रविवार, 18 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

18 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 18 अक्टूबर "विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026" — IMS-WHO पहल, ऑस्टियोपोरोसिस रोकथाम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) व राजस्थान आई एम शक्ति उड़ान योजना; राजस्थान स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज — विशेष ग्राम सभाएं, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP 2026-27), 73वां संविधान संशोधन, नागौर बगदरी ऐतिहासिक धरोहर, पेसा कानून 1996 व 6ठा राज्य वित्त आयोग (प्रद्युम्न सिंह); राष्ट्रीय सुरक्षा एवं नौसेना आधुनिकीकरण — प्रोजेक्ट-75 कलवरी श्रेणी (6 पनडुब्बियां), DRDO स्वदेशी AIP (एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन) ईंधन-सेल तकनीक व हिंद महासागर में परमाणु त्रिकोण (INS अरिहंत व अरिघात); भारतीय अर्थव्यवस्था एवं कृषि मूल्य नीति — रबी फसलों (RMS 2026-27) हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि, स्वामीनाथन आयोग व CACP लागत फॉर्मूला (A2+FL), सेवर भरतपुर सरसों अनुसंधान (DRMR) व राजस्थान का कृषि बजट; अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल अनुसंधान — इसरो का आदित्य-L1 मिशन, लैग्रेंजियन बिंदु L1, सौर चुंबकीय तूफान, 7 वैज्ञानिक पेलोड व फतेहसागर झील स्थित उदयपुर सौर वेधशाला (USO); राजस्थान भाषा एवं साहित्य अकादमी विशेषांक — राजस्थान साहित्य अकादमी (उदयपुर), सर्वोच्च "मीरा पुरस्कार", "मधुमती" पत्रिका, विभिन्न अकादमियां व राजस्थानी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने का संकल्प; तथा राजस्थान इतिहास, दुर्ग स्थापत्य एवं सामरिक विरासत (18 अक्टूबर विशेष) — जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग (मयूरध्वजगढ़ 1459 ई.), चिड़ियाटूंक पहाड़ी, चामुंडा माता मंदिर (जसराज चोपड़ा आयोग), किलकिला-शंभूबाण तोपें व रुडयार्ड किपलिंग का प्रामाणिक परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण। प्रस्तुत संकलन RPSC RAS, RSMSSB CET, राजस्थान पटवारी भर्ती, REET, राजस्थान पुलिस एवं UPSC परीक्षाओं हेतु अत्यंत प्रामाणिक एवं उपयोगी है।

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राष्ट्रीयUPSCRASCETREET

जन स्वास्थ्य, चिकित्सा विज्ञान एवं महिला सशक्तिकरण: "विश्व रजोनिवृत्ति दिवस" (World Menopause Day — 18 अक्टूबर 2026) — IMS-WHO पहल, ऑस्टियोपोरोसिस रोकथाम व राजस्थान आई एम शक्ति 'उड़ान योजना'

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 18 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "विश्व रजोनिवृत्ति दिवस" (World Menopause Day) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मध्य रजोनिवृत्ति (Menopause) के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों, अस्थि घनत्व ह्रास (Osteoporosis) तथा हृदय संबंधी जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वर्ष 2026 के वैश्विक अभियान में मध्य-आयु वर्ग की महिलाओं के पोषण, कैल्शियम-विटामिन D की आपूर्ति और कार्यस्थल पर संवेदनशीलता पर बल दिया गया है। भारत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) तथा राजस्थान में आई एम शक्ति उड़ान योजना व मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs/CHCs) से प्रभावी रूप से जोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓विश्व रजोनिवृत्ति दिवस का संस्थागत ढांचा व वैज्ञानिक तथ्य: • इतिहास एवं नोडल संस्था: इस दिवस की शुरुआत 1984 में अंतर्राष्ट्रीय रजोनिवृत्ति सोसायटी (International Menopause Society - IMS) द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से की गई थी। • जैविक प्रक्रिया: रजोनिवृत्ति महिला प्रजनन चक्र का एक प्राकृतिक चरण है, जो सामान्यतः 45 से 55 वर्ष की आयु में होता है, जब अंडाशय (Ovaries) द्वारा एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन का उत्पादन स्थायी रूप से बंद हो जाता है (लगातार 12 माह तक मासिक धर्म न होने की स्थिति)। • स्वास्थ्य जोखिम: एस्ट्रोजन के स्तर में भारी गिरावट से अस्थि घनत्व में तेजी से कमी आती है जिससे 'ऑस्टियोपोरोसिस' (हड्डियों का भुरभुरापन व फ्रैक्चर का खतरा) और कोरोनरी धमनी रोग (CAD) का खतरा बढ़ जाता है। • चिकित्सा प्रबंधन: हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT), नियमित व्यायाम, संतुलित आहार तथा कैल्शियम और विटामिन D3 के संपूरक।
  • ✓भारत सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं निवारक कदम: • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जनसंख्या-आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रम। • आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्व में AB-HWCs): देश भर में 1.7 लाख से अधिक आरोग्य मंदिरों में 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer), स्तन कैंसर व उच्च रक्तचाप की नियमित निःशुल्क जांच। • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं पोषण अभियान: मातृत्व पोषण व सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम) की उपलब्धता।
  • ✓राजस्थान विशेष महिला स्वास्थ्य पहल (RPSC Exam Core Focus): • आई एम शक्ति 'उड़ान योजना' (Indira Gandhi Matritva/Udaan Scheme): 19 दिसंबर 2021 को प्रारंभ; 10 से 45 वर्ष की प्रदेश की सभी किशोरियों एवं महिलाओं को प्रति माह निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन व प्रजनन-रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य परामर्श। • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY - पूर्व चिरंजीवी योजना): महिलाओं की जटिल हार्मोनल विसंगतियों, बोन-डेंसिटोमेट्री (DEXA Scan) और गंभीर स्त्री रोग शल्य चिकित्सा हेतु कैशलेस स्वास्थ्य बीमा। • आंचल अभियान / सुरक्षित मातृत्व क्लिनिक: जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) पर महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु विशेष क्लिनिक।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण ट्रिक: "18 अक्टूबर को नारी स्वास्थ्य का ध्यान, एस्ट्रोजन की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस पर वार, राजस्थान में उड़ान योजना का विस्तार!" • हार्मोनल त्रिकोण: एस्ट्रोजन (अस्थि सुरक्षा) + कैल्शियम-D3 (हड्डियों की मजबूती) + पोषण (स्वास्थ्य रक्षण)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: मानव शरीर क्रिया विज्ञान एवं अंतःस्रावी ग्रंथियां नोट्स एवं राजस्थान CET स्नातक स्तर 2026 सम्पूर्ण टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानRASCETPATWARIPOLICEUPSC

राजस्थान पंचायती राज, स्थानीय स्वशासन एवं ग्रामीण सशक्तीकरण: विशेष ग्राम सभाएं एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP 2026-27) — 73वां संविधान संशोधन, नागौर बगदरी ऐतिहासिक धरोहर व 6ठा राज्य वित्त आयोग

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

18 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश की ग्राम पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों के 9 प्रमुख विषयों (LSDGs) के स्थानीयकरण के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP 2026-27) के निर्माण, जल-बजट और ग्राम सभाओं के सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) की त्रैमासिक प्रगति समीक्षा जारी की गई। इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पेसा अधिनियम 1996 (PESA Rules) के प्रभावी क्रियान्वयन और 'ग्राम सचिवालय' स्तर पर डिजिटल नागरिक सेवाओं की उपलब्धता को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓पंचायती राज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि व राजस्थान का गौरव: • भारत में प्रथम शुरुआत: 2 अक्टूबर 1959 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा राजस्थान के नागौर जिले के बगदरी (Bagdari) गांव में देश की पहली औपचारिक त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन किया गया था। • बलवंत राय मेहता समिति (1957): लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण हेतु त्रि-स्तरीय मॉडल की सिफारिश (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद)। राजस्थान के बाद दूसरा राज्य आंध्र प्रदेश (11 अक्टूबर 1959) बना। • अन्य प्रमुख समितियां: अशोक मेहता समिति (1977 - द्वि-स्तरीय ढांचा), जी.वी.के. राव समिति (1985), एल.एम. सिंघवी समिति (1986 - पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देने की प्रथम सिफारिश; सिंघवी जी का संबंध राजस्थान के जोधपुर से था), पी.के. थुंगन समिति (1988)।
  • ✓73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 एवं राजस्थान पंचायती राज: • संवैधानिक प्रावधान: भाग-9 में अनुच्छेद 243 से 243O जोड़े गए; 11वीं अनुसूची शामिल की गई जिसमें पंचायतों को 29 कार्यकारी विषय सौंपे गए। • राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994: 23 अप्रैल 1994 को राज्य में लागू किया गया (तथा राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 में बने)। • महिलाओं को 50% आरक्षण: राजस्थान पंचायती राज संशोधन अधिनियम 2008 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया गया। • राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K): राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई 1994 में हुआ (प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त: अमर सिंह राठौड़)। • राज्य वित्त आयोग (अनुच्छेद 243I): 6ठे राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह हैं (सदस्य: अशोक लाहोटी, लक्ष्मण सिंह रावत)। आयोग द्वारा राज्य के स्वयं के शुद्ध कर राजस्व का 6.75% स्थानीय निकायों को हस्तांतरित करने की सिफारिश की गई, जिसमें से 75.1% ग्रामीण स्थानीय निकायों को और 24.9% शहरी निकायों को आवंटित होता है।
  • ✓पेसा कानून 1996 (PESA Act) एवं ग्राम सभा के विशेषाधिकार: • भूरिया समिति (Dileep Singh Bhuria Committee): इसकी अनुशंसा पर 24 दिसंबर 1996 को 'पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996' लागू हुआ। • संविधान की 5वीं अनुसूची वाले 10 राज्यों में लागू, जिसमें राजस्थान के पूर्ण व आंशिक 8 टीएसपी जिले (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली) शामिल हैं। • ग्राम सभा को लघु वनोपज (MFP) पर स्वामित्व, भूमि हस्तांतरण रोकने, लघु खनिजों के खनन पट्टे की पूर्व स्वीकृति तथा नशीले पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण का अनन्य अधिकार प्राप्त है।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "59 में बगदरी नागौर से जली पंचायती मशाल, सिंघवी समिति ने दिया संवैधानिक मुकाम — 11वीं अनुसूची में 29 विषय, प्रद्युम्न आयोग ने दिया वित्तीय मान!" • वित्त आयोग फॉर्मूला: 75.1% ग्रामीण (पंचायती राज) + 24.9% शहरी (नगर निकाय)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान पंचायती राज एवं स्थानीय स्वशासन संपूर्ण हस्तलिखित नोट्स एवं राजस्थान पटवारी भर्ती 2026 संपूर्ण मॉक टेस्ट सीरीज़।
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रक्षाDEFENCEUPSCRASCETPOLICE

राष्ट्रीय रक्षा, समुद्री सामरिक संप्रभुता एवं नौसेना आधुनिकीकरण: 'प्रोजेक्ट 75 (कलवरी क्लास)' व स्वदेशी AIP (एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन) तकनीक — 6 स्कॉर्पीन पनडुब्बियां, DRDO ईंधन सेल मॉड्यूल व हिंद महासागर में भारत का सामरिक वर्चस्व

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

18 अक्टूबर 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL, मुंबई) द्वारा कलवरी श्रेणी (प्रोजेक्ट-75) की पहली पनडुब्बी INS कलवरी में स्वदेशी ईंधन-सेल आधारित एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम के रिफिटिंग परीक्षणों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना ने 6 और उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण हेतु बहुचर्चित 'प्रोजेक्ट-75 इंडिया (P-75I)' के रणनीतिक साझेदारी मॉडल (Strategic Partnership Model) को निर्णायक गति प्रदान की है, जो हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की अचूक निरोधक क्षमता (Deterrence) सुनिश्चित करेगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓प्रोजेक्ट 75 (Project-75) एवं कलवरी श्रेणी की 6 पनडुब्बियां: • निर्माण व सहयोग: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा फ्रांस के नेवल ग्रुप (Naval Group) के तकनीकी सहयोग से स्कॉर्पीन डिजाइन पर निर्मित। • सभी 6 पनडुब्बियां भारतीय नौसेना में शामिल (RPSC/UPSC हेतु क्रम याद रखें): 1. INS कलवरी (कमीशन: दिसंबर 2017) — इसका नाम हिंद महासागर की शिकारी बाघ शार्क (Tiger Shark) पर रखा गया है। 2. INS खंडेरी (कमीशन: सितंबर 2019) — छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक द्वीप दुर्ग 'खांदेरी' पर नामकरण। 3. INS करंज (कमीशन: मार्च 2021) — मुंबई के निकट ऐतिहासिक करंज द्वीप से प्रेरित। 4. INS वेला (कमीशन: नवंबर 2021) — दक्षिण भारतीय समुद्री स्टिंगरे मछली का नाम। 5. INS वागीर (कमीशन: जनवरी 2023) — रेत की शार्क (Sand Shark)। 6. INS वाग्शीर (कमीशन: 2024) — गहरे समुद्र की घातक सैंडफिश। • मेमोरी ट्रिक: "3K + 3V" = (Kalvari, Khanderi, Karanj + Vela, Vagir, Vagsheer)।
  • ✓स्वदेशी AIP (Air Independent Propulsion) तकनीक का वैज्ञानिक महत्व: • पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की कमजोरी: पारंपरिक पनडुब्बियों को अपनी बैटरियों को चार्ज करने हेतु नियमित अंतराल पर (प्रत्येक 24-48 घंटे में) पानी की सतह पर या स्नोर्कल गहराई (Snorkel Depth) पर आना पड़ता है, जिससे वायुमंडलीय ऑक्सीजन ली जा सके। इस दौरान वे दुश्मन के रडार और थर्मल सेंसरों द्वारा आसानी से ट्रेस हो सकती हैं। • AIP का तकनीकी चमत्कार: DRDO की नेवल मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (NMRL, अंबरनाथ) द्वारा विकसित फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल (PAFC) आधारित AIP मॉड्यूल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से ऑन-बोर्ड बिजली उत्पन्न करता है। इससे पनडुब्बी को सतह पर आए बिना 2-3 सप्ताह तक लगातार गहरे पानी में छिपे रहने (Endurance & Stealth) की अभूतपूर्व क्षमता प्राप्त होती है।
  • ✓भारत का परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) एवं नौसैनिक मारक क्षमता: • SSBN (Nuclear-Powered Ballistic Missile Submarine): भारत की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी 'INS अरिहंत' और 'INS अरिघात' (Arighat) भारत के परमाणु त्रिकोण के समुद्री घटक को संभालती हैं (के-15 सागरिका और के-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस)। • 'नो फर्स्ट यूज' (NFU) नीति: भारत की परमाणु नीति के तहत 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' (Credible Minimum Deterrence) और 'प्रतिघातक क्षमता' (Second Strike Capability) की रीढ़ ये परमाणु पनडुब्बियां ही हैं।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "कलवरी-खंडेरी-करंज ने भरा दम, वेला-वागीर-वाग्शीर ने मिटाया दुश्मन का भ्रम — NMRL का AIP तकनीक लाया समंदर में नया पराक्रम!" • पनडुब्बी कोड: SSK = पारंपरिक डीजल हमलावर, SSN = परमाणु चालित हमलावर, SSBN = परमाणु मिसाइल वाहक। • संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत की रक्षा प्रणाली, मिसाइलें एवं नौसेना सामरिक नोट्स एवं राजस्थान पुलिस कांस्टेबल व SI भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़।
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अर्थव्यवस्थाECONOMYRASCETPATWARIUPSC

भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि मूल्य नीति एवं किसान कल्याण: रबी विपणन सीजन (RMS 2026-27) हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) — CACP फॉर्मूला (A2+FL), लागत का 1.5 गुना लाभ व राजस्थान का कृषि परिदृश्य (सरसों व चना)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा रबी विपणन सीजन (RMS 2026-27) की सभी अनिवार्य 6 फसलों (गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। गेहूं के समर्थन मूल्य में ₹150 प्रति क्विंटल तथा सरसों/रेपसीड में ₹300 प्रति क्विंटल की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इस निर्णय से देश भर के किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर कम से कम 50% से लेकर 105% तक का शुद्ध लाभ सुनिश्चित हुआ है, जो राजस्थान के प्रमुख सरसों व चना उत्पादक किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓MSP की संस्थागत संरचना एवं कानूनी प्रक्रिया: • सिफारिश कर्ता संस्था: कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices - CACP)। इसकी स्थापना 1965 में 'कृषि मूल्य आयोग' के रूप में हुई थी, 1985 में इसका नाम बदलकर CACP किया गया (मुख्यालय: नई दिल्ली; यह कृषि मंत्रालय का संलग्न कार्यालय है)। • अंतिम निर्णय संस्था: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Cabinet Committee on Economic Affairs - CCEA), जिसकी अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री करते हैं। • कुल फसलें: केंद्र सरकार कुल 22 अनिवार्य फसलों (14 खरीफ, 6 रबी, 2 व्यावसायिक फसलें - जूट और खोपरा) के लिए MSP तथा गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (Fair and Remunerative Price - FRP) घोषित करती है।
  • ✓राष्ट्रीय किसान आयोग (स्वामीनाथन आयोग 2004-06) एवं लागत फॉर्मूला: • प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग ने अपनी 5वीं रिपोर्ट (अक्टूबर 2006) में सिफारिश की थी कि किसानों को व्यापक उत्पादन लागत (C2) का कम से कम 50% अधिक मूल्य (C2 + 50%) मिलना चाहिए। • CACP द्वारा उपयोग की जाने वाली लागत के 3 प्रकार: 1. A2 लागत: किसान द्वारा बीज, उर्वरक, कीटनाशक, श्रम, सिंचाई, ईंधन आदि पर किया गया प्रत्यक्ष नकद व्यय। 2. A2 + FL लागत: A2 लागत के साथ अवैतनिक पारिवारिक श्रम (Unpaid Family Labour) का अनुमानित मूल्य जोड़ना। 3. C2 लागत: व्यापक लागत (Comprehensive Cost), जिसमें A2+FL के अतिरिक्त भूमि का किराया तथा अचल पूंजीगत परिसंपत्तियों पर ब्याज भी शामिल होता है। • वर्तमान सरकारी नीति: केंद्रीय बजट 2018-19 के ऐतिहासिक निर्णय अनुसार MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत (A2 + FL) का कम से कम 1.5 गुना (50% लाभ मार्जिन) निर्धारित किया गया है।
  • ✓राजस्थान विशेष कृषि एवं रबी परिदृश्य (RPSC Most Asked Data): • सरसों उत्पादन में देश में सिरमौर: राजस्थान भारत में कुल सरसों/तोरिया उत्पादन में लगभग 40% से अधिक योगदान के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान निदेशालय (DRMR) सेवर (भरतपुर) में स्थित है (स्थापना: 20 अक्टूबर 1993)। • चना उत्पादन: राजस्थान चना उत्पादन में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ देश के शीर्ष राज्यों में है। • राजस्थान कृषि बजट: राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2022-23 से अलग से 'कृषि बजट' (Separate Agriculture Budget) प्रस्तुत करना प्रारंभ किया था। • पीएम-किसान (PM-KISAN): पात्र कृषक परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता (राजस्थान सरकार द्वारा अतिरिक्त टॉप-अप सहायता प्रदान की जाती है)।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "CACP की सलाह पर CCEA करे ऐलान, A2+FL का डेढ़ गुना पाए देश का किसान — सेवर भरतपुर की सरसों चमकी, राजस्थान बना कृषि का मान!" • लागत समीकरण: C2 > (A2 + FL) > A2 (परीक्षा में अवरोही/आरोही क्रम पूछा जाता है)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की अर्थव्यवस्था: कृषि, प्रमुख फसलें एवं योजनाएं नोट्स एवं राजस्थान पटवारी भर्ती 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़।
#5
विज्ञान-तकनीकSCIENCEUPSCRASCET

अंतरिक्ष विज्ञान, सौर भौतिकी एवं खगोल अनुसंधान: इसरो का 'आदित्य-L1' (Aditya-L1) मिशन — लैग्रेंजियन बिंदु L1, सोलर विंड प्लाज्मा (SWIS) उपकरण, कोरोनल मास इजेक्शन व उदयपुर सौर वेधशाला (USO)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

18 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों द्वारा भारत के प्रथम सौर मिशन 'आदित्य-L1' के पेलोड्स (विशेष रूप से SWIS और PAPA) द्वारा दर्ज किए गए भीषण सौर चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) और उच्च-ऊर्जा सोलर विंड प्लाज्मा का संयुक्त वैज्ञानिक बुलेटिन जारी किया गया। इस विश्लेषण में अंतरिक्ष मौसम (Space Weather), पृथ्वी के आयनमंडल पर इसके प्रभाव तथा जीपीएस/सैटेलाइट नेविगेशन में आने वाले व्यवधानों के सटीक पूर्वानुमान का मॉडल पेश किया गया। इसमें राजस्थान के उदयपुर स्थित सौर वेधशाला के ऑप्टिकल डेटा का विशेष संदर्भ लिया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓आदित्य-L1 मिशन: आधारभूत तथ्य व प्रक्षेपिकी: • प्रक्षेपण: 2 सितंबर 2023 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR), श्रीहरिकोटा से PSLV-C57 रॉकेट के माध्यम से सफल प्रक्षेपण। • कक्षा में प्रवेश: लगभग 126 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के पश्चात 6 जनवरी 2024 को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित प्रथम सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु (Lagrange Point 1 - L1) के चारों ओर एक 'हैलो ऑर्बिट' (Halo Orbit) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। • मिशन अवधि: लगभग 5 वर्ष (निरंतर 24x7 सूर्य का अवलोकन बिना किसी ग्रहण/बाधा के)।
  • ✓लैग्रेंजियन बिंदु (Lagrangian Points) की खगोलीय अवधारणा: • खोजकर्ता: इतालवी-फ्रांसीसी गणितज्ञ जोसेफ-लुई लैग्रेंज (Joseph-Louis Lagrange) द्वारा 1772 में खोजा गया। • वैज्ञानिक परिभाषा: अंतरिक्ष में दो बड़े आकाशीय पिंडों (जैसे सूर्य और पृथ्वी) के बीच स्थित वे 5 विशिष्ट बिंदु (L1, L2, L3, L4, L5) जहाँ दोनों पिंडों का गुरुत्वाकर्षण बल किसी छोटे पिंड के परिक्रमण हेतु आवश्यक अभिकेंद्रीय बल (Centripetal Force) को संतुलित कर देता है। • L1 का लाभ: यहाँ उपग्रह को अपनी स्थिति बनाए रखने हेतु न्यूनतम ईंधन व्यय करना पड़ता है और सूर्य कभी भी पृथ्वी द्वारा आच्छादित (Eclipsed) नहीं होता।
  • ✓आदित्य-L1 के 7 अत्याधुनिक वैज्ञानिक पेलोड्स: • रिमोट सेंसिंग पेलोड (दूरस्थ अवलोकन हेतु): 1. VELC (Visible Emission Line Coronagraph): सौर कोरोना और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का अध्ययन (IIA बेंगलुरु द्वारा निर्मित; प्राथमिक पेलोड)। 2. SUIT (Solar Ultraviolet Imaging Telescope): सौर प्रकाशमंडल और वर्णमंडल की 200-400 nm पराबैंगनी छवियां (IUCAA पुणे द्वारा निर्मित)। 3. SoLEXS (Solar Low Energy X-ray Spectrometer): सौर ज्वालाओं के एक्स-रे स्पेक्ट्रम का मापन। 4. HEL1OS (High Energy L1 Orbiting X-ray Spectrometer): उच्च ऊर्जा एक्स-रे अध्ययन। • इन-सिटू पेलोड (स्थानीय कणों व क्षेत्रों के मापन हेतु): 5. ASPEX (Aditya Solar wind Particle Experiment): इसमें दो घटक हैं — SWIS (Solar Wind Ion Spectrometer) और STEPS। 6. PAPA (Plasma Analyser Package for Aditya): सौर हवा के प्लाज्मा व तापमान का अध्ययन। 7. Advanced Tri-axial High Resolution Digital Magnetometer (MAG): अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र (IMF) का मापन।
  • ✓राजस्थान से जुड़ाव: उदयपुर सौर वेधशाला (USO): • अवस्थिति: उदयपुर शहर की फतेहसागर झील के मध्य एक टापू पर 1975 में डॉ. अरविंद भटनागर द्वारा स्थापित। • वर्तमान संचालन: 1981 से यह अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL, अहमदाबाद) का अंग है। • विशिष्टता: चारों ओर पानी होने के कारण वायुमंडलीय ताप विक्षोभ न्यूनतम रहता है, जिससे सौर सतह की विश्वस्तरीय स्पष्ट छवियां प्राप्त होती हैं। इसमें 'मल्टी-एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप' (MAST) स्थापित है।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "15 लाख किमी दूर L1 पर आदित्य बैठा शांत, 7 पेलोड नापें सौर तूफान, फतेहसागर उदयपुर से जुड़े अंतरिक्ष विज्ञान के तार!" • पेलोड ट्रिक: 4 रिमोट सेंसिंग (VELC, SUIT, SoLEXS, HEL1OS) + 3 इन-सिटू (ASPEX, PAPA, MAG)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह एवं प्रौद्योगिकी नोट्स एवं राजस्थान RAS प्रारंभिक परीक्षा 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानCULTURERASCETREETPATWARIPOLICEUPSC

राजस्थान कला, संस्कृति, साहित्य एवं भाषा विशेषांक: राजस्थान साहित्य अकादमी (उदयपुर) — सर्वोच्च 'मीरा पुरस्कार', 'मधुमती' मासिक पत्रिका, विभिन्न भाषा अकादमियां व राजस्थानी भाषा का संवैधानिक परिप्रेक्ष्य

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

18 अक्टूबर 2026 को राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के शासी निकाय द्वारा प्रदेश के विभिन्न साहित्यिक विधाओं के शीर्ष सम्मानों और राजस्थान में पुस्तक संस्कृति को प्रोत्साहन देने हेतु 'गांधी पुस्तकालय योजना' व ग्राम स्तर पर वाचनालयों की समीक्षा की गई। साथ ही राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी (बीकानेर) के समन्वय से राजस्थानी भाषा (मायड़ भाषा) को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में सम्मिलित करने के संकल्प को दोहराया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर का संपूर्ण विवरण: • स्थापना: 28 जनवरी 1958 को स्वायत्तशासी संस्था के रूप में स्थापित (मुख्यालय: उदयपुर)। • उद्देश्य: हिंदी एवं राजस्थानी साहित्य का संवर्धन, संरक्षण एवं उत्कृष्ट साहित्यकारों को प्रोत्साहन। • सर्वोच्च पुरस्कार: 'मीरा पुरस्कार' (₹75,000 की राशि, प्रशस्ति पत्र व शॉल)। • अन्य प्रमुख अकादमी पुरस्कार (RPSC Exam Direct Matches): - सुधींद्र पुरस्कार (कविता विधा हेतु) - रांगेय राघव पुरस्कार (उपन्यास विधा हेतु) - देवीलाल सामर पुरस्कार (नाटक/एकांकी विधा हेतु) - कन्हैयालाल सहल पुरस्कार (निबंध/व्यंग्य विधा हेतु) - शंभूदयाल सक्सेना पुरस्कार (बाल साहित्य विधा हेतु) • मासिक पत्रिका: 'मधुमती' (Madhumati) — यह अकादमी की आधिकारिक प्रतिष्ठित मासिक साहित्यिक पत्रिका है।
  • ✓राजस्थान की अन्य प्रमुख भाषा अकादमियां एवं उनकी पत्रिकाएं (RPSC Match the Pair): • राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी: - मुख्यालय: बीकानेर (स्थापना: जनवरी 1983) - सर्वोच्च पुरस्कार: 'सूर्यमल्ल मीसण शिखर पुरस्कार' (₹71,000) - आधिकारिक मासिक पत्रिका: 'जागती जोत' • राजस्थान संस्कृत अकादमी: - मुख्यालय: जयपुर (स्थापना: 1980) - सर्वोच्च पुरस्कार: 'माघ पुरस्कार' - त्रैमासिक पत्रिका: 'स्वरमंगला' • राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी: जयपुर (स्थापना: 1986); पत्रिका = 'ब्रज शतदल' • राजस्थान उर्दू अकादमी: जयपुर (स्थापना: 1979); पत्रिका = 'नखलिस्तान' • राजस्थान सिंधी अकादमी: जयपुर (स्थापना: 1979); पत्रिका = 'रिहाण' • मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी-फारसी शोध संस्थान (APRI): टोंक (स्थापना: 4 दिसंबर 1978; प्राचीन पांडुलिपियों का अनूठा संग्रह)।
  • ✓राजस्थानी भाषा एवं संविधान की 8वीं अनुसूची का संवैधानिक परिप्रेक्ष्य: • 8वीं अनुसूची का इतिहास: मूल संविधान में 14 भाषाएं थीं। - 21वां संविधान संशोधन 1967: सिंधी भाषा जोड़ी गई (15वीं)। - 71वां संविधान संशोधन 1992: कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली जोड़ी गईं (ट्रिक: 'नमक')। - 92वां संविधान संशोधन 2003: बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली जोड़ी गईं (ट्रिक: 'BDMS')। कुल मान्यता प्राप्त भाषाएं = 22। • राजस्थानी भाषा का दावा: 25 अगस्त 2003 को राजस्थान विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से राजस्थानी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने का आधिकारिक संकल्प पारित किया गया था। पद्मश्री सीता राम लालस ने 'राजस्थानी सबद कोस' (9 खंड, 2 लाख+ शब्द) तैयार कर इसे विश्व के सबसे समृद्ध शब्दकोशों में स्थापित किया।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "उदयपुर की मीरा पढ़े मधुमती, बीकानेर के सूर्यमल्ल जगाएं जागती जोत — संस्कृत में माघ की स्वरमंगला, सिंधी रिहाण और उर्दू नखलिस्तान का मेल!" • अनुसूची संशोधन ट्रिक: 21वां (सिंधी) + 71वां (नमक) = 92वां संशोधन (BDMS)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की प्रमुख साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्थाएं एवं अकादमियां नोट्स एवं राजस्थान REET मुख्य परीक्षा 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानHISTORYCULTURERASCETREETPATWARIPOLICEUPSC

राजस्थान इतिहास, दुर्ग स्थापत्य एवं सामरिक विरासत (18 अक्टूबर विशेष): मेहरानगढ़ दुर्ग (जोधपुर) — 'मयूरध्वजगढ़', राव जोधा द्वारा 1459 में नींव, चामुंडा माता मंदिर व तोपों का ऐतिहासिक संग्रह (किलकिला, शंभूबाण, गजनी खां)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

18 अक्टूबर 2026 को मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संयुक्त तत्वावधान में जोधपुर के विश्वप्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग में प्राचीन पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियों (रानीसर-पद्मसर बावड़ी व झालरा), मारवाड़ चित्रशैली के भित्तिचित्रों के जीर्णोद्धार तथा दुर्ग की ऐतिहासिक तोपों के रासायनिक संरक्षण (Chemical Preservation) की विशेष परियोजना का लोकार्पण किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓मेहरानगढ़ दुर्ग: निर्माण, भौगोलिक स्थिति एवं नामावली: • संस्थापक व निर्माण तिथि: मारवाड़ के प्रतापी राठौड़ शासक राव जोधा द्वारा 12 मई 1459 (ज्येष्ठ शुक्ला एकादशी) को इस विशाल दुर्ग की नींव रखी गई। • भौगोलिक पहाड़ी: यह दुर्ग 'चिड़ियाटूंक' (Chidiyatunk) पहाड़ी पर स्थित है (यहाँ पहले 'चिड़ियानाथ' नामक योगी तपस्या करते थे)। • उपनाम (RPSC परीक्षाओं में पूछे जाने वाले नाम): - मयूरध्वजगढ़ / मोरध्वजगढ़ (मोर की आकृति के समान होने के कारण) - गढ़ चिंतामणि (ज्योतिष गणना व चिंता हरने वाला दुर्ग) - कागमुखी दुर्ग (आगे से संकरा व पीछे से चौड़ा) - जोधपुरा दुर्ग / जोधा की ढाणी। • नींव का ऐतिहासिक बलिदान: लोकमान्यता अनुसार दुर्ग की नींव में राजिया बाम्बी (राजाराम मेघवाल) को स्वेच्छा से जीवित समाधि दी गई थी, जिनके परिवार को राठौड़ दरबार में विशेष संरक्षण व भूमि दी गई। दुर्ग की नींव का प्रथम पत्थर लोकदेवी करणी माता (रिद्धि बाई) के कर-कमलों द्वारा रखवाया गया था।
  • ✓दुर्ग के प्रमुख स्थापत्य, महल, मंदिर एवं ऐतिहासिक तोपें: • प्रमुख महल: - मोती महल: महाराजा सूरसिंह द्वारा निर्मित; इसमें कांच की बारीक पच्चीकारी व सोने की पॉलिश है। - फूल महल: महाराजा अभयसिंह द्वारा 1724-49 के मध्य निर्मित; मारवाड़ चित्रशैली का स्वर्णिम उदाहरण। - शीश महल: महाराजा अजीतसिंह द्वारा निर्मित। - चोखेलाव महल: राव मालदेव द्वारा निर्मित; इसमें भगवान राम और रावण के युद्ध के सजीव भित्ति चित्र हैं। - पुस्तक प्रकाश (पुस्तकालय): महाराजा मानसिंह (नाथ संप्रदाय के अनुयायी) द्वारा 1805 में स्थापित ऐतिहासिक पांडुलिपि संग्रह। • चामुंडा माता मंदिर: राव जोधा द्वारा 1460 में स्थापित (राठौड़ों की इष्टदेवी; राठौड़ों की कुलदेवी नागणेची माता हैं जिनका मूल मंदिर नगाणा, बालोतरा में है)। - 30 सितंबर 2008 (आश्विन नवरात्र) को यहाँ हुई दुखद भगदड़ में 216 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी; इसकी उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हेतु 'जस्टिस जसराज चोपड़ा आयोग' गठित किया गया था। • प्रमुख ऐतिहासिक तोपें (RPSC का सर्वाधिक पसंदीदा प्रश्न): - किलकिला तोप (महाराजा अजीतसिंह द्वारा अहमदाबाद से लाई गई) - शंभूबाण तोप (महाराजा अभयसिंह द्वारा सरबुलंद खां से छीनी गई) - गजनी खां तोप - नुसरत तोप, गुब्बार तोप, धूड़धाणी तोप, कड़क बिजली तोप, बिच्छूबाण तोप।
  • ✓विश्वप्रसिद्ध इतिहासविदों के ऐतिहासिक कथन (Exam Quotes): • रुडयार्ड किपलिंग (Rudyard Kipling): "इस दुर्ग का निर्माण शायद परियों और फरिश्तों (Angels and Fairies) ने किया होगा।" (जबकि बूंदी के तारागढ़ दुर्ग के लिए किपलिंग ने कहा था कि यह 'भूत-प्रेतों द्वारा निर्मित' प्रतीत होता है)। • कर्नल जेम्स टॉड: "जोधपुर के राव जोधा के इस महल की खिड़कियों से ही उसके वंशज अपनी सल्तनत के चारों ओर दृष्टि रख सकते थे; इसके प्राचीर आकाश से बातें करते हैं।" • यूनेस्को एशिया-पैसिफिक हेरिटेज अवॉर्ड: मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट को सांस्कृतिक संरक्षण उत्कृष्टता हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
  • ✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook): • स्मरण सूत्र: "1459 में चिड़ियाटूंक पर राव जोधा का मयूरध्वजगढ़ — किलकिला, शंभूबाण, गजनी तोपों की गर्जना, परियों-देवताओं का मेहरानगढ़!" • मंदिर अंतर: कुलदेवी = नागणेची माता (नगाणा/जोधपुर), इष्टदेवी = चामुंडा माता (मेहरानगढ़)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के प्रमुख दुर्ग, स्थापत्य एवं यूनेस्को धरोहर विस्तृत नोट्स एवं राजस्थान RAS प्रारंभिक परीक्षा 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़।