गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

8 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 8 अक्टूबर "भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस" (IAF Day 2026) पर भव्य वायु प्रदर्शन, स्वदेशी एलसीए "तेजस एमके-1ए", अस्त्र बीवीआर व थार सीमा पर एयरबेसों की सामरिक तत्परता; रसायन विज्ञान में "नोबेल पुरस्कार 2026" की घोषणा व एआई-चालित कम्प्यूटेशनल आणविक डिजाइन और हरित जैव-उत्प्रेरण का अन्वेषण; संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC-ERCP) राष्ट्रीय परियोजना की उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा व राजस्थान के 21 जिलों में नवनेरा व इसरदा बैराज जल प्रबंधन; 72वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के समापन पर राजस्थान के 5वें टाइगर रिजर्व (धौलपुर-करौली) में विशेष वन्यजीव गलियारा कार्ययोजना व "टाइगर मैन" कैलाश सांखला की विरासत; आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) अक्टूबर समीक्षा में रेपो दर 6.50% पर स्थिर व धारा 45ZB के तहत 4% मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण; "पीएम श्री" (PM SHRI) योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन व 716+ विद्यालयों में आधुनिक स्टेम व ग्रीन स्कूल घटक; तथा अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी महासंघ परिप्रेक्ष्य में जयपुर के "जगतपुरा शूटिंग रेंज" का आधुनिकीकरण व दोहरे पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा व ओलंपियन अपूर्वी चंदेला का विशिष्ट योगदान।

#1
रक्षाDEFENCEUPSCRASCETPOLICE

राष्ट्रीय सुरक्षा एवं वैमानिकी: "भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस" (8 अक्टूबर 2026) — "नभः स्पृशं दीप्तम्", स्वदेशी तेजस एमके-1ए, अस्त्र बीवीआर मिसाइल व राजस्थान के अग्रिम एयरबेस

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 8 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी स्तर पर "भारतीय वायुसेना दिवस" (Indian Air Force Day) मनाया जाता है। 8 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना ने अपना गौरवशाली 94वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर आयोजित भव्य वायु प्रदर्शन (Air Show & Flypast) में भारत की आसमान में अचूक मारक क्षमता का प्रदर्शन किया गया। समारोह के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) "तेजस एमके-1ए" (Tejas Mk-1A), बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल "अस्त्र" (Astra BVR), मध्यम परिवहन विमान C-295 और एस-400 सुदर्शन वायु रक्षा प्रणाली के समन्वय को प्रदर्शित किया गया। थार रेगिस्तान और पश्चिमी सीमा पर स्थित राजस्थान के सामरिक एयरबेसों ने अभ्यास में मुख्य भूमिका निभाई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य एवं वैधानिक तथ्य: • स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में रॉयल एयर फोर्स के सहायक बल (Auxiliary Force) के रूप में 'भारतीय वायुसेना' की स्थापना हुई थी। • आदर्श वाक्य (Motto): "नभः स्पृशं दीप्तम्" (Touch the Sky with Glory) — यह आदर्श वाक्य श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय (विश्वरूप दर्शन योग, श्लोक 24) से उद्धृत किया गया है। • प्रथम भारतीय वायुसेना प्रमुख (Chief of the Air Staff): एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी (Subroto Mukerjee), जिन्होंने 1 अप्रैल 1954 को पदभार ग्रहण किया (उन्हें "भारतीय वायुसेना का जनक" माना जाता है)। • एकमात्र फाइव-स्टार मार्शल: अर्जन सिंह (Arjan Singh) को जनवरी 2002 में भारत के पहले और एकमात्र 'मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स' पद से सम्मानित किया गया (1965 युद्ध में ऐतिहासिक योगदान)। • संगठनात्मक कमान: वायुसेना मुख्यालय नई दिल्ली के अतिरिक्त 7 प्रमुख कमानों में विभाजित है (5 क्रियाशील कमानें, 1 प्रशिक्षण कमान बेंगलुरु में, तथा 1 रखरखाव कमान नागपुर में)।
  • ✓राजस्थान के सामरिक एयरबेस एवं सामरिक महत्व (RPSC Exam Core): • उत्तरलाई एयरबेस (बाड़मेर): भारत का पहला पूर्णतः भूमिगत (Underground) सैन्य एयरबेस, जो पाकिस्तान सीमा के सर्वाधिक निकट रणनीतिक मोर्चा संभालता है (मिग-29 व सुखोई-30 स्क्वाड्रन)। • जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन: दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान (SWAC) का सबसे महत्वपूर्ण एयर कॉम्बैट हब; यहाँ बहुपक्षीय वैश्विक हवाई युद्धाभ्यास "तरंग शक्ति" (Tarang Shakti) और भारत-फ्रांस "गरुड़" अभ्यास आयोजित होते हैं। • नाल एयरबेस (बीकानेर): पश्चिमी सीमा का प्रमुख लड़ाकू विमान स्टेशन। • जैसलमेर एयरबेस: थार रेगिस्तान के अग्रिम मोर्चे का रणनीतिक ठिकाना। • पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर): भारतीय वायुसेना के त्रि-वार्षिक वृहद युद्धाभ्यास "वायु शक्ति" (Ex Vayu Shakti) का आधिकारिक आयोजन स्थल, जहाँ दिन-रात पूर्ण युद्ध क्षमता का जीवंत लाइव-फायर प्रदर्शन होता है।
  • ✓आधुनिक स्वदेशी हथियार प्रणाली व आधुनिकीकरण: • तेजस एमके-1ए (Tejas Mk-1A): हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल सुपरसोनिक फाइटर; इसमें उत्तम एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट सुसज्जित है। • अस्त्र (Astra Mk-1/Mk-2): DRDO द्वारा विकसित स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल (मारक क्षमता: 100+ किमी, सुपरसोनिक गति मैक 4.5)। • सी-295 (C-295 Transport Aircraft): एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) द्वारा वडोदरा में निर्मित आधुनिक सामरिक एयरलिफ्टर। • एस-400 'सुदर्शन' (S-400 Triumf): रूस से आयातित अत्याधुनिक सतह-से-हवा में मार करने वाली लंबी दूरी (400 किमी) की मिसाइल रक्षा प्रणाली।
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विज्ञान-तकनीकSCIENCEUPSCRASCET

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: "नोबेल पुरस्कार 2026" (रसायन विज्ञान) — कम्प्यूटेशनल आणविक डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जैव-संरचना व हरित उत्प्रेरण

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज (Royal Swedish Academy of Sciences, Stockholm) द्वारा रसायन विज्ञान में वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Chemistry 2026) की घोषणा की गई। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जटिल रासायनिक अणुओं की कम्प्यूटेशनल प्रेडिक्शन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा प्रोटीन संरचना डिजाइन, मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs) और पर्यावरण-अनुकूल हरित जैव-उत्प्रेरण (Green Biocatalysis) के मौलिक सिद्धांतों के विकास हेतु प्रदान किया गया। इस क्रांतिकारी शोध से कैंसर रोधी दवाओं के लक्षित निर्माण, औद्योगिक प्रदूषण मुक्त संश्लेषण और पर्यावरण से कार्बन डाईऑक्साइड सोखने वाले नैनोमटेरियल्स के निर्माण में अभूतपूर्व सफलता मिली है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓रसायन विज्ञान के आधुनिक नवाचार एवं वैज्ञानिक अवधारणाएं (UPSC/RAS Core): • कम्प्यूटेशनल आणविक डिजाइन: क्वांटम मैकेनिक्स और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करके बिना प्रयोगशाला में महीनों व्यतीत किए कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए नए जीवनरक्षक रासायनिक यौगिकों का सटीक निर्माण। • मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs): धातु आयनों और कार्बनिक संयोजकों से बने अत्यधिक छिद्रयुक्त (Porous) 3D क्रिस्टलीय पदार्थ; इनका आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल इतना अधिक होता है कि एक ग्राम MOF का क्षेत्रफल फुटबॉल मैदान जितना हो सकता है; मुख्य उपयोग: हाइड्रोजन ईंधन भंडारण, कार्बन कैप्चर और वायु से जल वाष्प संचयन। • हरित रसायन विज्ञान (Green Chemistry) के 12 सिद्धांत: पॉल अनास्तास और जॉन वार्नर द्वारा प्रतिपादित; मुख्य लक्ष्य: रासायनिक प्रक्रियाओं में खतरनाक पदार्थों के उपयोग व उत्पादन को न्यूनतम करना, परमाणु मितव्ययिता (Atom Economy), नवीकरणीय फीडस्टॉक और कम ऊर्जा खपत।
  • ✓भारत की राष्ट्रीय पहल: बायो-ई3 नीति (BioE3 Policy): • अनुमोदन: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2024 में ₹5,000 करोड़ के प्रोत्साहन से "BioE3" (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) नीति अनुमोदित। • लक्ष्य: 2047 तक भारत को वैश्विक बायो-मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना; पेट्रोकेमिकल्स के विकल्प के रूप में बायो-आधारित रसायन, एंजाइम, और बायो-पॉलिमर का स्वदेशी उत्पादन।
  • ✓रसायन नोबेल का ऐतिहासिक व भारतीय परिप्रेक्ष्य: • प्रथम नोबेल पुरस्कार (1901): डच भौतिक-रसायनशास्त्री जैकोबस हेनरिकस वान 'ट हॉफ (Jacobus Henricus van 't Hoff) को रासायनिक गतिकी और परासरण दाब (Osmotic Pressure) के नियमों की खोज हेतु। • मैडम मैरी क्यूरी (Marie Curie): वर्ष 1911 में रेडियम और पोलोनियम की खोज हेतु रसायन का नोबेल प्राप्त किया (वे भौतिकी 1903 और रसायन 1911 — दो भिन्न विज्ञानों में नोबेल पाने वाली विश्व की एकमात्र वैज्ञानिक हैं)। • डॉ. वेंकटरमन रामकृष्णन (2009): भारतीय मूल के वैज्ञानिक, जिन्हें राइबोसोम की त्रिविमीय आणविक संरचना और कार्यप्रणाली (Structure of Ribosome) के मानचित्रण हेतु थॉमस स्टीट्ज़ और एडा योनाथ के साथ संयुक्त रूप से रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
#3
राजस्थानRASCETPATWARIREETPOLICE

राजस्थान जल संसाधन: संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC-ERCP) लिंक राष्ट्रीय परियोजना — 21 जिलों में नवनेरा व इसरदा बैराज जल भंडारण की उच्चस्तरीय समीक्षा

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जल संसाधन विभाग, मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग (CWC) की संयुक्त कार्यबल बैठक में "संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक एवं पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना" (Modified PKC-ERCP Link National Project) के निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। बैठक में कोटा स्थित कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज (Navnera Barrage) और सवाई माधोपुर/टोंक स्थित बनास नदी पर इसरदा बांध (Isarda Dam) के जल संचयन और नहर वितरण नेटवर्क को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए। यह परियोजना राजस्थान के 21 जिलों में 2051 तक निर्बाध पेयजल और 2.80 लाख हेक्टेयर नए सिंचित क्षेत्र की जीवनरेखा सिद्ध होगी।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓संशोधित PKC-ERCP परियोजना के ऐतिहासिक व तकनीकी तथ्य (RPSC Exam Favorite): • त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU): 28 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के मध्य ऐतिहासिक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। • राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा (National Project Status): केंद्र सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, जिसमें 90% वित्तीय पोषण केंद्र सरकार द्वारा और 10% व्यय संबंधित राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जा रहा है (90:10 वित्तीय अनुपात)। • कुल अनुमानित लागत: लगभग ₹72,000 करोड़ से अधिक की समग्र अंतर-राज्यीय परियोजना। • शामिल नदियां: चंबल, कुन्नू, कुल, पार्वती, कालीसिंध, मेज और बनास नदियों के अधिशेष (Surplus) मानसूनी जल को जल-अभाव वाले बेसिनों में स्थानांतरित करना।
  • ✓लाभान्वित 21 जिले (नवीन जिला गठन के अनुसार): • हाड़ौती संभाग: झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी। • भरतपुर संभाग: सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, गंगापुर सिटी। • जयपुर संभाग: जयपुर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, दूदू। • अजमेर संभाग: अजमेर, टोंक, ब्यावर, केकड़ी।
  • ✓परियोजना के प्रमुख बांध, बैराज एवं नदियां: • नवनेरा बैराज (Navnera Barrage): कोटा जिले की दीगोद/इटावा तहसील में कालीसिंध नदी पर निर्मित मुख्य हेडवर्क्स। • इसरदा बांध (Isarda Dam): दौसा, सवाई माधोपुर और जयपुर ग्रामीण को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु बनास नदी पर निर्मित। • मेज बैराज (बूंदी), रामगढ़ बैराज (बारां), महलपुर बैराज, डूंगरी बांध (सवाई माधोपुर)। • बहुउद्देश्यीय लाभ: भूजल स्तर में सुधार, ग्रामीण पेयजल संकट का स्थायी समाधान, औद्योगिक विकास तथा दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) को आवश्यक जल आपूर्ति।
#4
राजस्थानRASCETPATWARIREETUPSC

राजस्थान पर्यावरण एवं जैव-विविधता: 72वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का समापन (8 अक्टूबर 2026) — 5वें टाइगर रिजर्व "धौलपुर-करौली" में स्मार्ट सर्विलांस व "टाइगर मैन" कैलाश सांखला की विरासत

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

2 से 8 अक्टूबर तक देश भर में आयोजित 72वें "राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह" (National Wildlife Week) का 8 अक्टूबर 2026 को औपचारिक समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और राजस्थान वन विभाग द्वारा राजस्थान के 5वें टाइगर रिजर्व "धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व" (Dholpur-Karauli Tiger Reserve) में रणथंभौर और रामगढ़ विषधारी से जुड़ने वाले प्राकृतिक वन्यजीव गलियारे (Wildlife Corridor) के संरक्षण और ई-आई (e-Eye) थर्मल सर्विलांस प्रणाली की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही जोधपुर के मूल निवासी भारत के प्रख्यात 'टाइगर मैन' कैलाश सांखला के संरक्षण दर्शन पर आधारित राज्यव्यापी जनजागरण अभियान संपन्न हुआ।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान के 5 अधिसूचित टाइगर रिजर्व (RPSC High-Yield Chronology): 1. रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर): वर्ष 1973-74 में प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल; राजस्थान का पहला व देश का प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान (1980 में नेशनल पार्क घोषित); 'बाघों की क्रीड़ास्थली'। 2. सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर): वर्ष 1978 में राजस्थान का दूसरा टाइगर रिजर्व घोषित; हरे कबूतरों (Yellow-footed Green Pigeon) और ऐतिहासिक पांडुपोल, नीलकंठ महादेव हेतु विख्यात। 3. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा-झालावाड़-बूंदी-चित्तौड़गढ़): वर्ष 2013 में राजस्थान का तीसरा टाइगर रिजर्व अधिसूचित; दर्रा अभयारण्य, जवाहर सागर व चंबल घड़ियाल का संयुक्त क्षेत्र। 4. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी): मई 2022 में भारत का 52वां और राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व अधिसूचित; रणथंभौर और मुकुंदरा के मध्य प्राकृतिक बफर कॉरिडोर। 5. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व: अगस्त 2023 में भारत का 54वां और राजस्थान का 5वां टाइगर रिजर्व अधिसूचित; चंबल बीहड़ों और डांग क्षेत्र में बाघों का संरक्षित पर्यावास। • प्रस्तावित 6ठा टाइगर रिजर्व: कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (राजसमंद-पाली-उदयपुर)।
  • ✓कैलाश सांखला — "टाइगर मैन ऑफ इंडिया" (GK Icon): • जन्म: 30 जनवरी 1930 को जोधपुर (राजस्थान) में। • उपलब्धि: 1973 में प्रारंभ हुए ऐतिहासिक "प्रोजेक्ट टाइगर" (Project Tiger) के पहले निदेशक (Director) नियुक्त किए गए। • प्रसिद्ध पुस्तकें: "द टाइगर" (The Tiger - 1978) और "टाइगर! द स्टोरी ऑफ द इंडियन टाइगर"। • नागरिक सम्मान: 1992 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित 'पद्मश्री' (Padma Shri) से सम्मानित।
  • ✓कानूनी एवं संस्थागत ढांचा: • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम: 9 सितंबर 1972 (राजस्थान में 1 सितंबर 1973 को लागू हुआ)। • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA): वन्यजीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2006 के तहत स्थापित वैधानिक संस्था; पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं। • प्रोजेक्ट टाइगर का शुभारंभ: 1 अप्रैल 1973 को जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (उत्तराखंड) से शुरू किया गया था।
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अर्थव्यवस्थाUPSCRASECONOMYCETSSC

अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग: भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPC) अक्टूबर समीक्षा — नीतिगत रेपो दर 6.50% पर स्थिर, तटस्थ रुख (Neutral Stance) व 4% मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता में तीन दिवसीय द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) बैठक के निर्णयों की घोषणा की गई। समिति ने बहुमत के आधार पर प्रमुख नीतिगत रेपो दर (Policy Repo Rate) को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने और मौद्रिक नीति रुख को 'तटस्थ' (Neutral) बनाए रखने का निर्णय लिया। आरबीआई ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की मजबूत घरेलू आर्थिक गतिविधियों के बल पर चालू वित्त वर्ष हेतु वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (Real GDP) की वृद्धि दर 7.2% रहने और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति के 4.5% पर सीमित रहने का अनुमान व्यक्त किया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓वर्तमान प्रमुख नीतिगत ब्याज दरें एवं वित्तीय अनुपात (RPSC/UPSC Quick Revision): • पॉलिसी रेपो रेट (Repo Rate): 6.50% — वह ब्याज दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी अल्पकालिक जरूरतों हेतु आरबीआई से सरकारी प्रतिभूतियों के बदले ऋण लेते हैं। • रिवर्स रेपो रेट (Fixed Reverse Repo Rate): 3.35%। • स्थायी जमा सुविधा (Standing Deposit Facility - SDF): 6.25% — बिना किसी सरकारी प्रतिभूति के संपार्श्विक (Collateral) के अतिरिक्त बैंकिंग तरलता को अवशोषित करने का तंत्र (2022 में शुरू)। • सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility - MSF): 6.75% — आपातकालीन रातों-रात (Overnight) तरलता सुविधा। • बैंक दर (Bank Rate): 6.75%। • नकद आरक्षित अनुपात (Cash Reserve Ratio - CRR): 4.50% — बैंकों द्वारा आरबीआई के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी। • वैधानिक तरलता अनुपात (Statutory Liquidity Ratio - SLR): 18.00% — बैंकों द्वारा सोने, नकदी या अनुमोदित प्रतिभूतियों के रूप में रखी जाने वाली आरक्षित संपत्ति।
  • ✓मौद्रिक नीति समिति (MPC) का वैधानिक ढांचा: • कानूनी आधार: भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (RBI Act 1934) की धारा 45ZB के तहत 2016 में गठित। • कुल सदस्य: 6 सदस्य — 3 सदस्य आरबीआई से (गवर्नर - पदेन अध्यक्ष, डिप्टी गवर्नर - मौद्रिक नीति प्रभारी, और एक अन्य अधिकारी) तथा 3 बाहरी अर्थशास्त्री (केंद्र सरकार द्वारा 4 वर्ष के कार्यकाल हेतु नियुक्त)। • मतदान नियम: प्रत्येक सदस्य का एक वोट होता है; मत बराबर होने की स्थिति में आरबीआई गवर्नर को निर्णायक मत (Casting Vote) देने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। • बैठक अनिवार्यता: वर्ष में कम से कम 4 बार बैठक होना अनिवार्य (सामान्यतः प्रत्येक दो माह में 6 बैठकें)।
  • ✓लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचा (Flexible Inflation Targeting - FIT): • लक्ष्य: आरबीआई को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) संयुक्त मुद्रास्फीति को 4% पर बनाए रखने का वैधानिक अधिदेश प्राप्त है, जिसमें ±2% का सहनीय दायरा (Tolerance Band) अर्थात न्यूनतम 2% और अधिकतम 6% निर्धारित है। • असफलता की परिभाषा: यदि मुद्रास्फीति लगातार 3 तिमाहियों तक 2% से नीचे या 6% से ऊपर बनी रहती है, तो आरबीआई को विफलता के कारणों और सुधारात्मक कदमों की लिखित रिपोर्ट संसद/केंद्र सरकार को सौंपनी होती है।
#6
राष्ट्रीयRASCETREETUPSCPOLICE

राष्ट्रीय नीति एवं स्कूल शिक्षा: "पीएम श्री" (PM SHRI) योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी प्रदर्शन — 716+ विद्यालयों में ग्रीन स्कूल व अटल टिंकरing घटक

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) द्वारा जारी राज्यवार प्रगति मूल्यांकन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप संचालित "पीएम श्री योजना" (PM SHRI Scheme) में राजस्थान को देश के शीर्ष 3 प्रदर्शनकारी राज्यों में स्थान दिया गया है। राज्य के चयनित 716 से अधिक पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, स्टेम (STEM) लैब्स, आधुनिक रोबोटिक्स और खेल अवसंरचना का सफल एकीकरण किया गया है। साथ ही राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग के ई-गवर्नेंस पोर्टल "शाला दर्पण" को पीएम श्री डैशबोर्ड के साथ पूर्णतः एकीकृत किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓पीएम श्री योजना (PM SHRI Scheme) की संरचना एवं उद्देश्य: • पूरा नाम: प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM Schools for Rising India)। • शुभारंभ: 5 सितंबर 2022 (राष्ट्रीय शिक्षक दिवस) पर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित। • राष्ट्रीय लक्ष्य: 2022-23 से 2026-27 की पांच वर्षीय अवधि में देश भर में 14,500 से अधिक मौजूदा सरकारी स्कूलों को अनुकरणीय और आधुनिक मॉडल स्कूलों के रूप में उन्नत करना। • वित्तीय मॉडल: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका कुल बजटीय परिव्यय ₹27,360 करोड़ है (जिसमें केंद्रीय अंश ₹18,128 करोड़ है; सामान्य राज्यों में 60:40 अनुपात)।
  • ✓ग्रीन स्कूल और शिक्षण के आधुनिक आयाम: • पर्यावरण अनुकूलता: प्रत्येक स्कूल को 'ग्रीन स्कूल' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सोलर पैनल, एलईडी बल्ब, प्राकृतिक पोषण वाटिका (Nutrition Garden), प्लास्टिक मुक्त परिसर और जैविक कचरा प्रबंधन शामिल है। • अनुभव-आधारित शिक्षण: रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर 21वीं सदी के कौशल — तार्किक चिंतन (Critical Thinking), कोडिंग, व्यावसायिक कौशल और अनुभवात्मक अधिगम पर बल।
  • ✓राजस्थान में शिक्षा सुधार एवं प्रमुख संस्थागत पहल (RPSC High-Yield Exam Points): • शाला दर्पण पोर्टल (Shala Darpan): वर्ष 2015 में प्रारंभ; राजस्थान के सभी राजकीय विद्यालयों, शिक्षकों, और 85 लाख से अधिक विद्यार्थियों का वास्तविक समय (Real-time) डेटाबेस रखने वाला देश का अग्रणी डिजिटल मंच। • स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल (SVMS): राजस्थान के 134 शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े ब्लॉकों (EBBs) में संचालित सीबीएसई संबद्ध अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय। • महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (MGGS): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती (2019-20) से राज्य भर में कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा हेतु प्रारंभ। • नो बैग डे (No Bag Day): राजस्थान के सरकारी स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को बस्ते के बिना अनुभवात्मक, खेलकूद, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन।
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खेलRASCETSPORTSPOLICEPATWARI

खेल एवं राजस्थान गौरव: अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी परिप्रेक्ष्य — जयपुर के "जगतपुरा शूटिंग रेंज" का विश्वस्तरीय उन्नयन, अवनि लेखरा का दोहरा पैरालंपिक स्वर्ण व राज्य निशानेबाजी विरासत

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को युवा मामले एवं खेल विभाग तथा राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारी हेतु जयपुर के जगतपुरा स्थित अत्याधुनिक 'जगतपुरा शूटिंग रेंज' में अंतरराष्ट्रीय स्तर की 50 मीटर और 10 मीटर इलेक्ट्रॉनिक टारगेट लेन तथा बायोमैकेनिकल स्पोर्ट्स साइंस विंग का औपचारिक लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पेरिस और टोक्यो पैरालंपिक में लगातार दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली राजस्थान की निशानेबाज अवनि लेखरा (Avani Lekhara) और विश्व रिकॉर्ड धारक ओलंपियन अपूर्वी चंदेला के सम्मान में युवा निशानेबाजों हेतु "राजस्थान शूटिंग टैलेंट हंट स्कॉलरशिप" का शुभारंभ किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓अवनि लेखरा — राजस्थान की ऐतिहासिक खेल विभूति (RPSC Exam Favorite): • मूल निवास: जयपुर (राजस्थान); विधा: 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग (SH1 श्रेणी) एवं 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन। • पैरालंपिक इतिहास: टोक्यो पैरालंपिक 2020 में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक (पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला) और 50 मीटर राइफल 3P में कांस्य पदक जीता। • पेरिस पैरालंपिक 2024: 10 मीटर एयर राइफल में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर पैरालंपिक इतिहास में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बनीं। • राष्ट्रीय सम्मान: वर्ष 2021 में देश का सर्वोच्च खेल सम्मान "मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार" तथा 2022 में नागरिक सम्मान "पद्मश्री" (Padma Shri) से अलंकृत। • सामाजिक योगदान: राजस्थान सरकार के फ्लैगशिप अभियान 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर।
  • ✓राजस्थान के अन्य प्रमुख निशानेबाज एवं उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियां: • कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (जैसलमेर/जयपुर): 2004 के एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में भारत का पहला व्यक्तिगत रजत पदक (Silver Medal) जीतकर स्वतंत्र भारत का इतिहास रचा; 2004-05 में राजीव गांधी खेल रत्न, 2005 में पद्मश्री; वर्तमान में राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री। • अपूर्वी चंदेला (जयपुर): 10 मीटर एयर राइफल में राष्ट्रमंडल खेल 2014 (ग्लासगो) में स्वर्ण पदक विजेता; विश्व कप में कई स्वर्ण व रजत पदक; अर्जुन पुरस्कार विजेता। • दिव्यराज सिंह पंवार (जयपुर): एशियाई खेल (हांगझोउ 2022) में 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक विजेता; अर्जुन पुरस्कार प्राप्त। • मानवादित्य सिंह राठौड़: ट्रैप शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता।
  • ✓राजस्थान राज्य खेल नीतियां एवं नकद पुरस्कार प्रोत्साहन: • ओलंपिक/पैरालंपिक पुरस्कार राशि: स्वर्ण पदक विजेता को ₹3 करोड़, रजत पदक विजेता को ₹2 करोड़, तथा कांस्य पदक विजेता को ₹1 करोड़ की प्रत्यक्ष प्रोत्साहन राशि। • आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति (Out of Turn Appointment): पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS), राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) और उप-निरीक्षक/अधिकारी स्तर पर सीधी सरकारी नौकरी का वैधानिक प्रावधान। • राज्य खेल पुरस्कार: महाराणा प्रताप पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी - ₹5 लाख) एवं गुरु वशिष्ठ पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक/कोच - ₹5 लाख)।