गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

15 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 15 अक्टूबर "विश्व छात्र दिवस 2026" (World Students' Day) — भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती, आईजीएमडीपी (IGMDP), पोखरण-2 व "विकसित भारत 2047" नवाचार विजन; 15 अक्टूबर "अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस" (International Day of Rural Women) — लखपति दीदी योजना, नमो ड्रोन दीदी व राजस्थान "राजीविका" (RGAVP) महिला निधि मॉडल; 15 अक्टूबर "विश्व हाथ धुलाई दिवस" (Global Handwashing Day) — जल जीवन मिशन (JJM 55 lpcd), स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण फेज-2 ओडीएफ प्लस व राजस्थान संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PK-ERCP) लिंक परियोजना; सामाजिक न्याय एवं पोषण सुरक्षा — वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) 2026, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013), सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0 व राजस्थान श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना; राजस्थान खनिज एवं औद्योगिक विकास — क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals), डेगाना (नागौर) लिथियम व टंगस्टन भंडार, सिवाना (बाड़मेर) रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) व पचपदरा रिफाइनरी (HRRL); अंतरराष्ट्रीय खेल जगत — डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज (नई दिल्ली) में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2026, बीकानेर के महाराजा डॉ. कर्णी सिंह का ओलंपिक योगदान व राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज; तथा राजस्थान इतिहास, आधुनिक निर्माण एवं विरासत (15 अक्टूबर विशेष) — महाराजा गंगा सिंह (बीकानेर), गंग नहर (1927), गंगा रिसाला, गोलमेज सम्मेलन व बीकानेर प्रजामंडल का संपूर्ण परीक्षा-केंद्रित प्रामाणिक विश्लेषण।

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विज्ञान-तकनीकSCIENCEPOLITYUPSCRASCETREET

राष्ट्रीय विज्ञान, रक्षा एवं युवा प्रेरणा: "विश्व छात्र दिवस" (15 अक्टूबर 2026) — डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती, आईजीएमडीपी (IGMDP), पोखरण-2 व "विकसित भारत 2047" नवाचार दृष्टिकोण

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर को भारत के 11वें राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक व 'मिसाइल मैन' भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015) की जयंती पर देश भर में "विश्व छात्र दिवस" (World Students' Day 2026) मनाया जाता है। 15 अक्टूबर 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय नवाचार एवं छात्र अनुसंधान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीआरडीओ द्वारा विद्यार्थियों के लिए 'डेयर टू ड्रीम 5.0' नवाचार प्रतियोगिता और कलाम विज़न 2047 फैलोशिप की घोषणा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓डॉ. कलाम का जीवन परिचय एवं वैज्ञानिक योगदान (UPSC/RAS Core): • जन्म एवं पृष्ठभूमि: 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम (तमिलनाडु) में जन्म; मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक। • इसरो में ऐतिहासिक योगदान: भारत के प्रथम स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 (SLV-3) के परियोजना निदेशक (Project Director); जुलाई 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। • मिसाइल मैन एवं आईजीएमडीपी (IGMDP 1983): - रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL, हैदराबाद) के निदेशक के रूप में 1983 में 'एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम' (IGMDP) की शुरुआत की। - 'PATNA' सूत्र: पांच सामरिक मिसाइलों का स्वदेशी विकास — 1. Prithvi (पृथ्वी): सतह-से-सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल। 2. Agni (अग्नि): मध्यम व अंतरमहाद्वीपीय दूरी की सामरिक मिसाइल। 3. Trishul (त्रिशूल): सतह-से-हवा में कम दूरी की मिसाइल। 4. Nag (नाग): तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल। 5. Akash (आकाश): मध्यम दूरी की सतह-से-हवा में मार करने वाली वायु रक्षा मिसाइल।
  • ✓पोखरण-2 एवं राष्ट्रीय नेतृत्व (RPSC राजस्थान विशेष): • पोखरण-2 (ऑपरेशन शक्ति - मई 1998): राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारत द्वारा किए गए 5 ऐतिहासिक भूमिगत परमाणु परीक्षणों का वैज्ञानिक नेतृत्व डॉ. कलाम (डीआरडीओ प्रमुख एवं रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार) और डॉ. आर. चिदंबरम (परमाणु ऊर्जा आयोग प्रमुख) ने किया था। • 11वें राष्ट्रपति (2002–2007): सर्वसम्मति से भारत के राष्ट्रपति निर्वाचित; इन्हें 'जनता का राष्ट्रपति' (People's President) कहा जाता है। • सर्वोच्च नागरिक सम्मान: 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण तथा वर्ष 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से विभूषित। • प्रमुख पुस्तकें: विंग्स ऑफ फायर (Wings of Fire - आत्मकथा), इग्नाइटेड माइंड्स (Ignited Minds), इंडिया 2020 (India 2020), टर्निंग पॉइंट्स व टारगेट 3 बिलियन।
  • ✓कलाम का 'पूरा' (PURA) मॉडल एवं आत्मनिर्भर भारत: • PURA मॉडल (Providing Urban Amenities to Rural Areas): ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी स्तर की चार कनेक्टिविटी — भौतिक (Physical), इलेक्ट्रॉनिक (Electronic), ज्ञान (Knowledge) और आर्थिक (Economic) कनेक्टिविटी प्रदान करने की परिकल्पना, जो आज के 'रूर्बन मिशन' व डिजिटल विलेज का आधार बनी। • शिक्षण एवं अंतिम क्षण: 27 जुलाई 2015 को आईआईएम शिलांग में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इनका देहावसान हुआ। संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा इनके 79वें जन्मदिवस (2010) पर 15 अक्टूबर को 'विश्व छात्र दिवस' के रूप में मान्यता देने की घोषणा की गई थी। • संबंधित अध्ययन नोट्स: भारत की अंतरिक्ष व रक्षा प्रौद्योगिकी नोट्स एवं RPSC RAS 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानECONOMYGOVERNANCERASCETUPSCPATWARI

महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था: "अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस" (15 अक्टूबर 2026) — लखपति दीदी योजना, नमो ड्रोन दीदी व राजस्थान "राजीविका" (RGAVP) महिला निधि मॉडल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

15 अक्टूबर 2026 को पूरे विश्व में संयुक्त राष्ट्र द्वारा "अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस" (International Day of Rural Women 2026) मनाया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा "सशक्त ग्रामीण नारी: खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और जलवायु लचीलापन" विषय पर राज्यस्तरीय महिला आजीविका सम्मेलन (जयपुर) आयोजित किया गया। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (RGAVP - राजीविका) द्वारा राज्य के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को "लखपति दीदी" (वार्षिक आय ₹1 लाख+) बनाने और उत्तर भारत के पहले महिला सहकारी बैंक "राजस्थान महिला निधि" के वित्तीय समावेशन आंकड़ों की समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस का वैश्विक परिप्रेक्ष्य (UPSC/RAS Core): • इतिहास एवं विधिक आधार: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 18 दिसंबर 2007 को संकल्प 62/136 पारित कर 15 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के रूप में अधिसूचित किया गया (15 अक्टूबर 2008 को पहला दिवस)। • 15 अक्टूबर का रणनीतिक महत्व: यह दिवस 16 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 'विश्व खाद्य दिवस' (World Food Day) से ठीक एक दिन पूर्व पड़ता है, जो कृषि उत्पादन, बीज संरक्षण और खाद्य सुरक्षा में ग्रामीण महिलाओं के केंद्रीय श्रम को रेखांकित करता है। • 2026 का वैश्विक विज़न: "कृषि-खाद्य प्रणालियों में ग्रामीण महिलाओं की अग्रणी भूमिका: पोषण, जल संरक्षण एवं जलवायु अनुकूलन"।
  • ✓भारत सरकार के प्रमुख ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम: • दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM): देश के 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना। • 'लखपति दीदी' योजना (Lakhpati Didi Scheme): - लक्ष्य: ग्रामीण SHG की 3 करोड़ महिलाओं को स्थायी कृषि, पशुपालन, मशरूम उत्पादन, जैविक खाद और सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से न्यूनतम ₹1 लाख की वार्षिक शुद्ध आय सुनिश्चित कराना। • 'नमो ड्रोन दीदी' योजना (Namo Drone Didi Scheme): - चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि ड्रोन का आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और 80% वित्तीय सब्सिडी; नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों के वैज्ञानिक छिड़काव हेतु ड्रोन पायलट के रूप में ग्रामीण आजीविका का सृजन।
  • ✓राजस्थान राजीविका एवं महिला निधि मॉडल (High-Yield RPSC GK): • राजीविका (RGAVP - Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad): - स्थापना: अक्टूबर 2010; सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1958 के तहत स्वायत्त संस्था; अध्यक्ष: मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार। - ब्रांड एंबेसडर: अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त हस्तशिल्प कलाकार एवं नारी शक्ति पुरस्कार विजेता रूमा देवी (बाड़मेर)। • 'राजस्थान महिला निधि' सहकारी साख समिति: - शुभारंभ: 26 अगस्त 2022 (महिला समानता दिवस); तेलंगाना के 'स्त्री निधि' मॉडल की तर्ज पर स्थापित उत्तर भारत का पहला महिला सहकारी बैंक। - कार्यप्रणाली: SHG सदस्यों को ₹40,000 तक का ऋण 48 घंटे में तथा उद्यम स्थापना हेतु बड़े ऋण 15 दिनों में डिजिटल रूप से उपलब्ध कराना। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाएं नोट्स एवं राजस्थान CET 12th लेवल टेस्ट सीरीज़।
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राष्ट्रीयHEALTHENVIRONMENTGEOGRAPHYRASUPSCCET

वैश्विक स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जल प्रबंधन: "विश्व हाथ धुलाई दिवस" (15 अक्टूबर 2026) — जल जीवन मिशन (JJM), स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G फेज-2) व राजस्थान पेयजल मॉडल (PK-ERCP)

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

15 अक्टूबर 2026 को वैश्विक स्तर पर "विश्व हाथ धुलाई दिवस" (Global Handwashing Day 2026) का आयोजन किया गया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, यूनिसेफ (UNICEF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जल, स्वच्छता एवं स्वच्छता (WASH) संकेतकों की राष्ट्रीय रिपोर्ट 2026 जारी की गई। राजस्थान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा सभी 50 जिलों के 1.10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' पहुंचाने के लक्ष्य के तहत संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PK-ERCP) लिंक परियोजना तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के ओडीएफ प्लस (ODF Plus) मॉडल गांवों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓विश्व हाथ धुलाई दिवस एवं WASH रूपरेखा (UPSC/RAS Core): • इतिहास एवं शुरुआत: वर्ष 2008 में 'ग्लोबल हैंडवाशिंग पार्टनरशिप' द्वारा शुरू; 2008 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 'अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता वर्ष' घोषित किया गया था। • 2026 की थीम: "स्वच्छ हाथ, स्वस्थ भविष्य: साबुन से हाथ धोना जीवन रक्षा का मूल अधिकार" (Clean Hands, Healthy Future: Hand Hygiene for All)। • सतत विकास लक्ष्य (SDG-6): वर्ष 2030 तक सभी के लिए स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता व सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना; डायरिया, हैजा और श्वसन संक्रमणों में साबुन से हाथ धोने से 40% तक की कमी।
  • ✓जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission - JJM) का वैधानिक व वित्तीय ढांचा: • शुभारंभ: 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से घोषित। • लक्ष्य: देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (lpcd) की दर से क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) उपलब्ध कराना। • वित्तपोषण अनुपात (Funding Ratio): - हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10 (केंद्र:राज्य)। - अन्य सामान्य राज्यों (राजस्थान सहित) में 50:50। - केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्रीय वित्तपोषण। • जल गुणवत्ता निगरानी: फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को जल नमूनों में फ्लोराइड, टीडीएस और लवणता की जांच का अनिवार्य प्रशिक्षण।
  • ✓राजस्थान में पेयजल चुनौतियां एवं संशोधित पीके-ईआरसीपी (PK-ERCP): • राजस्थान की जल संकट स्थिति: देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 10.41% और कुल जनसंख्या का 5.67% होने के बावजूद राजस्थान में देश के कुल सतही जल संसाधनों का मात्र 1.16% और भूजल का 1.72% ही उपलब्ध है। • संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (Modified PK-ERCP): - राजस्थान और मध्य प्रदेश के मध्य जनवरी 2024 में ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित; राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) के तहत अंतर-नदी जोड़ो (ILR) परियोजना का हिस्सा। - लाभान्वित क्षेत्र: पूर्वी राजस्थान के 21 जिलों (झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर आदि) को वर्ष 2051 तक निर्बाध पेयजल व 2.8 लाख हेक्टेयर सिंचाई जल। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान का अपवाह तंत्र, नदियां एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं एवं राजस्थान पटवारी 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राष्ट्रीयECONOMYPOLITYUPSCRASCETREET

खाद्य सुरक्षा, कुपोषण निवारण एवं सामाजिक न्याय: वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) 2026 एवं पोषण अभियान — राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA 2013), सक्षम आंगनवाड़ी व श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

अक्टूबर 2026 में यूरोपीय गैर-सरकारी संस्थाओं वेल्थुंगरहिल्फ़ (Welthungerhilfe, जर्मनी) और कंसर्न वर्ल्डवाइड (Concern Worldwide, आयरलैंड) द्वारा 'वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2026' (Global Hunger Index - GHI 2026) रिपोर्ट प्रकाशित की गई। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और नीति आयोग द्वारा जीएचआई की कार्यप्रणाली की सीमाओं को रेखांकित करते हुए भारत में 'सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0' (POSHAN 2.0), प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) तथा राजस्थान सरकार की 'श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना' व 'मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना' के माध्यम से कुपोषण निवारण के ठोस धरातलीय परिणामों का विस्तृत डेटा जारी किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) का मापन ढांचा (UPSC/RAS Core Concepts): • आयोजक एवं गणना: वेल्थुंगरहिल्फ़ व कंसर्न वर्ल्डवाइड द्वारा प्रतिवर्ष अक्टूबर में जारी; 0 से 100 अंकों के पैमाने पर भुखमरी की गंभीरता मापी जाती है (0 = भुखमरी रहित, 100 = सर्वाधिक गंभीर भुखमरी)। • 4 प्रमुख घटक संकेतक (Key Indicators): 1. अल्पपोषण (Undernourishment): कुल जनसंख्या में अपर्याप्त कैलोरी सेवन वाले लोगों का अनुपात (FAO डेटा आधारित; भार 1/3)। 2. बाल नाटापन (Child Stunting): 5 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिनका कद उनकी आयु की तुलना में कम है — यह दीर्घकालिक कुपोषण का परिचायक है (भार 1/6)। 3. बाल दुर्बलता (Child Wasting): 5 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिनका वजन उनके कद के अनुपात में कम है — यह तीव्र कुपोषण का सूचक है (भार 1/6)। 4. बाल मृत्यु दर (Child Mortality): 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (UN IGME डेटा; भार 1/3)।
  • ✓भारत में पोषण एवं खाद्य सुरक्षा का विधिक ढांचा: • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA 2013 - 10 सितंबर 2013 से प्रभावी): - विधिक अधिकार: देश की 67% जनसंख्या (75% ग्रामीण व 50% शहरी आबादी) को अत्यंत रियायती दर पर खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार। - अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को 35 किग्रा प्रति परिवार तथा प्राथमिकता प्राप्त परिवारों (PHH) को 5 किग्रा प्रति व्यक्ति खाद्यान्न। • पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY): 80 करोड़ से अधिक NFSA लाभार्थियों को 5 वर्ष (2028 तक) के लिए शत-प्रतिशत निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की केंद्रीय गारंटी। • सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 (Mission Saksham Anganwadi & POSHAN 2.0): गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों और किशोरियों में एनीमिया व बौनेपन को कम करने हेतु डिजिटल ट्रैकिंग (पोषण ट्रैकर ऐप)।
  • ✓राजस्थान में पोषण सुरक्षा योजनाएं (RPSC High-Yield Exam Facts): • श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (पूर्व नाम इंदिरा रसोई): - राज्य के शहरी एवं कस्बाई क्षेत्रों में जरूरतमंदों को मात्र ₹8 में पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण ताजा भोजन; थाली का कुल वजन बढ़ाकर 450 ग्राम (100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती व आचार) किया गया; सरकार द्वारा प्रति थाली ₹22 का अनुदान। • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना (Mukhyamantri Bal Gopal Yojana): - 29 नवंबर 2022 से शुरू; राजकीय विद्यालयों, मदरसों व विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को सप्ताह के सभी शैक्षणिक दिवसों में निःशुल्क फोर्टिफाइड गाय का दूध (कक्षा 1-5 हेतु 150 मिली व कक्षा 6-8 हेतु 200 मिली) उपलब्ध कराना। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान की सामाजिक सुरक्षा एवं पोषण योजनाएं नोट्स एवं राजस्थान CET स्नातक टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थानGEOGRAPHYECONOMYRASCETPATWARIUPSC

राजस्थान खनिज, ऊर्जा एवं औद्योगिक विकास: क्रिटिकल मिनरल्स व रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) — डेगाना लिथियम, बाड़मेर-जालोर भंडार, पचपदरा रिफाइनरी व राजस्थान "खनिजों का अजायबघर"

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

15 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय खान मंत्रालय और राजस्थान खान एवं भूविज्ञान विभाग (DMG, उदयपुर) द्वारा राज्य में 'महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों' (Critical and Strategic Minerals) की नीलामी और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के नवीनतम भू-वैज्ञानिक अन्वेषणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना (रेवंत पहाड़ी - ऐतिहासिक टंगस्टन क्षेत्र) में लिथियम और टंगस्टन के सामरिक भंडारों तथा बाड़मेर (सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स व कामठी) एवं जालोर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE - नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम व लैंथेनम) के दोहन हेतु पर्यावरण-अनुकूल खनन रूपरेखा को स्वीकृति दी गई। साथ ही पचपदरा (बालोतरा) स्थित एचआरआरएल (HRRL) रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के वाणिज्यिक उत्पादन तैयारियों का जायजा लिया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान: 'खनिजों का अजायबघर' (Museum of Minerals - RPSC Core Data): • खनिज विविधता: राजस्थान में कुल 81 विभिन्न प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जिनमें से 57 खनिजों का व्यावसायिक रूप से खनन किया जा रहा है। • एकाधिकार वाले खनिज (100% Sole Producer in India): - वोलेस्टोनाइट (Wollastonite) - सिरोही, उदयपुर, अजमेर। - जास्पर (Jasper) - जोधपुर। - सेलेनाइट (Selenite) - बीकानेर, बाड़मेर। • 90% से अधिक उत्पादन वाले प्रमुख खनिज: - सीसा-जस्ता (Lead-Zinc) - जावर (उदयपुर), रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा - विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत जस्ता खान), राजपुरा-दरीबा (राजसमंद)। - जिप्सम (Gypsum) - जामसर (बीकानेर - देश की सबसे बड़ी खान), नागौर। - कैल्साइट (Calcite) व संगमरमर (Marble - मकराना, राजसमंद)। - रॉक फॉस्फेट (Rock Phosphate) - झामर-कोटड़ा (उदयपुर - सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता)।
  • ✓डेगाना लिथियम एवं बाड़मेर रेयर अर्थ भंडार (Strategic Importance): • डेगाना (नागौर - रेवंत पहाड़ी): - ऐतिहासिक महत्व: प्रथम विश्व युद्ध के समय (1914) से भारत में टंगस्टन (वुल्फ्रामाइट अयस्क) की प्रसिद्ध खान। - नवीनतम खोज: जीएसआई (GSI) अन्वेषणों में डेगाना के ग्रेनाइटिक और ग्रीसन चट्टानों में उच्च-ग्रेड लिथियम और टंगस्टन अयस्क की उपस्थिति प्रमाणित। लिथियम को 'व्हाइट गोल्ड' (White Gold) कहा जाता है, जो ईवी बैटरी और सौर ऊर्जा स्टोरेज का आधार है। • सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स (बाड़मेर) व जालोर REE: - ज्वालामुखी काल्डेरा संरचना; नियोडिमियम (Nd), डिस्प्रोसियम (Dy) और प्रेजोडायमियम (Pr) जैसे 17 दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) का समृद्ध भंडार; पवन टर्बाइन, लड़ाकू विमानों और मिसाइल गाइडेंस सिस्टम में अनिवार्य।
  • ✓पचपदरा पेट्रोलियम रिफाइनरी (HRRL - बालोतरा): • परियोजना स्वरूप: एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) — हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का 74:26 के इक्विटी अनुपात में संयुक्त उपक्रम। • क्षमता: 9 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष); भारत की प्रथम ऐसी एकीकृत रिफाइनरी जो पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के साथ स्थापित है (बीएस-6 मानक ईंधन)। • बाड़मेर-सांचौर बेसिन: देश का सबसे बड़ा ऑनशोर क्रूड ऑयल बेसिन; मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, शक्ति व सरस्वती प्रमुख तेल कुएं। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान के खनिज संसाधन, ऊर्जा एवं उद्योग नोट्स एवं राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर / CET मॉक टेस्ट।
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खेलSPORTSRASCETPOLICEREETUPSC

अंतरराष्ट्रीय खेल एवं निशानेबाजी परिदृश्य: ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2026 (नई दिल्ली) — डॉ. कर्णी सिंह (बीकानेर), राजस्थान निशानेबाज व ओलंपिक कोटा लक्ष्य 2028

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

15 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के तत्वावधान में प्रतिष्ठित 'ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2026' (ISSF World Cup Final Rifle/Pistol/Shotgun) का भव्य शुभारंभ नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में हुआ। विश्व भर के शीर्ष 120 निशानेबाज इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज विवान कपूर (ट्रैप), अनंत जीत सिंह नरूका (स्कीट, उनियारा-टोंक), दिव्यांश सिंह पंवार (10 मीटर एयर राइफल, जयपुर) और पेरिस पैरालंपिक दोहरी पदक विजेता अवनी लेखरा के उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं बीकानेर के महाराजा डॉ. कर्णी सिंह के खेल योगदान की विशेष समीक्षा की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज एवं महाराजा कर्णी सिंह का ऐतिहासिक अवदान (RPSC Favorite): • डॉ. कर्णी सिंह (बीकानेर के 23वें महाराजा - 1924–1988): - भारतीय निशानेबाजी के जनक (Father of Indian Clay Pigeon Shooting); वर्ष 1961 में निशानेबाजी में भारत का पहला 'अर्जुन पुरस्कार' प्राप्त करने वाले खिलाड़ी। - 5 ओलंपिक खेलों (1960 रोम, 1964 टोक्यो, 1968 मैक्सिको, 1972 म्यूनिख, 1980 मॉस्को) में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रथम भारतीय एथलीट। - विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप (1962 काहिरा): ट्रैप शूटिंग में ऐतिहासिक रजत पदक जीता। • डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज (तुगलकाबाद, नई दिल्ली): 1982 के एशियाई खेलों के अवसर पर निर्मित और राष्ट्रमंडल खेल 2010 में अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पुनर्निर्मित भारत का प्रमुख राष्ट्रीय शूटिंग परिसर।
  • ✓राजस्थान के उभरते अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं हालिया उपलब्धियां: • अनंत जीत सिंह नरूका (Anant Jeet Singh Naruka - उनियारा, टोंक): - पुरुष स्कीट निशानेबाजी में भारत के शीर्ष एथलीट; एशियाई खेल 2023 (हांगझोउ) में व्यक्तिगत रजत पदक और पेरिस ओलंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन। • विवान कपूर (Vivaan Kapoor - जयपुर): - अंतरराष्ट्रीय ट्रैप स्पर्धाओं में विश्व कप पदक विजेता। • दिव्यांश सिंह पंवार (Divyansh Singh Panwar - जयपुर): - 10 मीटर एयर राइफल में पूर्व विश्व नंबर-1 और विश्व कप में अनेक स्वर्ण पदक विजेता। • अवनी लेखरा (Avani Lekhara - जयपुर): - टोक्यो 2020 पैरालंपिक में स्वर्ण व कांस्य तथा पेरिस 2024 पैरालंपिक में 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार दो पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण जीतने वाली भारत की प्रथम महिला एथलीट; मेजर ध्यानचंद खेल रत्न व पद्मश्री से सम्मानित।
  • ✓राजस्थान निशानेबाजी अवसंरचना एवं खेल नीतियां: • जगतपुरा शूटिंग रेंज (जयपुर): राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय मानकों की आधुनिक शूटिंग रेंज; राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र। • महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार: राजस्थान के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाने वाला राज्य का सर्वोच्च खेल पुरस्कार (पुरस्कार राशि: ₹5 लाख)। • आउट-ऑफ-टर्न राजकीय सेवा नियुक्ति: अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को राजस्थान पुलिस में डीएसपी/सब-इंस्पेक्टर या राजस्थान प्रशासनिक सेवा में सीधी नियुक्ति की राज्य नीति। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान खेल परिदृश्य, खिलाड़ी एवं पुरस्कार नोट्स एवं राजस्थान पुलिस कांस्टेबल 2026 टेस्ट सीरीज़।
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राजस्थान इतिहास, आधुनिक निर्माण एवं विरासत (15 अक्टूबर विशेष): महाराजा गंगा सिंह (बीकानेर) — गंग नहर (1927), गोलमेज सम्मेलन, नरेंद्र मंडल (Chamber of Princes) व बीकानेर प्रजामंडल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

15 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के आधुनिक इतिहास, सिंचित कृषि और मरुस्थलीय विकास के प्रणेता बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह (Maharaja Ganga Singh - 1880–1943) की ऐतिहासिक प्रशासनिक दृष्टि, गंग नहर के 99 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीगंगानगर व बीकानेर में 'जल भागीरथ स्मृति संगोष्ठी' का आयोजन किया गया। साथ ही राजस्थान राज्य अभिलेखागार (बीकानेर) द्वारा रियासती काल के ऐतिहासिक दस्तावेजों, नरेंद्र मंडल (Chamber of Princes 1921), प्रथम विश्व युद्ध के गंगा रिसाला (Camel Corps) और 1930 के लंदन गोलमेज सम्मेलनों के मूल पत्राचार की विशेष डिजिटल प्रदर्शनी का अनावरण किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓महाराजा गंगा सिंह का परिचय एवं मरुभूमि का भागीरथ (RPSC Most Asked Topic): • शासनकाल: 1887 से 1943 (बीकानेर रियासत); आधुनिक बीकानेर के निर्माता एवं 'मरुभूमि का आधुनिक भागीरथ' (Modern Bhagirath of Desert) कहा जाता है। • गंग नहर (Gang Canal - 1927): - आवश्यकता: 1899–1900 के कुख्यात 'छप्पनिया अकाल' (Chhappanya Akal - वि.सं. 1956) के भीषण जन-धन संहार के बाद स्थाई सिंचाई का संकल्प। - मुख्य अभियंता: विख्यात सिंचाई इंजीनियर राय बहादुर कंवर सेन (बाद में इंदिरा गांधी नहर के भी शिल्पकार)। - आधारशिला: 1921; सतलुज नदी पर फिरोजपुर हेडवर्क्स (हुसैनीवाला) से निकाली गई। - औपचारिक उद्घाटन: 26 अक्टूबर 1927 को भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन (Lord Irwin) द्वारा शिवपुर हेड (श्रीगंगानगर) पर पानी प्रवाहित कर किया गया। - प्रभाव: थार के रेगिस्तान (रामनगर) को अन्न के कटोरे 'श्रीगंगानगर' में तब्दील कर दिया। यह राजस्थान की प्रथम वृहद नहर प्रणाली है।
  • ✓राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक योगदान: • गंगा रिसाला (Bikaner Camel Corps): - महाराजा गंगा सिंह की प्रसिद्ध ऊंट सवार सैन्य टुकड़ी; चीन के बॉक्सर विद्रोह (Boxer Rebellion 1900) में भाग लिया; प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध में मिस्र व सोमालिया मोर्चे पर अद्वितीय वीरता। • वर्साय की शांति संधि (Treaty of Versailles 1919): - प्रथम विश्व युद्ध के बाद पेरिस शांति सम्मेलन में ब्रिटिश भारत के एकमात्र गैर-यूरोपीय देशी रियासती शासक के रूप में ऐतिहासिक वर्साय संधि पर हस्ताक्षर किए। • नरेंद्र मंडल (Chamber of Princes 1921): - भारत शासन अधिनियम 1919 के तहत 8 फरवरी 1921 को दिल्ली के लाल किले में स्थापित राजाओं की शीर्ष संस्था; महाराजा गंगा सिंह इसके प्रथम चांसलर (Chancellor 1921–1926) चुने गए। • तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भागीदारी (1930, 1931, 1932): - लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में देशी रियासतों का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र शासक।
  • ✓बीकानेर रियासत में जन आंदोलन एवं प्रजामंडल (High-Yield Facts): • बीकानेर प्रजामंडल: - स्थापना: 4 अक्टूबर 1936 को मघाराम वैद्य और लक्ष्मण दास स्वामी द्वारा कलकत्ता (कोलकाता) में की गई (राज्य से बाहर स्थापित होने वाला प्रजामंडल)। • बीकानेर दिग्दर्शन (Bikaner Digdarshan 1931): - लंदन गोलमेज सम्मेलन में महाराजा की यात्रा के दौरान अमृतलाल सेठी व चंदनमल बहड़ द्वारा बीकानेर राज्य के निरंकुश शासन की पोल खोलते हुए पर्चे बांटे गए; इसके बाद 'बीकानेर षड्यंत्र केस' (1932) चलाया गया। • दूधवा खारा किसान आंदोलन (चूरू): - जागीरदारों के अत्याचारों के विरुद्ध हनुमान सिंह आर्य और मघाराम वैद्य के नेतृत्व में चलाया गया ऐतिहासिक आंदोलन। • संबंधित अध्ययन नोट्स: राजस्थान का इतिहास, प्रजामंडल आंदोलन एवं किसान आंदोलन नोट्स एवं राजस्थान REET एवं शिक्षक भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़।