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UNESCO विश्व धरोहर: दुर्ग एवं सांस्कृतिक विरासत

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
3 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 3 अक्टूबर 2026
9 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

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UNESCO विश्व धरोहर: दुर्ग एवं सांस्कृतिक विरासत

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: राजस्थान में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में 4 प्रविष्टियाँ हैं — (1) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर (1985, प्राकृतिक), (2) जंतर-मंतर, जयपुर (2010, सांस्कृतिक), (3) राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग — Hill Forts of Rajasthan (2013): चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर, और (4) जयपुर परकोटा शहर — Jaipur City (2019)। पहाड़ी दुर्गों के 6 दुर्ग अलग-अलग गिने जाएँ तो कुल स्थल 9 होते हैं — इसलिए कुछ स्रोत ‘9 धरोहर स्थल’ लिखते हैं। इसके अतिरिक्त कालबेलिया नृत्य (2010) UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में है और जयपुर (2015) UNESCO क्रिएटिव सिटी (Crafts & Folk Art) है।

1. UNESCO विश्व धरोहर — क्या और क्यों?

UNESCO (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) की विश्व धरोहर अभिसमय, 1972 के अंतर्गत ऐसे स्थलों को सूचीबद्ध किया जाता है जिनका उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य (Outstanding Universal Value — OUV) हो। स्थल सांस्कृतिक, प्राकृतिक या मिश्रित हो सकते हैं। चयन विश्व धरोहर समिति करती है, और नामांकन से पहले स्थल को संबंधित देश की अस्थायी सूची (Tentative List) में होना चाहिए। “राजस्थान में कितने UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं” — यह प्रश्न RAS, पटवारी, पुलिस, CET सभी में पूछा गया है; उत्तर में 4 प्रविष्टियाँ / 9 स्थल का अंतर समझना ज़रूरी है।

क्र.धरोहरवर्षप्रकारजिला
1केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान1985प्राकृतिकभरतपुर
2जंतर-मंतर2010सांस्कृतिकजयपुर
3राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग (6 दुर्ग)2013सांस्कृतिक (क्रमिक/serial)चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, झालावाड़, जयपुर, जैसलमेर
4जयपुर परकोटा शहर2019सांस्कृतिकजयपुर

नवीनतम घटनाएँ: करेंट अफेयर्स | दुर्गों के प्रकार: दुर्गों के प्रकार

2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (1985) — राजस्थान की पहली विश्व धरोहर

  • स्थान: भरतपुर; मूलतः भरतपुर रियासत का शिकारगाह।
  • नाम: परिसर स्थित केवलादेव (शिव) मंदिर के नाम पर।
  • स्थिति: राष्ट्रीय उद्यान — 1981; रामसर स्थल — 1981; UNESCO विश्व धरोहर — 1985 (प्राकृतिक)।
  • महत्त्व: प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन आश्रय; ऐतिहासिक रूप से साइबेरियन सारस हेतु प्रसिद्ध; ‘पक्षियों का स्वर्ग’।
  • जल-स्रोत: अजान बाँध व गंभीरी-बाणगंगा नदियाँ; जल-संकट के कारण यह रामसर की मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (संकटग्रस्त आर्द्रभूमि सूची) में रहा।
  • विशेष: राजस्थान की एकमात्र प्राकृतिक विश्व धरोहर।

3. जंतर-मंतर, जयपुर (2010)

  • निर्माता: सवाई जयसिंह द्वितीय — खगोल-विज्ञान के विद्वान शासक।
  • निर्माण-काल: लगभग 1728–1734 (परीक्षा-पुस्तकों में 1724–1734 भी)।
  • पाँच वेधशालाएँ: सवाई जयसिंह ने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में वेधशालाएँ बनवाईं — जयपुर की सबसे बड़ी व सुरक्षित।
  • यंत्र: लगभग 19 प्रमुख यंत्र; सम्राट यंत्र — विश्व की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य-घड़ी (sundial)।
  • अन्य यंत्र: जयप्रकाश यंत्र, राम यंत्र, नाड़ीवलय यंत्र, राशिवलय यंत्र, दिगंश यंत्र।
  • UNESCO: 2010 — ‘The Jantar Mantar, Jaipur’।

🎯 UNESCO धरोहर और करेंट GK: मॉक टेस्ट दें

‘राजस्थान का पहला UNESCO स्थल’, ‘हिल फोर्ट्स में कौन-सा दुर्ग शामिल नहीं’, ‘जयपुर को कब विश्व धरोहर’ — RAS, पटवारी, CET, पुलिस व LDC में पूछे जाते हैं। अभ्यास करें:

सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़ एक जगह: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स

4. राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग (2013) — Hill Forts of Rajasthan

2013 में कंबोडिया (नोम पेन्ह) में हुए विश्व धरोहर समिति के 37वें सत्र में छह दुर्गों को एक क्रमिक (serial) सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सूचीबद्ध किया गया। ये दुर्ग 8वीं से 18वीं सदी तक के राजपूत सैन्य-स्थापत्य और प्राकृतिक सुरक्षा (पहाड़ी, नदी, वन, मरुस्थल) के उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

दुर्गजिलाप्रकार/विशेषता
चित्तौड़गढ़चित्तौड़गढ़गिरि दुर्ग; विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ; तीन साके
कुंभलगढ़राजसमंदमहाराणा कुंभा; शिल्पी मंडन; विशाल प्राचीर; महाराणा प्रताप की जन्मस्थली
रणथंभौरसवाई माधोपुरवन + गिरि दुर्ग; हम्मीर देव; टाइगर रिज़र्व के भीतर
गागरोनझालावाड़जल दुर्ग — आहू-कालीसिंध संगम
आमेरजयपुरकछवाहा; आमेर महल, शीश महल
जैसलमेर (सोनार किला)जैसलमेरधान्वन (मरु) दुर्ग; ‘जीवित दुर्ग’ — आज भी आबादी

महत्त्वपूर्ण: मेहरानगढ़, जूनागढ़, तारागढ़, नाहरगढ़, जयगढ़, लोहागढ़ इस सूची में शामिल नहीं हैं — परीक्षा का प्रिय जाल।

प्रमुख किले: राजस्थान के प्रमुख किले | भूगोल-दृष्टि: राजस्थान के प्रमुख दुर्ग (विस्तृत)

5. जयपुर परकोटा शहर (2019)

  • स्थापना: 1727 — सवाई जयसिंह द्वितीय; वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य।
  • नगर-नियोजन: वैदिक वास्तुशास्त्र + ग्रिड-योजना; चौड़ी सड़कें, चौपड़ें, बाज़ार; नौ खंडों (नवग्रह/मंडल अवधारणा) की परंपरा।
  • पहचान: गुलाबी रंग — 1876 में प्रिंस ऑफ़ वेल्स के स्वागत में (‘पिंक सिटी’)।
  • UNESCO: 2019 — बाकू (अज़रबैजान) में 43वें सत्र में; ‘Jaipur City, Rajasthan’।
  • शिल्प-परंपरा: रास्तों और बाज़ारों का व्यवसाय-आधारित नामकरण (मनिहारों का रास्ता, जौहरी बाज़ार) — जीवित विरासत। देखें — लाख कला एवं लाख की चूड़ियाँ।

6. अमूर्त विरासत और क्रिएटिव सिटी

सूचीराजस्थान से प्रविष्टिवर्ष
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH)कालबेलिया लोकगीत व नृत्य2010
UNESCO क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्कजयपुर — शिल्प एवं लोक-कला (Crafts & Folk Art)2015

ध्यान दें: क्रिएटिव सिटी और अमूर्त विरासत, विश्व धरोहर स्थल नहीं हैं — ये अलग UNESCO कार्यक्रम हैं। प्रश्न में शब्दावली ध्यान से पढ़ें।

जयपुर के शिल्प: हस्तशिल्प — शिल्प–स्थान–समुदाय–GI तुलना

7. कालक्रम — एक नज़र में

वर्षघटना
1972UNESCO विश्व धरोहर अभिसमय
1981केवलादेव — राष्ट्रीय उद्यान व रामसर स्थल
1985केवलादेव — UNESCO प्राकृतिक धरोहर
2010जंतर-मंतर — विश्व धरोहर; कालबेलिया — अमूर्त विरासत
2013राजस्थान के 6 पहाड़ी दुर्ग
2015जयपुर — क्रिएटिव सिटी (शिल्प एवं लोक-कला)
2019जयपुर परकोटा शहर — विश्व धरोहर

✍️ RAS Mains मॉडल उत्तर — राजस्थान के UNESCO धरोहर स्थल (100 शब्द)

राजस्थान की चार प्रविष्टियाँ UNESCO विश्व धरोहर सूची में हैं। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर (1985) राज्य की एकमात्र प्राकृतिक धरोहर है, जो प्रवासी पक्षियों का आश्रय है। सवाई जयसिंह द्वितीय निर्मित जंतर-मंतर, जयपुर (2010) खगोलीय यंत्रों का अद्वितीय संग्रह है। 2013 में चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर को ‘राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग’ के रूप में राजपूत सैन्य-स्थापत्य हेतु सूचीबद्ध किया गया। 2019 में नियोजित नगर ‘जयपुर परकोटा शहर’ शामिल हुआ। साथ ही कालबेलिया नृत्य (2010) अमूर्त विरासत में है।

📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — यह विषय परीक्षा में कैसे पूछा जाता है?

प्रश्न का प्रकारउदाहरणहल करने की कुंजी
संख्याराजस्थान में कितने UNESCO स्थल?4 प्रविष्टियाँ (6 दुर्ग अलग गिनें तो 9)
प्रथमराजस्थान की पहली विश्व धरोहर?केवलादेव (1985)
सूचीहिल फोर्ट्स में शामिल नहीं?मेहरानगढ़, जूनागढ़, तारागढ़ आदि
वर्षजयपुर शहर विश्व धरोहर कब?2019
भ्रमकालबेलिया किस सूची में?अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (2010)

🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)

राजस्थान में कितने UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं?

राजस्थान की 4 प्रविष्टियाँ UNESCO विश्व धरोहर सूची में हैं — केवलादेव, जंतर-मंतर, पहाड़ी दुर्ग (6 दुर्ग) और जयपुर शहर; 6 दुर्गों को अलग गिनने पर कुल 9 स्थल होते हैं।

राजस्थान के कौन-से दुर्ग UNESCO विश्व धरोहर हैं?

चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर दुर्ग 2013 में ‘राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग’ के रूप में UNESCO विश्व धरोहर बने।

जंतर-मंतर को विश्व धरोहर कब घोषित किया गया?

जयपुर के जंतर-मंतर को 2010 में UNESCO विश्व धरोहर घोषित किया गया।

जयपुर को UNESCO विश्व धरोहर कब मिली?

जयपुर परकोटा शहर को 2019 में UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया।

राजस्थान की एकमात्र प्राकृतिक विश्व धरोहर कौन-सी है?

भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (1985) राजस्थान की एकमात्र प्राकृतिक विश्व धरोहर है।

📝 One-Liner Revision (12 प्रश्न)

  1. पहली विश्व धरोहर — केवलादेव (1985)
  2. एकमात्र प्राकृतिक — केवलादेव
  3. जंतर-मंतर — 2010
  4. जंतर-मंतर निर्माता — सवाई जयसिंह द्वितीय
  5. सबसे बड़ी पत्थर सूर्य-घड़ी — सम्राट यंत्र
  6. हिल फोर्ट्स — 2013 (6 दुर्ग)
  7. जल दुर्ग जो UNESCO में — गागरोन
  8. मरु दुर्ग जो UNESCO में — जैसलमेर
  9. जयपुर शहर — 2019
  10. जयपुर के वास्तुकार — विद्याधर भट्टाचार्य
  11. कालबेलिया — अमूर्त विरासत 2010
  12. जयपुर क्रिएटिव सिटी — 2015

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • 4 प्रविष्टियाँ: 1985, 2010, 2013, 2019।
  • 6 पहाड़ी दुर्ग: चित्तौड़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर।
  • अमूर्त विरासत (कालबेलिया) व क्रिएटिव सिटी (जयपुर) अलग सूचियाँ।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • मेहरानगढ़ UNESCO सूची में नहीं — सबसे आम गलती।
  • केवलादेव सांस्कृतिक नहीं, प्राकृतिक धरोहर है।
  • ‘4 या 9’ — प्रश्न ‘प्रविष्टियाँ’ पूछ रहा है या ‘स्थल’, ध्यान दें।

🧠 मेमोरी ट्रिक

6 दुर्ग — “चि-कुं-र-गा-आ-जै” (चित्तौड़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर); वर्ष — “85-10-13-19”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

UNESCO प्रश्न करेंट अफेयर्स से भी जुड़ते हैं — नए नामांकन या अस्थायी सूची की खबरों पर नज़र रखें। परीक्षा में ‘कौन-सा दुर्ग शामिल नहीं’ प्रश्न सबसे अधिक आता है; ‘चि-कुं-र-गा-आ-जै’ ट्रिक से तुरंत हल करें।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

राजस्थान की UNESCO विश्व धरोहर व राजस्थान की अन्य लोक-कलाओं पर अपनी तैयारी जाँचने के लिए नीचे दिए अभ्यास सेट हल करें:

पूरी कला एवं संस्कृति इकाई के नोट्स: राजस्थान कला एवं संस्कृति — सभी नोट्स | परीक्षा में आने वाले नए सांस्कृतिक तथ्य (पुरस्कार, महोत्सव, GI टैग): करेंट अफेयर्स

📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • UNESCO World Heritage Centre — Keoladeo National Park (1985), The Jantar Mantar, Jaipur (2010), Hill Forts of Rajasthan (2013), Jaipur City, Rajasthan (2019)।
  • UNESCO Intangible Cultural Heritage — Kalbelia folk songs and dances of Rajasthan (2010)।
  • UNESCO Creative Cities Network — Jaipur (Crafts & Folk Art, 2015)।
  • राजस्थान आर्थिक समीक्षा — पर्यटन अध्याय।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: UNESCO विश्व धरोहर: दुर्ग एवं सांस्कृतिक विरासत

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस, LDC एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: सूची अक्टूबर 2026 तक की जानकारी के अनुसार है; नई प्रविष्टियों हेतु UNESCO World Heritage Centre की आधिकारिक सूची देखें। जंतर-मंतर का निर्माण-काल स्रोत अनुसार थोड़ा भिन्न मिलता है।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 3 अक्टूबर 2026
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. निम्न में से कौन-सा दुर्ग ‘Hill Forts of Rajasthan’ में शामिल नहीं है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. जयपुर परकोटा शहर को UNESCO विश्व धरोहर कब घोषित किया गया?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. राजस्थान की एकमात्र प्राकृतिक विश्व धरोहर है —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. जंतर-मंतर, जयपुर को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. ‘सम्राट यंत्र’ कहाँ स्थित है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर (1985)।

2013 में।

नहीं।

विद्याधर भट्टाचार्य।

अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (2010)।

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