गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास — गरीबी समितियाँ, MPI, बेरोज़गारी के प्रकार, PLFS, HDI — RAS, UPSC
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RPSC RAS, UPSC CSE प्रारंभिक, SSC व बैंकिंग पाठ्यक्रम की अर्थव्यवस्था इकाई; NCERT अर्थशास्त्र पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 9–12) तथा RBI व भारत सरकार के आधिकारिक प्रकाशनों की मानक परिभाषाएँ। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
सुयोग AI गुरु
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संक्षिप्त उत्तर: निरपेक्ष (absolute) गरीबी एक न्यूनतम जीवन-स्तर (भोजन, कपड़ा, आवास) से नीचे रहने की स्थिति है, जबकि सापेक्ष (relative) गरीबी समाज के दूसरे वर्गों की तुलना में आय-असमानता को दर्शाती है। भारत में गरीबी रेखा तय करने वाली प्रमुख समितियाँ हैं — अलघ (1979) — कैलोरी मानक ग्रामीण 2400, शहरी 2100; लकड़ावाला (1993) — राज्य-विशेष गरीबी रेखाएँ; तेंदुलकर (2009) — कैलोरी से हटकर स्वास्थ्य-शिक्षा सहित उपभोग टोकरी; और रंगराजन (2014)। बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) को UNDP और OPHI ने विकसित किया, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर में वंचनाओं को मापता है; नीति आयोग राष्ट्रीय MPI तैयार करता है। बेरोज़गारी के प्रकार — संरचनात्मक, प्रच्छन्न (कृषि में, सीमांत उत्पादकता शून्य), मौसमी, घर्षणात्मक, चक्रीय और शिक्षित। रोज़गार के आँकड़े NSO का आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) देता है, जिसमें सामान्य स्थिति (Usual Status, 365 दिन) और वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS, 7 दिन) दो मुख्य माप हैं। मानव विकास सूचकांक (HDI) — UNDP, पहली रिपोर्ट 1990, महबूब-उल-हक़ ने अमर्त्य सेन के साथ विकसित किया; तीन आयाम स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन-स्तर, और 2010 से ज्यामितीय माध्य से गणना।
संक्षिप्त उत्तर
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| अलघ समिति / टास्क फोर्स | 1979; कैलोरी आधार — ग्रामीण 2400, शहरी 2100 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन |
| लकड़ावाला विशेषज्ञ समूह | 1993; राज्य-विशेष गरीबी रेखा; ग्रामीण हेतु CPI-AL, शहरी हेतु CPI-IW से समायोजन |
| तेंदुलकर समिति | 2009; कैलोरी मानक छोड़ा, स्वास्थ्य व शिक्षा व्यय सहित उपभोग टोकरी; MRP आधार |
| रंगराजन समिति | 2014; ग्रामीण-शहरी अलग टोकरी, कैलोरी के साथ प्रोटीन व वसा मानक तथा गैर-खाद्य आवश्यकताएँ |
| वैश्विक MPI | UNDP + OPHI (ऑक्सफ़ोर्ड), 2010 की मानव विकास रिपोर्ट से |
| राष्ट्रीय MPI (भारत) | नीति आयोग; NFHS के आँकड़ों पर आधारित |
| प्रच्छन्न बेरोज़गारी | मुख्यतः कृषि में; अतिरिक्त श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य |
| रोज़गार सर्वेक्षण | PLFS — NSO (MoSPI), 2017 से |
| Usual Status / CWS | संदर्भ अवधि 365 दिन / 7 दिन |
| NREGA | 2005 में पारित; ग्रामीण परिवार को वित्त वर्ष में 100 दिन का गारंटीशुदा रोज़गार; 2009 में नाम MGNREGA; 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G अधिनियम, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित |
| IRDP | 1978-79 में प्रारंभ, 2 अक्टूबर 1980 से पूरे देश में |
| NRLM (आजीविका) | 2011; बाद में DAY-NRLM |
| PMKVY | 2015; कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय |
| HDI | UNDP, पहली मानव विकास रिपोर्ट 1990; महबूब-उल-हक़ व अमर्त्य सेन |
| HDI के आयाम | दीर्घ व स्वस्थ जीवन, ज्ञान, सभ्य जीवन-स्तर |
| HDI गणना | 2010 से तीनों आयाम-सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य (पहले समांतर माध्य) |
| सूत्र | रूप |
|---|---|
| गरीबी अनुपात (Head Count Ratio) | गरीबी रेखा से नीचे लोग / कुल जनसंख्या × 100 |
| बेरोज़गारी दर (UR) | बेरोज़गार / श्रम बल × 100 |
| श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) | श्रम बल / कुल जनसंख्या × 100 |
| कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR) | नियोजित व्यक्ति / कुल जनसंख्या × 100 |
| श्रम बल | नियोजित + बेरोज़गार (काम ढूँढने वाले/उपलब्ध) |
| HDI (2010 से) | ∛(स्वास्थ्य सूचकांक × शिक्षा सूचकांक × आय सूचकांक) |
| आयाम सूचकांक | (वास्तविक मान − न्यूनतम) / (अधिकतम − न्यूनतम) |
2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास भारतीय अर्थव्यवस्था के "विकास बनाम संवृद्धि" वाले भाग का केंद्र है। UPSC और RAS प्रारंभिक में समितियों के आधार, MPI और HDI की कार्यप्रणाली तथा बेरोज़गारी के प्रकारों पर कथन-आधारित प्रश्न आते हैं; RAS मुख्य परीक्षा में राजस्थान के संदर्भ में ग्रामीण रोज़गार योजनाओं और मानव विकास पर लिखना होता है; SSC, बैंकिंग और CET में योजनाओं के वर्ष, समितियों के नाम और HDI के जनक जैसे सीधे तथ्य पूछे जाते हैं। योजनाओं की व्यापक पृष्ठभूमि भारत में योजना और नीति आयोग में, और प्रति व्यक्ति आय की अवधारणा राष्ट्रीय आय (GDP, GNP) वाले नोट में देखें।
परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★
- UPSC प्रारंभिक — MPI/HDI की कार्यप्रणाली, PLFS की अवधारणाएँ, प्रच्छन्न बेरोज़गारी
- RAS प्रारंभिक व मुख्य — गरीबी समितियाँ, MGNREGA, आजीविका, मानव विकास
- IBPS / SBI — योजनाओं के वर्ष और मंत्रालय, HDI के आयाम
- SSC CGL / CHSL — समिति-वर्ष मिलान, बेरोज़गारी के प्रकार
- राजस्थान CET (स्नातक) — एक-पंक्ति तथ्य
सावधानी: बदलने वाले आँकड़े
गरीबी का प्रतिशत, MPI में गरीबों की संख्या, बेरोज़गारी दर और HDI में भारत की रैंक हर सर्वेक्षण या रिपोर्ट के साथ बदलते हैं। इस नोट में ये आँकड़े याद करने के लिए नहीं दिए गए हैं; परीक्षा से पहले नीति आयोग, MoSPI (PLFS) और UNDP की नवीनतम रिपोर्ट से जाँचें।
3. गरीबी: अवधारणा और प्रकार
| आधार | निरपेक्ष गरीबी (Absolute) | सापेक्ष गरीबी (Relative) |
|---|---|---|
| अर्थ | न्यूनतम आवश्यकताओं (भोजन, कपड़ा, आवास, स्वास्थ्य) की पूर्ति न हो पाना | समाज के अन्य वर्गों की तुलना में कम आय/उपभोग |
| मापन | गरीबी रेखा (उपभोग व्यय/कैलोरी) | आय-वितरण — लॉरेंज वक्र, गिनी गुणांक |
| किन देशों में मुख्य चिंता | विकासशील देश (भारत) | विकसित देश |
| समाप्ति | संभव — सभी को न्यूनतम स्तर से ऊपर लाकर | पूर्णतः समाप्त करना कठिन, जब तक असमानता बनी रहे |
असमानता के माप
- लॉरेंज वक्र: जनसंख्या के संचयी प्रतिशत और आय के संचयी प्रतिशत का वक्र। समानता रेखा (45°) से वक्र जितना दूर, असमानता उतनी अधिक।
- गिनी गुणांक: 0 = पूर्ण समानता, 1 = पूर्ण असमानता। लॉरेंज वक्र और समानता रेखा के बीच के क्षेत्रफल पर आधारित।
अन्य गरीबी-शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दीर्घकालीन (Chronic) गरीब | हमेशा गरीब रहने वाले |
| अस्थायी (Transient) गरीब | कभी गरीबी रेखा से ऊपर, कभी नीचे (जैसे मौसमी श्रमिक) |
| गरीबी अंतराल (Poverty gap) | गरीबों की औसत आय, गरीबी रेखा से कितनी नीचे है — गरीबी की गहराई |
| गरीबी अनुपात (HCR) | गरीबी रेखा से नीचे जनसंख्या का प्रतिशत |
उदाहरण: 2000 लोगों के किसी गाँव में 260 लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। गरीबी अनुपात = 260 / 2000 × 100 = 13%।
4. भारत में गरीबी रेखा: समितियाँ और उनका आधार
| समिति / समूह | वर्ष | मुख्य आधार और योगदान |
|---|---|---|
| योजना आयोग का कार्यकारी समूह | 1962 | प्रति व्यक्ति मासिक उपभोग व्यय के आधार पर पहली राष्ट्रीय गरीबी रेखा का प्रयास |
| दांडेकर और रथ (अध्ययन) | 1971 | औसत 2250 कैलोरी प्रतिदिन के आधार पर गरीबी का अनुमान |
| वाई. के. अलघ (टास्क फोर्स) | 1979 | कैलोरी मानक — ग्रामीण 2400, शहरी 2100 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन; इस कैलोरी के अनुरूप उपभोग व्यय = गरीबी रेखा |
| डी. टी. लकड़ावाला (विशेषज्ञ समूह) | 1993 | कैलोरी आधार जारी, पर राज्य-विशेष गरीबी रेखाएँ; ग्रामीण रेखा CPI-AL और शहरी रेखा CPI-IW से अद्यतन |
| सुरेश तेंदुलकर (विशेषज्ञ समूह) | 2009 | कैलोरी मानक छोड़ा; स्वास्थ्य व शिक्षा व्यय सहित उपभोग टोकरी; ग्रामीण-शहरी के लिए एक समान टोकरी (शहरी गरीबी रेखा की टोकरी का आधार); URP के स्थान पर MRP विधि |
| सी. रंगराजन (विशेषज्ञ समूह) | 2014 | ग्रामीण व शहरी के लिए अलग टोकरी; कैलोरी, प्रोटीन और वसा के पोषण मानक तथा आवश्यक गैर-खाद्य मदें (शिक्षा, कपड़े, किराया, परिवहन) |
URP और MRP का अंतर
| विधि | अर्थ |
|---|---|
| URP (Uniform Recall Period) | सभी मदों के लिए एक समान संदर्भ अवधि (30 दिन) |
| MRP (Mixed Recall Period) | कम-बार खरीदी जाने वाली मदों (कपड़े, जूते, टिकाऊ वस्तुएँ, शिक्षा, संस्थागत स्वास्थ्य) के लिए 365 दिन, बाकी के लिए 30 दिन |
| MMRP (Modified MRP) | कुछ खाद्य मदों के लिए 7 दिन की संदर्भ अवधि भी |
ध्यान दें: तेंदुलकर और रंगराजन समितियों के गरीबी प्रतिशत और "प्रतिदिन रुपये" वाली रेखाएँ विशेष वर्षों के आँकड़े हैं; आधिकारिक गरीबी अनुमान की वर्तमान स्थिति नीति आयोग/सरकारी स्रोत से जाँचें।
5. बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI)
आय-आधारित गरीबी रेखा केवल उपभोग देखती है, जबकि MPI यह देखता है कि एक ही व्यक्ति/परिवार एक साथ कितनी वंचनाओं (deprivations) से जूझ रहा है।
| बिंदु | वैश्विक MPI | राष्ट्रीय MPI (भारत) |
|---|---|---|
| विकसित करने वाले | UNDP और OPHI (Oxford Poverty and Human Development Initiative) | नीति आयोग (वैश्विक कार्यप्रणाली पर आधारित) |
| शुरुआत | 2010 की मानव विकास रिपोर्ट | राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग की रिपोर्टें |
| आयाम | स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन-स्तर (HDI जैसे ही तीन) | वही तीन आयाम |
| संकेतक | 10 संकेतक (जैसे पोषण, बाल मृत्यु, स्कूली वर्ष, उपस्थिति, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, परिसंपत्तियाँ) | वैश्विक संकेतकों के साथ कुछ अतिरिक्त (जैसे मातृ स्वास्थ्य, बैंक खाता) |
| गरीब कौन | जो भारित संकेतकों के कम से कम एक-तिहाई में वंचित हो | इसी सिद्धांत पर |
| गणना विधि | अल्काइर-फ़ॉस्टर (Alkire–Foster) विधि | वही |
| डेटा स्रोत | घरेलू सर्वेक्षण | राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) |
MPI के दो घटक: H (Headcount) = बहुआयामी गरीबों का अनुपात; A (Intensity) = गरीबों में वंचनाओं की औसत तीव्रता। MPI = H × A। (MPI में भारत के गरीबों का प्रतिशत या संख्या हर रिपोर्ट के साथ बदलती है — आधिकारिक रिपोर्ट से जाँचें।)
6. बेरोज़गारी: प्रकार
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण / क्षेत्र |
|---|---|---|
| संरचनात्मक (Structural) | अर्थव्यवस्था की संरचना, तकनीक या कौशल-माँग में बदलाव से श्रमिक के कौशल और उपलब्ध नौकरियों में बेमेल; दीर्घकालीन | मशीनीकरण से हथकरघा बुनकरों का बेरोज़गार होना; पूँजी की कमी |
| प्रच्छन्न / छिपी (Disguised) | काम में लगे दिखते हैं, पर ज़रूरत से अधिक; उन्हें हटा दें तो उत्पादन नहीं घटेगा — सीमांत उत्पादकता शून्य | छोटे खेत पर पूरा परिवार; मुख्यतः कृषि में |
| मौसमी (Seasonal) | वर्ष के कुछ महीनों में काम नहीं | कृषि के खाली मौसम में; पर्यटन, बर्फ़ के कारखाने |
| घर्षणात्मक (Frictional) | एक नौकरी छोड़कर दूसरी ढूँढने के बीच की अस्थायी अवधि; सूचना की कमी | नौकरी बदलने वाला व्यक्ति |
| चक्रीय (Cyclical) | व्यापार चक्र की मंदी में माँग घटने से; माँग-न्यूनता वाली बेरोज़गारी | मंदी के समय उद्योगों में छँटनी |
| शिक्षित (Educated) | शिक्षित व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार काम न मिलना | मुख्यतः शहरी; डिग्रीधारी युवा |
| खुली (Open) | काम करने को इच्छुक व सक्षम, पर कोई काम नहीं | शहरी व ग्रामीण दोनों |
| अल्प-रोज़गार (Underemployment) | क्षमता से कम घंटे या कम उत्पादक काम | अनौपचारिक क्षेत्र |
| तकनीकी (Technological) | नई तकनीक के कारण श्रम की माँग घटना | स्वचालन — संरचनात्मक का एक रूप |
भारत की स्थिति (अवधारणात्मक): ग्रामीण भारत में प्रच्छन्न और मौसमी बेरोज़गारी प्रमुख मानी जाती है, जबकि शहरी भारत में शिक्षित और खुली बेरोज़गारी। प्राकृतिक बेरोज़गारी दर = घर्षणात्मक + संरचनात्मक (चक्रीय नहीं)।
7. रोज़गार का मापन: PLFS और स्थिति की अवधारणाएँ
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| सर्वेक्षण | आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey, PLFS) |
| संचालक | राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), MoSPI |
| शुरुआत | 2017 (पहली वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 की) |
| पहले | NSSO के पंचवर्षीय रोज़गार-बेरोज़गारी सर्वेक्षण; श्रम ब्यूरो के वार्षिक सर्वेक्षण |
| मुख्य संकेतक | LFPR, WPR, बेरोज़गारी दर (UR) |
| स्थिति | संदर्भ अवधि | व्याख्या |
|---|---|---|
| सामान्य स्थिति (Usual Status) — मुख्य (ps) | पिछले 365 दिन | व्यक्ति ने वर्ष के अधिकांश समय (मुख्य रूप से) कौन-सी गतिविधि की |
| सामान्य स्थिति — मुख्य + सहायक (ps+ss) | पिछले 365 दिन | मुख्य गतिविधि के साथ कम से कम 30 दिन की सहायक आर्थिक गतिविधि भी गिनी जाती है |
| वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) | पिछले 7 दिन | सप्ताह के किसी भी दिन कम से कम 1 घंटा काम किया हो तो नियोजित |
| वर्तमान दैनिक स्थिति (CDS) | सप्ताह का हर दिन (आधे-आधे दिन की इकाई) | व्यक्ति-दिवस के आधार पर; बेरोज़गारी की तीव्रता का सबसे सूक्ष्म माप |
सामान्य नियम: Usual Status दीर्घकालीन (दीर्घकालिक/दीर्घ) बेरोज़गारी दिखाता है; CWS अल्पकालिक व मौसमी बदलाव पकड़ता है।
हल किया गया उदाहरण
किसी क्षेत्र की कुल जनसंख्या 1000 है। इनमें 470 नियोजित हैं और 30 बेरोज़गार (काम ढूँढ रहे/उपलब्ध) हैं।
- श्रम बल = 470 + 30 = 500
- बेरोज़गारी दर = 30 / 500 × 100 = 6% (भाग श्रम बल से, जनसंख्या से नहीं)
- LFPR = 500 / 1000 × 100 = 50%
- WPR = 470 / 1000 × 100 = 47%
8. प्रमुख रोज़गार और गरीबी-उन्मूलन कार्यक्रम
| कार्यक्रम | वर्ष | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| काम के बदले अनाज (Food for Work) | 1977 | मज़दूरी के रूप में अनाज |
| IRDP (एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम) | 1978-79 (प्रारंभ), 2 अक्टूबर 1980 से पूरे देश में | ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वरोज़गार हेतु सब्सिडी व बैंक ऋण से परिसंपत्ति |
| TRYSEM | 1979 | ग्रामीण युवाओं को स्वरोज़गार हेतु प्रशिक्षण |
| जवाहर रोज़गार योजना (JRY) | 1989 | NREP और RLEGP का विलय; ग्रामीण मज़दूरी रोज़गार |
| स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोज़गार योजना (SGSY) | 1999 | IRDP, TRYSEM आदि का विलय; स्वयं सहायता समूह आधारित |
| संपूर्ण ग्रामीण रोज़गार योजना (SGRY) | 2001 | मज़दूरी रोज़गार व खाद्य सुरक्षा |
| NREGA / MGNREGA | अधिनियम 2005; लागू फरवरी 2006; नाम परिवर्तन 2 अक्टूबर 2009 | ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को अकुशल शारीरिक श्रम का वित्त वर्ष में 100 दिन का गारंटीशुदा मज़दूरी रोज़गार; माँग के 15 दिन में काम नहीं तो बेरोज़गारी भत्ता; कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएँ |
| PMEGP | 2008 | सूक्ष्म उद्यम हेतु ऋण-संबद्ध सब्सिडी; नोडल एजेंसी KVIC |
| NRLM — आजीविका | जून 2011 | SGSY का पुनर्गठन; ग्रामीण गरीब महिलाओं के स्वयं सहायता समूह; बाद में दीनदयाल अंत्योदय योजना–NRLM (DAY-NRLM) |
| PMKVY (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) | 2015 | युवाओं का अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण व प्रमाणन; कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, NSDC के माध्यम से |
MGNREGA पर वर्तमान स्थिति की सावधानी: ऊपर दिए तथ्य मूल 2005 के अधिनियम के हैं। दिसंबर 2025 में पारित विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) ने MGNREGA का स्थान लिया है; यह 1 जुलाई 2026 से लागू है और प्रति ग्रामीण परिवार वित्त वर्ष में कम से कम 125 दिन के मज़दूरी रोज़गार की गारंटी देता है। इसके नियमों के विवरण के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय का आधिकारिक स्रोत देखें।
9. मानव विकास सूचकांक (HDI)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रकाशक | संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) — मानव विकास रिपोर्ट (HDR) |
| पहली रिपोर्ट | 1990 |
| विकसित करने वाले | पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक़, अमर्त्य सेन के सहयोग से |
| विचार का आधार | अमर्त्य सेन का क्षमता दृष्टिकोण (Capability approach) — विकास = लोगों के विकल्पों का विस्तार |
| मान की सीमा | 0 से 1 |
| गणना | 2010 से तीन आयाम-सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य; उससे पहले समांतर माध्य |
तीन आयाम और संकेतक
| आयाम | संकेतक |
|---|---|
| दीर्घ व स्वस्थ जीवन (स्वास्थ्य) | जन्म के समय जीवन प्रत्याशा |
| ज्ञान (शिक्षा) | स्कूली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष (बच्चों हेतु) और स्कूली शिक्षा के औसत वर्ष (25 वर्ष+ वयस्कों हेतु) |
| सभ्य जीवन-स्तर | प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI), क्रय शक्ति समता (PPP) डॉलर में, लघुगणक रूप में |
ज्यामितीय माध्य क्यों?
समांतर माध्य में एक आयाम की कमी दूसरे की अधिकता से पूरी हो जाती थी (पूर्ण प्रतिस्थापन)। ज्यामितीय माध्य में किसी एक आयाम का बहुत कम होना पूरे HDI को नीचे खींचता है — इसलिए संतुलित विकास को महत्व मिलता है।
हल किया गया उदाहरण: किसी देश के स्वास्थ्य, शिक्षा और आय सूचकांक क्रमशः 0.8, 0.6 और 0.45 हैं।
- HDI (ज्यामितीय माध्य) = ∛(0.8 × 0.6 × 0.45) = ∛0.216 = 0.6
- तुलना के लिए समांतर माध्य = (0.8 + 0.6 + 0.45) / 3 ≈ 0.617 — ज्यामितीय माध्य कभी समांतर माध्य से अधिक नहीं होता
आयाम सूचकांक का उदाहरण: UNDP की तकनीकी टिप्पणी में जीवन प्रत्याशा के लिए न्यूनतम 20 और अधिकतम 85 वर्ष के लक्ष्य-मान (goalposts) दिए जाते रहे हैं (UNDP इन्हें संशोधित कर सकता है)। जीवन प्रत्याशा 72 वर्ष हो तो स्वास्थ्य सूचकांक = (72 − 20) / (85 − 20) = 52/65 = 0.8।
HDI की श्रेणियाँ और संबंधित सूचकांक
| सूचकांक | क्या मापता है |
|---|---|
| IHDI (असमानता-समायोजित HDI) | आयामों में असमानता घटाने के बाद HDI (2010 से) |
| GII (लैंगिक असमानता सूचकांक) | प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तीकरण, श्रम बाज़ार में लैंगिक असमानता (2010 से) |
| GDI (लैंगिक विकास सूचकांक) | महिलाओं और पुरुषों के HDI का अनुपात |
| MPI | बहुआयामी गरीबी (2010 से) |
UNDP देशों को HDI मान के आधार पर अति उच्च, उच्च, मध्यम और निम्न मानव विकास की श्रेणियों में रखता है। भारत की वर्तमान रैंक और मान हर रिपोर्ट के साथ बदलते हैं — नवीनतम मानव विकास रिपोर्ट से जाँचें।
10. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)
Trap 1: अलघ के कैलोरी मानक उलटना
ग्रामीण 2400 और शहरी 2100 — ग्रामीण अधिक, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में शारीरिक श्रम अधिक है। "शहरी 2400" — गलत।
Trap 2: तेंदुलकर ने कैलोरी आधार छोड़ा
कैलोरी को प्रत्यक्ष आधार अलघ और लकड़ावाला ने बनाया था। तेंदुलकर समिति (2009) ने कैलोरी मानक से हटकर स्वास्थ्य-शिक्षा सहित उपभोग टोकरी अपनाई। "तेंदुलकर ने 2400/2100 कैलोरी मानक दिया" — गलत।
Trap 3: प्रच्छन्न बेरोज़गारी किस क्षेत्र में
प्रच्छन्न बेरोज़गारी मुख्यतः कृषि में है, जहाँ अतिरिक्त श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है। "प्रच्छन्न बेरोज़गारी मुख्यतः शहरी उद्योगों में" — गलत।
Trap 4: बेरोज़गारी दर का हर
बेरोज़गारी दर = बेरोज़गार / श्रम बल × 100, कुल जनसंख्या से नहीं। ऊपर के उदाहरण में 30/1000 = 3% लिखना गलत है; सही उत्तर 6% है।
Trap 5: HDI के जनक
HDI को महबूब-उल-हक़ ने विकसित किया, अमर्त्य सेन के साथ। विश्व बैंक या IMF HDI प्रकाशित नहीं करते — यह UNDP की मानव विकास रिपोर्ट में आता है।
Trap 6: HDI में प्रति व्यक्ति GDP या GNI?
वर्तमान HDI में जीवन-स्तर का संकेतक प्रति व्यक्ति GNI (PPP) है। पुरानी पुस्तकों में "प्रति व्यक्ति GDP" लिखा मिलता है — 2010 के बाद GNI।
Trap 7: MPI किसने बनाया
वैश्विक MPI UNDP और OPHI का है; नीति आयोग राष्ट्रीय MPI बनाता है। MPI में "गरीब" वह है जो भारित संकेतकों के कम से कम एक-तिहाई में वंचित हो।
Trap 8: MGNREGA में "प्रति व्यक्ति" नहीं, "प्रति परिवार"
मूल अधिनियम में 100 दिन का रोज़गार प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वित्त वर्ष है, प्रति व्यक्ति नहीं। अधिनियम 2005 का है; "महात्मा गांधी" नाम 2009 में जुड़ा।
Trap 9: CWS में "1 घंटा"
CWS में व्यक्ति नियोजित है यदि सप्ताह के किसी भी दिन कम से कम 1 घंटा काम किया हो। Usual Status की संदर्भ अवधि 365 दिन है, 7 दिन नहीं।
11. Most-Asked रिवीज़न तालिका (50 तथ्य)
| # | प्रश्न / बिंदु | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | न्यूनतम आवश्यकताएँ भी पूरी न होना | निरपेक्ष गरीबी |
| 2 | दूसरों की तुलना में कम आय | सापेक्ष गरीबी |
| 3 | सापेक्ष गरीबी/असमानता का माप | लॉरेंज वक्र, गिनी गुणांक |
| 4 | गिनी गुणांक 0 | पूर्ण समानता |
| 5 | गिनी गुणांक 1 | पूर्ण असमानता |
| 6 | अलघ टास्क फोर्स | 1979 |
| 7 | अलघ — ग्रामीण कैलोरी | 2400 |
| 8 | अलघ — शहरी कैलोरी | 2100 |
| 9 | दांडेकर-रथ अध्ययन | 1971, 2250 कैलोरी |
| 10 | लकड़ावाला विशेषज्ञ समूह | 1993 |
| 11 | राज्य-विशेष गरीबी रेखा | लकड़ावाला |
| 12 | लकड़ावाला — ग्रामीण अद्यतन | CPI-AL |
| 13 | लकड़ावाला — शहरी अद्यतन | CPI-IW |
| 14 | तेंदुलकर समिति | 2009 |
| 15 | कैलोरी मानक छोड़ने वाली समिति | तेंदुलकर |
| 16 | तेंदुलकर की उपभोग विधि | MRP |
| 17 | रंगराजन समिति | 2014 |
| 18 | कैलोरी, प्रोटीन, वसा — तीनों मानक | रंगराजन |
| 19 | वैश्विक MPI | UNDP + OPHI |
| 20 | MPI की शुरुआत | 2010 की HDR |
| 21 | राष्ट्रीय MPI | नीति आयोग |
| 22 | राष्ट्रीय MPI का डेटा स्रोत | NFHS |
| 23 | MPI सूत्र | H × A |
| 24 | MPI के आयाम | स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन-स्तर |
| 25 | MPI में "गरीब" | भारित संकेतकों के ≥ 1/3 में वंचित |
| 26 | सीमांत उत्पादकता शून्य | प्रच्छन्न बेरोज़गारी |
| 27 | प्रच्छन्न बेरोज़गारी का क्षेत्र | कृषि |
| 28 | कौशल-नौकरी बेमेल | संरचनात्मक |
| 29 | नौकरी बदलने के बीच | घर्षणात्मक |
| 30 | मंदी के कारण | चक्रीय |
| 31 | खेती के खाली महीनों में | मौसमी |
| 32 | प्राकृतिक बेरोज़गारी दर | घर्षणात्मक + संरचनात्मक |
| 33 | PLFS का संचालक | NSO (MoSPI) |
| 34 | PLFS की शुरुआत | 2017 |
| 35 | Usual Status की अवधि | 365 दिन |
| 36 | CWS की अवधि | 7 दिन |
| 37 | CWS में नियोजित | किसी दिन कम से कम 1 घंटा काम |
| 38 | बेरोज़गारी दर | बेरोज़गार / श्रम बल × 100 |
| 39 | श्रम बल | नियोजित + बेरोज़गार |
| 40 | NREGA पारित | 2005 |
| 41 | MGNREGA नाम | 2009 (2 अक्टूबर) |
| 42 | मूल अधिनियम में गारंटी | प्रति ग्रामीण परिवार वर्ष में 100 दिन |
| 43 | IRDP | 1978-79; 1980 से पूरे देश में |
| 44 | JRY | 1989 |
| 45 | SGSY | 1999 |
| 46 | NRLM (आजीविका) | 2011 |
| 47 | PMKVY | 2015 |
| 48 | HDI — पहली रिपोर्ट | 1990, UNDP |
| 49 | HDI के जनक | महबूब-उल-हक़ (अमर्त्य सेन के साथ) |
| 50 | HDI गणना 2010 से | ज्यामितीय माध्य |
12. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
इस अध्याय के प्रश्न प्रायः पाँच ढाँचों में आते हैं। हर ढाँचे के लिए एक नमूना (स्वयं बनाया गया) प्रश्न:
- समिति-वर्ष मिलान: "सूची-I: अलघ, लकड़ावाला, तेंदुलकर, रंगराजन — सूची-II: 2014, 1979, 2009, 1993।" (अलघ–1979, लकड़ावाला–1993, तेंदुलकर–2009, रंगराजन–2014)
- अवधारणा-पहचान: "एक खेत पर 5 लोग काम करते हैं, जबकि 3 से भी उतना ही उत्पादन हो सकता है। यह किस प्रकार की बेरोज़गारी है?" (प्रच्छन्न)
- गणना: "श्रम बल 800, बेरोज़गार 40; बेरोज़गारी दर?" (40/800 × 100 = 5%)
- कथन-आधारित: "1. HDI UNDP प्रकाशित करता है। 2. HDI की गणना समांतर माध्य से होती है। कौन-सा सही है?" (केवल 1 — 2010 से ज्यामितीय माध्य)
- योजना-तथ्य: "आजीविका (NRLM) किस वर्ष शुरू हुई?" (2011)
रणनीति: समितियों को क्रम में याद करें (79 → 93 → 2009 → 2014) और हर एक का एक मुख्य शब्द जोड़ें — कैलोरी, राज्य-विशेष, टोकरी (कैलोरी छोड़ी), अलग टोकरी + प्रोटीन-वसा।
13. इसे आसानी से याद कैसे रखें?
- "गाँव में 24, शहर में 21" — अलघ: ग्रामीण 2400, शहरी 2100 कैलोरी।
- "अ-ल-ते-रं: 79, 93, 09, 14" — अलघ, लकड़ावाला, तेंदुलकर, रंगराजन।
- "लकड़ावाला ने राज्य बाँटे" — राज्य-विशेष गरीबी रेखा।
- "तेंदुलकर ने कैलोरी का विकेट गिराया" — कैलोरी मानक छोड़ा।
- "प्रच्छन्न = छिपा = खेत में" — सीमांत उत्पादकता शून्य।
- "घर्षण = बदलाव की रगड़" — नौकरी बदलने के बीच की बेरोज़गारी।
- "Usual = साल, Weekly = हफ़्ता, 1 घंटा काफ़ी" — PLFS की स्थितियाँ।
- "हक़ का HDI, 1990 में; 2010 से ज्यामिति" — महबूब-उल-हक़, पहली रिपोर्ट 1990, ज्यामितीय माध्य 2010 से।
- "स्वास्थ्य-शिक्षा-आय = HDI भी, MPI भी" — दोनों के तीन आयाम।
14. कथन अभ्यास
अलघ टास्क फोर्स ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2400 और शहरी क्षेत्रों के लिए 2100 कैलोरी का मानक दिया। — सही।
तेंदुलकर समिति ने गरीबी रेखा को केवल कैलोरी उपभोग के आधार पर तय किया। — गलत (तेंदुलकर समिति ने कैलोरी मानक छोड़कर स्वास्थ्य-शिक्षा सहित उपभोग टोकरी अपनाई)।
लकड़ावाला विशेषज्ञ समूह ने राज्य-विशेष गरीबी रेखाओं की सिफ़ारिश की। — सही।
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक विश्व बैंक प्रकाशित करता है। — गलत (UNDP और OPHI इसे विकसित व प्रकाशित करते हैं)।
प्रच्छन्न बेरोज़गारी में अतिरिक्त श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है। — सही।
चक्रीय बेरोज़गारी नौकरी बदलने के बीच की अस्थायी अवधि में होती है। — गलत (यह घर्षणात्मक बेरोज़गारी है; चक्रीय बेरोज़गारी मंदी के कारण होती है)।
PLFS राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाता है। — सही।
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) की संदर्भ अवधि 365 दिन है। — गलत (CWS की अवधि 7 दिन है; 365 दिन Usual Status की है)।
मूल NREGA अधिनियम 2005 में ग्रामीण परिवार को एक वित्त वर्ष में 100 दिन के रोज़गार की गारंटी दी गई। — सही।
पहली मानव विकास रिपोर्ट 1990 में UNDP ने प्रकाशित की। — सही।
HDI की गणना आज भी तीन आयामों के समांतर माध्य से की जाती है। — गलत (2010 से ज्यामितीय माध्य से)।
बेरोज़गारी दर निकालने के लिए बेरोज़गारों की संख्या को कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है। — गलत (श्रम बल से भाग दिया जाता है)।
15. एक दिन पहले — 14 रेखाएँ
- निरपेक्ष गरीबी = न्यूनतम आवश्यकताएँ भी नहीं; सापेक्ष = दूसरों से तुलना (लॉरेंज, गिनी)।
- अलघ 1979 — कैलोरी: ग्रामीण 2400, शहरी 2100।
- लकड़ावाला 1993 — राज्य-विशेष रेखा; CPI-AL (ग्रामीण), CPI-IW (शहरी)।
- तेंदुलकर 2009 — कैलोरी छोड़ी, स्वास्थ्य-शिक्षा सहित टोकरी, MRP।
- रंगराजन 2014 — अलग ग्रामीण-शहरी टोकरी, कैलोरी-प्रोटीन-वसा।
- वैश्विक MPI — UNDP + OPHI, 2010; राष्ट्रीय MPI — नीति आयोग (NFHS); MPI = H × A।
- प्रच्छन्न (कृषि, MP = 0), मौसमी, संरचनात्मक, घर्षणात्मक, चक्रीय, शिक्षित।
- प्राकृतिक दर = घर्षणात्मक + संरचनात्मक।
- PLFS — NSO, 2017; Usual Status 365 दिन, CWS 7 दिन (1 घंटा)।
- UR = बेरोज़गार/श्रम बल; LFPR = श्रम बल/जनसंख्या; WPR = नियोजित/जनसंख्या।
- NREGA 2005 — 100 दिन प्रति परिवार; MGNREGA नाम 2009; 1 जुलाई 2026 से VB-G RAM G अधिनियम, 2025 (125 दिन) ने स्थान लिया।
- IRDP 1978-80, JRY 1989, SGSY 1999, NRLM 2011, PMKVY 2015।
- HDI — UNDP, 1990, महबूब-उल-हक़ + अमर्त्य सेन; स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन-स्तर (GNI PPP)।
- HDI 2010 से ज्यामितीय माध्य; रैंक और आँकड़े नवीनतम रिपोर्ट से देखें।
16. अभ्यास
नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 4 (गरीबी समितियाँ), खंड 7 (PLFS) और खंड 9 (HDI) दोबारा पढ़ें। परीक्षा-स्तर के पूर्ण अभ्यास के लिए RPSC RAS प्रारंभिक 2026 टेस्ट सीरीज़ या SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।
17. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?
गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास — तीनों का संदेश एक है: विकास को केवल आय से नहीं, लोगों के जीवन की गुणवत्ता से मापना चाहिए। परीक्षा के लिए गरीबी समितियों का क्रम और आधार, बेरोज़गारी के प्रकारों की पहचान, PLFS की संदर्भ अवधियाँ और HDI की कार्यप्रणाली स्थिर तथ्य हैं जिन्हें पक्का करना है। गरीबी का प्रतिशत, बेरोज़गारी दर और HDI रैंक बदलते आँकड़े हैं — उन्हें केवल नवीनतम आधिकारिक रिपोर्ट से लें।
अलघ 79 (2400/2100) → लकड़ावाला 93 (राज्य) → तेंदुलकर 09 (कैलोरी छोड़ी) → रंगराजन 14 | MPI = UNDP+OPHI, H × A | प्रच्छन्न = कृषि, MP शून्य | PLFS: 365 दिन / 7 दिन | HDI: UNDP 1990, हक़-सेन, 2010 से ज्यामितीय माध्य
इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?
“गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास — गरीबी समितियाँ, MPI, बेरोज़गारी के प्रकार, PLFS, HDI — RAS, UPSC” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।
- गरीबी, बेरोज़गारी और मानव विकास — अभ्यास क्विज़25 प्रश्नों से खुद को परखें
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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
निरपेक्ष गरीबी में व्यक्ति भोजन, कपड़ा, आवास जैसी न्यूनतम आवश्यकताएँ भी पूरी नहीं कर पाता और इसे गरीबी रेखा से मापा जाता है। सापेक्ष गरीबी दूसरे वर्गों की तुलना में कम आय को दर्शाती है और इसे लॉरेंज वक्र या गिनी गुणांक से मापा जाता है।
वाई. के. अलघ की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स (1979) ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2400 और शहरी क्षेत्रों के लिए 2100 कैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन का मानक दिया। इस कैलोरी के अनुरूप उपभोग व्यय को गरीबी रेखा माना गया।
तेंदुलकर समिति (2009) ने कैलोरी मानक को आधार बनाना छोड़ दिया और स्वास्थ्य व शिक्षा व्यय सहित उपभोग टोकरी अपनाई। इसने MRP (Mixed Recall Period) विधि का प्रयोग किया।
MPI को UNDP और ऑक्सफ़ोर्ड के OPHI ने 2010 में विकसित किया; यह स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर में एक साथ होने वाली वंचनाओं को मापता है। जो व्यक्ति भारित संकेतकों के कम से कम एक-तिहाई में वंचित हो, उसे बहुआयामी गरीब माना जाता है; भारत में नीति आयोग राष्ट्रीय MPI बनाता है।
जब किसी काम में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हों और कुछ को हटा देने पर भी उत्पादन न घटे, तो इसे प्रच्छन्न बेरोज़गारी कहते हैं। इसमें अतिरिक्त श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है; भारत में यह मुख्यतः कृषि में पाई जाती है।
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) रोज़गार और बेरोज़गारी के आँकड़े देने वाला सर्वेक्षण है, जिसे सांख्यिकी मंत्रालय का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) 2017 से करता है। इससे LFPR, WPR और बेरोज़गारी दर मिलती है।
Usual Status की संदर्भ अवधि पिछले 365 दिन है और यह दीर्घकालीन गतिविधि दिखाता है। Current Weekly Status की अवधि पिछले 7 दिन है; सप्ताह के किसी भी दिन कम से कम 1 घंटा काम करने वाला व्यक्ति नियोजित माना जाता है।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 में पारित हुआ और 2009 में इसका नाम MGNREGA किया गया। मूल अधिनियम में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्त वर्ष में 100 दिन के मज़दूरी रोज़गार की गारंटी थी; 1 जुलाई 2026 से इसका स्थान VB-G RAM G अधिनियम, 2025 ने ले लिया है, जो प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन की गारंटी देता है।
HDI को पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक़ ने अमर्त्य सेन के सहयोग से विकसित किया। UNDP ने पहली मानव विकास रिपोर्ट 1990 में प्रकाशित की।
HDI के तीन आयाम हैं: दीर्घ व स्वस्थ जीवन (जीवन प्रत्याशा), ज्ञान (स्कूली शिक्षा के अपेक्षित व औसत वर्ष) और सभ्य जीवन-स्तर (प्रति व्यक्ति GNI, PPP)। 2010 से इन तीनों आयाम-सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य लेकर HDI निकाला जाता है।
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