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सामान्य विज्ञान

पदार्थ, परमाणु संरचना और आवर्त सारणी — अवस्थाएँ, मिश्रण, समस्थानिक, रुझान — SSC/रेलवे/CET

सुधीर ढाका (इतिहास, कला-संस्कृति, हिंदी व्याकरण व सामान्य विज्ञान नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
30 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: SSC, RRB NTPC, अग्निवीर व RSSB CET पाठ्यक्रम की सामान्य विज्ञान इकाई; NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–10) और SI मात्रक प्रणाली। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: पदार्थ की तीन सामान्य अवस्थाएँ — ठोस, द्रव, गैस — हैं; प्लाज़्मा (आयनित गैस, सूर्य व तारों में) को चौथी और बोस-आइंस्टीन संघनित (BEC) को पाँचवीं अवस्था कहा जाता है, जिसकी परिकल्पना सत्येंद्र नाथ बोस और आइंस्टीन ने की थी। शुद्ध पदार्थ दो प्रकार के हैं — तत्व और यौगिक; मिश्रण समांगी (नमक का घोल, वायु, पीतल) या विषमांगी (रेत-जल, तेल-जल) होता है। परमाणु के कणों में इलेक्ट्रॉन — जे.जे. थॉमसन, न्यूट्रॉन — जेम्स चैडविक (1932) और नाभिक — रदरफ़ोर्ड (स्वर्ण पन्नी प्रयोग) से जुड़े हैं; प्रोटॉन की खोज का श्रेय पुस्तकों में गोल्डस्टीन (कैनाल किरणें) या रदरफ़ोर्ड को दिया जाता है। परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोटॉनों की संख्या और द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन; समान Z पर भिन्न A वाले परमाणु समस्थानिक (जैसे C-12 व C-14) और समान A पर भिन्न Z वाले समभारिक (Ca-40 व Ar-40) कहलाते हैं। किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन 2n² होते हैं (K = 2, L = 8, M = 18, N = 32)। आधुनिक आवर्त सारणी मोज़ले के कार्य पर आधारित है — गुणधर्म परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं; इसमें 18 समूह और 7 आवर्त हैं और अभी 118 तत्व ज्ञात हैं। फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है; हाइड्रोजन सबसे हल्का और ब्रह्मांड में सर्वाधिक प्रचुर तत्व है, जबकि पृथ्वी की पर्पटी में ऑक्सीजन सर्वाधिक और धातुओं में ऐलुमिनियम सर्वाधिक है। कमरे के ताप पर द्रव धातु पारा (Hg) और द्रव अधातु ब्रोमीन (Br) है। एवोगाड्रो संख्या 6.022 × 10²³ — किसी पदार्थ के एक मोल में इतने ही कण होते हैं।


संक्षिप्त उत्तर

अवधारणामुख्य तथ्यपरीक्षा-बिंदु
पदार्थ की अवस्थाएँठोस, द्रव, गैस, प्लाज़्मा, BECप्लाज़्मा = चौथी; BEC = पाँचवीं (बोस-आइंस्टीन)
शुद्ध पदार्थतत्व और यौगिकमिश्रण शुद्ध पदार्थ नहीं है
इलेक्ट्रॉनजे.जे. थॉमसन (कैथोड किरणें)ऋण आवेश; द्रव्यमान प्रोटॉन का लगभग 1/1836
न्यूट्रॉनजेम्स चैडविक, 1932आवेश-रहित; द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन जितना
नाभिकअर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड (स्वर्ण पन्नी पर α-कण प्रकीर्णन)परमाणु का अधिकांश भाग खाली
परमाणु क्रमांक (Z)प्रोटॉनों की संख्याउदासीन परमाणु में = इलेक्ट्रॉनों की संख्या
द्रव्यमान संख्या (A)प्रोटॉन + न्यूट्रॉनन्यूट्रॉन = A − Z
कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन2n²K 2, L 8, M 18, N 32
आधुनिक आवर्त नियममोज़ले — परमाणु क्रमांक आधारमेंडेलीफ़ का आधार परमाणु द्रव्यमान था
आवर्त सारणी18 समूह, 7 आवर्तज्ञात तत्व 118
सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मकफ्लोरीन (F)आवर्त में बाएँ से दाएँ बढ़ती है
एवोगाड्रो संख्या6.022 × 10²³1 मोल में कणों की संख्या
"सबसे" तथ्यउत्तर
सबसे हल्का तत्वहाइड्रोजन (H)
ब्रह्मांड में सर्वाधिक प्रचुर तत्वहाइड्रोजन
पृथ्वी की पर्पटी में सर्वाधिक प्रचुर तत्वऑक्सीजन (उसके बाद सिलिकॉन)
पर्पटी में सर्वाधिक प्रचुर धातुऐलुमिनियम (उसके बाद लोहा)
कमरे के ताप पर द्रव धातुपारा (Hg)
कमरे के ताप पर द्रव अधातुब्रोमीन (Br)
सबसे हल्की धातुलीथियम (Li)
सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थहीरा (कार्बन का अपररूप)

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

सामान्य विज्ञान के रसायन भाग की नींव यही अध्याय है — पदार्थ क्या है, किससे बना है और तत्वों को कैसे व्यवस्थित किया गया। SSC, रेलवे और अग्निवीर की परीक्षाओं में इससे सीधे तथ्यात्मक प्रश्न (किसने खोजा, कौन-सा तत्व सबसे हल्का) और थोड़े अवधारणात्मक प्रश्न (समस्थानिक-समभारिक की पहचान, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से संयोजकता) दोनों आते हैं। इस नोट के बाद अम्ल, क्षारक, लवण और रासायनिक अभिक्रियाएँ वाला नोट पढ़ें, क्योंकि संयोजकता और आयन की समझ वहीं सूत्र लिखने में काम आती है।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • SSC CGL / CHSL / MTS / GD — खोजकर्ता, "सबसे" तथ्य, समस्थानिक के उपयोग, आवर्त सारणी के रुझान
  • RRB NTPC / Group D — परमाणु संरचना, तत्वों के प्रतीक, पृथक्करण की विधियाँ
  • अग्निवीर (थल, नौ, वायु सेना) — कक्षा 9–10 स्तर की अवधारणाएँ, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
  • राजस्थान CET (12वीं व स्नातक), पटवारी — एक-पंक्ति तथ्य और कथन-आधारित प्रश्न

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. खोजकर्ता–कण का मिलान (इलेक्ट्रॉन–थॉमसन, न्यूट्रॉन–चैडविक)
  2. Z और A दिए हों तो प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन की गणना
  3. समस्थानिक / समभारिक / समन्यूट्रॉनिक युग्म की पहचान
  4. मिश्रण अलग करने की उपयुक्त विधि (कपूर-नमक → ऊर्ध्वपातन)
  5. आवर्त सारणी में रुझान — आकार, विद्युत-ऋणात्मकता, धात्विक गुण
  6. "सबसे" वाले तथ्य और लैटिन नाम से बने प्रतीक (Na, K, Fe, Au)

3. पदार्थ की अवस्थाएँ

जिसमें द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरे, वह पदार्थ (Matter) है। पदार्थ अत्यंत छोटे कणों से बना है जिनके बीच रिक्त स्थान होता है, जो निरंतर गतिशील रहते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। इन कणों के बीच आकर्षण बल और उनकी गतिज ऊर्जा से अवस्था तय होती है।

गुणठोसद्रवगैस
आकारनिश्चितअनिश्चित (पात्र का आकार)अनिश्चित
आयतननिश्चितनिश्चितअनिश्चित (पूरा पात्र भर देती है)
अंतराकणीय आकर्षण बलसबसे अधिकमध्यमसबसे कम
कणों के बीच रिक्त स्थानसबसे कममध्यमसबसे अधिक
संपीड्यतालगभग नगण्यबहुत कमसबसे अधिक (इसीलिए CNG/LPG सिलेंडर)
विसरण (Diffusion)बहुत धीमाधीमासबसे तेज़
घनत्व (सामान्यतः)अधिकमध्यमकम

चौथी और पाँचवीं अवस्था

अवस्थास्वरूपकहाँ मिलती है / तथ्य
प्लाज़्मा (Plasma)अत्यधिक ऊर्जा से आयनित गैस — आयन व मुक्त इलेक्ट्रॉनसूर्य और तारे, तड़ित (बिजली), फ्लोरोसेंट ट्यूब व नियॉन साइन बोर्ड के भीतर
बोस-आइंस्टीन संघनित (BEC)परम शून्य के अत्यंत निकट ठंडा किया गया अति-तनु गैस का संघननपरिकल्पना — सत्येंद्र नाथ बोस व अल्बर्ट आइंस्टीन; प्रयोगशाला में पहली बार 1995 में बनाया गया

अवस्था परिवर्तन

परिवर्तननामउदाहरण / तथ्य
ठोस → द्रवगलन (Melting)बर्फ का गलनांक 0 °C (273 K)
द्रव → गैसक्वथन / वाष्पनजल का क्वथनांक 100 °C (373 K), सामान्य वायुमंडलीय दाब पर
गैस → द्रवसंघनन (Condensation)ठंडे गिलास की बाहरी सतह पर जल-बूँदें
द्रव → ठोसहिमीकरण (Freezing)जल का बर्फ बनना
ठोस → सीधे गैसऊर्ध्वपातन (Sublimation)कपूर, नैफ़्थलीन, अमोनियम क्लोराइड, आयोडीन, शुष्क बर्फ (ठोस CO₂)
गैस → सीधे ठोसनिक्षेपण (Deposition)ऊर्ध्वपातन का उल्टा

वाष्पीकरण (Evaporation) क्वथनांक से नीचे किसी भी ताप पर द्रव की सतह से होता है और ठंडक उत्पन्न करता है — इसीलिए मिट्टी के घड़े में पानी ठंडा रहता है और गर्मी में सूती कपड़े आरामदायक होते हैं। वाष्पीकरण की दर सतह का क्षेत्रफल, ताप और वायु की गति बढ़ने पर बढ़ती है, जबकि आर्द्रता बढ़ने पर घटती है। ताप-मापन और गुप्त ऊष्मा का विस्तार ऊष्मा, ताप और तापमान वाले नोट में है। ताप-रूपांतरण: K = °C + 273।


4. तत्व, यौगिक और मिश्रण

आधारतत्वयौगिकमिश्रण
परिभाषाएक ही प्रकार के परमाणुओं से बना; रासायनिक विधि से और सरल नहीं किया जा सकतादो या अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयुक्तदो या अधिक पदार्थ किसी भी अनुपात में, बिना रासायनिक संयोग
संघटनएक ही प्रकारनिश्चित (जैसे जल में H : O द्रव्यमान अनुपात 1 : 8)परिवर्ती
गुणअपने विशिष्टघटकों से बिलकुल भिन्नघटक अपने गुण बनाए रखते हैं
पृथक्करण—केवल रासायनिक / विद्युत-अपघटनी विधि सेभौतिक विधियों से
उदाहरणFe, Cu, O₂, H₂, CH₂O, NaCl, CO₂, CaCO₃वायु, नमक-जल, पीतल, मिट्टी

क्लासिक उदाहरण: लोहे का बुरादा + सल्फ़र चूर्ण केवल मिलाएँ तो मिश्रण (चुंबक से लोहा अलग हो जाएगा); गरम करने पर बना आयरन सल्फ़ाइड (FeS) एक यौगिक है, जिससे चुंबक लोहा अलग नहीं कर पाता।

समांगी और विषमांगी मिश्रण

प्रकारपहचानउदाहरण
समांगी (Homogeneous)पूरे मिश्रण में एक समान संघटन; घटक अलग से दिखते नहींचीनी/नमक का जलीय विलयन, वायु, पीतल जैसी मिश्रधातुएँ, सोडा जल
विषमांगी (Heterogeneous)संघटन असमान; घटक अलग-अलग पहचाने जा सकते हैंरेत-जल, तेल-जल, लोहे का बुरादा-सल्फ़र, चॉक का जल में निलंबन

विलयन, निलंबन और कोलॉइड

गुणविलयन (Solution)कोलॉइड (Colloid)निलंबन (Suspension)
प्रकृतिसमांगीदिखने में समांगी, वास्तव में विषमांगीविषमांगी
कणों का आकारसबसे छोटामध्यमसबसे बड़ा (आँख से दिखते हैं)
टिंडल प्रभाव (प्रकाश का प्रकीर्णन)नहींहाँहाँ
रखने पर कण नीचे बैठते हैं?नहींनहींहाँ
उदाहरणनमक-जल, चीनी-जलदूध, धुंध, कोहरा, बादल, जेली, झाग, रक्तचॉक-जल, गंदला नदी जल

घने जंगल की छत से छनकर आती सूर्य की किरणों का दिखाई देना टिंडल प्रभाव है — वहाँ धुंध के सूक्ष्म जल-कण प्रकाश को बिखेरते हैं।


5. मिश्रण के घटकों को अलग करने की विधियाँ

विधिसिद्धांतउदाहरण
आसवन (Distillation)घुलनशील, पर क्वथनांकों में पर्याप्त अंतर वाले द्रव; वाष्पन फिर संघननऐसीटोन और जल; जल का शुद्धिकरण (आसुत जल)
प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)क्वथनांकों में थोड़ा अंतर (NCERT: 25 K से कम); प्रभाजक स्तंभवायु से N₂, O₂, Ar को अलग करना; पेट्रोलियम के घटक
क्रोमैटोग्राफी (Chromatography)एक ही विलायक में घुले घटकों की अलग-अलग अधिशोषण / घुलनशीलतास्याही के रंग, पौधों के रंगद्रव्य (क्लोरोफ़िल), रक्त में दवा की पहचान
ऊर्ध्वपातन (Sublimation)एक घटक सीधे ठोस → गैस बनेनमक से कपूर, नैफ़्थलीन, अमोनियम क्लोराइड या आयोडीन को अलग करना
अपकेंद्रण (Centrifugation)तीव्र घुमाव से भारी कण नीचे, हल्के ऊपरदूध से क्रीम निकालना, रक्त/मूत्र जाँच, वाशिंग मशीन का ड्रायर
पृथक्कारी कीप (Separating Funnel)अमिश्रणीय द्रव, घनत्व के अनुसार परतेंतेल और जल; धातुकर्म में धातुमल का अलगाव
क्रिस्टलन (Crystallisation)संतृप्त विलयन से शुद्ध क्रिस्टलसमुद्री जल से शुद्ध नमक; फिटकरी व कॉपर सल्फ़ेट का शुद्धिकरण
वाष्पन (Evaporation)वाष्पशील विलायक उड़ जाता हैनीली/काली स्याही से रंजक; समुद्र से नमक
चुंबकीय पृथक्करणचुंबकीय घटक चुंबक से चिपकता हैलोहे का बुरादा और रेत/सल्फ़र
निस्यंदन (Filtration)अघुलनशील ठोस फ़िल्टर पर रुकता हैचाय से पत्ती, रेत-जल

ध्यान दें: क्रिस्टलन को वाष्पन से बेहतर माना जाता है, क्योंकि वाष्पन में कुछ ठोस (जैसे चीनी) जल सकते हैं और घुली अशुद्धियाँ भी ठोस के साथ रह जाती हैं।


6. परमाणु संरचना — कण और उनकी खोज

डाल्टन (1808) के अनुसार परमाणु अविभाज्य था, किंतु 19वीं सदी के अंत में पता चला कि परमाणु के भीतर भी कण हैं। परमाणु नाभिक (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) और उसके चारों ओर घूमने वाले इलेक्ट्रॉनों से बना है।

कणआवेशसापेक्ष द्रव्यमानखोज / श्रेयस्थान
इलेक्ट्रॉन (e⁻)ऋणात्मक (−1)प्रोटॉन का लगभग 1/1836 (लगभग नगण्य)जे.जे. थॉमसन, 1897 (कैथोड किरणें)नाभिक के बाहर, कोशों में
प्रोटॉन (p⁺)धनात्मक (+1)लगभग 1 uई. गोल्डस्टीन ने कैनाल (एनोड) किरणें खोजीं (1886); प्रोटॉन की पहचान का श्रेय प्रायः रदरफ़ोर्ड को — पुस्तकों में श्रेय भिन्न मिलता हैनाभिक में
न्यूट्रॉन (n)शून्य (उदासीन)लगभग 1 uजेम्स चैडविक, 1932नाभिक में (साधारण हाइड्रोजन ¹H में नहीं)
नाभिकधनात्मकपरमाणु का लगभग सारा द्रव्यमानअर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड, 1911परमाणु के केंद्र में, अत्यंत छोटा

याद रखें: सामान्य हाइड्रोजन (प्रोटियम) एकमात्र परमाणु है जिसके नाभिक में न्यूट्रॉन नहीं होता। परमाणु का द्रव्यमान लगभग पूरा का पूरा नाभिक में केंद्रित होता है, जबकि आयतन का अधिकांश भाग खाली होता है।


7. परमाणु मॉडल — तुलना तालिका

मॉडलमुख्य विचारउपनाम / प्रयोगकमी
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (1808)परमाणु अविभाज्य, अविनाशी; एक तत्व के सभी परमाणु समान; परमाणु सरल पूर्णांक अनुपात में जुड़ते हैं—उप-परमाणुक कण और समस्थानिक नहीं समझा सका
थॉमसन मॉडल (1904 के आसपास)धनावेशित गोले में इलेक्ट्रॉन धँसे हुए; कुल आवेश शून्य"प्लम पुडिंग" / "क्रिसमस पुडिंग" / "तरबूज़ के बीज" मॉडलरदरफ़ोर्ड के प्रयोग के परिणाम नहीं समझा सका
रदरफ़ोर्ड मॉडल (1911)केंद्र में छोटा, धनावेशित, भारी नाभिक; इलेक्ट्रॉन चारों ओर घूमते हैं; परमाणु अधिकांशतः खालीपतली स्वर्ण पन्नी पर α-कण प्रकीर्णन; "सौर-मंडल जैसा" मॉडलपरमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं — घूमता इलेक्ट्रॉन ऊर्जा खोकर नाभिक में गिर जाना चाहिए
बोर मॉडल (1913)इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित ऊर्जा वाली कक्षाओं (कोशों) में घूमते हैं; इन कक्षाओं में ऊर्जा का विकिरण नहीं होताकोश K, L, M, N (n = 1, 2, 3, 4)बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के स्पेक्ट्रम की पूरी व्याख्या नहीं (उच्च कक्षा का विषय)

रदरफ़ोर्ड के स्वर्ण पन्नी प्रयोग के निष्कर्ष

  • अधिकांश α-कण बिना मुड़े पार हो गए → परमाणु का अधिकांश भाग खाली है।
  • कुछ कण छोटे कोण से मुड़े → परमाणु में धनावेश एक छोटे भाग में केंद्रित है।
  • बहुत कम कण लगभग उलटे लौट आए → धनावेश और लगभग सारा द्रव्यमान बहुत छोटे आयतन (नाभिक) में है।
  • सोना इसलिए चुना गया क्योंकि उसकी अत्यंत पतली परत बनाई जा सकती है (उच्च आघातवर्धनीयता)।

8. परमाणु क्रमांक, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक

पदपरिभाषाउदाहरण
परमाणु क्रमांक (Z)नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या; तत्व की पहचान इसी सेकार्बन Z = 6, सोडियम Z = 11
द्रव्यमान संख्या (A)प्रोटॉन + न्यूट्रॉन (न्यूक्लिऑन) की कुल संख्यासोडियम-23: A = 23
न्यूट्रॉनों की संख्याA − Zसोडियम-23: 23 − 11 = 12
इलेक्ट्रॉन (उदासीन परमाणु)= ZNa में 11 इलेक्ट्रॉन; Na⁺ आयन में 10

समस्थानिक, समभारिक, समन्यूट्रॉनिक

प्रकारक्या समानक्या भिन्नउदाहरण
समस्थानिक (Isotopes)परमाणु क्रमांक (Z) — अतः तत्व एक हीद्रव्यमान संख्या (न्यूट्रॉन)¹H प्रोटियम, ²H ड्यूटेरियम, ³H ट्रिटियम; C-12 व C-14; Cl-35 व Cl-37
समभारिक (Isobars)द्रव्यमान संख्या (A)परमाणु क्रमांक — अतः तत्व अलगCa-40 (Z = 20) व Ar-40 (Z = 18)
समन्यूट्रॉनिक (Isotones)न्यूट्रॉनों की संख्याZ और A दोनोंC-14 (6p, 8n), N-15 (7p, 8n), O-16 (8p, 8n)

समस्थानिकों के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं (क्योंकि इलेक्ट्रॉन समान हैं), पर भौतिक गुण जैसे घनत्व, गलनांक कुछ भिन्न होते हैं। हाइड्रोजन के तीनों समस्थानिकों में केवल ट्रिटियम रेडियोधर्मी है। ड्यूटेरियम से बना भारी जल (D₂O) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक (Moderator) का काम करता है।

समस्थानिकों के उपयोग

समस्थानिकउपयोग
कार्बन-14 (C-14)जीवाश्म, लकड़ी, हड्डी आदि की आयु निर्धारण (रेडियो-कार्बन काल निर्धारण); अर्ध-आयु लगभग 5730 वर्ष
आयोडीन-131 (I-131)घेंघा (गॉयटर) / थायरॉइड रोगों का निदान व उपचार
कोबाल्ट-60 (Co-60)कैंसर का उपचार (विकिरण चिकित्सा)
यूरेनियम-235 (U-235)नाभिकीय रिएक्टर में ईंधन (विखंडन)
रेडियोधर्मी समस्थानिक (सामान्य)औद्योगिक पाइपलाइन में रिसाव का पता, कृषि शोध में अनुरेखक (Tracer)

परमाणु द्रव्यमान इकाई (u): कार्बन-12 के एक परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 भाग। क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान 35.5 u इसलिए है क्योंकि प्रकृति में Cl-35 और Cl-37 लगभग 3 : 1 अनुपात में मिलते हैं।


9. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और संयोजकता

बोर-बरी नियम (कक्षा 9 स्तर): (1) किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन 2n² — K (n=1) में 2, L (n=2) में 8, M (n=3) में 18, N (n=4) में 32; (2) सबसे बाहरी कोश में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन; (3) भीतरी कोश भरने के बाद ही अगला कोश भरता है (पहले 20 तत्वों के लिए)। सबसे बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन संयोजकता इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं।

संयोजकता (Valency): परमाणु की संयोजन क्षमता। बाहरी कोश में 1–4 इलेक्ट्रॉन हों तो संयोजकता = उतने ही इलेक्ट्रॉन; 5–8 हों तो संयोजकता = 8 − बाहरी इलेक्ट्रॉन। पूर्ण अष्टक (8) या He का द्विक (2) होने पर संयोजकता शून्य।

तत्वप्रतीकZलगभग परमाणु द्रव्यमान (u)K L M Nसंयोजकता
हाइड्रोजनH1111
हीलियमHe2420
लीथियमLi372, 11
बेरिलियमBe492, 22
बोरॉनB5112, 33
कार्बनC6122, 44
नाइट्रोजनN7142, 53
ऑक्सीजनO8162, 62
फ्लोरीनF9192, 71
नियॉनNe10202, 80
सोडियमNa11232, 8, 11
मैग्नीशियमMg12242, 8, 22
ऐलुमिनियमAl13272, 8, 33
सिलिकॉनSi14282, 8, 44
फ़ॉस्फ़ोरसP15312, 8, 53 (5 भी)
सल्फ़रS16322, 8, 62
क्लोरीनCl1735.52, 8, 71
आर्गनAr18402, 8, 80
पोटैशियमK19392, 8, 8, 11
कैल्शियमCa20402, 8, 8, 22

आयन: इलेक्ट्रॉन खोने पर धनायन (Na → Na⁺, Mg → Mg²⁺) और इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऋणायन (Cl → Cl⁻, O → O²⁻) बनता है। धातुएँ प्रायः धनायन और अधातुएँ प्रायः ऋणायन बनाती हैं।


10. आवर्त सारणी का विकास

वैज्ञानिकवर्गीकरणआधार / मुख्य बातसीमा
डॉबेराइनर (Döbereiner)त्रिक (Triads)तीन समान गुण वाले तत्वों में बीच वाले का परमाणु द्रव्यमान बाकी दो के औसत के लगभग बराबर — जैसे Li, Na, K; Ca, Sr, Ba; Cl, Br, Iउस समय ज्ञात सभी तत्वों में केवल कुछ ही त्रिक मिले
न्यूलैंड्स (Newlands), 1866अष्टक नियम (Law of Octaves)परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में हर आठवें तत्व के गुण पहले के समान — संगीत के सरगम की तरहकेवल कैल्शियम तक लागू; बाद में खोजे तत्वों के लिए विफल
मेंडेलीफ़ (Mendeleev), 1869मेंडेलीफ़ आवर्त सारणीतत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन; उस समय ज्ञात 63 तत्व; हाइड्राइड व ऑक्साइड के सूत्रों का उपयोगहाइड्रोजन का स्थान अनिश्चित; समस्थानिकों का स्थान नहीं; कुछ जगह अधिक द्रव्यमान वाला तत्व पहले (जैसे Co–Ni)
मोज़ले (Moseley), 1913आधुनिक आवर्त नियमतत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलनमेंडेलीफ़ की अधिकांश विसंगतियाँ दूर

मेंडेलीफ़ की भविष्यवाणियाँ

मेंडेलीफ़ ने सारणी में अज्ञात तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े और उनके गुण पहले ही बता दिए — एका-बोरॉन (बाद में स्कैंडियम), एका-ऐलुमिनियम (गैलियम) और एका-सिलिकॉन (जर्मेनियम)। बाद में खोजी गई उत्कृष्ट गैसें बिना पुरानी व्यवस्था बिगाड़े एक नए समूह में रख दी गईं — यह उसकी सारणी की बड़ी सफलता मानी जाती है।


11. आधुनिक आवर्त सारणी और आवर्ती रुझान

विशेषतातथ्य
आधारपरमाणु क्रमांक (मोज़ले)
ऊर्ध्वाधर स्तंभसमूह (Groups) — 18
क्षैतिज पंक्तियाँआवर्त (Periods) — 7
आवर्तों में तत्व2, 8, 8, 18, 18, 32, 32
ज्ञात तत्व118 (अंतिम — ओगानेसॉन, Z = 118)
एक समूह के तत्वों में समानसंयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या — इसलिए समान रासायनिक गुण
एक आवर्त के तत्वों में समानकोशों की संख्या (आवर्त संख्या = कोशों की संख्या)
लैंथेनाइड व ऐक्टिनाइडसारणी के नीचे अलग दो पंक्तियों में
संक्रमण तत्वसमूह 3 से 12
धातु, अधातु, उपधातुधातुएँ बाईं ओर, अधातुएँ दाईं ओर; बीच की टेढ़ी-मेढ़ी रेखा पर उपधातु (B, Si, Ge, As, Sb, Te)

रुझान तालिका (उत्कृष्ट गैसों को छोड़कर)

गुणधर्मआवर्त में बाएँ → दाएँसमूह में ऊपर → नीचेकारण
परमाणु त्रिज्या / आकारघटता हैबढ़ता हैआवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है, इलेक्ट्रॉन पास खिंचते हैं; समूह में नए कोश जुड़ते हैं
धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति)घटता हैबढ़ता हैबाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक की पकड़
अधात्विक गुणबढ़ता हैघटता हैइलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति
विद्युत-ऋणात्मकताबढ़ती हैघटती हैफ्लोरीन सर्वाधिक (पॉलिंग पैमाने पर लगभग 4.0)
आयनन ऊर्जासामान्यतः बढ़ती हैघटती हैछोटा आकार = इलेक्ट्रॉन निकालना कठिन
संयोजकता (मुख्य समूह)1, 2, 3, 4 फिर 3, 2, 1, 0समूह में समानबाहरी इलेक्ट्रॉनों की संख्या

उदाहरण: तीसरे आवर्त में Na सबसे बड़ा और सबसे अधिक धात्विक है, जबकि Cl सबसे छोटा (Ar छोड़कर) और सबसे अधिक अधात्विक। समूह 1 में Li से Cs तक धात्विक गुण और अभिक्रियाशीलता बढ़ती है; समूह 17 में F से I तक अभिक्रियाशीलता घटती है।


12. प्रमुख समूह — तालिका

समूहनामतत्वबाहरी इलेक्ट्रॉनमुख्य गुण
1क्षार धातुएँ (Alkali Metals)Li, Na, K, Rb, Cs, Fr1अत्यंत अभिक्रियाशील, मुलायम; जल से क्रिया कर हाइड्रॉक्साइड + H₂; Na-K मिट्टी के तेल (केरोसिन) में रखे जाते हैं। हाइड्रोजन समूह 1 में है पर क्षार धातु नहीं।
2क्षारीय मृदा धातुएँ (Alkaline Earth Metals)Be, Mg, Ca, Sr, Ba, Ra2संयोजकता 2; ऑक्साइड क्षारीय; Ra रेडियोधर्मी
3–12संक्रमण तत्वFe, Cu, Zn, Ag, Au आदि—प्रायः रंगीन यौगिक, उत्प्रेरक गुण
17हैलोजन (Halogens) — "लवण बनाने वाले"F, Cl, Br, I, At7संयोजकता 1; F व Cl गैस, Br द्रव, I ठोस (बैंगनी वाष्प, ऊर्ध्वपातन)
18उत्कृष्ट / अक्रिय गैसें (Noble Gases)He, Ne, Ar, Kr, Xe, Rn8 (He में 2)पूर्ण अष्टक, संयोजकता 0, लगभग अक्रिय; Rn रेडियोधर्मी

उत्कृष्ट गैसों के उपयोग

गैसउपयोग
हीलियम (He)मौसम गुब्बारे व वायुपोत (airship) (हल्की, अज्वलनशील); गहरे समुद्र के गोताखोरों के श्वसन मिश्रण में ऑक्सीजन के साथ
नियॉन (Ne)विज्ञापन के चमकीले साइन बोर्ड (नारंगी-लाल चमक)
आर्गन (Ar)विद्युत बल्ब में भरना; वायुमंडल में सबसे प्रचुर उत्कृष्ट गैस
रेडॉन (Rn)रेडियोधर्मी

13. तत्वों के "सबसे" तथ्य और लैटिन प्रतीक

प्रश्नउत्तर
सबसे हल्का तत्व / सबसे हल्की गैसहाइड्रोजन
ब्रह्मांड में सर्वाधिक प्रचुर तत्वहाइड्रोजन (उसके बाद हीलियम)
पृथ्वी की पर्पटी में सर्वाधिक प्रचुर तत्वऑक्सीजन (लगभग 46%) → सिलिकॉन → ऐलुमिनियम → लोहा
पर्पटी में सर्वाधिक प्रचुर धातुऐलुमिनियम
वायुमंडल में सर्वाधिक गैसनाइट्रोजन (लगभग 78%)
मानव शरीर में द्रव्यमान के अनुसार सर्वाधिक तत्वऑक्सीजन
कमरे के ताप पर द्रव धातुपारा (Hg)
कमरे के ताप पर द्रव अधातुब्रोमीन (Br)
हथेली पर रखने से पिघलने वाली धातुगैलियम (गलनांक लगभग 30 °C); सीज़ियम भी लगभग 28 °C पर
सबसे हल्की धातुलीथियम
सबसे अधिक गलनांक वाली धातुटंगस्टन (इसीलिए बल्ब का फ़िलामेंट)
सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मक / सबसे अभिक्रियाशील अधातुफ्लोरीन
विद्युत का सबसे अच्छा चालकचाँदी (उसके बाद ताँबा)
सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थहीरा
सबसे कम क्वथनांक वाला तत्वहीलियम

लैटिन नामों से बने प्रतीक

तत्वप्रतीकलैटिन नाम
सोडियमNaनैट्रियम (Natrium)
पोटैशियमKकैलियम (Kalium)
लोहाFeफ़ेरम (Ferrum)
ताँबाCuक्यूप्रम (Cuprum)
चाँदीAgअर्जेंटम (Argentum)
सोनाAuऑरम (Aurum)
पाराHgहाइड्रार्जिरम (Hydrargyrum)
सीसाPbप्लंबम (Plumbum)
टिन (राँगा)Snस्टैनम (Stannum)

धातुओं के गुण, अयस्क और मिश्रधातुएँ धातु, अधातु और दैनिक जीवन में रसायन वाले नोट में विस्तार से हैं।


14. रासायनिक बंध — संक्षेप

परमाणु अपने बाहरी कोश को स्थायी (अष्टक) बनाने के लिए इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण या साझा करते हैं। इसी से रासायनिक बंध बनते हैं।

आधारआयनिक (वैद्युत-संयोजी) बंधसहसंयोजक बंध
कैसे बनता हैइलेक्ट्रॉन का पूर्ण स्थानांतरण (धातु → अधातु)इलेक्ट्रॉन-युग्मों का साझा (प्रायः अधातु–अधातु)
उदाहरणNaCl, MgCl₂, CaO, MgOH₂, Cl₂, O₂ (द्विबंध), N₂ (त्रिबंध), H₂O, CH₄, CO₂
अवस्था (सामान्यतः)कठोर ठोसप्रायः द्रव या गैस (कुछ ठोस)
गलनांक / क्वथनांकउच्चप्रायः निम्न
विद्युत चालकतागलित अवस्था या जलीय विलयन में चालक; ठोस में नहींसामान्यतः कुचालक
घुलनशीलताप्रायः जल में घुलनशील, केरोसिन-पेट्रोल में नहींप्रायः कार्बनिक विलायकों में घुलनशील

उदाहरण: NaCl में Na अपना एक इलेक्ट्रॉन Cl को देकर Na⁺ बनता है (विन्यास 2, 8) और Cl, Cl⁻ बनता है (2, 8, 8)। जल के अणु में ऑक्सीजन दो हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करती है।


15. मोल अवधारणा — गुणात्मक समझ

पदअर्थ
मोल (Mole)कणों (परमाणु, अणु, आयन) की गिनती की इकाई — जैसे "दर्जन" = 12
एवोगाड्रो संख्या (Nₐ)6.022 × 10²³ — 1 मोल में कणों की संख्या; नाम इतालवी वैज्ञानिक अमेदियो एवोगाड्रो के नाम पर
मोलर द्रव्यमान1 मोल का ग्राम में द्रव्यमान = परमाणु/आणविक द्रव्यमान का संख्यात्मक मान (जैसे जल H₂O = 2 × 1 + 16 = 18 g/mol)
मानक उदाहरण12 g कार्बन-12 = 1 मोल कार्बन परमाणु = 6.022 × 10²³ परमाणु
सूत्रमोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान

उदाहरण: 36 g जल = 36 ÷ 18 = 2 मोल = 2 × 6.022 × 10²³ अणु। 32 g ऑक्सीजन गैस (O₂) = 1 मोल O₂ अणु, लेकिन 2 मोल ऑक्सीजन परमाणु — परमाणु और अणु का यह अंतर प्रश्नों में अक्सर जाल बनता है।

रासायनिक संयोजन के नियम: द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लेवोज़ियर) — रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है; स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट) — किसी यौगिक में तत्व सदैव निश्चित द्रव्यमान अनुपात में होते हैं।


16. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: समस्थानिक बनाम समभारिक बनाम समन्यूट्रॉनिक

युग्मZAन्यूट्रॉनप्रकार
C-12 व C-146, 612, 146, 8समस्थानिक
Ar-40 व Ca-4018, 2040, 4022, 20समभारिक
C-14 व N-156, 714, 158, 8समन्यूट्रॉनिक

याद रखें: समस्थानिक = एक ही तत्व; समभारिक = अलग तत्व, समान "भार" (A)।

Trap 2: मेंडेलीफ़ बनाम आधुनिक आवर्त सारणी का आधार

मेंडेलीफ़ = परमाणु द्रव्यमान; आधुनिक (मोज़ले) = परमाणु क्रमांक। "आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित है" — गलत कथन।

Trap 3: पर्पटी में सबसे प्रचुर "तत्व" बनाम "धातु"

तत्व = ऑक्सीजन; धातु = ऐलुमिनियम (लोहा नहीं)। ब्रह्मांड में सर्वाधिक = हाइड्रोजन; वायुमंडल में = नाइट्रोजन। चारों को अलग रखें।

Trap 4: द्रव धातु बनाम द्रव अधातु

पारा (Hg) = धातु; ब्रोमीन (Br) = अधातु। गैलियम कमरे के ताप पर ठोस है, केवल हथेली की गर्मी से पिघलता है।

Trap 5: इलेक्ट्रॉन की खोज बनाम नाभिक की खोज

थॉमसन = इलेक्ट्रॉन (और प्लम-पुडिंग मॉडल)। रदरफ़ोर्ड = नाभिक (स्वर्ण पन्नी)। चैडविक = न्यूट्रॉन (1932)। बोर = निश्चित कक्षाएँ। प्रोटॉन के श्रेय पर पुस्तकें एकमत नहीं — गोल्डस्टीन ने कैनाल किरणें देखीं, रदरफ़ोर्ड ने प्रोटॉन को नाभिक का कण पहचाना।

Trap 6: K (पोटैशियम) बनाम Ar (आर्गन) का द्रव्यमान

Ar का परमाणु क्रमांक 18 और K का 19 है, पर Ar का परमाणु द्रव्यमान (लगभग 40) K (लगभग 39) से अधिक है। परमाणु क्रमांक के आधार पर ही यह क्रम सही बैठता है — द्रव्यमान आधारित सारणी की यही समस्या थी।

Trap 7: ऊर्ध्वपातन बनाम वाष्पन

ऊर्ध्वपातन = ठोस सीधे गैस (कपूर, नैफ़्थलीन, NH₄Cl, आयोडीन)। नमक और कपूर के मिश्रण को अलग करने के लिए ऊर्ध्वपातन; नमक-जल से नमक निकालने के लिए वाष्पन / क्रिस्टलन।

Trap 8: आसवन बनाम प्रभाजी आसवन

क्वथनांकों में अधिक अंतर (जैसे ऐसीटोन-जल) = साधारण आसवन। बहुत कम अंतर, कई घटक (वायु, पेट्रोलियम) = प्रभाजी आसवन।

Trap 9: दूध — विलयन या कोलॉइड?

दूध कोलॉइड (इमल्शन) है, विलयन नहीं। धुंध, बादल, झाग, जेली भी कोलॉइड हैं। कोलॉइड टिंडल प्रभाव दिखाता है, विलयन नहीं।

Trap 10: परमाणु बनाम अणु के मोल

32 g O₂ = 1 मोल अणु = 2 मोल परमाणु। प्रश्न में "अणु" लिखा है या "परमाणु" — ध्यान से पढ़ें।


17. Most-Asked रिवीज़न तालिका (55 तथ्य)

क्र.प्रश्न / विषयउत्तर
1पदार्थ की चौथी अवस्थाप्लाज़्मा
2पदार्थ की पाँचवीं अवस्थाबोस-आइंस्टीन संघनित (BEC)
3BEC की परिकल्पना से जुड़े भारतीय वैज्ञानिकसत्येंद्र नाथ बोस
4सूर्य व तारों में पदार्थ की अवस्थाप्लाज़्मा
5सबसे अधिक संपीड्य अवस्थागैस
6ठोस का सीधे गैस बननाऊर्ध्वपातन
7ऊर्ध्वपातित होने वाले पदार्थकपूर, नैफ़्थलीन, NH₄Cl, आयोडीन, शुष्क बर्फ
8वाष्पीकरण का प्रभावठंडक
90 °C केल्विन में273 K
10वायु किस प्रकार का पदार्थसमांगी मिश्रण
11पीतल किस प्रकार का पदार्थसमांगी मिश्रण (मिश्रधातु)
12दूध, धुंध, बादलकोलॉइड
13प्रकाश का कोलॉइड कणों से प्रकीर्णनटिंडल प्रभाव
14दूध से क्रीम अलग करनाअपकेंद्रण
15स्याही के रंग अलग करनाक्रोमैटोग्राफी
16वायु से गैसें अलग करनाप्रभाजी आसवन
17नमक से कपूर अलग करनाऊर्ध्वपातन
18तेल और जल अलग करनापृथक्कारी कीप
19समुद्री जल से शुद्ध नमकक्रिस्टलन
20इलेक्ट्रॉन के खोजकर्ताजे.जे. थॉमसन
21न्यूट्रॉन के खोजकर्ताजेम्स चैडविक (1932)
22नाभिक के खोजकर्तारदरफ़ोर्ड
23कैनाल किरणेंई. गोल्डस्टीन
24स्वर्ण पन्नी प्रयोगरदरफ़ोर्ड (α-कण)
25प्लम-पुडिंग मॉडलथॉमसन
26निश्चित कक्षाओं वाला मॉडलनील्स बोर
27परमाणु सिद्धांत (1808)जॉन डाल्टन
28आवेश-रहित कणन्यूट्रॉन
29न्यूट्रॉन-रहित परमाणुसाधारण हाइड्रोजन (प्रोटियम)
30परमाणु क्रमांकप्रोटॉनों की संख्या
31द्रव्यमान संख्याप्रोटॉन + न्यूट्रॉन
32समान Z, भिन्न Aसमस्थानिक
33समान A, भिन्न Zसमभारिक
34हाइड्रोजन का रेडियोधर्मी समस्थानिकट्रिटियम
35भारी जलD₂O — रिएक्टर में मंदक
36जीवाश्म की आयु निर्धारणकार्बन-14
37घेंघा / थायरॉइड उपचारआयोडीन-131
38कैंसर उपचारकोबाल्ट-60
39नाभिकीय ईंधनयूरेनियम-235
40किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन2n²
41M कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन18
42क्लोरीन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास2, 8, 7
43त्रिक नियमडॉबेराइनर
44अष्टक नियमन्यूलैंड्स
45परमाणु द्रव्यमान आधारित सारणीमेंडेलीफ़
46परमाणु क्रमांक आधारित नियममोज़ले
47आधुनिक सारणी में समूह / आवर्त18 / 7
48एका-ऐलुमिनियमगैलियम
49सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्वफ्लोरीन
50आवर्त में बाएँ से दाएँ परमाणु आकारघटता है
51हैलोजन किस समूह में17
52केरोसिन में रखी जाने वाली धातुएँसोडियम, पोटैशियम
53Fe, Pb, Au का लैटिन नामफ़ेरम, प्लंबम, ऑरम
54पर्पटी में सर्वाधिक धातुऐलुमिनियम
55एवोगाड्रो संख्या6.022 × 10²³

18. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

इस अध्याय के प्रश्न कुछ स्थिर ढाँचों में आते हैं। नीचे हर ढाँचे का एक नमूना (स्वयं बनाया गया) प्रश्न है:

  1. खोजकर्ता–खोज का मिलान: "सूची-I: इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन, नाभिक; सूची-II: चैडविक, थॉमसन, रदरफ़ोर्ड।" (उत्तर: इलेक्ट्रॉन–थॉमसन, न्यूट्रॉन–चैडविक, नाभिक–रदरफ़ोर्ड)
  2. गणना-आधारित: "किसी परमाणु की द्रव्यमान संख्या 27 और परमाणु क्रमांक 13 है। उसमें न्यूट्रॉन कितने हैं?" (27 − 13 = 14)
  3. युग्म पहचान: "¹⁴C और ¹⁴N कैसा युग्म है?" (समभारिक — A समान, Z भिन्न)
  4. विधि चुनिए: "पेट्रोलियम के घटकों को अलग करने की विधि?" (प्रभाजी आसवन)
  5. रुझान: "निम्न में सबसे बड़ा परमाणु — Li, Na, K, Rb?" (Rb — समूह में नीचे जाने पर आकार बढ़ता है)
  6. कथन-आधारित: "1. आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह हैं। 2. मेंडेलीफ़ ने परमाणु क्रमांक को आधार बनाया।" (केवल 1 सही)
  7. दैनिक जीवन तर्क: "अलमारी में रखी नैफ़्थलीन की गोलियाँ समय के साथ छोटी क्यों हो जाती हैं?" (ऊर्ध्वपातन)

रणनीति: खोजकर्ता वाले प्रश्नों में एक-एक जोड़ी पक्की करें; गणना में केवल तीन सूत्र — p = Z, n = A − Z, e = Z (उदासीन परमाणु में)। रुझान वाले प्रश्नों में दिशा याद रखें: आवर्त में दाएँ = छोटा और अधिक विद्युत-ऋणात्मक; समूह में नीचे = बड़ा और अधिक धात्विक।


19. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. कणों के खोजकर्ता: "थॉमसन का इलेक्ट्रॉन, चैडविक का न्यूट्रॉन, रदरफ़ोर्ड का नाभिक" — "थॉ-इ, चै-न, र-ना"।

2. समस्थानिक / समभारिक: "स्थान समान = Z समान" (आवर्त सारणी में एक ही स्थान); "भार समान = A समान"।

3. आवर्त सारणी का क्रम: "डॉक्टर न्यू में मोटा" — डॉबेराइनर (त्रिक) → न्यूलैंड्स (अष्टक) → मेंडेलीफ़ (द्रव्यमान) → मोज़ले (क्रमांक)।

4. कोश क्षमता: "2-8-18-32" = 2 × 1², 2 × 2², 2 × 3², 2 × 4²।

5. समूह 1: "लीना नाके के रब से फ़्रांस" — Li, Na, K, Rb, Cs, Fr।

6. उत्कृष्ट गैसें: "He Ne Ar Kr Xe Rn" — "ही ने आर-कर ज़े रन"।

7. पर्पटी के तत्व: "O-Si-Al-Fe" — "ओ साल फ़े" — ऑक्सीजन, सिलिकॉन, ऐलुमिनियम, लोहा।

8. द्रव तत्व: "पारा धातु, ब्रोमीन अधातु" — "पाधा-ब्रोअ"।


20. कथन अभ्यास

प्लाज़्मा को पदार्थ की चौथी अवस्था कहा जाता है। — सही।

बोस-आइंस्टीन संघनित बहुत उच्च ताप पर बनता है। — गलत (परम शून्य के अत्यंत निकट, बहुत निम्न ताप पर)।

वायु एक यौगिक है। — गलत (वायु समांगी मिश्रण है)।

दूध से क्रीम अपकेंद्रण विधि द्वारा अलग की जाती है। — सही।

न्यूट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने की थी। — गलत (जेम्स चैडविक, 1932; थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन खोजा)।

रदरफ़ोर्ड के प्रयोग से पता चला कि परमाणु का अधिकांश भाग खाली है। — सही।

समस्थानिकों के परमाणु क्रमांक भिन्न होते हैं। — गलत (परमाणु क्रमांक समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न)।

Ca-40 और Ar-40 समभारिक हैं। — सही।

L कोश में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं। — गलत (L में 8; 18 इलेक्ट्रॉन M कोश में)।

मेंडेलीफ़ की आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक पर आधारित थी। — गलत (परमाणु द्रव्यमान पर; परमाणु क्रमांक आधार मोज़ले ने दिया)।

आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है। — सही।

पृथ्वी की पर्पटी में सर्वाधिक प्रचुर धातु लोहा है। — गलत (ऐलुमिनियम; लोहा दूसरे स्थान पर)।


21. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. अवस्थाएँ: ठोस, द्रव, गैस, प्लाज़्मा (4th), BEC (5th — बोस-आइंस्टीन)
  2. ऊर्ध्वपातन: कपूर, नैफ़्थलीन, NH₄Cl, आयोडीन, शुष्क बर्फ
  3. K = °C + 273; वाष्पीकरण = ठंडक
  4. वायु, पीतल = समांगी मिश्रण; दूध, धुंध = कोलॉइड (टिंडल प्रभाव)
  5. क्रीम — अपकेंद्रण; स्याही — क्रोमैटोग्राफी; वायु/पेट्रोलियम — प्रभाजी आसवन
  6. इलेक्ट्रॉन — थॉमसन; न्यूट्रॉन — चैडविक 1932; नाभिक — रदरफ़ोर्ड; कैनाल किरणें — गोल्डस्टीन
  7. डाल्टन → थॉमसन (प्लम पुडिंग) → रदरफ़ोर्ड (स्वर्ण पन्नी) → बोर (निश्चित कक्षाएँ)
  8. Z = p; A = p + n; n = A − Z
  9. समस्थानिक (Z समान) — C-12/C-14; समभारिक (A समान) — Ca-40/Ar-40
  10. C-14 — आयु; I-131 — थायरॉइड; Co-60 — कैंसर; U-235 — ईंधन
  11. 2n²: K 2, L 8, M 18, N 32
  12. डॉबेराइनर त्रिक → न्यूलैंड्स अष्टक → मेंडेलीफ़ (द्रव्यमान, 1869) → मोज़ले (क्रमांक)
  13. 18 समूह, 7 आवर्त, 118 तत्व; F सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मक
  14. सबसे हल्का H; पर्पटी — O (तत्व), Al (धातु); द्रव — Hg (धातु), Br (अधातु)
  15. एवोगाड्रो संख्या 6.022 × 10²³; जल का मोलर द्रव्यमान 18 g

22. अभ्यास

नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 8 (समस्थानिक तालिका), खंड 11 (रुझान) और खंड 16 (Exam Traps) दोबारा पढ़ें। पूरे सामान्य विज्ञान को परीक्षा-स्तर पर परखने के लिए SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ और RRB NTPC CBT-1 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।


23. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

पदार्थ, परमाणु और आवर्त सारणी — ये तीनों रसायन विज्ञान की सीढ़ी के पहले तीन डंडे हैं। अवस्थाओं और मिश्रणों से "पदार्थ कैसा दिखता है" समझ आता है, परमाणु संरचना से "भीतर क्या है" और आवर्त सारणी से "तत्व एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं"। परीक्षा की दृष्टि से खोजकर्ता-जोड़ियाँ, Z-A की गणना, समस्थानिकों के उपयोग, आवर्त सारणी का विकास-क्रम और रुझानों की दिशा पक्की कर लें। जहाँ स्रोतों में मतभेद है — जैसे प्रोटॉन की खोज का श्रेय — वहाँ विकल्पों को देखकर सबसे स्पष्ट उत्तर चुनें।

अवस्थाएँ (प्लाज़्मा 4th, BEC 5th) → मिश्रण व पृथक्करण → थॉमसन-चैडविक-रदरफ़ोर्ड-बोर → Z, A, समस्थानिक → 2n² → मेंडेलीफ़ (द्रव्यमान) से मोज़ले (क्रमांक) | F सर्वाधिक विद्युत-ऋणात्मक, H सबसे हल्का


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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

सामान्य रूप से पदार्थ की तीन अवस्थाएँ हैं — ठोस, द्रव और गैस। इनके अलावा प्लाज़्मा को चौथी और बोस-आइंस्टीन संघनित (BEC) को पाँचवीं अवस्था कहा जाता है।

प्लाज़्मा अत्यधिक ऊर्जा से आयनित गैस है। यह सूर्य और तारों में, तड़ित में तथा फ्लोरोसेंट ट्यूब और नियॉन साइन बोर्ड के भीतर पाई जाती है।

इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने और न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 में की। प्रोटॉन के लिए पुस्तकों में गोल्डस्टीन (कैनाल किरणें) या रदरफ़ोर्ड का नाम मिलता है।

समस्थानिकों का परमाणु क्रमांक समान और द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, जैसे C-12 और C-14। समभारिकों की द्रव्यमान संख्या समान और परमाणु क्रमांक भिन्न होता है, जैसे Ca-40 और Ar-40।

किसी कोश में अधिकतम 2n² इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, जहाँ n कोश की संख्या है। इस प्रकार K में 2, L में 8, M में 18 और N में 32 इलेक्ट्रॉन तक हो सकते हैं।

मेंडेलीफ़ की आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी, जबकि आधुनिक आवर्त सारणी मोज़ले के कार्य पर आधारित है और उसमें तत्व परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में रखे गए हैं।

आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह (ऊर्ध्वाधर स्तंभ) और 7 आवर्त (क्षैतिज पंक्तियाँ) हैं। अभी तक 118 तत्व ज्ञात हैं।

फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है। आवर्त सारणी में बाएँ से दाएँ जाने पर विद्युत-ऋणात्मकता बढ़ती है और समूह में नीचे जाने पर घटती है।

पृथ्वी की पर्पटी में सबसे अधिक पाया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन है और सबसे अधिक पाई जाने वाली धातु ऐलुमिनियम है। ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर तत्व हाइड्रोजन है।

एवोगाड्रो संख्या का मान 6.022 × 10²³ है। किसी भी पदार्थ के एक मोल में इतने ही कण (परमाणु, अणु या आयन) होते हैं।

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