शनिवार, 10 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
10 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 10 अक्टूबर "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026" (World Mental Health Day) के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय टेली-मानस (Tele-MANAS) हेल्पलाइन 14416 के 4 वर्ष, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 व राजस्थान के एसएमएस मेडिकल कॉलेज तथा एम्स जोधपुर द्वारा जिला स्तरीय डिजिटल सेवाओं का सुदृढ़ीकरण; नार्वेजियन नोबेल समिति (ओस्लो) द्वारा "नोबेल शांति पुरस्कार 2026" (Nobel Peace Prize 2026) की घोषणा, वैश्विक शांति कूटनीति, मदर टेरेसा व कैलाश सत्यार्थी की विरासत तथा संविधान का अनुच्छेद 51; राजस्थान जल सुरक्षा के तहत "संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना" (Modified PKC-ERCP Link Project) के अंतर्गत 21 जिलों में पेयजल-सिंचाई, नौनेरा बैराज व ईसरदा बांध के कमांड नेटवर्क की समीक्षा; भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति समिति (MPC) अक्टूबर 2026 की द्विमासिक बैठक में रेपो दर 6.50% पर स्थिर, धारा 45ZB, लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण व डिजिटल रुपया (CBDC) विस्तार; भारतीय नौसेना का स्वदेशीकरण रोडमैप, प्रोजेक्ट 75(I) पारंपरिक हमलावर पनडुब्बी निर्माण, एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP), परमाणु त्रिकोण का दूसरा स्तंभ आईएनएस अरिघात (INS Arighaat) व हिंद महासागर में "सागर" (SAGAR) विजन; राजस्थान जनजाति गौरव व स्वतंत्रता संग्राम के तहत बांसवाड़ा स्थित "मानगढ़ धाम" (Mangarh Dham) राष्ट्रीय स्मारक विकास, गोविंद गुरु की संप सभा (1883), 17 नवंबर 1913 का ऐतिहासिक मानगढ़ नरसंहार व पेसा अधिनियम (PESA Act 1996) के वैधानिक अधिकार; तथा 38वें राष्ट्रीय खेल 2026 (38th National Games) की मेजबानी तैयारियां, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC), महाराणा प्रताप पुरस्कार व खेलो इंडिया मिशन ओलंपिक सेल का संपूर्ण परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।
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अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं समाज: "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" (10 अक्टूबर 2026) — टेली-मानस (Tele-MANAS) हेल्पलाइन '14416', मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 व राजस्थान का टेली-मानस मॉडल
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" (World Mental Health Day) मनाया जाता है। 10 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा "राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम" (Tele-MANAS) के 4 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय रिपोर्ट जारी की गई। साथ ही राजस्थान सरकार द्वारा सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज (जयपुर) और AIIMS जोधपुर स्थित नोडल केंद्रों के माध्यम से राजस्थान के सभी जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) तक 24x7 निःशुल्क मानसिक परामर्श सेवाओं के 100% डिजिटल विस्तार की घोषणा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) की पृष्ठभूमि:
• प्रथम आयोजन: 10 अक्टूबर 1992 को वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ (WFMH) के उप महासचिव रिचर्ड हंटर की पहल पर शुरू किया गया; विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा आधिकारिक समर्थन।
• उद्देश्य: दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक तनाव, अवसाद व चिंता से जूझ रहे लोगों के समर्थन में बहुपक्षीय प्रयासों को एकजुट करना।
• 2026 की वैश्विक थीम: "कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशिता" (Mental Health in the Workplace and Social Inclusion) — उत्पादकता, कार्य-जीवन संतुलन और तनाव मुक्ति पर केंद्रित।
✓भारत की टेली-मानस (Tele-MANAS) पहल — डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति (UPSC/RAS Core):
• शुभारंभ: 10 अक्टूबर 2022 (विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस) को केंद्रीय बजट 2022-23 की घोषणा के अनुरूप भारत सरकार द्वारा शुरू।
• टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: '14416' और '1800-891-4416' (20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 24x7 निःशुल्क, गोपनीय परामर्श सेवा)।
• शीर्ष तकनीकी संस्थान (Apex Technical Coordinator): राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान (NIMHANS, बेंगलुरु)।
• प्रौद्योगिकी भागीदार: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIITB) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC)।
• त्रि-स्तरीय कार्यप्रणाली: टियर-1 में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों द्वारा कॉल परामर्श, जबकि गंभीर मामलों में टियर-2 के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) व मेडिकल कॉलेजों के मनोचिकित्सकों द्वारा प्रत्यक्ष क्लीनिकल उपचार।
✓मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 (Mental Healthcare Act, 2017) की मुख्य धाराएं:
• लागू: 29 मई 2018 को प्रभावी हुआ; मानसिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन और स्वास्थ्य सेवाओं का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।
• धारा 115 (आत्महत्या के प्रयास का गैर-अपराधीकरण): भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 309 के तहत आत्महत्या के प्रयास को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया (यह माना जाता है कि आत्महत्या का प्रयास करने वाला गंभीर मानसिक तनाव में है और उसे सजा नहीं, बल्कि राज्य द्वारा चिकित्सीय सहायता दी जानी चाहिए)।
• अग्रिम निर्देश (Advance Directive): व्यक्ति स्वस्थ मानसिक स्थिति में यह पूर्व-निर्धारित कर सकता है कि मानसिक अस्वस्थता की दशा में उसका उपचार किस प्रकार किया जाए और उसका नामित प्रतिनिधि कौन होगा।
• इलेक्ट्रो-कंवल्सिव थेरेपी (ECT): एनेस्थीसिया और मसल रिलैक्सेंट के बिना प्रत्यक्ष ECT देने तथा बच्चों व नाबालिगों पर ECT के प्रयोग पर पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध।
✓राजस्थान में मानसिक स्वास्थ्य अवसंरचना एवं जनकल्याणकारी योजनाएं:
• स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी (SMHA, राजस्थान): राज्य में सभी मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और अधिकारों के संरक्षण हेतु कार्यरत।
• मनोचिकित्सा केंद्र (Psychiatric Centre), जयपुर: एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध उत्तर भारत का प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, जो राजस्थान का मुख्य टेली-मानस हब है।
• निःशुल्क दवा योजना: मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत मानसिक अवसाद, सिज़ोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर की सभी आवश्यक दवाएं (EDL) राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल में पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं वैश्विक कूटनीति: "नोबेल शांति पुरस्कार 2026" (Nobel Peace Prize 2026) — नार्वेजियन नोबेल समिति, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत, भारतीय विजेता व शांति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में 'नार्वेजियन नोबेल समिति' (Norwegian Nobel Committee) द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित "नोबेल शांति पुरस्कार" (Nobel Peace Prize 2026) की घोषणा की गई। यह सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता, परमाणु निरस्त्रीकरण, शरणार्थियों के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा हेतु अथक संघर्ष करने वाले नेतृत्व को प्रदान किया गया। इस अवसर पर अल्फ्रेड नोबेल की शांति दृष्टि और समकालीन भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षीय कूटनीति की अनिवार्यता पर वैश्विक परिचर्चा आयोजित की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓नोबेल शांति पुरस्कार का अद्वितीय वैधानिक ढांचा (UPSC/RAS Core):
• अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत: शांति पुरस्कार उस व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है जिसने "राष्ट्रों के बीच बंधुत्व को बढ़ावा देने, स्थायी सेनाओं के उन्मूलन या कमी तथा शांति सम्मेलनों के आयोजन व संवर्धन हेतु सर्वाधिक कार्य किया हो।"
• ओस्लो (नॉर्वे) बनाम स्टॉकहोम (स्वीडन): भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार स्टॉकहोम (स्वीडन) में प्रदान किए जाते हैं, जबकि नोबेल शांति पुरस्कार एकमात्र ऐसा पुरस्कार है जिसका चयन नार्वे की संसद (स्टॉर्टिंग - Storting) द्वारा नियुक्त 5-सदस्यीय 'नार्वेजियन नोबेल समिति' द्वारा किया जाता है और यह ओस्लो (नॉर्वे) में प्रदान किया जाता है।
• प्रथम नोबेल शांति पुरस्कार (1901): रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट (स्विट्जरलैंड) और फ्रेडरिक पासी (फ्रांस) को संयुक्त रूप से।
• सर्वाधिक बार विजेता: इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) को तीन बार (1917, 1944, 1963) नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त हुआ।
✓नोबेल शांति पुरस्कार के भारतीय विजेता (High-Yield GK):
1. मदर टेरेसा (1979): भारत की नागरिकता प्राप्त अल्बानियाई मूल की नन, जिन्होंने कोलकाता में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' (1950) की स्थापना कर कुष्ठ रोगियों, अनाथों और असहायों की आजीवन सेवा की।
2. कैलाश सत्यार्थी (2014): 'बचपन बचाओ आंदोलन' (1980) के संस्थापक; बाल श्रम उन्मूलन, बाल तस्करी मुक्ति और शिक्षा के अधिकार हेतु ऐतिहासिक संघर्ष; इन्हें पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से शांति नोबेल प्रदान किया गया था।
• 14वें दलाई लामा (तेनजिन ग्यात्सो - 1989): भारत के धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में निर्वासित जीवन व्यतीत करते हुए तिब्बत की शांति, करुणा और अहिंसक समाधान हेतु नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित।
• महात्मा गांधी और नोबेल शांति पुरस्कार (ऐतिहासिक तथ्य): महात्मा गांधी को 1937, 1938, 1939, 1947 और 1948 में कुल 5 बार नामांकित किया गया, किंतु उन्हें कभी पुरस्कार नहीं मिला; 1948 में उनकी शहादत के बाद समिति ने किसी को पुरस्कार न देकर गांधी जी को भावभीनी मौन श्रद्धांजलि दी।
✓भारत का संवैधानिक शांति सिद्धांत एवं विदेश नीति:
• भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 (राज्य के नीति निदेशक तत्व - DPSP): "राज्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि, राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंधों को बनाए रखने तथा अंतरराष्ट्रीय संधियों व विवादों को मध्यस्थता द्वारा निपटाने का प्रयास करेगा।"
• पंचशील सिद्धांत (1954): पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रतिपादित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के 5 बुनियादी सिद्धांत।
• संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping Operations): भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में दुनिया में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक है; वर्ष 2007 में भारत ने लाइबेरिया में विश्व की पहली पूर्ण-महिला पुलिस शांति टुकड़ी (All-Female Formed Police Unit) तैनात कर इतिहास रचा था।
राजस्थान जल सुरक्षा एवं अवसंरचना: संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (PKC-ERCP Link Project) की प्रगति समीक्षा — 21 जिलों में पेयजल-सिंचाई, नौनेरा व ईसरदा बांध तथा राजस्थान जल नीति 2026
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जल संसाधन विभाग द्वारा "संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना" (Modified PKC-ERCP Link Project) के निर्माण कार्यों और जल भंडारण की उच्च-स्तरीय प्रगति समीक्षा की गई। पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों में पेयजल और 2.8 लाख हेक्टेयर नए सिंचित क्षेत्र के लक्ष्य हेतु कोटा स्थित 'नौनेरा बैराज' (Navnera Barrage) और दौसा-सवाई माधोपुर सीमा पर 'ईसरदा बांध' (Isarda Dam) के कमांड क्षेत्र नहर नेटवर्क को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा परियोजना के 90% केंद्रीय वित्तपोषण की अगली किस्त जारी करने पर सहमति बनी।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓संशोधित PKC-ईआरसीपी परियोजना की संरचना एवं त्रिपक्षीय समझौता:
• त्रिपक्षीय एमओयू (Tripartite MoU): 28 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के मध्य ऐतिहासिक सहमति पत्र हस्ताक्षरित हुआ।
• राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा: केंद्र सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, जिसमें 90% वित्तीय व्यय केंद्र सरकार और 10% व्यय संबंधित राज्य सरकारें वहन करेंगी।
• लाभान्वित 21 जिले: झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, टोंक, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, दूदू, गंगापुर सिटी, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और डीग।
• नदियों का इंटरलिंकिंग तंत्र: चंबल नदी बेसिन की अधिशेष जल वाली सहायक नदियों — कुन्नू, कुल, पार्वती, कालीसिंध और मेज के अतिरिक्त मानसून जल को बनास, मोरेल, बाणगंगा, पार्वती, कालीसिल और गंभीरी बेसिनों में डायवर्ट करना।
✓प्रमुख बांध, बैराज एवं जल संरचनाएं (RPSC Exam Favorite):
• नौनेरा (नोनेरा) बैराज: कोटा जिले के दिगोद में कालीसिंध नदी पर निर्मित; ईआरसीपी का मुख्य जल भंडारण घटक, जहाँ से अधिशेष जल को लिफ्ट कर ईसरदा और अन्य बांधों तक भेजा जाएगा।
• ईसरदा बांध: बनास नदी पर दौसा और सवाई माधोपुर की सीमा पर स्थित; जयपुर, दौसा और सवाई माधोपुर जिलों को स्थायी पेयजल आपूर्ति।
• रामगढ़ बांध पुनरुद्धार (जयपुर): ईआरसीपी के तहत ऐतिहासिक रामगढ़ बांध में चंबल का अधिशेष जल प्रवाहित कर जयपुर के गिरते भूजल स्तर को रिचार्ज करने की महत्वाकांक्षी योजना।
• मेजा बांध (भीलवाड़ा - कोठारी नदी) व बीसलपुर बांध (टोंक - बनास नदी): राज्य के मध्यवर्ती और पूर्वी जिलों की प्रमुख जीवनरेखा।
✓राजस्थान में जल की स्थिति एवं वैधानिक नीतियां:
• जल उपलब्धता की भीषण विषमता: देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 10.41% और जनसंख्या का लगभग 5.66% हिस्सा राजस्थान में है, जबकि देश के कुल सतही जल (Surface Water) का मात्र 1.16% और भूजल (Groundwater) का 1.72% ही राजस्थान में उपलब्ध है।
• राज्य जल नीति 2010 (State Water Policy 2010): जल आवंटन की वैधानिक प्राथमिकता — 1. मानव पेयजल, 2. पशुधन पेयजल, 3. घरेलू उपयोग, 4. कृषि/सिंचाई, 5. विद्युत उत्पादन, 6. उद्योग, 7. पर्यटन/वाणिज्यिक।
• मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 (MJSA 2.0): राज्य के 20,000 गांवों में जल संरक्षण, एनीकट, टांका, जोहड़ और बावड़ियों के जीर्णोद्धार का वृहद जन-अभियान।
भारतीय अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय प्रणाली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति समिति (MPC) समीक्षा — नीतिगत रेपो दर 6.50% पर स्थिर, धारा 45ZB, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण व डिजिटल रुपया (CBDC) विस्तार
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता में तीन दिवसीय बैठक के उपरांत मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) के द्विमासिक नीतिगत निर्णयों की घोषणा की गई। समिति ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और खाद्य मुद्रास्फीति के दबावों को संतुलित करते हुए नीतिगत रेपो दर (Repo Rate) को 6.50% पर अपरिवर्तित रखा तथा मौद्रिक रुख (Policy Stance) को 'तटस्थ' (Neutral) बनाए रखा। साथ ही केंद्रीय बैंक ने ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने हेतु सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC / e-Rupee) के ऑफलाइन लेनदेन और प्रोग्रामेबल भुगतानों के विस्तार की घोषणा की।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓मौद्रिक नीति समिति (MPC) का विधिक एवं संस्थागत ढांचा (UPSC/RAS Core):
• गठन: आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB (2016 में वित्त अधिनियम द्वारा संशोधित) के तहत उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों पर स्थापित।
• संरचना (6 सदस्य):
- 3 सदस्य RBI से (आरबीआई गवर्नर - पदेन अध्यक्ष, डिप्टी गवर्नर - मौद्रिक नीति प्रभारी, और केंद्रीय बैंक का 1 नामित अधिकारी)।
- 3 स्वतंत्र बाहरी सदस्य (केंद्र सरकार द्वारा 4 वर्ष की अवधि हेतु नियुक्त, पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं)।
• निर्णय प्रक्रिया: प्रत्येक सदस्य का 1 मत होता है; बहुमत से निर्णय; मत बराबर होने पर आरबीआई गवर्नर के पास निर्णायक मत (Casting Vote) का अधिकार होता है।
• बैठक अनिवार्यता: वर्ष में कम से कम 4 बैठकें अनिवार्य (सामान्यतः प्रत्येक दो माह में 1 बार)।
✓लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचा (Flexible Inflation Targeting - FIT):
• वैधानिक आधार: आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 45ZA; केंद्र सरकार आरबीआई के परामर्श से प्रत्येक 5 वर्ष में मुद्रास्फीति लक्ष्य अधिसूचित करती है।
• लक्ष्य: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित संयुक्त मुद्रास्फीति 4% (सहनशीलता बैंड: +/- 2%, अर्थात् 2% न्यूनतम से 6% अधिकतम)।
• मौद्रिक विफलता की परिभाषा: यदि मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों (9 माह) तक सहनशीलता सीमा (2% से कम या 6% से अधिक) से बाहर रहती है, तो आरबीआई को केंद्र सरकार को विफलता के कारणों और सुधारात्मक कदमों की लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
✓प्रमुख मौद्रिक उपकरण (Monetary Policy Instruments - High-Yield Concepts):
• रेपो दर (Repo Rate): वह ब्याज दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी अल्पकालिक तरलता आवश्यकताओं हेतु RBI से सरकारी प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर ऋण लेते हैं।
• स्थायी जमा सुविधा (SDF - Standing Deposit Facility): अप्रैल 2022 में शुरू; बिना किसी कोलैटरल (प्रतिभूति) के वाणिज्यिक बैंकों से अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने का उपकरण (रेपो दर से 25 आधार अंक नीचे)।
• सीमांत स्थायी सुविधा (MSF - Marginal Standing Facility): अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक आपातकालीन रातों-रात (Overnight) तरलता हेतु वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) कोटे से प्रतिभूतियां गिरवी रखकर जिस दर पर ऋण लेते हैं (रेपो दर से 25 आधार अंक ऊपर)।
• नकद आरक्षित अनुपात (CRR): वाणिज्यिक बैंकों को अपनी कुल शुद्ध मांग और समय देनदारियों (NDTL) का एक निश्चित प्रतिशत नकद रूप में RBI के पास रखना अनिवार्य होता है (इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता)।
• वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को अपनी NDTL का एक निश्चित हिस्सा स्वीकृत तरल संपत्तियों (स्वर्ण, नकद, सरकारी प्रतिभूतियां) के रूप में स्वयं के पास रखना होता है।
✓सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC - e₹):
• डिजिटल रुपया (e-Rupee): RBI द्वारा जारी कानूनी मुद्रा (Legal Tender); दो प्रकार — होलसेल (e₹-W) और रिटेल (e₹-R); ब्लॉकचेन और DLT तकनीक पर आधारित, जो वाणिज्यिक बैंक खातों के बिना सीधे व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान सक्षम करता है।
राष्ट्रीय रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा: भारतीय नौसेना का स्वदेशीकरण रोडमैप — प्रोजेक्ट 75(I) पनडुब्बी कार्यक्रम, एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP), आईएनएस अरिघात व "सागर" (SAGAR) कूटनीति
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नौसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा नौसेना स्वदेशीकरण और नवाचार संगठन (NIIO) के वार्षिक तकनीकी सम्मेलन में सामरिक पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम "प्रोजेक्ट 75-इंडिया" (Project 75-I) की महत्वपूर्ण प्रगति समीक्षा जारी की गई। स्वदेशी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस 6 अत्याधुनिक पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक हमलावर पनडुब्बियों के संयुक्त निर्माण समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही भारत के परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) के द्वितीय एसएसबीएन 'आईएनएस अरिघात' (INS Arighaat) के सफल गश्ती संचालन और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓प्रोजेक्ट 75(I) एवं पनडुब्बी तकनीक के प्रमुख तथ्य (UPSC/RAS Core):
• सामरिक साझेदारी मॉडल (Strategic Partnership Model - SPM): भारतीय निजी/सार्वजनिक शिपयार्ड (मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड - MDL) और विदेशी मूल उपकरण निर्माता (OEM) के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) के तहत निर्माण।
• एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) प्रणाली: पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को अपनी बैटरियां चार्ज करने हेतु बार-बार सतह पर (Snorkeling) आना पड़ता है, जिससे वे दुश्मन के रडार/सोनार की पकड़ में आ सकती हैं। AIP तकनीक पनडुब्बी को हफ्तों तक लगातार पानी के भीतर (जलमग्न) रहने की गुप्त क्षमता (Stealth Capability) प्रदान करती है। DRDO की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL) द्वारा स्वदेशी ईंधन-सेल आधारित AIP विकसित की गई है।
• कलवरी श्रेणी (Project 75): मझगांव डॉक मुंबई द्वारा फ्रांसीसी स्कोर्पीन डिजाइन पर निर्मित 6 पनडुब्बियां — INS कलवरी, INS खंडेरी, INS करंज, INS वेला, INS वागीर और INS वागशीर (सभी भारतीय नौसेना में शामिल)।
✓भारत का परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) एवं एसएसबीएन:
• परमाणु त्रिकोण: जमीन (अग्नि मिसाइलें), हवा (राफेल/मिराज लड़ाकू विमान) और समुद्र (परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां - SSBN) तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार दागने की अचूक क्षमता।
• अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियां:
- INS अरिहंत (S2): भारत की पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी (2016 में कमीशन); K-15 (सागरिका - 750 किमी) और K-4 (3,500 किमी) बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस।
- INS अरिघात (S3): विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC) में निर्मित भारत की दूसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी; उन्नत सोनार और लंबी दूरी की मारक क्षमता।
• नो फर्स्ट यूज (No First Use - NFU): भारत का घोषित परमाणु सिद्धांत कि भारत किसी भी गैर-परमाणु राष्ट्र के विरुद्ध परमाणु हथियारों का प्रयोग नहीं करेगा तथा परमाणु हमला होने पर ही प्रतिशोधात्मक (Retaliatory) कार्रवाई करेगा।
✓हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री कूटनीति:
• विजन 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region): 2015 में मॉरीशस में प्रधानमंत्री द्वारा प्रतिपादित समुद्री सहयोग नीति।
• संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS 1982):
- आंतरिक जल (Internal Waters): आधार रेखा के भीतर का जल।
- प्रादेशिक समुद्र (Territorial Sea): आधार रेखा से 12 समुद्री मील (Nautical Miles) तक; तटीय राज्य की पूर्ण संप्रभुता।
- संलग्न क्षेत्र (Contiguous Zone): 12 से 24 समुद्री मील तक; सीमा शुल्क, आव्रजन, स्वच्छता और वित्तीय अधिकार।
- अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ - Exclusive Economic Zone): आधार रेखा से 200 समुद्री मील तक; तटीय राज्य को प्राकृतिक संसाधनों (मत्स्य, खनिज, तेल) के अन्वेषण और दोहन का संप्रभु अधिकार।
राजस्थान जनजाति गौरव एवं स्वतंत्रता संग्राम: "मानगढ़ धाम" (Mangarh Dham) राष्ट्रीय स्मारक संवर्धन — गोविंद गुरु का समाज सुधार, 1913 का मानगढ़ नरसंहार, संप सभा व पेसा (PESA) कानून
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा बांसवाड़ा जिले में स्थित ऐतिहासिक "मानगढ़ धाम" (Mangarh Dham) को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की ₹150 करोड़ की कार्ययोजना के द्वितीय चरण की प्रगति समीक्षा जारी की गई। गोविंद गुरु के नेतृत्व में 17 नवंबर 1913 को ब्रिटिश हुकूमत और रियासती सेना द्वारा किए गए भीषण मानगढ़ नरसंहार की 113वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मानगढ़ धाम पर भव्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, 3D लाइट एंड साउंड शो तथा राजस्थान के अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों (TSP Area) में पेसा नियम (PESA Rules) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन का निर्णय लिया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓गोविंद गुरु एवं संप सभा का ऐतिहासिक आंदोलन (RPSC Exam Favorite):
• जन्म: 20 दिसंबर 1858 को डूंगरपुर जिले के बांसीया (बेड़सा) गांव में एक बंजारा परिवार में।
• आध्यात्मिक प्रेरणा: स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों से अत्यधिक प्रभावित होकर उन्होंने भील, गरासिया और अन्य वनवासी समुदायों में व्याप्त मदिरापान, डायन प्रथा, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध 'भगत आंदोलन' (Bhagat Movement) चलाया।
• संप सभा (Samp Sabha): वर्ष 1883 में सिरोही में गोविंद गुरु द्वारा 'संप सभा' की स्थापना की गई ('संप' का अर्थ राजस्थानी में 'आपसी प्रेम, एकता व सद्भाव' होता है)। इसके 10 नैतिक और सामाजिक नियम थे।
• संप सभा का प्रथम वार्षिक अधिवेशन: वर्ष 1903 में बांसवाड़ा की मानगढ़ पहाड़ी पर आयोजित किया गया।
✓मानगढ़ धाम नरसंहार (17 नवंबर 1913 - राजस्थान का जलियांवाला बाग):
• घटना: 17 नवंबर 1913 (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) को मानगढ़ पहाड़ी पर संप सभा के शांतिपूर्ण धार्मिक व सामाजिक सम्मेलन में एकत्र लाखों भील आदिवासियों पर कर्नल शटन के नेतृत्व में मेवाड़ भील कोर (MBC), 104th वेलेस्ली राइफल्स और बड़ौदा-ईडर रियासती सेना ने अंधाधुंध तोपों व बंदूकों से गोलियां बरसाईं।
• शहादत: इस बर्बर नरसंहार में 1,500 से अधिक निर्दोष भील स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए।
• ऐतिहासिक उपनाम: इसे "राजस्थान का जलियांवाला बाग हत्याकांड" कहा जाता है (ध्यान रहे: 13 अप्रैल 1919 के पंजाब के जलियांवाला बाग से लगभग 6 वर्ष पूर्व यह घटना घटी थी)।
• गोविंद गुरु का अंतिम जीवन: उन्हें बंदी बनाकर अहमदाबाद और संतरामपुर जेल में रखा गया; रिहाई के बाद उन्होंने गुजरात के पंचमहल जिले के 'कंबोई' गांव में अपना शेष जीवन समाज सेवा में व्यतीत किया, जहाँ उनका समाधि स्थल है।
✓राजस्थान के प्रमुख जनजातीय तीर्थ एवं आंदोलन:
• बेणेश्वर धाम (डूंगरपुर - नवाटापरा): सोम, माही और जाखम नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर स्थित; माघ पूर्णिमा को विशाल मेला भरता है; इसे 'आदिवासियों का कुंभ' और 'वागड़ का पुष्कर' कहा जाता है; यहाँ संत मावजी द्वारा स्थापित निष्कलंकी संप्रदाय का मंदिर है और एकमात्र खंडित शिवलिंग की पूजा होती है।
• मोतीलाल तेजावत का 'एकी आंदोलन' (भौमट भील आंदोलन): 1921 में मातृकुंडिया (राशमी, चित्तौड़गढ़) से शुरू; 7 मार्च 1922 को नीमड़ा (विजयनगर, साबरकांठा) में रियासती सेना की गोलीबारी में 1,200 भील शहीद हुए ('नीमड़ा हत्याकांड')। तेजावत जी ने 21 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया जिसे 'मेवाड़ पुकार' कहा जाता है।
✓पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act 1996):
• पृष्ठभूमि: संविधान के भाग 9 (पंचायती राज) के प्रावधानों को 5वीं अनुसूची के 10 राज्यों (जिसमें राजस्थान शामिल है) के आदिवासी क्षेत्रों में विस्तारित करने हेतु दिलीप सिंह भूरिया समिति (Bhuria Committee) की सिफारिशों पर 24 दिसंबर 1996 को संसद द्वारा पारित।
• ग्राम सभा को सर्वोच्च अधिकार: लघु वनोपज (MFP) का स्वामित्व, भूमि अधिग्रहण से पूर्व अनिवार्य परामर्श, अवैध भूमि हस्तांतरण की बहाली, पारंपरिक जल निकायों का प्रबंधन, नशीले पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण और स्थानीय विवादों का पारंपरिक समाधान।
खेलकूद एवं युवा सशक्तिकरण: 38वें राष्ट्रीय खेल 2026 की मेजबानी — भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC), महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार व मिशन ओलंपिक
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
10 अक्टूबर 2026 को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (MYAS) द्वारा आगामी 38वें राष्ट्रीय खेल 2026 (38th National Games 2026) की तैयारियों और खेल वेन्यू की उच्च-स्तरीय निरीक्षण रिपोर्ट जारी की गई। इस राष्ट्रीय खेल आयोजन में 35 से अधिक खेल विधाओं में देश भर के 10,000 से अधिक एथलीट प्रतिभाग करेंगे। इस उपलक्ष्य में 'राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद' (RSSC, जयपुर) द्वारा सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में विशेष राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर और पेरिस 2024 ओलंपिक पदक विजेताओं के सम्मान में युवा प्रतिभा खोज अभियान का शुभारंभ किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राष्ट्रीय खेल (National Games of India) का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य (Exam Favorite GK):
• प्रथम आयोजन (1924): लाहौर (अविभाजित भारत) में 'अखिल भारतीय ओलंपिक खेल' (All India Olympic Games) के नाम से शुरू; 1940 में बॉम्बे में 9वें संस्करण के दौरान इसका नाम बदलकर 'राष्ट्रीय खेल' (National Games) किया गया।
• सर्वोच्च नियामक संस्था: भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association - IOA); स्थापना 1927 में; प्रथम अध्यक्ष: सर दोराबजी टाटा (Sir Dorabji Tata); प्रथम सचिव: डॉ. ए.जी. नोहरन।
• राजा भालिंद्र सिंह ट्रॉफी (Raja Bhalindra Singh Trophy): राष्ट्रीय खेलों में पदक तालिका में समग्र रूप से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली राज्य/सर्विसेज टीम को यह प्रतिष्ठित चल वैजयंती ट्रॉफी प्रदान की जाती है।
• 36वें राष्ट्रीय खेल (2022): गुजरात (अहमदाबाद, गांधीनगर आदि); 37वें राष्ट्रीय खेल (2023): गोवा (शुभंकर: मोगा - बाइसन)।
✓राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) एवं खेल पुरस्कार (RPSC Core):
• स्थापना: वर्ष 1957 में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद का गठन हुआ; मुख्यालय: सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर; यह राजस्थान में खेलों के विकास की शीर्ष संस्था है।
• राजस्थान के सर्वोच्च खेल पुरस्कार:
1. महाराणा प्रताप पुरस्कार: राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल पुरस्कार; 1982-83 में शुरू; पुरस्कार राशि ₹5 लाख (पूर्व में ₹1 लाख थी)।
2. गुरु वशिष्ठ पुरस्कार: राज्य के सर्वश्रेष्ठ खेल प्रशिक्षकों (कोच) को प्रदत्त; 1985-86 में शुरू; पुरस्कार राशि ₹5 लाख।
• राजस्थान आउट-ऑफ-टर्न नीति (Out-of-Turn Appointment Policy): ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले राजस्थान के मूल खिलाड़ियों को राज्य सेवा (डीएसपी, आरपीएस, तहसीलदार, सब-इंस्पेक्टर आदि) में सीधी राजपत्रित नियुक्ति देने का ऐतिहासिक प्रावधान।
✓भारत सरकार की प्रमुख खेल पहलें:
• खेलो इंडिया कार्यक्रम (Khelo India Scheme): 2017-18 में शुरू; युवा प्रतिभाओं की जमीनी स्तर पर पहचान कर 8 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹5 लाख की वित्तीय छात्रवृत्ति।
• टॉप्स योजना (Target Olympic Podium Scheme - TOPS): सितंबर 2014 में शुरू; मिशन ओलंपिक सेल (MOC) द्वारा प्रबंधित; ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में पदक की संभावना वाले शीर्ष एथलीटों को विश्वस्तरीय विदेशी कोचिंग, उपकरण और ₹50,000 मासिक जेब भत्ता।