मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

6 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 6 अक्टूबर "विश्व पर्यावास दिवस 2026" (World Habitat Day) पर पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 व राजस्थान आवासन मंडल की हरित आवास पहल, फिजियोलॉजी या मेडिसिन में "नोबेल पुरस्कार 2026" की घोषणा व माइक्रो-आरएनए (microRNA) जीन विनियमन खोज, 72वें वन्यजीव सप्ताह के तहत राजस्थान में "अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट" का 5 किमी बफर जोन विस्तार व कुंभलगढ़ लेपर्ड कॉरिडोर, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) चरण-2 के टेल-एंड में ड्रिप-स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई का अनिवार्य आधुनिकीकरण, आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) अक्टूबर समीक्षा में रेपो दर 6.50% पर यथावत व GDP वृद्धि 7.2% अनुमान, 94वें वायुसेना दिवस पूर्व जोधपुर एयरबेस पर स्वदेशी एलसीए "तेजस एमके-1ए" (Tejas Mk-1A) की तैनाती व बहुपक्षीय युद्धाभ्यास "तरंग शक्ति", तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में राजस्थान के पदक विजेता खिलाड़ियों हेतु "आउट ऑफ टर्न नियुक्ति" व महाराणा प्रताप पुरस्कार संवर्धन।

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राष्ट्रीयUPSCRASCETPATWARIPOLICE

शहरी विकास एवं पर्यावरण: "विश्व पर्यावास दिवस" (6 अक्टूबर 2026) — "पीएम आवास योजना-शहरी 2.0" व राजस्थान आवासन मंडल की हरित टिकाऊ आवास पहल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

संयुक्त राष्ट्र महासभा के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष अक्टूबर के प्रथम सोमवार (6 अक्टूबर 2026) को वैश्विक स्तर पर "विश्व पर्यावास दिवस" (World Habitat Day) मनाया गया। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "युवाओं को बेहतर शहरी भविष्य की ओर अग्रसर करना" तथा जलवायु-अनुकूल हरित पर्यावास पर केंद्रित रही। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा राजस्थान स्वायत्त शासन विभाग द्वारा "प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0" (PMAY-U 2.0) के तहत राजस्थान के 15 प्रमुख शहरों में पर्यावरण-अनुकूल हरित भवन प्रमाणन (Green Building Certification) और सौर छत (Rooftop Solar) अनिवार्य करने की संयुक्त कार्ययोजना अधिसूचित की गई।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓विश्व पर्यावास दिवस (World Habitat Day) का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: • स्थापना: 1985 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा संकल्प 40/202 के तहत प्रतिवर्ष अक्टूबर के प्रथम सोमवार को विश्व पर्यावास दिवस घोषित किया गया। • प्रथम आयोजन: वर्ष 1986 में नैरोबी (केन्या) में आयोजित किया गया, जिसका आदर्श वाक्य "आवास मेरा अधिकार है" (Shelter is my right) था। • सतत विकास लक्ष्य (SDG 11): "संधारणीय शहर और समुदाय" (Sustainable Cities and Communities) — सभी नागरिकों हेतु सुरक्षित, समावेशी और लचीले आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • ✓प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) की मुख्य विशेषताएं: • लक्ष्य: 5 वर्षों (2024-2029) में 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब एवं मध्यम वर्गीय (EWS, LIG, MIG) परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना। • ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): ₹35 लाख तक के मकान पर ₹25 लाख तक के गृह ऋण पर 4% ब्याज सब्सिडी (अधिकतम ₹1.80 लाख तक की कुल सब्सिडी)। • किफायती किराया आवास परिसर (ARHCs): शहरी प्रवासियों, छात्रों और औद्योगिक श्रमिकों हेतु शहरी स्थानीय निकायों द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर रियायती किराए के मकान।
  • ✓राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board - RHB) एवं शहरी नवाचार: • स्थापना: 24 फरवरी 1970 को राजस्थान आवासन मंडल अधिनियम 1970 के तहत स्वायत्तशासी निकाय के रूप में स्थापना। • राष्ट्रीय उपलब्धियां: राज्य में "सिटी पार्क" (मानसरोवर, जयपुर), कोचिंग हब (प्रतापनगर, जयपुर) और एआईपीएस रेजिडेंसी निर्माण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच गोल्ड अवार्ड और रियल एस्टेट एक्सीलेंस अवार्ड्स प्राप्त। • राजस्थान नगर पालिका (संशोधन) अधिनियम व ई-गवर्नेंस: शहरी विकास में "टाउन प्लानिंग स्कीम" (TPS) और सिंगल विंडो डिजिटल भवन स्वीकृति प्रणाली।
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विज्ञान-तकनीकUPSCRASCETSCIENCESSC

विज्ञान एवं चिकित्सा: "नोबेल पुरस्कार 2026" (फिजियोलॉजी या मेडिसिन) — माइक्रो-आरएनए (microRNA) और पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन विनियमन के मौलिक तंत्र की खोज

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

6 अक्टूबर 2026 को स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित करोलिंस्का इंस्टीट्यूट (Karolinska Institute) की नोबेल असेंबली द्वारा वर्ष 2026 के "फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार" की घोषणा की गई। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार बहुकोशिकीय जीवों में जीन अभिव्यक्ति के नियंत्रण और कोशिकाओं के विशिष्टीकरण में क्रांतिकारी भूमिका निभाने वाले "माइक्रो-आरएनए (microRNA) की खोज और इसके पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल जीन विनियमन तंत्र" (Post-transcriptional gene regulation) के अन्वेषण हेतु प्रदान किया गया। इस खोज ने कैंसर, हृदय रोग और ऑटोइम्यून विकारों के उपचार में लक्षित जीन थेरेपी का नया मार्ग प्रशस्त किया है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓माइक्रो-आरएनए (microRNA) का वैज्ञानिक सिद्धांत (UPSC/RAS Science & Tech Core): • जैविक प्रकृति: सूक्ष्म, गैर-कोडिंग आरएनए (Non-coding RNA) अणु, जो लगभग 21 से 24 न्यूक्लियोटाइड लंबे होते हैं। • कार्यप्रणाली: माइक्रो-आरएनए प्रोटीन का निर्माण (कोडिंग) नहीं करते, बल्कि मेसेंजर आरएनए (mRNA) के पूरक अनुक्रमों से जुड़कर या तो mRNA को नष्ट करते हैं या उसके प्रोटीन में अनुवाद (Translation) को अवरुद्ध कर देते हैं। • महत्व: मानव शरीर की प्रत्येक कोशिका में एक समान डीएनए होता है, लेकिन एक तंत्रिका कोशिका (Neuron) और यकृत कोशिका (Liver Cell) का कार्य भिन्न होता है; यह अंतर जीन अभिव्यक्ति के सटीक नियमन (Gene Regulation) से ही संभव होता है।
  • ✓नोबेल पुरस्कार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: • प्रवर्तक: स्वीडिश आविष्कारक और उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल (डायनामाइट के आविष्कारक) की 1895 की वसीयत के आधार पर। • प्रथम पुरस्कार: वर्ष 1901 में फिजियोलॉजी/मेडिसिन का प्रथम नोबेल पुरस्कार जर्मन विज्ञानी एमिल वॉन बेहरिंग (डिफ्थीरिया सीरम थेरेपी की खोज) को दिया गया था। • पुरस्कार वितरण तिथि: प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर स्टॉकहोम में औपचारिक पदक व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
  • ✓भारत एवं चिकित्सा नोबेल का ऐतिहासिक संदर्भ: • डॉ. हरगोविंद खुराना (1968): जेनेटिक कोड की व्याख्या और प्रोटीन संश्लेषण में इसके कार्य के रहस्योद्घाटन हेतु रॉबर्ट हॉली और मार्शल निरेनबर्ग के साथ संयुक्त रूप से चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारतीय मूल के पहले वैज्ञानिक। • रोनाल्ड रॉस (1902): मलेरिया परजीवी (प्लाज्मोडियम) के जीवन चक्र और मच्छरों द्वारा संचरण की खोज (कोलकाता और सिकंदराबाद में अनुसंधान) हेतु चिकित्सा का नोबेल प्राप्त किया।
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राजस्थानRASCETPATWARIPOLICEREET

राजस्थान पर्यावरण व वानिकी: "अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट" का 5 किमी बफर जोन विस्तार — 72वें वन्यजीव सप्ताह में कुंभलगढ़ लेपर्ड कॉरिडोर व मरुस्थलीकरण रोकथाम पहल

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

2 से 8 अक्टूबर तक संचालित 72वें "राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह" के अंतर्गत 6 अक्टूबर 2026 को राजस्थान वन विभाग और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा मरुस्थलीकरण को रोकने हेतु "अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट" (Aravalli Green Wall Project) के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत राजस्थान के 14 अरावली जिलों में पर्वत श्रृंखला के दोनों ओर 5 किलोमीटर चौड़ी हरित पट्टी (Green Buffer Belt) विकसित की जाएगी तथा कुंभलगढ़-राणाकपुर-जवाई क्षेत्र में पैंथर/लेपर्ड (Leopard) और चौसिंगा के लिए विशेष पारिस्थितिक गलियारा तैयार किया जाएगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट (Aravalli Green Wall Project) का प्रारूप: • प्रेरणा: अफ्रीका की प्रसिद्ध "ग्रेट ग्रीन वॉल" (Sahel Region) की तर्ज पर भारत के पश्चिमी भूभाग को थार मरुस्थल के पूर्व की ओर विस्तार (Desertification) से बचाने हेतु परिकल्पित। • विस्तार क्षेत्र: गुजरात के पोरबंदर से लेकर राजस्थान, हरियाणा होते हुए दिल्ली की अरावली सीमा तक कुल 1,400 किमी लंबी और 5 किमी चौड़ी हरित पट्टी। • उद्देश्य: भूमि क्षरण तटस्थता (Land Degradation Neutrality - LDN), अरावली के 12 गैप्स (दर्रों) से रेत के उड़ने पर रोक तथा भूजल पुनर्भरण।
  • ✓अरावली पर्वतमाला की भौगोलिक विशेषताएं (RPSC Most Repeated Questions): • भूगर्भीय आयु: विश्व की सबसे प्राचीनतम वलित पर्वतमाला (Pre-Cambrian युग की देहली सुपरग्रुप शैलें)। • राजस्थान में विस्तार: कुल लंबाई 692 किमी में से 550 किमी (लगभग 80%) राजस्थान में है, जो दक्षिण-पश्चिम (खेड़ब्रह्मा, सिरोही) से उत्तर-पूर्व (खेतड़ी, नीमकाथाना) की ओर फैली है। • प्रमुख सर्वोच्च शिखर: 1. गुरुशिखर (सिरोही): 1,722 मीटर (कर्नल जेम्स टॉड ने इसे "संतों का शिखर" कहा)। 2. सेर (सिरोही): 1,597 मीटर। 3. दिलवाड़ा (सिरोही): 1,442 मीटर। 4. जरगा (उदयपुर/राजसमंद): 1,431 मीटर। 5. अचलगढ़ (सिरोही): 1,380 मीटर।
  • ✓कुंभलगढ़ एवं जवाई लेपर्ड संरक्षण क्षेत्र: • कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (राजसमंद, पाली, उदयपुर): भेड़ियों (Indian Wolf) का प्रमुख प्रजनन केंद्र तथा राज्य का प्रस्तावित 6वां टाइगर रिजर्व। • जवाई बांध लेपर्ड कंजर्वेशन रिजर्व (पाली): भारत का पहला तेंदुआ संरक्षण रिजर्व (Leopard Conservation Reserve), जहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों में मानव-तेंदुआ सह-अस्तित्व का अनूठा उदाहरण मिलता है।
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राजस्थानRASCETPATWARIREETPOLICE

राजस्थान जल संसाधन: इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) चरण-2 — टेल-एंड वितरिकाओं में "ड्रिप व स्प्रिंकलर" सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का आधुनिकीकरण

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

6 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जल संसाधन विभाग और सिंचित क्षेत्र विकास (CAD) आयुक्तालय द्वारा इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के द्वितीय चरण के तहत जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों की अंतिम 150 वितरिकाओं में जल रिसाव रोकने और प्रत्येक बूंद के इष्टतम उपयोग हेतु दबावयुक्त ड्रिप एवं फव्वारा (Micro-Irrigation) सिंचाई नेटवर्क के पूर्ण डिजिटलीकरण और सौर ऊर्जा चालित पंपिंग स्टेशनों को स्वीकृति दी गई। इससे सिंचित क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता (WUE) 35% से बढ़कर 70% से अधिक हो जाएगी।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP - "मरुगंगा") के आधारभूत ऐतिहासिक तथ्य: • परिकल्पना: वर्ष 1948 में बीकानेर के तत्कालीन मुख्य अभियंता रायबहादुर कंवर सेन द्वारा लिखित पुस्तक "बीकानेर राज्य में पानी की आवश्यकता" (Water Requirements of Bikaner State) में की गई। • उद्गम: पंजाब के फिरोजपुर जिले में सतलुज और व्यास नदियों के संगम पर निर्मित "हरिके बैराज" (Harike Barrage) से। • शिलान्यास: 31 मार्च 1958 को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत द्वारा किया गया। • प्रथम जलाभिषेक: 11 अक्टूबर 1961 को भारत के उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा नौरंगदेसर वितरिका (हनुमानगढ़) में जल प्रवाहित कर किया गया। • नाम परिवर्तन: 2 नवंबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन के उपरांत "राजस्थान नहर" का नाम बदलकर "इंदिरा गांधी नहर" किया गया।
  • ✓परियोजना का संरचनात्मक विभाजन: • राजस्थान फीडर (Feeder): कुल लंबाई 204 किमी (पंजाब व हरियाणा में 170 किमी तथा राजस्थान में 34 किमी — मसीतावाली हेड, हनुमानगढ़ तक; फीडर से कोई सिंचाई नहीं होती)। • मुख्य नहर (Main Canal): मसीतावाली हेड से मोहनगढ़ (जैसलमेर) तक 445 किमी। • बाबा रामदेव उपशाखा (विस्तार): मोहनगढ़ से गडरा रोड (बाड़मेर) तक 165 किमी। • संपूर्ण नहर प्रणाली की कुल वितरिका लंबाई: 9,060 किमी से अधिक।
  • ✓नहर का जल वितरण व लिफ्ट नहरें: • शाखाएं (ढलान के अनुरूप - दाईं ओर): अनूपगढ़, सूरतगढ़, पूगल, दातौर, बिरसलपुर, चारणवाला, शहीद बीरबल, सागरमल गोपा। • बाईं ओर की लिफ्ट नहरें (ऊंचाई पर जल चढ़ाने हेतु 7 प्रमुख लिफ्ट नहरें): 1. चौधरी कुंभाराम आर्य लिफ्ट (नोहर-साहवा): हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं। 2. कंवर सेन लिफ्ट (बीकानेर-लूणकरणसर - सबसे पुरानी व सबसे लंबी लिफ्ट नहर)। 3. पन्नालाल बारूपाल लिफ्ट (गजनेर): बीकानेर, नागौर। 4. वीर तेजाजी लिफ्ट (बांगड़सर - सबसे छोटी लिफ्ट नहर): बीकानेर। 5. डॉ. करणी सिंह लिफ्ट (कोलायत): बीकानेर, जोधपुर। 6. गुरु जंभेश्वर लिफ्ट (फलोदी): बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर। 7. जय नारायण व्यास लिफ्ट (पोकरण): जोधपुर, जैसलमेर।
  • ✓चरण-2 में फव्वारा सिंचाई अनिवार्यता: IGNP चरण-2 में सभी लिफ्ट नहरों और टेल-क्षेत्रों पर फव्वारा (Sprinkler) पद्धति अनिवार्य की गई है, जिससे रेतीले टीलों में जल का अपव्यय रुकता है।
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अर्थव्यवस्थाUPSCRASCETECONOMYSSC

भारतीय अर्थव्यवस्था व मौद्रिक नीति: RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) अक्टूबर समीक्षा — नीतिगत रेपो दर 6.50% पर यथावत, GDP वृद्धि अनुमान 7.2%

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) की 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक चली द्वैमासिक बैठक के निर्णय 6 अक्टूबर को घोषित किए गए। समिति ने नीतिगत रेपो दर (Repo Rate) को 6.50% पर यथावत रखने का निर्णय लिया। समिति ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.2% और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दर 4.5% रहने का अनुमान बरकरार रखा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓मौद्रिक नीति समिति (MPC) का कानूनी व प्रशासनिक ढांचा (UPSC/RAS Core): • गठन: भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2016 में गठित। • कुल सदस्य: 6 सदस्य (3 सदस्य RBI के आंतरिक — गवर्नर [पदेन अध्यक्ष], डिप्टी गवर्नर [मौद्रिक नीति प्रभारी] और एक अन्य नामित अधिकारी; 3 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र अर्थशास्त्री)। • बैठक व कोरम: वर्ष में कम से कम 4 बार बैठक अनिवार्य; न्यूनतम कोरम 4 सदस्य; मत बराबर होने की स्थिति में RBI गवर्नर को निर्णायक मत (Casting Vote) का अधिकार।
  • ✓लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (Flexible Inflation Targeting - FIT): • RBI का मुख्य अधिदेश: मूल्य स्थिरता बनाए रखते हुए आर्थिक संवृद्धि का समर्थन करना। • लक्ष्य सीमा: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति का लक्ष्य 4.0% निर्धारित है, जिसमें +/- 2% का सहनशीलता बैंड (Tolerance Band) है (न्यूनतम 2% तथा अधिकतम 6%)।
  • ✓प्रमुख नीतिगत दरें (Policy Rates Overview): • रेपो दर (Repo Rate - 6.50%): वह अल्पकालिक ब्याज दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी सरकारी प्रतिभूतियों के बदले RBI से नकदी उधार लेते हैं। • स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF - 6.25%): बिना किसी सरकारी प्रतिभूति (Collateral) के गिरवी रखे, बैंकों से अतिरिक्त तरलता सोखने का RBI का उपकरण। • मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF - 6.75%): आपातकालीन रातों-रात (Overnight) तरलता संकट में बैंकों द्वारा RBI से उधार लेने की दंडात्मक दर। • कैश रिजर्व रेशियो (CRR): वाणिज्यिक बैंकों की शुद्ध मांग और समय देनदारियों (NDTL) का वह नकद प्रतिशत जो उन्हें अनिवार्य रूप से RBI के पास रखना होता है।
#6
रक्षाUPSCRASDEFENCECETPOLICE

रक्षा एवं वैमानिकी: 94वें वायुसेना दिवस पूर्व जोधपुर एयरबेस पर स्वदेशी एलसीए "तेजस एमके-1ए" की अग्रिम तैनाती व बहुपक्षीय युद्धाभ्यास "तरंग शक्ति"

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

8 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस (Indian Air Force Day) की पूर्व संध्या पर 6 अक्टूबर को पश्चिमी वायु कमान के अंतर्गत जोधपुर और जैसलमेर एयरबेस पर स्वदेशी 4.5 पीढ़ी के हल्के लड़ाकू विमान "तेजस एमके-1ए" (LCA Tejas Mk-1A) की अग्रिम परिचालन तैनाती का सामरिक निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही मित्र देशों की वायु सेनाओं के साथ पश्चिमी आकाश में आयोजित होने वाले मेगा बहुपक्षीय युद्धाभ्यास "तरंग शक्ति" (Tarang Shakti) के द्वितीय चरण के समन्वय अभ्यास को अंतिम रूप दिया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓एलसीए तेजस एमके-1ए (LCA Tejas Mk-1A) की तकनीकी श्रेष्ठता: • विकासकर्ता व निर्माता: एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा डिजाइन तथा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित। • रडार प्रणाली: अत्याधुनिक एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार — एक साथ कई हवाई और जमीनी लक्ष्यों को लंबी दूरी से ट्रैक करने में सक्षम। • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सुइट: स्वदेशी डिजिटल रडार वार्निंग रिसीवर (RWR) और एडवांस्ड सेल्फ-प्रोटेक्शन जैमर (ASPJ)। • हवा में ईंधन भरने (Mid-Air Refueling) की इनबिल्ट क्षमता, जिससे विमान की युद्धक रेंज दोगुनी हो जाती है। • मिसाइल एकीकरण: स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा-से-हवा में मार करने वाली "अस्त्र" (Astra Mk-1) मिसाइल और स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन (SAAW) से लैस।
  • ✓भारतीय वायुसेना का संगठनात्मक स्वरूप (IAF at a Glance): • स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 (रॉयल इंडियन एयर फोर्स के रूप में; 1950 में गणतंत्र बनने पर 'रॉयल' शब्द हटाया गया)। • आदर्श वाक्य: "नभः स्पृशं दीप्तम्" (Touch the Sky with Glory) — श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है। • कमान संरचना: कुल 7 कमान (5 ऑपरेशनल कमान, 1 प्रशिक्षण कमान [बेंगलुरु], 1 रखरखाव कमान [नागपुर])। • दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान (SWAC): मुख्यालय गांधीनगर (गुजरात); इसके सामरिक संचालन क्षेत्र में राजस्थान के प्रमुख एयरबेस — जोधपुर, उत्तरलाई (बाड़मेर), नाल (बीकानेर), फलोदी और जैसलमेर शामिल हैं।
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खेलRASCETSPORTSPATWARIPOLICE

खेल एवं राज्य युवा प्रोत्साहन: 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी — राजस्थान के पदक विजेताओं हेतु "आउट ऑफ टर्न नियुक्ति" व महाराणा प्रताप पुरस्कार संवर्धन

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

6 अक्टूबर 2026 को सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर) में आयोजित राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आगामी 38वें राष्ट्रीय खेलों हेतु राज्य के 250 से अधिक चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविरों और अत्याधुनिक खेल विज्ञान सहयोग को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल के निर्णयानुसार पदक विजेता खिलाड़ियों को पुलिस और वन सेवाओं में राजपत्रित पदों पर "आउट ऑफ टर्न" नियुक्ति और राज्य के सर्वोच्च खेल पुरस्कार "महाराणा प्रताप पुरस्कार" की नियमावली का सरलीकरण किया गया।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓राजस्थान खेल नीति एवं प्रोत्साहन योजनाएं (RPSC Exam High-Yield): • "आउट ऑफ टर्न" सेवा नियम: ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य की राजस्थान पुलिस सेवा (RPS), राजस्थान वन सेवा (RFS) और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS/अधीनस्थ) में सीधी राजपत्रित नियुक्ति। • नकद पुरस्कार राशि (ओलंपिक खेल): - स्वर्ण पदक (Gold): ₹3 करोड़। - रजत पदक (Silver): ₹2 करोड़। - कांस्य पदक (Bronze): ₹1 करोड़। • एशियाई एवं राष्ट्रमंडल खेल नकद पुरस्कार: - स्वर्ण: ₹1 करोड़, रजत: ₹60 लाख, कांस्य: ₹30 लाख। • राष्ट्रीय खेल नकद पुरस्कार: - स्वर्ण: ₹25 लाख, रजत: ₹15 लाख, कांस्य: ₹10 लाख।
  • ✓राजस्थान के प्रतिष्ठित राज्य खेल पुरस्कार: • महाराणा प्रताप पुरस्कार: - राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल पुरस्कार। - प्रारंभ: वर्ष 1982-83 में। - पुरस्कार राशि: बढ़ाकर ₹5 लाख, प्रशस्ति पत्र, महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा और ब्लेज़र। • गुरु वशिष्ठ पुरस्कार: - उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षकों (Coaches) को दिया जाने वाला सर्वोच्च राज्य सम्मान। - प्रारंभ: वर्ष 1985-86 में। - पुरस्कार राशि: ₹5 लाख, प्रशस्ति पत्र व गुरु वशिष्ठ की कांस्य प्रतिमा।
  • ✓राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC - Rajasthan State Sports Council): • स्थापना: वर्ष 1957 में राज्य में खेलों के विकास और नियंत्रण हेतु सर्वोच्च स्वायत्त संस्था के रूप में। • मुख्यालय: सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर। • प्रथम अध्यक्ष: वी. जी. कानेटकर (VG Kanetkar)।