SUYOG ACADEMY दैनिक करंट अफेयर्स 2026

10 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण करंट अफेयर्स

राजस्थान व राष्ट्रीय परीक्षा विशेष समसामयिकी के मुख्य बिंदु

  • RPSC, RSMSSB, CET, पटवारी व पुलिस परीक्षा हेतु
  • महत्वपूर्ण योजनाएं, पुरस्कार व समसामयिक घटनाएं
  • विस्तृत व्याख्या व दैनिक अभ्यास क्विज़ उपलब्ध
⚡ 2 मिनट में पढ़ें आज की टॉप सुर्खियां!
पूरा करंट अफेयर्स पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["UPSC"

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं समाज: "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" (10 अक्टूबर 2026) — टेली-मानस (Tele-MANAS) हेल्पलाइन '14416', मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 व राजस्थान का टेली-मानस मॉडल

प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" (World Mental Health Day) मनाया जाता है। 10 अक्टूब

  • विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) की पृष्ठभूमि: • प्रथम आयोजन: 10 अक्टूबर 1992 को वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ (WFMH) के उप महासचिव रिचर्ड हंटर की पहल पर शुरू किया गया; विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा आधिकारिक समर्थन। • उद्देश्य: दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक तनाव, अवसाद व चिंता से जूझ रहे लोगों के समर्थन में बहुपक्षीय प्रयासों को एकजुट करना। • 2026 की वैश्विक थीम: "कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशिता" (Mental Health in the Workplace and Social Inclusion) — उत्पादकता, कार्य-जीवन संतुलन और तनाव मुक्ति पर केंद्रित।
  • भारत की टेली-मानस (Tele-MANAS) पहल — डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति (UPSC/RAS Core): • शुभारंभ: 10 अक्टूबर 2022 (विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस) को केंद्रीय बजट 2022-23 की घोषणा के अनुरूप भारत सरकार द्वारा शुरू। • टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: '14416' और '1800-891-4416' (20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 24x7 निःशुल्क, गोपनीय परामर्श सेवा)। • शीर्ष तकनीकी संस्थान (Apex Technical Coordinator): राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान (NIMHANS, बेंगलुरु)। • प्रौद्योगिकी भागीदार: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIITB) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC)। • त्रि-स्तरीय कार्यप्रणाली: टियर-1 में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों द्वारा कॉल परामर्श, जबकि गंभीर मामलों में टियर-2 के तहत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) व मेडिकल कॉलेजों के मनोचिकित्सकों द्वारा प्रत्यक्ष क्लीनिकल उपचार।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["UPSC"

अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं वैश्विक कूटनीति: "नोबेल शांति पुरस्कार 2026" (Nobel Peace Prize 2026) — नार्वेजियन नोबेल समिति, अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत, भारतीय विजेता व शांति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य

10 अक्टूबर 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में 'नार्वेजियन नोबेल समिति' (Norwegian Nobel Committee) द्वारा वर्ष 2026 के

  • नोबेल शांति पुरस्कार का अद्वितीय वैधानिक ढांचा (UPSC/RAS Core): • अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत: शांति पुरस्कार उस व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है जिसने "राष्ट्रों के बीच बंधुत्व को बढ़ावा देने, स्थायी सेनाओं के उन्मूलन या कमी तथा शांति सम्मेलनों के आयोजन व संवर्धन हेतु सर्वाधिक कार्य किया हो।" • ओस्लो (नॉर्वे) बनाम स्टॉकहोम (स्वीडन): भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार स्टॉकहोम (स्वीडन) में प्रदान किए जाते हैं, जबकि नोबेल शांति पुरस्कार एकमात्र ऐसा पुरस्कार है जिसका चयन नार्वे की संसद (स्टॉर्टिंग - Storting) द्वारा नियुक्त 5-सदस्यीय 'नार्वेजियन नोबेल समिति' द्वारा किया जाता है और यह ओस्लो (नॉर्वे) में प्रदान किया जाता है। • प्रथम नोबेल शांति पुरस्कार (1901): रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट (स्विट्जरलैंड) और फ्रेडरिक पासी (फ्रांस) को संयुक्त रूप से। • सर्वाधिक बार विजेता: इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) को तीन बार (1917, 1944, 1963) नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त हुआ।
  • नोबेल शांति पुरस्कार के भारतीय विजेता (High-Yield GK): 1. मदर टेरेसा (1979): भारत की नागरिकता प्राप्त अल्बानियाई मूल की नन, जिन्होंने कोलकाता में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' (1950) की स्थापना कर कुष्ठ रोगियों, अनाथों और असहायों की आजीवन सेवा की। 2. कैलाश सत्यार्थी (2014): 'बचपन बचाओ आंदोलन' (1980) के संस्थापक; बाल श्रम उन्मूलन, बाल तस्करी मुक्ति और शिक्षा के अधिकार हेतु ऐतिहासिक संघर्ष; इन्हें पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से शांति नोबेल प्रदान किया गया था। • 14वें दलाई लामा (तेनजिन ग्यात्सो - 1989): भारत के धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में निर्वासित जीवन व्यतीत करते हुए तिब्बत की शांति, करुणा और अहिंसक समाधान हेतु नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित। • महात्मा गांधी और नोबेल शांति पुरस्कार (ऐतिहासिक तथ्य): महात्मा गांधी को 1937, 1938, 1939, 1947 और 1948 में कुल 5 बार नामांकित किया गया, किंतु उन्हें कभी पुरस्कार नहीं मिला; 1948 में उनकी शहादत के बाद समिति ने किसी को पुरस्कार न देकर गांधी जी को भावभीनी मौन श्रद्धांजलि दी।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["RAS"

राजस्थान जल सुरक्षा एवं अवसंरचना: संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (PKC-ERCP Link Project) की प्रगति समीक्षा — 21 जिलों में पेयजल-सिंचाई, नौनेरा व ईसरदा बांध तथा राजस्थान जल नीति 2026

10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जल संसाधन विभाग द्वारा "संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना" (Modified PKC-ERCP Link

  • संशोधित PKC-ईआरसीपी परियोजना की संरचना एवं त्रिपक्षीय समझौता: • त्रिपक्षीय एमओयू (Tripartite MoU): 28 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के मध्य ऐतिहासिक सहमति पत्र हस्ताक्षरित हुआ। • राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा: केंद्र सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, जिसमें 90% वित्तीय व्यय केंद्र सरकार और 10% व्यय संबंधित राज्य सरकारें वहन करेंगी। • लाभान्वित 21 जिले: झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, टोंक, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी, दूदू, गंगापुर सिटी, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और डीग। • नदियों का इंटरलिंकिंग तंत्र: चंबल नदी बेसिन की अधिशेष जल वाली सहायक नदियों — कुन्नू, कुल, पार्वती, कालीसिंध और मेज के अतिरिक्त मानसून जल को बनास, मोरेल, बाणगंगा, पार्वती, कालीसिल और गंभीरी बेसिनों में डायवर्ट करना।
  • प्रमुख बांध, बैराज एवं जल संरचनाएं (RPSC Exam Favorite): • नौनेरा (नोनेरा) बैराज: कोटा जिले के दिगोद में कालीसिंध नदी पर निर्मित; ईआरसीपी का मुख्य जल भंडारण घटक, जहाँ से अधिशेष जल को लिफ्ट कर ईसरदा और अन्य बांधों तक भेजा जाएगा। • ईसरदा बांध: बनास नदी पर दौसा और सवाई माधोपुर की सीमा पर स्थित; जयपुर, दौसा और सवाई माधोपुर जिलों को स्थायी पेयजल आपूर्ति। • रामगढ़ बांध पुनरुद्धार (जयपुर): ईआरसीपी के तहत ऐतिहासिक रामगढ़ बांध में चंबल का अधिशेष जल प्रवाहित कर जयपुर के गिरते भूजल स्तर को रिचार्ज करने की महत्वाकांक्षी योजना। • मेजा बांध (भीलवाड़ा - कोठारी नदी) व बीसलपुर बांध (टोंक - बनास नदी): राज्य के मध्यवर्ती और पूर्वी जिलों की प्रमुख जीवनरेखा।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["ECONOMY"

भारतीय अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय प्रणाली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति समिति (MPC) समीक्षा — नीतिगत रेपो दर 6.50% पर स्थिर, धारा 45ZB, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण व डिजिटल रुपया (CBDC) विस्तार

10 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता में तीन दिवसीय बैठक के उपरांत मौद्रिक नीति समिति (Mon

  • मौद्रिक नीति समिति (MPC) का विधिक एवं संस्थागत ढांचा (UPSC/RAS Core): • गठन: आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB (2016 में वित्त अधिनियम द्वारा संशोधित) के तहत उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों पर स्थापित। • संरचना (6 सदस्य): - 3 सदस्य RBI से (आरबीआई गवर्नर - पदेन अध्यक्ष, डिप्टी गवर्नर - मौद्रिक नीति प्रभारी, और केंद्रीय बैंक का 1 नामित अधिकारी)। - 3 स्वतंत्र बाहरी सदस्य (केंद्र सरकार द्वारा 4 वर्ष की अवधि हेतु नियुक्त, पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं)। • निर्णय प्रक्रिया: प्रत्येक सदस्य का 1 मत होता है; बहुमत से निर्णय; मत बराबर होने पर आरबीआई गवर्नर के पास निर्णायक मत (Casting Vote) का अधिकार होता है। • बैठक अनिवार्यता: वर्ष में कम से कम 4 बैठकें अनिवार्य (सामान्यतः प्रत्येक दो माह में 1 बार)।
  • लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचा (Flexible Inflation Targeting - FIT): • वैधानिक आधार: आरबीआई अधिनियम 1934 की धारा 45ZA; केंद्र सरकार आरबीआई के परामर्श से प्रत्येक 5 वर्ष में मुद्रास्फीति लक्ष्य अधिसूचित करती है। • लक्ष्य: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित संयुक्त मुद्रास्फीति 4% (सहनशीलता बैंड: +/- 2%, अर्थात् 2% न्यूनतम से 6% अधिकतम)। • मौद्रिक विफलता की परिभाषा: यदि मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों (9 माह) तक सहनशीलता सीमा (2% से कम या 6% से अधिक) से बाहर रहती है, तो आरबीआई को केंद्र सरकार को विफलता के कारणों और सुधारात्मक कदमों की लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY दैनिक क्विज़ चुनौती

आज का करंट अफेयर्स टेस्ट दें!

क्या आप आज के सभी प्रश्नों का सही उत्तर दे सकते हैं?

  • ⚡ 10 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
  • 🏆 ऑल-राजस्थान रैंक व लीडरबोर्ड स्कोर
  • 📲 फ्री PDF डाउनलोड व WhatsApp शेयरिंग
🎯 सुयोग अकादमी पर 1-क्लिक में शुरू करें!
फ्री टेस्ट हल करें →