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राजस्थान में लिग्नाइट आधारित ऊर्जा: प्रमुख क्षेत्र एवं विद्युत परियोजनाएँ

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
8 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 8 अक्टूबर 2026
9 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26, राजस्थान बजट 2026-27, NITI आयोग एवं MoSPI आधिकारिक आँकड़े। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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राजस्थान में लिग्नाइट आधारित ऊर्जा: प्रमुख क्षेत्र एवं विद्युत परियोजनाएँ

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: राजस्थान में लिग्नाइट आधारित ऊर्जा पश्चिमी जिलों — बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालोर, जैसलमेर — के लिग्नाइट (भूरा कोयला) पर टिकी है; GSI (2022) के अनुसार संसाधन ≈6,458 मिलियन टन। प्रमुख खदानें — गिरल, सोनड़ी, जालिपा-कपूरडी (बाड़मेर), बरसिंगसर (बीकानेर), कसनऊ-मातासुख (नागौर)। बिजलीघर — JSW भादरेस, बाड़मेर (8×135 = 1,080 MW), गिरल (RVUNL, 2×125 MW), बरसिंगसर (NLC, 2×125 MW)। लिग्नाइट में नमी अधिक होने से संयंत्र खदान के पास (पिट-हेड) लगते हैं। लाभ — आंतरिक ईंधन, बेस-लोड; समस्याएँ — कम ऊष्मा-मान, उच्च सल्फ़र, प्रदूषण। भविष्य — दक्षता, गैसीकरण, अक्षय ऊर्जा की ओर संक्रमण।

🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): GSI की कोयला-लिग्नाइट सूची (1 अप्रैल 2022) के अनुसार राजस्थान में ≈6,458 मिलियन टन लिग्नाइट संसाधन है। राज्य की ऊर्जा नीति का झुकाव अब अक्षय ऊर्जा (एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024) की ओर है, इसलिए नए लिग्नाइट संयंत्रों के बजाय मौजूदा संयंत्रों की दक्षता, प्रदूषण-नियंत्रण और लिग्नाइट के वैकल्पिक उपयोग (गैसीकरण, उद्योग-ईंधन) पर चर्चा है। आर्थिक आँकड़े हर वर्ष संशोधित होते हैं — परीक्षा से पहले नवीनतम आर्थिक समीक्षा व करेंट अफेयर्स से अवश्य मिलाएँ।

📌 लिग्नाइट आधारित ऊर्जा — एक नज़र में

  1. संसाधन: ≈6,458 मिलियन टन (GSI 2022)
  2. क्षेत्र: बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालोर, जैसलमेर
  3. प्रमुख खदानें: गिरल, सोनड़ी, जालिपा-कपूरडी (बाड़मेर); बरसिंगसर, पलाना (बीकानेर); कसनऊ-मातासुख (नागौर)
  4. बिजलीघर: JSW भादरेस (1,080 MW), गिरल (RVUNL), बरसिंगसर (NLC)
  5. खनन उपक्रम: RSMML, NLC, BLMCL
  6. प्रकृति: ‘पिट-हेड’ संयंत्र — खदान के पास
  7. चुनौती: निम्न गुणवत्ता, उच्च सल्फ़र, प्रदूषण

1. लिग्नाइट — राजस्थान का ‘भूरा कोयला’

लिग्नाइट निम्न-श्रेणी का कोयला है — इसमें कार्बन कम और नमी अधिक होती है, इसलिए ऊष्मा-मान (calorific value) बिटुमिनस कोयले से कम होता है। राजस्थान में उच्च गुणवत्ता का कोयला नहीं है, पर पश्चिमी राजस्थान के तृतीयक (Cenozoic) अवसादी शैलों में लगभग 70,000 वर्ग किमी क्षेत्र में लिग्नाइट मिलता है — बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालोर, जैसलमेर। यही संसाधन राज्य को आंतरिक तापीय बिजली का आधार देता है, विशेषकर उन वर्षों में जब बाहर से कोयला लाना महँगा था।

क्योंकि लिग्नाइट में नमी अधिक होती है, उसे दूर ढोना अलाभकारी है — इसलिए लिग्नाइट बिजलीघर खदान के पास (पिट-हेड) लगाए जाते हैं। यह लेख लिग्नाइट के भंडार, खदानें, बिजलीघर, आर्थिक भूमिका और भविष्य का विश्लेषण करता है; खनिज भूगोल हेतु राजस्थान की खनिज संपदा और तापीय संयंत्रों हेतु राजस्थान के ताप विद्युत केंद्र देखें।

2. प्रमुख लिग्नाइट खदानें

खदानजिलासंचालक/उपयोग
गिरलबाड़मेरRSMML — गिरल बिजलीघर से संबद्ध
सोनड़ीबाड़मेरRSMML — विद्युत संयंत्र से संबद्ध
जालिपा-कपूरडीबाड़मेरBLMCL (RSMML-JSW संयुक्त उपक्रम) — JSW भादरेस संयंत्र; ≈466 मिलियन टन भंडार
कसनऊ-मातासुखनागौरRSMML — व्यापारिक बिक्री (उद्योगों को)
बरसिंगसरबीकानेरNLC — बरसिंगसर बिजलीघर
पलाना, गुढ़ाबीकानेरपुराने/निजी लिग्नाइट क्षेत्र (परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार)

🎯 लिग्नाइट ऊर्जा — अभ्यास

लिग्नाइट खदानें व बिजलीघर-स्थान CET, पटवारी, RAS व भूगोल प्रश्नों में आते हैं:

सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स

3. लिग्नाइट-आधारित बिजलीघर

बिजलीघरस्थानसंचालकक्षमता/टिप्पणी
JSW बाड़मेर (राजवेस्ट) — भादरेसबाड़मेरJSW Energy (निजी)8 × 135 = 1,080 MW — राज्य का सबसे बड़ा लिग्नाइट संयंत्र
गिरल लिग्नाइट TPSथुंबली, बाड़मेरRVUNL2 × 125 MW; उच्च-सल्फ़र लिग्नाइट से बार-बार बंद
बरसिंगसर TPSबीकानेरNLC इंडिया2 × 125 MW
गुढ़ा (निजी)बीकानेरनिजीछोटा संयंत्र (रिपोर्टों के अनुसार)

4. आर्थिक भूमिका

  • ऊर्जा-आत्मनिर्भरता: राज्य के भीतर ईंधन — बाहरी कोयले की ढुलाई-लागत से बचत।
  • पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास: बाड़मेर-बीकानेर में खनन, परिवहन, सहायक उद्योग व रोजगार।
  • राजस्व: रॉयल्टी, DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन) से स्थानीय विकास।
  • उद्योग-ईंधन: सीमेंट, वस्त्र-प्रसंस्करण इकाइयों को लिग्नाइट की व्यापारिक बिक्री।
  • बेस-लोड: सौर-पवन ग्रिड में स्थिर आपूर्ति का सहारा।

5. समस्याएँ

समस्याप्रभाव
कम ऊष्मा-मान, अधिक नमीप्रति यूनिट अधिक ईंधन, ऊँची लागत
उच्च सल्फ़र (गिरल)बॉयलर-क्षरण, संयंत्र बंदी, SO₂ उत्सर्जन
फ्लाई-ऐशभंडारण-समस्या; सीमेंट-ईंट में उपयोग आवश्यक
कार्बन उत्सर्जनजलवायु-लक्ष्यों से टकराव
भूमि-अधिग्रहण व विस्थापनबाड़मेर क्षेत्र में स्थानीय विरोध
पानी की आवश्यकतामरुस्थलीय क्षेत्र में जल-प्रतिस्पर्धा

6. भविष्य — अक्षय ऊर्जा के युग में लिग्नाइट

सौर ऊर्जा के बहुत सस्ता होने और कार्बन-लक्ष्यों के कारण नए लिग्नाइट बिजलीघरों की संभावना सीमित है। भविष्य के विकल्प: (1) मौजूदा संयंत्रों में प्रदूषण-नियंत्रण (FGD) व दक्षता-सुधार, (2) लिग्नाइट का गैसीकरण (सिंथेटिक गैस, रसायन), (3) उद्योगों को ईंधन-आपूर्ति, (4) खनन-क्षेत्रों का पुनर्वास व सौर पार्क में रूपांतरण। अक्षय ऊर्जा नीति हेतु राजस्थान की अक्षय ऊर्जा नीति एवं Renewable Energy Potential देखें।

7. लिग्नाइट बनाम बिटुमिनस कोयला

आधारलिग्नाइटबिटुमिनस कोयला
कार्बन≈25–35%≈45–86%
नमीअधिककम
ऊष्मा-मानकमअधिक
राजस्थान मेंउपलब्ध (पश्चिमी जिले)नगण्य — बाहर से आयात

संबंधित: राजस्थान में ऊर्जा क्षेत्र: बिजली उत्पादन एवं परियोजनाएँ | राजस्थान का खनिज आधारित उद्योग | राजस्थान में परमाणु ऊर्जा: रावतभाटा परियोजना | राजस्थान के ताप विद्युत केंद्र

📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

प्रश्न का प्रकारउदाहरणहल करने की कुंजी
संसाधन6,458 MTखंड 1
खदानेंबाड़मेर-बीकानेर-नागौरखंड 2
बिजलीघरभादरेस, गिरल, बरसिंगसरखंड 3
समस्याएँसल्फ़र, ऐशखंड 5
भविष्यगैसीकरणखंड 6

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राजस्थान में लिग्नाइट कहाँ मिलता है?

बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालोर और जैसलमेर जिलों के तृतीयक अवसादी शैलों में।

राजस्थान का सबसे बड़ा लिग्नाइट बिजलीघर कौन-सा है?

JSW Energy का बाड़मेर (भादरेस) संयंत्र — 8×135 = 1,080 MW।

गिरल बिजलीघर कहाँ है?

थुंबली, बाड़मेर — RVUNL का 2×125 MW लिग्नाइट संयंत्र।

लिग्नाइट बिजलीघर खदान के पास क्यों लगाए जाते हैं?

लिग्नाइट में नमी अधिक और ऊष्मा-मान कम होता है, इसलिए लंबी दूरी तक ढुलाई अलाभकारी है।

राजस्थान में लिग्नाइट भंडार कितना है?

GSI (1 अप्रैल 2022) के अनुसार लगभग 6,458 मिलियन टन।

📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)

  1. GSI (1 अप्रैल 2022) के अनुसार राजस्थान में लिग्नाइट संसाधन लगभग —

    (A) 645 मिलियन टन (B) 64,580 मिलियन टन (C) 64 मिलियन टन (D) 6,458 मिलियन टन

    ✅ उत्तर: (D) 6,458 मिलियन टन — तमिलनाडु के बाद प्रमुख राज्य।

  2. राजस्थान के लिग्नाइट क्षेत्र नहीं है —

    (A) बांसवाड़ा (B) बाड़मेर (C) बीकानेर (D) नागौर

    ✅ उत्तर: (A) बांसवाड़ा — जालोर, जैसलमेर भी लिग्नाइट क्षेत्र।

  3. लिग्नाइट को ‘भूरा कोयला’ कहने का कारण —

    (A) धातु अयस्क (B) पेट्रोलियम (C) कम कार्बन व अधिक नमी वाला निम्न-श्रेणी कोयला (D) उच्चतम कार्बन

    ✅ उत्तर: (C) कम कार्बन व अधिक नमी वाला निम्न-श्रेणी कोयला — ऊष्मा-मान कम।

  4. JSW का भादरेस (बाड़मेर) लिग्नाइट संयंत्र किन खदानों से ईंधन पाता है?

    (A) कसनऊ-मातासुख (B) जालिपा-कपूरडी (C) पलाना (D) गिरल

    ✅ उत्तर: (B) जालिपा-कपूरडी — BLMCL (RSMML-JSW) के माध्यम से।

  5. बरसिंगसर लिग्नाइट विद्युत परियोजना किसकी है?

    (A) NLC इंडिया (नेवेली) (B) RVUNL (C) NTPC (D) JSW

    ✅ उत्तर: (A) NLC इंडिया (नेवेली) — बीकानेर; 2×125 MW।

  6. गिरल लिग्नाइट विद्युत गृह किस जिले में है?

    (A) बाड़मेर (B) बीकानेर (C) नागौर (D) जैसलमेर

    ✅ उत्तर: (A) बाड़मेर — RVUNL; उच्च-सल्फ़र लिग्नाइट से तकनीकी समस्याएँ।

  7. कसनऊ-मातासुख लिग्नाइट खदान —

    (A) बाड़मेर (B) बीकानेर (C) जालोर (D) नागौर

    ✅ उत्तर: (D) नागौर — RSMML; व्यापारिक बिक्री।

  8. लिग्नाइट-आधारित बिजलीघरों को खदान के पास लगाने का मुख्य कारण —

    (A) कम ऊष्मा-मान व अधिक नमी के कारण लंबी ढुलाई अलाभकारी (B) कोयला सस्ता (C) पानी अधिक (D) शहर पास

    ✅ उत्तर: (A) कम ऊष्मा-मान व अधिक नमी के कारण लंबी ढुलाई अलाभकारी — ‘पिट-हेड’ संयंत्र।

  9. लिग्नाइट खनन करने वाला राजस्थान का सार्वजनिक उपक्रम —

    (A) RSMML (B) RIICO (C) RFC (D) RREC

    ✅ उत्तर: (A) RSMML — राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लि.।

  10. लिग्नाइट ऊर्जा की प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती —

    (A) शून्य उत्सर्जन (B) जल-उत्पादन (C) भूमि-उर्वरता वृद्धि (D) उच्च कार्बन व सल्फ़र उत्सर्जन, फ्लाई-ऐश

    ✅ उत्तर: (D) उच्च कार्बन व सल्फ़र उत्सर्जन, फ्लाई-ऐश — FGD, फ्लाई-ऐश उपयोग।

⚡ One-Liner Revision (Key Facts)

  1. संसाधन — ≈6,458 MT
  2. सबसे बड़ा संयंत्र — JSW भादरेस, 1,080 MW
  3. गिरल — बाड़मेर, RVUNL
  4. बरसिंगसर — बीकानेर, NLC
  5. कसनऊ-मातासुख — नागौर
  6. खनन — RSMML
  7. संयंत्र प्रकार — पिट-हेड

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • लिग्नाइट = निम्न-श्रेणी भूरा कोयला।
  • पश्चिमी राजस्थान का ऊर्जा-संसाधन।
  • पिट-हेड संयंत्र आर्थिक मजबूरी।
  • अक्षय युग में सीमित विस्तार।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • बरसिंगसर NLC का — RVUNL नहीं।
  • कसनऊ-मातासुख नागौर में।
  • भादरेस निजी (JSW) संयंत्र।

🧠 याद रखने की ट्रिक

“बाड़मेर-बीकानेर-नागौर — भूरे कोयले का त्रिकोण”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

लिग्नाइट के प्रश्न भूगोल (खदान-स्थान) और अर्थव्यवस्था (ऊर्जा, समस्याएँ) दोनों में आते हैं। खदान-बिजलीघर-संचालक की तीन-स्तंभ तालिका बनाकर याद करें।

✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स

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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • GSI — Inventory of Coal & Lignite (1 अप्रैल 2022), संसदीय उत्तर।
  • RSMML — लिग्नाइट खदानें (GEM Wiki सारांश)।
  • IBM — राजस्थान खनिज प्रोफ़ाइल।
  • JSW Energy, NLC India — संयंत्र विवरण।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी अर्थव्यवस्था संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान में लिग्नाइट आधारित ऊर्जा

स्रोत-आधार: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26, राजस्थान बजट 2026-27 (बजट भाषण व PRS विश्लेषण), NITI आयोग, PLFS (MoSPI), भारत सरकार/राज्य सरकार के आधिकारिक प्रकाशन व विश्वसनीय समाचार-रिपोर्टें।

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS प्रारंभिक व मुख्य (अर्थव्यवस्था खंड), Rajasthan CET, पटवारी, VDO, LDC, शिक्षक भर्ती एवं अन्य RPSC/RSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: छोटे/निजी लिग्नाइट संयंत्रों की स्थिति रिपोर्टों पर आधारित; संयंत्र-स्थिति वर्ष-दर-वर्ष बदलती है।

अंतिम समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 8 अक्टूबर 2026
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. GSI (1 अप्रैल 2022) के अनुसार राजस्थान में लिग्नाइट संसाधन लगभग —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. राजस्थान के लिग्नाइट क्षेत्र नहीं है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. लिग्नाइट को ‘भूरा कोयला’ कहने का कारण —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. JSW का भादरेस (बाड़मेर) लिग्नाइट संयंत्र किन खदानों से ईंधन पाता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. बरसिंगसर लिग्नाइट विद्युत परियोजना किसकी है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

≈6,458 मिलियन टन (GSI 2022)।

JSW भादरेस, बाड़मेर — 1,080 MW।

NLC इंडिया।

बाड़मेर।

खदान के पास स्थापित बिजलीघर।

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