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सामान्य विज्ञान

पोषण, विटामिन, खनिज और रोग — कमी रोग, जीवाणु-विषाणु-प्रोटोज़ोआ रोग, वाहक, टीके — SSC/रेलवे/CET

सुधीर ढाका (इतिहास, कला-संस्कृति, हिंदी व्याकरण व सामान्य विज्ञान नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
25 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: SSC, RRB NTPC, अग्निवीर व RSSB CET पाठ्यक्रम की सामान्य विज्ञान इकाई; NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–10) और SI मात्रक प्रणाली। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: भोजन के मुख्य पोषक तत्व हैं — कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, साथ में रेशा (रुक्षांश) और जल; ऊर्जा मान लगभग कार्बोहाइड्रेट 4, प्रोटीन 4 और वसा 9 kcal प्रति ग्राम है। विटामिन A, D, E, K वसा-विलेय और B व C जल-विलेय हैं; कमी से रोग — A — रतौंधी, B1 (थायमिन) — बेरी-बेरी, B3 (नियासिन) — पेलाग्रा, B12 — रक्ताल्पता, C (एस्कॉर्बिक अम्ल) — स्कर्वी, D — रिकेट्स और K की कमी से रक्त का थक्का देर से बनता है। खनिजों में आयरन की कमी से एनीमिया और आयोडीन की कमी से घेंघा होता है; प्रोटीन की कमी से क्वाशियोरकर और प्रोटीन व ऊर्जा दोनों की कमी से मरास्मस होता है। टीबी, हैजा, टाइफ़ाइड, टिटनेस, डिप्थीरिया, कुष्ठ, प्लेग जीवाणु जनित, जबकि AIDS (HIV), पोलियो, खसरा, चेचक, रेबीज़, डेंगू, इन्फ्लुएंज़ा, COVID-19 (SARS-CoV-2) और हेपेटाइटिस विषाणु जनित रोग हैं। मलेरिया प्रोटोज़ोआ प्लाज़्मोडियम से होता है और मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर फैलाती है; डेंगू व चिकनगुनिया एडीज़ से और फ़ाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर से फैलता है; कालाज़ार का रोगाणु लीशमैनिया और वाहक सैंडफ़्लाई है। चेचक का टीका एडवर्ड जेनर ने, रेबीज़ का टीका लुई पाश्चर ने बनाया; पेनिसिलिन की खोज अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग (1928) ने की और BCG का टीका टीबी से बचाव के लिए दिया जाता है।


संक्षिप्त उत्तर

विटामिनरासायनिक नामकमी से रोग
Aरेटिनॉलरतौंधी, ज़ीरोफ़्थैल्मिया
B1थायमिनबेरी-बेरी
B3नियासिनपेलाग्रा
B12सायनोकोबालामिनरक्ताल्पता (एनीमिया)
Cएस्कॉर्बिक अम्लस्कर्वी
Dकैल्सिफ़ेरॉलरिकेट्स (बच्चे), ऑस्टियोमैलेशिया (वयस्क)
Kफ़ाइलोक्विनोनरक्त का थक्का देर से बनना
रोगरोगाणुप्रकारवाहक / संचरण
मलेरियाप्लाज़्मोडियमप्रोटोज़ोआमादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर
डेंगूडेंगू विषाणुविषाणुएडीज़ मच्छर
फ़ाइलेरियावुचेरेरिया (कृमि)कृमिक्यूलेक्स मच्छर
कालाज़ारलीशमैनियाप्रोटोज़ोआसैंडफ़्लाई (बालू मक्खी)
टीबीमाइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिसजीवाणुवायु (बूँदें)
AIDSHIVविषाणुसंक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, माता से शिशु

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

पोषण, विटामिन और रोग सामान्य विज्ञान का सबसे "स्कोरिंग" भाग माना जाता है, क्योंकि यहाँ के प्रश्न सीधे मिलान वाले होते हैं — विटामिन ↔ कमी रोग, रोग ↔ रोगाणु, रोग ↔ वाहक, टीका ↔ खोजकर्ता। NCERT कक्षा 6 ("भोजन के घटक"), कक्षा 8 ("सूक्ष्मजीव"), कक्षा 9 ("हम बीमार क्यों होते हैं") और कक्षा 12 ("मानव स्वास्थ्य तथा रोग") इसके आधार हैं। मानव शरीर के अंगों का संदर्भ समझने के लिए मानव शरीर के तंत्र वाला नोट साथ में पढ़ें।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • SSC CGL / CHSL / MTS / GD — विटामिन-रोग, रोग-रोगाणु, टीके व खोजें
  • RRB NTPC — जीवाणु/विषाणु/प्रोटोज़ोआ जनित रोगों का वर्गीकरण, मच्छर-वाहक
  • अग्निवीर (थल, नौसेना, वायुसेना) — कमी रोग, संक्रामक रोग, टीकाकरण
  • राजस्थान CET (12वीं व स्नातक), पटवारी — कथन-आधारित, मिलान और "कौन-सा सुमेलित नहीं है" प्रकार

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. विटामिन ↔ कमी रोग ↔ रासायनिक नाम
  2. वसा-विलेय बनाम जल-विलेय विटामिन
  3. रोग ↔ रोगाणु का प्रकार ("कौन-सा विषाणु जनित नहीं है?")
  4. रोग ↔ वाहक (एनोफ़ेलीज़/एडीज़/क्यूलेक्स/सैंडफ़्लाई)
  5. रोग ↔ प्रभावित अंग (हेपेटाइटिस — यकृत, टीबी — फेफड़े)
  6. टीका/औषधि ↔ खोजकर्ता ↔ वर्ष

3. पोषक तत्व

भोजन के वे घटक जो शरीर को ऊर्जा देते हैं, वृद्धि व मरम्मत करते हैं और रोगों से बचाते हैं, पोषक तत्व कहलाते हैं। जिस आहार में सभी पोषक तत्व, रेशा और जल उचित मात्रा में हों, उसे संतुलित आहार कहते हैं।

पोषक तत्वऊर्जा मान (लगभग)कार्यमुख्य स्रोत
कार्बोहाइड्रेट4 kcal/ग्राम (≈17 kJ)मुख्य ऊर्जा स्रोतअनाज, आलू, चीनी, गुड़, फल
प्रोटीन4 kcal/ग्राम (≈17 kJ)शरीर-निर्माण, वृद्धि, मरम्मत; एंजाइम व एंटीबॉडी भी प्रोटीन हैंदालें, दूध, अंडा, मांस, मछली, सोयाबीन, पनीर
वसा9 kcal/ग्राम (≈37 kJ)सर्वाधिक ऊर्जा; ऊर्जा का भंडार; वसा-विलेय विटामिनों का अवशोषण; ऊष्मारोधीघी, तेल, मक्खन, मेवे
विटामिनऊर्जा नहींरोगों से रक्षा, शरीर-क्रियाओं का नियमन (सूक्ष्म मात्रा में)फल, सब्ज़ियाँ, दूध, अंडा
खनिज लवणऊर्जा नहींहड्डियाँ, रक्त, तंत्रिका, हार्मोन के लिएहरी सब्ज़ियाँ, दूध, नमक, समुद्री भोजन
रेशा (रुक्षांश)मनुष्य के लिए ऊर्जा नहींसेलुलोज़ — अपचित भोजन को बाहर निकालने में सहायक, कब्ज़ से बचावसाबुत अनाज, दालें, फल-सब्ज़ियाँ (छिलके सहित)
जलऊर्जा नहींपोषक तत्वों का परिवहन, अपशिष्ट निष्कासन (मूत्र, पसीना), ताप नियंत्रणपेय, फल, सब्ज़ियाँ

3.1 कार्बोहाइड्रेट के प्रकार

प्रकारउदाहरणतथ्य
मोनोसैकेराइडग्लूकोज़, फ़्रक्टोज़ (फलों की शर्करा), गैलेक्टोज़सबसे सरल शर्करा; ग्लूकोज़ रक्त की शर्करा
डाइसैकेराइडसुक्रोज़ (गन्ने की चीनी), लैक्टोज़ (दूध की शर्करा), माल्टोज़दो शर्करा इकाइयाँ
पॉलीसैकेराइडमंड (स्टार्च), ग्लाइकोजन, सेलुलोज़पौधों में भंडार — मंड; जंतुओं में — ग्लाइकोजन (यकृत, पेशी); सेलुलोज़ — पादप भित्ति, मनुष्य पचा नहीं पाता

3.2 भोजन में पोषक तत्वों का परीक्षण (NCERT कक्षा 6)

पोषक तत्वपरीक्षणपरिणाम
मंडतनु आयोडीन घोल की बूँदेंनीला-काला रंग
प्रोटीनकॉपर सल्फ़ेट + कास्टिक सोडा घोलबैंगनी रंग
वसाकागज़ पर रगड़नातैलीय पारभासी धब्बा

4. विटामिन

"विटामिन" शब्द कैसिमिर फ़ंक (1912) ने दिया। विटामिन शरीर को बहुत कम मात्रा में चाहिए, पर इनकी कमी से विशेष रोग (हीनताजन्य रोग / कमी रोग) होते हैं। विलेयता के आधार पर दो वर्ग हैं:

आधारवसा-विलेयजल-विलेय
विटामिनA, D, E, KB-समूह, C
संचयशरीर में (मुख्यतः यकृत व वसा ऊतक) संचित हो सकते हैंप्रायः संचित नहीं; अधिक मात्रा मूत्र से बाहर
नियमित आवश्यकतारोज़ लेना उतना ज़रूरी नहींनियमित रूप से भोजन में चाहिए
अधिक मात्रा का प्रभावअधिक सेवन से विषाक्तता का ख़तरा (जैसे A, D)विषाक्तता की संभावना कम

4.1 विटामिन तालिका

विटामिनरासायनिक नामकार्यकमी से रोग / लक्षणमुख्य स्रोत
Aरेटिनॉलदृष्टि (रेटिना के वर्णक), त्वचा व आँख का स्वास्थ्यरतौंधी (मंद प्रकाश में न दिखना), ज़ीरोफ़्थैल्मिया (आँख का सूखना)गाजर, पपीता, आम, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दूध, मछली का यकृत तेल; गाजर का β-कैरोटीन शरीर में विटामिन A में बदलता है
B1थायमिनकार्बोहाइड्रेट उपापचय, तंत्रिकाबेरी-बेरी (तंत्रिका व हृदय प्रभावित, कमज़ोरी)साबुत अनाज, बिना पॉलिश किया चावल, दालें; चावल की अधिक पॉलिश से यह घटता है
B2राइबोफ़्लेविनऊर्जा उपापचयहोंठों के कोनों का फटना, जीभ व त्वचा में सूजनदूध, अंडा, हरी सब्ज़ियाँ
B3नियासिन (निकोटिनिक अम्ल)ऊर्जा उपापचय, त्वचापेलाग्रा — त्वचा शोथ, दस्त, मानसिक भ्रम ("3D")मांस, मछली, मूँगफली, अनाज
B9फ़ोलिक अम्लकोशिका विभाजन, RBC निर्माण; गर्भावस्था में विशेष महत्वरक्ताल्पता (एनीमिया)हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें
B12सायनोकोबालामिन (कोबाल्ट युक्त)RBC निर्माण, तंत्रिका तंत्ररक्ताल्पता — बड़ी, अपरिपक्व RBC वाली (मेगालोब्लास्टिक); जब कारण आँत से B12 का अवशोषण न होना हो, तो इसे घातक रक्ताल्पता (Pernicious Anaemia) कहते हैंमुख्यतः जंतु स्रोत — दूध, अंडा, मांस, मछली
Cएस्कॉर्बिक अम्लमसूड़े, त्वचा, घाव भरना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता; आयरन के अवशोषण में सहायकस्कर्वी — मसूड़ों से रक्त आना, घाव देर से भरनाआँवला, अमरूद, नींबू, संतरा (खट्टे फल), टमाटर; पकाने/गर्म करने पर आसानी से नष्ट होता है
Dकैल्सिफ़ेरॉलकैल्शियम व फ़ॉस्फ़ोरस का अवशोषण — हड्डियाँ व दाँतरिकेट्स (बच्चों में हड्डियाँ मुलायम व टेढ़ी), ऑस्टियोमैलेशिया (वयस्कों में)सूर्य का प्रकाश (त्वचा में बनता है — "सनशाइन विटामिन"), मछली का यकृत तेल, अंडे की ज़र्दी, दूध
Eटोकोफ़ेरॉलप्रति-ऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट); कोशिका झिल्ली की रक्षा; प्रजनन क्षमता से जुड़ाप्रजनन संबंधी समस्याएँ, पेशी दुर्बलतावनस्पति तेल, अंकुरित अनाज, मेवे, हरी सब्ज़ियाँ
Kफ़ाइलोक्विनोनरक्त का थक्का बननाचोट लगने पर रक्त देर तक बहना (थक्का देर से बनना)हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ; आँत के जीवाणु भी कुछ मात्रा में बनाते हैं

सटीक बात — "गर्म करने पर नष्ट होने वाला विटामिन": विटामिन C ताप और हवा (ऑक्सीकरण) से सबसे आसानी से नष्ट होता है; B-समूह के कुछ विटामिन (जैसे थायमिन) भी पकाने में आंशिक रूप से नष्ट होते हैं। इसलिए सब्ज़ियों को अधिक देर तक न उबालना और काटने के बाद न धोना बेहतर माना जाता है।


5. खनिज लवण

खनिजकार्यकमी से प्रभावस्रोत
आयरन (लौह)हीमोग्लोबिन का घटक — O₂ वहनएनीमिया (रक्ताल्पता) — थकान, पीलापनहरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ (पालक), गुड़, दालें, यकृत, मांस
आयोडीनथायरॉक्सिन हार्मोन का घटकघेंघा (गलगंड); बच्चों में मानसिक व शारीरिक विकास रुकनाआयोडीन युक्त नमक, समुद्री भोजन
कैल्शियमहड्डियाँ व दाँत; रक्त का थक्का; पेशी संकुचनहड्डियाँ व दाँत कमज़ोरदूध, पनीर, दही, हरी सब्ज़ियाँ
फ़ॉस्फ़ोरसहड्डियाँ व दाँत; ATP व DNA का घटकहड्डियाँ कमज़ोरदूध, दालें, अनाज, मांस
सोडियमशरीर में जल-लवण संतुलन, तंत्रिका आवेगकमी से पेशियों में ऐंठन, कमज़ोरी; अधिक सेवन उच्च रक्तचाप से जुड़ासाधारण नमक (NaCl)
पोटैशियमतंत्रिका आवेग, पेशी संकुचन, हृदय की लयपेशी दुर्बलताकेला, आलू, फल, सब्ज़ियाँ
फ़्लोरीनदाँतों का इनैमलकमी से दंत क्षय; पेयजल में अधिकता से फ़्लोरोसिस (दाँतों पर धब्बे, हड्डियाँ प्रभावित)पेयजल, चाय
ज़िंक (जस्ता)वृद्धि, प्रतिरक्षा, अनेक एंजाइमवृद्धि रुकनाअनाज, दालें, मांस
मैग्नीशियमपर्णहरित (क्लोरोफ़िल) का केंद्रीय तत्व; एंजाइम क्रियाएँ—हरी सब्ज़ियाँ, मेवे
कोबाल्टविटामिन B12 का घटक—B12 युक्त जंतु स्रोत

6. कुपोषण

आधारक्वाशियोरकरमरास्मस
कारणमुख्यतः प्रोटीन की कमी (कैलोरी कुछ हद तक पर्याप्त)प्रोटीन और ऊर्जा (कैलोरी) — दोनों की कमी
आयु वर्गप्रायः 1 से 5 वर्ष के बच्चे (माँ का दूध छूटने के बाद)प्रायः 1 वर्ष से कम आयु के शिशु
पहचानपेट फूला हुआ, शरीर में सूजन (शोफ), त्वचा व बालों में परिवर्तनअत्यधिक दुबलापन — "हड्डियों का ढाँचा", त्वचा झुर्रीदार, शोफ नहीं
एक पंक्ति"सूजन वाला कुपोषण""सूखा कुपोषण"

अतिपोषण: आवश्यकता से अधिक ऊर्जा (विशेषकर वसा व शर्करा) लेने से मोटापा होता है। स्वास्थ्य केवल रोग का न होना नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण कल्याण की अवस्था है (WHO की परिभाषा, NCERT कक्षा 9)।


7. रोग — वर्गीकरण

वर्गअर्थउदाहरण
संक्रामक रोगरोगाणुओं (जीवाणु, विषाणु, प्रोटोज़ोआ, कवक, कृमि) से; एक से दूसरे में फैल सकते हैंटीबी, मलेरिया, AIDS, हैजा
असंक्रामक रोगरोगाणु से नहीं; फैलते नहींमधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, कमी रोग, आनुवंशिक रोग
तीव्र (Acute)कम अवधिसर्दी-ज़ुकाम
दीर्घकालिक (Chronic)लंबी अवधिटीबी, फ़ाइलेरिया

ध्यान दें: प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) दवाएँ जीवाणुओं पर काम करती हैं, विषाणुओं पर नहीं — क्योंकि विषाणुओं में वे जैव-रासायनिक मार्ग नहीं होते जिन्हें एंटीबायोटिक रोकते हैं (NCERT कक्षा 9)।


8. जीवाणु जनित रोग

रोगरोगाणुसंचरणप्रभावित अंग / मुख्य तथ्य
क्षय रोग (टीबी)माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिसवायु — खाँसी-छींक की बूँदेंमुख्यतः फेफड़े (अन्य अंग भी); रोगाणु की खोज रॉबर्ट कोच (1882); टीका BCG
हैजाविब्रियो कॉलेरीदूषित जल व भोजन; मक्खियाँ भोजन दूषित करती हैंआँत — तीव्र दस्त, उल्टी, निर्जलीकरण; ORS (जीवन रक्षक घोल) से जल-लवण की पूर्ति
टाइफ़ाइड (मियादी बुख़ार)साल्मोनेला टाइफ़ीदूषित जल व भोजनआँत; जाँच — विडाल परीक्षण
टिटनेस (धनुस्तंभ)क्लॉस्ट्रिडियम टेटेनीघाव में मिट्टी, जंग लगी वस्तु सेतंत्रिका तंत्र — पेशियों में अकड़न, जबड़ा बंद होना (लॉकजॉ); टीका DPT/TT
डिप्थीरिया (गलघोंटू)कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरीवायु — बूँदेंगला व श्वसन मार्ग; बच्चों में अधिक; टीका DPT
काली खाँसी (कुकुर खाँसी)बोर्डेटेला पर्टुसिसवायुश्वसन तंत्र; टीका DPT (P = पर्टुसिस)
कुष्ठ रोग (हैन्सन रोग)माइकोबैक्टीरियम लेप्रीलंबे निकट संपर्क सेत्वचा व परिधीय तंत्रिकाएँ — सुन्न धब्बे; रोगाणु की खोज हैन्सन ने; उपचार MDT (बहु-औषध चिकित्सा)
प्लेगयर्सिनिया पेस्टिसचूहों पर रहने वाले पिस्सू (Rat Flea) के काटने सेलसीका ग्रंथियाँ (ब्यूबोनिक प्लेग), फेफड़े
न्यूमोनियास्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनी (कुछ विषाणु भी)वायुफेफड़े — कूपिकाओं में द्रव भरना
ट्रेकोमाक्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिससंपर्क, मक्खियाँआँख

9. विषाणु जनित रोग

रोगविषाणुसंचरणप्रभावित अंग / मुख्य तथ्य
AIDSHIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफ़िशिएंसी वायरस) — रेट्रोवायरसअसुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, संक्रमित सुई-सिरिंज, संक्रमित माता से शिशुप्रतिरक्षा तंत्र — सहायक T-लिम्फोसाइट नष्ट; छूने, साथ खाने या मच्छर से नहीं फैलता; जाँच ELISA; विश्व AIDS दिवस 1 दिसंबर
पोलियोपोलियो विषाणुदूषित जल व भोजनतंत्रिका तंत्र (मेरुरज्जु) — लकवा, मुख्यतः बच्चों में; WHO ने 2014 में भारत को पोलियो-मुक्त प्रमाणित किया
खसरामीज़ल्स (रूबियोला) विषाणुवायु — बूँदेंत्वचा पर लाल दाने, श्वसन मार्ग; टीका MR / MMR
चेचक (बड़ी माता)वेरियोला विषाणुसंपर्क, वायुत्वचा पर फफोले; WHO ने 1980 में विश्व से उन्मूलित घोषित किया; टीका — एडवर्ड जेनर
छोटी माता (चिकनपॉक्स)वेरीसेला-ज़ोस्टर विषाणुसंपर्क, वायुत्वचा पर खुजली वाले दाने; चेचक से अलग रोग
रेबीज़ (जलभीति / हाइड्रोफ़ोबिया)रेबीज़ विषाणुसंक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ आदि के काटने से (लार द्वारा)केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क); टीका — लुई पाश्चर (1885)
डेंगूडेंगू विषाणुमादा एडीज़ (एडीज़ इजिप्टी) मच्छर — प्रायः दिन में काटती हैतेज़ बुख़ार, जोड़ों-पेशियों में दर्द ("हड्डी-तोड़ बुख़ार"), प्लेटलेट्स घटना
चिकनगुनियाचिकनगुनिया विषाणुएडीज़ मच्छरबुख़ार, जोड़ों में तेज़ दर्द
पीत ज्वर (येलो फ़ीवर)पीत ज्वर विषाणुएडीज़ मच्छरयकृत (पीलिया)
जापानी मस्तिष्क ज्वर (जापानी इंसेफ़ेलाइटिस)JE विषाणुक्यूलेक्स मच्छरमस्तिष्क
इन्फ्लुएंज़ा (फ़्लू)इन्फ्लुएंज़ा विषाणुवायु — बूँदेंश्वसन तंत्र; स्वाइन फ़्लू = H1N1
COVID-19SARS-CoV-2 (कोरोनावायरस)वायु — बूँदें व एरोसोल, निकट संपर्कमुख्यतः श्वसन तंत्र; WHO ने मार्च 2020 में महामारी (Pandemic) घोषित किया
हेपेटाइटिसहेपेटाइटिस विषाणु (A, B, C, D, E)A व E — दूषित जल-भोजन; B व C — संक्रमित रक्त व शरीर-द्रवयकृत — पीलिया; हेपेटाइटिस B का टीका उपलब्ध
गलसुआ (मम्प्स)मम्प्स विषाणुवायु, लारलार ग्रंथियाँ (पैरोटिड) में सूजन; टीका MMR
सामान्य सर्दी-ज़ुकामराइनोवायरस (मुख्यतः)वायु, संपर्कनाक व ऊपरी श्वसन मार्ग

10. प्रोटोज़ोआ, कवक और कृमि जनित रोग

10.1 प्रोटोज़ोआ जनित

रोगरोगाणुवाहक / संचरणप्रभावित अंग / मुख्य तथ्य
मलेरियाप्लाज़्मोडियम (P. vivax, P. falciparum आदि)मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरयकृत और RBC — ठंड लगकर बुख़ार; P. falciparum सबसे घातक (मस्तिष्कीय मलेरिया); मच्छर में परजीवी की भूमिका रोनाल्ड रॉस (1897) ने दिखाई; कुनैन सिनकोना की छाल से
कालाज़ार (काला ज्वर)लीशमैनिया डोनोवानीसैंडफ़्लाई (बालू मक्खी)प्लीहा, यकृत, अस्थि मज्जा — बुख़ार, प्लीहा बढ़ना, त्वचा का रंग गहरा
अमीबी पेचिश (अमीबियासिस)एंटअमीबा हिस्टोलिटिकादूषित जल-भोजन; घरेलू मक्खी यांत्रिक वाहकबड़ी आँत — मल में श्लेष्मा व रक्त
निद्रा रोग (स्लीपिंग सिकनेस)ट्रिपैनोसोमासी-सी मक्खी (Tsetse Fly)मस्तिष्क; मुख्यतः अफ़्रीका

10.2 कवक जनित

रोगरोगाणुसंचरणप्रभावित अंग
दाद (रिंगवर्म)ट्राइकोफ़ाइटॉन, माइक्रोस्पोरम आदि कवक ("वर्म" नाम होते हुए भी कृमि नहीं)संक्रमित व्यक्ति, तौलिया, कंघी, कपड़ों सेत्वचा, नाखून, सिर की त्वचा — गोल, लाल, खुजलीदार चकत्ते
एथलीट फ़ुटट्राइकोफ़ाइटॉन आदि कवकनम जूते-मोज़े, गीले फ़र्शपैरों की उँगलियों के बीच की त्वचा
कैंडिडियासिसकैंडिडा (यीस्ट-जैसा कवक)—मुख, त्वचा, श्लेष्म झिल्ली

10.3 कृमि (हेल्मिन्थ) जनित

रोगकृमिवाहक / संचरणप्रभावित अंग
फ़ाइलेरिया (हाथीपाँव)वुचेरेरिया बैनक्रॉफ़्टी (फ़ाइलेरियल कृमि)मादा क्यूलेक्स मच्छरलसीका वाहिनियाँ — पैरों आदि में स्थायी सूजन
एस्केरियासिसएस्केरिस (गोलकृमि)दूषित जल, भोजन, मिट्टीआँत
फ़ीताकृमि संक्रमणटीनिया (फ़ीताकृमि)अधपका संक्रमित मांसआँत
अंकुशकृमि संक्रमणएन्साइलोस्टोमा (अंकुशकृमि)नंगे पैर चलने पर त्वचा से प्रवेशआँत — रक्ताल्पता

10.4 वाहक कीट — एक नज़र में

वाहकफैलाए जाने वाले रोग
मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छरमलेरिया
मादा एडीज़ मच्छरडेंगू, चिकनगुनिया, पीत ज्वर, ज़ीका
क्यूलेक्स मच्छरफ़ाइलेरिया, जापानी इंसेफ़ेलाइटिस
सैंडफ़्लाईकालाज़ार
सी-सी मक्खीनिद्रा रोग
चूहे का पिस्सूप्लेग
घरेलू मक्खी (यांत्रिक वाहक)हैजा, टाइफ़ाइड, पेचिश — भोजन को दूषित करके
संक्रमित कुत्ता आदि (काटने से)रेबीज़

बचाव का सिद्धांत (NCERT): मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी और मच्छर-रोधी उपाय; जल जनित रोगों के लिए स्वच्छ/उबला पानी और स्वच्छता।


11. टीके और महत्वपूर्ण खोजें

टीका / खोजवैज्ञानिकवर्ष (लगभग)टिप्पणी
चेचक का टीकाएडवर्ड जेनर1796काउपॉक्स (गोशीतला) से; "प्रतिरक्षा विज्ञान का जनक"; "Vaccine" शब्द लैटिन vacca (गाय) से
रेबीज़ का टीकालुई पाश्चर1885पाश्चर ने पाश्चुरीकरण और रोगाणु सिद्धांत में भी योगदान दिया
टीबी के जीवाणु की खोजरॉबर्ट कोच1882कोच ने हैजा के जीवाणु की पहचान में भी भूमिका निभाई
पोलियो — इंजेक्शन टीका (IPV, निष्क्रिय विषाणु)जोनास साल्क1955 के आसपास—
पोलियो — मुख से दिया जाने वाला टीका (OPV, दुर्बलीकृत जीवित विषाणु)अल्बर्ट सेबिन1960 के दशक की शुरुआतपल्स पोलियो अभियान में दी जाने वाली "दो बूँद"
पेनिसिलिन (पहला प्रतिजैविक)अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग1928कवक पेनिसिलियम नोटेटम से
स्ट्रेप्टोमाइसिनसेल्मन वाक्समैन1943टीबी के विरुद्ध प्रभावी पहला प्रतिजैविक
BCG (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन)कैलमेट व गुएरिन1921टीबी से बचाव; जन्म के समय दिया जाता है
मच्छर में मलेरिया परजीवीरोनाल्ड रॉस18971902 का नोबेल
संयुक्त टीकाकिन रोगों से बचाव
DPTडिप्थीरिया, पर्टुसिस (काली खाँसी), टिटनेस
MMRमीज़ल्स (खसरा), मम्प्स (गलसुआ), रूबेला
MRमीज़ल्स, रूबेला
BCGटीबी
OPV / IPVपोलियो

भारत में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) 1985 में, पल्स पोलियो अभियान 1995 में और मिशन इंद्रधनुष 2014 में शुरू हुआ।


12. मानव रोग-प्रतिरक्षा — संक्षेप

शरीर की रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता प्रतिरक्षा (Immunity) कहलाती है। बाहरी पदार्थ जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जगाते हैं, प्रतिजन (Antigen) कहलाते हैं, और उनके विरुद्ध B-लिम्फोसाइट द्वारा बनाए गए प्रोटीन प्रतिरक्षी (Antibody / इम्यूनोग्लोबुलिन) कहलाते हैं।

प्रकारविवरणउदाहरण
सहज (जन्मजात) प्रतिरक्षाजन्म से उपस्थित, सभी रोगाणुओं के विरुद्ध सामान्य रक्षात्वचा, श्लेष्मा, आमाशय का अम्ल, लार, आँसू, भक्षक WBC, बुख़ार
उपार्जित प्रतिरक्षाकिसी विशेष रोगाणु के संपर्क के बाद विकसित; "स्मृति" होती हैB व T लिम्फोसाइट द्वारा
सक्रिय प्रतिरक्षाशरीर स्वयं एंटीबॉडी बनाता है; धीमी शुरुआत, लंबे समय तकसंक्रमण होने के बाद, या टीकाकरण से
निष्क्रिय प्रतिरक्षाबनी-बनाई एंटीबॉडी बाहर से मिलती हैं; तुरंत असर, कम समय तकमाँ का पहला दूध (खीस / कोलोस्ट्रम — IgA), गर्भ में अपरा से (IgG), टिटनेस-रोधी सीरम, सर्पदंश-रोधी विष (एंटी-वेनम)

12.1 टीकाकरण का सिद्धांत

टीके में रोगाणु का मृत, दुर्बलीकृत रूप या उसका कोई भाग (प्रोटीन) होता है, जो रोग पैदा नहीं करता पर प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी और स्मृति कोशिकाएँ बनाने के लिए प्रेरित करता है। बाद में असली रोगाणु आने पर स्मृति कोशिकाएँ उसे पहचानकर तेज़ी और अधिक शक्ति से नष्ट कर देती हैं (NCERT कक्षा 12)। इसी कारण एक बार चेचक या खसरा होने के बाद प्रायः दोबारा नहीं होता।

  • B-लिम्फोसाइट — एंटीबॉडी बनाते हैं (तरल-माध्यित प्रतिरक्षा)।
  • T-लिम्फोसाइट — कोशिका-माध्यित प्रतिरक्षा; HIV सहायक T-कोशिकाओं को नष्ट करता है।
  • एलर्जी — धूल, परागकण जैसे पदार्थों पर अति-प्रतिक्रिया; IgE और हिस्टामीन से जुड़ी।
  • इंटरफ़ेरॉन — विषाणु-संक्रमित कोशिकाओं द्वारा बनाए गए प्रोटीन, जो आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को विषाणु से बचाते हैं।

रक्त की WBC और लसीका तंत्र की संरचना मानव शरीर के तंत्र नोट में, तथा कोशिका व DNA की मूल बातें कोशिका और आनुवंशिकता नोट में हैं।


13. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: क्वाशियोरकर बनाम मरास्मस

क्वाशियोरकर = केवल/मुख्यतः प्रोटीन की कमी — पेट फूला, सूजन। मरास्मस = प्रोटीन + ऊर्जा दोनों की कमी — अत्यधिक दुबलापन, सूजन नहीं। "मरास्मस = केवल प्रोटीन" गलत है।

Trap 2: एनोफ़ेलीज़ बनाम एडीज़ बनाम क्यूलेक्स

एनोफ़ेलीज़ = मलेरिया। एडीज़ = डेंगू, चिकनगुनिया, पीत ज्वर, ज़ीका। क्यूलेक्स = फ़ाइलेरिया, जापानी इंसेफ़ेलाइटिस। मलेरिया में "मादा" एनोफ़ेलीज़ लिखा होना ज़रूरी है — नर मच्छर रक्त नहीं चूसते।

Trap 3: मलेरिया का रोगाणु — मच्छर या प्लाज़्मोडियम?

रोगाणु (कारक) = प्लाज़्मोडियम (प्रोटोज़ोआ); मच्छर केवल वाहक है। इसी तरह कालाज़ार का रोगाणु लीशमैनिया है, सैंडफ़्लाई वाहक। "मलेरिया जीवाणु जनित है" — गलत।

Trap 4: चेचक बनाम छोटी माता

चेचक (Smallpox) — वेरियोला विषाणु, 1980 में विश्व से उन्मूलित, जेनर का टीका। छोटी माता (Chickenpox) — वेरीसेला-ज़ोस्टर विषाणु, अब भी होता है। दोनों अलग हैं।

Trap 5: दाद (रिंगवर्म) कृमि से?

नहीं। "वर्म" नाम के बावजूद दाद कवक जनित है। एथलीट फ़ुट भी कवक जनित। कृमि जनित रोग — फ़ाइलेरिया, एस्केरियासिस, फ़ीताकृमि।

Trap 6: वसा-विलेय = ADEK

वसा-विलेय केवल A, D, E, K। विटामिन C और B-समूह जल-विलेय हैं। "विटामिन C वसा-विलेय है" — गलत।

Trap 7: बेरी-बेरी बनाम पेलाग्रा बनाम स्कर्वी

बेरी-बेरी = B1 (थायमिन)। पेलाग्रा = B3 (नियासिन)। स्कर्वी = C। रिकेट्स = D। रतौंधी = A। विकल्पों में अक्सर इन्हें आपस में बदलकर दिया जाता है।

Trap 8: रतौंधी बनाम वर्णांधता

रतौंधी = विटामिन A की कमी (कमी रोग)। वर्णांधता = X-लिंक्ड आनुवंशिक रोग, विटामिन से संबंध नहीं।

Trap 9: AIDS के संचरण के मिथक

HIV मच्छर, हाथ मिलाने, साथ खाने, गले मिलने से नहीं फैलता। फैलता है — असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, साझा सुई, संक्रमित माता से शिशु।

Trap 10: एंटीबायोटिक विषाणु पर?

एंटीबायोटिक (जैसे पेनिसिलिन) जीवाणुओं पर असर करते हैं; सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू जैसे विषाणु रोगों पर नहीं। पेनिसिलिन एक कवक (पेनिसिलियम) से प्राप्त होता है — जीवाणु से नहीं।

Trap 11: साल्क बनाम सेबिन

साल्क = इंजेक्शन वाला निष्क्रिय (मृत) विषाणु टीका (IPV)। सेबिन = मुख से दिया जाने वाला दुर्बलीकृत जीवित विषाणु टीका (OPV)। "S-I" (Salk-Injection) याद रखें।

Trap 12: सक्रिय बनाम निष्क्रिय प्रतिरक्षा

टीकाकरण = सक्रिय (शरीर स्वयं एंटीबॉडी बनाता है)। माँ का खीस, एंटी-वेनम, टिटनेस-रोधी सीरम = निष्क्रिय (बनी-बनाई एंटीबॉडी)।


14. Most-Asked रिवीज़न तालिका (58 तथ्य)

क्रमप्रश्न / संकेतउत्तर
1सर्वाधिक ऊर्जा देने वाला पोषक तत्ववसा (≈9 kcal/ग्राम)
2कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन का ऊर्जा मान≈4 kcal/ग्राम
3शरीर-निर्माण वाला पोषक तत्वप्रोटीन
4मनुष्य द्वारा न पचने वाला कार्बोहाइड्रेटसेलुलोज़ (रेशा)
5दूध की शर्करालैक्टोज़
6मंड का परीक्षणआयोडीन — नीला-काला रंग
7"विटामिन" शब्दकैसिमिर फ़ंक
8वसा-विलेय विटामिनA, D, E, K
9जल-विलेय विटामिनB-समूह, C
10रतौंधीविटामिन A
11विटामिन A का रासायनिक नामरेटिनॉल
12बेरी-बेरीB1 (थायमिन)
13पेलाग्राB3 (नियासिन)
14कोबाल्ट युक्त विटामिनB12
15B12 की कमीरक्ताल्पता (एनीमिया)
16स्कर्वीविटामिन C
17विटामिन C का रासायनिक नामएस्कॉर्बिक अम्ल
18विटामिन C का समृद्ध स्रोतआँवला
19रिकेट्सविटामिन D
20सूर्य के प्रकाश से त्वचा में बनने वालाविटामिन D
21रक्त का थक्का बनाने वाला विटामिनविटामिन K
22प्रति-ऑक्सीकारक विटामिन, टोकोफ़ेरॉलविटामिन E
23आयरन की कमीएनीमिया
24आयोडीन की कमीघेंघा
25हड्डियाँ व दाँतकैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस
26पर्णहरित का केंद्रीय धातुमैग्नीशियम
27पेयजल में फ़्लोराइड की अधिकताफ़्लोरोसिस
28क्वाशियोरकरप्रोटीन की कमी
29मरास्मसप्रोटीन + ऊर्जा की कमी
30टीबी का रोगाणुमाइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस
31टीबी से बचाव का टीकाBCG
32हैजा का रोगाणुविब्रियो कॉलेरी
33दस्त/हैजा में निर्जलीकरणORS
34टाइफ़ाइड का रोगाणुसाल्मोनेला टाइफ़ी
35टाइफ़ाइड की जाँचविडाल परीक्षण
36लॉकजॉटिटनेस
37DPT टीकाडिप्थीरिया, काली खाँसी, टिटनेस
38कुष्ठ रोग का रोगाणुमाइकोबैक्टीरियम लेप्री
39प्लेग का वाहकचूहे का पिस्सू
40AIDS का विषाणुHIV
41HIV किन कोशिकाओं को नष्ट करता हैसहायक T-लिम्फोसाइट
42HIV की जाँचELISA
43पोलियो प्रभावित तंत्रतंत्रिका तंत्र
44विश्व से उन्मूलित रोगचेचक (1980)
45जलभीति (हाइड्रोफ़ोबिया)रेबीज़
46COVID-19 का विषाणुSARS-CoV-2
47हेपेटाइटिस प्रभावित अंगयकृत
48मलेरिया का रोगाणुप्लाज़्मोडियम
49मलेरिया का वाहकमादा एनोफ़ेलीज़
50डेंगू व चिकनगुनिया का वाहकएडीज़
51फ़ाइलेरिया का वाहकक्यूलेक्स
52कालाज़ार का रोगाणु व वाहकलीशमैनिया — सैंडफ़्लाई
53अमीबी पेचिश का रोगाणुएंटअमीबा हिस्टोलिटिका
54दाद व एथलीट फ़ुटकवक जनित
55चेचक का टीकाएडवर्ड जेनर
56रेबीज़ का टीकालुई पाश्चर
57पेनिसिलिन की खोजअलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग, 1928
58एंटीबॉडी बनाने वाली कोशिकाएँB-लिम्फोसाइट

15. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

इस अध्याय के प्रश्न लगभग हमेशा मिलान के रूप में होते हैं। नीचे हर ढाँचे का एक नमूना (स्वयं बनाया गया) प्रश्न है:

  1. कमी ↔ विटामिन: "मसूड़ों से रक्त आना किस विटामिन की कमी का लक्षण है?" (उत्तर: विटामिन C — स्कर्वी)
  2. रोग ↔ रोगाणु का प्रकार: "निम्न में से कौन-सा रोग विषाणु जनित नहीं है — पोलियो, खसरा, टाइफ़ाइड, रेबीज़?" (उत्तर: टाइफ़ाइड — जीवाणु)
  3. रोग ↔ वाहक मिलान: "सूची-I: मलेरिया, डेंगू, फ़ाइलेरिया, कालाज़ार; सूची-II: एडीज़, सैंडफ़्लाई, एनोफ़ेलीज़, क्यूलेक्स।" (उत्तर: मलेरिया–एनोफ़ेलीज़, डेंगू–एडीज़, फ़ाइलेरिया–क्यूलेक्स, कालाज़ार–सैंडफ़्लाई)
  4. रोग ↔ अंग: "हेपेटाइटिस मुख्यतः किस अंग को प्रभावित करता है?" (यकृत)
  5. "कौन-सा सुमेलित नहीं है": "(a) बेरी-बेरी — B1 (b) पेलाग्रा — B3 (c) रिकेट्स — C (d) रतौंधी — A।" (उत्तर: (c), रिकेट्स — D)
  6. कथन-आधारित: "1. विटामिन K वसा-विलेय है। 2. विटामिन C जल-विलेय है। 3. विटामिन D की कमी से स्कर्वी होता है। सही कथन?" (उत्तर: 1 और 2)
  7. खोज ↔ वैज्ञानिक: "पेनिसिलिन की खोज किसने की?" (अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग) — विकल्पों में जेनर, पाश्चर, कोच।

रणनीति: हर रोग के लिए तीन चीज़ें एक साथ याद करें — रोगाणु का प्रकार, रोगाणु का नाम, वाहक/संचरण। विटामिन के लिए — रासायनिक नाम, कमी रोग, विलेयता। इन मिलानों का अभ्यास RRB NTPC CBT-1 2026 टेस्ट सीरीज़ में करें।


16. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. वसा-विलेय: "ADEK — Aदेक (अदेक) घी में घुलते हैं।" बाकी B, C पानी में।

2. कमी रोग क्रम: "Aँख (रतौंधी), B1 बेरी, B3 पेला, C सी-स्कर्वी, D डंडा-हड्डी (रिकेट्स), K कटने पर खून।"

3. ऊर्जा मान: "4-4-9" — कार्बो-प्रोटीन-वसा।

4. कुपोषण: "क्वाशियोरकर = क्वालिटी (प्रोटीन) की कमी; मरास्मस = महा-कमी (प्रोटीन + ऊर्जा)।"

5. मच्छर: "Anopheles — mAlaria; Aedes — डेंगू-चिकन (दिन में डंक); Culex — फ़ाइलेरिया (C = Chronic सूजन)।"

6. जीवाणु रोग: "टी-हैं-टा-टि-डि-कु-प्ले" — टीबी, हैजा, टाइफ़ाइड, टिटनेस, डिप्थीरिया, कुष्ठ, प्लेग।

7. विषाणु रोग: "ए-पो-ख-चे-रे-डे-फ़्लू-को-हे" — AIDS, पोलियो, खसरा, चेचक, रेबीज़, डेंगू, फ़्लू, कोविड, हेपेटाइटिस।

8. खोजें: "जेनर चेचक, पाश्चर पागल कुत्ता (रेबीज़), फ्लेमिंग पेनिसिलिन, कोच क्षय।"


17. कथन अभ्यास

विटामिन A, D, E और K वसा-विलेय विटामिन हैं। — सही।

विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से पेलाग्रा होता है। — गलत (B1 की कमी से बेरी-बेरी; पेलाग्रा B3 नियासिन की कमी से)।

स्कर्वी विटामिन C की कमी से होता है। — सही।

रिकेट्स रोग विटामिन K की कमी से होता है। — गलत (विटामिन D की कमी से)।

क्वाशियोरकर प्रोटीन और ऊर्जा दोनों की कमी से होता है। — गलत (क्वाशियोरकर मुख्यतः प्रोटीन की कमी से; दोनों की कमी से मरास्मस)।

आयोडीन की कमी से घेंघा रोग होता है। — सही।

मलेरिया जीवाणु जनित रोग है। — गलत (प्रोटोज़ोआ प्लाज़्मोडियम से)।

डेंगू का वाहक एडीज़ मच्छर है। — सही।

फ़ाइलेरिया एनोफ़ेलीज़ मच्छर से फैलता है। — गलत (क्यूलेक्स मच्छर से)।

दाद (रिंगवर्म) कवक जनित रोग है। — सही।

पेनिसिलिन की खोज लुई पाश्चर ने की थी। — गलत (अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग, 1928)।

टीकाकरण से शरीर में सक्रिय प्रतिरक्षा विकसित होती है। — सही।


18. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. ऊर्जा मान ≈ 4 (कार्बो) – 4 (प्रोटीन) – 9 (वसा) kcal/ग्राम; रेशा = सेलुलोज़, कब्ज़ से बचाव
  2. वसा-विलेय ADEK; जल-विलेय B, C
  3. A — रेटिनॉल — रतौंधी; B1 — थायमिन — बेरी-बेरी; B3 — नियासिन — पेलाग्रा
  4. B12 — कोबाल्ट — रक्ताल्पता; C — एस्कॉर्बिक अम्ल — स्कर्वी, आँवला, ताप से नष्ट
  5. D — सूर्य प्रकाश — रिकेट्स; E — टोकोफ़ेरॉल — प्रति-ऑक्सीकारक; K — थक्का
  6. आयरन — एनीमिया; आयोडीन — घेंघा; कैल्शियम — हड्डियाँ; Mg — पर्णहरित
  7. क्वाशियोरकर = प्रोटीन (सूजन); मरास्मस = प्रोटीन + ऊर्जा (दुबलापन)
  8. जीवाणु: टीबी, हैजा, टाइफ़ाइड, टिटनेस, डिप्थीरिया, कुष्ठ, प्लेग
  9. विषाणु: AIDS (HIV), पोलियो, खसरा, चेचक, रेबीज़, डेंगू, फ़्लू, COVID-19, हेपेटाइटिस
  10. प्रोटोज़ोआ: मलेरिया (प्लाज़्मोडियम), कालाज़ार (लीशमैनिया), अमीबी पेचिश
  11. कवक: दाद, एथलीट फ़ुट; कृमि: फ़ाइलेरिया (वुचेरेरिया)
  12. एनोफ़ेलीज़ — मलेरिया; एडीज़ — डेंगू, चिकनगुनिया; क्यूलेक्स — फ़ाइलेरिया; सैंडफ़्लाई — कालाज़ार
  13. जेनर — चेचक (1796); पाश्चर — रेबीज़ (1885); कोच — टीबी जीवाणु (1882)
  14. फ्लेमिंग — पेनिसिलिन (1928, कवक से); साल्क — IPV, सेबिन — OPV; BCG — टीबी
  15. टीका = सक्रिय प्रतिरक्षा (स्मृति कोशिकाएँ); खीस/एंटी-वेनम = निष्क्रिय प्रतिरक्षा

19. अभ्यास

नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 4 (विटामिन तालिका), खंड 10.4 (वाहक कीट) और खंड 13 (Exam Traps) दोबारा पढ़ें। पूरे सामान्य विज्ञान को परीक्षा-स्तर पर परखने के लिए SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ और राजस्थान CET (स्नातक) फ़ाइनल मेगा टेस्ट सीरीज़ हल करें।


20. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

पोषण और रोग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं — संतुलित आहार की कमी से हीनताजन्य रोग होते हैं, जबकि रोगाणुओं से संक्रामक रोग। परीक्षा में यह अध्याय लगभग पूरी तरह मिलान पर टिका है: विटामिन ↔ कमी रोग ↔ रासायनिक नाम, रोग ↔ रोगाणु ↔ वाहक ↔ अंग, और टीका ↔ खोजकर्ता। तालिकाओं को बार-बार दोहराएँ, मच्छरों के तीन वर्गों और क्वाशियोरकर-मरास्मस जैसे भ्रमित करने वाले जोड़ों पर विशेष ध्यान दें, और याद रखें कि यह नोट परीक्षा-तथ्यों के लिए है, चिकित्सा सलाह के लिए नहीं।

ADEK वसा-विलेय | A-रतौंधी, B1-बेरी-बेरी, B3-पेलाग्रा, C-स्कर्वी, D-रिकेट्स, K-थक्का | क्वाशियोरकर = प्रोटीन, मरास्मस = प्रोटीन + ऊर्जा | एनोफ़ेलीज़-मलेरिया, एडीज़-डेंगू, क्यूलेक्स-फ़ाइलेरिया | जेनर-चेचक, पाश्चर-रेबीज़, फ्लेमिंग-पेनिसिलिन


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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

विटामिन A, D, E और K वसा-विलेय हैं और शरीर में संचित हो सकते हैं। विटामिन B-समूह और C जल-विलेय हैं, जो प्रायः संचित नहीं होते और नियमित रूप से भोजन में चाहिए।

विटामिन A की कमी से रतौंधी, B1 से बेरी-बेरी, B3 से पेलाग्रा, B12 से रक्ताल्पता, C से स्कर्वी और D से रिकेट्स होता है। विटामिन K की कमी से रक्त का थक्का देर से बनता है।

स्कर्वी विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्त आता है और घाव देर से भरते हैं। आँवला, अमरूद और खट्टे फल विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं।

क्वाशियोरकर मुख्यतः प्रोटीन की कमी से होता है, जिसमें पेट फूलता है और शरीर में सूजन आती है। मरास्मस प्रोटीन और ऊर्जा दोनों की कमी से होता है, जिसमें बच्चा अत्यधिक दुबला हो जाता है।

मलेरिया प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लाज़्मोडियम से होता है और इसे मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर फैलाती है। परजीवी यकृत और लाल रक्त कणिकाओं को प्रभावित करता है।

डेंगू और चिकनगुनिया दोनों विषाणु जनित रोग हैं और एडीज़ (एडीज़ इजिप्टी) मच्छर से फैलते हैं, जो प्रायः दिन में काटता है।

प्रमुख जीवाणु जनित रोग हैं — क्षय रोग (टीबी), हैजा, टाइफ़ाइड, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खाँसी, कुष्ठ रोग और प्लेग।

प्रमुख विषाणु जनित रोग हैं — AIDS (HIV), पोलियो, खसरा, चेचक, छोटी माता, रेबीज़, डेंगू, चिकनगुनिया, इन्फ्लुएंज़ा, COVID-19 (SARS-CoV-2) और हेपेटाइटिस।

पेनिसिलिन की खोज अलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग ने 1928 में की थी। यह पेनिसिलियम नामक कवक से प्राप्त पहला प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) है।

टीके में रोगाणु का मृत, दुर्बल रूप या उसका कोई भाग होता है, जो रोग नहीं करता पर शरीर को एंटीबॉडी और स्मृति कोशिकाएँ बनाने के लिए प्रेरित करता है। बाद में असली रोगाणु आने पर शरीर उसे तेज़ी से नष्ट कर देता है — इसे सक्रिय प्रतिरक्षा कहते हैं।

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