जयसमंद झील (ढेबर झील): इतिहास, भौगोलिक स्थिति, निर्माण, विशेषताएँ, द्वीप, नहरें और परीक्षा उपयोगिता

Quick Answer Box:
जयसमंद झील, जिसे ढेबर झील भी कहा जाता है, राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र में स्थित एक विशाल मानव निर्मित मीठे पानी की झील है। इसका निर्माण महाराणा जयसिंह ने गोमती नदी पर बाँध बनाकर करवाया था। राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील का निर्माण 1685 के आसपास हुआ और ऐतिहासिक रूप से बाँध का निर्माण कार्य 1691 में पूर्ण हुआ माना जाता है। यह झील लगभग 36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली बताई जाती है तथा लगभग 14 किमी लंबी और 9 किमी चौड़ी है। इसे राजस्थान पर्यटन एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील के रूप में प्रस्तुत करता है। झील के आसपास जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य, महल, मंदिर, संगमरमर की छतरियाँ और द्वीप इसकी भौगोलिक एवं पर्यटन महत्ता को बढ़ाते हैं।
1. जयसमंद झील का परिचय
राजस्थान को सामान्यतः मरुस्थलीय एवं जल-संकट वाले प्रदेश के रूप में जाना जाता है, लेकिन राज्य के दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में अरावली की पहाड़ियों, नदियों और मानव निर्मित जलाशयों ने एक अलग ही भौगोलिक परिदृश्य विकसित किया है। उदयपुर क्षेत्र की जयसमंद झील इसी जल-संस्कृति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
जयसमंद झील को राजस्थान की प्रमुख झीलों में विशेष स्थान प्राप्त है। इसका महत्व केवल एक विशाल जलाशय के रूप में नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के मध्यकालीन जल प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था, स्थापत्य कला, राजकीय संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन—इन सभी को एक साथ जोड़ती है।
यह झील ढेबर झील (Dhebar Lake) के नाम से भी प्रसिद्ध है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार यह उदयपुर से लगभग 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। झील का निर्माण गोमती नदी पर बाँध बनाकर किया गया था।
परीक्षा की दृष्टि से जयसमंद झील का अध्ययन राजस्थान भूगोल के “राजस्थान की प्रमुख झीलें एवं जल संसाधन” अध्याय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। RPSC, RSMSSB, शिक्षक भर्ती, CET, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और अन्य राजस्थान-केंद्रित प्रतियोगी परीक्षाओं में झीलों से जुड़े प्रश्नों में इसकी स्थिति, निर्माणकर्ता, नदी, दूसरा नाम, कृत्रिम/मीठे पानी की प्रकृति और आसपास का अभयारण्य विशेष रूप से उपयोगी तथ्य हैं।
2. जयसमंद झील की स्थिति
जयसमंद झील राजस्थान के दक्षिणी भाग में उदयपुर क्षेत्र में स्थित है। यह अरावली पर्वतमाला के पहाड़ी भू-दृश्य से घिरी हुई है।
इसकी स्थिति को समझने के लिए तीन भौगोलिक तत्वों को याद रखना उपयोगी है—
उदयपुर क्षेत्र
अरावली पर्वतीय परिवेश
गोमती नदी पर निर्मित जलाशय
राजस्थान पर्यटन के हिंदी पोर्टल पर जयसमंद को उदयपुर के अंतर्गत प्रमुख झील के रूप में प्रस्तुत किया गया है और इसे ढेबर दर्रे को कृत्रिम झील का रूप देने से संबंधित बताया गया है।
परीक्षा के लिए स्थिति
| तथ्य | जानकारी |
|---|---|
| झील | जयसमंद झील |
| दूसरा नाम | ढेबर झील |
| क्षेत्र | उदयपुर |
| भौगोलिक परिवेश | अरावली क्षेत्र |
| प्रकृति | मानव निर्मित |
| जल का प्रकार | मीठा पानी |
| प्रमुख नदी | गोमती |
| निर्माणकर्ता | महाराणा जयसिंह |
| प्रमुख संबंधित संरचना | बाँध |
| निकटवर्ती वन क्षेत्र | जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य |
जयसमंद झील का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा जयसिंह के समय हुआ। इसका निर्माण गोमती नदी के जल को रोकने के लिए बाँध बनाकर किया गया।
राजस्थान के इतिहास में जल संरक्षण की परंपरा बहुत पुरानी रही है। कम वर्षा और वर्षा की अनिश्चितता वाले क्षेत्रों में राजाओं ने नदियों, नालों और प्राकृतिक अवसादों पर बाँध बनाकर जलाशयों का निर्माण कराया। जयसमंद भी इसी परंपरा का एक अत्यंत प्रभावशाली उदाहरण है।
राजस्थान पर्यटन की वर्तमान वेबसाइट जयसमंद झील के निर्माण को 1685 से जोड़ती है और बताती है कि महाराणा जयसिंह ने गोमती नदी पर बाँध बनाकर इसका निर्माण करवाया।
दूसरी ओर, ऐतिहासिक विवरणों में बाँध के निर्माण के 1691 में पूर्ण होने का उल्लेख मिलता है। India Water Portal के विवरण में बाँध के 2 जून 1691 को पूर्ण होने का उल्लेख है। इसलिए परीक्षा की तैयारी करते समय “निर्माण काल” और “निर्माण पूर्ण होने का वर्ष” को अलग-अलग समझना बेहतर है।
परीक्षा में कैसे याद रखें?
महाराणा जयसिंह → गोमती नदी → बाँध → जयसमंद झील
यह चार-शब्दीय क्रम जयसमंद से जुड़े अधिकांश मूल प्रश्नों को हल करने में मदद करता है।
4. जयसमंद नाम का अर्थ“जयसमंद” नाम का संबंध इसके निर्माणकर्ता महाराणा जयसिंह से माना जाता है।
“समंद” या “समुद्र” शब्द का प्रयोग विशाल जलराशि के अर्थ में किया गया। इस प्रकार जयसिंह द्वारा निर्मित इस विशाल जलाशय को जयसमंद/जयसमुद्र नाम दिया गया।
इस नाम की विशेषता यह है कि यह केवल किसी भौगोलिक स्थान का नाम नहीं है, बल्कि मेवाड़ की राजकीय जल-निर्माण परंपरा और शासक के नाम दोनों से जुड़ा हुआ है।
5. जयसमंद झील की प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँजयसमंद एक विशाल कृत्रिम जलाशय है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार इसका क्षेत्रफल लगभग 36 वर्ग किलोमीटर है। इसकी लंबाई लगभग 14 किलोमीटर तथा चौड़ाई लगभग 9 किलोमीटर बताई गई है।
प्रमुख आँकड़े
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| झील का नाम | जयसमंद |
| अन्य नाम | ढेबर झील |
| प्रकार | कृत्रिम/मानव निर्मित |
| पानी | मीठा पानी |
| नदी | गोमती |
| निर्माणकर्ता | महाराणा जयसिंह |
| निर्माण काल | 17वीं शताब्दी |
| राजस्थान पर्यटन के अनुसार निर्माण | 1685 |
| ऐतिहासिक रूप से बाँध पूर्ण | 1691 |
| लंबाई | लगभग 14 किमी |
| चौड़ाई | लगभग 9 किमी |
| क्षेत्रफल | लगभग 36 वर्ग किमी |
| क्षेत्रीय पहचान | उदयपुर क्षेत्र |
| प्रमुख वन्यजीव क्षेत्र | जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य |
| द्वीप | सात द्वीपों का उल्लेख |
| पर्यटन गतिविधि | नौका विहार आदि |
राजस्थान पर्यटन के अनुसार जयसमंद में सात द्वीप हैं। इनमें से एक द्वीप पर भील-मीणा समुदाय की आबादी का उल्लेख भी किया गया है।
6. जयसमंद झील और गोमती नदीजयसमंद झील से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण नदी संबंध गोमती नदी है।
यह तथ्य परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान की प्रमुख झीलों के प्रश्नों में अक्सर “किस नदी पर बाँध बनाकर झील का निर्माण किया गया?” पूछा जाता है।
याद रखने की ट्रिक
जयसमंद — जयसिंह — गोमती
अर्थात—
जयसमंद → झील
जयसिंह → निर्माणकर्ता
गोमती → नदी
इसे राजसमंद झील से भ्रमित नहीं करना चाहिए। राजसमंद झील का निर्माण महाराणा राजसिंह प्रथम ने गोमती, केलवा और ताली नदियों पर बाँध बनाकर करवाया था। राजस्थान पर्यटन के अनुसार राजसमंद झील का निर्माण 1662 से 1676 के बीच हुआ।
7. जयसमंद और राजसमंद में अंतरराजस्थान की परीक्षाओं में जयसमंद और राजसमंद को लेकर भ्रम की संभावना बहुत अधिक रहती है। दोनों मेवाड़ क्षेत्र की महत्वपूर्ण झीलें हैं और दोनों का संबंध “गोमती” से भी आता है, लेकिन इनके निर्माणकर्ता एवं अन्य विशेषताएँ अलग हैं।
| आधार | जयसमंद झील | राजसमंद झील |
|---|---|---|
| दूसरा नाम | ढेबर झील | राजसमुद्र |
| निर्माणकर्ता | महाराणा जयसिंह | महाराणा राजसिंह प्रथम |
| प्रमुख नदी | गोमती | गोमती, केलवा एवं ताली |
| निर्माण काल | 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध | 1662–1676 |
| क्षेत्र | उदयपुर | राजसमंद |
| प्रकृति | मानव निर्मित | मानव निर्मित |
| विशेष पहचान | एशिया की बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झीलों में एक | ऐतिहासिक राहत कार्य एवं सिंचाई |
| प्रमुख परीक्षा ट्रैप | जयसिंह बनाम राजसिंह | गोमती नदी का संबंध |
राजसमंद झील के निर्माण का उद्देश्य 1661 के व्यापक सूखे से प्रभावित लोगों को रोजगार देना और किसानों को नहर सिंचाई उपलब्ध कराना भी था।
8. जयसमंद बाँधजयसमंद झील की मूल संरचना में बाँध की महत्वपूर्ण भूमिका है। बाँध के माध्यम से नदी के जल को रोककर विशाल जलाशय का निर्माण किया गया।
ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार बाँध का निर्माण स्थानीय पत्थर एवं संगमरमर जैसे पत्थरों से किया गया था। बाँध की वास्तुकला इस क्षेत्र की जल-प्रबंधन तकनीक और स्थापत्य परंपरा का उदाहरण है।
राजस्थान के मध्यकालीन शासकों के लिए बाँध केवल पानी रोकने का साधन नहीं थे। वे—
सिंचाई,
पेयजल,
कृषि,
पशुपालन,
स्थानीय अर्थव्यवस्था,
और सूखे से निपटने
के महत्वपूर्ण साधन थे।
जयसमंद इसी व्यापक जल प्रबंधन दृष्टिकोण का उदाहरण है।
9. बाँध पर स्थित मंदिरजयसमंद बाँध के साथ धार्मिक स्थापत्य भी जुड़ा हुआ है।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार बाँध पर एक शिव मंदिर स्थित है। अन्य ऐतिहासिक विवरण इसे नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से जोड़ते हैं।
इस प्रकार जयसमंद का बाँध केवल इंजीनियरिंग संरचना नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल भी है।
Exam Point
जयसमंद बाँध — शिव मंदिर
यह एक संभावित तथ्यात्मक प्रश्न बन सकता है।
10. जयसमंद झील के सात द्वीपजयसमंद झील की एक विशिष्ट विशेषता इसके द्वीप हैं।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील में सात द्वीप हैं। इनमें से एक द्वीप पर भील-मीणा समुदाय की आबादी का उल्लेख मिलता है।
द्वीपों की उपस्थिति जयसमंद को राजस्थान की अन्य प्रमुख झीलों से अलग पहचान देती है।
झील के मध्य स्थित द्वीपों के कारण यहाँ का प्राकृतिक दृश्य अत्यंत आकर्षक दिखाई देता है। पानी, अरावली की पहाड़ियाँ, वन क्षेत्र और द्वीप मिलकर एक विशिष्ट भौगोलिक परिदृश्य बनाते हैं।
परीक्षा के लिए
जयसमंद → सात द्वीप
यह तथ्य विशेष रूप से “निम्न में से किस झील में सात द्वीप हैं?” जैसे प्रश्नों में उपयोगी हो सकता है।
11. जयसमंद झील और भील-मीणा क्षेत्रजयसमंद झील के आसपास दक्षिणी राजस्थान का जनजातीय सांस्कृतिक क्षेत्र भी दिखाई देता है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील के सात द्वीपों में से एक पर भील-मीणा समुदाय के निवास का उल्लेख है।
दक्षिणी राजस्थान में भील समुदाय का ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व अत्यंत अधिक है। अरावली की पहाड़ियों, वन क्षेत्रों और जल स्रोतों के साथ यहाँ की जनजातीय जीवनशैली का गहरा संबंध रहा है।
इस दृष्टि से जयसमंद केवल जल संसाधन नहीं, बल्कि प्राकृतिक भू-दृश्य और जनजातीय जीवन के बीच संबंध का भी उदाहरण है।
12. जयसमंद झील और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्यजयसमंद झील के आसपास स्थित जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य इसकी पारिस्थितिक महत्ता को बढ़ाता है।
राजस्थान वन विभाग के अनुसार जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य दक्षिणी राजस्थान के अरावली क्षेत्र में स्थित है और जयसमंद झील अभयारण्य का अभिन्न हिस्सा है। विभागीय प्रबंधन योजना में यह भी उल्लेख है कि यह क्षेत्र 1955 में राजस्थान वन्यजीव संरक्षण कानून के अंतर्गत अभयारण्य घोषित किया गया था।
राजस्थान वन विभाग की वर्तमान संरक्षित क्षेत्र सूची में जयसमंद अभयारण्य का क्षेत्रफल 52.34 वर्ग किलोमीटर दर्ज है।
प्रमुख वन्यजीव
राजस्थान पर्यटन के अनुसार जयसमंद क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पक्षियों के साथ पैंथर, तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर और मगरमच्छ जैसे जीव पाए जाते हैं।
इस प्रकार जयसमंद क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटक मिलते हैं—
झील + अरावली वन + वन्यजीव
13. जयसमंद झील की पारिस्थितिक महत्ताएक बड़ी झील अपने आसपास के क्षेत्र की पारिस्थितिकी को प्रभावित करती है। जयसमंद में जलाशय, वन और पहाड़ी क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
झील—
जलीय पारिस्थितिकी को आधार देती है,
पक्षियों के लिए आवास उपलब्ध कराती है,
वन्यजीव क्षेत्र को जल स्रोत प्रदान करती है,
आसपास की जैव विविधता को सहारा देती है,
पर्यटन गतिविधियों को आकर्षित करती है।
जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य के प्रबंधन दस्तावेज में झील को अभयारण्य का अभिन्न भाग माना गया है।
इससे स्पष्ट होता है कि झील का संरक्षण केवल जल संसाधन संरक्षण नहीं है, बल्कि वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण से भी जुड़ा है।
14. जयसमंद झील का पर्यटन महत्वजयसमंद राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। उदयपुर को “झीलों का शहर” कहा जाता है और जयसमंद इस झील-परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजस्थान पर्यटन इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील के रूप में प्रस्तुत करता है।
यहाँ पर्यटकों को—
झील का प्राकृतिक दृश्य,
अरावली की पहाड़ियाँ,
ऐतिहासिक बाँध,
संगमरमर की संरचनाएँ,
महल,
मंदिर,
द्वीप,
वन्यजीव,
तथा नौका विहार
जैसे आकर्षण मिलते हैं।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील में boat ride की सुविधा भी उपलब्ध है।
15. जयसमंद के किनारे की संगमरमर की छतरियाँजयसमंद झील की स्थापत्य पहचान में इसकी संगमरमर की छतरियाँ/स्मारक संरचनाएँ विशेष महत्व रखती हैं।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील के तटबंध पर छह सुंदर नक्काशीदार संगमरमर की छतरियाँ स्थित हैं।
राजस्थान की स्थापत्य परंपरा में छतरियाँ राजपूत कला का महत्वपूर्ण अंग रही हैं। इनका उपयोग स्मृति-स्मारक, राजकीय सम्मान और सजावटी वास्तुकला के रूप में किया जाता था।
जयसमंद की छतरियाँ झील के प्राकृतिक सौंदर्य और राजस्थानी स्थापत्य कला के बीच सुंदर सामंजस्य प्रस्तुत करती हैं।
16. रानी का ग्रीष्मकालीन महलजयसमंद झील के आसपास राजपरिवार से संबंधित महलों का भी निर्माण हुआ।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील के किनारे उदयपुर की रानी का ग्रीष्मकालीन महल झील की पृष्ठभूमि को और आकर्षक बनाता है।
यह तथ्य जयसमंद की विशेषता को केवल “झील” तक सीमित नहीं रहने देता। यहाँ जलाशय के साथ राजकीय निवास, धार्मिक स्थल और स्थापत्य संरचनाओं का विकास हुआ।
17. जयसमंद और मध्यकालीन जल प्रबंधनराजस्थान में जल प्रबंधन की ऐतिहासिक परंपरा को समझने के लिए जयसमंद महत्वपूर्ण केस स्टडी है।
राजस्थान के विभिन्न भागों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग जल संरचनाएँ विकसित हुईं—
कुएँ
बावड़ियाँ
तालाब
जोहड़
नाड़ियाँ
टांके
बाँध
झीलें
जयसमंद जैसी बड़ी झीलें इस बात का प्रमाण हैं कि राजस्थान के शासकों ने वर्षा-आधारित जल संसाधनों को संरक्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग परियोजनाएँ विकसित की थीं।
इसका महत्व विशेष रूप से दक्षिणी राजस्थान में था जहाँ अरावली की पहाड़ियाँ जलग्रहण क्षेत्र तैयार करती हैं और नदियों/नालों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बाँध उपयोगी रहे।
18. जयसमंद झील का ऐतिहासिक महत्वजयसमंद झील का निर्माण मेवाड़ के इतिहास में महाराणा जयसिंह के शासनकाल से जुड़ा हुआ है।
यह परियोजना उस समय की राजकीय क्षमता को दर्शाती है। इतनी बड़ी जल संरचना का निर्माण—
श्रम,
संसाधन,
निर्माण तकनीक,
स्थानीय पत्थर,
जल विज्ञान,
तथा प्रशासनिक संगठन
की आवश्यकता रखता था।
इसलिए जयसमंद को केवल “कृत्रिम झील” कहना इसके ऐतिहासिक महत्व को सीमित कर देगा। यह मेवाड़ की जल स्थापत्य परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
19. जयसमंद झील: कालक्रमजयसमंद से संबंधित तिथियों को एक सरल timeline में समझना उपयोगी है।
| काल/वर्ष | घटना |
|---|---|
| 17वीं शताब्दी का उत्तरार्ध | मेवाड़ में जयसमंद जल परियोजना का विकास |
| 1685 | राजस्थान पर्यटन के वर्तमान विवरण में निर्माण से संबद्ध वर्ष |
| लगभग 1687–1691 | कई ऐतिहासिक स्रोतों में निर्माण अवधि के रूप में उल्लेख |
| 2 जून 1691 | ऐतिहासिक विवरणों में बाँध पूर्ण होने की तिथि |
| आधुनिक काल | जयसमंद पर्यटन एवं जल संसाधन क्षेत्र के रूप में विकसित |
| 1955 | जयसमंद क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किए जाने का उल्लेख |
| वर्तमान | झील एवं आसपास का क्षेत्र पर्यटन तथा पारिस्थितिकी की दृष्टि से महत्वपूर्ण |
महत्वपूर्ण: अलग-अलग स्रोत निर्माण वर्ष को अलग तरीके से प्रस्तुत करते हैं। इसलिए प्रतियोगी परीक्षा में यदि विकल्पों में 1691 को “बाँध पूर्ण होने” से जोड़ा गया हो, तो प्रश्न की भाषा ध्यान से पढ़ें। राजस्थान पर्यटन की वर्तमान वेबसाइट निर्माण को 1685 से जोड़ती है, जबकि ऐतिहासिक विवरणों में 1691 को निर्माण पूर्ण होने का वर्ष बताया गया है।
20. जयसमंद बनाम राजस्थान की अन्य प्रमुख झीलें| झील | क्षेत्र | प्रमुख निर्माणकर्ता/संबंध | प्रमुख नदी/स्रोत | विशेष पहचान |
|---|---|---|---|---|
| जयसमंद | उदयपुर | महाराणा जयसिंह | गोमती | ढेबर झील, बड़ी कृत्रिम मीठे पानी की झील |
| राजसमंद | राजसमंद | महाराणा राजसिंह प्रथम | गोमती, केलवा, ताली | राजसमुद्र |
| पिछोला | उदयपुर | ऐतिहासिक कृत्रिम झील | स्थानीय जल प्रवाह | उदयपुर की प्रसिद्ध झील |
| फतेहसागर | उदयपुर | ऐतिहासिक जल संरचना | झील प्रणाली | नेहरू द्वीप आदि |
| उदयसागर | उदयपुर | महाराणा उदयसिंह | बेड़च/बेरच | उदयपुर की प्रमुख झील |
| सांभर | जयपुर क्षेत्र | प्राकृतिक | अंतःस्थलीय जल निकास | भारत की प्रमुख अंतर्देशीय लवणीय झील |
| पचपदरा | बालोतरा | प्राकृतिक/लवणीय | अंतःस्थलीय | नमक उत्पादन |
| डीडवाना | नागौर क्षेत्र | प्राकृतिक | अंतःस्थलीय | लवणीय झील |
जयसमंद की सबसे महत्वपूर्ण पहचान मानव निर्मित + मीठा पानी + महाराणा जयसिंह + गोमती नदी का संयोजन है।
21. राजस्थान की झीलों में जयसमंद का स्थानराजस्थान की झीलों को व्यापक रूप से कई प्रकारों में समझा जा सकता है—
1. मीठे पानी की झीलें
उदाहरण:
जयसमंद
पिछोला
फतेहसागर
उदयसागर
राजसमंद
2. खारे/लवणीय पानी की झीलें
उदाहरण:
सांभर
डीडवाना
पचपदरा
लूणकरणसर
इस वर्गीकरण में जयसमंद को कृत्रिम मीठे पानी की झील के रूप में याद करना चाहिए।
22. “एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील” — तथ्य की सही समझजयसमंद के संबंध में अक्सर यह कथन मिलता है कि यह “एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील” है। लेकिन वर्तमान राजस्थान पर्यटन वेबसाइट इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील बताती है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार यह कभी एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील मानी जाती थी, लेकिन मिस्र में Aswan Dam के निर्माण के बाद इसका स्थान बदल गया।
इसलिए वर्तमान अध्ययन सामग्री में बेहतर और सुरक्षित कथन है:
जयसमंद झील — एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झीलों में से एक।
राजस्थान पर्यटन के हिंदी संस्करण में भी इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील कहा गया है।
23. परीक्षा में पूछे जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण तथ्यजयसमंद झील के बारे में निम्न तथ्य उच्च प्राथमिकता के हैं:
अत्यंत महत्वपूर्ण
जयसमंद का दूसरा नाम — ढेबर झील
स्थिति — उदयपुर क्षेत्र
प्रकृति — मानव निर्मित
पानी — मीठा
निर्माणकर्ता — महाराणा जयसिंह
प्रमुख नदी — गोमती
निर्माण काल — 17वीं शताब्दी का उत्तरार्ध
बाँध पूर्ण होने से संबंधित वर्ष — 1691
झील में द्वीप — सात
निकटवर्ती संरक्षित क्षेत्र — जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य
अभयारण्य का घोषित वर्ष — 1955
झील का लगभग क्षेत्रफल — 36 वर्ग किमी
लगभग लंबाई — 14 किमी
लगभग चौड़ाई — 9 किमी
बाँध पर — शिव मंदिर
तट पर — संगमरमर की छतरियाँ
पर्यटन गतिविधि — नौका विहार
इनमें से पहले 8–10 तथ्य राजस्थान GK के लिए सबसे अधिक उपयोगी हैं।
24. Exam Trap: जयसमंद से जुड़े भ्रमTrap 1: जयसमंद किसने बनवाई?
गलत: महाराणा राजसिंह प्रथम
सही: महाराणा जयसिंह
राजसिंह प्रथम → राजसमंद
जयसिंह → जयसमंद
Trap 2: जयसमंद किस नदी पर है?
सही: गोमती नदी
इसे राजसमंद के साथ भ्रमित न करें, जहाँ गोमती के साथ केलवा और ताली का भी उल्लेख मिलता है।
Trap 3: जयसमंद प्राकृतिक है या कृत्रिम?
सही: मानव निर्मित
यह प्राकृतिक झील नहीं है।
Trap 4: जयसमंद खारे पानी की झील है?
गलत।
जयसमंद मीठे पानी की झील है।
सांभर, डीडवाना और पचपदरा जैसी लवणीय झीलों से इसे अलग रखें।
Trap 5: जयसमंद का दूसरा नाम क्या है?
सही: ढेबर झील
Trap 6: जयसमंद और राजसमंद एक ही हैं?
नहीं।
दोनों अलग-अलग झीलें हैं।
जयसमंद → महाराणा जयसिंह
राजसमंद → महाराणा राजसिंह प्रथम
Trap 7: जयसमंद एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है?
वर्तमान राजस्थान पर्यटन के अनुसार इसे एशिया की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
25. जयसमंद झील की आर्थिक उपयोगिताऐतिहासिक रूप से बड़े जलाशयों का प्रमुख उद्देश्य जल का संचयन था। जयसमंद जैसी झीलें स्थानीय अर्थव्यवस्था में कई तरह से योगदान करती हैं।
कृषि
संचित जल का उपयोग कृषि एवं सिंचाई के लिए किया जा सकता है। राजस्थान जैसे मानसूनी एवं वर्षा-परिवर्तनशील प्रदेश में जल संचयन का महत्व अत्यधिक है।
मत्स्य संसाधन
बड़े मीठे पानी के जलाशय मत्स्य संसाधनों के लिए भी उपयुक्त वातावरण प्रदान करते हैं।
पर्यटन
झील के प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक आकर्षण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।
स्थानीय रोजगार
पर्यटन, नौका विहार, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवाएँ रोजगार के अवसर पैदा करती हैं।
26. जयसमंद और स्थानीय संस्कृतिदक्षिणी राजस्थान की संस्कृति में जल, जंगल और पहाड़ का विशेष महत्व है। जयसमंद इस सांस्कृतिक भूगोल का एक प्रमुख उदाहरण है।
झील के आसपास—
जनजातीय बस्तियाँ,
वन क्षेत्र,
पहाड़ियाँ,
मंदिर,
महल,
छतरियाँ
एक साथ दिखाई देते हैं।
इस कारण जयसमंद को केवल भौतिक भूगोल के विषय के रूप में नहीं, बल्कि भूगोल + इतिहास + संस्कृति + पर्यावरण के संयुक्त विषय के रूप में पढ़ना अधिक उपयोगी है।
27. जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य का परीक्षा महत्वजयसमंद झील पढ़ते समय अभयारण्य को अलग से याद करना चाहिए।
राजस्थान वन विभाग के अनुसार जयसमंद अभयारण्य का क्षेत्रफल 52.34 वर्ग किलोमीटर है।
वन विभाग की प्रबंधन योजना के अनुसार यह दक्षिणी राजस्थान के अरावली क्षेत्र में स्थित है और झील इसका अभिन्न हिस्सा है।
One-Liner
28. जयसमंद का भौगोलिक महत्वजयसमंद झील — जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य से संबंधित प्रमुख जल निकाय है।
जयसमंद झील के माध्यम से राजस्थान के दक्षिणी भाग की निम्न भौगोलिक विशेषताओं को समझा जा सकता है:
अरावली → जलग्रहण → नदी/जल प्रवाह → बाँध → जलाशय → वन क्षेत्र → जैव विविधता
यह श्रृंखला प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह समझ आता है कि किसी जलाशय का महत्व केवल पानी जमा करने तक सीमित नहीं होता।
जलाशय का प्रभाव—
जल संसाधन,
कृषि,
पर्यावरण,
पर्यटन,
जनजातीय जीवन,
स्थानीय अर्थव्यवस्था
तक फैलता है।
29. जयसमंद झील की यात्रा एवं पर्यटन दृष्टिजयसमंद उदयपुर क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार यह उदयपुर शहर से लगभग 48 किमी दूर स्थित है।
झील तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। राजस्थान पर्यटन स्थानीय बस, टैक्सी और अन्य स्थानीय परिवहन विकल्पों का उल्लेख करता है।
पर्यटन की दृष्टि से यहाँ—
झील दर्शन,
नौका विहार,
प्राकृतिक दृश्य,
वन्यजीव अवलोकन,
फोटोग्राफी,
ऐतिहासिक स्थापत्य
प्रमुख आकर्षण हैं।
30. जयसमंद का समग्र मूल्यांकनजयसमंद झील राजस्थान के उन स्थलों में से है जहाँ मानव और प्रकृति के बीच संबंध स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
एक ओर यह मानव द्वारा निर्मित विशाल जल संरचना है; दूसरी ओर इसके आसपास अरावली का प्राकृतिक भू-दृश्य और वन्यजीव क्षेत्र है।
इसके साथ—
मेवाड़ का इतिहास,
महाराणा जयसिंह,
गोमती नदी,
बाँध निर्माण,
संगमरमर की छतरियाँ,
मंदिर,
महल,
सात द्वीप,
जनजातीय क्षेत्र,
वन्यजीव अभयारण्य
जुड़े हुए हैं।
इसलिए राजस्थान भूगोल में जयसमंद झील को केवल एक “झील” के रूप में पढ़ना पर्याप्त नहीं है। यह राजस्थान के जल संसाधन एवं सांस्कृतिक भूगोल का एक समेकित उदाहरण है।
31. Quick Revision Table| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| जयसमंद झील का दूसरा नाम? | ढेबर झील |
| जयसमंद कहाँ स्थित है? | उदयपुर क्षेत्र |
| जयसमंद किस प्रकार की झील है? | मानव निर्मित मीठे पानी की झील |
| इसका निर्माण किसने करवाया? | महाराणा जयसिंह |
| किस नदी पर बाँध बनाया गया? | गोमती नदी |
| निर्माण किस शताब्दी में? | 17वीं शताब्दी |
| बाँध पूर्ण होने का ऐतिहासिक वर्ष? | 1691 |
| वर्तमान राजस्थान पर्यटन के अनुसार निर्माण से जुड़ा वर्ष? | 1685 |
| झील का लगभग क्षेत्रफल? | 36 वर्ग किमी |
| लंबाई? | लगभग 14 किमी |
| चौड़ाई? | लगभग 9 किमी |
| कितने द्वीपों का उल्लेख है? | सात |
| निकटवर्ती अभयारण्य? | जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य |
| अभयारण्य घोषित वर्ष? | 1955 |
| अभयारण्य क्षेत्रफल? | 52.34 वर्ग किमी |
| बाँध पर कौन-सा मंदिर? | शिव मंदिर |
| तट पर प्रमुख स्थापत्य? | संगमरमर की छतरियाँ |
| प्रमुख पर्यटन गतिविधि? | नौका विहार |
| एशिया में स्थान? | दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील के रूप में राजस्थान पर्यटन द्वारा वर्णित |
जयसमंद को याद रखने के लिए यह सूत्र उपयोग करें:
“जयसिंह ने गोमती को बाँधा, ढेबर बनी जयसमंद।”
इस एक वाक्य से चार तथ्य याद होते हैं—
जयसिंह → निर्माणकर्ता
गोमती → नदी
ढेबर → दूसरा नाम
जयसमंद → झील
एक और ट्रिक:
“जयसमंद = जयसिंह + गोमती + ढेबर + सात द्वीप”
यह Rajasthan GK के लिए बहुत उपयोगी चार-तथ्य वाला revision code है।
33. निष्कर्षजयसमंद झील राजस्थान की ऐतिहासिक जल प्रबंधन परंपरा, मेवाड़ के राजकीय इतिहास और अरावली के प्राकृतिक पर्यावरण का उत्कृष्ट संगम है। इसका निर्माण महाराणा जयसिंह के समय गोमती नदी पर बाँध बनाकर किया गया। यह विशाल मानव निर्मित मीठे पानी की झील आज भी राजस्थान की प्रमुख भौगोलिक पहचान में शामिल है।
जयसमंद को ढेबर झील के नाम से भी जाना जाता है। इसका लगभग 36 वर्ग किलोमीटर का विस्तार, लगभग 14 किलोमीटर लंबाई और 9 किलोमीटर चौड़ाई इसे विशाल जलाशयों की श्रेणी में रखती है। झील के सात द्वीप, संगमरमर की छतरियाँ, शिव मंदिर, राजकीय महल और आसपास का जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य इसे विशिष्ट बनाते हैं।
पर्यावरणीय दृष्टि से झील और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य का संबंध विशेष महत्वपूर्ण है। राजस्थान वन विभाग के अनुसार झील अभयारण्य का अभिन्न हिस्सा है और यह क्षेत्र अरावली के वन्य पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जयसमंद झील से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण तथ्य हैं—उदयपुर, ढेबर झील, महाराणा जयसिंह, गोमती नदी, मानव निर्मित मीठे पानी की झील, सात द्वीप और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य।
यदि जयसमंद को राजसमंद, सांभर, पचपदरा और डीडवाना से तुलना करके पढ़ा जाए, तो राजस्थान की झीलों से संबंधित प्रश्नों को हल करना काफी आसान हो जाता है।
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राजस्थान की प्रमुख झीलें — Suyog Academy
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सांभर झील
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अभ्यास
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✍️ लेखक परिचय
लेखक: Suyog Academy – Rajasthan Geography Content Team
यह अध्ययन सामग्री राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे RPSC, RSMSSB, CET, शिक्षक भर्ती, पटवारी, VDO और अन्य राजस्थान-केंद्रित परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
नोट: ऐतिहासिक तिथियों और भौगोलिक आँकड़ों में अलग-अलग स्रोतों के बीच अंतर मिलने पर इस लेख में वर्तमान राजस्थान पर्यटन एवं राजस्थान वन विभाग जैसे आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से जयसमंद के निर्माण के संदर्भ में 1685 और 1691 दोनों तिथियों के स्रोत-आधारित संदर्भ को स्पष्ट किया गया है।
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Rajasthan GK Abhikathan-Karan (कथन-कारण प्रश्न) 1000+ MCQs | RPSC & RSMSSB New Exam Pattern
1000+ अभिकथन-कारण प्रश्न: RPSC और RSMSSB के latest exam pattern और recent papers पर आधारित - बिल्कुल वैसे जैसे अब exam में आते हैं।
🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. जयसमंद झील का दूसरा प्रसिद्ध नाम क्या है?
Rajasthan GK 2026Q2. जयसमंद झील का निर्माण किस मेवाड़ शासक ने करवाया था?
Rajasthan GK 2026Q3. जयसमंद झील किस नदी पर बाँध बनाकर निर्मित की गई थी?
Rajasthan GK 2026Q4. जयसमंद झील राजस्थान के किस क्षेत्र में स्थित है?
Rajasthan GK 2026Q5. जयसमंद झील किस प्रकार की झील है?
Rajasthan GK 2026Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
Rajasthan GK 2026Q7. जयसमंद झील में कितने प्रमुख द्वीपों का उल्लेख मिलता है?
Rajasthan GK 2026Q8. जयसमंद झील के निकट कौन-सा वन्यजीव अभयारण्य स्थित है?
Rajasthan GK 2026Q9. जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य का प्रमुख जल निकाय कौन-सा है?
Rajasthan GK 2026Q10. जयसमंद झील का लगभग क्षेत्रफल कितना माना जाता है?
Rajasthan Geography 2026Q11. जयसमंद झील की लगभग लंबाई कितनी है?
Rajasthan Geography 2026Q12. जयसमंद झील की लगभग चौड़ाई कितनी है?
Rajasthan Geography 2026Q13. जयसमंद बाँध के निर्माण से संबंधित 17वीं शताब्दी का कौन-सा शासक सही है?
Rajasthan History 2026Q14. वर्तमान राजस्थान पर्यटन विवरण के अनुसार जयसमंद झील के निर्माण से संबंधित वर्ष कौन-सा है?
Rajasthan GK 2026Q15. ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार जयसमंद बाँध के पूर्ण होने से कौन-सा वर्ष संबंधित है?
Rajasthan History 2026Q16. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता जयसमंद झील की है?
Rajasthan GK 2026Q17. जयसमंद झील को किस प्रकार की जल संरचना के उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है?
Rajasthan Geography 2026Q18. जयसमंद झील के बाँध पर किस धार्मिक संरचना का उल्लेख मिलता है?
Rajasthan History 2026Q19. जयसमंद झील के तटबंध पर किस प्रकार की स्थापत्य संरचनाएँ प्रसिद्ध हैं?
Rajasthan Art & Culture 2026Q20. जयसमंद झील के आसपास का कौन-सा भू-आकृतिक क्षेत्र प्रमुख रूप से दिखाई देता है?
Rajasthan Geography 2026Q21. जयसमंद और राजसमंद के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
Rajasthan GK 2026Q22. निम्नलिखित में से कौन-सी झील जयसमंद से भिन्न एक प्रमुख लवणीय झील है?
Rajasthan GK 2026Q23. जयसमंद झील के साथ कौन-सा संरक्षित क्षेत्र सीधे संबंधित है?
Rajasthan Environment 2026Q24. जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य किस पर्वतीय क्षेत्र की पारिस्थितिकी से जुड़ा है?
Rajasthan Environment 2026Q25. जयसमंद क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन-सा वन्यजीव पाया जा सकता है?
Rajasthan Environment 2026Q26. जयसमंद झील की प्रमुख पर्यटन गतिविधियों में से एक क्या है?
Rajasthan Tourism 2026Q27. जयसमंद झील उदयपुर शहर से लगभग कितनी दूरी पर बताई जाती है?
Rajasthan Tourism 2026Q28. जयसमंद झील को राजस्थान की किस प्रकार की झीलों की श्रेणी में रखा जाएगा?
Rajasthan Geography 2026Q29. निम्न में से कौन-सा संयोजन जयसमंद झील के लिए सही है?
Rajasthan GK 2026Q30. जयसमंद झील का निर्माण मुख्य रूप से किस उद्देश्य से संबंधित था?
Rajasthan Geography 2026Q31. जयसमंद झील के संदर्भ में 'ढेबर' शब्द किससे संबंधित है?
Rajasthan GK 2026Q32. जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल लगभग कितना है?
Rajasthan Environment 2026Q33. जयसमंद क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किए जाने से संबंधित वर्ष कौन-सा है?
Rajasthan Environment 2026Q34. जयसमंद झील की भौगोलिक पहचान में निम्न में से कौन-सा तत्व सबसे उपयुक्त है?
Rajasthan Geography 2026Q35. निम्नलिखित में से किस झील को जयसमंद के नाम से भी जाना जाता है?
Rajasthan GK 2026Q36. मेवाड़ के किस शासक से जयसमंद जल परियोजना का संबंध है?
Rajasthan History 2026Q37. जयसमंद झील के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
Rajasthan GK 2026Q38. जयसमंद झील और गोमती नदी के बीच क्या संबंध है?
Rajasthan Geography 2026Q39. जयसमंद झील की प्राकृतिक सुंदरता में कौन-से तत्व प्रमुख हैं?
Rajasthan Tourism 2026Q40. जयसमंद झील का अध्ययन राजस्थान के किस विषय से विशेष रूप से संबंधित है?
Rajasthan Geography 2026Q41. निम्नलिखित में से कौन-सा जयसमंद झील का सही विशेषता-समूह है?
Rajasthan GK 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
जयसमंद झील राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र में स्थित एक विशाल मानव निर्मित मीठे पानी की झील है। इसे ढेबर झील के नाम से भी जाना जाता है।
जयसमंद झील का दूसरा प्रसिद्ध नाम ढेबर झील है।
जयसमंद झील राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र में अरावली पर्वतीय क्षेत्र के बीच स्थित है। यह उदयपुर शहर से लगभग 48 किलोमीटर दूर बताई जाती है।
जयसमंद झील का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा जयसिंह ने करवाया था।
जयसमंद झील का निर्माण गोमती नदी पर बाँध बनाकर किया गया था।
जयसमंद झील एक मानव निर्मित या कृत्रिम मीठे पानी की झील है।
राजस्थान पर्यटन के वर्तमान विवरण के अनुसार जयसमंद झील का निर्माण 1685 से संबंधित है। ऐतिहासिक विवरणों में इसके बाँध के 1691 में पूर्ण होने का उल्लेख मिलता है।
ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार जयसमंद बाँध 1691 में पूर्ण हुआ था।
ढेबर जयसमंद झील का प्रचलित ऐतिहासिक नाम है, इसलिए इसे जयसमंद के साथ ढेबर झील भी कहा जाता है।
जयसमंद झील का क्षेत्रफल लगभग 36 वर्ग किलोमीटर बताया जाता है।
जयसमंद झील की लंबाई लगभग 14 किलोमीटर बताई जाती है।
जयसमंद झील की चौड़ाई लगभग 9 किलोमीटर बताई जाती है।
जयसमंद झील में सात द्वीपों का उल्लेख मिलता है।
जयसमंद झील मीठे पानी की झील है।
जयसमंद राजस्थान की प्रमुख कृत्रिम मीठे पानी की झीलों में से एक है और जल संसाधन, इतिहास, पर्यटन, स्थापत्य तथा पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार जयसमंद झील एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील के रूप में वर्णित है।
जयसमंद झील के आसपास जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य स्थित है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची के अनुसार जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल 52.34 वर्ग किलोमीटर है।
राजस्थान वन विभाग के विवरण के अनुसार जयसमंद क्षेत्र को 1955 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
जयसमंद क्षेत्र में पैंथर, तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर और विभिन्न प्रकार के पक्षियों सहित अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं।
जयसमंद बाँध पर शिव मंदिर स्थित है। ऐतिहासिक विवरणों में इसे नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से भी जोड़ा जाता है।
जयसमंद झील के तटबंध पर नक्काशीदार संगमरमर की छतरियाँ प्रसिद्ध हैं।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार जयसमंद झील के किनारे उदयपुर की रानी का ग्रीष्मकालीन महल स्थित है।
जयसमंद झील में नौका विहार प्रमुख पर्यटन गतिविधियों में शामिल है।
जयसमंद का निर्माण महाराणा जयसिंह ने करवाया था, जबकि राजसमंद का निर्माण महाराणा राजसिंह प्रथम से संबंधित है। दोनों अलग-अलग झीलें हैं।
दोनों झीलों के संदर्भ में गोमती नदी का उल्लेख मिलता है, लेकिन राजसमंद झील के निर्माण में गोमती के साथ केलवा और ताली नदियों का भी उल्लेख मिलता है।
इसके विशाल आकार, मानव निर्मित स्वरूप, मीठे पानी, ऐतिहासिक बाँध, सात द्वीप, पर्यटन आकर्षण और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य से संबंध के कारण इसे राजस्थान की प्रमुख झीलों में शामिल किया जाता है।
जयसमंद झील मेवाड़ की मध्यकालीन जल प्रबंधन परंपरा और बड़े पैमाने पर जल संचयन के लिए किए गए बाँध निर्माण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
जयसमंद झील आसपास के वन क्षेत्र, जलीय पारिस्थितिकी, पक्षियों और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत तथा आवास प्रदान करती है।
झील के द्वीप, अरावली की पहाड़ियाँ, वन क्षेत्र, ऐतिहासिक बाँध, संगमरमर की छतरियाँ, महल और नौका विहार इसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनाते हैं।
जयसमंद झील दक्षिणी राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखला के क्षेत्र में स्थित है।
सात द्वीप जयसमंद झील की विशिष्ट भौगोलिक पहचान हैं और झील के प्राकृतिक एवं पर्यटन आकर्षण को बढ़ाते हैं।
गोमती नदी के जल को बाँध के माध्यम से रोककर जल संचयन और जल संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना इसके निर्माण का प्रमुख उद्देश्य था।
यह राजस्थान में ऐतिहासिक मानव निर्मित जलाशय और जल संचयन की परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
RPSC, RSMSSB, CET, शिक्षक भर्ती, पटवारी और अन्य राजस्थान-केंद्रित परीक्षाओं में झीलों की स्थिति, निर्माणकर्ता, नदी, प्रकार और विशेषताओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
ढेबर झील, उदयपुर क्षेत्र, महाराणा जयसिंह, गोमती नदी, मानव निर्मित मीठा पानी, सात द्वीप और जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य इसके सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य हैं।
इसे 'जयसिंह ने गोमती को बाँधा, ढेबर बनी जयसमंद' वाक्य से याद रखा जा सकता है। इससे निर्माणकर्ता, नदी और दूसरा नाम आसानी से याद रहते हैं।
नहीं। जयसमंद झील मीठे पानी की मानव निर्मित झील है। इसे सांभर, पचपदरा और डीडवाना जैसी लवणीय झीलों से अलग रखना चाहिए।
नहीं। जयसमंद झील और ढेबर झील एक ही झील के दो प्रचलित नाम हैं।
जयसमंद झील का निर्माण मेवाड़ के महाराणा जयसिंह के शासनकाल में हुआ था।
राजस्थान पर्यटन के अनुसार झील के सात द्वीपों में से एक पर भील-मीणा समुदाय की आबादी का उल्लेख मिलता है।
गोमती नदी के जल को बाँध द्वारा रोककर विशाल जलाशय का निर्माण करना मध्यकालीन राजस्थान की जल संचयन एवं प्रबंधन तकनीक का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
जयसमंद के साथ राजस्थान की प्रमुख झीलें, राजसमंद, सांभर, पचपदरा, डीडवाना, राजस्थान की नदियाँ, जल संसाधन और राजस्थान का भौतिक भूगोल पढ़ना उपयोगी है।