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सामान्य विज्ञान

मात्रक व मापन, गति, न्यूटन के नियम, गुरुत्वाकर्षण, कार्य-ऊर्जा व दाब — SSC/रेलवे/CET

सुधीर ढाका (इतिहास, कला-संस्कृति, हिंदी व्याकरण व सामान्य विज्ञान नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
33 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: SSC, RRB NTPC, अग्निवीर व RSSB CET पाठ्यक्रम की सामान्य विज्ञान इकाई; NCERT विज्ञान पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–10) और SI मात्रक प्रणाली। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: SI पद्धति में 7 मूल मात्रक हैं — मीटर (लंबाई), किलोग्राम (द्रव्यमान), सेकंड (समय), ऐम्पियर (विद्युत धारा), केल्विन (ताप), मोल (पदार्थ की मात्रा) और कैंडेला (ज्योति तीव्रता); बल का मात्रक न्यूटन, कार्य-ऊर्जा का जूल, शक्ति का वाट और दाब का पास्कल है, तथा 1 अश्वशक्ति = 746 W और प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक (≈ 9.46×10¹⁵ m) है। गति के तीन समीकरण v = u + at, s = ut + ½at², v² = u² + 2as हैं; एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है पर वेग बदलता है, इसलिए यह त्वरित गति है। न्यूटन का पहला नियम जड़त्व का नियम है (द्रव्यमान जड़त्व की माप है), दूसरा F = ma (बल = संवेग परिवर्तन की दर) और तीसरा क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम है, जिस पर रॉकेट और बंदूक का पीछे हटना आधारित है। सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक G = 6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg² है और पृथ्वी तल पर g ≈ 9.8 m/s²; g ध्रुवों पर अधिकतम, विषुवत रेखा पर न्यूनतम और पृथ्वी के केंद्र पर शून्य होता है। द्रव्यमान हर जगह समान रहता है, पर भार (mg) बदलता है — चंद्रमा पर भार पृथ्वी का लगभग 1/6 होता है; पृथ्वी का पलायन वेग ≈ 11.2 km/s है। गतिज ऊर्जा ½mv² और स्थितिज ऊर्जा mgh है; वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है। उत्तोलक तीन वर्ग के होते हैं (कैंची — प्रथम, सरौता — द्वितीय, चिमटा — तृतीय) तथा हाइड्रोलिक लिफ्ट पास्कल नियम पर और जहाज़ का तैरना आर्किमिडीज़ सिद्धांत/प्लवन नियम पर आधारित है।


संक्षिप्त उत्तर

तथ्यउत्तर
SI मूल मात्रकों की संख्या7
बल का SI मात्रकन्यूटन (N) = kg·m/s²
कार्य / ऊर्जा का SI मात्रकजूल (J) = N·m
शक्ति का SI मात्रकवाट (W) = J/s
दाब का SI मात्रकपास्कल (Pa) = N/m²
1 अश्वशक्ति (HP)746 W
1 किलोवाट-घंटा (kWh) — "1 यूनिट"3.6×10⁶ J (ऊर्जा का मात्रक)
प्रकाश वर्षदूरी का मात्रक ≈ 9.46×10¹⁵ m
गुरुत्वीय नियतांक G6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg² (सार्वत्रिक नियतांक)
पृथ्वी तल पर gलगभग 9.8 m/s²
g अधिकतम / न्यूनतमध्रुवों पर अधिकतम / विषुवत रेखा पर न्यूनतम; केंद्र पर शून्य
चंद्रमा पर भारपृथ्वी का लगभग 1/6 (द्रव्यमान वही)
पृथ्वी का पलायन वेगलगभग 11.2 km/s
जड़त्व की मापद्रव्यमान
रॉकेट का सिद्धांतन्यूटन का तीसरा नियम / संवेग संरक्षण
हाइड्रोलिक ब्रेक / लिफ्टपास्कल का नियम
जहाज़ का तैरना, हाइड्रोमीटर, लैक्टोमीटरआर्किमिडीज़ सिद्धांत / प्लवन का नियम
हवाई जहाज़ के पंख पर उत्थापक बलबरनौली का सिद्धांत

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

सामान्य विज्ञान के भौतिकी भाग में मात्रक, गति, बल, गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा सबसे बुनियादी अध्याय हैं। SSC, रेलवे और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इनसे सीधे तथ्य (मात्रक, नियतांक, यंत्र), दैनिक जीवन के "क्यों" वाले प्रश्न और कक्षा 9 स्तर के सरल संख्यात्मक प्रश्न बनते हैं। आगे के अध्याय — ऊष्मा व ताप, प्रकाश व ध्वनि और विद्युत व चुंबकत्व — इन्हीं मात्रकों और ऊर्जा की अवधारणा पर टिके हैं।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • SSC CGL / CHSL / MTS / GD — मात्रक, मापक यंत्र, न्यूटन के नियमों के उदाहरण, g का परिवर्तन
  • RRB NTPC — मात्रक रूपांतरण, सरल संख्यात्मक (गति के समीकरण, गतिज ऊर्जा, शक्ति)
  • अग्निवीर (थल/नौसेना/वायुसेना) — गति, बल, कार्य-ऊर्जा, दाब; विज्ञान वर्ग में संख्यात्मक
  • राजस्थान CET (12वीं व स्नातक) / पटवारी — एक-पंक्ति तथ्य, दैनिक जीवन के उदाहरण

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. राशि–मात्रक या यंत्र–उपयोग का सीधा मिलान
  2. सदिश बनाम अदिश की पहचान
  3. दैनिक घटना की व्याख्या — "बस अचानक चलने पर यात्री पीछे क्यों गिरते हैं?"
  4. सरल संख्यात्मक — v, s, F, p, KE, PE, P की गणना
  5. कथन-आधारित — g, भार, भारहीनता, पलायन वेग से जुड़े कथन

3. मात्रक व मापन

किसी भौतिक राशि को मापने के लिए जिस मानक का प्रयोग होता है, उसे मात्रक (Unit) कहते हैं। आज विश्व भर में SI पद्धति (Système International, 1960) मान्य है। जो मात्रक किसी दूसरे पर निर्भर नहीं, वे मूल मात्रक और जो मूल मात्रकों से बनते हैं, वे व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।

3.1 SI के 7 मूल मात्रक

क्रममूल राशिSI मात्रकसंकेत
1लंबाईमीटरm
2द्रव्यमानकिलोग्रामkg
3समयसेकंडs
4विद्युत धाराऐम्पियरA
5ऊष्मागतिक तापकेल्विनK
6पदार्थ की मात्रामोलmol
7ज्योति तीव्रता (Luminous intensity)कैंडेलाcd

ध्यान दें: समतल कोण का मात्रक रेडियन (rad) और घन कोण का स्टेरेडियन (sr) है; पहले इन्हें "पूरक मात्रक" कहा जाता था। ताप का SI मात्रक केल्विन है, डिग्री सेल्सियस नहीं।

3.2 प्रमुख व्युत्पन्न मात्रक

राशिसूत्रSI मात्रकसदिश / अदिश
चाल (Speed)दूरी / समयm/sअदिश
वेग (Velocity)विस्थापन / समयm/sसदिश
त्वरण (Acceleration)वेग परिवर्तन / समयm/s²सदिश
बल (Force)F = maन्यूटन (N) = kg·m/s²सदिश
भार (Weight)W = mgन्यूटन (N)सदिश
संवेग (Momentum)p = mvkg·m/sसदिश
आवेग (Impulse)F × tN·sसदिश
कार्य (Work)W = F × sजूल (J) = N·mअदिश
ऊर्जा (Energy)½mv², mghजूल (J)अदिश
शक्ति (Power)P = W / tवाट (W) = J/sअदिश
दाब (Pressure)P = F / Aपास्कल (Pa) = N/m²अदिश
घनत्व (Density)द्रव्यमान / आयतनkg/m³अदिश
बल-आघूर्ण (Torque)बल × लंबवत दूरीN·mसदिश
आवृत्ति (Frequency)1 / आवर्तकालहर्ट्ज़ (Hz)अदिश
पृष्ठ तनाव (Surface tension)बल / लंबाईN/m—
श्यानता गुणांक (Viscosity)—Pa·s (CGS में पॉइज़)—
विद्युत आवेशधारा × समयकूलॉम (C)अदिश
विभवांतरकार्य / आवेशवोल्ट (V)अदिश
प्रतिरोधV / Iओम (Ω)—

नियम: किसी वैज्ञानिक के नाम पर बने मात्रक का पूरा नाम छोटे अक्षर से (newton, joule) और संकेत बड़े अक्षर से (N, J) लिखा जाता है।

3.3 मात्रक रूपांतरण (बार-बार पूछे जाने वाले)

मात्रकमानकिस राशि का
1 प्रकाश वर्ष (Light year)≈ 9.46×10¹⁵ m (प्रकाश द्वारा 1 वर्ष में तय दूरी)दूरी
1 खगोलीय इकाई (AU)≈ 1.496×10¹¹ m (पृथ्वी–सूर्य औसत दूरी)दूरी
1 पारसेक≈ 3.26 प्रकाश वर्ष ≈ 3.08×10¹⁶ mदूरी (सबसे बड़ा)
1 ऐंग्स्ट्रॉम (Å)10⁻¹⁰ mतरंगदैर्ध्य / सूक्ष्म दूरी
1 नैनोमीटर (nm)10⁻⁹ mलंबाई
1 माइक्रॉन (µm)10⁻⁶ mलंबाई
1 फ़र्मी (fm)10⁻¹⁵ mनाभिकीय दूरी
1 नॉटिकल मील1852 mसमुद्री दूरी
1 अश्वशक्ति (HP)746 Wशक्ति
1 kWh3.6×10⁶ Jऊर्जा
1 कैलोरी≈ 4.186 J (लगभग 4.2 J)ऊष्मा / ऊर्जा
1 इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV)≈ 1.6×10⁻¹⁹ Jऊर्जा
1 अर्ग (erg)10⁻⁷ Jऊर्जा (CGS)
1 डाइन (dyne)10⁻⁵ Nबल (CGS)
1 kg-भार (kgf)≈ 9.8 Nबल
1 वायुमंडलीय दाब (atm)≈ 1.013×10⁵ Pa ≈ 76 cm पारे का स्तंभदाब
1 बार (bar)10⁵ Paदाब
1 क्विंटल / 1 टन100 kg / 1000 kgद्रव्यमान
1 km/h5/18 m/sचाल

उदाहरण: 72 km/h को m/s में बदलें — 72 × 5/18 = 20 m/s। उलटा, 10 m/s = 10 × 18/5 = 36 km/h।


4. प्रमुख मापक यंत्र

यंत्रक्या मापता है
बैरोमीटर (Barometer)वायुमंडलीय दाब
मैनोमीटर (Manometer)गैसों का दाब
स्फिग्मोमैनोमीटररक्तचाप (Blood pressure)
हाइड्रोमीटर (Hydrometer)द्रवों का आपेक्षिक घनत्व
लैक्टोमीटर (Lactometer)दूध की शुद्धता (आपेक्षिक घनत्व द्वारा)
हाइग्रोमीटर (Hygrometer)वायु की आपेक्षिक आर्द्रता
एनीमोमीटर (Anemometer)पवन की चाल
अल्टीमीटर (Altimeter)ऊँचाई (वायुयान में)
सीस्मोग्राफ़ (Seismograph)भूकंपीय तरंगें
ओडोमीटर (Odometer)वाहन द्वारा तय की गई दूरी
स्पीडोमीटर (Speedometer)वाहन की तात्क्षणिक चाल
फ़ैदोमीटर (Fathometer)समुद्र की गहराई (ध्वनि तरंगों से)
क्रोनोमीटर (Chronometer)सटीक समय (जहाज़ों में)
वर्नियर कैलिपर्सछोटी लंबाई, बेलन का व्यास, नली का आंतरिक व्यास
स्क्रू गेज (Screw gauge)तार का व्यास, पतली चादर की मोटाई
स्प्रिंग तुला (Spring balance)भार (बल)
भौतिक तुला (Beam/Physical balance)द्रव्यमान (तुलना द्वारा)
एमीटर / वोल्टमीटरविद्युत धारा / विभवांतर

बैरोमीटर से मौसम: पारे का अचानक तेज़ी से गिरना — आँधी/तूफ़ान; धीरे-धीरे गिरना — वर्षा की संभावना; धीरे-धीरे चढ़ना — साफ़ मौसम।


5. गति (Motion)

5.1 दूरी बनाम विस्थापन, चाल बनाम वेग

राशिपरिभाषाप्रकृतिमुख्य बात
दूरीवस्तु द्वारा तय किए गए पथ की कुल लंबाईअदिशसदा धनात्मक, कभी कम नहीं होती
विस्थापनप्रारंभिक से अंतिम स्थिति तक की सीधी (न्यूनतम) दूरी, दिशा सहितसदिशशून्य या ऋणात्मक भी हो सकता है; परिमाण ≤ दूरी
चालदूरी / समयअदिशस्पीडोमीटर चाल बताता है
वेगविस्थापन / समयसदिशदिशा बदलने पर वेग बदल जाता है
त्वरणवेग परिवर्तन की दरसदिशवेग घटे तो ऋणात्मक त्वरण = मंदन (Retardation)

उदाहरण: कोई धावक r त्रिज्या के वृत्ताकार ट्रैक का एक पूरा चक्कर लगाता है तो दूरी = 2πr, पर विस्थापन = शून्य, इसलिए औसत वेग भी शून्य होगा जबकि औसत चाल शून्य नहीं।

5.2 गति के समीकरण (एकसमान त्वरण के लिए)

समीकरणकिसके बीच संबंध
v = u + atवेग–समय
s = ut + ½at²स्थिति–समय
v² = u² + 2asवेग–स्थिति

(u = प्रारंभिक वेग, v = अंतिम वेग, a = त्वरण, t = समय, s = विस्थापन)। स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु के लिए a = g और ऊपर फेंकी गई वस्तु के लिए a = −g लेते हैं।

हल किए गए उदाहरण:

  1. एक कार विराम से 2 m/s² के त्वरण से 5 s चलती है। v = 0 + 2 × 5 = 10 m/s; s = 0 + ½ × 2 × 5² = 25 m।
  2. एक पत्थर 20 m ऊँचाई से छोड़ा जाता है (g = 10 m/s² मानें)। v² = 0 + 2 × 10 × 20 = 400, अतः v = 20 m/s; समय t = v/g = 2 s।
  3. 10 m/s से चल रही साइकिल ब्रेक लगाने पर 5 s में रुकती है। a = (0 − 10)/5 = −2 m/s² (मंदन 2 m/s²)।

5.3 ग्राफ़ से पहचान

ग्राफ़ढाल (Slope) बताता हैक्षेत्रफल बताता है
दूरी–समय (या स्थिति–समय)चाल / वेग—
वेग–समयत्वरणविस्थापन (तय दूरी)

दूरी–समय ग्राफ़ की सीधी रेखा = एकसमान चाल; समय-अक्ष के समांतर रेखा = वस्तु विराम में।

5.4 वृत्तीय गति और अभिकेंद्र बल

  • एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है, पर दिशा हर क्षण बदलती है, इसलिए वेग बदलता है — यह त्वरित गति है।
  • वृत्तीय पथ पर बनाए रखने के लिए केंद्र की ओर लगने वाला बल अभिकेंद्र बल (Centripetal force) = mv²/r कहलाता है।
  • सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के लिए अभिकेंद्र बल गुरुत्वाकर्षण बल देता है; परमाणु में इलेक्ट्रॉन के लिए विद्युत आकर्षण बल।
  • घूमते निर्देश-तंत्र में अनुभव होने वाला बाहर की ओर का बल अपकेंद्री बल (छद्म बल) है — वॉशिंग मशीन का ड्रायर, दूध से मक्खन/क्रीम अलग करने वाली मशीन (क्रीम सेपरेटर) इसी पर काम करते हैं।
  • मोड़ पर सड़क का बाहरी किनारा ऊँचा रखना (बैंकिंग) और साइकिल सवार का मोड़ पर अंदर झुकना — आवश्यक अभिकेंद्र बल पाने के लिए।

6. न्यूटन के गति के नियम

नियमकथनदैनिक उदाहरण
पहला — जड़त्व का नियमकोई वस्तु विराम या एकसमान सरल रेखीय गति में तब तक रहती है, जब तक उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल न लगेबस के अचानक चलने पर यात्री पीछे झुकते हैं; अचानक ब्रेक पर आगे; कंबल को डंडे से झाड़ने पर धूल गिरती है; पेड़ हिलाने पर फल गिरते हैं
दूसरा — F = maसंवेग परिवर्तन की दर लगाए गए बल के समानुपाती होती है और बल की दिशा में होती हैक्रिकेट खिलाड़ी गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचता है; ऊँची कूद में गद्दे/रेत; काँच के सामान की पैकिंग में थर्मोकोल
तीसरा — क्रिया-प्रतिक्रियाप्रत्येक क्रिया के बराबर व विपरीत प्रतिक्रिया होती है; दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैंरॉकेट का ऊपर जाना; गोली चलाने पर बंदूक का पीछे हटना; तैराक का पानी को पीछे धकेलना; नाव से कूदने पर नाव का पीछे जाना; चलते समय ज़मीन को पीछे धकेलना

6.1 जड़त्व (Inertia) के प्रकार

प्रकारउदाहरण
विराम का जड़त्वबस के अचानक चलने पर यात्री का पीछे झुकना; गिलास पर रखे कार्ड को झटके से हटाने पर सिक्का गिलास में गिरना
गति का जड़त्वचलती बस से उतरने पर आगे गिरना; लंबी कूद से पहले दौड़ना
दिशा का जड़त्वकार के मोड़ पर मुड़ते समय यात्री का बाहर की ओर झुकना; घूमते पहिए से कीचड़ का स्पर्श-रेखा की दिशा में छिटकना

जड़त्व की माप द्रव्यमान है — भारी वस्तु का जड़त्व अधिक होता है, इसलिए खाली गाड़ी की तुलना में भरी गाड़ी को चलाना और रोकना दोनों कठिन है।

6.2 संवेग, आवेग और संवेग संरक्षण

  • संवेग p = mv (सदिश, kg·m/s)। उदाहरण: 2 kg द्रव्यमान 3 m/s से चले तो p = 6 kg·m/s।
  • आवेग = F × t = संवेग में परिवर्तन। संवेग परिवर्तन निश्चित हो तो समय बढ़ाने पर बल घटता है — यही कारण है कि कैच लेते समय हाथ पीछे खींचते हैं और वाहनों में शॉक-एब्ज़ॉर्बर/एयरबैग लगाए जाते हैं।
  • संवेग संरक्षण नियम: बाह्य बल न हो तो किसी निकाय का कुल संवेग नियत रहता है। गोली आगे, बंदूक पीछे (प्रतिक्षेप वेग); रॉकेट से गैसें पीछे, रॉकेट आगे।
  • दूसरे नियम का उदाहरण: 5 kg की वस्तु में 2 m/s² त्वरण उत्पन्न करने के लिए F = 5 × 2 = 10 N।
  • पहला नियम बल की परिभाषा देता है, दूसरा बल की माप (F = ma)।

7. घर्षण (Friction)

दो सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाला बल घर्षण बल है। यह सदैव गति (या गति की प्रवृत्ति) की विपरीत दिशा में लगता है।

प्रकारस्थितितुलनात्मक मान
स्थैतिक घर्षण (Static)वस्तु चलने से ठीक पहले तकसबसे अधिक (सीमांत घर्षण)
सर्पी घर्षण (Sliding)एक सतह दूसरी पर फिसल रही होस्थैतिक से कम
लोटनिक घर्षण (Rolling)पहिया/गेंद लुढ़क रही होसबसे कम
तरल घर्षण (Drag)द्रव या वायु में गतिचाल व आकृति पर निर्भर
  • घर्षण घटाने के उपाय: स्नेहक (तेल, ग्रीस), बॉल-बेयरिंग (सर्पी को लोटनिक में बदलना), पॉलिश, धारारेखीय आकृति (हवाई जहाज़, मछली)।
  • घर्षण बढ़ाने के उपाय: टायरों व जूतों के तलवों में खाँचे, सड़क पर रेत डालना।
  • घर्षण के बिना चलना, लिखना, ब्रेक लगाना संभव नहीं; इसलिए इसे "आवश्यक बुराई" कहते हैं। चिकनी (गीली/बर्फ़ीली) सतह पर फिसलन घर्षण कम होने से होती है।

8. गुरुत्वाकर्षण (Gravitation)

8.1 न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम

ब्रह्मांड का प्रत्येक पिंड हर दूसरे पिंड को एक बल से आकर्षित करता है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है — F = G m₁m₂ / r²।

  • G = 6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg² — यह सार्वत्रिक नियतांक है, हर जगह समान।
  • दूरी दोगुनी करने पर बल 1/4 हो जाता है; किसी एक द्रव्यमान को दोगुना करने पर बल दोगुना।
  • पृथ्वी द्वारा लगाए गए गुरुत्वाकर्षण बल को गुरुत्व (Gravity) कहते हैं।
  • केप्लर के नियम: ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमते हैं और सूर्य एक नाभि पर होता है; सूर्य के निकट ग्रह तेज़ चलता है; आवर्तकाल का वर्ग कक्षा की औसत दूरी के घन के समानुपाती होता है (T² ∝ r³)।

8.2 गुरुत्वीय त्वरण g

पृथ्वी तल पर g = GM/R² ≈ 9.8 m/s² (M = पृथ्वी का द्रव्यमान, R = त्रिज्या)। g वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता — निर्वात में पंख और सिक्का एक साथ गिरते हैं।

स्थितिg पर प्रभावकारण
ध्रुवों परअधिकतम (≈ 9.83 m/s²)ध्रुवीय त्रिज्या कम; घूर्णन का प्रभाव नहीं
विषुवत रेखा परन्यूनतम (≈ 9.78 m/s²)विषुवतीय त्रिज्या अधिक; घूर्णन का प्रभाव सबसे अधिक
ऊँचाई बढ़ने परघटता हैकेंद्र से दूरी बढ़ती है
गहराई बढ़ने पर (खान में)घटता हैऊपर की परत का आकर्षण नहीं मिलता
पृथ्वी के केंद्र परशून्यसभी ओर से आकर्षण संतुलित
पृथ्वी का घूर्णन रुक जाएविषुवत रेखा पर बढ़ेगा, ध्रुवों पर अपरिवर्तितघूर्णन का प्रभाव समाप्त
चंद्रमा परपृथ्वी का लगभग 1/6 (≈ 1.6 m/s²)चंद्रमा का द्रव्यमान व त्रिज्या कम

8.3 द्रव्यमान बनाम भार

आधारद्रव्यमान (Mass)भार (Weight)
परिभाषावस्तु में निहित पदार्थ की मात्रा; जड़त्व की मापवस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल, W = mg
SI मात्रककिलोग्राम (kg)न्यूटन (N)
प्रकृतिअदिशसदिश (नीचे की ओर)
स्थान बदलने परनहीं बदलताg के साथ बदलता है
मापकभौतिक तुलास्प्रिंग तुला
शून्य कबकभी नहींपृथ्वी के केंद्र पर, मुक्त पतन में (आभासी)

उदाहरण: 60 kg द्रव्यमान का व्यक्ति — पृथ्वी पर भार = 60 × 9.8 = 588 N; चंद्रमा पर भार ≈ 588/6 = 98 N; द्रव्यमान दोनों जगह 60 kg।

8.4 लिफ्ट में आभासी भार

लिफ्ट की स्थितिआभासी भार
विराम या एकसमान वेग (ऊपर/नीचे)वास्तविक भार के बराबर
ऊपर की ओर त्वरितबढ़ जाता है — m(g + a)
नीचे की ओर त्वरितघट जाता है — m(g − a)
रस्सी टूटने पर मुक्त पतन (a = g)शून्य (भारहीनता)

8.5 पलायन वेग, कक्षीय वेग और उपग्रह

राशिमान / तथ्य
पलायन वेग (Escape velocity)वह न्यूनतम वेग जिससे फेंकी गई वस्तु पृथ्वी के गुरुत्व से बाहर चली जाए; पृथ्वी के लिए ≈ 11.2 km/s; v = √(2gR)
पलायन वेग किस पर निर्भर नहींफेंकी जाने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर
चंद्रमा का पलायन वेगलगभग 2.4 km/s — कम होने से चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं टिकता
पृथ्वी के निकट कक्षीय वेगलगभग 7.9 km/s (≈ 8 km/s); पलायन वेग = √2 × कक्षीय वेग
कक्षीय वेग किस पर निर्भर नहींउपग्रह के द्रव्यमान पर (किसी ग्रह के लिए केवल ऊँचाई पर निर्भर)
भूस्थिर उपग्रह (Geostationary)विषुवत रेखा के ऊपर लगभग 36,000 km ऊँचाई; आवर्तकाल पृथ्वी के घूर्णन के बराबर (लगभग 24 घंटे); पश्चिम से पूर्व; पृथ्वी से स्थिर दिखता है — संचार व मौसम उपग्रह
चंद्रमापृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह

भारहीनता (Weightlessness): कक्षा में घूमते अंतरिक्ष यान में यात्री भारहीन महसूस करता है, क्योंकि यान और यात्री दोनों समान त्वरण से लगातार पृथ्वी की ओर "मुक्त रूप से गिर" रहे होते हैं। वहाँ g शून्य नहीं है — यही g तो उपग्रह को कक्षा में रखने वाला अभिकेंद्र बल देता है।


9. कार्य, ऊर्जा और शक्ति

9.1 कार्य (Work)

  • कार्य तभी होता है जब बल लगाने पर वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो: W = F × s × cosθ; मात्रक जूल; अदिश राशि।
  • बल और विस्थापन परस्पर लंबवत (θ = 90°) हों तो कार्य शून्य — जैसे वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल का कार्य, या सिर पर बोझ रखकर समतल पर चलते कुली द्वारा गुरुत्व के विरुद्ध कार्य।
  • दीवार को धकेलने पर दीवार न हिले तो भौतिकी की दृष्टि से कार्य शून्य (भले ही थकान हो)।
  • घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य प्रायः ऋणात्मक होता है (बल विस्थापन के विपरीत)।

9.2 गतिज और स्थितिज ऊर्जा

ऊर्जासूत्रकारणउदाहरण
गतिज ऊर्जा (Kinetic)KE = ½mv²गति के कारणबहता पानी, चलती गोली, हवा (पवन चक्की)
स्थितिज ऊर्जा (Potential)PE = mghस्थिति या आकृति (विकृति) के कारणबाँध में रुका पानी, खिंचा धनुष, दबी स्प्रिंग, चाबी भरी घड़ी
  • वेग दोगुना → KE चार गुना; द्रव्यमान दोगुना → KE दोगुना।
  • संवेग और गतिज ऊर्जा का संबंध: KE = p²/2m। समान संवेग हो तो हल्की वस्तु की गतिज ऊर्जा अधिक होती है।
  • उदाहरण: 2 kg की गेंद 4 m/s से — KE = ½ × 2 × 16 = 16 J। 10 kg की वस्तु 5 m ऊँचाई पर — PE = 10 × 9.8 × 5 = 490 J।

9.3 ऊर्जा संरक्षण का नियम

ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न नष्ट; वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है और किसी विलगित निकाय की कुल ऊर्जा नियत रहती है। स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु में (वायु प्रतिरोध नगण्य मानकर) ऊपर PE अधिकतम, नीचे पहुँचते-पहुँचते KE अधिकतम, पर हर बिंदु पर PE + KE = नियत। सरल लोलक में चरम स्थिति पर PE अधिकतम और मध्य स्थिति पर KE अधिकतम होती है।

9.4 ऊर्जा रूपांतरण के उपकरण

उपकरण / प्रक्रमऊर्जा रूपांतरण
विद्युत मोटरविद्युत → यांत्रिक
जनित्र / डायनेमोयांत्रिक → विद्युत
विद्युत सेल / बैटरी (उपयोग के समय)रासायनिक → विद्युत
बैटरी चार्ज करनाविद्युत → रासायनिक
सौर सेलप्रकाश (सौर) → विद्युत
माइक्रोफ़ोनध्वनि → विद्युत
लाउडस्पीकरविद्युत → ध्वनि
विद्युत बल्बविद्युत → प्रकाश + ऊष्मा
विद्युत हीटर / इस्त्रीविद्युत → ऊष्मा
मोमबत्ती / लालटेनरासायनिक → प्रकाश + ऊष्मा
पेट्रोल / डीज़ल इंजनरासायनिक → ऊष्मा → यांत्रिक
भाप इंजनऊष्मा → यांत्रिक
प्रकाश संश्लेषणप्रकाश → रासायनिक
थर्मोकपलऊष्मा → विद्युत
जल विद्युत संयंत्रस्थितिज → गतिज → विद्युत

9.5 शक्ति (Power)

  • कार्य करने की दर: P = W/t; SI मात्रक वाट; 1 HP = 746 W।
  • kWh ऊर्जा का मात्रक है, शक्ति का नहीं; घरेलू बिजली का "1 यूनिट" = 1 kWh = 3.6×10⁶ J।
  • उदाहरण: 1000 J कार्य 10 s में → P = 100 W। 100 W का बल्ब 10 घंटे जले → ऊर्जा = 0.1 kW × 10 h = 1 kWh (1 यूनिट)।

10. सरल मशीनें और उत्तोलक

सरल मशीन वह युक्ति है जो कम बल (आयास) से अधिक भार उठाने, बल की दिशा बदलने या कार्य को सुविधाजनक बनाने में मदद करती है। यांत्रिक लाभ (MA) = भार / आयास। मशीन ऊर्जा या कार्य नहीं बढ़ाती — आदर्श मशीन में भी किया गया कार्य उतना ही रहता है।

10.1 उत्तोलक (Lever) के तीन वर्ग

उत्तोलक में तीन बिंदु होते हैं — आलंब (F, Fulcrum), आयास (E, Effort) और भार (L, Load)। जो बीच में हो, उसी से वर्ग तय होता है।

वर्गबीच में क्यायांत्रिक लाभउदाहरण
प्रथम वर्गआलंब (E–F–L)1 से कम, बराबर या अधिक — कुछ भीकैंची, सी-सॉ (झूला), प्लायर्स (पिलास), भौतिक तुला, हैंडपंप का हत्था
द्वितीय वर्गभार (F–L–E)सदा 1 से अधिकसरौता (Nutcracker), नींबू निचोड़ने की मशीन, एक पहिए की ठेला गाड़ी, बोतल का ढक्कन खोलने वाला ओपनर
तृतीय वर्गआयास (F–E–L)सदा 1 से कमचिमटा, चिमटी (Tweezers), मछली पकड़ने की छड़, मानव का अग्रबाहु (हाथ), झाड़ू

तृतीय वर्ग के उत्तोलक में यांत्रिक लाभ कम होने पर भी सुविधा (गति व पकड़) मिलती है। यांत्रिक लाभ का सामान्य उदाहरण: 200 N भार को 50 N आयास से उठाया जाए तो MA = 200/50 = 4।

10.2 अन्य सरल मशीनें

मशीनउदाहरण / तथ्य
आनत तल (Inclined plane)ट्रक में सामान चढ़ाने का ढलवाँ तख़्ता, पहाड़ी की घुमावदार सड़क
पेंच (Screw)लिपटा हुआ आनत तल; जैक, बोतल का ढक्कन
पच्चर (Wedge)कुल्हाड़ी, चाकू, कील
घिरनी (Pulley)एकल स्थिर घिरनी केवल बल की दिशा बदलती है (आदर्श MA = 1); कुएँ से पानी खींचना
पहिया व धुरीस्टीयरिंग व्हील, पेचकस

11. दाब और तरल (Pressure & Fluids)

11.1 दाब

  • दाब = बल / क्षेत्रफल; मात्रक पास्कल; दाब अदिश है। उदाहरण: 100 N बल 0.5 m² पर → 200 Pa।
  • क्षेत्रफल कम → दाब अधिक: धारदार चाकू, नुकीली कील, सुई।
  • क्षेत्रफल अधिक → दाब कम: बस्ते की चौड़ी पट्टियाँ, ऊँट के चौड़े पैर (रेत में नहीं धँसते), ट्रैक्टर के चौड़े टायर, रेल पटरियों के नीचे स्लीपर।
  • द्रव का दाब = hρg — गहराई के साथ बढ़ता है; इसलिए बाँध की दीवार नीचे से मोटी बनाई जाती है। एक ही गहराई पर द्रव दाब सभी दिशाओं में समान होता है।
  • वायुमंडलीय दाब समुद्र तल पर ≈ 1.013×10⁵ Pa (76 cm पारा स्तंभ) — ऊँचाई के साथ घटता है; इसलिए ऊँचाई पर फाउंटेन पेन से स्याही रिसने लगती है और पर्वतारोहियों को नाक से रक्तस्राव हो सकता है।

11.2 पास्कल का नियम

बंद पात्र में भरे द्रव के किसी भाग पर लगाया गया दाब बिना घटे सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है। अनुप्रयोग: हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक, हाइड्रोलिक प्रेस (रुई की गाँठें दबाना), हाइड्रोलिक जैक।

11.3 आर्किमिडीज़ का सिद्धांत और प्लवन

किसी वस्तु को द्रव में पूरा या आंशिक डुबोने पर उस पर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) लगता है, जो वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है। इसलिए द्रव में वस्तु का भार कम प्रतीत होता है।

स्थितिपरिणाम
वस्तु का घनत्व > द्रव का घनत्वडूब जाती है (लोहे की कील)
वस्तु का घनत्व < द्रव का घनत्वतैरती है (लकड़ी, बर्फ़)
प्लवन का नियमतैरती वस्तु का भार = उसके डूबे भाग द्वारा हटाए गए द्रव का भार
  • लोहे का जहाज़ तैरता है क्योंकि उसकी खोखली आकृति अपने भार जितना पानी हटा देती है।
  • समुद्र के खारे पानी का घनत्व अधिक है, इसलिए उसमें तैरना आसान है; अंडा सादे पानी में डूबता और गाढ़े नमक के घोल में तैरता है।
  • हिमखंड (Iceberg) का लगभग 9/10 भाग पानी के नीचे रहता है।
  • नदी से समुद्र में आने पर जहाज़ थोड़ा ऊपर उठ जाता है।
  • हाइड्रोमीटर और लैक्टोमीटर प्लवन के सिद्धांत पर काम करते हैं।
  • आपेक्षिक घनत्व = वस्तु का घनत्व / 4 °C पर जल का घनत्व — इसका कोई मात्रक नहीं। जल का घनत्व 1000 kg/m³ (1 g/cm³), पारे का ≈ 13.6 g/cm³।
  • उदाहरण: किसी वस्तु का भार वायु में 10 N और जल में 8 N है। उत्प्लावन बल = 2 N; आपेक्षिक घनत्व = 10/2 = 5।

11.4 बरनौली का सिद्धांत (संक्षेप में)

धारारेखीय प्रवाह में जहाँ तरल (द्रव या गैस) की चाल अधिक होती है, वहाँ दाब कम होता है। अनुप्रयोग: वायुयान के पंख पर उत्थापक बल (ऊपर हवा तेज़ → दाब कम); आँधी में छप्पर/टिन की छतें उड़ जाना; तेज़ ट्रेन के पास खड़े व्यक्ति का ट्रेन की ओर खिंचना; स्प्रेयर और कणित्र (Atomizer)।

11.5 पृष्ठ तनाव, केशिकत्व और श्यानता

गुणअर्थदैनिक उदाहरण / तथ्य
पृष्ठ तनाव (Surface tension)द्रव की सतह का तनी हुई झिल्ली की तरह व्यवहार; सतह का क्षेत्रफल न्यूनतम रखने की प्रवृत्ति; मात्रक N/mबूँदें गोलाकार; कीड़े जल-सतह पर चल लेते हैं; साबुन/डिटर्जेंट पृष्ठ तनाव घटाकर मैल हटाते हैं; गरम पानी (कम पृष्ठ तनाव) से सफ़ाई बेहतर; ताप बढ़ने पर पृष्ठ तनाव घटता है
केशिकत्व (Capillarity)पतली नली (केशनली) में द्रव का ऊपर चढ़ना या नीचे उतरना; पतली नली में अधिक चढ़ावलालटेन की बत्ती में तेल चढ़ना; स्याहीसोख (ब्लॉटिंग पेपर); तौलिये का पानी सोखना; खेत की जुताई से केशनलियाँ टूटती हैं और नमी बनी रहती है; काँच की नली में जल चढ़ता है, पारा नीचे उतरता है
श्यानता (Viscosity)तरल की परतों के बीच आंतरिक घर्षण; प्रवाह का विरोधशहद, ग्लिसरीन, गाढ़ा तेल जल से अधिक श्यान; ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घटती और गैसों की बढ़ती है; वर्षा की बूँदें श्यानता के कारण एक नियत सीमांत वेग (Terminal velocity) से गिरती हैं

12. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: भार बनाम द्रव्यमान

"चंद्रमा पर द्रव्यमान 1/6 हो जाता है" — गलत। द्रव्यमान कहीं नहीं बदलता; केवल भार (mg) 1/6 होता है। भार का SI मात्रक न्यूटन है, किलोग्राम नहीं; बाज़ार में "किलो" वास्तव में द्रव्यमान है।

Trap 2: चाल बनाम वेग

स्पीडोमीटर चाल बताता है, वेग नहीं (दिशा नहीं बताता)। एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर पर वेग परिवर्ती है — इसलिए वह "एकसमान वेग" नहीं, बल्कि त्वरित गति है।

Trap 3: दूरी बनाम विस्थापन

एक पूरा चक्कर लगाकर लौटने पर विस्थापन शून्य होता है, दूरी नहीं। विस्थापन का परिमाण दूरी से कभी अधिक नहीं हो सकता।

Trap 4: G बनाम g

आधारGg
नामसार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांकगुरुत्वीय त्वरण
मान6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg²पृथ्वी तल पर ≈ 9.8 m/s²
बदलता है?कभी नहींस्थान, ऊँचाई, गहराई के साथ

Trap 5: भारहीनता का कारण

अंतरिक्ष यात्री इसलिए भारहीन नहीं है कि "वहाँ गुरुत्व नहीं है"; वह यान के साथ मुक्त पतन में है। पृथ्वी के केंद्र पर भार शून्य होना एक अलग कारण (g = 0) से है।

Trap 6: क्रिया-प्रतिक्रिया एक-दूसरे को निरस्त क्यों नहीं करते?

क्योंकि दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं। घोड़ा गाड़ी को खींचता है, गाड़ी घोड़े को — घोड़ा आगे इसलिए बढ़ता है कि ज़मीन उसे आगे धकेलती है।

Trap 7: kWh और HP

kWh ऊर्जा का मात्रक है; kW और HP शक्ति के। प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक है, समय का नहीं।

Trap 8: दाब अदिश क्यों; बल-आघूर्ण बनाम कार्य

दाब में "बल" शामिल है, फिर भी दाब अदिश है। बल-आघूर्ण और कार्य दोनों का मात्रक N·m है, पर बल-आघूर्ण सदिश है और कार्य अदिश; कार्य के लिए इस मात्रक को जूल कहते हैं।

Trap 9: उत्तोलक का वर्ग

वर्ग "बीच वाले बिंदु" से तय होता है — बीच में आलंब = प्रथम (कैंची), बीच में भार = द्वितीय (सरौता), बीच में आयास = तृतीय (चिमटा)। द्वितीय वर्ग का MA सदा 1 से अधिक, तृतीय का सदा 1 से कम।

Trap 10: पलायन वेग और द्रव्यमान

पलायन वेग फेंकी जाने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता — 1 kg की गेंद और 1000 kg के रॉकेट दोनों के लिए पृथ्वी पर ≈ 11.2 km/s। यह ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है।


13. Most-Asked रिवीज़न तालिका (55 तथ्य)

क्रमप्रश्नउत्तर
1SI मूल मात्रक कितने हैं?7
2ज्योति तीव्रता का SI मात्रककैंडेला
3पदार्थ की मात्रा का SI मात्रकमोल
4ताप का SI मात्रककेल्विन
5बल का SI मात्रकन्यूटन
6दाब का SI मात्रकपास्कल
7शक्ति का SI मात्रकवाट
8संवेग का SI मात्रकkg·m/s
9आवृत्ति का मात्रकहर्ट्ज़
101 HP746 W
111 kWh3.6×10⁶ J
12प्रकाश वर्ष किसका मात्रकदूरी
131 ऐंग्स्ट्रॉम10⁻¹⁰ m
141 फ़र्मी10⁻¹⁵ m
151 नॉटिकल मील1852 m
161 डाइन10⁻⁵ N
171 अर्ग10⁻⁷ J
1836 km/h = ? m/s10 m/s
19वायुमंडलीय दाब मापने का यंत्रबैरोमीटर
20दूध की शुद्धतालैक्टोमीटर
21आपेक्षिक आर्द्रताहाइग्रोमीटर
22रक्तचापस्फिग्मोमैनोमीटर
23पवन की चालएनीमोमीटर
24वाहन द्वारा तय दूरीओडोमीटर
25समुद्र की गहराईफ़ैदोमीटर
26तार का व्यासस्क्रू गेज
27वेग–समय ग्राफ़ का ढालत्वरण
28वेग–समय ग्राफ़ का क्षेत्रफलविस्थापन
29एकसमान वृत्तीय गतित्वरित गति (वेग परिवर्ती)
30अभिकेंद्र बलmv²/r, केंद्र की ओर
31क्रीम सेपरेटर, वॉशिंग मशीन ड्रायरअपकेंद्री बल
32जड़त्व का नियमन्यूटन का पहला नियम
33जड़त्व की मापद्रव्यमान
34F = maन्यूटन का दूसरा नियम
35कैच लेते समय हाथ पीछे खींचनासमय बढ़ाकर बल घटाना (आवेग)
36रॉकेट प्रक्षेपणतीसरा नियम / संवेग संरक्षण
37सबसे कम घर्षणलोटनिक घर्षण
38बॉल-बेयरिंग का कार्यसर्पी को लोटनिक घर्षण में बदलना
39G का मान6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg²
40g का मान (पृथ्वी तल)≈ 9.8 m/s²
41g अधिकतमध्रुवों पर
42g न्यूनतम (पृथ्वी तल पर)विषुवत रेखा पर
43पृथ्वी के केंद्र पर भारशून्य
44चंद्रमा पर gपृथ्वी का लगभग 1/6
45पृथ्वी का पलायन वेग≈ 11.2 km/s
46भूस्थिर उपग्रह की ऊँचाई≈ 36,000 km
47स्वतंत्र रूप से गिरती लिफ्ट में भारशून्य
48गतिज ऊर्जा½mv²
49वेग दोगुना → KEचार गुना
50विद्युत मोटरविद्युत → यांत्रिक ऊर्जा
51डायनेमोयांत्रिक → विद्युत ऊर्जा
52सरौता किस वर्ग का उत्तोलकद्वितीय
53चिमटा किस वर्ग का उत्तोलकतृतीय
54हाइड्रोलिक ब्रेकपास्कल का नियम
55लालटेन की बत्ती में तेल चढ़नाकेशिकत्व

14. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

इस अध्याय के प्रश्न प्रायः पाँच ढाँचों में आते हैं। हर ढाँचे के लिए एक नमूना (स्वयं बनाया गया) प्रश्न:

  1. सीधा तथ्य: "पृथ्वी का पलायन वेग लगभग कितना है?" (उत्तर: 11.2 km/s)
  2. मात्रक/यंत्र मिलान: "सूची-I: हाइग्रोमीटर, एनीमोमीटर, लैक्टोमीटर, बैरोमीटर — सूची-II: वायुमंडलीय दाब, आपेक्षिक आर्द्रता, दूध की शुद्धता, पवन की चाल।" (हाइग्रोमीटर–आर्द्रता, एनीमोमीटर–पवन चाल, लैक्टोमीटर–दूध, बैरोमीटर–दाब)
  3. दैनिक जीवन तर्क: "ऊँट रेगिस्तान में आसानी से क्यों चल लेता है?" (चौड़े पैर → अधिक क्षेत्रफल → कम दाब)
  4. सरल संख्यात्मक: "500 g द्रव्यमान की गेंद 10 m/s से चल रही है; उसकी गतिज ऊर्जा?" (½ × 0.5 × 100 = 25 J — ध्यान दें, ग्राम को किलोग्राम में बदलना ज़रूरी है)
  5. कथन-आधारित: "1. g ध्रुवों पर अधिकतम है। 2. द्रव्यमान चंद्रमा पर घट जाता है। कौन-सा सही है?" (केवल 1)

रणनीति: संख्यात्मक प्रश्नों में पहले सभी राशियाँ SI मात्रक (kg, m, s) में बदलें। "क्यों" वाले प्रश्नों में पहचानें कि घटना किस नियम से जुड़ी है — जड़त्व, आवेग, क्रिया-प्रतिक्रिया, दाब या बरनौली।


15. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. 7 मूल मात्रक: "मी-कि-से, ऐ-के-मो-कै" — मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैंडेला।

2. उत्तोलक के वर्ग — "FLE" बीच का अक्षर: प्रथम में बीच में F (आलंब), द्वितीय में L (भार), तृतीय में E (आयास) — "1-2-3 = F-L-E"; उदाहरण "कैंची-सरौता-चिमटा"।

3. गति के समीकरण: "वी-यू-एटी, एस-यू-टी-आधा-एटी-स्क्वायर, वी-स्क्वायर-यू-स्क्वायर-टू-एएस" — तीनों में u हमेशा दाहिने पहले आता है।

4. g कहाँ ज़्यादा: "ध्रुव पर धाक, विषुवत पर कम, केंद्र पर शून्य।"

5. 11.2 और 7.9: "भागना 11, घूमना 8" — पलायन ≈ 11.2 km/s, कक्षीय ≈ 7.9 km/s।

6. 746: "घोड़ा = सात सौ छियालीस वाट" — 1 HP = 746 W।

7. घर्षण का क्रम: "स्थैतिक > सर्पी > लोटनिक" — "सबसे सख़्त, फिर सरकना, फिर लोटना आसान।"


16. कथन अभ्यास

SI पद्धति में 7 मूल मात्रक हैं। — सही।

प्रकाश वर्ष समय का मात्रक है। — गलत (यह दूरी का मात्रक है)।

दाब एक सदिश राशि है। — गलत (दाब अदिश राशि है)।

एकसमान वृत्तीय गति त्वरित गति है। — सही।

जड़त्व की माप भार है। — गलत (जड़त्व की माप द्रव्यमान है)।

क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक ही वस्तु पर लगते हैं। — गलत (दोनों अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं)।

पृथ्वी तल पर g का मान विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है। — सही।

चंद्रमा पर किसी वस्तु का द्रव्यमान पृथ्वी का 1/6 हो जाता है। — गलत (भार 1/6 होता है; द्रव्यमान वही रहता है)।

पलायन वेग फेंकी जाने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता। — सही।

kWh शक्ति का मात्रक है। — गलत (यह ऊर्जा का मात्रक है; 1 kWh = 3.6×10⁶ J)।

द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और आयास के बीच होता है। — सही।

ताप बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता बढ़ती है। — गलत (द्रवों की श्यानता घटती है; गैसों की बढ़ती है)।


17. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. 7 SI मूल मात्रक: m, kg, s, A, K, mol, cd
  2. N = kg·m/s²; J = N·m; W = J/s; Pa = N/m²
  3. 1 HP = 746 W; 1 kWh = 3.6×10⁶ J; प्रकाश वर्ष = दूरी ≈ 9.46×10¹⁵ m
  4. सदिश: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, भार, संवेग; अदिश: दूरी, चाल, द्रव्यमान, कार्य, ऊर्जा, शक्ति, दाब
  5. v = u + at; s = ut + ½at²; v² = u² + 2as
  6. एकसमान वृत्तीय गति = त्वरित; अभिकेंद्र बल mv²/r
  7. पहला नियम = जड़त्व; द्रव्यमान = जड़त्व की माप
  8. F = ma; आवेग = F × t = संवेग परिवर्तन
  9. तीसरा नियम: रॉकेट, बंदूक का प्रतिक्षेप, तैरना
  10. घर्षण: स्थैतिक > सर्पी > लोटनिक
  11. G = 6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg²; g ≈ 9.8 m/s² — ध्रुव अधिकतम, विषुवत न्यूनतम, केंद्र शून्य
  12. चंद्रमा पर भार 1/6; पलायन वेग ≈ 11.2 km/s; भूस्थिर उपग्रह ≈ 36,000 km
  13. KE = ½mv²; PE = mgh; वेग दोगुना → KE चार गुना
  14. उत्तोलक: कैंची (I), सरौता (II), चिमटा (III)
  15. पास्कल → हाइड्रोलिक ब्रेक; आर्किमिडीज़ → जहाज़, लैक्टोमीटर; बरनौली → वायुयान का पंख

18. अभ्यास

नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का क्विज़ हल करें। जिन प्रश्नों में गलती हो, उनके लिए खंड 3 (मात्रक), खंड 8 (गुरुत्वाकर्षण) और खंड 12 (Exam Traps) दोबारा पढ़ें। परीक्षा-स्तर का पूरा अभ्यास करने के लिए SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़, RRB NTPC CBT-1 2026 टेस्ट सीरीज़ या राजस्थान CET (स्नातक) मेगा टेस्ट सीरीज़ हल करें।


19. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

मात्रक, गति, बल, गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा भौतिकी की नींव हैं, और प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे सबसे अधिक सीधे प्रश्न बनते हैं। सबसे पहले मात्रक-यंत्र की तालिकाएँ पक्की करें, फिर न्यूटन के तीनों नियमों को दैनिक उदाहरणों से जोड़ें, और अंत में g, भार, पलायन वेग व ऊर्जा के सरल संख्यात्मक का अभ्यास करें। जहाँ मान "लगभग" हैं (g, पलायन वेग, उपग्रह की ऊँचाई), वहाँ परीक्षा में दिए विकल्पों में निकटतम मान चुनें।

7 मूल मात्रक | v = u + at | F = ma | G = 6.67×10⁻¹¹, g ≈ 9.8 (ध्रुव अधिकतम) | चंद्रमा पर भार 1/6 | पलायन ≈ 11.2 km/s | KE = ½mv² | 1 HP = 746 W | पास्कल–आर्किमिडीज़–बरनौली


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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

SI पद्धति में 7 मूल मात्रक हैं — मीटर (लंबाई), किलोग्राम (द्रव्यमान), सेकंड (समय), ऐम्पियर (विद्युत धारा), केल्विन (ताप), मोल (पदार्थ की मात्रा) और कैंडेला (ज्योति तीव्रता)।

1 अश्वशक्ति = 746 वाट। अश्वशक्ति और वाट दोनों शक्ति के मात्रक हैं, जबकि kWh ऊर्जा का मात्रक है।

प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक है, समय का नहीं। यह प्रकाश द्वारा निर्वात में एक वर्ष में तय की गई दूरी है, जो लगभग 9.46×10¹⁵ m होती है।

द्रव्यमान वस्तु में पदार्थ की मात्रा है, जिसका मात्रक kg है और जो हर स्थान पर समान रहता है। भार वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल (W = mg) है, जिसका मात्रक न्यूटन है और जो g के साथ बदलता है।

चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का लगभग 1/6 है, इसलिए वस्तु का भार भी लगभग 1/6 रह जाता है। वस्तु का द्रव्यमान नहीं बदलता।

ध्रुवों पर पृथ्वी की त्रिज्या कम होती है और वहाँ पृथ्वी के घूर्णन का प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए g अधिकतम (लगभग 9.83 m/s²) होता है। विषुवत रेखा पर त्रिज्या अधिक और घूर्णन का प्रभाव सबसे अधिक है, इसलिए g न्यूनतम (लगभग 9.78 m/s²) होता है।

पृथ्वी का पलायन वेग लगभग 11.2 km/s है। यह फेंकी जाने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता, केवल ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करता है।

पहला नियम (जड़त्व का नियम): बाह्य बल के बिना वस्तु अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था बनाए रखती है। दूसरा नियम: बल = द्रव्यमान × त्वरण (संवेग परिवर्तन की दर)। तीसरा नियम: प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।

कक्षा में घूमता उपग्रह और उसमें बैठा यात्री दोनों समान त्वरण से लगातार पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिर रहे होते हैं, इसलिए यात्री को फ़र्श से कोई प्रतिक्रिया बल नहीं मिलता। वहाँ g शून्य नहीं होता।

प्रथम वर्ग में आलंब बीच में होता है (कैंची, सी-सॉ), द्वितीय वर्ग में भार बीच में (सरौता, एक पहिए की ठेला गाड़ी) और तृतीय वर्ग में आयास बीच में (चिमटा, मानव अग्रबाहु)। द्वितीय वर्ग का यांत्रिक लाभ सदा 1 से अधिक और तृतीय का सदा 1 से कम होता है।

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