सोमवार, 19 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
19 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 19 अक्टूबर ऐतिहासिक विज्ञान एवं रक्षा मील का पत्थर — नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर जयंती (चंद्रशेखर सीमा 1.44 सौर द्रव्यमान) व भारत में निर्मित प्रथम स्वदेशी मिग-21 विमान (1970); [महत्वपूर्ण परीक्षा अलर्ट: राष्ट्रीय एकजुटता दिवस प्रतिवर्ष 20 अक्टूबर को 1962 युद्ध की स्मृति में मनाया जाता है]; हरित ऊर्जा एवं सौर क्रांति — "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" (300 यूनिट फ्री, ₹78k सब्सिडी) व MNRE रिपोर्ट अनुसार राजस्थान सौर ऊर्जा में 36 GW (36,000+ MW) के साथ देश में शीर्ष पर; वैश्विक नवाचार — WIPO ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII 2026) में भारत 38वें स्थान पर, स्टार्टअप्स व iStart राजस्थान; अंतरिक्ष अन्वेषण — भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS-1 2028), चंद्रयान-4 (लूनर सैंपल रिटर्न) व जोधपुर रिमोट सेंसिंग केंद्र; कृषि एवं ग्रामीण विकास — राजस्थान रबी फसल बुवाई अभियान (1.15 करोड़ हेक्टेयर), सरसों में देश में प्रथम स्थान, नैनो यूरिया व PMFBY; वन्यजीव संरक्षण — राज्य पक्षी गोडावण (GIB) ब्रीडिंग सेंटर (सम, जैसलमेर) व राजस्थान के 5 टाइगर रिजर्व; तथा राजस्थान कला एवं संस्कृति — देशनोक की आराध्य देवी "करणी माता", काबा (सफेद चूहे), मेहरानगढ़ की नींव (1459) व चारण कुल परंपरा का संपूर्ण प्रामाणिक परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।
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विज्ञान, रक्षा इतिहास एवं सामरिक आत्मनिर्भरता: डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर जयंती (19 अक्टूबर 1910) — "चंद्रशेखर सीमा", प्रथम स्वदेशी मिग-21 (1970) व सीमांत सुरक्षा (BRO/VVP)
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को महान भारतीय-अमेरिकी खगोलभौतिकीविद एवं 1983 के नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर की 116वीं जयंती मनाई गई। तारों के विकास और श्वेत वामन तारों (White Dwarfs) की द्रव्यमान सीमा निर्धारित करने वाली उनकी खोज "चंद्रशेखर सीमा" (Chandrasekhar Limit) आधुनिक खगोल भौतिकी का आधारस्तंभ है। इसी दिन 19 अक्टूबर 1970 को भारत में निर्मित प्रथम सुपरसोनिक लड़ाकू विमान मिग-21 (MiG-21) को भारतीय वायुसेना में शामिल कर रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी। रक्षा मंत्रालय और सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा इस अवसर पर सीमांत सामरिक अधोसंरचना की समीक्षा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर एवं "चंद्रशेखर सीमा" (UPSC / RPSC Science Core):
• जन्म: 19 अक्टूबर 1910 को लाहौर (अविभाजित भारत) में; भारत के प्रथम विज्ञान नोबेल विजेता सर सी.वी. रमन (1930) इनके सगे चाचा (पितृव्य) थे।
• नोबेल पुरस्कार: वर्ष 1983 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार (तारों की संरचना और विकास के सैद्धांतिक अध्ययन हेतु विलियम फाउलर के साथ साझा रूप से)।
• चंद्रशेखर सीमा (Chandrasekhar Limit = 1.44 M☉):
- किसी स्थिर श्वेत वामन (White Dwarf) तारे का अधिकतम संभव द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का 1.44 गुना (1.44 Solar Masses) हो सकता है।
- यदि किसी तारे का अवशेष द्रव्यमान 1.44 सौर द्रव्यमान से कम है, तो वह "श्वेत वामन तारा" बनकर शांत हो जाता है।
- यदि अवशेष द्रव्यमान 1.44 से अधिक और 3 सौर द्रव्यमान तक है, तो वह "न्यूट्रॉन तारा" (Neutron Star/Pulsar) बनता है।
- यदि 3 सौर द्रव्यमान से भी अधिक है, तो वह "ब्लैक होल" (Black Hole - कृष्ण विवर) में परिवर्तित हो जाता है।
✓स्वदेशी रक्षा विनिर्माण मील का पत्थर — मिग-21 (19 अक्टूबर 1970):
• ऐतिहासिक प्रसंग: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL, नासिक डिविजन) द्वारा सोवियत सहयोग से भारत में पूरी तरह असेंबल और निर्मित पहला मिग-21 लड़ाकू विमान 19 अक्टूबर 1970 को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।
• वर्तमान स्वदेशी रक्षा विनिर्माण: भारत ने अब पूरी तरह स्वदेशी 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमान "तेजस" (LCA Tejas Mk-1A) और प्रचंड अटैक हेलीकॉप्टर विकसित कर निर्यात स्तर तक सफलता प्राप्त की है।
✓💡 परीक्षा विशेष अलर्ट — राष्ट्रीय दिवसों में भ्रांति निवारण (Confusing Dates):
• राष्ट्रीय एकजुटता दिवस (National Solidarity Day): छात्र ध्यान दें कि यह दिवस प्रतिवर्ष 20 अक्टूबर को मनाया जाता है (20 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध प्रारंभ हुआ था, जिसकी स्मृति में 1966 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 20 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकजुटता दिवस घोषित किया)।
• 19 अक्टूबर: डॉ. सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर जयंती, मदर टेरेसा द्वारा मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना (1950) व प्रथम स्वदेशी मिग-21 इंडक्शन।
✓सीमांत सुरक्षा, BRO व वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP):
• सीमा सड़क संगठन (BRO): 7 मई 1960 को स्थापित; सेला सुरंग (अरुणाचल प्रदेश, 13,000+ फीट) व उमलिंग ला दर्रा (लद्दाख, 19,024 फीट - विश्व की सबसे ऊंची मोटर सड़क)।
• वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम (VVP): उत्तरी सीमांत के 2,967 सीमावर्ती गांवों में पलायन रोककर उन्हें सुरक्षा की प्रथम पंक्ति बनाना।
• राजस्थान सीमा: 1,070 किमी लंबी रेडक्लिफ अंतरराष्ट्रीय सीमा (श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर); BSF द्वारा "ऑपरेशन सर्द हवा" व "ऑपरेशन गर्म हवा"।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• चंद्रशेखर सीमा ट्रिक: "1.44 सौर द्रव्यमान = चंद्रशेखर सीमा! 1.44 से नीचे श्वेत वामन, ऊपर न्यूट्रॉन और ब्लैक होल!"
• दिवस विभेद ट्रिक: "19 अक्टूबर = चंद्रशेखर विज्ञान दिवस; 20 अक्टूबर = 1962 युद्ध एकजुटता दिवस!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत की अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी विस्तृत नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण क्रांति: "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" — 300 यूनिट निःशुल्क बिजली, रूफटॉप सोलर मॉडल व राजस्थान सौर ऊर्जा में देश में प्रथम स्थान (36 GW स्थापित क्षमता)
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा देश भर में सौर ऊर्जा अंगीकरण और रूफटॉप सोलर अधिष्ठापन की नवीनतम राष्ट्रीय प्रगति समीक्षा जारी की गई। "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर 1.30 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। वहीं MNRE के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राजस्थान 36,000 मेगावाट (36 GW) से अधिक संचयी स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता और 34.14+ GW कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ देश में निर्विवाद रूप से प्रथम स्थान (#1 Rank) पर बना हुआ है। देश के कुल सौर ऊर्जा उत्पादन का लगभग 27% हिस्सा अकेले राजस्थान से उत्पादित हो रहा है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का विधिक एवं वित्तीय ढांचा (UPSC/RAS Core):
• शुभारंभ: 13 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित; कुल वित्तीय परिव्यय ₹75,021 करोड़।
• राष्ट्रीय लक्ष्य: देश के 1 करोड़ मध्यम एवं निर्धन परिवारों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कर उन्हें प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना।
• आकर्षक केंद्रीय सब्सिडी संरचना:
- 1 किलोवाट (kW) सिस्टम: ₹30,000 की सीधी केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)।
- 2 किलोवाट सिस्टम: ₹60,000 की सब्सिडी।
- 3 किलोवाट या उससे अधिक सिस्टम: अधिकतम ₹78,000 की एकमुश्त सब्सिडी।
• शुद्ध आर्थिक लाभ: परिवारों को वार्षिक ₹15,000 से ₹18,000 की बिजली बिल बचत तथा अतिरिक्त उत्पादित बिजली को डिस्कॉम (DISCOM) को नेट मीटरिंग द्वारा बेचकर अतिरिक्त आय का सृजन।
✓सौर ऊर्जा में राजस्थान का देश में निर्विवाद प्रथम स्थान (MNRE Official Data Verified):
• संचयी सौर ऊर्जा क्षमता: 36,000+ मेगावाट (36 GW) — भारत के कुल राष्ट्रीय सौर उत्पादन का लगभग 27% हिस्सा।
• कुल नवीकरणीय ऊर्जा (RE): 34.14+ GW क्षमता का ऐतिहासिक मील का पत्थर पार।
• प्राकृतिक वरदान: राजस्थान में देश में सर्वाधिक सौर विकिरण (6 से 7 kWh/m²/day) और वर्ष में 325 से अधिक चमकीले धूप वाले दिन उपलब्ध हैं।
• भड़ला सोलर पार्क (Bhadla Solar Park, फलोदी/जोधपुर):
- कुल क्षमता: 2,245 मेगावाट; 14,000 एकड़ में फैला यह विश्व के सबसे बड़े एकल-स्थान सोलर पार्कों में शीर्ष पर है।
• अन्य प्रमुख सोलर पार्क: नोख सोलर पार्क (925 MW, जैसलमेर), फतेहगढ़ सोलर पार्क (जैसलमेर), बीकानेर सोलर पार्क और पुगल सोलर पार्क।
• पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Component-A):
- देश का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र राजस्थान के जयपुर जिले (वर्तमान कोटपूतली-बहरोड़) की कोटपूतली तहसील के भालोजी गांव में 1 मेगावाट क्षमता के साथ स्थापित किया गया था।
✓राजस्थान सौर ऊर्जा नीति एवं 2030 लक्ष्य:
• राजस्थान सौर ऊर्जा नीति: राज्य में सौर ऊर्जा क्षमता को निरंतर विस्तारित करने का दीर्घकालिक रोडमैप।
• राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: सौर ऊर्जा के अधिशेष का उपयोग कर पश्चिमी राजस्थान को देश का प्रमुख ग्रीन हाइड्रोजन व ग्रीन अमोनिया हब बनाना।
• ट्रांसमिशन अवसंरचना: ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) के तहत पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) से उत्पादित बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुंचाना।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• सब्सिडी स्मरण ट्रिक: "1 kW = 30 हजार, 2 kW = 60 हजार, 3 kW = 78 हजार (300 यूनिट बिजली फ्री, घर-घर रोशनी की गारंटी!)"
• क्षमता ट्रिक: "राजस्थान सोलर = 36 GW (देश का 27% हिस्सा, भड़ला फलोदी 2245 MW विश्व में अव्वल!)"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के ऊर्जा संसाधन, सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा नोट्स एवं राजस्थान CET 12th लेवल टेस्ट सीरीज़।
वैश्विक नवाचार, बौद्धिक संपदा एवं उद्यमिता: "ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII 2026)" — भारत 38वें स्थान पर, WIPO रिपोर्ट, स्टार्टअप्स व iStart राजस्थान मॉडल
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी "विश्व बौद्धिक संपदा संगठन" (WIPO - World Intellectual Property Organization, जिनेवा) द्वारा 139 देशों की नवाचार क्षमता का आकलन करने वाली वार्षिक रिपोर्ट "वैश्विक नवाचार सूचकांक 2026" (Global Innovation Index - GII 2026) का विस्तृत विश्लेषण जारी किया गया। इस आधिकारिक सूचकांक में भारत ने निरंतर प्रगति करते हुए 38वां स्थान (38th Rank out of 139 economies) प्राप्त किया है। वर्ष 2015 में 81वें पायदान पर रहने वाला भारत पिछले एक दशक में 43 स्थानों की ऐतिहासिक छलांग लगाकर वैश्विक स्तर पर शीर्ष-40 नवाचारी देशों में मजबूती से स्थापित हो चुका है। भारत मध्य और दक्षिण एशिया में प्रथम तथा निम्न-मध्यम आय वर्ग में लगातार शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) की कार्यप्रणाली एवं आधिकारिक आंकड़े (WIPO Verified):
• आयोजक संस्था: विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO); स्थापना 14 जुलाई 1967; मुख्यालय: जिनेवा (स्विट्जरलैंड)।
• भारत की समग्र रैंकिंग: 38वां स्थान (139 अर्थव्यवस्थाओं में से)।
• इनपुट बनाम आउटपुट प्रदर्शन:
- नवाचार आउटपुट (Innovation Outputs): भारत 25वें स्थान पर (ज्ञान, तकनीकी पेटेंट और रचनात्मक उत्पादन में वैश्विक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन)।
- नवाचार इनपुट (Innovation Inputs): भारत 49वें स्थान पर।
• क्षेत्रीय एवं आय वर्ग स्थिति:
- मध्य एवं दक्षिण एशिया (Central and Southern Asia): भारत 11 अर्थव्यवस्थाओं में 1st (प्रथम) स्थान पर।
- निम्न-मध्यम आय वर्ग (Lower-Middle Income Group): भारत 36 देशों में लगातार 14+ वर्षों से 1st (प्रथम) स्थान पर।
- नवाचार अति-निष्पादक (Innovation Overperformer): भारत अपने विकास स्तर की तुलना में लगातार 16 वर्षों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
• वैश्विक शीर्ष-3 देश: 1. स्विट्जरलैंड (लगातार शीर्ष पर), 2. स्वीडन, 3. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)।
✓मूल्यांकन के 7 प्रमुख स्तंभ (7 Pillars of GII):
• नवाचार इनपुट (5 स्तंभ): संस्थान (Institutions), मानव पूंजी एवं अनुसंधान, अवसंरचना, बाजार परिष्कार (Market Sophistication), और व्यापार परिष्कार।
• नवाचार आउटपुट (2 स्तंभ): ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आउटपुट (पेटेंट, वैज्ञानिक शोध पत्र) और रचनात्मक आउटपुट (Creative Outputs)।
• भारत के मजबूत क्षेत्र: आईसीटी सेवा निर्यात (ICT Services Exports) में विश्व में नंबर-1; विज्ञान एवं इंजीनियरिंग स्नातकों की संख्या में शीर्ष-3; घरेलू पेटेंट फाइलिंग में ऐतिहासिक वृद्धि।
✓भारत सरकार के प्रमुख नवाचार कार्यक्रम:
• अटल इनोवेशन मिशन (AIM - NITI Aayog): देश भर के 10,000 से अधिक स्कूलों में 'अटल टिंकरिंग लैब्स' (ATL) और विश्वविद्यालयों में अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AIC) की स्थापना।
• राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) नीति 2016: "रचनात्मक भारत, अभिनव भारत" के ध्येय वाक्य के साथ पेटेंट और ट्रेडमार्क पंजीकरण की गति को 4 गुना तेज किया गया।
✓राजस्थान में नवाचार एवं स्टार्टअप परिदृश्य (RPSC Exam High-Yield):
• 'आई-स्टार्ट राजस्थान' (iStart Rajasthan): सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) द्वारा संचालित राज्य का प्रमुख स्टार्टअप मंच; 4,000+ पंजीकृत स्टार्टअप्स।
• भामाशाह टेक्नो हब (जयपुर): देश का सबसे बड़ा सरकारी इनक्यूबेशन सेंटर, जहां 700+ स्टार्टअप्स को निःशुल्क सह-कार्यस्थल (Co-working space) और फंडिंग सहायता।
• राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (R-CAT, जयपुर): युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन और क्लाउड कंप्यूटिंग का आधुनिक प्रशिक्षण।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• रैंक ट्रिक: "2015 में 81 था, अब 38 हुआ — भारत का नवाचार तिरंगा शान से लहराया!" (38वीं रैंक = WIPO GII 2026, आउटपुट में 25वां)।
• शीर्ष देश ट्रिक: "स्विट्जरलैंड = सोने की घड़ी, नवाचार में सबसे बड़ी!" (स्विट्जरलैंड 1st)।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: भारतीय अर्थव्यवस्था, नीति आयोग एवं प्रमुख सूचकांक नोट्स एवं CET स्नातक स्तर टेस्ट सीरीज़।
अंतरिक्ष विज्ञान एवं भविष्य के अंतरिक्ष मिशन: भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS-1 2028) व चंद्रयान-4 (Lunar Sample Return) — केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति, LVM3 व LEO आर्किटेक्चर
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा भारत के महत्वाकांक्षी आगामी अंतरिक्ष अभियानों "भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन" (Bharatiya Antariksha Station - BAS) और "चंद्रयान-4" (Chandrayaan-4) के तकनीकी ब्लूप्रिंट और मिशन टाइमलाइन की समीक्षा प्रस्तुत की गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा चंद्रयान-4 मिशन हेतु ₹2,104 करोड़ और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के बेस मॉड्यूल (BAS-1) हेतु विशेष बजटीय प्रावधान को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। इसरो के अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2028 तक भारत अपने अंतरिक्ष स्टेशन के पहले मॉड्यूल को 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में स्थापित करेगा तथा 2040 तक भारतीय को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित उतारने का राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज़न पूर्ण किया जाएगा।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓चंद्रयान-4 मिशन की तकनीकी रूपरेखा (Lunar Sample Return Mission - UPSC/RAS Core):
• मिशन का प्राथमिक उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर वहां से चंद्र मिट्टी, चट्टानों और बर्फ के नमूनों (Regolith Samples) को एकत्रित करके सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना।
• विश्व में विशिष्ट स्थान: सफल होने पर भारत, अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद चंद्रमा से नमूने लाने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
• 5 अलग-अलग अंतरिक्ष मॉड्यूल का विन्यास:
1. प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module): चंद्र कक्षा तक ले जाने हेतु।
2. डिसेंडर मॉड्यूल (Descender Module): चंद्रमा की सतह पर सटीक लैंडिंग हेतु।
3. एसेंडर मॉड्यूल (Ascender Module): चंद्र सतह से नमूने लेकर पुनः चंद्र कक्षा में उड़ान भरने हेतु।
4. ट्रांसफर मॉड्यूल (Transfer Module): नमूनों को चंद्र कक्षा में डॉक कर पृथ्वी की ओर लाने हेतु।
5. री-एंट्री मॉड्यूल (Re-entry Module): पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर नमूनों को सुरक्षित धरातल पर उतारने हेतु।
• दोहरी लॉन्च रणनीति: भारी पेलोड के कारण मिशन को LVM3 रॉकेट द्वारा दो अलग-अलग चरणों में लॉन्च कर अंतरिक्ष में डॉकिंग (Space Docking) की जाएगी।
✓भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksha Station - BAS 2035):
• परिकल्पना: वर्ष 2035 तक 52 टन वजनी पूर्ण क्रियाशील अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण।
• प्रथम चरण (BAS-1 2028): लगभग 10 टन का बेस कमांड एवं लाइफ सपोर्ट मॉड्यूल 2028 तक स्वदेशी LVM3 रॉकेट से LEO कक्षा में भेजा जाएगा।
• कार्य: सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में जीवन विज्ञान, धातु विज्ञान, स्टेम सेल अनुसंधान और अंतरिक्ष में लंबी अवधि तक मानव जीवन के प्रभावों का अध्ययन।
✓वीनस ऑर्बिटर मिशन (Venus Orbiter Mission - VOM / 'शुक्रयान'):
• स्वीकृति: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1,236 करोड़ की लागत से भारत के पहले शुक्र ग्रह मिशन को मंजूरी (मार्च 2028 में प्रक्षेपण प्रस्तावित)।
• उद्देश्य: शुक्र ग्रह के घने एसिडिक बादलों, सतह भूविज्ञान और ग्रीनहाउस प्रभाव का अन्वेषण।
✓राजस्थान का अंतरिक्ष नेटवर्क (RPSC Exam Connect):
• क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र - पश्चिम (RRSC-West): जोधपुर में स्थित इसरो का प्रमुख अनुसंधान केंद्र; मरुस्थलीकरण निगरानी, कैनाल कमांड मैपिंग (IGNP) और खनिज मैपिंग।
• उदयपुर सौर वेधशाला (USO): एशिया की श्रेष्ठतम सौर वेधशाला; फतहसागर झील (उदयपुर) में स्थित; इसरो के आदित्य-एल1 (Aditya-L1) डेटा के ग्राउंड सत्यापन में मुख्य भूमिका।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• अंतरिक्ष स्टेशन लक्ष्य ट्रिक: "2028 = BAS-1 का पहला कदम, 2035 = पूरा स्टेशन, 2040 = चांद पर तिरंगा!"
• चंद्रयान-4 ट्रिक: "चंद्रयान-3 ने लैंड किया, चंद्रयान-4 चांद की मिट्टी लेकर घर आएगा!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत की अंतरिक्ष एवं रक्षा प्रौद्योगिकी विस्तृत नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
कृषि, सहकारिता एवं ग्रामीण आजीविका: राजस्थान रबी फसल बुवाई अभियान 2026 (1.15 करोड़ हेक्टेयर) — सरसों उत्पादन में देश में नंबर-1, नैनो उर्वरक व PMFBY
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को राजस्थान कृषि विभाग द्वारा राज्य में रबी कृषि सत्र 2026-27 के लिए 1.15 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई के निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति समीक्षा जारी की गई। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अनुकूल मौसमी परिस्थितियों और जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण के चलते सरसों, गेहूं, चना, जौ और इसबगोल की बुवाई में तेजी आई है। कृषि मंत्री द्वारा राज्य में यूरिया और डीएपी की आपूर्ति सुगम बनाने हेतु नैनो लिक्विड यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को अनिवार्य प्रोत्साहन देने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत रबी फसलों के पंजीकरण की समय-सीमा की घोषणा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राजस्थान का देश के कृषि परिदृश्य में शीर्ष स्थान (RPSC Geography & Economy Core):
• सरसों एवं रेपसीड (Mustard & Rapeseed): देश के कुल सरसों उत्पादन का लगभग 40% से 44% उत्पादन अकेले राजस्थान में होता है (देश में प्रथम स्थान)।
- राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र (NRCM - अब DRMR): सेवर, भरतपुर में 20 अक्टूबर 1993 को स्थापित।
• अन्य प्रमुख फसलों में राजस्थान की स्थिति:
- बाजरा (Pearl Millet): देश में 1st स्थान (देश का 40%+ उत्पादन)।
- कुल तिलहन (Total Oilseeds): देश में 1st स्थान।
- चना (Gram): देश में 2nd स्थान (मध्य प्रदेश के बाद)।
- कुल दलहन (Total Pulses): देश में 2nd स्थान।
- इसबगोल, जीरा, मेथी और सौंफ (मसाला फसलें): देश में शीर्ष उत्पादक।
✓नैनो उर्वरक क्रांति (Nano Urea & Nano DAP Technology):
• नवाचार: भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) द्वारा विश्व का पहला नैनो लिक्विड यूरिया कलोल (गुजरात) में विकसित किया गया।
• प्रभावशीलता: 500 मिलीलीटर की एक नैनो यूरिया बोतल पारंपरिक 45 किलोग्राम की भारी यूरिया बोरी के बराबर नाइट्रोजन पोषण प्रदान करती है; 80% से अधिक अवशोषण दर (पारंपरिक यूरिया में केवल 30-40% पोषण पौधे ले पाते हैं, शेष मृदा व जल को प्रदूषित करता है)।
• पर्यावरण लाभ: भूजल में नाइट्रेट संदूषण की रोकथाम और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भारी कमी।
✓प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY 2016) की प्रमुख शर्तें:
• शुरुआत: 18 फरवरी 2016 (मध्य प्रदेश के सीहोर से घोषित; खरीफ 2016 से लागू)।
• प्रीमियम दरें (RPSC Favorite Question):
- रबी फसलें (Rabi Crops): बीमित राशि का मात्र 1.5% किसान प्रीमियम।
- खरीफ फसलें (Kharif Crops): बीमित राशि का मात्र 2.0% किसान प्रीमियम।
- वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलें (Annual Commercial/Horticultural): मात्र 5.0% किसान प्रीमियम।
- शेष सभी अतिरिक्त प्रीमियम सब्सिडी केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 50:50 अनुपात में वहन की जाती है।
✓राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन (Rajasthan Micro Irrigation Mission):
• ड्रिप (बूंद-बूंद) एवं स्प्रिंकलर (फव्वारा) संयंत्रों पर राज्य सरकार द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों को 70% से 75% तक वित्तीय अनुदान।
• नर्मदा नहर परियोजना (जालौर-सांचौर-बाड़मेर): राजस्थान की एकमात्र ऐसी सिंचाई परियोजना, जिसमें संपूर्ण कमांड क्षेत्र में स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई पद्धति को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• प्रीमियम दर ट्रिक: "खरीफ = 2% (2 अक्षर), रबी = 1.5% (सर्दियों में छूट), बागवानी = 5% (पंचरंगी फल-फूल)!"
• सेवर भरतपुर ट्रिक: "सरसों का सेवर (भरतपुर) — सरसों अनुसंधान का अमर केंद्र!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की कृषि, प्रमुख फसलें एवं सिंचाई परियोजनाएं नोट्स एवं राजस्थान पटवारी 2026 टेस्ट सीरीज़।
पर्यावरण, जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण: राज्य पक्षी गोडावण (GIB) व गिद्ध संरक्षण अभियान — राष्ट्रीय मरु उद्यान (सम, जैसलमेर), रामगढ़ विषधारी व 5 टाइगर रिजर्व
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को राजस्थान वन एवं पर्यावरण विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII - Wildlife Institute of India) द्वारा जैसलमेर के राष्ट्रीय मरु उद्यान (DNP) में स्थापित 'गोडावण संरक्षण एवं कृत्रिम प्रजनन केंद्र' (GIB Conservation Breeding Centre, Sam) की वार्षिक सफलता रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि वैज्ञानिक कृत्रिम गर्भाधान और संरक्षित हेचिंग के माध्यम से राजस्थान में गोडावण (Great Indian Bustard) के 18 नए चूजों को सफलतापूर्वक बड़ा किया गया है। इसके साथ ही बूंदी स्थित राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व "रामगढ़ विषधारी" में गिद्धों की लुप्तप्राय प्रजातियों के प्राकृतिक आवास संरक्षण हेतु ईको-सेंसिटिव जोन प्रबंधन की नई गाइडलाइन अधिसूचित की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राजस्थान का राज्य पक्षी गोडावण (Great Indian Bustard - RPSC Most Repeated Facts):
• वैज्ञानिक नाम: आरडियोटिस नाइग्रीसेप्स (Ardeotis nigriceps)।
• स्थानीय एवं उपनाम: सोहन चिड़ी, शर्मिला पक्षी, हुकना, गुधनमेर, तथा हाड़ौती क्षेत्र में 'माल मोरड़ी'।
• राज्य पक्षी घोषित: 21 मई 1981 को राजस्थान सरकार द्वारा राज्य पक्षी का दर्जा।
• संरक्षण स्थिति (Conservation Status):
- IUCN रेड लिस्ट: गंभीर रूप से संकटापन्न (Critically Endangered - CR)।
- CITES: परिशिष्ट-1 (Appendix-I); भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-1।
• मुख्य प्राकृतिक शरणस्थली:
1. राष्ट्रीय मरु उद्यान (Desert National Park, जैसलमेर-बाड़मेर - 3162 वर्ग किमी)।
2. सोरसन (बारां)।
3. सांकलिया (अजमेर)।
✓गोडावण संरक्षण के ऐतिहासिक प्रयास एवं खतरे:
• प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड: 5 जून 2013 (विश्व पर्यावरण दिवस) को राजस्थान गोडावण संरक्षण हेतु समर्पित राज्य प्रोजेक्ट शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना।
• हाई-टेंशन पावर ट्रांसमिशन लाइन खतरा: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्देशानुसार गोडावण के उड़ान मार्ग में आने वाली बिजली लाइनों पर 'बर्ड डायवर्टर' (Bird Diverters) लगाए गए हैं।
• सम हेचिंग सेंटर: WII और राजस्थान वन विभाग का संयुक्त ब्रीडिंग सेंटर (कैप्टिव ब्रीडिंग)।
✓राजस्थान के 5 टाइगर रिजर्व (Tiger Reserves of Rajasthan):
1. रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर - 1973; राजस्थान का प्रथम टाइगर रिजर्व)।
2. सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर - 1978; दूसरा टाइगर रिजर्व)।
3. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़ - 2013; तीसरा टाइगर रिजर्व)।
4. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी - 2022; राजस्थान का चौथा व देश का 52वां टाइगर रिजर्व)।
5. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (धौलपुर-करौली - 2023; राजस्थान का 5वां व देश का 54वां टाइगर रिजर्व)।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• गोडावण ट्रिक: "1981 में बना राज्य पक्षी, सोहन चिड़ी नाम, सम (जैसलमेर) में ब्रीडिंग, संकट में है जान!"
• टाइगर रिजर्व क्रम ट्रिक: "रणथंभौर (73) -> सरिस्का (78) -> मुकुंदरा (13) -> रामगढ़ (22) -> धौलपुर-करौली (23)!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य एवं टाइगर रिजर्व नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
राजस्थान कला, संस्कृति एवं लोक आस्था विशेषांक (19 अक्टूबर विशेष): देशनोक (बीकानेर) की आराध्य देवी 'करणी माता' — काबा (सफेद चूहे), नेहड़ी जी, मेहरानगढ़ की नींव व चारण परंपरा
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
19 अक्टूबर 2026 को बीकानेर जिले के देशनोक में अश्विन शुक्ल पक्ष के उपलक्ष्य में विश्व प्रसिद्ध "करणी माता लक्खी मेले" का आयोजन भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पंजाब सहित देश भर से लाखों श्रद्धालु देशनोक धाम पहुंचे। राजस्थान देवस्थान विभाग और बीकानेर जिला प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर में तीर्थयात्री सुविधाओं, ऐतिहासिक ओरण (संरक्षित वन क्षेत्र) के इको-टूरिज्म विकास तथा महाराजा गंगा सिंह द्वारा निर्मित सफेद संगमरमर के मुख्य गर्भगृह के नक्काशीदार द्वारों के संरक्षण कार्यों की समीक्षा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓करणी माता का जीवन परिचय एवं ऐतिहासिक प्रामाणिकता (RPSC Art & Culture Core):
• जन्म एवं पृष्ठभूमि: वि.सं. 1444 (1387 ई.) में जोधपुर के सुआप गांव में चारण कुल की किनिया शाखा के मेहाजी चारण के घर जन्म; बचपन का नाम 'रिद्धू बाई' (Riddhu Bai) था।
• विवाह एवं त्याग: साठिका गांव के देपाजी बीठू के साथ विवाह; बाद में अपनी छोटी बहन गुलाब बाई का विवाह देपाजी से कराकर स्वयं ईश्वरीय साधना, जनसेवा और समाज सुधार में लीन हुईं।
• मुख्य तीर्थ (धाम): देशनोक (बीकानेर); करणी माता को दाढ़ी वाली डोकरी और जगदंबा का अवतार माना जाता है।
• मंदिर निर्माण:
- मूल मंदिर का निर्माण बीकानेर के महाराजा सूरत सिंह के काल में हुआ।
- मंदिर का वर्तमान भव्य संगमरमरी स्वरूप, मुख्य प्रवेश द्वार पर चांदी के कपाट और बारीक नक्काशी महाराजा गंगा सिंह (बीकानेर) द्वारा करवाई गई।
✓काबा परंपरा एवं सफेद चूहों का रहस्य (Unique Cultural Facts):
• 'काबा' (Kaba): मंदिर परिसर में स्वच्छंद विचरण करने वाले हजारों चूहों को 'काबा' कहा जाता है।
• मान्यता: चारण मान्यता के अनुसार करणी माता के वंशज मृत्यु के उपरांत काबा बनते हैं और काबा मृत्यु के बाद पुनः चारण कुल में जन्म लेते हैं।
• सफेद काबा के दर्शन: हजारों काले चूहों के बीच सफेद चूहे (सफेद काबा) का दर्शन अत्यंत दुर्लभ और साक्षात करणी माता का परम कृपा-प्रसाद माना जाता है।
• मंदिर में प्रसाद: चूहों द्वारा जूठा किया गया दूध और खीर का प्रसाद 'सवा मण' कड़ाह में बनता है जिसे श्रद्धालु परम पवित्र मानकर ग्रहण करते हैं।
✓मेहरानगढ़ दुर्ग एवं बीकानेर रियासत की स्थापना में भूमिका (High-Yield History):
• मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव (13 मई 1459): जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के विशेष आग्रह पर चिड़ियाटूक पहाड़ी पर मेहरानगढ़ दुर्ग की प्रथम नींव करणी माता के कर-कमलों द्वारा रखी गई थी।
• बीकानेर राज्य की स्थापना (1465/1488): राव जोधा के पुत्र राव बीका को स्वतंत्र राज्य स्थापित करने का आशीर्वाद और सामरिक मार्गदर्शन करणी माता ने दिया था। करणी माता बीकानेर के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी/इष्टदेवी हैं।
• प्रमुख संबंधित स्थल: नेहड़ी जी (जहां माता दही बिलोती थीं), तेमड़ा राय मंदिर (जिनकी करणी माता इष्टदेव के रूप में पूजा करती थीं), और धनेरू की तलाई।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण सूत्र: "सुआप में जन्मीं रिद्धू बाई, देशनोक में काबा वाली माई — मेहरानगढ़ की नींव लगाई, बीका को राज गद्दी दिलाई!"
• मंदिर निर्माण ट्रिक: "नींव = सूरत सिंह, आधुनिक संगमरमर = महाराजा गंगा सिंह!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के लोकदेवता एवं लोकदेवियां संपूर्ण मास्टर गाइड नोट्स एवं राजस्थान CET 12th लेवल टेस्ट सीरीज़।