आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: राजस्थान पर्यावरण एवं न्यायपालिका — जोजरी-बांडी-लूणी नदी तंत्र में प्रदूषण व अवैध खनन पर सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी टिप्पणी और CBI जांच की चेतावनी (प्रदूषक भुगतान सिद्धांत, अनुच्छेद 21, 48A व 51A(g)); राजस्थान डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं रचनात्मक उद्योग — "विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस" (27 अक्टूबर) के अवसर पर राजस्थान AVGC-XR नीति 2024 (31 मार्च 2029 तक प्रभावी) व राष्ट्रीय AVGC पहल; रक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत — रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा लगभग ₹2.12 लाख करोड़ के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (AoN), लगभग 82% स्वदेशी उद्योग से; कृषि एवं डिजिटल शासन — एग्रीस्टैक (AgriStack) के अंतर्गत 11 करोड़ किसान पहचान पत्र (Farmer ID) का लक्ष्य मार्च 2027 की समय-सीमा से 5 माह पहले पूर्ण; तथा आपदा प्रबंधन एवं भूगोल — बंगाल की खाड़ी में चक्रवात "अर्नब" (Cyclone Arnab), उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नामकरण की प्रणाली व IMD वर्गीकरण का परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।
राजस्थान पर्यावरण एवं न्यायपालिका: जोजरी-बांडी-लूणी नदी तंत्र में प्रदूषण व अवैध खनन पर सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी फटकार — CBI जांच की चेतावनी, प्रदूषक भुगतान सिद्धांत व पश्चिमी राजस्थान की लूणी अपवाह प्रणाली
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को जोजरी नदी प्रदूषण से जुड़े स्वतः संज्ञान (Suo Motu) मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि "यदि हम इसकी जांच शुरू करते हैं तो इसके लिए CBI जांच की आवश्यकता पड़ सकती है" तथा "पूरा नदी तंत्र राज्य प्राधिकारियों की आंखों के सामने नष्ट हो गया है।" न्यायालय ने जोजरी-बांडी-लूणी नदी पारिस्थितिकी तंत्र के किनारे कथित अवैध खनन, खनन पट्टों के नियमितीकरण तथा बिना अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) चल रहे उद्योगों का मुद्दा उठाया और राज्य से नदी तंत्र के पुनरुद्धार का प्रस्ताव मांगा। अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी (PTI रिपोर्ट, 27 अक्टूबर 2026)।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई (26 अक्टूबर 2026) के मुख्य बिंदु:
• **पीठ**: न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता — जोजरी नदी प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) मामला।
• **CBI जांच की चेतावनी**: न्यायालय ने कहा कि अवैध खनन और प्रदूषण की जांच के लिए CBI जांच की आवश्यकता पड़ सकती है; प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई न होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई संभव।
• **उठाए गए मुद्दे**: नदी किनारे अवैध खनन, खनन पट्टों का नियमितीकरण तथा सांगानेर सहित कई स्थानों पर बिना NOC चल रहे उद्योग।
• न्यायालय की टिप्पणी: "20 लाख लोगों को नरक में जीने के लिए मजबूर करने की तुलना कुछ लोगों की आर्थिक व्यवहार्यता से नहीं की जा सकती।"
• **अगली सुनवाई**: 27 नवंबर।
✓पूर्ववर्ती आदेश एवं संस्थागत ढांचा:
• **नवंबर 2025**: सर्वोच्च न्यायालय ने मूल समस्याओं की पहचान, सुधारात्मक उपायों की निगरानी और दीर्घकालिक समाधान सुझाने हेतु एक उच्च-स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र निगरानी समिति (Ecosystem Oversight Committee) गठित की।
• **अगस्त 2026**: राज्य को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में "एकीकृत समन्वय समूह" (Integrated Coordination Group — ICG) गठित करने का निर्देश; ICG निगरानी समिति से परामर्श कर समयबद्ध क्रियान्वयन ढांचा बनाएगा।
• **प्रदूषक भुगतान सिद्धांत (Polluter Pays Principle)**: न्यायमूर्ति मेहता ने कहा कि यह सिद्धांत उद्योगों के साथ-साथ राज्य पर भी लागू होता है; शून्य द्रव निर्वहन (Zero Liquid Discharge — ZLD) तकनीक वाले साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्र (CETP) हेतु ठोस वित्तीय प्रस्ताव मांगा गया।
• यह सिद्धांत सर्वोच्च न्यायालय ने इंडियन काउंसिल फॉर एनवायरो-लीगल एक्शन बनाम भारत संघ (1996) तथा वेल्लोर सिटिज़न्स वेलफेयर फोरम बनाम भारत संघ (1996) मामलों में स्थापित किया।
✓लूणी अपवाह तंत्र — राजस्थान भूगोल (स्थैतिक तथ्य):
• **लूणी नदी**: अजमेर के निकट अरावली की नाग पहाड़ियों से उद्गम; पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी, जो अंततः गुजरात के कच्छ के रण में विलीन होती है। प्राचीन नाम "लवणवती" / "सागरमती"; बालोतरा के बाद इसका जल खारा हो जाता है।
• **जोजरी नदी**: जोधपुर से होकर बहती है; लूणी की एकमात्र प्रमुख दाहिनी ओर (Right Bank) की सहायक नदी।
• **बांडी नदी**: पाली से होकर बहती है; लूणी की बाईं ओर की सहायक नदी।
• **संगम**: बांडी और जोजरी, बालोतरा शहर के निकट लूणी में मिलती हैं।
• प्रदूषण का स्रोत: जोधपुर, पाली व बालोतरा क्षेत्र की कपड़ा रंगाई-छपाई (Textile Dyeing & Printing) व औद्योगिक इकाइयों का अपशिष्ट जल।
✓संवैधानिक प्रावधान — पर्यावरण संरक्षण:
• **अनुच्छेद 21**: न्यायिक व्याख्या द्वारा "स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार" जीवन के अधिकार का अंग।
• **अनुच्छेद 48A** (राज्य के नीति निदेशक तत्व): पर्यावरण, वन व वन्यजीवों का संरक्षण — 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया।
• **अनुच्छेद 51A(g)** (मौलिक कर्तव्य): प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा व सुधार — 42वें संशोधन (1976) द्वारा।
• संबंधित कानून: जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र (Quick Revision Hook):
• "जो-बा-लू": **जो**जरी (जोधपुर, दाहिनी) + **बा**ंडी (पाली, बाईं) → **लू**णी (बालोतरा के निकट संगम) → कच्छ का रण।
• क्रम याद रखें: नवंबर 2025 निगरानी समिति → अगस्त 2026 ICG (मुख्य सचिव) → 26 अक्टूबर 2026 CBI जांच की चेतावनी → 27 नवंबर अगली सुनवाई।
राजस्थान डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं रचनात्मक उद्योग: "विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस" (27 अक्टूबर) — राजस्थान AVGC-XR नीति 2024, एनीमेशन-VFX-गेमिंग-एक्सटेंडेड रियलिटी को प्रोत्साहन व राष्ट्रीय AVGC पहल
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
प्रतिवर्ष 27 अक्टूबर को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा "विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस" (World Day for Audiovisual Heritage) मनाया जाता है, जो फिल्म, ध्वनि व वीडियो अभिलेखों के संरक्षण के प्रति जागरूकता का दिवस है। इसी संदर्भ में दृश्य-श्रव्य व डिजिटल रचनात्मक उद्योग — AVGC-XR (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics एवं Extended Reality) — चर्चा में है। 27 अक्टूबर 2026 के दृष्टि IAS समाचार विश्लेषण में भारत के AVGC-XR पारिस्थितिकी तंत्र व राज्यों की नीतियों की समीक्षा की गई, जिसमें राजस्थान AVGC-XR नीति 2024 के अंतर्गत पात्र एनीमेशन, VFX, AR व VR परियोजनाओं हेतु ₹50 लाख तक तथा पात्र गेम विकास हेतु ₹1 करोड़ तक के उत्पादन प्रोत्साहन का उल्लेख है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस (27 अक्टूबर) — पृष्ठभूमि:
• यूनेस्को की महासभा ने 2005 में इस दिवस को मान्यता दी।
• यह 27 अक्टूबर 1980 को यूनेस्को द्वारा अपनाई गई "चलचित्रों के संरक्षण एवं परिरक्षण संबंधी अनुशंसा" (Recommendation for the Safeguarding and Preservation of Moving Images) की स्मृति में मनाया जाता है।
• उद्देश्य: फिल्मों, रेडियो-टेलीविजन प्रसारणों व ध्वनि अभिलेखों जैसी दृश्य-श्रव्य धरोहर के डिजिटलीकरण और संरक्षण के प्रति जागरूकता।
• भारत में संबंधित संस्था: राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI, पुणे — अब NFDC में विलय) — राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन (NFHM) के अंतर्गत फिल्मों का डिजिटलीकरण व संरक्षण।
✓राजस्थान AVGC-XR नीति 2024 — प्रमुख तथ्य:
• **घोषणा**: राजस्थान बजट 2024-25 में; **शुभारंभ**: 4 दिसंबर 2024 (राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पूर्व)।
• **जारीकर्ता विभाग**: सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C), राजस्थान सरकार — अधिसूचना 29 जनवरी 2025।
• **अवधि**: 31 मार्च 2029 तक प्रभावी।
• **प्रोत्साहन**: पात्र एनीमेशन, VFX, AR व VR परियोजनाओं हेतु ₹50 लाख तक तथा पात्र गेम विकास हेतु ₹1 करोड़ तक उत्पादन प्रोत्साहन।
• **लक्ष्य**: राजस्थान को वैश्विक AVGC-XR केंद्र बनाना, कुशल प्रतिभा तैयार करना, मौलिक बौद्धिक संपदा (Original IP), स्टार्टअप व उद्यमिता का सतत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना तथा स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच देना।
✓राष्ट्रीय स्तर पर AVGC-XR पहल:
• **AVGC प्रोत्साहन टास्क फोर्स**: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा अप्रैल 2022 में गठित।
• **भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT), मुंबई**: 2025 में AVGC-XR हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित।
• **GENESIS योजना** (MeitY, 2022): टियर-2/3 शहरों के टेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन।
• अन्य राज्य: कर्नाटक (AVGC-XR नीति 3.0), महाराष्ट्र (AVGC-XR नीति 2025), केरल (AVGC-XR नीति 2024), तेलंगाना (IMAGE टावर, हैदराबाद)।
✓अवधारणाएं (Concepts) — परीक्षा उपयोगी:
• **XR (Extended Reality)**: VR, AR और MR का सामूहिक नाम।
• **VR (Virtual Reality)**: पूर्णतः कृत्रिम डिजिटल वातावरण।
• **AR (Augmented Reality)**: वास्तविक दृश्य पर डिजिटल सूचनाओं की परत।
• **MR (Mixed Reality)**: वास्तविक व आभासी वस्तुओं की परस्पर अंतःक्रिया।
• 🧠 स्मरण सूत्र: "27 अक्टूबर = दृश्य-श्रव्य विरासत (UNESCO, 1980 अनुशंसा, 2005 मान्यता) | राजस्थान AVGC-XR नीति = 4 दिसंबर 2024 शुभारंभ, DoIT&C, 2029 तक!"
रक्षा एवं आत्मनिर्भर भारत: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) द्वारा लगभग ₹2.12 लाख करोड़ के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) — लगभग 82% स्वदेशी उद्योग से, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन व वायु रक्षा पर फोकस
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council — DAC) ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए लगभग ₹2.12 लाख करोड़ (₹2,12,000 करोड़) के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (Acceptance of Necessity — AoN) प्रदान की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस खरीद मूल्य का लगभग 82% भारतीय उद्योग से प्राप्त किया जाएगा। स्वीकृत प्रस्तावों में तोपखाना प्रणालियां, हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियां, मानवरहित हवाई प्रणालियां (UAS) और निगरानी प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓तीनों सेनाओं हेतु स्वीकृत प्रमुख प्रस्ताव:
• **थल सेना (Army)**: हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम, गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम (GSRS), लाइट मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (LMRH), अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS), प्लेटफॉर्म-आधारित काउंटर-UAS, लंबी दूरी की UAS, निगरानी UAV, एकीकृत निगरानी एवं प्रहार प्रणाली तथा लंबी दूरी की कामिकेज़ ड्रोन प्रणाली।
• **नौसेना (Navy)**: एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम (AODS) तथा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन व निर्मित प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म।
• **वायु सेना (IAF)**: स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणाली, हथियार तथा मोबाइल X-बैंड डॉप्लर मौसम रडार प्रणाली।
✓आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) एवं DAC — स्थैतिक तथ्य:
• **AoN** रक्षा पूंजी अधिग्रहण प्रक्रिया का प्रारंभिक चरण है; इसका अर्थ अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि प्रस्ताव का आगे की खरीद प्रक्रिया (RFP, परीक्षण, वाणिज्यिक वार्ता, अनुबंध) में प्रवेश है।
• **DAC**: रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च अधिग्रहण निर्णय संस्था; अध्यक्ष — रक्षा मंत्री।
• **गठन**: 2001 में — कारगिल युद्ध (1999) के पश्चात राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में सुधार हेतु मंत्रियों के समूह (GoM) की अनुशंसाओं पर।
• रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया में "Buy (Indian-IDDM)" — स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित व निर्मित — को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
✓संदर्भ — रक्षा उत्पादन व निर्यात:
• वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन लगभग ₹1.78 लाख करोड़ तथा रक्षा निर्यात ₹38,000 करोड़ से अधिक रहा।
• इससे पूर्व सितंबर 2026 में DAC ने लगभग ₹1.10 लाख करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति दी थी।
• **VSHORADS**: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित मानव-वहनीय (Man-Portable) वायु रक्षा प्रणाली।
• ड्रोन, काउंटर-ड्रोन व वायु रक्षा पर बल आधुनिक युद्ध (मल्टी-डोमेन ऑपरेशन) की बदलती प्रकृति को दर्शाता है।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र (Quick Revision Hook):
• "2.12 – 82 – 26": ₹2.12 लाख करोड़ AoN | ~82% स्वदेशी | 26 अक्टूबर 2026 बैठक।
• DAC = अध्यक्ष रक्षा मंत्री | गठन 2001 (कारगिल के बाद GoM अनुशंसा) | AoN = खरीद का पहला चरण, अनुबंध नहीं।
कृषि एवं डिजिटल शासन: एग्रीस्टैक (AgriStack) के अंतर्गत 11 करोड़ किसान पहचान पत्र (Farmer ID / किसान पहचान पत्र) का लक्ष्य मार्च 2027 की समय-सीमा से 5 माह पहले पूर्ण — डिजिटल कृषि मिशन
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक वीडियो संदेश में घोषणा की कि एग्रीस्टैक (AgriStack) ढांचे के अंतर्गत 11 करोड़ अद्वितीय किसान पहचान पत्र (Farmer ID) बनाने का लक्ष्य 23 अक्टूबर 2026 की रात पूर्ण हो गया — यह मार्च 2027 की निर्धारित समय-सीमा से लगभग 5 माह पहले है। 11 अंकों वाली यह आईडी "किसान पहचान पत्र" कहलाती है और डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत जारी की जाती है। मंत्री के अनुसार इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसान तक, सही समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓किसान पहचान पत्र (Farmer ID) — मुख्य तथ्य:
• **संख्या**: 11 करोड़ अद्वितीय Farmer ID — लक्ष्य प्रधानमंत्री द्वारा मार्च 2027 तक के लिए निर्धारित किया गया था।
• **प्रारूप**: 11 अंकों की डिजिटल पहचान, भूमि अभिलेखों (Land Records) से जुड़ी; एग्रीस्टैक की किसान रजिस्ट्री (Farmer Registry) का भाग।
• **उपयोग**: मंत्री के अनुसार बैंक ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत व उपज विक्रय हेतु किसान को केवल यही एक दस्तावेज़ पर्याप्त होगा।
• **पूर्व प्रगति**: फरवरी 2026 तक 8 करोड़ 47 लाख से अधिक किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके थे।
✓डिजिटल कृषि मिशन (Digital Agriculture Mission) — स्थैतिक तथ्य:
• **स्वीकृति**: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2 सितंबर 2024।
• **कुल परिव्यय**: ₹2,817 करोड़ (केंद्र का हिस्सा ₹1,940 करोड़)।
• **नोडल मंत्रालय**: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय।
• **दो प्रमुख स्तंभ**: (1) एग्रीस्टैक (AgriStack), (2) कृषि निर्णय समर्थन प्रणाली (Krishi Decision Support System — Krishi DSS)।
• साथ ही मृदा प्रोफ़ाइल मानचित्रण (Soil Profile Mapping) व डिजिटल सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण।
✓एग्रीस्टैक (AgriStack) की तीन आधारभूत रजिस्ट्रियां:
• **किसान रजिस्ट्री (Farmers' Registry)**: किसानों की डिजिटल पहचान (Farmer ID)।
• **भू-संदर्भित ग्राम मानचित्र (Geo-referenced Village Maps)**: खेतों की भौगोलिक स्थिति।
• **फसल बोई गई रजिस्ट्री (Crop Sown Registry)**: डिजिटल फसल सर्वेक्षण (Digital Crop Survey) के माध्यम से बोई गई फसलों का विवरण।
• एग्रीस्टैक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के मॉडल पर आधारित है — आधार, UPI की तर्ज़ पर कृषि क्षेत्र हेतु।
✓🧠 परीक्षा स्मरण सूत्र (Quick Revision Hook):
• "11-11-5": 11 करोड़ ID | 11 अंक | समय-सीमा से 5 माह पहले (23 अक्टूबर 2026)।
• डिजिटल कृषि मिशन = 2 सितंबर 2024 | ₹2,817 करोड़ | दो स्तंभ — एग्रीस्टैक + कृषि DSS | तीन रजिस्ट्री — किसान, भू-मानचित्र, बोई गई फसल।
आपदा प्रबंधन एवं भूगोल: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात "अर्नब" (Cyclone Arnab) — आंध्र प्रदेश तट पर यनम के निकट 28 अक्टूबर को लैंडफॉल का पूर्वानुमान, ओडिशा में रेड अलर्ट, उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण व IMD वर्गीकरण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना तंत्र 26 अक्टूबर 2026 की सुबह चक्रवाती तूफान "अर्नब" में परिवर्तित हो गया, जिसके 27 अक्टूबर को "अति गंभीर चक्रवाती तूफान" (Very Severe Cyclonic Storm) बनने तथा 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न आंध्र प्रदेश तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के निकट तट पार करने (Landfall) का पूर्वानुमान है। इस दौरान 115–125 किमी/घंटा की निरंतर हवाएं (झोंकों में 140 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है। ओडिशा में रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए तथा 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) ने तैयारियों की समीक्षा की।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓चक्रवात अर्नब — प्रमुख तथ्य (IMD पूर्वानुमान, 26 अक्टूबर 2026):
• **स्थिति**: पूर्व-मध्य व निकटवर्ती पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी; 26 अक्टूबर दोपहर काकीनाडा से लगभग 650 किमी दूर।
• **लैंडफॉल**: 28 अक्टूबर पूर्वाह्न, आंध्र प्रदेश तट पर यनम के निकट (बापटला–विशाखापत्तनम के बीच)।
• **खतरे**: 115–125 किमी/घंटा हवाएं (झोंके 140 किमी/घंटा), 1–1.5 मीटर तक तूफानी लहर (Storm Surge)।
• **ओडिशा**: गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी आदि जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी; NDRF दल ओडिशा, विशाखापत्तनम व छत्तीसगढ़ में तैनात।
• **यनम**: केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी का भाग, जो आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी क्षेत्र से घिरा है।
✓उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण (उत्तर हिंद महासागर):
• नामकरण WMO/ESCAP उष्णकटिबंधीय चक्रवात पैनल (Panel on Tropical Cyclones — PTC) के सदस्य देशों द्वारा सुझाए गए नामों से होता है; यह प्रणाली 2004 से लागू है।
• **RSMC नई दिल्ली** (IMD) — उत्तर हिंद महासागर के लिए क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र, जो चक्रवातों को नाम देता है।
• **सदस्य देश (13)**: भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात व यमन (अंतिम पांच 2018 में जुड़े)।
• **अप्रैल 2020 की नई सूची**: 13 देश × 13 नाम = 169 नाम।
• **"अर्नब" नाम बांग्लादेश ने सुझाया था** (बांग्ला में अर्थ — समुद्र); बांग्लादेश के अन्य नाम: निसर्ग, बिपरजॉय, उपकूल।
✓IMD द्वारा चक्रवाती विक्षोभों का वर्गीकरण (अधिकतम निरंतर पवन गति):
• चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm): 62–88 किमी/घंटा (34–47 नॉट)।
• गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe CS): 89–117 किमी/घंटा (48–63 नॉट)।
• अति गंभीर चक्रवाती तूफान (Very Severe CS): 118–165 किमी/घंटा (64–89 नॉट)।
• अत्यंत गंभीर (Extremely Severe CS): 166–220 किमी/घंटा; सुपर चक्रवाती तूफान (Super CS): 222 किमी/घंटा या अधिक।
• उत्तरी गोलार्ध में चक्रवात वामावर्त (Anti-clockwise) घूमते हैं — कोरिओलिस बल का प्रभाव।
✓आपदा प्रबंधन ढांचा:
• **आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005**: NDMA (अध्यक्ष — प्रधानमंत्री), राज्य स्तर पर SDMA (अध्यक्ष — मुख्यमंत्री)।
• **NDRF**: आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत गठित विशेष बल (2006 में)।
• **NCMC**: राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति — अध्यक्ष कैबिनेट सचिव।
• 🧠 स्मरण सूत्र: "अर्नब = समुद्र (बांग्लादेश) | 2020 सूची, 169 नाम, 13 देश | VSCS = 118–165 किमी/घंटा | लैंडफॉल यनम (पुडुचेरी UT)!"