राज्य के नीति निदेशक तत्व एवं मौलिक कर्तव्य
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स्रोत आधार: राजस्थान प्रतियोगी परीक्षाओं का संबंधित आधिकारिक पाठ्यक्रम। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
राज्य के नीति निदेशक तत्व एवं मौलिक कर्तव्य
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⚡ Quick Answer: राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) संविधान के भाग IV (अनु. 36–51) में हैं, आयरलैंड से प्रेरित हैं और अनु. 37 के अनुसार न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं, पर शासन में मूलभूत हैं। इन्हें समाजवादी (38, 39, 39A, 41–43A, 47), गांधीवादी (40, 43, 43B, 46, 47, 48) व उदार-बौद्धिक (44 — समान नागरिक संहिता, 45, 48A, 49, 50, 51) वर्गों में बाँटा जाता है। मौलिक कर्तव्य भाग IVA (अनु. 51A) में हैं — स्वर्ण सिंह समिति की सिफ़ारिश पर 42वें संशोधन (1976) से 10 जोड़े गए, 86वें संशोधन (2002) से 11वाँ; स्रोत सोवियत संघ। मिनर्वा मिल्स (1980) में मौलिक अधिकार व DPSP का संतुलन मूल ढाँचा माना गया।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): समान नागरिक संहिता (अनु. 44) पर उत्तराखंड ने 2024 में राज्य-स्तरीय कानून बनाया जो 27 जनवरी 2025 से लागू हुआ; अन्य राज्यों में भी चर्चा जारी है। मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता हेतु केंद्र 26 नवंबर (संविधान दिवस) पर अभियान चलाता है। संविधान संशोधन व न्यायिक व्याख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से मिलाएँ।
📌 नीति निदेशक तत्व व मौलिक कर्तव्य — एक नज़र में
- DPSP भाग: IV — अनु. 36 से 51
- DPSP स्रोत: आयरलैंड
- प्रवर्तनीयता: नहीं (अनु. 37)
- वर्गीकरण: समाजवादी, गांधीवादी, उदार-बौद्धिक
- मौलिक कर्तव्य भाग: IVA — अनु. 51A
- FD स्रोत: सोवियत संघ
- FD संख्या: 11 (42वें से 10, 86वें से 1)
- समिति: स्वर्ण सिंह (1976)
1. राज्य के नीति निदेशक तत्व — अर्थ
नीति निदेशक तत्व (DPSP) वे निर्देश हैं जिन्हें सरकार को कानून व नीतियाँ बनाते समय ध्यान रखना होता है। मौलिक अधिकार व्यक्ति को राज्य के विरुद्ध राजनीतिक लोकतंत्र देते हैं, जबकि नीति निदेशक तत्व सामाजिक-आर्थिक लोकतंत्र और कल्याणकारी राज्य का लक्ष्य रखते हैं। अनु. 37 के अनुसार ये न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं, पर “देश के शासन में मूलभूत” हैं और विधि बनाने में इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य है। डॉ. अंबेडकर ने इन्हें संविधान की “अनोखी विशेषता” कहा; ग्रेनविल ऑस्टिन ने मौलिक अधिकार व DPSP को मिलाकर “संविधान की अंतरात्मा” कहा।
2. नीति निदेशक तत्वों का वर्गीकरण
| वर्ग | अनुच्छेद | प्रमुख प्रावधान |
|---|---|---|
| समाजवादी | 38, 39, 39A, 41, 42, 43, 43A, 47 | लोक-कल्याण, संसाधनों का समान वितरण, समान कार्य-समान वेतन, निःशुल्क विधिक सहायता, काम-शिक्षा का अधिकार, प्रसूति सहायता, निर्वाह मज़दूरी, पोषण |
| गांधीवादी | 40, 43, 43B, 46, 47, 48 | ग्राम पंचायत, कुटीर उद्योग, सहकारी समितियाँ, SC/ST-कमजोर वर्गों का उत्थान, मद्य-निषेध, गोवध-निषेध |
| उदार-बौद्धिक | 44, 45, 48, 48A, 49, 50, 51 | समान नागरिक संहिता, बाल्यावस्था देखभाल-शिक्षा, आधुनिक कृषि-पशुपालन, पर्यावरण, स्मारक, न्यायपालिका का पृथक्करण, अंतरराष्ट्रीय शांति |
3. अनुच्छेद-वार सूची (36–51)
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 36 | ‘राज्य’ की परिभाषा (अनु. 12 जैसी) |
| 37 | प्रवर्तनीय नहीं, पर शासन में मूलभूत |
| 38 | लोक-कल्याण हेतु सामाजिक व्यवस्था; 38(2) आय-असमानता घटाना (44वाँ) |
| 39 | आजीविका के साधन, संसाधनों का वितरण, समान वेतन, बच्चों का स्वस्थ विकास (39(f) — 42वाँ) |
| 39A | समान न्याय व निःशुल्क विधिक सहायता (42वाँ) |
| 40 | ग्राम पंचायतों का संगठन |
| 41 | काम, शिक्षा व सार्वजनिक सहायता का अधिकार |
| 42 | काम की न्यायसंगत दशाएँ व प्रसूति सहायता |
| 43 | निर्वाह मज़दूरी; कुटीर उद्योग |
| 43A | उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (42वाँ) |
| 43B | सहकारी समितियों का संवर्धन (97वाँ, 2011) |
| 44 | समान नागरिक संहिता |
| 45 | 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल व शिक्षा (86वें संशोधन से परिवर्तित) |
| 46 | SC, ST व कमजोर वर्गों के शैक्षिक-आर्थिक हित |
| 47 | पोषण, जीवन-स्तर, लोक स्वास्थ्य; मद्य-निषेध |
| 48 | कृषि व पशुपालन का संगठन; गोवध-निषेध |
| 48A | पर्यावरण, वन व वन्यजीव संरक्षण (42वाँ) |
| 49 | राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का संरक्षण |
| 50 | कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण |
| 51 | अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा |
🎯 DPSP व मौलिक कर्तव्य — अभ्यास
अनुच्छेद-संख्या, संशोधन व वर्गीकरण REET, RAS, CET व द्वितीय श्रेणी में बार-बार पूछे जाते हैं:
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4. मौलिक अधिकार बनाम नीति निदेशक तत्व
| आधार | मौलिक अधिकार | नीति निदेशक तत्व |
|---|---|---|
| भाग | III (12–35) | IV (36–51) |
| स्रोत | अमेरिका | आयरलैंड |
| प्रवर्तनीयता | हाँ (अनु. 32, 226) | नहीं (अनु. 37) |
| प्रकृति | नकारात्मक — राज्य पर रोक | सकारात्मक — राज्य को निर्देश |
| लोकतंत्र | राजनीतिक | सामाजिक-आर्थिक |
| लक्ष्य | व्यक्ति का कल्याण | समुदाय का कल्याण |
| निलंबन | आपात में (20–21 छोड़कर) | प्रश्न नहीं — प्रवर्तनीय ही नहीं |
5. टकराव और न्यायिक दृष्टि
| मामला/संशोधन | वर्ष | परिणाम |
|---|---|---|
| चंपकम दोरैराजन | 1951 | टकराव में मौलिक अधिकार श्रेष्ठ |
| गोलकनाथ | 1967 | संसद DPSP के लिए मौलिक अधिकार नहीं घटा सकती |
| 25वाँ संशोधन (अनु. 31C) | 1971 | 39(b), 39(c) हेतु कानून — अनु. 14, 19 से बचाव |
| केशवानंद भारती | 1973 | 31C का पहला भाग वैध, न्यायिक पुनरावलोकन बहाल |
| 42वाँ संशोधन | 1976 | सभी DPSP को मौलिक अधिकारों पर श्रेष्ठता देने का प्रयास |
| मिनर्वा मिल्स | 1980 | 42वें का विस्तार अवैध; दोनों में संतुलन ही मूल ढाँचा |
6. मौलिक कर्तव्य (भाग IVA, अनु. 51A)
मूल संविधान में मौलिक कर्तव्य नहीं थे। आपातकाल के दौरान स्वर्ण सिंह समिति ने 8 कर्तव्यों की सिफ़ारिश की; 42वें संशोधन (1976) ने 10 कर्तव्य जोड़े। 86वें संशोधन (2002) ने 11वाँ कर्तव्य जोड़ा। ये सोवियत संघ के संविधान से प्रेरित हैं, केवल नागरिकों पर लागू हैं और न्यायालय में सीधे प्रवर्तनीय नहीं, पर संसद इन्हें लागू करने हेतु कानून बना सकती है। वर्मा समिति (1999) ने कर्तव्यों के क्रियान्वयन हेतु मौजूदा कानूनों की पहचान की।
- (a) संविधान का पालन; उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रगान का आदर।
- (b) स्वतंत्रता संग्राम के उच्च आदर्शों को हृदय में संजोना व पालन करना।
- (c) भारत की संप्रभुता, एकता व अखंडता की रक्षा।
- (d) देश की रक्षा व आह्वान पर राष्ट्र-सेवा।
- (e) समरसता व समान भ्रातृत्व; स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग।
- (f) सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का सम्मान व परिरक्षण।
- (g) प्राकृतिक पर्यावरण — वन, झील, नदी, वन्यजीव — की रक्षा व प्राणियों के प्रति दया।
- (h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद, ज्ञानार्जन व सुधार की भावना का विकास।
- (i) सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा व हिंसा से दूर रहना।
- (j) व्यक्तिगत व सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ना।
- (k) माता-पिता/संरक्षक द्वारा 6–14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना (86वाँ संशोधन, 2002)।
7. मौलिक कर्तव्यों का महत्व व आलोचना
| महत्व | आलोचना |
|---|---|
| नागरिकों को अधिकारों के साथ दायित्वों की याद | प्रवर्तनीय नहीं — ‘नैतिक उपदेश’ |
| न्यायालय कानून की वैधता जाँचते समय विचार करते हैं | कई कर्तव्य अस्पष्ट (जैसे ‘सामासिक संस्कृति’) |
| राष्ट्र-विरोधी व समाज-विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध चेतावनी | मतदान, कर-भुगतान जैसे कर्तव्य शामिल नहीं |
संबंधित: मौलिक अधिकार: अनुच्छेद 12 से 35 | भारतीय संविधान की प्रस्तावना | भारतीय संविधान का निर्माण: संविधान सभा, समितियाँ एवं तिथियाँ | राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| वर्गीकरण | 3 वर्ग | खंड 2 |
| अनुच्छेद | 36–51 | खंड 3 |
| तुलना | FR बनाम DPSP | खंड 4 |
| निर्णय | चंपकम, मिनर्वा | खंड 5 |
| कर्तव्य | 11, 51A | खंड 6 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
नीति निदेशक तत्व किस भाग में हैं?
भाग IV — अनुच्छेद 36 से 51; स्रोत आयरलैंड का संविधान।
मौलिक कर्तव्य कितने हैं?
11 — 42वें संशोधन (1976) से 10 और 86वें संशोधन (2002) से 1।
मौलिक कर्तव्य किस समिति की सिफ़ारिश पर जोड़े गए?
सरदार स्वर्ण सिंह समिति (1976) — इसने 8 कर्तव्य सुझाए थे।
समान नागरिक संहिता किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 44 — नीति निदेशक तत्व।
मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्व में क्या अंतर है?
मौलिक अधिकार न्यायालय में प्रवर्तनीय व राज्य पर रोक लगाते हैं; DPSP प्रवर्तनीय नहीं और राज्य को सकारात्मक निर्देश देते हैं।
📝 अभ्यास MCQ (12 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
राज्य के नीति निदेशक तत्व संविधान के किस भाग में हैं?
(A) भाग IVA (B) भाग V (C) भाग IV (अनु. 36–51) (D) भाग III
✅ उत्तर: (C) भाग IV (अनु. 36–51) — भाग IVA — मौलिक कर्तव्य।
नीति निदेशक तत्वों का स्रोत —
(A) कनाडा (B) आयरलैंड का संविधान (C) अमेरिका (D) सोवियत संघ
✅ उत्तर: (B) आयरलैंड का संविधान — आयरलैंड ने स्पेन से लिया था।
नीति निदेशक तत्व न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं — यह किस अनुच्छेद में?
(A) अनु. 37 (B) अनु. 36 (C) अनु. 38 (D) अनु. 51
✅ उत्तर: (A) अनु. 37 — पर शासन में मूलभूत।
समान नागरिक संहिता का प्रावधान —
(A) अनु. 40 (B) अनु. 44 (C) अनु. 45 (D) अनु. 48
✅ उत्तर: (B) अनु. 44 — उत्तराखंड ने 2024 में UCC कानून बनाया।
ग्राम पंचायतों का संगठन —
(A) अनु. 50 (B) अनु. 40 (C) अनु. 43 (D) अनु. 46
✅ उत्तर: (B) अनु. 40 — गांधीवादी तत्व; 73वाँ संशोधन।
पर्यावरण, वन व वन्यजीव संरक्षण (अनु. 48A) किस संशोधन से जोड़ा गया?
(A) 44वाँ (B) 86वाँ (C) 97वाँ (D) 42वाँ (1976)
✅ उत्तर: (D) 42वाँ (1976) — 39A, 43A भी 42वें से।
मौलिक कर्तव्य किस समिति की सिफ़ारिश पर जोड़े गए?
(A) सरकारिया आयोग (B) वर्मा समिति (C) बलवंत राय मेहता समिति (D) स्वर्ण सिंह समिति
✅ उत्तर: (D) स्वर्ण सिंह समिति — 42वाँ संशोधन 1976।
वर्तमान में मौलिक कर्तव्यों की संख्या —
(A) 12 (B) 8 (C) 11 (D) 10
✅ उत्तर: (C) 11 — 11वाँ — 86वाँ संशोधन 2002।
11वाँ मौलिक कर्तव्य किससे संबंधित है?
(A) पर्यावरण (B) राष्ट्रगान का आदर (C) वैज्ञानिक दृष्टिकोण (D) 6–14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना (माता-पिता/संरक्षक)
✅ उत्तर: (D) 6–14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना (माता-पिता/संरक्षक) — अनु. 51A(k)।
मौलिक कर्तव्यों का स्रोत —
(A) ब्रिटेन (B) सोवियत संघ (USSR) (C) आयरलैंड (D) जापान
✅ उत्तर: (B) सोवियत संघ (USSR) — भाग IVA, अनु. 51A।
मौलिक अधिकार व नीति निदेशक तत्वों में संतुलन को ‘मूल ढाँचा’ माना —
(A) गोलकनाथ (1967) (B) बेरुबारी (1960) (C) मिनर्वा मिल्स (1980) (D) चंपकम दोरैराजन (1951)
✅ उत्तर: (C) मिनर्वा मिल्स (1980) — चंपकम — मौलिक अधिकार श्रेष्ठ।
सहकारी समितियों का संवर्धन (अनु. 43B) किस संशोधन से?
(A) 42वाँ (B) 86वाँ (C) 73वाँ (D) 97वाँ (2011)
✅ उत्तर: (D) 97वाँ (2011) — भाग IXB भी।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- DPSP — भाग IV, अनु. 36–51
- स्रोत — आयरलैंड
- अप्रवर्तनीयता — अनु. 37
- UCC — अनु. 44
- ग्राम पंचायत — अनु. 40
- पर्यावरण — 48A (42वाँ)
- मौलिक कर्तव्य — 51A, 11
- समिति — स्वर्ण सिंह
- 11वाँ कर्तव्य — 86वाँ (2002)
✅ परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु (Key Points)
- DPSP — कल्याणकारी राज्य का खाका।
- 42वें संशोधन ने 39A, 43A, 48A जोड़े; 97वें ने 43B।
- मिनर्वा मिल्स — संतुलन ही मूल ढाँचा।
- मौलिक कर्तव्य केवल नागरिकों पर।
- कर्तव्य प्रवर्तनीय नहीं, पर कानून से लागू कराए जा सकते हैं।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- अनु. 45 अब 6 वर्ष तक की देखभाल — 14 वर्ष की शिक्षा 21A में।
- 43B 97वें संशोधन से — 42वें से नहीं।
- स्वर्ण सिंह ने 8 सुझाए, जोड़े 10।
- 51A(k) माता-पिता का कर्तव्य — बच्चे का नहीं।
🧠 याद रखने की ट्रिक (Memory Tricks)
- DPSP — “36 से 51, आयरलैंड का निर्देश”।
- गांधीवादी — “40-43-46-47-48”: “पंचायत (40), कुटीर (43), कमजोर वर्ग (46), मद्य-निषेध (47), गाय (48)”।
- 42वें से जुड़े DPSP — “39A-43A-48A” (तीनों ‘A’ वाले, 43B छोड़कर)। 43B → 97वाँ।
- 44 = UCC: “चौवालीस — सबके लिए एक कानून”।
- मौलिक कर्तव्य — “42 ने 10, 86 ने 1 = 11; स्वर्ण सिंह ने 8 सुझाए”।
- स्रोत जोड़ी — “अधिकार अमेरिका, निर्देश आयरलैंड, कर्तव्य रूस”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
DPSP में अनुच्छेद 38 से 51 तक का एक-एक शब्द याद करें (‘38-कल्याण, 39-संसाधन, 40-पंचायत, 41-काम, 42-प्रसूति, 43-मज़दूरी, 44-UCC…’) — यही सूची REET और RAS दोनों में अंक दिलाती है। मौलिक कर्तव्यों की 11 पंक्तियाँ अक्षर (a) से (k) के क्रम में लिखकर याद करें।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
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- भारत का संविधान — भाग IV व IVA (विधि एवं न्याय मंत्रालय)।
- 42वाँ (1976), 44वाँ (1978), 86वाँ (2002), 97वाँ (2011) संविधान संशोधन।
- चंपकम दोरैराजन (1951), मिनर्वा मिल्स (1980) निर्णय।
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम 2024 — समाचार-रिपोर्टें।

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सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
आयरलैंड का संविधान।
11।
अनुच्छेद 44।
42वाँ संशोधन 1976।
6–14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर — 86वाँ संशोधन।
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