सोमवार, 5 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
5 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 5 अक्टूबर "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" पर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (राजस्थान) व गंगा बेसिन में AI-आधारित सोनिक ट्रैकिंग व पर्यावास संरक्षण पहल, यूनेस्को "विश्व शिक्षक दिवस 2026" पर राजस्थान राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान व NEP 2020 NPST मानक, राजस्थान "ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-2" (GEC Phase-II) के तहत 20,000 मेगावाट पारेषण नेटवर्क विस्तार, "राजीविका" के अंतर्गत राजस्थान महिला निधि सहकारी बैंक का दायरा 10,000 नए स्वयं सहायता समूहों व लखपति दीदी योजना तक विस्तारित, 72वें वन्यजीव सप्ताह (2-8 अक्टूबर) के बीच राष्ट्रीय मरु उद्यान (जैसलमेर) में राज्य पक्षी "गोडावण" (GIB) का नया कृत्रिम हैचिंग एनक्लेव, 8 अक्टूबर वायुसेना स्थापना दिवस पूर्व सुखोई-30MKI से स्वदेशी बीवीआर मिसाइल "अस्त्र मार्क-1" (Astra Mk-1) का सफल परीक्षण, तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के तहत NPCI का "UPI वन-वर्ल्ड" व सीमा-पार त्वरित भुगतान का वैश्विक विस्तार।
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विज्ञान-तकनीकUPSCRASCETPATWARIPOLICE
राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस (5 अक्टूबर): राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य व गंगा बेसिन में AI-आधारित सोनिक ट्रैकिंग — "प्रोजेक्ट डॉल्फिन" व जलीय जैव विविधता संरक्षण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
5 अक्टूबर 2026 को देश भर में 5वां "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" (National Dolphin Day) मनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य (राजस्थान-मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा) और गंगा नदी बेसिन में दृष्टिहीन गंगा नदी डॉल्फिन (Platanista gangetica) की वास्तविक समय निगरानी हेतु अत्याधुनिक एआई (AI) आधारित सोनिक सेंसर व हाइड्रोग्राफिक ट्रैकिंग नेटवर्क का शुभारंभ किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓5 अक्टूबर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
• 5 अक्टूबर 2009 को तत्कालीन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक में गंगा नदी डॉल्फिन को आधिकारिक रूप से भारत का "राष्ट्रीय जलीय जीव" (National Aquatic Animal) घोषित किया गया था।
• वर्ष 2022 में NBWL की स्थायी समिति द्वारा प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
✓गंगा नदी डॉल्फिन (Platanista gangetica gangetica) की जैविक विशेषताएं:
• वैज्ञानिक नाम: प्लाटानिस्ता गैंगेटिका (Platanista gangetica)।
• स्थानीय नाम: "सूंस" या "सोंस" (Susu) — सांस लेते समय निकलने वाली विशिष्ट फव्वारे जैसी ध्वनि के आधार पर।
• दृष्टिहीन स्तनपायी: यह प्राकृतिक रूप से अंधी होती है; नेत्रों में क्रिस्टलीय लेंस नहीं होता। शिकार पकड़ने और दिशा निर्धारण हेतु "इकोलोकेशन" (Echolocation - पराश्रव्य अल्ट्रासोनिक तरंगें) का प्रयोग करती है।
• जलीय जैव-संकेतक (Bio-indicator): यह केवल अत्यधिक शुद्ध, प्रदूषण-मुक्त और ताजे (मीठे) पानी में ही जीवित रह सकती है; अतः इसकी उपस्थिति स्वस्थ नदी पारिस्थितिकी तंत्र का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
✓वैधानिक एवं अंतरराष्ट्रीय संरक्षण स्थिति (UPSC/RPSC Most Repeated Question):
• वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I (Schedule I - उच्चतम कानूनी संरक्षण, शिकार पर कठोर कारावास)।
• IUCN रेड लिस्ट (Red List): "संकटापन्न" (Endangered - EN)।
• CITES (वन्यजीव व्यापार सम्मेलन): परिशिष्ट-I (Appendix I)।
• CMS (प्रवासी प्रजाति सम्मेलन): परिशिष्ट-I व II।
✓राजस्थान में गंगा डॉल्फिन का एकमात्र पर्यावास — चंबल नदी:
• राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य (National Chambal Sanctuary) राजस्थान के कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में 284 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है।
• चंबल नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी (नित्यवाही) नदी है जिसमें यह दुर्लभ स्तनपायी प्राणी वर्ष भर प्राकृतिक रूप से विचरण करता है।
✓"प्रोजेक्ट डॉल्फिन" एवं अनुसंधान ढांचा:
• 15 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नदीय एवं समुद्री डॉल्फिनों के समग्र संरक्षण हेतु "प्रोजेक्ट डॉल्फिन" की घोषणा की गई थी।
• राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र (NDRC - National Dolphin Research Centre): भारत और एशिया का पहला समर्पित डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र पटना विश्वविद्यालय परिसर (बिहार) में गंगा तट पर स्थापित किया गया है।
विश्व शिक्षक दिवस (5 अक्टूबर 2026): यूनेस्को थीम "शिक्षकों की आवाज को सम्मान" — राजस्थान राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान व NEP 2020 NPST मानक
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के तत्वावधान में 5 अक्टूबर को संपूर्ण विश्व में "विश्व शिक्षक दिवस" (World Teachers' Day 2026) मनाया गया। इस वर्ष की आधिकारिक थीम "शिक्षकों की आवाज को सम्मान: शिक्षा के लिए नए सामाजिक अनुबंध की ओर" (Valuing teacher voices: towards a new social contract for education) घोषित की गई। इस अवसर पर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रदेश के उत्कृष्ट नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत "राष्ट्रीय पेशेवर मानक" (NPST) का क्रियान्वयन शुरू किया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓विश्व शिक्षक दिवस का ऐतिहासिक आधार:
• 5 अक्टूबर 1966 को पेरिस में आयोजित अंतर-सरकारी सम्मेलन में UNESCO और ILO द्वारा "शिक्षकों की स्थिति पर ऐतिहासिक अनुशंसा" (Recommendation concerning the Status of Teachers) को अंगीकार किया गया था।
• 1994 में यूनेस्को ने पहली बार औपचारिक रूप से प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा की।
✓राष्ट्रीय शिक्षक दिवस बनाम विश्व शिक्षक दिवस (Important Distinction for RPSC/REET):
• राष्ट्रीय शिक्षक दिवस (भारत): 5 सितंबर — भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति व द्वितीय राष्ट्रपति, महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती।
• विश्व शिक्षक दिवस (अंतरराष्ट्रीय): 5 अक्टूबर — यूनेस्को व अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा वैश्विक स्तर पर शिक्षक अधिकारों और सम्मान का दिवस।
✓राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में शिक्षक सशक्तिकरण के प्रमुख बिंदु:
• NPST (National Professional Standards for Teachers): राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा शिक्षकों के चयन, पदोन्नति, सतत मूल्यांकन और व्यावसायिक मानकों का मानक ढांचा।
• CPD (Continuous Professional Development): प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम 50 घंटे का सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण अनिवार्य।
• निष्ठा (NISHTHA) कार्यक्रम: प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों हेतु एकीकृत शिक्षक प्रशिक्षण पोर्टल।
✓राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख नवाचार व डिजिटल पहल:
• शाला दर्पण (Shala Darpan): सभी राजकीय विद्यालयों, शिक्षकों, छात्रों और प्रशासनिक डेटा का पारदर्शी एकीकृत ई-गवर्नेंस पोर्टल।
• मिशन समर्थ व मिशन ज्ञान: डिजिटल शिक्षण सामग्री और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) का राज्यव्यापी कार्यक्रम।
• RKSMBK ("राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम"): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ओसीआर ऐप द्वारा कक्षा 3 से 8 के विद्यार्थियों के लर्निंग गैप का आकलन।
राजस्थान ऊर्जा अवसंरचना: "ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-2" (GEC Phase-II) — पश्चिमी राजस्थान से राष्ट्रीय ग्रिड तक 20,000 MW नवीकरणीय बिजली पारेषण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
5 अक्टूबर 2026 को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPNL) और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के मध्य "ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-2" (Green Energy Corridor - GEC Phase-II) के तहत 765 kV और 400 kV की अंतर-राज्यीय उच्च-वोल्टेज पारेषण लाइनों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसके माध्यम से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और फलौदी में स्थापित 20 गीगावाट (GW) सौर एवं पवन हाइब्रिड ऊर्जा को उत्तरी व पश्चिमी भारत के प्रमुख लोड-सेंटरों तक निर्बाध रूप से पहुंचाया जाएगा।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) परियोजना का मूल स्वरूप:
• उद्देश्य: नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्रों से पारंपरिक बिजली ग्रिड में हरित ऊर्जा के सुगम समावेशन हेतु समर्पित इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) का निर्माण।
• वित्तीय संरचना: केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA - 33% अनुदान) तथा जर्मन विकास बैंक (KfW) के रियायती ऋण सहयोग से वित्तपोषित।
• पारेषण लाइनें: पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात की सीमाओं तक विशाल विद्युत गलियारा।
✓राजस्थान सौर ऊर्जा परिदृश्य (आर्थिक समीक्षा राजस्थान 2025-26 के नवीनतम आंकड़े):
• संभावित क्षमता: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार राजस्थान में सौर ऊर्जा की कुल विकिरण क्षमता 142 GW है, जो देश में सर्वाधिक है (प्रतिवर्ष 325 से अधिक धूप वाले दिन)।
• स्थापित क्षमता: 24,000+ मेगावाट से अधिक सौर संयंत्रों के साथ राजस्थान देश में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
• प्रमुख सोलर पार्क:
- भड़ला सोलर पार्क (जोधपुर/फलौदी): 2,245 MW (विश्व के सबसे बड़े सौर पार्कों में शुमार)।
- नोख सोलर पार्क (जैसलमेर): 925 MW (NTPC द्वारा विकसित)।
- बीकानेर सोलर क्लस्टर: 3,000+ MW की निर्माणाधीन अल्ट्रा-मेगा परियोजनाएं।
✓राज्य की प्रमुख ऊर्जा नीतियां (RPSC Exam Special):
• राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019: वर्ष 2024-25 तक 30,000 MW का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसे बढ़ाकर 90 GW तक संशोधित किया गया।
• राजस्थान पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा नीति 2019: सौर व पवन ऊर्जा के सह-संयोजन (Co-location) पर 100% स्टांप शुल्क छूट।
• राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2023: 2030 तक 2,000 KTPA उत्पादन लक्ष्य; पारेषण शुल्क में 50% की छूट तथा जल स्रोतों की प्राथमिकता उपलब्धता।
ग्रामीण विकास व महिला सशक्तिकरण: "राजस्थान महिला निधि" सहकारी संस्था का 10,000 नए SHGs तक विस्तार — "लखपति दीदी" मिशन व शून्य-गारंटी सूक्ष्म ऋण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (RGAVP - "राजीविका") द्वारा संचालित देश के पहले राज्य-स्तरीय महिला सहकारी वित्तीय संस्थान "राजस्थान महिला निधि" की 5 अक्टूबर 2026 को आयोजित निदेशक मंडल बैठक में 10,000 नए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जोड़ने और ₹250 करोड़ की अतिरिक्त ऋण सीमा को स्वीकृति दी गई। इसके तहत "लखपति दीदी" योजना के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम, डेयरी और कृषि प्रसंस्करण हेतु बिना किसी गारंटी के 48 घंटे में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓"राजस्थान महिला निधि" क्रेडिट को-ऑपरेटिव फेडरेशन:
• स्थापना: 26 अगस्त 2022 को "महिला समानता दिवस" के अवसर पर राजस्थान सरकार द्वारा औपचारिक शुभारंभ किया गया।
• मॉडल: तेलंगाना के प्रसिद्ध "स्त्री निधि" (Stree Nidhi) मॉडल की तर्ज पर स्थापित उत्तर भारत की पहली स्वायत्त महिला सहकारी वित्तीय संस्था।
• ऋण प्रक्रिया:
- ₹40,000 तक का ऋण: ऑनलाइन आवेदन के मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में संवितरित।
- ₹40,000 से अधिक का ऋण: 15 कार्यदिवसों के भीतर बिना किसी संपार्श्विक गारंटी (No Collateral) के उपलब्ध कराया जाता है।
✓"लखपति दीदी" (Lakhpati Didi) योजना:
• केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार का संयुक्त महत्वाकांक्षी मिशन, जिसका उद्देश्य प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की स्थायी वार्षिक आय न्यूनतम ₹1,00,000 (प्रति माह ₹8,500 से अधिक) सुनिश्चित करना है।
• प्रशिक्षण व संवर्धन: डिजिटल बैंकिंग (बीसी सखी), ड्रोन पायलट (नमो ड्रोन दीदी), जैविक खाद निर्माण, सिलाई और बाजरा (श्रीअन्न) प्रसंस्करण इकाइयों का कौशल प्रशिक्षण।
✓राजीविका (RGAVP - Rajasthan Grameen Aajeevika Vikas Parishad):
• पंजीकरण: अक्टूबर 2010 में राजस्थान सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1958 के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधीन पंजीकृत स्वायत्त संस्था।
• अध्यक्ष: राज्य के मुख्यमंत्री राजीविका की आम सभा (General Body) के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
• उद्देश्य: ग्रामीण निर्धन परिवारों की महिलाओं को संस्थागत स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर सतत आजीविका उपलब्ध कराना।
72वां वन्यजीव सप्ताह (2-8 अक्टूबर 2026): राष्ट्रीय मरु उद्यान (जैसलमेर) में राज्य पक्षी "गोडावण" (GIB) का नया कृत्रिम हैचिंग एनक्लेव — "प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड"
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
2 से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे 72वें "राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह" के अंतर्गत 5 अक्टूबर 2026 को राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा जैसलमेर के राष्ट्रीय मरु उद्यान (Desert National Park) के सम एवं रामदेवरा स्थित प्रजनन केंद्रों में राज्य पक्षी "गोडावण" (Great Indian Bustard - GIB) के सफल संवर्धन पर वार्षिक प्रगति विवरण प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट के अनुसार केंद्र में कृत्रिम इनक्यूबेशन तकनीक से चूजों की उत्तरजीविता दर 92% से अधिक दर्ज की गई है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राजस्थान का राज्य पक्षी — गोडावण (Great Indian Bustard):
• वैज्ञानिक नाम: आर्डियोटिस नाइग्रीसेप्स (Ardeotis nigriceps)।
• स्थानीय/उपनाम: माल मोरड़ी, हुकना, गुधनमेर, सोहन चिड़िया (Great Indian Bustard)।
• राज्य पक्षी का दर्जा: 21 मई 1981 को राजस्थान सरकार द्वारा राज्य पक्षी घोषित किया गया।
• प्राकृतिक आवास: थार मरुस्थल की शुष्क घासभूमियां विशेषकर "सेवण घास" (Lasiurus scindicus) के मैदान।
• राजस्थान में प्रमुख शरणस्थल:
1. राष्ट्रीय मरु उद्यान (जैसलमेर एवं बाड़मेर - क्षेत्रफल 3,162 वर्ग किमी, राज्य का सबसे बड़ा अभयारण्य)।
2. सोरसन (बारां)।
3. सांकलिया (अजमेर)।
✓वैश्विक एवं राष्ट्रीय संरक्षण दर्जा (Critical Facts for RPSC Exam):
• IUCN रेड लिस्ट: "अति संकटापन्न" (Critically Endangered - CR — विलुप्ति की कगार पर)।
• विश्व में कुल संख्या: मात्र 150 से भी कम जीवित पक्षी बचे हैं, जिनमें से 90% से अधिक केवल राजस्थान के थार मरुस्थल में सीमित हैं।
• CITES: परिशिष्ट-I (Appendix I)।
• वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972: अनुसूची-I (सर्वोच्च कानूनी संरक्षण)।
✓संरक्षण नवाचार व "प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड":
• 5 जून 2013 को राजस्थान देश का पहला राज्य बना जिसने गोडावण के संरक्षण हेतु राज्य बजट से "प्रोजेक्ट जीआईबी" प्रारंभ किया।
• कृत्रिम प्रजनन व हैचिंग केंद्र: सम (जैसलमेर) में स्थापित विश्व का पहला सफल इन-सीटू/एक्स-सीटू संरक्षण केंद्र।
• बर्ड डायवर्टर (Bird Diverters): उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के ऐतिहासिक निर्देशानुसार मरु त्रिकोण में हाई-टेंशन ट्रांसमिशन लाइनों पर पक्षियों के टकराने से बचाव हेतु फ्लोरोसेंट रिफ्लेक्टर डायवर्टर लगाए जा रहे हैं।
रक्षा एवं सामरिक क्षमता: 94वें वायुसेना दिवस पूर्व सुखोई-30MKI से स्वदेशी "अस्त्र मार्क-1" (Astra Mk-1) बीवीआर मिसाइल का सफल परीक्षण
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
8 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस (Air Force Day 2026) से पूर्व 5 अक्टूबर को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायुसेना (IAF) ने पश्चिमी कमान के अग्रिम एयरबेस से सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान के जरिए स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल "अस्त्र मार्क-1" (Astra Mk-1) का सफल स्ट्राइक परीक्षण संपन्न किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अधिकतम दूरी पर गतिमान उच्च-सटीक मानव रहित एरियल टारगेट को शत-प्रतिशत सटीकता से नष्ट किया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓"अस्त्र" मिसाइल प्रणाली (Astra Missile System) की तकनीकी विशेषताएं:
• प्रकार: दृश्य सीमा से परे हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल (Beyond Visual Range Air-to-Air Missile - BVRAAM)।
• निर्माता व विकासकर्ता: डीआरडीओ (DRDO - रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) की प्रयोगशाला DRDL हैदराबाद द्वारा डिजाइन तथा भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा निर्मित।
• गति एवं रेंज:
- गति: मैक 4.5 से अधिक (सुपरसोनिक, ध्वनि की गति से चार गुना से अधिक तेज)।
- अस्त्र Mk-1 रेंज: 110 किमी तक प्रभावी मारक दूरी।
- अस्त्र Mk-2 रेंज: 160 किमी (उन्नत संस्करण)।
- अस्त्र Mk-3 रेंज: 300+ किमी (सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट - SFDR तकनीक पर आधारित)।
• ऑल-वेदर डे/नाइट क्षमता: अत्यधिक इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बीच भी सक्रिय रडार होमिंग (Active Radar Homing) सीकर द्वारा सटीक लक्ष्य भेदन।
✓सामरिक स्वावलंबन (आत्मनिर्भर भारत):
• भारतीय वायुसेना द्वारा अब तक प्रयुक्त रूसी R-77 और फ्रांसीसी MICA व Meteor मिसाइलों पर आयात निर्भरता समाप्त हुई।
• यह सुखोई-30MKI, एलसीए तेजस (LCA Tejas Mk-1A) और मिग-29 लड़ाकू विमानों में पूर्णतः स्वदेशी मिसाइल के रूप में एकीकृत की जा चुकी है।
✓भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य (Air Force Day 8 October):
• स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश शासन के दौरान "रॉयल इंडियन एयर फोर्स" (RIAF) के रूप में।
• आदर्श वाक्य: "नभः स्पृशं दीप्तम्" (Touch the Sky with Glory) — श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है।
• पश्चिमी वायु कमान (WAC): पश्चिमी सीमा पर राजस्थान के जोधपुर, उत्तरलाई (बाड़मेर), नाल (बीकानेर), फलोदी और जैसलमेर एयरबेस देश की पश्चिमी सुरक्षा के अभेद्य दुर्ग हैं।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI): NPCI का "UPI वन-वर्ल्ड" व सीमा-पार त्वरित भुगतान — 15 देशों में भारतीय यात्रियों हेतु वैश्विक वित्तीय समावेशन
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI International Payments Limited - NIPL) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को जारी वित्तीय डिजिटलीकरण बुलेटिन के अनुसार भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वैश्विक स्तर पर 15 से अधिक प्रमुख देशों (सिंगापुर, यूएई, भूटान, नेपाल, मॉरीशस, फ्रांस, श्रीलंका आदि) में स्थानीय बैंकिंग और मर्चेंट नेटवर्कों से सफलतापूर्वक जुड़ चुका है। इसके साथ ही विदेशी पर्यटकों और प्रवासी भारतीयों हेतु "UPI वन-वर्ल्ड" (UPI One World) डिजिटल वॉलेट प्रणाली का व्यापक विस्तार किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓UPI (Unified Payments Interface) के आधारभूत तथ्य (UPSC/SSC Exam Core Data):
• विकासकर्ता: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI - स्थापना वर्ष 2008 में कंपनी अधिनियम के तहत गैर-लाभकारी संगठन के रूप में)।
• औपचारिक शुरुआत: 11 अप्रैल 2016 को तत्कालीन RBI गवर्नर डॉ. रघुराम राजन द्वारा 21 भागीदार बैंकों के साथ लॉन्च किया गया।
• कार्यप्रणाली: आईएमपीएस (IMPS - Immediate Payment Service) प्लेटफॉर्म पर आधारित; वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA/UPI ID) द्वारा 24x7x365 बिना बैंक विवरण साझा किए त्वरित भुगतान।
✓"UPI वन-वर्ल्ड" (UPI One World) वॉलेट नवाचार:
• उद्देश्य: भारत में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों (G20, ब्रिक्स), व्यापार व पर्यटन हेतु आने वाले विदेशी यात्रियों को बिना भारतीय बैंक खाता या स्थानीय सिम कार्ड के डिजिटल भुगतान की सुविधा।
• कार्यविधि: अधिकृत विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्रों (Authorized Dealers) द्वारा विदेशी मुद्रा के बदले प्रीपेड डिजिटल वॉलेट जारी किया जाता है, जिससे यात्री भारत में किसी भी मर्चेंट QR कोड को स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं।
✓वैश्विक लिंकेज व "प्रोजेक्ट नेक्सस" (Project Nexus):
• बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) और भारत के NPCI द्वारा आसियान (ASEAN) देशों के त्वरित भुगतान प्रणालियों (जैसे सिंगापुर के PayNow, मलेशिया के DuitNow, थाईलैंड के PromptPay) को सीधे UPI से जोड़ने की पहल।
• फ्रांस: पेरिस के एफिल टॉवर पर UPI से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होने के साथ यूरोप में प्रवेश करने वाला भारत का पहला भुगतान तंत्र बना।
✓ई-रुपया (CBDC - Central Bank Digital Currency):
• भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा (Digital Rupee); यह भौतिक बैंक नोटों का डिजिटल संप्रभु रूप है जो ब्लॉकचेन/डीएलटी तकनीक पर संचालित होता है और केंद्रीय बैंक की प्रत्यक्ष देनदारी (Liability) है।