SUYOG ACADEMY दैनिक करंट अफेयर्स 2026

9 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण करंट अफेयर्स

राजस्थान व राष्ट्रीय परीक्षा विशेष समसामयिकी के मुख्य बिंदु

  • RPSC, RSMSSB, CET, पटवारी व पुलिस परीक्षा हेतु
  • महत्वपूर्ण योजनाएं, पुरस्कार व समसामयिक घटनाएं
  • विस्तृत व्याख्या व दैनिक अभ्यास क्विज़ उपलब्ध
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SUYOG ACADEMY ["NATIONAL"

अंतरराष्ट्रीय दिवस एवं संचार क्रांति: "विश्व डाक दिवस" (9 अक्टूबर 2026) — यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की 152वीं वर्षगांठ, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) व राजस्थान में डाकघर निर्यात केंद्र

प्रतिवर्ष 9 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "विश्व डाक दिवस" (World Post Day) मनाया जाता है। 9 अक्टूबर 2026 को यूनिवर्सल पोस्

  • यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) का ऐतिहासिक व संस्थागत परिप्रेक्ष्य: • स्थापना: 9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों द्वारा हस्ताक्षरित "बर्न की संधि" (Treaty of Bern) के तहत जनरल पोस्टल यूनियन की स्थापना हुई, जिसका नाम 1878 में बदलकर 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' (UPU) किया गया। • संयुक्त राष्ट्र एजेंसी: वर्ष 1948 में UPU को संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेषीकृत एजेंसी (Specialized Agency) का वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। • मुख्यालय: बर्न (स्विट्जरलैंड); कुल सदस्य देश: 192 (भारत 1876 में UPU का सदस्य बना)। • विश्व डाक दिवस की घोषणा: 1969 में टोक्यो (जापान) में आयोजित 16वीं UPU कांग्रेस में 9 अक्टूबर को प्रतिवर्ष विश्व डाक दिवस के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की गई।
  • भारत में डाक प्रणाली का इतिहास एवं तकनीकी नवाचार (UPSC/RAS Core): • प्रथम नियमित डाक सेवा: वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा 1774 में कलकत्ता (कोलकाता) में पहला जीपीओ (General Post Office) स्थापित किया गया। • पिन कोड प्रणाली (Postal Index Number - PIN Code): 15 अगस्त 1972 को केंद्रीय संचार मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्रीराम भीकाजी वेलणकर (Shriram Bhikaji Velankar) द्वारा 6-अंकीय पिन कोड प्रणाली शुरू की गई। (पहला अंक भौगोलिक क्षेत्र दर्शाता है — उत्तरी क्षेत्र 1-2, पश्चिमी क्षेत्र 3-4; राजस्थान का पिन कोड अंक '3' से शुरू होता है, जैसे 302001 जयपुर)। • प्रोजेक्ट एरो (Project Arrow): डाकघरों के आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार हेतु अप्रैल 2008 में शुरू किया गया मिशन। • दर्पण योजना (DARPAN - Digital Advancement of Rural Post Office for A New India): ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक पॉइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस उपलब्ध कराकर 1.3 लाख ग्रामीण शाखा डाकघरों का 100% डिजिटलीकरण।
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SUYOG ACADEMY ["AWARDS"

साहित्य एवं वैश्विक सम्मान: "नोबेल पुरस्कार 2026" (साहित्य) — समकालीन विश्व साहित्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, भाषाई संवेदनाएं व नोबेल का भारतीय परिप्रेक्ष्य

9 अक्टूबर 2026 को स्वीडिश अकादमी (Swedish Academy, Stockholm) द्वारा साहित्य में वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार

  • स्वीडिश अकादमी एवं साहित्य नोबेल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: • चयन संस्था: 1786 में स्वीडन के राजा गुस्ताव तृतीय (King Gustav III) द्वारा स्थापित 'स्वीडिश अकादमी' (The Swedish Academy) के 18 सदस्यों द्वारा प्रतिवर्ष साहित्य नोबेल का चयन किया जाता है। • प्रथम साहित्य नोबेल (1901): फ्रांसीसी कवि और निबंधकार सुली प्रुधोम (Sully Prudhomme) को उनकी उत्कृष्ट काव्यात्मक रचनाओं हेतु प्रदान किया गया था। • अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत (1895): उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया था कि साहित्य का पुरस्कार उस लेखक को दिया जाए जिसने "आदर्शवादी दिशा में सबसे उत्कृष्ट कृति" (Most outstanding work in an ideal direction) की रचना की हो। • पदक व पुरस्कार राशि: 18 कैरेट हरित स्वर्ण पर 24 कैरेट स्वर्ण-लेपित पदक, प्रशस्ति पत्र तथा 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (SEK) की नकद राशि।
  • गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर — प्रथम एशियाई व भारतीय नोबेल विजेता (High-Yield GK): • वर्ष 1913: रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी अमर काव्य कृति 'गीतांजलि' (Gitanjali - Song Offerings) हेतु साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। वे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले भारत व संपूर्ण एशिया के पहले व्यक्ति थे। • गीतांजलि का अंग्रेजी अनुवाद: स्वयं रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा अनुवादित किया गया था, जिसकी प्रसिद्ध भूमिका (Introduction) आयरिश कवि विलियम बटलर यीट्स (W.B. Yeats) द्वारा लिखी गई थी। • राष्ट्रगान के रचयिता: टैगोर विश्व के एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाएं दो स्वतंत्र देशों का राष्ट्रगान बनीं — भारत का 'जन गण मन' और बांग्लादेश का 'आमार सोनार बांला'। (साथ ही श्रीलंका के राष्ट्रगान 'नमो नमो माता' की प्रेरणा भी टैगोर का संगीत रहा)। • नाइटहुड त्याग: 13 अप्रैल 1919 के बर्बर जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त 'सर/नाइटहुड' (Knighthood) की उपाधि त्याग दी थी।
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SUYOG ACADEMY ["DEFENCE"

राष्ट्रीय सुरक्षा एवं साइबर सुशासन: "राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह" (अक्टूबर 2026) — गृह मंत्रालय की I4C पहल, साइबर हेल्पलाइन 1930, CFCFRMS पोर्टल व राजस्थान साइबर पुलिस नेटवर्क

अक्टूबर 2026 को पूरे देश में "राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह" (National Cyber Security Awareness Month - NCSAM) के

  • भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) एवं राष्ट्रीय तंत्र: • स्थापना: केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग के अधीन वर्ष 2018 में स्वीकृत और 10 जनवरी 2020 को राष्ट्र को समर्पित। • मुख्यालय: नई दिल्ली; उद्देश्य: देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने हेतु एक केंद्रीय नोडल मंच। • 7 प्रमुख घटक: 1. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in), 2. राष्ट्रीय साइबर अपराध विश्लेषण इकाई, 3. राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला, 4. राष्ट्रीय साइबर प्रशिक्षण केंद्र (CyTrain), 5. साइबर अपराध पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन, 6. संयुक्त साइबर अपराध समन्वय दल, 7. साइबर अनुसंधान और नवाचार केंद्र। • राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930: पूर्व में '155260'; साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार नागरिकों हेतु आपातकालीन हेल्पलाइन। गोल्डन ऑवर (घटना के तुरंत बाद) में कॉल करने पर "नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली" (CFCFRMS) के जरिए ठगी की राशि को संदिग्ध बैंक खातों/वॉलेट में तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है।
  • कानूनी एवं विनियामक ढांचा (IT Act 2000 व DPDP Act 2023 - UPSC/RAS Core): • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act 2000): 17 अक्टूबर 2000 को लागू; भारत में साइबर अपराधों का मुख्य कानून; - धारा 43A: संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा में लापरवाही हेतु मुआवजा। - धारा 66: कंप्यूटर सिस्टम को हैक या नुकसान पहुंचाना (3 वर्ष तक कारावास व ₹5 लाख तक जुर्माना)। - धारा 66C: पहचान की चोरी (Identity Theft / पासवर्ड चुराना)। - धारा 66D: कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से प्रतिरूपण (Cheating by Impersonation) कर धोखाधड़ी करना। - धारा 67: इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण। • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act 2023): नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा हेतु भारत का पहला व्यापक डेटा प्राइवेसी कानून; डेटा फिड्यूशरी (कंपनियों) द्वारा उल्लंघन पर ₹250 करोड़ तक के भारी जुर्माने का वैधानिक प्रावधान। • CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल): 2004 में स्थापित; इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन राष्ट्रीय नोडल एजेंसी, जो साइबर सुरक्षा खतरों और रैंसमवेयर हमलों से देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे की रक्षा करती है।
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SUYOG ACADEMY ["RAS"

राजस्थान ऊर्जा एवं हरित क्रांति: "पीएम-कुसुम" (PM-KUSUM) योजना में राजस्थान का राष्ट्रीय शीर्ष स्थान — सौर पंप स्थापना, फीडर सोलराइजेशन व भड़ला तथा नोख सोलर पार्क की प्रगति

9 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी राष्ट्रीय प्रगति डैशबोर्ड के अनुसार "प्रध

  • PM-KUSUM योजना की संरचना एवं तीन घटक (RPSC Exam Favorite): • शुभारंभ: मार्च 2019 में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा किसानों की सिंचाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त आय सृजन हेतु शुरू की गई। • तीन प्रमुख घटक (Three Components): 1. कंपोनेंट-ए (Component-A): किसानों की बंजर या कम उपजाऊ भूमि पर 0.5 से 2 मेगावाट क्षमता के छोटे विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना। (नोट: देश का पहला PM-KUSUM कंपोनेंट-ए प्लांट राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के 'भालोजी गांव' में स्थापित हुआ था)। 2. कंपोनेंट-बी (Component-B): ग्रामीण क्षेत्रों में 7.5 हॉर्सपावर (HP) तक के स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंपों की स्थापना (राजस्थान इसमें देश में #1 स्थान पर है; केंद्र सरकार 30%, राज्य सरकार 30% सब्सिडी देती है, किसान को केवल 40% अंश देना होता है)। 3. कंपोनेंट-सी (Component-C): मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन और कृषि फीडरों का सोलराइजेशन (Feeder Level Solarisation - FLS), जिससे किसानों को दिन में निःशुल्क सौर बिजली मिलती है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय होती है।
  • राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता एवं नीतियां: • राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2023 (Rajasthan Renewable Energy Policy 2023): वर्ष 2030 तक 90,000 मेगावाट (90 GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (जिसमें 65 GW सौर ऊर्जा) स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य। • प्राकृतिक वरदान: राजस्थान में वर्ष में 325 से अधिक धूप वाले दिन (Sunny Days) और 6.0 से 7.0 kWh/m²/day की उच्चतम सौर विकिरण (Solar Insolation) प्राप्त होती है। • भड़ला सोलर पार्क (Bhadla Solar Park): फलोदी जिले (पूर्व में जोधपुर) में स्थित 2,245 मेगावाट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा एकल-स्थान सोलर पार्क; चार चरणों में विकसित। • नोख सोलर पार्क (जैसलमेर): 925 मेगावाट क्षमता; राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम और NTPC के संयुक्त उपक्रम द्वारा विकसित। • पुगल सोलर पार्क (बीकानेर): बीकानेर के पुगल में 2,000 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क निर्माणाधीन।
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