शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

16 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 16 अक्टूबर "विश्व खाद्य दिवस 2026" (World Food Day) — संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO - 1945), "खाद्य का अधिकार: बेहतर जीवन व बेहतर भविष्य" थीम, राजस्थान में बाजरा (श्री अन्न) क्रांति व ICAR गुड़ामालानी (बाड़मेर); राष्ट्रीय रसद एवं अवसंरचना — पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (5 वर्ष पूर्ण), राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022) व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC 565 किमी राजस्थान खंड); चिकित्सा विज्ञान एवं अंगदान चेतना — विश्व एनेस्थीसिया दिवस (16 अक्टूबर 1846 ईथर खोज), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO), सोटो राजस्थान (SOTTO SMS मेडिकल कॉलेज) व मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना; ऊर्जा एवं हरित संवृद्धि — राजस्थान सौर ऊर्जा नीति, पीएम-कुसुम योजना (भालोजी कोटपूतली मॉडल), भडला व पुगल सोलर पार्क तथा ग्रीन हाइड्रोजन मिशन; अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं जलवायु अवलोकन — नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR उपग्रह मिशन), थार मरुस्थलीकरण निगरानी व NRSC हैदराबाद; प्रशासनिक सुधार एवं सुशासन — राजस्थान जन सूचना पोर्टल (RTI धारा 4(2)) व जन आधार योजना ("एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान") डीबीटी मॉडल; तथा राजस्थान इतिहास, जल एवं स्थापत्य कला (16 अक्टूबर विशेष) — यूनेस्को विश्व धरोहर कुंभलगढ़ दुर्ग (36 किमी प्राचीर, कटारगढ़), वास्तुकार मंडन, वीर विनोद ग्रंथ व महाराणा कुंभा की सांस्कृतिक व सामरिक विरासत का प्रामाणिक परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।

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राष्ट्रीयECONOMYENVIRONMENTGEOGRAPHYRASUPSCCETPATWARI

वैश्विक खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं कृषि नवाचार: "विश्व खाद्य दिवस" (16 अक्टूबर 2026) — संयुक्त राष्ट्र FAO स्थापना वर्षगांठ, श्री अन्न (मिलेट्स) क्रांति व राजस्थान बाजरा अनुसंधान केंद्र (बाड़मेर)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 16 अक्टूबर को विश्व भर में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO - स्थापना 16 अक्टूबर 1945) के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में "विश्व खाद्य दिवस" (World Food Day 2026) मनाया जाता है। वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम "खाद्य का अधिकार: बेहतर जीवन और बेहतर भविष्य के लिए" (Right to foods for a better life and a better future) घोषित की गई है। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और राजस्थान कृषि विभाग द्वारा राजस्थान के बाड़मेर (गुड़ामालानी) स्थित भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIMR) के उप-केंद्र में 'राष्ट्रीय श्री अन्न खाद्य सुरक्षा एवं जलवायु लचीलापन सम्मेलन' का आयोजन किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓विश्व खाद्य दिवस एवं FAO की पृष्ठभूमि (UPSC/RAS Core Concepts): • स्थापना: 16 अक्टूबर 1945 को क्यूबेक सिटी (कनाडा) में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization - FAO) की स्थापना हुई थी; 1951 में इसका स्थायी मुख्यालय रोम (इटली) स्थानांतरित किया गया। • दिवस की शुरुआत: नवंबर 1979 में FAO के 20वें महासम्मेलन में हंगरी के पूर्व कृषि मंत्री डॉ. पाल रोमानी के प्रस्ताव पर 16 अक्टूबर को वार्षिक विश्व खाद्य दिवस के रूप में अधिसूचित किया गया (प्रथम आयोजन: 16 अक्टूबर 1981)। • 2026 की थीम: "Right to foods for a better life and a better future" — खाद्य पदार्थों की विविधता, पोषण गुणवत्ता, वहनीयता और खाद्य प्रणालियों में सामाजिक समानता पर बल। • संबंधित वैश्विक संस्थाएं: विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP - 1961, नोबेल शांति पुरस्कार 2020) और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD - 1977); तीनों का मुख्यालय रोम में स्थित है।
  • ✓भारत में पोषण व खाद्य सुरक्षा के प्रमुख आयाम: • संवैधानिक अधिदेश: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को पोषाहार स्तर, जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और लोक स्वास्थ्य के सुधार का प्राथमिक कर्तव्य सौंपता है। • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013): देश की 67% आबादी (75% ग्रामीण व 50% शहरी) को कानूनी अधिकार के रूप में खाद्यान्न सुरक्षा; पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत 80 करोड़ से अधिक पात्र नागरिकों को 2028 तक निःशुल्क खाद्यान्न। • अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष (IYM 2023 का दूरगामी प्रभाव): भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2023 को अंतरराष्ट्रीय कदन्न वर्ष घोषित किया गया था; भारत सरकार ने मोटे अनाजों को 'श्री अन्न' (Shree Anna) नाम दिया।
  • ✓राजस्थान में बाजरा (श्री अन्न) परिदृश्य एवं अनुसंधान संस्थान (RPSC High-Yield Facts): • देश में प्रथम स्थान: राजस्थान भारत का सबसे बड़ा बाजरा उत्पादक राज्य है, जो देश के कुल बाजरा उत्पादन का लगभग 41% से 45% उत्पादक हिस्सा रखता है। • प्रमुख बाजरा उत्पादक जिले: बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, जालौर, सीकर, जयपुर और अलवर। • बाजरा अनुसंधान संस्थान: - भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIMR, हैदराबाद) का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र: गुड़ामालानी (बाड़मेर) में स्थापित। - बाजरा उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Millets): जोधपुर में स्थापित। - केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI - स्थापना 1959, जोधपुर) एवं शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI - स्थापना 1988, जोधपुर)। • राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन: राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स प्रसंस्करण इकाइयों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को अनुदान तथा बीजों के निःशुल्क मिनीकिट वितरण। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की कृषि, प्रमुख फसलें एवं अनुसंधान केंद्र नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राष्ट्रीयECONOMYINFRASTRUCTUREGEOGRAPHYRASCETUPSCPATWARI

राष्ट्रीय अवसंरचना, कनेक्टिविटी एवं व्यापार: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (5 वर्ष पूर्ण) — राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022) व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC राजस्थान)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

16 अक्टूबर 2026 को भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) द्वारा "पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (PM GatiShakti National Master Plan) के सफल क्रियान्वयन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा 13 अक्टूबर 2021 को शुरू किए गए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने देश में लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 14% से घटाकर 8-9% तक लाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इस अवसर पर वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC - 1506 किमी) के राजस्थान में 565 किमी खंड (रेवाड़ी-मदार-पालनपुर) पर डबल-स्टैक कंटेनर एवं रो-रो (RO-RO) मालगाड़ियों के संचालन की उच्च दक्षता रिपोर्ट जारी की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का ढांचा (UPSC/RAS Core): • शुभारंभ: 13 अक्टूबर 2021 (लागत: ₹100 लाख करोड़ का बहु-मॉडल अवसंरचनात्मक विज़न)। • मूल उद्देश्य: विभिन्न मंत्रालयों (सड़क, रेल, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, दूरसंचार व विद्युत) के बीच अलग-थलग कार्यशैली (Silos) को समाप्त कर एक एकीकृत जीआईएस (GIS)-आधारित डिजिटल योजना तंत्र स्थापित करना। • 7 इंजन: सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना। • 6 स्तंभ: व्यापकता (Comprehensiveness), प्राथमिकता (Prioritization), अनुकूलन (Optimization), समन्वय (Synchronization), विश्लेषणात्मक (Analytical), एवं गतिशीलता (Dynamic)।
  • ✓राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP 2022) व LEADS रिपोर्ट: • घोषणा: 17 सितंबर 2022; लक्ष्य: 2030 तक लॉजिस्टिक्स परफॉरमेंस इंडेक्स (LPI - विश्व बैंक) में भारत को शीर्ष 25 देशों में शामिल करना। • यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP): सभी परिवहन विधाओं के डिजिटल डेटाबेस को एकीकृत करने वाला सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म। • LEADS सूचकांक (Logistics Ease Across Different States): राज्यों में लॉजिस्टिक्स सुगमता का वार्षिक मूल्यांकन; राजस्थान 'अचीवर' (Achievers) श्रेणी में निरंतर अग्रणी प्रदर्शन कर रहा है।
  • ✓वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) एवं राजस्थान (RPSC Most Important Topic): • WDFC का मार्ग: दादरी (उत्तर प्रदेश) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट - JNPT (नवी मुंबई, महाराष्ट्र) तक कुल 1,506 किमी। • राजस्थान में विस्तार: WDFC का सर्वाधिक हिस्सा (लगभग 565 किमी - कुल लंबाई का 37.5%) राजस्थान से होकर गुजरता है (अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, सिरोही जिले)। • न्यू रेवाड़ी से न्यू मदार (306 किमी) खंड: विश्व का पहला 1.5 किमी लंबा डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन संचालन खंड, जिसका उद्घाटन जनवरी 2021 में किया गया था। • राजस्थान में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP): किशनगढ़ (अजमेर), भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) और जयपुर में विकसित किए जा रहे हैं, जो दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) के 150 किमी प्रभाव क्षेत्र से सीधे जुड़े हैं। • संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत एवं राजस्थान का परिवहन व अवसंरचना नोट्स एवं राजस्थान CET 12th लेवल टेस्ट सीरीज़।
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राष्ट्रीयSCIENCEHEALTHGOVERNANCERASUPSCCETREET

चिकित्सा विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी एवं जन स्वास्थ्य: "विश्व एनेस्थीसिया दिवस" (16 अक्टूबर 2026) — 1846 ईथर खोज, राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण (NOTTO) व सोटो राजस्थान (SOTTO)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 16 अक्टूबर को चिकित्सा जगत में "विश्व एनेस्थीसिया दिवस" (World Anaesthesia Day / World Ether Day 2026) मनाया जाता है। 16 अक्टूबर 1846 को अमेरिकी दंत चिकित्सक डॉ. विलियम थॉमस ग्रीन मोर्टन द्वारा बोस्टन (मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल) में सल्फ्यूरिक ईथर का पहला सफल सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया था, जिसने दर्द-मुक्त शल्य चिकित्सा (Painless Surgery) की नींव रखी। 16 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) तथा सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज स्थित स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO Rajasthan) द्वारा जटिल शल्य क्रियाओं, ब्रेन-डेड कैडेवर अंगदान और राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) के तहत निःशुल्क ऑर्गन ट्रांसप्लांट की संयुक्त प्रगति समीक्षा जारी की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓विश्व एनेस्थीसिया दिवस का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य (Medical History Core): • ऐतिहासिक खोज: 16 अक्टूबर 1846 को डॉ. विलियम टी.जी. मोर्टन ने गिल्बर्ट एबॉट नामक मरीज की गर्दन के ट्यूमर को ईथर सुंघाकर बिना दर्द के सफलतापूर्वक निकाला; इस ऐतिहासिक ऑपरेशन थियेटर को आज 'ईथर डोम' (Ether Dome) कहा जाता है। • एनेस्थीसिया के प्रकार: 1. जनरल एनेस्थीसिया (General Anaesthesia): संपूर्ण शरीर को चेतनाशून्य करना (बड़ी सर्जरी हेतु)। 2. रीजनल एनेस्थीसिया (Regional Anaesthesia - स्पाइनल/एपिड्यूरल): शरीर के किसी विशिष्ट हिस्से (जैसे कमर से नीचे) को सुन्न करना। 3. लोकल एनेस्थीसिया (Local Anaesthesia): त्वचा के एक छोटे हिस्से को सुन्न करना। • 2026 की वैश्विक थीम: "Workforce Well-Being: Safe Anaesthesia for Every Patient" — संज्ञाहरण विशेषज्ञों की कार्यकुशलता और प्रत्येक रोगी की शल्य सुरक्षा।
  • ✓भारत में अंगदान नीति एवं NOTTO (UPSC/RAS Core): • विधिक ढांचा: मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (THOTA 1994) एवं 2011 में संशोधित नियम। • राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO - नई दिल्ली): देश में अंगों की अधिप्राप्ति, आवंटन और राष्ट्रीय अंग रजिस्ट्री का संचालन करने वाली शीर्ष संस्था (सफदरजंग अस्पताल परिसर, नई दिल्ली)। • 'वन नेशन, वन ऑर्गन एलोकेशन' नीति: केंद्र सरकार द्वारा अधिवास (Domicile) की बाध्यता को समाप्त किया गया; अब किसी भी राज्य का नागरिक देश के किसी भी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण हेतु पंजीकृत हो सकता है; 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के पंजीकरण पर लगी रोक हटाई गई।
  • ✓राजस्थान में अंग प्रत्यारोपण एवं SOTTO मॉडल (RPSC High-Yield Exam Facts): • सोटो राजस्थान (SOTTO Rajasthan): - स्थापना: एसएमएस मेडिकल कॉलेज (जयपुर) में नोडल केंद्र; राज्य में ब्रेन-डेड घोषित मरीजों के परिजनों की काउंसलिंग एवं अंगदान का समन्वय। • अंगदान स्मारक (Organ Donor Memorial): - देश का पहला अंगदान स्मारक: 27 नवंबर 2020 को राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर जयपुर के सेंट्रल पार्क के निकट जेएलएन मार्ग पर स्थापित किया गया। • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY): - राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप स्वास्थ्य योजना के तहत किडनी (वृक्क), लिवर (यकृत), कॉर्निया (नेत्र) और हृदय प्रत्यारोपण के जटिल पैकेजों को राजकीय एवं संबद्ध निजी अस्पतालों में शत-प्रतिशत कैशलेस कवर दिया गया है। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाएं एवं प्रमुख संस्थान नोट्स एवं राजस्थान पुलिस कांस्टेबल 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानGEOGRAPHYENVIRONMENTECONOMYRASCETPATWARIUPSC

राजस्थान ऊर्जा एवं पर्यावरण संवृद्धि: राज्य सौर ऊर्जा नीति 2026 — पीएम-कुसुम योजना (भालोजी कोटपूतली मॉडल), भडला व पुगल सोलर पार्क तथा ग्रीन हाइड्रोजन विज़न

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

16 अक्टूबर 2026 को राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा राज्य के सौर एवं हरित ऊर्जा उत्पादन लक्ष्यों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राजस्थान 24,000 मेगावाट से अधिक स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ भारत में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। बैठक में पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत किसानों को ऊर्जा प्रदाता ('अन्नदाता से ऊर्जादाता') बनाने, देश के पहले कुसुम कम्पोनेंट-A सौर संयंत्र (भालोजी, कोटपूतली-बहरोड़) की सफलता, बीकानेर के पुगल में 2000 मेगावाट सोलर पार्क तथा राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2023-2026 के निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान: देश की सौर ऊर्जा राजधानी (RPSC Core Geographic Data): • स्थापित सौर क्षमता में देश में शीर्ष स्थान: राजस्थान देश में स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में नंबर-1 राज्य है (देश की कुल सौर क्षमता का 20% से अधिक हिस्सा राजस्थान में)। • सौर विकिरण अनुकूलता: राज्य में प्रतिवर्ष 325 से अधिक धूप वाले दिन (Sunny Days) तथा 6-7 kWh/m²/day का सौर विकिरण उपलब्ध है। • नवीन ऊर्जा नीति लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 90 GW नवीकरणीय ऊर्जा (65 GW सौर + 15 GW पवन + 10 GW हाइड्रो स्टोरेज/बायोमास) क्षमता स्थापित करने का संकल्प। • राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL): स्थापना अगस्त 2002 (रेडा REDA 1985 और आरएसपीसीएल RSPCL 1995 के विलय से गठित राज्य की नोडल एजेंसी)।
  • ✓पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) एवं घटक प्रारूप: • पूरा नाम: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan - 2019 में घोषित)। • तीन प्रमुख घटक (Three Components): 1. Component-A: बंजर/कृषि भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना। - देश का पहला सौर संयंत्र: राजस्थान के जयपुर (वर्तमान कोटपूतली-बहरोड़ जिला) के भालोजी गांव में 1 मेगावाट क्षमता का संयंत्र स्थापित किया गया। 2. Component-B: सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत किसानों को 7.5 एचपी तक के स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप स्थापित करने हेतु 60% तक की सब्सिडी (30% केंद्र + 30% राज्य)। 3. Component-C: मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सौरीकरण (Solarization of Grid-connected Agriculture Pumps) एवं फीडर-लेवल सौरीकरण। • सौर्य कृषि आजीविका योजना (SKAY पोर्टल): राजस्थान सरकार द्वारा किसानों की अनुपयोगी भूमि पर सौर संयंत्र लगाने हेतु भूमि लीज पोर्टल।
  • ✓प्रमुख सोलर पार्क एवं हरित हाइड्रोजन (High-Yield Facts): • भडला सोलर पार्क (Bhadla Solar Park, फलोदी/जोधपुर): - कुल क्षमता: 2,245 मेगावाट; 4 चरणों (Phases) में विकसित; विश्व के सबसे बड़े एकल-स्थान सौर पार्कों में शुमार। • अन्य प्रमुख सौर पार्क: - नोख सोलर पार्क (जैसलमेर - 925 मेगावाट, एनटीपीसी द्वारा विकसित)। - फतेहगढ़ सोलर पार्क (जैसलमेर - 1500 मेगावाट)। - पुगल सोलर पार्क (बीकानेर - 2000 मेगावाट, कोल इंडिया व आरवीयूएनएल संयुक्त उपक्रम)। • राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति: राज्य में 2030 तक 2000 KTPA हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य; 50% ट्रांसमिशन व व्हीलिंग शुल्क छूट। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के ऊर्जा संसाधन, सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा नोट्स एवं राजस्थान पटवारी 2026 टेस्ट सीरीज़।
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विज्ञान-तकनीकSCIENCEENVIRONMENTGEOGRAPHYUPSCRASCET

अंतरिक्ष विज्ञान, रिमोट सेंसिंग एवं पृथ्वी प्रेक्षण: निसार (NISAR) उपग्रह मिशन — नासा-इसरो संयुक्त रडार, थार मरुस्थलीकरण निगरानी व राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

16 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन मिशन "निसार" (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar - NISAR) के आगामी कक्षीय प्रेक्षणों और डेटा उपयोगिता पर राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC, हैदराबाद) तथा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (SAC, अहमदाबाद) द्वारा संयुक्त वैज्ञानिक बुलेटिन जारी किया गया। निसार उपग्रह अपनी तरह का पहला दोहरी-आवृत्ति (L-band और S-band) रडार मिशन है, जो 12 दिनों में पूरी पृथ्वी के भू-भाग और बर्फ से ढके क्षेत्रों का सेंटीमीटर-स्तरीय सटीक मानचित्रण करेगा। भारत में यह उपग्रह राजस्थान के थार मरुस्थल में मरुस्थलीकरण प्रसार, भूजल दोहन, बालुका स्तूपों के विस्थापन (Dune Shifting) और कृषि बायोमास की सटीक निगरानी करेगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓निसार (NISAR) मिशन का तकनीकी विन्यास (UPSC/RAS Core): • पूरा नाम: NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR). • दोहरी आवृत्ति रडार (Dual-Frequency SAR): - L-band SAR: नासा (JPL - Jet Propulsion Laboratory) द्वारा विकसित; तरंगदैर्ध्य लगभग 24 सेमी; घने जंगलों, वनस्पति आवरण और सूखी रेत को भेदकर भूमिगत संरचनाओं का प्रेक्षण करने में सक्षम। - S-band SAR: इसरो (SAC अहमदाबाद) द्वारा विकसित; तरंगदैर्ध्य लगभग 9 सेमी; मृदा नमी, तटीय कटाव, वनस्पति बायोमास और फसल स्वास्थ्य के सूक्ष्म विश्लेषण हेतु आदर्श। • प्रक्षेपण यान: इसरो का भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV Mk-II) द्वारा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR), श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit - 747 किमी ऊंचाई) में प्रक्षेपण। • 12-दिवसीय पुनरावृत्ति चक्र: प्रत्येक 12 दिन में संपूर्ण विश्व का उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा उपलब्ध कराएगा।
  • ✓प्राकृतिक आपदा एवं जलवायु परिवर्तन निगरानी: • भूकंप एवं टेक्टोनिक प्लेट हलचल: सतह में कुछ मिलीमीटर तक के विरूपण (Deformation) को मापने में सक्षम। • हिमनद एवं समुद्र तल वृद्धि: हिमालयी हिमनदों (Himalayan Glaciers) के पिघलने की दर और अंटार्कटिका/आर्कटिक की बर्फ चादरों की मोटाई का वास्तविक समय मापन। • वन एवं कृषि पारिस्थितिकी: वनों की कटाई, कार्बन भंडारण और कृषि उत्पादन का वैज्ञानिक आकलन।
  • ✓राजस्थान के लिए निसार डेटा का विशिष्ट महत्व (RPSC Exam Perspective): • थार मरुस्थलीकरण एवं सैंड ड्यून शिफ्टिंग: पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) में हवा द्वारा बालूका स्तूपों के पूर्व की ओर खिसकने की गति का उपग्रह मैपिंग। • सरस्वती नदी का पुरा-प्रवाह (Paleochannel of Saraswati River): एल-बैंड रडार रेत के नीचे 2 से 3 मीटर तक प्रवेश करने में सक्षम है, जिससे थार के नीचे छिपे प्राचीन जल स्रोतों और भूजल भंडारों का मानचित्रण सुगम होगा। • इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में सेम (Waterlogging) समस्या की निगरानी: नहरी क्षेत्र (हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर) में लवणता और जलभराव क्षेत्रों की पहचान। • संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत की अंतरिक्ष व उपग्रह प्रौद्योगिकी नोट्स एवं राजस्थान REET एवं शिक्षक भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानPOLITYGOVERNANCERASCETPATWARIUPSCREET

प्रशासनिक सुधार, ई-गवर्नेंस एवं सुशासन: राजस्थान जन सूचना पोर्टल एवं जन आधार योजना — आरटीआई धारा 4(2) स्वतः प्रकटीकरण व "एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान" डीबीटी मॉडल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

16 अक्टूबर 2026 को राजस्थान सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) और प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा राज्य में पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के 7 वर्ष पूर्ण होने पर "डिजिटल सुशासन एवं जन सूचना सशक्तीकरण रिपोर्ट 2026" प्रस्तुत की गई। सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act 2005) की धारा 4(2) के तहत बिना आवेदन मांगे आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी स्वतः उपलब्ध कराने वाला देश का पहला "जन सूचना पोर्टल" (Jan Soochna Portal - 2019) वर्तमान में 115 से अधिक विभागों की 350+ योजनाओं और 700 से अधिक सेवाओं की वास्तविक समय जानकारी प्रदान कर रहा है। साथ ही "जन आधार योजना" के 10-अंकीय परिवार पहचान पत्र मॉडल की वित्तीय समावेशन में केंद्रीय भूमिका की समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान जन सूचना पोर्टल (Jan Soochna Portal - High-Yield RPSC Topic): • लोकार्पण: 13 सितंबर 2019 (बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर से शुभारंभ)। • विधिक आधार: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act 2005) की धारा 4(2) — लोक प्राधिकारियों द्वारा जनहित की सूचनाओं का स्वतः प्रकटीकरण (Proactive Disclosure of Information)। • देश में पहला राज्य: राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने सरकारी योजनाओं, लाभार्थियों की सूची, बजट आवंटन और राशन वितरण की जानकारी को सार्वजनिक डोमेन में बिना किसी शुल्क या आरटीआई आवेदन के ऑनलाइन उपलब्ध कराया। • प्रमुख प्रदर्शित योजनाएं: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS राशन), नरेगा (MGNREGA मस्टर रोल व भुगतान), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, किसान ऋण माफी व चिरंजीवी/आयुष्मान स्वास्थ्य योजना।
  • ✓राजस्थान जन आधार योजना (Jan Aadhaar Scheme - Comprehensive Facts): • शुभारंभ तिथि: 18 दिसंबर 2019 से प्रभावी (पूर्ववर्ती भामाशाह योजना के स्थान पर)। • वैधानिक मान्यता: राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम, 2020 (विधानसभा द्वारा 4 मार्च 2020 को पारित)। • पहचान संख्या का स्वरूप: - परिवार पहचान संख्या: 10 अंकों का विशिष्ट परिवार पहचान कोड (10-digit Family ID)। - व्यक्तिगत पहचान संख्या: परिवार के प्रत्येक सदस्य को 11 अंकों का व्यक्तिगत कोड (11-digit Individual ID)। • महिला सशक्तीकरण का आधार: 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला को अनिवार्य रूप से परिवार का 'मुखिया' (Head of Family) घोषित किया जाता है (यदि परिवार में 18 वर्ष से अधिक की महिला न हो, तभी पुरुष मुखिया बन सकता है)। • डीबीटी (Direct Benefit Transfer): राज्य सरकार के सभी नकद एवं गैर-नकद लाभ जन आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं।
  • ✓राजस्थान लोक सेवा गारंटी एवं जवाबदेही तंत्र: • राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 (14 नवंबर 2011 से प्रभावी): नागरिकों को नियत समय सीमा में 15 से अधिक विभागों की आवश्यक सेवाएं पाने का विधिक अधिकार। • राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 (1 अगस्त 2012 से लागू): जन शिकायतों के निवारण हेतु ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक त्रि-स्तरीय सुनवाई तंत्र। • संपर्क पोर्टल (181 हेल्पलाइन): राज्य के नागरिकों की शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण, निवारण और फीडबैक का केंद्रीकृत मंच। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था, ई-गवर्नेंस एवं आयोग नोट्स एवं राजस्थान CET स्नातक टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानHISTORYCULTURERASCETREETPATWARIPOLICEUPSC

राजस्थान इतिहास, दुर्ग स्थापत्य एवं सामरिक विरासत (16 अक्टूबर विशेष): कुंभलगढ़ दुर्ग एवं महाराणा कुंभा की स्थापत्य कला — 36 किमी प्राचीर, कटारगढ़ (मेवाड़ की आंख) व वास्तुकार मंडन

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

16 अक्टूबर 2026 को राजस्थान पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI, जयपुर मंडल) द्वारा राजसमंद स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल "कुंभलगढ़ दुर्ग" (Kumbhalgarh Fort) के संरक्षण कार्यों, लाइट एंड साउंड शो के आधुनिकीकरण और महाराणा कुंभा (1433–1468 ई.) के स्थापत्य व सामरिक योगदान पर विशेष हेरिटेज परिचर्चा आयोजित की गई। कुंभलगढ़ दुर्ग की 36 किलोमीटर लंबी परकोटा दीवार, जिसे 'ग्रेट वॉल ऑफ चाइना' के बाद विश्व की दूसरी सबसे लंबी अनवरत प्राचीर माना जाता है, तथा दुर्ग के भीतर स्थित सर्वोच्च लघु दुर्ग 'कटारगढ़' (मेवाड़ की आंख) एवं महाराणा प्रताप की जन्मस्थली (बादल महल) के ऐतिहासिक गौरव को पुनः रेखांकित किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण एवं सामरिक अवस्थिति (RPSC Most Asked Topic): • निर्माता एवं समय: मेवाड़ के प्रतापी शासक महाराणा कुंभा (1433–1468 ई.) द्वारा 1448 से 1458 ई. के मध्य अपनी महारानी कुंभलदेवी (कुंभलदे) की स्मृति में करवाया गया। • भौगोलिक अवस्थिति: राजसमंद जिले में जरगा पहाड़ी पर स्थित; यह मेवाड़ और मारवाड़ की प्राकृतिक सीमा पर स्थित एक अभेद्य 'गिरि दुर्ग' (Hill Fort) है। • मुख्य वास्तुकार (Architect): विख्यात वास्तुशास्त्री मंडन (Mandana) — मंडन ने 'प्रासाद मंडन', 'रूप मंडन' (मूर्तिकला), 'वास्तु मंडन', 'राजवल्लभ' और 'देवमूर्ति प्रकरण' जैसे अमर ग्रंथों की रचना की थी। • यूनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage): 21 जून 2013 को कंबोडिया (नोम पेन्ह) में आयोजित 37वें सत्र में राजस्थान के 6 पहाड़ी दुर्गों में कुंभलगढ़ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया (स्मरण ट्रिक: "चीकू गाजर आम" — चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, गागरोन, जैसलमेर, रणथंभौर, आमेर)।
  • ✓दुर्ग की अद्वितीय स्थापत्य विशेषताएं एवं प्रमुख स्मारक: • 36 किमी लंबी दीवार (The Great Wall of India): - दुर्ग का परकोटा 36 किलोमीटर लंबा और 15 से 20 फीट चौड़ा है; इस पर एक साथ 4 से 8 घुड़सवार चल सकते हैं। • कटारगढ़ (Katargarh - 'मेवाड़ की आंख'): - कुंभलगढ़ के भीतर सबसे ऊंचे शिखर पर स्थित महाराणा कुंभा का निजी आवास/अंतापुर; यहां से संपूर्ण मेवाड़ व मारवाड़ पर सामरिक दृष्टि रखी जा सकती थी। - अबुल फजल का कथन: "यह दुर्ग इतनी बुलंदी पर बना है कि नीचे से ऊपर की ओर देखने पर सिर से पगड़ी गिर जाती है।" • बादल महल (Badal Mahal): - कटारगढ़ के शीर्ष पर स्थित दो मंजिला महल (जनाना व मर्दाना ड्योढ़ी); इसके 'जूनी कचहरी' (Juni Kachahari) कक्ष में 9 मई 1540 (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, वि.सं. 1597) को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। • अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थल: - नीलकंठ महादेव मंदिर (कुंभा द्वारा पूजित 5 फीट ऊंचा शिवलिंग), झाली रानी का मालिया (महल), उड़ना राजकुमार (पृथ्वीराज सिसोदिया) की 12 खंभों की छतरी, तथा बाण माता मंदिर।
  • ✓महाराणा कुंभा का सांस्कृतिक एवं साहित्यिक योगदान (RPSC High-Yield Exam Facts): • दुर्ग निर्माता कुंभा: प्रसिद्ध इतिहासकार कविराज श्यामलदास के ग्रंथ 'वीर विनोद' (Veer Vinod) के अनुसार मेवाड़ के कुल 84 दुर्गों में से 32 दुर्गों का निर्माण अकेले महाराणा कुंभा ने करवाया था (कुंभलगढ़, अचलगढ़, बसंती दुर्ग, मचान दुर्ग आदि)। • उपाधियां (Titles): हालगुरु (पहाड़ी दुर्गों का विजेता), शैलहलगुरु, दानगुरु, राजगुरु, चापगुरु (धनुर्विद्या प्रवीण), अभिनव भरताचार्य (संगीत शास्त्र मर्मज्ञ), हिंदू सुरत्राण, धीमान व राणो रासो। • संगीत ग्रंथ: संगीतराज (5 रत्नकोश: पाठ्य, गीत, वाद्य, नृत्य, रस), संगीत मीमांसा, सूड प्रबंध व रसिकप्रिया (गीत गोविंद पर कुंभा की प्रसिद्ध टीका)। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के प्रमुख दुर्ग, स्थापत्य एवं यूनेस्को धरोहर नोट्स एवं राजस्थान REET एवं शिक्षक भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़।