सोमवार, 12 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
12 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 12 अक्टूबर "राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का 33वां स्थापना दिवस" (33rd Foundation Day of NHRC), मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993, 2019 संशोधन अधिनियम, पेरिस सिद्धांत व राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC, जयपुर) की धारा 21 के तहत विधिक शक्तियां; राजस्थान औद्योगिक परिदृश्य के तहत "राइजिंग राजस्थान" (Rising Rajasthan) ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2026 समीक्षा, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2026 (RIPS 2026), वन स्टॉप शॉप (OSS) प्रणाली, रीको (RIICO) औद्योगिक पार्क व पचपदरा रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स; विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा "विश्व गठिया दिवस 2026" (World Arthritis Day - 12 अक्टूबर), राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD), बायोसिमिलर चिकित्सा व राजस्थान आयुर्वेद अनुसंधान; भारत के राष्ट्रीय अवसंरचना नियोजन "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (PM GatiShakti National Master Plan) के 5 वर्ष पूर्ण, 7 इंजन, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP), यूलिप (ULIP) व पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (WDFC) का राजस्थान में 566 किमी नेटवर्क; इसरो (ISRO) का आगामी चंद्र अन्वेषण रोडमैप, चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4 Lunar Sample Return Mission), लूपेक्स (LUPEX-JAXA), गगनयान क्रू-एस्केप मॉड्यूल व भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS 2035); राजस्थान पर्यावरण एवं जैव विविधता के तहत धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (राजस्थान का 5वां, भारत का 54वां), कुंभलगढ़ वन्यजीव संरक्षण प्रस्ताव, प्रोजेक्ट टाइगर के 53 वर्ष व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA); तथा 27वीं एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 (अस्ताना) में भारतीय पैडलर्स के ऐतिहासिक पदक, ISSF विश्व कप 2026 व राजस्थान खेल प्रोत्साहन नीति का संपूर्ण परीक्षा-केंद्रित विश्लेषण।
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राष्ट्रीयPOLITYUPSCRASCETPATWARI
राष्ट्रीय शासन, मानवाधिकार एवं विधिक ढांचा: "राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का 33वां स्थापना दिवस" (12 अक्टूबर 2026) — मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993, 2019 संशोधन, पेरिस सिद्धांत व राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC)
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
12 अक्टूबर 1993 को स्थापित भारत का सर्वोच्च मानवाधिकार प्रहरी "राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग" (National Human Rights Commission - NHRC) 12 अक्टूबर 2026 को अपना 33वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC, जयपुर) द्वारा राज्य के कारागारों, नारी निकेतनों और मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानवाधिकारों के संरक्षण तथा डिजिटल "मानव अधिकार निगरानी पोर्टल" के सुदृढ़ीकरण की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट जारी की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓NHRC का विधिक एवं संस्थागत ढांचा (UPSC/RAS Core):
• स्थापना: 12 अक्टूबर 1993 को; मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (Protection of Human Rights Act - PHRA, 1993) के अंतर्गत।
• स्वरूप: यह एक स्वतंत्र वैधानिक निकाय (Statutory Body) है (संवैधानिक नहीं)।
• अंतरराष्ट्रीय आधार: संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंगीकृत 'पेरिस सिद्धांतों' (Paris Principles, 1991) के अनुरूप, जिनका अनुमोदन 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किया गया था।
• मुख्यालय: नई दिल्ली (मानव अधिकार भवन)।
✓संरचना एवं मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रमुख बदलाव (High-Yield RPSC Exam Facts):
• आयोग के अध्यक्ष की पात्रता: 2019 संशोधन के बाद, भारत का कोई पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) अथवा उच्चतम न्यायालय का कोई पूर्व न्यायाधीश भी NHRC का अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।
• न्यायिक व विशेषज्ञ सदस्य:
- 1 सदस्य: उच्चतम न्यायालय का कार्यरत या पूर्व न्यायाधीश।
- 1 सदस्य: किसी उच्च न्यायालय का कार्यरत या पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
- 3 विशेषज्ञ सदस्य: मानवाधिकारों का व्यावहारिक ज्ञान या अनुभव रखने वाले व्यक्ति (जिनमें कम से कम एक महिला का होना अनिवार्य है)।
• पदेन सदस्य (Ex-Officio Members): 7 राष्ट्रीय आयोगों के अध्यक्ष — राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, NCSC (अनुसूचित जाति), NCST (अनुसूचित जनजाति), NCW (महिला आयोग), NCBC (पिछड़ा वर्ग आयोग), NCPCR (बाल अधिकार आयोग) तथा दिव्यांगजनों के लिए मुख्य आयुक्त।
• कार्यकाल: 2019 संशोधन के अनुसार 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु (पूर्व में 5 वर्ष थी); पुनर्नियुक्ति के पात्र।
✓नियुक्ति समिति (High-Yield 6-सदस्यीय कोलेजियम):
• राष्ट्रपति द्वारा एक 6-सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर नियुक्ति की जाती है:
1. प्रधानमंत्री (समिति के अध्यक्ष)
2. केंद्रीय गृह मंत्री
3. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)
4. लोकसभा में विपक्ष का नेता
5. राज्यसभा में विपक्ष का नेता
6. राज्यसभा का उपसभापति (Deputy Chairman)
(नोट: भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श आवश्यक होता है यदि किसी कार्यरत न्यायाधीश को नियुक्त किया जाए)।
✓राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC - Rajasthan State Human Rights Commission):
• वैधानिक आधार: PHRA 1993 की धारा 21 के तहत राज्य सरकार की अधिसूचना 18 जनवरी 1999 द्वारा गठित; मार्च 2000 से पूर्णतः क्रियाशील।
• मुख्यालय: जयपुर।
• संरचना: 1 अध्यक्ष और 2 सदस्य (कुल 3 सदस्य); 2006 के संशोधन के बाद सदस्यों की संख्या 4 से घटाकर 2 की गई थी।
• अध्यक्ष की पात्रता: उच्च न्यायालय का पूर्व मुख्य न्यायाधीश अथवा पूर्व न्यायाधीश।
• राज्य स्तरीय 4-सदस्यीय चयन समिति: 1. मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), 2. गृह मंत्री, 3. विधानसभा अध्यक्ष, 4. विधानसभा में विपक्ष का नेता।
• कार्यक्षेत्र एवं शक्तियां: संविधान की 7वीं अनुसूची की राज्य सूची (List-II) और समवर्ती सूची (List-III) के विषयों पर मानवाधिकार उल्लंघन की जांच; यह सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC 1908) के तहत दीवानी अदालत (Civil Court) की शक्तियां रखता है। आयोग की सिफारिशें सलाहकारी (Advisory) होती हैं।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) विस्तृत नोट्स व शक्तियां](/notes/rajasthan-state-human-rights-commission-shrc) एवं [RPSC RAS Prelims 2026 टेस्ट सीरीज़](/test-series/rpsc-ras-prelims-2026)।
राजस्थान उद्योग, अर्थव्यवस्था एवं निवेश: "राइजिंग राजस्थान" (Rising Rajasthan) वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2026 — RIPS 2026, वन स्टॉप शॉप (OSS), रीको (RIICO) औद्योगिक क्लस्टर एवं पचपदरा रिफाइनरी
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
12 अक्टूबर 2026 को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आगामी 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2026' (Rising Rajasthan Global Investment Summit 2026) के तहत हस्ताक्षरित ₹5.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश करारों (MoUs) के धरातल पर क्रियान्वयन की प्रगति समीक्षा बैठक जयपुर में आयोजित की गई। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2026 (RIPS 2026) के तहत सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्योगों को 100% स्टांप शुल्क छूट, कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज और वन स्टॉप शॉप (OSS) के माध्यम से 30 दिनों में सभी एनओसी जारी करने का निर्णय लिया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS 2026) की प्रमुख विशेषताएं (RPSC Core):
• उद्देश्य: राज्य में तीव्र, सतत एवं संतुलित औद्योगिक विकास, निजी पूंजी निवेश को प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं हेतु 10 लाख नए रोजगार सृजन।
• प्रमुख प्रोत्साहन (Incentives):
- 100% स्टांप शुल्क व भूमि रूपांतरण शुल्क में छूट।
- 7 वर्षों के लिए देय शुद्ध राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) का 75% पुनर्भरण (Reimbursement)।
- 5 वर्षों के लिए विद्युत शुल्क (Electricity Duty) में 100% छूट।
- पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक इकाइयों (Green Industry) हेतु शून्य तरल निर्वहन (ZLD) व अपशिष्ट पुनर्चक्रण पर 50% पूंजीगत अनुदान (अधिकतम ₹1 करोड़)।
• थ्रस्ट सेक्टर्स (Thrust Sectors): नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, ऑटोमोबाइल व ईवी निर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र व परिधान, और एग्रो-प्रोसेसिंग।
✓वन स्टॉप शॉप (One Stop Shop - OSS) प्रणाली एवं बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट:
• वैधानिक आधार: 'राजस्थान उद्यम एकल खिड़की समर्थकारी और अनुज्ञापन अधिनियम, 2020' के तहत लागू।
• बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट (Board of Investment): मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शीर्ष वैधानिक संस्था, जो ₹10 करोड़ से अधिक के बड़े निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान करती है।
• ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (BIP): 1991 में स्थापित; राजस्थान में बड़े देशी और विदेशी निवेश को आकर्षित करने वाली नोडल एजेंसी।
✓रीको (RIICO) एवं राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर (Exam Favorite GK):
• राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम (RIICO): 1969 में स्थापित (1980 में स्वतंत्र रूप से RIICO के रूप में पुनर्गठित); मुख्यालय: उद्योग भवन, जयपुर।
• प्रमुख विशिष्ट औद्योगिक पार्क:
1. जापानी पार्क (Japanese Industrial Zone): नीमराना (अलवर) और घिलोठ (खैरथल-तिजारा) — जेट्रो (JETRO) के सहयोग से।
2. सिरेमिक एवं ग्लास जोन: घिलोठ (खैरथल-तिजारा)।
3. कोरियन जोन (Korean Zone): घिलोठ।
4. फिनटेक पार्क (Fintech Park): मानसरोवर, जयपुर।
5. मेडिकल डिवाइसेज पार्क: बोरनाड़ा, जोधपुर।
6. चमड़ा पार्क (Leather Complex): मानपुरा माचेड़ी, जयपुर।
7. मसाला पार्क (Spice Park): रामगंजमंडी (कोटा) व मथानिया (जोधपुर)।
• पचपदरा रिफाइनरी (बालोतरा): HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL - HPCL 74% : राजस्थान सरकार 26%); क्षमता 9 MMTPA; BS-VI मानक ईंधन; इसके पास 383 वर्ग किमी में पेट्रोकेमिकल इन्वेस्टमेंट रीजन (PCPIR) विकसित किया जा रहा है।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [राजस्थान अर्थव्यवस्था एवं आर्थिक समीक्षा नोट्स](/notes/rajasthan-economy-economic-survey-notes) एवं [राजस्थान CET स्नातक लेवल टेस्ट सीरीज़](/test-series/rajasthan-cet-graduation-2026)।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विज्ञान: "विश्व गठिया दिवस" (World Arthritis Day - 12 अक्टूबर 2026) — मस्कुलोस्केलेटल विकार, राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यक्रम (NP-NCD), बायोसिमिलर चिकित्सा व राजस्थान आयुर्वेद अनुसंधान
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
प्रतिवर्ष 12 अक्टूबर को विश्व स्तर पर "विश्व गठिया दिवस" (World Arthritis Day - WAD) मनाया जाता है। 12 अक्टूबर 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूरोपियन एलायंस ऑफ एसोसिएशंस फॉर रूमेटोलॉजी (EULAR) द्वारा मस्कुलोस्केलेटल (हड्डी, जोड़ और मांसपेशियों) विकारों पर वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्ट 2026 जारी की गई। साथ ही केंद्रीय आयुष मंत्रालय और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय (जोधपुर) द्वारा गठिया (Osteoarthritis & Rheumatoid Arthritis) के प्रारंभिक निदान, पंचकर्म चिकित्सा और जीवनशैली प्रबंधन पर संयुक्त राष्ट्रीय क्लीनिकल गाइडलाइन जारी की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विश्व गठिया दिवस की पृष्ठभूमि एवं 2026 की थीम:
• शुरुआत: 12 अक्टूबर 1996 को अर्थराइटिस एंड रूमेटिज्म इंटरनेशनल (ARI) द्वारा पहला विश्व गठिया दिवस मनाया गया।
• 2026 की थीम: "सक्रिय जीवन, स्वस्थ जोड़: प्रारंभिक निदान से दीर्घकालिक गतिशीलता" (Informed Choices, Vibrant Lives: Early Diagnosis for Lifelong Mobility)।
• अर्थराइटिस के प्रकार:
1. ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis): जोड़ों के कार्टिलेज के घिसने से होने वाला विकार; सामान्यतः उम्र बढ़ने, मोटापे या अत्यधिक दबाव से घुटनों और कूल्हों में।
2. रूमेटॉइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis): एक स्वप्रतिरक्षी विकार (Autoimmune Disorder); शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली स्वयं के जोड़ों के ऊतकों (साइनोवियल मेम्ब्रेन) को नष्ट करने लगती है।
3. गाउट (Gout): रक्त में यूरिक एसिड (Uric Acid) के असामान्य संचय से जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल का जमाव (विशेष रूप से पैर के अंगूठे में)।
✓राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD):
• पुनर्गठन: पूर्ववर्ती NPCDCS कार्यक्रम का नाम बदलकर अब 'राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम' (NP-NCD) किया गया है।
• दायरा विस्तार: इसमें कैंसर, मधुमेह और हृदय रोगों के साथ-साथ अब क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) और मस्कुलोस्केलेटल विकारों को शामिल किया गया है।
• आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Ayushman Arogya Mandir): देश भर के 1.7 लाख से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की गैर-संचारी रोगों हेतु नियमित डिजिटल स्क्रीनिंग।
✓राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना एवं कल्याणकारी प्रावधान:
• मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY): ऑस्टियोअर्थराइटिस के गंभीर रोगियों के लिए घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) और कूल्हा प्रत्यारोपण (Hip Replacement) की सर्जरी कैशलेस पैकेज में शामिल।
• आयुर्वेद व पंचकर्म का एकीकरण: राजस्थान के प्रत्येक ब्लॉक में आयुष वेलनेस सेंटरों के माध्यम से जानु बस्ती, पत्र पोटली स्वेद और रसायन औषधियों का निःशुल्क वितरण।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [मानव रोग, प्रतिरक्षा तंत्र एवं स्वास्थ्य विज्ञान नोट्स](/notes/general-science-human-diseases-health) एवं [राजस्थान CET 12th लेवल मॉक टेस्ट सीरीज़](/test-series/rajasthan-cet-12th-level-2026)।
राष्ट्रीय अवसंरचना एवं रसद व्यवस्था: "पीएम गति शक्ति" (PM GatiShakti National Master Plan) के 5 वर्ष — 7 इंजन, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, यूलिप (ULIP) व पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (WDFC) का राजस्थान नेटवर्क (566 किमी)
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
अक्टूबर 2026 में भारत के क्रांतिकारी बुनियादी ढांचा नियोजन मंच "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (PM GatiShakti National Master Plan) के सफल संचालन के 5 वर्ष पूरे हुए (शुभारंभ: 13 अक्टूबर 2021)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी 5-वर्षीय प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, पीएम गति शक्ति जीआईएस-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से 150 से अधिक वृहद अवसंरचना परियोजनाओं (लागत ₹15 लाख करोड़+) के अंतर-विभागीय समन्वय को अभूतपूर्व गति मिली है। साथ ही राजस्थान से गुजरने वाले 'पश्चिमी समर्पित माल गलियारे' (Western Dedicated Freight Corridor - WDFC) के 566 किमी लंबे ट्रैक पर माल गाड़ियों की औसत गति 25 किमी/घंटा से बढ़कर 65 किमी/घंटा दर्ज की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का ढांचा (UPSC/RAS Core):
• शुभारंभ: 13 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा; ₹100 लाख करोड़ की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) को गति प्रदान करने हेतु।
• 6 प्रमुख स्तंभ (Six Pillars):
1. व्यापकता (Comprehensiveness): सभी मंत्रालयों की वर्तमान व भावी परियोजनाओं का एक केंद्रीकृत डेटाबेस।
2. प्राथमिकता (Prioritization): अंतर-विभागीय प्राथमिकताओं का निर्धारण।
3. अनुकूलन (Optimization): सबसे किफायती व दक्ष परिवहन मार्गों का चयन।
4. समन्वय (Synchronization): परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्ध तालमेल (सड़क बनने के बाद पाइपलाइन हेतु खुदाई रोकने जैसे समाधान)।
5. विश्लेषणात्मक (Analytical): इसरो उपग्रह चित्रों युक्त त्रि-आयामी (3D) जीआईएस स्थानिक योजना।
6. गतिशीलता (Dynamic): रियल-टाइम सैटेलाइट निगरानी।
• 7 इंजन (Seven Engines): सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना।
• तकनीकी विकासकर्ता: भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N, गांधीनगर)।
✓राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy - NLP):
• शुभारंभ: सितंबर 2022; उद्देश्य: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को वर्तमान में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 13-14% से घटाकर वैश्विक स्तर के अनुसार 8-9% पर लाना तथा 2030 तक लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) में भारत को शीर्ष 25 देशों में शामिल करना।
• यूलिप (ULIP - Unified Logistics Interface Platform): 7 मंत्रालयों के 34 डिजिटल सिस्टमों और 100+ एपीआई को एकीकृत कर माल ढुलाई का पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग समाधान।
✓पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (WDFC) एवं राजस्थान (Exam Favorite Facts):
• मार्ग: दादरी (उत्तर प्रदेश) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट - JNPT (नवी मुंबई, महाराष्ट्र) तक कुल 1,504 किमी।
• राजस्थान में विस्तार: WDFC का सर्वाधिक भाग (लगभग 566 किमी) राजस्थान से होकर गुजरता है (अलवर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर, ब्यावर, पाली और सिरोही जिले)।
• प्रमुख माल ढुलाई हब: फुलेरा (जयपुर), किशनगढ़ (अजमेर) और मारवाड़ जंक्शन (पाली)।
• दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC): WDFC के दोनों ओर 150 किमी के प्रभाव क्षेत्र में विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र; राजस्थान का लगभग 58% भूभाग इसके प्रभाव क्षेत्र (Influence Area) में आता है; खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना (KBNIR) और जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA) प्रमुख निवेश क्षेत्र हैं।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [राजस्थान भूगोल एवं परिवहन व्यवस्था नोट्स](/notes/rajasthan-geography-transportation-dmic) एवं [राजस्थान पटवारी भर्ती 2026 टेस्ट सीरीज़](/test-series/rajasthan-patwari-2026)।
अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: इसरो (ISRO) का चंद्र अन्वेषण व अंतरिक्ष स्टेशन रोडमैप — चंद्रयान-4 (Sample Return Mission), लूपेक्स (LUPEX-JAXA), गगनयान क्रू मॉड्यूल व भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS 2035)
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
12 अक्टूबर 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा अंतरिक्ष आयोग (Space Commission) को भारत के आगामी चंद्र और मानव अंतरिक्ष अभियानों की अद्यतन तकनीकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित "चंद्रयान-4" (Chandrayaan-4) मिशन के लिए दोहरे प्रक्षेपण (Dual-Launch) आर्किटेक्चर और चंद्र सतह से चट्टानों/मिट्टी के नमूनों को पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लाने की डॉकिंग प्रणाली का विस्तृत परीक्षण संपन्न हुआ। इसके साथ ही वर्ष 2028 तक भारत के स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन 'बीएएस-1' (BAS-1: Bharatiya Antariksh Station) के प्रथम मॉड्यूल के प्रक्षेपण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓चंद्रयान-4 मिशन (Chandrayaan-4 - Sample Return Mission - UPSC Core):
• मिशन का उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सुरक्षित लैंडिंग करना, सतह और उप-सतह से ड्रिलिंग कर चट्टानों व रेगोलिथ के 2-3 किलोग्राम नमूने एकत्र करना और उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाना।
• 5-मॉड्यूल की जटिल अंतरिक्ष संरचना:
1. प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module): चंद्रमा की कक्षा तक ले जाने वाला मॉड्यूल।
2. डिसेंडर मॉड्यूल (Descender Module): चंद्र सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग कराने वाला लैंडर।
3. एसेंडर मॉड्यूल (Ascender Module): नमूनों को लेकर चंद्र सतह से चंद्रमा की कक्षा में वापस उड़ान भरने वाला रॉकेट (Lifting Vehicle)।
4. ट्रांसफर मॉड्यूल (Transfer Module): चंद्र कक्षा में एसेंडर से नमूने प्राप्त करने और पृथ्वी की ओर यात्रा करने वाला मॉड्यूल।
5. री-एंट्री मॉड्यूल (Re-entry Module): पृथ्वी के वायुमंडल में तीव्र घर्षण को सहते हुए नमूनों को सुरक्षित पैराशूट द्वारा लैंड कराने वाला कैप्सूल।
• दोहरे रॉकेट प्रक्षेपण: भारत के सबसे भारी रॉकेट LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) द्वारा दो अलग-अलग उड़ानों में घटक भेजे जाएंगे और अंतरिक्ष में उनका संयोजन (Space Docking) किया जाएगा।
✓लूपेक्स मिशन (LUPEX - Lunar Polar Exploration Mission):
• संयुक्त भागीदारी: इसरो (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) का संयुक्त महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन।
• जिम्मेदारी विभाजन: रोवर का निर्माण जापान (JAXA) द्वारा और लैंडर का निर्माण भारत (ISRO) द्वारा; रोवर का वजन लगभग 350 किलोग्राम होगा।
• उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के स्थायी छायादार क्रेटर (Permanently Shadowed Regions - PSRs) में जल-बर्फ की वास्तविक मात्रा, वितरण और उपयोगिता का प्रत्यक्ष अध्ययन।
✓गगनयान एवं भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS 2035) का रोडमैप:
• गगनयान (Gaganyaan): 3-सदस्यीय भारतीय अंतरिक्ष यात्री दल ('गगनयात्री') को 400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में 3 दिनों तक रखना और सुरक्षित हिंद महासागर में स्प्लैशडाउन कराना।
• भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station - BAS):
- प्रथम मॉड्यूल (BAS-1): वर्ष 2028 तक प्रक्षेपित किया जाएगा।
- पूर्ण परिचालन: वर्ष 2035 तक 52 टन वजनी पूर्ण बहु-मॉड्यूल अंतरिक्ष स्टेशन।
- चंद्र मानव लैंडिंग: वर्ष 2040 तक चंद्रमा पर प्रथम भारतीय नागरिक को उतारने का राष्ट्रीय संकल्प।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह एवं इसरो के प्रमुख मिशन नोट्स](/notes/science-technology-isro-space-missions) एवं [RAS Prelims 2026 टेस्ट सीरीज़](/test-series/rpsc-ras-prelims-2026)।
राजस्थान पर्यावरण, जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण: राजस्थान वन्यजीव संरक्षण समीक्षा — धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (राजस्थान का 5वां, भारत का 54वां), कुंभलगढ़ संरक्षण प्रस्ताव, प्रोजेक्ट टाइगर के 53 वर्ष व NTCA
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
12 अक्टूबर 2026 को राजस्थान वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा राज्य वन्यजीव बोर्ड (State Board for Wildlife - SBWL) की बैठक में राजस्थान के 5वें और देश के 54वें बाघ अभयारण्य "धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व" (Dholpur-Karauli Tiger Reserve) के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) और बाघों के आवास संवर्धन (Habitat Enrichment) की कार्ययोजना को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही मेवाड़-मारवाड़ की सीमा पर स्थित 'कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व' (Kumbhalgarh Tiger Reserve) के अंतिम गजट नोटिफिकेशन की विधिक प्रक्रिया और रणथंभौर से अतिरिक्त बाघों के स्थानांतरण (Translocation Protocol) की समीक्षा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (Rajasthan's 5th Tiger Reserve):
• विधिक स्वीकृति: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा अगस्त 2023 में सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई; क्षेत्रफल: लगभग 1,058 वर्ग किलोमीटर (कोर क्षेत्र + बफर क्षेत्र)।
• भौगोलिक स्थिति: चंबल नदी घाटी और विंध्य पर्वतमाला के बीहड़ों में फैला; यह रणथंभौर, कैलादेवी अभयारण्य, रामगढ़ विषधारी और मध्य प्रदेश के कूनो व माधव राष्ट्रीय उद्यानों के बीच एक प्राकृतिक बाघ गलियारा (Tiger Corridor) का निर्माण करता है।
✓राजस्थान के 5 स्थापित टाइगर रिजर्व (RPSC High-Yield Chronology):
1. रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर): 1973 में घोषित (प्रोजेक्ट टाइगर के प्रथम 9 टाइगर रिजर्व में शामिल); राजस्थान का प्रथम व सबसे प्रसिद्ध बाघ अभयारण्य; त्रिनेत्र गणेश मंदिर व रणथंभौर दुर्ग स्थित।
2. सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर): 1978 में घोषित; अरावली पर्वतमाला में स्थित; पाण्डुपोल, भर्तृहरि मंदिर, नीलकंठ महादेव व कांकनवाड़ी का पठार स्थित।
3. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़): 2013 में घोषित; दर्रा अभयारण्य, चंबल घड़ियाल व जवाहर सागर अभयारण्य को मिलाकर; अबली मीणी का महल स्थित।
4. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी): 2022 में अधिसूचित (भारत का 52वां); मेज नदी यहाँ से गुजरती है; रणथंभौर और मुकुंदरा के मध्य महत्वपूर्ण बाघ गलियारा।
5. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (धौलपुर, करौली): 2023-24 में स्थापित (भारत का 54वां)।
✓प्रोजेक्ट टाइगर एवं विधिक ढांचा:
• प्रोजेक्ट टाइगर का शुभारंभ: 1 अप्रैल 1973 को जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (उत्तराखंड) से कैलाश सांखला (जोधपुर निवासी - "टाइगर मैन ऑफ इंडिया") के प्रयासों से।
• वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: वर्ष 2006 के संशोधन द्वारा 'राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण' (NTCA) का गठन धारा 38L के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया।
• कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व प्रस्ताव: राजसमंद, पाली और उदयपुर जिलों के वनों को मिलाकर राजस्थान का छठा टाइगर रिजर्व प्रस्तावित है।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [राजस्थान भूगोल, राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य नोट्स](/notes/rajasthan-geography-national-parks-wildlife-sanctuaries) एवं [राजस्थान पुलिस कांस्टेबल व वनपाल टेस्ट सीरीज़](/test-series/rajasthan-police-constable-2026)।
खेल जगत एवं युवा उपलब्धियां: 27वीं एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 व ISSF विश्व कप — भारतीय पैडलर्स का ऐतिहासिक पदक, राजस्थान खेल प्रतिभा प्रोत्साहन व दिव्यकृति सिंह घुड़सवारी प्रेरणा
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
12 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान के अस्ताना में संपन्न 27वीं एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 (Asian Table Tennis Championships) में भारतीय महिला और पुरुष टीमों ने युगल व एकल स्पर्धाओं में ऐतिहासिक पदक जीतकर इतिहास रचा। इसके साथ ही नई दिल्ली में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप (ISSF Junior World Cup 2026) में राजस्थान के युवा निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल व पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। राजस्थान खेल विभाग द्वारा राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट-ऑफ-टर्न राजकीय सेवा नियुक्ति और नकद पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप एवं भारतीय सितारे:
• भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI): स्थापना 1926; नई दिल्ली।
• शीर्ष खिलाड़ी: मनिका बत्रा, श्रीजा अकुला, अयहिका मुखर्जी और सुतीर्था मुखर्जी (महिला वर्ग); अचंत शरत कमल, जी. साथियान और मानव ठक्कर (पुरुष वर्ग)।
• अयहिका और सुतीर्था मुखर्जी की ऐतिहासिक जोड़ी ने विश्व चैंपियन चीनी खिलाड़ियों को हराकर महिला युगल में ऐतिहासिक पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया।
✓राजस्थान के खेल रत्न एवं गौरवशाली एथलीट (RPSC Core):
• दिव्यकृति सिंह (नागौर / जयपुर): घुड़सवारी (Equestrian - Dressage) में हांगझू एशियाई खेलों (2023) में 41 वर्षों बाद भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने वाली खिलाड़ी; जनवरी 2024 में घुड़सवारी में अर्जुन पुरस्कार (Arjuna Award) पाने वाली देश की पहली महिला एथलीट बनीं।
• अवनी लेखरा (जयपुर): पैरा-निशानेबाजी (Shooting - SH1); टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 दोनों पैरालंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में लगातार दो बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की पहली महिला एथलीट; मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित।
• अपूर्वी चंदेला (जयपुर): 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी में राष्ट्रमंडल खेलों व आईएसएसएफ विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता।
• भावना जाट (राजसमंद) व सोनल सुखवाल: पैदल चाल (20 किमी रेस वॉक) की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी एथलीट।
✓राजस्थान खेल नीति 2026 के प्रमुख प्रावधान:
• पदक विजेता नकद पुरस्कार राशि: ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को ₹3 करोड़, रजत पदक को ₹2 करोड़, कांस्य पदक को ₹1 करोड़; एशियाई/राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण विजेता को ₹1 करोड़, रजत को ₹60 लाख, कांस्य को ₹30 लाख।
• महाराणा प्रताप पुरस्कार एवं गुरु वशिष्ठ पुरस्कार की राशि बढ़ाकर ₹5-5 लाख की जा चुकी है।
• संबंधित अध्ययन नोट्स: [राजस्थान समसामयिकी व खेल परिदृश्य नोट्स](/notes/rajasthan-current-affairs-sports-awards) एवं [CET 12th लेवल व स्नातक टेस्ट सीरीज़](/test-series/rajasthan-cet-12th-level-2026)।