शनिवार, 17 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
17 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 17 अक्टूबर "अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस 2026" — संयुक्त राष्ट्र अधिदेश, नीति आयोग बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI 12 संकेतक) व राजस्थान में गरीबी अनुपात; जन स्वास्थ्य एवं सड़क सुरक्षा — "विश्व आघात दिवस" (World Trauma Day 2026), 60 मिनट का गोल्डन ऑवर, मोटर वाहन अधिनियम धारा 134A (नेक नागरिक संरक्षण) व राजस्थान चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना (₹10,000 प्रोत्साहन); राजस्थान जल संसाधन एवं नदी जोड़ो क्रांति — संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल एवं पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (Modified PKC-ERCP), 21 जिले, नवनेरा (कोटा) व ईसरदा (सवाई माधोपुर) बैराज (90:10 वित्तीय प्रारूप); भारतीय अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग — भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $700 बिलियन के ऐतिहासिक शिखर पर, विश्व में चौथा सबसे बड़ा धारक, फॉरेक्स के 4 घटक (FCA, Gold, SDR, RTP) व मौद्रिक नीति ढांचा; अंतरिक्ष विज्ञान एवं भारत का मानव मिशन — गगनयान (Gaganyaan) मिशन, अर्ध-मानवीय रोबोट 'व्योममित्र', ह्यूमन-रेटेड LVM3 रॉकेट व जोधपुर रिमोट सेंसिंग केंद्र; राजस्थान पशुपालन एवं ग्रामीण आजीविका — 21वीं डिजिटल पशुधन संगणना, मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना (प्रति परिवार 2 दुधारू पशु ₹40,000-₹40,000 कवर) व पशु नस्लें; तथा राजस्थान इतिहास, जल दुर्ग स्थापत्य एवं शौर्य विशेषांक (17 अक्टूबर विशेष) — यूनेस्को विश्व धरोहर गागरोन दुर्ग (झालावाड़), आहू-कालीसिंध संगम (सामेला), अचलदास खींची री वचनिका, संत पीपा की छतरी व हीरामन तोते का प्रामाणिक परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।
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वैश्विक विकास, सामाजिक न्याय एवं जनकल्याण: "अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस" (17 अक्टूबर 2026) — संयुक्त राष्ट्र अधिदेश, नीति आयोग बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) व राजस्थान में गरीबी निवारण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
प्रतिवर्ष 17 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर गरीबी, बहिष्कार और सामाजिक विषमताओं के उन्मूलन हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा "अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस" (International Day for the Eradication of Poverty 2026) मनाया जाता है। वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम "Ending Social and Institutional Maltreatment: Acting together for just, peaceful and inclusive societies" (सामाजिक एवं संस्थागत दुर्व्यवहार की समाप्ति: न्यायसंगत, शांतिपूर्ण एवं समावेशी समाजों हेतु एकजुट प्रयास) रखी गई है। इस अवसर पर नीति आयोग (NITI Aayog) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा भारत में राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (National Multidimensional Poverty Index - NMPI) की प्रगति समीक्षा में भारत में पिछले एक दशक में 24.8 करोड़ से अधिक लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने तथा राजस्थान में गरीबी दर में 13.5% से अधिक की तीव्र गिरावट को रेखांकित किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस की पृष्ठभूमि एवं संयुक्त राष्ट्र अधिदेश (Core Concepts):
• ऐतिहासिक शुरुआत: 17 अक्टूबर 1987 को पेरिस (फ्रांस) के ट्रोकाडेरो मानवाधिकार चौक पर फादर जोसेफ रेसिनस्की (Joseph Wresinski) के आह्वान पर 1 लाख से अधिक लोगों ने गरीबी और भुखमरी के पीड़ितों के सम्मान में स्मारक पट्टिका का अनावरण किया था।
• संयुक्त राष्ट्र मान्यता: 22 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने संकल्प 47/196 पारित कर प्रतिवर्ष 17 अक्टूबर को इस दिवस के रूप में घोषित किया।
• सतत विकास लक्ष्य (SDG 1): वर्ष 2030 तक दुनिया भर में सभी रूपों में गरीबी की पूर्ण समाप्ति (End poverty in all its forms everywhere) संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च प्राथमिक लक्ष्य है।
✓नीति आयोग राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (NMPI Methodology & 12 Indicators):
• आधार पद्धति: ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनीशिएटिव (OPHI) और UNDP की विख्यात 'अल्कायर-फोस्टर' (Alkire-Foster) गणना पद्धति।
• 3 प्रमुख आयाम एवं 12 राष्ट्रीय संकेतक:
1. स्वास्थ्य (Health - 1/3 भार): पोषण (Nutrition), बाल एवं किशोर मृत्यु दर (Child & Adolescent Mortality), तथा मातृ स्वास्थ्य (Maternal Health)।
2. शिक्षा (Education - 1/3 भार): स्कूली शिक्षा के वर्ष (Years of Schooling) और स्कूल उपस्थिति (School Attendance)।
3. जीवन स्तर (Standard of Living - 1/3 भार): रसोई ईंधन, स्वच्छता (Sanitation), सुरक्षित पेयजल, बिजली, पक्का आवास, परिसंपत्तियां (Assets) और बैंक खाते (Bank Accounts)।
• RPSC परीक्षा विशेष: वैश्विक MPI में केवल 10 संकेतक होते हैं, जबकि भारत के राष्ट्रीय MPI में नीति आयोग ने 'मातृ स्वास्थ्य' और 'बैंक खाते' जोड़कर कुल 12 संकेतक निर्धारित किए हैं।
✓राजस्थान में गरीबी परिदृश्य, आंकड़े एवं प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं (RPSC High-Yield Facts):
• राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आधार पर राजस्थान में बहुआयामी गरीबी अनुपात गिरकर 15.31% पर आ गया है (जो 2015-16 NFHS-4 में 28.86% था)।
• राजस्थान के सर्वाधिक बहुआयामी गरीब जिले: बाड़मेर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा।
• राजस्थान के न्यूनतम गरीबी वाले जिले: झुंझुनूं (सबसे कम गरीबी), कोटा और जयपुर।
• राजस्थान की प्रमुख गरीबी निवारण योजनाएं:
- राजीविका (RGAVP - राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद): महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से वित्तीय समावेशन।
- पालनहार योजना: अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा हेतु आर्थिक संबल।
- मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: वृद्धजन, दिव्यांग एवं एकल नारियों को प्रतिमाह न्यूनतम ₹1,150 से ₹1,500 की पेंशन।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण ट्रिक: "17 अक्टूबर = 1 और 7 मिलकर करेंगे गरीबी का 'सत' (सत्यानाश / समूल अंत)!"
• 12 संकेतक ट्रिक: "स्वास्थ्य (3) + शिक्षा (2) + जीवन स्तर (7) = 12 संकेतक। याद रखें—बैंक खाता और मातृ स्वास्थ्य केवल भारत के MPI में है!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की अर्थव्यवस्था, गरीबी एवं बेरोजगारी नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
जन स्वास्थ्य, आपातकालीन चिकित्सा एवं सड़क सुरक्षा: "विश्व आघात दिवस" (17 अक्टूबर 2026) — 60 मिनट का गोल्डन ऑवर, मोटर वाहन अधिनियम (धारा 134A) व राजस्थान चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
प्रतिवर्ष 17 अक्टूबर को विश्व भर में गंभीर दुर्घटनाओं, चोटों और आघात के शिकार व्यक्तियों के अमूल्य जीवन को बचाने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने और जनता में त्वरित प्राथमिक उपचार चेतना जगाने हेतु "विश्व आघात दिवस" (World Trauma Day 2026) मनाया जाता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग 4.6 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें 1.6 लाख से अधिक लोग जान गंवाते हैं। 17 अक्टूबर 2026 को राजस्थान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को "गोल्डन ऑवर" (Golden Hour) में अस्पताल पहुंचाने वाले भले नागरिकों (Good Samaritans) को सम्मानित करने और "मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना" के तहत दिए जाने वाले ₹10,000 प्रोत्साहन की समीक्षा जारी की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विश्व आघात दिवस एवं "गोल्डन ऑवर" की वैज्ञानिक संकल्पना (Medical & Core Science):
• शुरुआत: विश्व आघात दिवस की शुरुआत वर्ष 2011 में नई दिल्ली में दुर्घटनाओं और आघात से होने वाली असामयिक मौतों की रोकथाम हेतु की गई थी।
• "गोल्डन ऑवर" (Golden Hour - 60 मिनट): किसी गंभीर सड़क दुर्घटना या आघात के तुरंत बाद का पहला एक घंटा (First 60 Minutes) अत्यंत संवेदनशील और जीवन रक्षक माना जाता है। यदि इस अवधि में मरीज को उचित प्राथमिक उपचार और रक्तस्राव नियंत्रण मिल जाए, तो 50% से अधिक मौतों को टाला जा सकता है।
• ब्रासीलिया घोषणापत्र (Brasilia Declaration 2015): सड़क सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र और डब्ल्यूएचओ का वैश्विक घोषणापत्र, जिसका भारत हस्ताक्षरकर्ता है; इसका लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में मौतों और घायलों की संख्या को आधा करना है।
✓मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 एवं नेक नागरिक (Good Samaritan) अधिकार:
• धारा 134A (नेकदिल नागरिकों का विधिक संरक्षण): सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले या आपातकालीन सहायता देने वाले किसी भी नागरिक (Good Samaritan) से पुलिस या अस्पताल द्वारा नाम-पता बताने का दबाव नहीं डाला जा सकता, न ही कोई सिविल या आपराधिक उत्तरदायित्व थोपा जा सकता है।
• केंद्र सरकार की प्रोत्साहन योजना: सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹5,000 नकद व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
✓राजस्थान में सड़क सुरक्षा मॉडल एवं जीवन रक्षा योजना (RPSC High-Yield Facts):
• मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना (राजस्थान):
- राज्य सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर नजदीकी राजकीय या संबद्ध निजी अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार व्यक्ति को ₹10,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है (यह पूरे देश में सर्वाधिक प्रोत्साहन राशि है)।
- योजना के तहत घायल का शुरुआती 72 घंटे का आपातकालीन उपचार अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क (कैशलेस) उपलब्ध कराया जाता है।
• राजस्थान राज्य सड़क सुरक्षा संस्थान: जयपुर में स्थापित स्वायत्त अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान।
• देश में पहली सड़क सुरक्षा नीति: राजस्थान दिसंबर 2017 में समर्पित राज्य सड़क सुरक्षा नीति जारी करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
• आपातकालीन हेल्पलाइन: 108 (एम्बुलेंस सेवा), 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन) और 112 (एकीकृत आपातकालीन पुलिस व चिकित्सा नंबर)।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण ट्रिक: "17 का खतरा, ट्रामा का पहरा — 60 मिनट का गोल्डन ऑवर, 10 हजारी राजस्थान पॉवर!" (17 अक्टूबर = ट्रामा दिवस, 60 मिनट = गोल्डन ऑवर, ₹10,000 = राजस्थान जीवन रक्षा प्रोत्साहन)।
• कानूनी धारा ट्रिक: "धारा 134A = A for Angel / Good Samaritan (नेकदिल नागरिक को पूर्ण सुरक्षा)!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाएं एवं प्रमुख संस्थान नोट्स एवं राजस्थान CET 12th लेवल टेस्ट सीरीज़।
राजस्थान जल संसाधन एवं नदी जोड़ो परियोजना: संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल एवं पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (Modified PKC-ERCP) — 21 जिलों का जल संकट समाधान, नवनेरा व ईसरदा बैराज
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
17 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और मध्य प्रदेश सरकार की संयुक्त संचालन समिति द्वारा राष्ट्रीय नदी जोड़ो कार्यक्रम के अंतर्गत संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (Modified Parbati-Kalisindh-Chambal with ERCP Link Project) के निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। 28 जनवरी 2024 को दोनों राज्यों और केंद्र के मध्य हस्ताक्षरित ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों में लगभग 2.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नई सूक्ष्म सिंचाई (Micro-Irrigation) और सघन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा 90% वित्तीय पोषण और नवनेरा (कोटा) व ईसरदा (सवाई माधोपुर) बैराजों के लिफ्ट नहर कार्यों को अभूतपूर्व गति दी गई है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓संशोधित PKC-ERCP परियोजना की पृष्ठभूमि एवं राष्ट्रीय ढांचा (UPSC/RAS Core):
• राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (NPP 1980): केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा 1980 में अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसे राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA - स्थापना 1982) क्रियान्वित कर रही है।
• 30 प्राथमिकता लिंक: NWDA द्वारा चिन्हित 30 नदी संपर्कों (16 प्रायद्वीपीय + 14 हिमालयी) में पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
• 90:10 वित्तीय अनुपात: राष्ट्रीय परियोजना (National Project) का दर्जा प्राप्त होने से परियोजना की कुल अनुमानित लागत (लगभग ₹72,000 करोड़) का 90% हिस्सा भारत सरकार द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10% हिस्सा दोनों राज्यों (राजस्थान व मध्य प्रदेश) द्वारा वहन किया जा रहा है।
✓राजस्थान के 21 लाभान्वित जिले (RPSC Geography & Current Affairs Core):
• पूर्वी राजस्थान के 21 जिले: झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, दौसा, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, दूदू, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, खैरथल-तिजारा, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, टोंक और गंगापुर सिटी।
• जल अधिशेष से जल संकट की ओर अंतरण: चंबल बेसिन में मानसून के समय व्यर्थ बह जाने वाले अधिशेष सतही जल (Surplus Water) को मोड़कर कम पानी वाले बनास, मोरेल, बाणगंगा, पार्वती और कालीसिंध उप-बेसिनों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
✓प्रमुख बैराज, बांध एवं तकनीकी अवसंरचनाएं (RPSC Exam High-Yield):
• नवनेरा (नोनेरा) बैराज:
- अवस्थिति: कोटा जिले की दीगोद तहसील में कालीसिंध नदी पर निर्मित।
- कार्य: कालीसिंध के जल को रोककर लिफ्ट प्रणाली द्वारा मेज, बनास और मोरेल बेसिन की ओर पंप करना।
• ईसरदा बांध (Isarda Dam):
- अवस्थिति: सवाई माधोपुर और टोंक सीमा पर बनास नदी पर निर्मित।
- कार्य: दौसा, सवाई माधोपुर और जयपुर ग्रामीण क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना।
• अन्य प्रमुख घटक: रामगढ़ बैराज (कुलथना, बारां), महलपुर बैराज, डूंगरी बांध (बनास नदी, सवाई माधोपुर), तथा 6 मुख्य फीडर नहरें व विशाल सुरंगें।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण ट्रिक: "काली-पार्वती मिलीं चंबल में, नवनेरा से ईसरदा बहेगा हर पल में! (90:10 का केंद्र राज, 21 जिलों की बुझेगी प्यास!)"
• नदी मिलान ट्रिक: नवनेरा = कालीसिंध नदी (कोटा); ईसरदा = बनास नदी (सवाई माधोपुर); रामगढ़ = कुलथना/पार्वती (बारां)।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के जल संसाधन, नदियां एवं सिंचाई परियोजनाएं नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग एवं तरलता प्रबंधन: विदेशी मुद्रा भंडार $700 बिलियन के ऐतिहासिक शिखर पर — RBI तरलता प्रबंधन, फॉरेक्स के 4 घटक व मौद्रिक नीति ढांचा
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को जारी नवीनतम साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक (Weekly Statistical Supplement) के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) $700 अरब डॉलर के ऐतिहासिक और अभूतपूर्व आंकड़े को पार कर गया है। भारत वर्तमान में चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद विश्व में चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार धारक देश बन गया है। आरबीआई के कुशल विदेशी मुद्रा तरलता प्रबंधन, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के निरंतर प्रवाह, स्वर्ण भंडार में रणनीतिक वृद्धि और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपये (INR) की विनिमय दर में स्थायित्व को वैश्विक वित्तीय रेटिंग एजेंसियों (IMF व मूडीज) ने भारत की वृहद-आर्थिक मजबूती का प्रतीक बताया है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विदेशी मुद्रा भंडार के 4 घटक (Four Pillars of India’s Forex - UPSC/RAS Core):
1. विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign Currency Assets - FCA):
- यह कुल भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा (लगभग 85-88%) है; इसमें अमेरिकी डॉलर, यूरो, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख मुद्राओं में रखी संपत्तियां, विदेशी सरकारी ट्रेजरी बिल और बैंक जमा शामिल हैं।
2. स्वर्ण भंडार (Gold Reserves):
- आरबीआई के पास सुरक्षित भौतिक सोना; हाल के वर्षों में केंद्रीय बैंक ने भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव हेतु सोने की खरीद बढ़ाकर कुल भंडार में इसका हिस्सा लगभग 9% से 10% तक पहुंचाया है।
3. विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights - SDR):
- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा 1969 में बनाई गई अंतरराष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति; यह मुद्राओं की बास्केट (USD, EUR, CNY, JPY, GBP) पर आधारित है।
4. आईएमएफ में आरक्षित स्थिति (Reserve Tranche Position - RTP in IMF):
- सदस्य देश का IMF में जमा किया गया वह आरक्षित कोटा, जिसे देश किसी भी वित्तीय संकट के समय बिना किसी शर्त या ब्याज के तुरंत आहरित कर सकता है।
✓$700 बिलियन फॉरेक्स का सामरिक एवं मैक्रो-इकोनॉमिक महत्व:
• 12+ माह का आयात कवर (Import Cover): यह भंडार भारत के 12 से 14 महीने के राष्ट्रीय आयात बिल का भुगतान करने में सक्षम है (1991 के भुगतान संतुलन संकट के समय भारत के पास मात्र 2-3 सप्ताह का विदेशी मुद्रा भंडार बचा था)।
• रुपये की विनिमय दर स्थिरता: डॉलर के मुकाबले रुपये में अत्यधिक अस्थिरता को रोकने हेतु आरबीआई को बाजार में डॉलर बेचने/खरीदने (Market Intervention) की मजबूत शक्ति प्राप्त होती है।
• सार्वभौमिक संप्रभु साख (Sovereign Credit Rating): देश की बाह्य ऋण चुकाने की क्षमता पर वैश्विक निवेशकों और बहुपक्षीय बैंकों का अटूट विश्वास सुदृढ़ होता है।
✓भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) एवं मौद्रिक नीति ढांचा (RPSC/SSC Core Concepts):
• स्थापना: 1 अप्रैल 1935 (भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934; हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर; 1 जनवरी 1949 को राष्ट्रीयकरण)।
• मौद्रिक नीति समिति (MPC): आरबीआई अधिनियम की धारा 45ZB के तहत 6 सदस्यीय वैधानिक समिति (3 आरबीआई आंतरिक + 3 भारत सरकार द्वारा मनोनीत)।
• मुद्रास्फीति लक्ष्य: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति को 4% पर बनाए रखना (+/- 2% सहनशीलता बैंड अर्थात 2% से 6%)।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण सूत्र: "F-G-S-R = फॉरेक्स का चार-पहिया रथ (Foreign Assets + Gold + SDR + RTP)!"
• विश्व शीर्ष-4 ट्रिक: "C-J-S-I = China, Japan, Switzerland, INDIA (चौथा पायदान, मजबूत हिंदुस्तान)!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग, RBI एवं मौद्रिक नीति नोट्स एवं राजस्थान CET स्नातक टेस्ट सीरीज़।
अंतरिक्ष विज्ञान एवं भारत का मानव मिशन: गगनयान (Gaganyaan) मिशन प्रगति — ह्युमनॉइड रोबोट 'व्योममित्र', ह्यूमन-रेटेड LVM3 रॉकेट व जोधपुर रिमोट सेंसिंग केंद्र
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
17 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा भारत के प्रथम मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम "गगनयान मिशन" (Gaganyaan Mission) के द्वितीय मानवरहित परीक्षण यान (TV-D2) और अर्ध-मानवीय महिला रोबोट "व्योममित्र" (Vyommitra) के अंतिम एकीकृत सिमुलेशन की तकनीकी समीक्षा जारी की गई। इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया कि गगनयान के चालक दल बचाव प्रणाली (Crew Escape System), पर्यावरण नियंत्रण एवं जीवन रक्षक प्रणाली (ECLSS) तथा ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (HLVM3) रॉकेट के सभी प्रमुख जमीनी परीक्षण शत-प्रतिशत सफल रहे हैं। गगनयान मिशन के तहत 3 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (व्योमनॉट्स) को 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिए भेजकर सुरक्षित हिंद महासागर में वापस उतारा जाएगा।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓गगनयान मिशन का विन्यास एवं तकनीकी रूपरेखा (UPSC/RAS Core Science & Tech):
• ऐतिहासिक लक्ष्य: भारत को सोवियत संघ (रूस), संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद अपने दम पर मानव को अंतरिक्ष में भेजने वाला विश्व का चौथा देश बनाना।
• कक्षीय मॉड्यूल (Orbital Module - OM): दो प्राथमिक हिस्सों से निर्मित:
1. क्रू मॉड्यूल (Crew Module): जहां 3 अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी जैसे वायुदाब, ऑक्सीजन और तापमान में रहेंगे।
2. सर्विस मॉड्यूल (Service Module): प्रणोदन, ऊर्जा उत्पादन (सौर पैनल) और संचार तंत्र से लैस मॉड्यूल।
• प्रक्षेपण यान (HLVM3): इसरो के भारी-वजन वाले LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3 / 'बाहुबली') रॉकेट को मानव सुरक्षा मानकों के अनुकूल 'Human-Rated LVM3' में अपग्रेड किया गया है।
✓ह्युमनॉइड रोबोट 'व्योममित्र' (Vyommitra) एवं अंतरिक्ष यात्री:
• व्योममित्र की विशेषताएं:
- इसरो इनर्शियल सिस्टम्स यूनिट (IISU, तिरुवनंतपुरम) द्वारा विकसित बिना पैरों वाली अर्ध-मानवीय (Half-Humanoid) रोबोट।
- कार्य: अंतरिक्ष यान के केबिन का दबाव, तापमान, ऑक्सीजन स्तर, विकिरण और भारहीनता (Zero Gravity) में मानव शरीर के जैविक परिवर्तनों की वास्तविक समय निगरानी करना तथा इसरो ग्राउंड स्टेशन से संवाद स्थापित करना।
• चयनित भारतीय अंतरिक्ष यात्री (Vyomnauts):
- भारतीय वायुसेना के 4 वरिष्ठ टेस्ट पायलट: ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला (जिन्होंने रूस के स्टार सिटी व बेंगलुरु में गहन प्रशिक्षण लिया)।
✓इसरो एवं राजस्थान का अंतरिक्ष नेटवर्क (RPSC Exam Connect):
• क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र - पश्चिम (RRSC-West):
- इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) का पश्चिमी क्षेत्रीय मुख्यालय राजस्थान के जोधपुर में स्थापित है।
- कार्य: थार मरुस्थलीकरण, भूजल अन्वेषण, उपग्रह मैपिंग और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी।
• इसरो सौर वेधशाला: उदयपुर की फतहसागर झील के टापू पर स्थापित 'उदयपुर सौर वेधशाला' (USO - 1975 में डॉ. अरविंद भटनागर द्वारा स्थापित, वर्तमान में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला PRL अहमदाबाद का अंग)।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण सूत्र: "LVM3 ले उड़ा व्योममित्र, 400 किमी पर गगन का चित्र, 3 दिन बाद हिंद महासागर में उतरेगा मित्र!" (LVM3 रॉकेट, व्योममित्र रोबोट, 400 किमी कक्षा, 3 दिन का मिशन)।
• राजस्थान अंतरिक्ष संस्थान: "जोधपुर = RRSC-West (रिमोट सेंसिंग); उदयपुर = फतहसागर झील सौर वेधशाला (USO PRL)!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम, इसरो एवं उपग्रह प्रौद्योगिकी नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
राजस्थान पशुपालन, डेयरी एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था: 21वीं डिजिटल पशुधन संगणना — मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना व राज्य पशु संपदा की स्थिति
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
17 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पशुपालन विभाग और केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा राज्य में आगामी "21वीं राष्ट्रीय पशुधन संगणना" (21st National Livestock Census) के जिला स्तरीय पर्यवेक्षकों के मोबाइल एप्लीकेशन प्रशिक्षण और नस्ल-आधारित डिजिटल मैपिंग (Breed-wise Enumeration) की विस्तृत समीक्षा जारी की गई। साथ ही, पशुपालकों को लंपी चर्म रोग और प्राकृतिक आपदाओं से पशुधन की आकस्मिक मृत्यु से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप "मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना" के तहत 50 लाख से अधिक दुधारू गोवंश व भैंसों के निःशुल्क बीमा कवरेज की उपलब्धि दर्ज की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓पशुधन संगणना का इतिहास एवं राजस्थान की स्थिति (RPSC Core Geographic Data):
• आवृत्ति: पशुधन संगणना भारत में प्रति 5 वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है (देश की प्रथम पशु संगणना 1919-1920 में हुई थी)।
• 20वीं पशु संगणना (2019) के मुख्य निष्कर्ष (RPSC द्वारा बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य):
- राजस्थान में कुल पशुधन: 5.68 करोड़ (देश के कुल पशुधन का 10.60% हिस्सा — राजस्थान उत्तर प्रदेश के बाद देश में द्वितीय स्थान पर)।
- 2012 (19वीं संगणना: 5.77 करोड़) की तुलना में राजस्थान के कुल पशुधन में 1.66% की कमी दर्ज हुई थी।
- देश में प्रथम स्थान: राजस्थान ऊंटों (84% से अधिक) और गधों में देश में नंबर-1 है; बकरियों में देश में प्रथम; भेड़ों में देश में दूसरा (तेलंगाना प्रथम); गोवंश में छठा; और भैंसों में दूसरा स्थान (यूपी प्रथम)।
- पशु घनत्व: राजस्थान का औसत पशु घनत्व 166 पशु प्रति वर्ग किलोमीटर है (सर्वेक्षण अनुसार सर्वाधिक डूंगरपुर/राजसमंद व न्यूनतम जैसलमेर)।
✓मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना (Mukhya Mantri Kamdhenu Pashu Bima Yojana):
• शुभारंभ: राज्य बजट घोषणा; 6 सितंबर 2023 को भीलवाड़ा के गुलाबपुरा से औपचारिक राज्यस्तरीय शुभारंभ।
• बीमा कवरेज: प्रति पशुपालक परिवार अधिकतम 2 दुधारू गोवंश (गाय अथवा भैंस) का ₹40,000-₹40,000 का निःशुल्क बीमा कवर (कुल ₹80,000 तक का जोखिम कवर)।
• प्रीमियम वहन: ₹8 लाख वार्षिक तक की आय वाले पशुपालकों के लिए 100% प्रीमियम राज्य सरकार वहन करती है।
• डिजिटल टैगिंग: पशुओं के कानों में 12 अंकों का विशिष्ट आरएफआईडी (RFID) या यूआईडी (UID) माइक्रो-टैग लगाया जाता है।
✓राजस्थान की प्रमुख पशु नस्लें एवं राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (High-Yield Facts):
• गाय की नस्लें: राठी ('राजस्थान की कामधेनु' - बीकानेर/गंगानगर), थारपारकर (मालाणी - बाड़मेर), सांचौरी (जालौर), कांकरेज (सांचौर/पाली), गिर (रेडा/अजमेरा - अजमेर/चित्तौड़), नागौरी (सर्वश्रेष्ठ भारवाहक बैल - सुहालक क्षेत्र नागौर)।
• भैंस की नस्लें: मुर्रा ('खुंडी' - सर्वाधिक दूध उत्पादन)।
• भेड़ की नस्लें: चोकला ('भारत की मेरिनो' - शेखावाटी), मगरा (बीकानेरी चोखला), मालपुरा, नाली (घग्घर क्षेत्र), पूगल।
• प्रमुख केंद्रीय संस्थान:
- केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI): अविकानगर (मालपुरा, टोंक) — स्थापना 1962।
- राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC): जोड़बीड़ (बीकानेर) — स्थापना 1984।
- राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (NRCE सब-सेंटर): बीकानेर।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण ट्रिक: "कामधेनु की 40 हजारी ढाल, दो पशुओं से किसान खुशहाल! राठी बीकानेर की शान, चोकला भारत की मेरिनो मान!"
• अनुसंधान संस्थान ट्रिक: "ऊन व भेड़ = अविकानगर टोंक; ऊंट व घोड़ा = जोड़बीड़ बीकानेर; चारा व घास = काजरी जोधपुर!"
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के पशुधन, प्रमुख नस्लें एवं डेयरी विकास नोट्स एवं राजस्थान पटवारी 2026 टेस्ट सीरीज़।
राजस्थान इतिहास, जल दुर्ग स्थापत्य एवं शौर्य विशेषांक (17 अक्टूबर विशेष): गागरोन दुर्ग (झालावाड़) — यूनेस्को विश्व धरोहर जल दुर्ग, अचलदास खींची री वचनिका व संत पीपा की तपोस्थली
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
17 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI, जयपुर मंडल) द्वारा झालावाड़ स्थित विख्यात "गागरोन दुर्ग" (Gagron Fort) के ऐतिहासिक परकोटे के रासायनिक संरक्षण, जल-दुर्ग स्थापत्य व अचलदास खींची के अमर शौर्य पर विशेष हेरिटेज परिचर्चा आयोजित की गई। आहू और कालीसिंध नदियों के पवित्र संगम (सामेला) पर तीन तरफ से अथाह जलराशि से घिरा तथा बिना किसी पारंपरिक नींव के एक सीधी प्राकृतिक चट्टान पर खड़ा गागरोन दुर्ग राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ 'औदक दुर्ग' (Water Fort) है, जिसे 21 जून 2013 को यूनेस्को (UNESCO) ने विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया था।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓गागरोन दुर्ग का निर्माण एवं सामरिक अवस्थिति (RPSC Most Asked Topic):
• मूल निर्माता: 7वीं से 12वीं शताब्दी के मध्य डोड (परमार) राजपूत राजा बीजलदेव (डोडराज) द्वारा निर्मित; अतः इसे 'डोडगढ़' या 'धूलरगढ़' भी कहा जाता है।
• खींची चौहानों का शासन: 12वीं शताब्दी में देवनसिंह खींची ने डोड शासक को पराजित कर दुर्ग पर अधिकार किया और इसका नाम 'गागरोन' रखा।
• भौगोलिक अवस्थिति: झालावाड़ जिले में मुकुंदरा पर्वतमाला की एक सीधी पहाड़ी चट्टान पर स्थित; यह आहू और कालीसिंध नदियों के संगम पर स्थित है (इस संगम स्थल को स्थानीय रूप से 'सामेला' कहा जाता है)।
• कौटिल्य के अर्थशास्त्र अनुसार दुर्ग वर्गीकरण: यह राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ 'औदक दुर्ग' (जल दुर्ग) है। इस दुर्ग की सबसे अद्वितीय स्थापत्य विशेषता यह है कि यह बिना किसी नींव (foundation) के प्राकृतिक चट्टान पर सीधा खड़ा है।
• यूनेस्को विश्व धरोहर: 2013 में कंबोडिया (नोम पेन्ह) में राजस्थान के 6 पहाड़ी दुर्गों में गागरोन को शामिल किया गया (ट्रिक: "चीकू गाजर आम" — चित्तौड़, कुंभलगढ़, गागरोन, जैसलमेर, रणथंभौर, आमेर)।
✓गागरोन के ऐतिहासिक साके (Jauhar & Shaka) एवं डिंगल साहित्य:
• प्रथम साका (1423 ई.):
- मांडू (मालवा) के सुल्तान अलब खां (होशंगशाह गोरी) के विशाल आक्रमण के समय गागरोन के वीर प्रतापी शासक अचलदास खींची ने मातृभूमि की रक्षा हेतु अदम्य शौर्य दिखाते हुए केसरिया धारण किया और वीरगति पाई। महारानी लालां मेवाड़ी (राणा कुंभा की बहिन) के नेतृत्व में वीरांगनाओं ने पवित्र जौहर किया।
• ऐतिहासिक डिंगल ग्रंथ 'अचलदास खींची री वचनिका':
- इस युद्ध और साके का आंखों देखा सजीव वर्णन चारण कवि शिवदास गाडण द्वारा रचित डिंगल भाषा के अमर ग्रंथ 'अचलदास खींची री वचनिका' में मिलता है (RPSC परीक्षा का सर्वाधिक पसंदीदा प्रश्न)।
• द्वितीय साका (1444 ई.):
- मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम ने अचलदास के पुत्र पाल्हणसी के समय आक्रमण किया; भीषण युद्ध में पाल्हणसी वीरगति को प्राप्त हुए और महमूद खिलजी ने गागरोन का नाम बदलकर 'मुस्तफाबाद' रखा।
✓दुर्ग के भीतर स्थित प्रमुख दर्शनीय एवं सांस्कृतिक स्मारक:
• संत पीपा की छतरी:
- भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत एवं रामानंद के 12 प्रमुख शिष्यों में शामिल 'संत पीपा' (गागरोन के पूर्व खींची शासक राव प्रताप सिंह) की छतरी गागरोन दुर्ग परिसर में आहू नदी के तट पर स्थित है। (नोट: संत पीपा की तपोस्थली/गुफा टोडा, केकड़ी/टोंक में तथा मुख्य मंदिर समदड़ी, बालोतरा में स्थित है)।
• मीठे शाह की दरगाह: प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती (जिन्हें स्थानीय रूप से 'मीठे शाह' कहा जाता है) की दरगाह दुर्ग परिसर में स्थित है; इसका निर्माण मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा करवाया गया था।
• बुलंद दरवाजा: औरंगजेब द्वारा निर्मित विशाल प्रवेश द्वार।
• गागरोनी तोते (Gagroni Parrots / Alexadrine Parakeet):
- गागरोन दुर्ग के वनों में पाए जाने वाले विख्यात 'हीरामन तोते' (स्थानीय नाम: 'रायतुआ'), जो हूबहू मनुष्य की बोली की नकल करने हेतु प्राचीन काल से प्रसिद्ध हैं (इतिहास में रानी पद्मिनी के पास भी हीरामन तोता होने का उल्लेख मिलता है)।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र व मेमोरी ट्रिक (Quick Revision Hook):
• स्मरण ट्रिक: "आहू-काली का सामेला, गागरोन दुर्ग अकेला — बिना नींव की चट्टान पर खींची अचलदास का साका, शिवदास गाडण ने वचनिका में ताका!"
• संत पीपा जी का परीक्षा त्रिकोण:
- छतरी = गागरोन (झालावाड़)
- गुफा = टोडा (टोंक/केकड़ी)
- मंदिर = समदड़ी (बालोतरा)
• संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के प्रमुख दुर्ग, स्थापत्य एवं यूनेस्को धरोहर नोट्स एवं राजस्थान REET एवं शिक्षक भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़।