (UPSC शैली): "कथन 1: योजना आयोग एक संवैधानिक निकाय था। कथन 2: नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री होते हैं।" — केवल 2 सही।
- कालक्रम: "सही क्रम — योजना अवकाश, अनवरत योजना, सातवीं योजना, आठवीं योजना" — 1966–69 → 1978–80 → 1985–90 → 1992–97।
- लक्ष्य / नारा: "'भोजन, काम और उत्पादकता' किस योजना का लक्ष्य था?" — सातवीं।
- सूत्र-आधारित: "हैरोड-डोमर मॉडल में बचत दर 20% और पूँजी-उत्पाद अनुपात 4 हो तो वृद्धि दर?" — 20 ÷ 4 = 5%।
रणनीति: योजनाओं को तीन खंडों में याद करें — 1–3 (नींव: कृषि, उद्योग, विफलता), अवकाश व 4–7 (गरीबी और रोज़गार), 8–12 (सुधार के बाद: मानव संसाधन, समावेशन, सततता)। संपूर्ण अभ्यास के लिए RPSC RAS प्रारंभिक टेस्ट सीरीज़ 2026 और SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ देखें।
13. इसे आसानी से याद कैसे रखें?
1. पहली-दूसरी — "H से हल, M से मशीन": Harrod-Domar = हल (कृषि), Mahalanobis = मशीन (भारी उद्योग)।
2. तीन ब्रेक — "66, 78, 90": 1966–69 अवकाश, 1978–80 अनवरत, 1990–92 वार्षिक।
3. 4-5-7 के नारे — "स्थिर, गरीबी, भोजन": चौथी — स्थिरता के साथ विकास; पाँचवीं — गरीबी हटाओ; सातवीं — भोजन, काम, उत्पादकता।
4. 9-11-12 — "न्याय, समावेश, सततता": नौवीं — सामाजिक न्याय; ग्यारहवीं — समावेशी; बारहवीं — समावेशी + सतत।
5. योजना-पूर्व — "BGP-S: बिड़ला-गांधी-पीपल-सर्वोदय, 44-44-45-50": बॉम्बे 1944, गांधीवादी 1944, जन 1945, सर्वोदय 1950।
6. इस्पात — "भि-सो, दु-ब्रि, रा-ज": भिलाई-सोवियत, दुर्गापुर-ब्रिटेन, राउरकेला-जर्मनी।
7. नीति आयोग — "15-7-3": 15 वर्ष विज़न, 7 वर्ष रणनीति, 3 वर्ष एजेंडा; जन्म 1-1-2015।
14. कथन अभ्यास
योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से हुई थी। — सही।
योजना आयोग एक संवैधानिक निकाय था। — गलत (गैर-संवैधानिक, गैर-वैधानिक)।
राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन 1952 में हुआ। — सही।
पहली पंचवर्षीय योजना महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी। — गलत (हैरोड-डोमर; महालनोबिस दूसरी योजना का)।
दूसरी पंचवर्षीय योजना में भारी और आधारभूत उद्योगों पर ज़ोर दिया गया। — सही।
योजना अवकाश 1978–80 के बीच रहा। — गलत (1966–69; 1978–80 अनवरत योजना)।
"गरीबी हटाओ" पाँचवीं पंचवर्षीय योजना से जुड़ा नारा है। — सही।
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना अपनी पूरी अवधि (1979 तक) चली। — गलत (1978 में एक वर्ष पहले समाप्त)।
बारहवीं योजना का लक्ष्य "तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास" था। — सही।
गांधीवादी योजना महात्मा गांधी ने स्वयं प्रस्तुत की थी। — गलत (श्रीमन्नारायण अग्रवाल)।
नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं। — सही।
नीति आयोग राज्यों को योजना-धन आवंटित करता है। — गलत (धन-आवंटन का अधिकार नहीं)।
15. एक दिन पहले — 14 रेखाएँ
- विश्वेश्वरैया 1934; राष्ट्रीय योजना समिति 1938 (नेहरू)
- बॉम्बे 1944 (उद्योगपति), गांधीवादी 1944 (श्रीमन्नारायण), जन 1945 (एम.एन. रॉय), सर्वोदय 1950 (जेपी)
- योजना आयोग 15 मार्च 1950 — गैर-संवैधानिक; नेहरू अध्यक्ष, नंदा उपाध्यक्ष
- NDC 6 अगस्त 1952 — योजना को अंतिम स्वीकृति
- पहली 1951–56: कृषि, हैरोड-डोमर (g = s ÷ k)
- दूसरी 1956–61: भारी उद्योग, महालनोबिस; भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला
- तीसरी 1961–66: विफल (1962, 1965 युद्ध, सूखा)
- योजना अवकाश 1966–69 — तीन वार्षिक योजनाएँ, हरित क्रांति
- चौथी 1969–74: स्थिरता के साथ विकास; पाँचवीं 1974–78: गरीबी हटाओ
- अनवरत योजना 1978–80; छठी 1980–85 गरीबी उन्मूलन; सातवीं 1985–90 भोजन-काम-उत्पादकता
- वार्षिक योजनाएँ 1990–92; आठवीं 1992–97 मानव संसाधन विकास, सांकेतिक नियोजन
- नौवीं सामाजिक न्याय; दसवीं निगरानी-योग्य लक्ष्य; ग्यारहवीं समावेशी; बारहवीं (2012–17) समावेशी + सतत
- नीति आयोग 1 जनवरी 2015 — अध्यक्ष PM, उपाध्यक्ष, CEO, गवर्निंग काउंसिल
- प्रथम उपाध्यक्ष पनगढ़िया, प्रथम CEO खुल्लर; 15-7-3 वर्ष के दस्तावेज़; धन-आवंटन नहीं
16. अभ्यास
इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों के क्विज़ में योजना-पूर्व प्रयास, योजना आयोग, NDC, बारह योजनाओं के मॉडल-लक्ष्य और नीति आयोग की संरचना शामिल हैं। हर गलत उत्तर के बाद ऊपर की बड़ी तालिका में उस योजना की पंक्ति दोबारा पढ़ें। राष्ट्रीय आय की शब्दावली के लिए राष्ट्रीय आय: GDP, GNP, NDP, NNP वाला नोट भी देखें।
17. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?
भारत की योजना-यात्रा विश्वेश्वरैया और बॉम्बे योजना जैसे विचारों से शुरू होकर योजना आयोग की पंचवर्षीय योजनाओं और अंततः नीति आयोग के थिंक-टैंक मॉडल तक पहुँची। पहली योजना ने कृषि, दूसरी ने भारी उद्योग की नींव रखी; तीसरी की विफलता के बाद योजना अवकाश आया; चौथी से सातवीं तक स्थिरता, गरीबी उन्मूलन और रोज़गार केंद्र में रहे; और आठवीं से बारहवीं तक सुधार, मानव संसाधन, समावेशन और सततता प्रमुख बने। योजना आयोग ऊपर से नीचे की, धन-आवंटन वाली संस्था थी, जबकि नीति आयोग नीचे से ऊपर की, सहकारी संघवाद वाली परामर्शदात्री संस्था है। परीक्षा के लिए अवधि, मॉडल, नारे और संस्थाओं की प्रकृति पक्के करें; नीति आयोग के वर्तमान पदाधिकारी और सूचकांक-रैंकिंग जैसे बदलते तथ्य आधिकारिक स्रोत से जाँचें।
योजना आयोग 1950 (गैर-संवैधानिक) | NDC 1952 | पहली — हैरोड-डोमर, दूसरी — महालनोबिस | अवकाश 1966–69 | अनवरत 1978–80 | 12वीं — समावेशी व सतत | नीति आयोग 1-1-2015, अध्यक्ष PM, 15-7-3
इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?
“भारत में आर्थिक नियोजन: 12 पंचवर्षीय योजनाएँ, योजना आयोग, NDC और नीति आयोग — RAS, UPSC, SSC” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।
- भारत में योजना और नीति आयोग — अभ्यास क्विज़25 प्रश्नों से खुद को परखें
- गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास — अभ्यास क्विज़अभ्यास शुरू करें
- मुद्रा, बैंकिंग, RBI और मौद्रिक नीति — अभ्यास क्विज़25 प्रश्नों का क्विज़ दें
- बजट, राजकोषीय नीति, कर और GST — अभ्यास क्विज़अपनी तैयारी जाँचें
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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से हुई। यह न संवैधानिक था न वैधानिक, और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसके पहले अध्यक्ष थे।
भारत में 12 पंचवर्षीय योजनाएँ लागू हुईं — पहली 1951–56 से अंतिम बारहवीं 2012–17 तक। इनके बीच योजना अवकाश, अनवरत योजना और वार्षिक योजनाओं के अंतराल भी रहे।
पहली योजना (1951–56) हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और कृषि पर केंद्रित थी। दूसरी योजना (1956–61) पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी और भारी उद्योगों पर केंद्रित थी।
तीसरी योजना की विफलता के बाद 1966 से 1969 तक पंचवर्षीय योजना की जगह तीन वार्षिक योजनाएँ चलीं, इसे योजना अवकाश कहा जाता है। इसी दौरान हरित क्रांति की शुरुआत हुई।
अनवरत योजना वह योजना है जिसकी हर वर्ष समीक्षा कर एक नया वर्ष जोड़ा जाता है। भारत में जनता सरकार ने इसे 1978–80 में लागू किया था।
राष्ट्रीय विकास परिषद 6 अगस्त 1952 को बनी एक गैर-संवैधानिक संस्था है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और सभी मुख्यमंत्री सदस्य होते हैं। पंचवर्षीय योजना को अंतिम स्वीकृति NDC देती थी।
नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई। इसका पूरा नाम National Institution for Transforming India है और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
योजना आयोग ऊपर से नीचे की योजना बनाता था और धन-आवंटन में भूमिका निभाता था, जबकि नीति आयोग नीचे से ऊपर के दृष्टिकोण वाला थिंक टैंक है जिसके पास धन-आवंटन का अधिकार नहीं है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में सभी मुख्यमंत्री शामिल होते हैं।
बॉम्बे योजना 1944 में जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला सहित आठ प्रमुख उद्योगपतियों ने बनाई थी। इसमें तीव्र औद्योगीकरण और आधारभूत उद्योगों में राज्य की भूमिका पर ज़ोर था।
बारहवीं योजना (2012–17) का लक्ष्य 'तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास' था। यह भारत की अंतिम पंचवर्षीय योजना थी।
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