शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

9 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 9 अक्टूबर "विश्व डाक दिवस 2026" (World Post Day) की 152वीं वर्षगांठ पर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) व राजस्थान पोस्टल सर्कल में "डाकघर निर्यात केंद्र" (DNK) डिजिटल विस्तार; स्वीडिश अकादमी द्वारा साहित्य में "नोबेल पुरस्कार 2026" (Nobel Prize in Literature 2026) की घोषणा, समकालीन विश्व साहित्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक विरासत; "राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह" (NCSAM अक्टूबर 2026) के तहत गृह मंत्रालय की I4C पहल, साइबर वित्तीय हेल्पलाइन "1930", CFCFRMS पोर्टल व राजस्थान के जिला साइबर पुलिस थानों का उच्चीकरण; "पीएम-कुसुम" (PM-KUSUM) योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान, 1.25 लाख+ सोलर कृषि पंप स्थापना व भड़ला तथा नोख सोलर पार्क की अद्यतन उपलब्धियां; इसरो (ISRO) द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल अनुमोदित "शुक्रयान" (Venus Orbiter Mission - VOM), चंद्रयान-4 सैंपल रिटर्न व भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS-1) का रणनीतिक रोडमैप; "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" के 5 वर्ष, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022) व राजस्थान से गुजरने वाले वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) का आर्थिक प्रभाव; तथा राजस्थान धरोहर व पर्यटन संवर्धन के तहत यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल "6 पहाड़ी दुर्ग" (Hill Forts of Rajasthan), जंतर मंतर व कालबेलिया अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।

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राष्ट्रीयNATIONALINTERNATIONALUPSCRASCETBANKING

अंतरराष्ट्रीय दिवस एवं संचार क्रांति: "विश्व डाक दिवस" (9 अक्टूबर 2026) — यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की 152वीं वर्षगांठ, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) व राजस्थान में डाकघर निर्यात केंद्र

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "विश्व डाक दिवस" (World Post Day) मनाया जाता है। 9 अक्टूबर 2026 को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की स्थापना की 152वीं वर्षगांठ मनाई गई। साथ ही 9 से 15 अक्टूबर तक देशव्यापी "राष्ट्रीय डाक सप्ताह" (National Postal Week) का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर भारतीय डाक विभाग (India Post) द्वारा ई-कॉमर्स और एमएसएमई (MSME) निर्यातकों को सुगम लॉजिस्टिक्स सुविधा प्रदान करने हेतु राजस्थान के सभी जिला मुख्य डाकघरों में "डाकघर निर्यात केंद्र" (Dak Ghar Niryat Kendra - DNK) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डोरस्टेप बायोमेट्रिक वित्तीय समावेशन नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) का ऐतिहासिक व संस्थागत परिप्रेक्ष्य: • स्थापना: 9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों द्वारा हस्ताक्षरित "बर्न की संधि" (Treaty of Bern) के तहत जनरल पोस्टल यूनियन की स्थापना हुई, जिसका नाम 1878 में बदलकर 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' (UPU) किया गया। • संयुक्त राष्ट्र एजेंसी: वर्ष 1948 में UPU को संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेषीकृत एजेंसी (Specialized Agency) का वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। • मुख्यालय: बर्न (स्विट्जरलैंड); कुल सदस्य देश: 192 (भारत 1876 में UPU का सदस्य बना)। • विश्व डाक दिवस की घोषणा: 1969 में टोक्यो (जापान) में आयोजित 16वीं UPU कांग्रेस में 9 अक्टूबर को प्रतिवर्ष विश्व डाक दिवस के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की गई।
  • ✓भारत में डाक प्रणाली का इतिहास एवं तकनीकी नवाचार (UPSC/RAS Core): • प्रथम नियमित डाक सेवा: वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा 1774 में कलकत्ता (कोलकाता) में पहला जीपीओ (General Post Office) स्थापित किया गया। • पिन कोड प्रणाली (Postal Index Number - PIN Code): 15 अगस्त 1972 को केंद्रीय संचार मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्रीराम भीकाजी वेलणकर (Shriram Bhikaji Velankar) द्वारा 6-अंकीय पिन कोड प्रणाली शुरू की गई। (पहला अंक भौगोलिक क्षेत्र दर्शाता है — उत्तरी क्षेत्र 1-2, पश्चिमी क्षेत्र 3-4; राजस्थान का पिन कोड अंक '3' से शुरू होता है, जैसे 302001 जयपुर)। • प्रोजेक्ट एरो (Project Arrow): डाकघरों के आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार हेतु अप्रैल 2008 में शुरू किया गया मिशन। • दर्पण योजना (DARPAN - Digital Advancement of Rural Post Office for A New India): ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक पॉइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस उपलब्ध कराकर 1.3 लाख ग्रामीण शाखा डाकघरों का 100% डिजिटलीकरण।
  • ✓इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) एवं राजस्थान परिप्रेक्ष्य: • IPPB का शुभारंभ: 1 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा 100% भारत सरकार (डाक विभाग) की शेयरधारिता के साथ भुगतान बैंक (Payments Bank) के रूप में शुरू। • मुख्य विशेषता: आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) के माध्यम से देश के दूरदराज गांवों में वृद्धजनों व दिव्यांगों को 'डोरस्टेप बैंकिंग' (Doorstep Banking) सेवा उपलब्ध कराना। • राजस्थान डाक परिमंडल (Jaipur HQ): राजस्थान में कुल 3 डाक क्षेत्र (जयपुर, जोधपुर और अजमेर) संचालित हैं; जयपुर जीपीओ की ऐतिहासिक इमारत ब्रिटिश-राजपूत स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है; राजस्थान का पहला पूर्ण महिला डाकघर मानसरोवर (जयपुर) में स्थापित किया गया था।
#2
अंतरराष्ट्रीयAWARDSLITERATUREUPSCRASCETREET

साहित्य एवं वैश्विक सम्मान: "नोबेल पुरस्कार 2026" (साहित्य) — समकालीन विश्व साहित्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, भाषाई संवेदनाएं व नोबेल का भारतीय परिप्रेक्ष्य

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

9 अक्टूबर 2026 को स्वीडिश अकादमी (Swedish Academy, Stockholm) द्वारा साहित्य में वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Literature 2026) की आधिकारिक घोषणा की गई। यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान मानवीय अस्तित्व की जटिलताओं, विस्थापन की त्रासदी, हाशिए के समुदायों की सांस्कृतिक अस्मिता और सार्वभौमिक भाषिक संवेदनाओं को मुखर करने वाले कालजयी साहित्यिक योगदान हेतु प्रदान किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक जगत में अनुवाद के महत्व, मौलिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विश्व शांति में साहित्य की भूमिका पर विशेष परिसंवाद आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓स्वीडिश अकादमी एवं साहित्य नोबेल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: • चयन संस्था: 1786 में स्वीडन के राजा गुस्ताव तृतीय (King Gustav III) द्वारा स्थापित 'स्वीडिश अकादमी' (The Swedish Academy) के 18 सदस्यों द्वारा प्रतिवर्ष साहित्य नोबेल का चयन किया जाता है। • प्रथम साहित्य नोबेल (1901): फ्रांसीसी कवि और निबंधकार सुली प्रुधोम (Sully Prudhomme) को उनकी उत्कृष्ट काव्यात्मक रचनाओं हेतु प्रदान किया गया था। • अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत (1895): उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया था कि साहित्य का पुरस्कार उस लेखक को दिया जाए जिसने "आदर्शवादी दिशा में सबसे उत्कृष्ट कृति" (Most outstanding work in an ideal direction) की रचना की हो। • पदक व पुरस्कार राशि: 18 कैरेट हरित स्वर्ण पर 24 कैरेट स्वर्ण-लेपित पदक, प्रशस्ति पत्र तथा 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (SEK) की नकद राशि।
  • ✓गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर — प्रथम एशियाई व भारतीय नोबेल विजेता (High-Yield GK): • वर्ष 1913: रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी अमर काव्य कृति 'गीतांजलि' (Gitanjali - Song Offerings) हेतु साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। वे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले भारत व संपूर्ण एशिया के पहले व्यक्ति थे। • गीतांजलि का अंग्रेजी अनुवाद: स्वयं रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा अनुवादित किया गया था, जिसकी प्रसिद्ध भूमिका (Introduction) आयरिश कवि विलियम बटलर यीट्स (W.B. Yeats) द्वारा लिखी गई थी। • राष्ट्रगान के रचयिता: टैगोर विश्व के एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाएं दो स्वतंत्र देशों का राष्ट्रगान बनीं — भारत का 'जन गण मन' और बांग्लादेश का 'आमार सोनार बांला'। (साथ ही श्रीलंका के राष्ट्रगान 'नमो नमो माता' की प्रेरणा भी टैगोर का संगीत रहा)। • नाइटहुड त्याग: 13 अप्रैल 1919 के बर्बर जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त 'सर/नाइटहुड' (Knighthood) की उपाधि त्याग दी थी।
  • ✓भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार एवं संवैधानिक भाषाएं (RPSC Exam Favorite): • ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award): 1961 में भारतीय ज्ञानपीठ (साहू शांति प्रसाद जैन परिवार) द्वारा स्थापित; भारत का सर्वोच्च नागरिक साहित्यिक सम्मान; संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 भाषाओं व अंग्रेजी में उत्कृष्ट लेखन हेतु प्रदत्त; प्रथम विजेता: 1965 में जी. शंकर कुरुप (मलयालम कृति 'ओडक्कुझल' हेतु)। • साहित्य अकादमी पुरस्कार: 1954 में स्थापित; कुल 24 भाषाओं में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है (संविधान की 8वीं अनुसूची की 22 आधिकारिक भाषाएं + अंग्रेजी + राजस्थानी भाषा)। • सरस्वती सम्मान एवं व्यास सम्मान: के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991 से स्थापित प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान।
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राष्ट्रीयDEFENCESECURITYPOLICERASUPSCCET

राष्ट्रीय सुरक्षा एवं साइबर सुशासन: "राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह" (अक्टूबर 2026) — गृह मंत्रालय की I4C पहल, साइबर हेल्पलाइन 1930, CFCFRMS पोर्टल व राजस्थान साइबर पुलिस नेटवर्क

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

अक्टूबर 2026 को पूरे देश में "राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह" (National Cyber Security Awareness Month - NCSAM) के रूप में मनाया जा रहा है। 9 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest), फिनटेक धोखाधड़ी, डीपफेक और अवैध ऋण ऐप्स के विरुद्ध 'साइबर सुरक्षित भारत' राष्ट्रव्यापी अभियान की विस्तृत प्रगति समीक्षा जारी की गई। साथ ही राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी जिलों में क्रियान्वित समर्पित साइबर पुलिस थानों को अत्याधुनिक एआई-संचालित फोरेंसिक टूल्स और ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय ट्रेसिंग तकनीक से सशक्त करने के विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) एवं राष्ट्रीय तंत्र: • स्थापना: केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग के अधीन वर्ष 2018 में स्वीकृत और 10 जनवरी 2020 को राष्ट्र को समर्पित। • मुख्यालय: नई दिल्ली; उद्देश्य: देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने हेतु एक केंद्रीय नोडल मंच। • 7 प्रमुख घटक: 1. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in), 2. राष्ट्रीय साइबर अपराध विश्लेषण इकाई, 3. राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला, 4. राष्ट्रीय साइबर प्रशिक्षण केंद्र (CyTrain), 5. साइबर अपराध पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन, 6. संयुक्त साइबर अपराध समन्वय दल, 7. साइबर अनुसंधान और नवाचार केंद्र। • राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930: पूर्व में '155260'; साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार नागरिकों हेतु आपातकालीन हेल्पलाइन। गोल्डन ऑवर (घटना के तुरंत बाद) में कॉल करने पर "नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली" (CFCFRMS) के जरिए ठगी की राशि को संदिग्ध बैंक खातों/वॉलेट में तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है।
  • ✓कानूनी एवं विनियामक ढांचा (IT Act 2000 व DPDP Act 2023 - UPSC/RAS Core): • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act 2000): 17 अक्टूबर 2000 को लागू; भारत में साइबर अपराधों का मुख्य कानून; - धारा 43A: संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा में लापरवाही हेतु मुआवजा। - धारा 66: कंप्यूटर सिस्टम को हैक या नुकसान पहुंचाना (3 वर्ष तक कारावास व ₹5 लाख तक जुर्माना)। - धारा 66C: पहचान की चोरी (Identity Theft / पासवर्ड चुराना)। - धारा 66D: कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से प्रतिरूपण (Cheating by Impersonation) कर धोखाधड़ी करना। - धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण। • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act 2023): नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा हेतु भारत का पहला व्यापक डेटा प्राइवेसी कानून; डेटा फिड्यूशरी (कंपनियों) द्वारा उल्लंघन पर ₹250 करोड़ तक के भारी जुर्माने का वैधानिक प्रावधान। • CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल): 2004 में स्थापित; इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन राष्ट्रीय नोडल एजेंसी, जो साइबर सुरक्षा खतरों और रैंसमवेयर हमलों से देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे की रक्षा करती है।
  • ✓राजस्थान में साइबर सुरक्षा ढांचा एवं संस्थागत पहल: • जिला साइबर पुलिस थाने: राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के सभी जिला पुलिस मुख्यालयों पर समर्पित साइबर पुलिस थानों की स्थापना की गई है। • सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी (जयपुर): राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल फोरेंसिक लैब और साइबर कमांड सेंटर संचालित। • राजस्थान जन आधार डेटा सुरक्षा: राज्य के निवासियों के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रखने हेतु उच्च-स्तरीय इनक्रिप्शन और स्टेट डेटा सेंटर (SDC) सुरक्षा प्रोटोकॉल।
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राजस्थानRASCETPATWARIREETECONOMYUPSC

राजस्थान ऊर्जा एवं हरित क्रांति: "पीएम-कुसुम" (PM-KUSUM) योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय शीर्ष स्थान — सौर पंप स्थापना, फीडर सोलराइजेशन व भड़ला तथा नोख सोलर पार्क की प्रगति

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

9 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी राष्ट्रीय प्रगति डैशबोर्ड के अनुसार "प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान" (PM-KUSUM) के अंतर्गत ऑफ-ग्रिड और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पंप स्थापित करने में राजस्थान देश भर में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। राज्य में अब तक 1.25 लाख से अधिक स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही फलोदी स्थित विश्व प्रसिद्ध 'भड़ला सोलर पार्क' (Bhadla Solar Park) और जैसलमेर के 'नोख सोलर पार्क' के सफल ग्रिड एकीकरण के साथ राजस्थान देश में 30,000 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता पार करने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓PM-KUSUM योजना की संरचना एवं तीन घटक (RPSC Exam Favorite): • शुभारंभ: मार्च 2019 में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा किसानों की सिंचाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त आय सृजन हेतु शुरू की गई। • तीन प्रमुख घटक (Three Components): 1. कंपोनेंट-ए (Component-A): किसानों की बंजर या कम उपजाऊ भूमि पर 0.5 से 2 मेगावाट क्षमता के छोटे विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना। (नोट: देश का पहला PM-KUSUM कंपोनेंट-ए प्लांट राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के 'भालोजी गांव' में स्थापित हुआ था)। 2. कंपोनेंट-बी (Component-B): ग्रामीण क्षेत्रों में 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक के स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंपों की स्थापना (राजस्थान इसमें देश में #1 स्थान पर है; केंद्र सरकार 30%, राज्य सरकार 30% सब्सिडी देती है, किसान को केवल 40% अंश देना होता है)। 3. कंपोनेंट-सी (Component-C): मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन और कृषि फीडरों का सोलराइजेशन (Feeder Level Solarisation - FLS), जिससे किसानों को दिन में निःशुल्क सौर बिजली मिलती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय होती है।
  • ✓राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता एवं नीतियां: • राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2023 (Rajasthan Renewable Energy Policy 2023): वर्ष 2030 तक 90,000 मेगावाट (90 GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (जिसमें 65 GW सौर ऊर्जा) स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य। • प्राकृतिक वरदान: राजस्थान में वर्ष में 325 से अधिक धूप वाले दिन (Sunny Days) और 6.0 से 7.0 kWh/m²/day की उच्चतम सौर विकिरण (Solar Insolation) प्राप्त होती है। • भड़ला सोलर पार्क (Bhadla Solar Park): फलोदी जिले (पूर्व में जोधपुर) में स्थित 2,245 मेगावाट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा एकल-स्थान सोलर पार्क; चार चरणों में विकसित। • नोख सोलर पार्क (जैसलमेर): 925 मेगावाट क्षमता; राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम और NTPC के संयुक्त उपक्रम द्वारा विकसित। • पुगल सोलर पार्क (बीकानेर): बीकानेर के पुगल में 2,000 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क निर्माणाधीन।
  • ✓राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL): • गठन: अगस्त 2002 में राजस्थान ऊर्जा विकास अभिकरण (REDA - 1985) और राजस्थान स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (RSPCL - 1995) के विलय से राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम का गठन हुआ। • कार्य: राज्य में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास हेतु राज्य की एकमात्र नोडल एजेंसी। • मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना: राजस्थान सरकार द्वारा कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) का बिजली बिल अनुदान दिया जा रहा है।
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विज्ञान-तकनीकSCIENCEUPSCRASCET

अंतरिक्ष विज्ञान एवं राष्ट्रीय गौरव: इसरो (ISRO) की आगामी अंतरग्रहीय कार्ययोजना — केंद्रीय मंत्रिमंडल अनुमोदित "शुक्रयान" (Venus Orbiter Mission), चंद्रयान-4 व भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का रोडमैप

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

9 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा आगामी अंतरग्रहीय अभियानों और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम पर तकनीकी बुलेटिन जारी किया गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में अनुमोदित वीनस ऑर्बिटर मिशन (Venus Orbiter Mission - VOM / "शुक्रयान") और चंद्रयान-4 लूनर सैंपल रिटर्न मिशन के पेलोड एकीकरण और संरचनात्मक परीक्षण की प्रगति की पुष्टि की गई। इसके अतिरिक्त वर्ष 2028 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS-1) के प्रथम मॉड्यूल के प्रक्षेपण और 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित उतारने के राष्ट्रीय अंतरिक्ष विजन को तीव्र गति प्रदान की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓शुक्रयान (Venus Orbiter Mission - VOM) के वैज्ञानिक आयाम (UPSC/RAS Core): • उद्देश्य: शुक्र (Venus) ग्रह के घने, विषैले सल्फ्यूरिक एसिड और कार्बन डाईऑक्साइड युक्त वायुमंडल, सतह स्थलाकृति, ज्वालामुखीय गतिविधियों और सौर पवन अंतःक्रिया का गहन अध्ययन। • लक्षित प्रक्षेपण: मार्च 2028 (जब पृथ्वी और शुक्र के बीच कक्षा संरेखण न्यूनतम ईंधन की मांग करता है)। • वैज्ञानिक उपकरण: सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR), इन्फ्रारेड और पराबैंगनी स्पेक्ट्रोमीटर, वायुमंडलीय थर्मोस्फीरिक रसायन विज्ञान पेलोड। • शुक्र ग्रह के भौगोलिक तथ्य: शुक्र को पृथ्वी का "जुड़वां ग्रह" (Twin Sister of Earth) कहा जाता है क्योंकि इसका आकार, घनत्व और द्रव्यमान लगभग पृथ्वी के समान है; हालांकि यहाँ वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी से 90 गुना अधिक है और 96% CO2 के कारण अत्यधिक अनियंत्रित ग्रीनहाउस प्रभाव (Runaway Greenhouse Effect) से सतही तापमान लगभग 465°C रहता है, जिससे यह सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है।
  • ✓चंद्रयान-4 एवं भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS): • चंद्रयान-4 मिशन (Lunar Sample Return): चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरकर चंद्र सतह से मिट्टी व चट्टानों के नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लाने हेतु एक जटिल 5-मॉड्यूल मिशन (Ascender, Descender, Transfer, Re-entry, Propulsion Modules); इसमें अंतरिक्ष में डॉकिंग (Space Docking) का प्रदर्शन शामिल होगा। • भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station - BAS): - पहला चरण (BAS-1): वर्ष 2028 तक 52 टन के बेस मॉड्यूल का प्रक्षेपण। - पूर्ण परिचालन: वर्ष 2035 तक स्थायी मानवयुक्त भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण। • नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV / "सूर्य"): इसरो द्वारा विकसित किया जा रहा भारी तीन-चरणीय पुन: प्रयोज्य (Reusable) रॉकेट, जो 30 टन तक के पेलोड को निम्न भू-कक्षा (LEO) में ले जाने में सक्षम होगा।
  • ✓गगनयान (Gaganyaan) — भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान: • मिशन रूपरेखा: 3 भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (व्योमनॉट्स) को 400 किमी की निचली पृथ्वी की कक्षा (LEO) में 3 दिनों के लिए ले जाकर सुरक्षित वापस समुद्र में उतारना। • रॉकेट: LVM3 (मानव-रेटेड लॉन्च व्हीकल - HLVM3)। • महिला ह्यूमनॉइड रोबोट: मानव रहित परीक्षण उड़ानों में अंतरिक्ष यात्रियों के जैविक मापदंडों और केबिन वातावरण की निगरानी हेतु विकसित रोबोट का नाम 'व्योममित्र' (Vyommitra) है। • इसरो का संक्षिप्त परिचय: स्थापना 15 अगस्त 1969; संस्थापक जनक: डॉ. विक्रम साराभाई; मुख्यालय: बेंगलुरु (कर्नाटक); अंतरिक्ष विभाग (DoS) के अंतर्गत कार्यरत।
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अर्थव्यवस्थाECONOMYUPSCRASCETINFRASTRUCTURE

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था एवं लॉजिस्टिक्स: "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" के 5 वर्ष — राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022), वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) व राजस्थान के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

अक्टूबर 2026 में भारत सरकार के महत्वाकांक्षी "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (PM Gati Shakti National Master Plan) के सफल क्रियान्वयन के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा विशेष प्रगति समीक्षा रिपोर्ट जारी की गई। लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (LEADS 2026) में राजस्थान को अंतर्देशीय राज्यों की श्रेणी में 'अचीवर्स' (Achievers) का शीर्ष दर्जा प्राप्त हुआ है। राजस्थान से होकर गुजरने वाले वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रभावी समन्वय से राज्य के निर्यातकों के माल ढुलाई समय में 40% और लॉजिस्टिक्स लागत में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की संरचना (UPSC/RAS Core): • शुभारंभ: 13 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ₹100 लाख करोड़ के महत्वाकांक्षी परिव्यय के साथ शुरू। • मूल अवधारणा: सड़क, रेलवे, नागरिक उड्डयन, बंदरगाह, अंतर्देशीय जलमार्ग, दूरसंचार और विद्युत सहित 16 केंद्रीय मंत्रालयों के अवसंरचनात्मक प्रोजेक्ट्स को एक एकीकृत जीआईएस (GIS) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर विभागीय रुकावटों (Silos) को समाप्त करना। • छह स्तंभ (Six Pillars): 1. व्यापकता (Comprehensiveness), 2. प्राथमिकता (Prioritization), 3. अनुकूलन (Optimization), 4. समकालीकरण (Synchronization), 5. विश्लेषणात्मकता (Analytical), 6. गतिशीलता (Dynamic)। • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP): 17 सितंबर 2022 को शुरू; मुख्य उद्देश्य: भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को वर्तमान में जीडीपी के लगभग 13-14% से घटाकर वैश्विक बेंचमार्क 8% के करीब लाना तथा 2030 तक विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) में भारत को शीर्ष 25 देशों में स्थापित करना।
  • ✓वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) एवं राजस्थान की भूमिका: • कॉरिडोर विस्तार: दादरी (उत्तर प्रदेश) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT नवी मुंबई, महाराष्ट्र) तक कुल 1,506 किमी लंबा विशेष भारी मालगाड़ी गलियारा। • राजस्थान में विस्तार: WDFC का लगभग 567 किमी लंबा खंड (37% हिस्सा) राजस्थान राज्य से होकर गुजरता है (हरियाणा सीमा से अलवर, जयपुर, अजमेर, पाली, सिरोही होते हुए गुजरात सीमा तक)। • फुलेरा जंक्शन (जयपुर): ऐतिहासिक रूप से मीटर गेज का बड़ा रेलवे यार्ड रहा फुलेरा अब WDFC का प्रमुख सामरिक संचालन केंद्र और अत्याधुनिक ट्रेन नियंत्रण केंद्र बन चुका है। • डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें: WDFC पर दुनिया में पहली बार 1.5 किमी लंबी विद्युत-चालित हाई-राइज ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) वाली डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ियों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
  • ✓राजस्थान के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) व औद्योगिक गलियारे: • दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC): दादरी से मुंबई तक WDFC के दोनों ओर 150 किमी प्रभाव क्षेत्र में विकसित; DMIC का लगभग 39% प्रभाव क्षेत्र राजस्थान में आता है। • राजस्थान के प्रमुख नोड्स: खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा निवेश क्षेत्र (KBNIR) और जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA)। • लॉजिस्टिक्स हब: जयपुर (बगरू/कनकपुरा), जोधपुर (सालावास) और कोटा में निजी-सार्वजनिक भागीदारी (PPP) से अत्याधुनिक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) संचालित।
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राजस्थानCULTUREHISTORYRASCETREETPOLICETOURISM

राजस्थान संस्कृति एवं धरोहर: यूनेस्को विश्व धरोहर व पर्यटन संवर्धन — राजस्थान के 6 पहाड़ी दुर्ग (Hill Forts), जंतर मंतर, कालबेलिया अमूर्त विरासत व धरोहर संरक्षण की वैधानिक धाराएं

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

9 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग द्वारा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और राज्य संरक्षित स्मारकों के संवर्धन हेतु "स्मार्ट हेरिटेज डिजिटल गाइड व 3D लेजर मैपिंग प्रोजेक्ट" की शुरुआत की गई। इस अभिनव परियोजना के तहत राजस्थान के 6 प्रसिद्ध पहाड़ी दुर्गों (Hill Forts of Rajasthan) और जयपुर परकोटे (Walled City) में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बहुभाषी क्यूआर कोड गाइड, सतत इको-हेरिटेज टूरिज्म और ऐतिहासिक प्राचीरों के वैज्ञानिक संरक्षण की कार्ययोजना लागू की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान के 6 पहाड़ी दुर्ग (UNESCO World Heritage Sites 2013): • घोषणा: जून 2013 में कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित यूनेस्को की 37वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक में राजस्थान के 6 पहाड़ी किलों को सामूहिक रूप से विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। • याद रखने की सरल ट्रिक: "चीकू गाजर आम" 1. चित्तौड़गढ़ दुर्ग (ची): गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम पर मेसा के पठार पर स्थित; राजस्थान का गौरव, किलों का सिरमौर; तीन प्रसिद्ध साके (1303, 1534, 1567-68); विजय स्तम्भ और कीर्ति स्तम्भ। 2. कुंभलगढ़ दुर्ग (कू - राजसमंद): महाराणा कुंभा द्वारा निर्मित; शिल्पी: मंडन; 36 किमी लंबी सुदृढ़ दीवार (ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया); अंतःदुर्ग 'कटारगढ़' (मेवाड़ की आंख), जहाँ महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। 3. गागरोन दुर्ग (गा - झालावाड़): आहू और कालीसिंध नदियों के संगम पर स्थित प्रसिद्ध 'जल दुर्ग' (औदक दुर्ग); अचलदास खींची री वचनिका की ऐतिहासिक भूमि। 4. जैसलमेर दुर्ग (ज - सोनार किला): त्रिकूट पहाड़ी पर पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित 'धान्वन दुर्ग'; बिना चूने के पत्थरों की जोड़ाई; अढ़ाई साके हेतु विख्यात। 5. रणथंभौर दुर्ग (र - सवाई माधोपुर): सात पहाड़ियों से घिरा 'एरण दुर्ग'; हम्मीर देव चौहान की आन-बान-शान का प्रतीक; 1301 में राजस्थान का पहला शाखा; त्रिनेत्र गणेश मंदिर। 6. आमेर दुर्ग (आम - जयपुर): राजा मानसिंह प्रथम द्वारा निर्मित; दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और मावठा झील का भव्य स्थापत्य।
  • ✓राजस्थान के अन्य यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल एवं अमूर्त धरोहर: • केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर): वर्ष 1985 में यूनेस्को प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल घोषित; रामसर आर्द्रभूमि स्थल; साइबेरियन क्रेन का शीतकालीन पर्यावास। • जंतर मंतर (जयपुर): वर्ष 2010 में यूनेस्को सांस्कृतिक विश्व धरोहर घोषित; सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1734 में निर्मित खगोलीय वेधशाला; विश्व की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य घड़ी 'बृहत् सम्राट यंत्र' यहाँ स्थित है। • कालबेलिया नृत्य एवं लोकगीत: वर्ष 2010 में यूनेस्को की "अमूर्त सांस्कृतिक विरासत" (Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity) में शामिल; प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना: पद्मश्री गुलाबो सपेरा। • जयपुर परकोटा शहर (Walled City of Jaipur): जुलाई 2019 में बाकू (अजरबैजान) सम्मेलन में यूनेस्को सांस्कृतिक विश्व धरोहर शहर घोषित; 1727 में सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा स्थापित; वास्तुकार: विद्याधर भट्टाचार्य।
  • ✓धरोहर संरक्षण का वैधानिक ढांचा: • राजस्थान प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1961 (The Rajasthan Monuments Act 1961): राज्य में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और अनाधिकृत निर्माण/खनन पर रोक लगाने का मुख्य कानूनी आधार। • पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान: स्थापना वर्ष 1950 में, मुख्यालय: जयपुर। • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI): स्थापना 1861 में अलेक्जेंडर कनिंघम (भारतीय पुरातत्व के जनक) द्वारा; संस्कृति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय संस्था।