रविवार, 4 अक्टूबर 2026·7 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन
4 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: 4 अक्टूबर "विश्व पशु कल्याण दिवस" पर राजस्थान में 108 सचल पशु चिकित्सा इकाइयों (MVUs) का विस्तार व ऊंट संरक्षण नीति का द्वितीय चरण, जयपुर यूनेस्को विश्व धरोहर परकोटे का संरक्षण मास्टरप्लान व आमेर-नाहरगढ़ हेरिटेज वॉक, "विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2026" (4-10 अक्टूबर) का शुभारंभ व IN-SPACe निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की नई उड़ान, 5 अक्टूबर "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" की पूर्व संध्या पर चंबल नदी में गंगा डॉल्फिन की वार्षिक संरक्षण रिपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) राजस्थान खंड में रणथंभौर-मुकुंदरा गलियारे पर देश के पहले "एनिमल ओवरपास व अंडरपास" (Eco-Bridges) की सफल कार्यप्रणाली, भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पूर्व पोखरण-जैसलमेर में स्वदेशी एलसीएच "प्रचंड" व "रुद्र" का रात्रि युद्धाभ्यास, तथा एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पुरुष व महिला टीम का शानदार पदक प्रदर्शन।
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विश्व पशु कल्याण दिवस (4 अक्टूबर): राजस्थान में 108 सचल पशु चिकित्सा इकाइयों (MVUs) का विस्तार — "मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क आरोग्य योजना" व ऊंट संरक्षण नीति
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
4 अक्टूबर को "विश्व पशु कल्याण दिवस" (World Animal Welfare Day) के अवसर पर राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ग्रामीण व सुदूर ढाणियों में पशु चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 108 सचल पशु चिकित्सा इकाइयों (Mobile Veterinary Units - MVUs) को रवाना किया गया। इसके साथ ही राज्य पशु "ऊंट" के संरक्षण एवं संवर्धन नीति के द्वितीय चरण के तहत टोडिया संवर्धन वित्तीय सहायता का विस्तार किया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓पशुपालन का राजस्थान की अर्थव्यवस्था में योगदान:
• 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन 56.8 मिलियन (देश का लगभग 10.60%) है।
• ऊंटों की आबादी में राजस्थान का देश में एकाधिकार (लगभग 84.4%) है।
• बकरियों की संख्या में राजस्थान देश में प्रथम स्थान (लगभग 14%) पर है।
• दूध उत्पादन में राजस्थान देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल है (लगभग 15% राष्ट्रीय योगदान)।
• ऊन उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान (45% से अधिक राष्ट्रीय योगदान) पर है।
✓मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क आरोग्य योजना: वर्ष 2012 में प्रारंभ; योजना के अंतर्गत राजकीय पशु चिकित्सालयों में 138 से अधिक आवश्यक पशु औषधियाँ, कृमिनाशक दवाएं एवं जीवनरक्षक टीके निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
✓108 सचल पशु चिकित्सा इकाई (MVU) एवं कॉल सेंटर 1962: केंद्र व राज्य के सहयोग से टोल-फ्री हेल्पलाइन 1962 पर कॉल करने पर पशुपालक के द्वार पर (Doorstep Service) शल्य चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान (AI), रोग निदान और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
✓ऊंट (Camelus dromedarius) संरक्षण नीति:
• 30 जून 2014 को ऊंट को राजस्थान का "राज्य पशु" (पशुधन श्रेणी) घोषित किया गया था (वन्यजीव श्रेणी में चिंकारा राज्य पशु है)।
• राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 2015 लागू है।
• ऊंट संरक्षण एवं विकास योजना: मादा ऊंट के प्रसव उपरांत टोडिया (Camel Calf) के जन्म पर पशुपालक को प्रोत्साहन राशि (कुल ₹20,000 किस्तों में) प्रदान की जाती है।
✓राजस्थान की प्रमुख पशु नस्लें (RPSC/CET परीक्षा विशेष):
• गाय: थारपारकर (मालाणी/जोधपुर/बाड़मेर), राठी (राजस्थान की कामधेनु - बीकानेर/गंगानगर), कांकरेज (सांचौर/जालौर - सवाई चाल), गिर (अजमेर/भीलवाड़ा - रेंडा)।
• भेड़: चोकला (भारत की मेरिनो - शेखावाटी), मालपुरा (टोंक), मगरा (बीकानेर), सोनाड़ी/चनोथर (उदयपुर/चित्तौड़गढ़ - लंबे कान चरते समय जमीन छूते हैं)।
• बकरी: जाखराना (अलवर - सर्वाधिक दूध), सिरोही, बरबरी (सुंदर नस्ल), शेखावाटी (बिना सींग वाली)।
• ऊंट नस्लें: बीकानेरी (बोझा ढोने में श्रेष्ठ), जैसलमेरी (सवारी व सेना हेतु), नाचना (तेज दौड़ने व सुंदरता हेतु प्रसिद्ध)।
राजस्थान सांस्कृतिक विरासत: यूनेस्को विश्व धरोहर शहर "जयपुर" का संरक्षण मास्टरप्लान — ऐतिहासिक परकोटे, आमेर व नाहरगढ़ हेरिटेज वॉक का संवर्धन
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
विश्व धरोहर संरक्षण सप्ताह के संदर्भ में 4 अक्टूबर को राजस्थान स्वायत्त शासन विभाग (DLB) और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा जयपुर परकोटे (Walled City of Jaipur) के प्राचीन दरवाजों, हेरिटेज वॉक मार्गों के सौंदर्यीकरण और आमेर-जयगढ़-नाहरगढ़ हेरिटेज कॉरिडोर के डिजिटल संरक्षण मास्टरप्लान की प्रगति की समीक्षा की गई। यूनेस्को मानकों के अनुसार परकोटे की मूल स्थापत्य कला और गुलाबी रंग (गेरुआ/पिंक) के एकरूपता संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓जयपुर नगर की ऐतिहासिक स्थापना:
• 18 नवंबर 1727 को कछवाहा शासक सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा जयपुर की नींव रखी गई।
• प्रमुख वास्तुकार: बंगाली ब्राह्मण पं. विद्याधर भट्टाचार्य।
• नगर का विन्यास: 9 चौकियों के सिद्धांत (नौ ग्रहों और वास्तुशास्त्र) पर आधारित ग्रिड-पैटर्न (Chessboard/Gridiron plan) पर बसा भारत का पहला आधुनिक नियोजित शहर।
• 1876 में प्रिंस ऑफ वेल्स (एडवर्ड सप्तम) के आगमन पर महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय ने पूरे शहर को गुलाबी (गेरुआ) रंग से रंगवाया था।
✓यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site):
• 6 जुलाई 2019 को बाकू (अजरबैजान) में आयोजित यूनेस्को की 43वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक में जयपुर के परकोटे वाले शहर (Walled City) को औपचारिक रूप से विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था (अहमदाबाद के बाद भारत का दूसरा शहर)।
✓राजस्थान के अन्य यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (Exam Must-Know Fact):
• जंतर-मंतर (जयपुर): 2010 में विश्व धरोहर घोषित (सवाई जयसिंह द्वारा 1734 में निर्मित; विश्व की सबसे बड़ी पाषाण धूपघड़ी "सम्राट यंत्र" यहां स्थित है)।
• राजस्थान के 6 पहाड़ी किले (Hill Forts of Rajasthan - 2013 में घोषित, ट्रिक: "चीकू गाजर आम"):
1. चित्तौड़गढ़ दुर्ग
2. कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद)
3. गागरोन दुर्ग (झालावाड़ - सर्वश्रेष्ठ जलदुर्ग/ओदक दुर्ग)
4. जैसलमेर दुर्ग (सोनार किला)
5. रणथंभौर दुर्ग (सवाई माधोपुर)
6. आमेर दुर्ग (जयपुर)
• केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर): 1985 में प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल घोषित।
✓विरासत संरक्षण अधिनियम: राजस्थान स्मारक, पुरावशेष, स्थान तथा प्राचीन संकर्म अधिनियम 1961 के अंतर्गत परकोटे के ऐतिहासिक स्वरूप को विकृत करने पर कानूनी रोक है।
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2026 (4-10 अक्टूबर): थीम "अंतरिक्ष और सतत जीवन" — भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र का उभार एवं IN-SPACe की नई स्वीकृतियां
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा प्रतिवर्ष 4 से 10 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले "विश्व अंतरिक्ष सप्ताह" (World Space Week - WSW 2026) का 4 अक्टूबर को औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस वर्ष का मुख्य विषय "अंतरिक्ष और सतत जीवन" (Space and Sustainable Living) घोषित किया गया है। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने देश के अग्रणी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स (अग्निकुल कॉस्मॉस, स्काईरूट और पिक्सल) को आगामी उपग्रह मिशनों और रॉकेट प्रक्षेपणों हेतु नई तकनीकी स्वीकृतियां प्रदान कीं।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓4 से 10 अक्टूबर की ऐतिहासिक तिथियों का महत्व (UPSC/RAS Core Fact):
• 4 अक्टूबर 1957: तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) द्वारा विश्व के पहले कृत्रिम उपग्रह "स्पुतनिक-1" (Sputnik-1) का सफल प्रक्षेपण किया गया, जिससे मानव इतिहास में "अंतरिक्ष युग" (Space Age) का शुभारंभ हुआ।
• 10 अक्टूबर 1967: "बाह्य अंतरिक्ष संधि" (Outer Space Treaty - OST) का प्रभाव में आना, जिसे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून का बुनियादी संविधान माना जाता है।
• संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1999 में इन दोनों ऐतिहासिक दिवसों की स्मृति में 4-10 अक्टूबर को विश्व अंतरिक्ष सप्ताह घोषित किया था।
✓भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 (Indian Space Policy 2023) का त्रिकोणीय ढांचा:
• IN-SPACe (मुख्यालय: अहमदाबाद): निजी क्षेत्र (Non-Governmental Entities - NGEs) के लिए एकल खिड़की सुविधा प्रदाता और नियामक प्राधिकरण।
• न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL): अंतरिक्ष विभाग के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CPSE), जो इसरो के वाणिज्यिक प्रक्षेपणों और तकनीकी हस्तांतरण का संचालन करता है।
• ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन): मुख्य रूप से अनुसंधान एवं विकास, गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण (चंद्रयान, गगनयान, मंगलयान) और राष्ट्रीय रणनीतिक मिशनों पर केंद्रित।
✓भारत के निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की ऐतिहासिक उपलब्धियां:
• स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot): भारत का पहला निजी रॉकेट "विक्रम-एस" (Vikram-S - मिशन प्रारंभ) नवंबर 2022 में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
• अग्निकुल कॉस्मॉस (Agnikul): विश्व का पहला 3D-प्रिंटेड सिंगल-पीस सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन विकसित कर "अग्निबाण SOrTeD" का सफल सब-ऑर्बिटल परीक्षण किया।
• पिक्सल (Pixxel): हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ-इमेजिंग उपग्रहों का स्वदेशी तारामंडल (Constellation) स्थापित करने वाला अग्रणी स्टार्टअप।
पर्यावरण एवं जलीय जैव विविधता: "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" की पूर्व संध्या (4 अक्टूबर) — चंबल अभयारण्य में गंगा डॉल्फिन की वार्षिक संरक्षण रिपोर्ट व "प्रोजेक्ट डॉल्फिन"
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
5 अक्टूबर को मनाए जाने वाले "राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस" (National Dolphin Day) की पूर्व संध्या पर 4 अक्टूबर को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा चंबल राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य तथा गंगा बेसिन में गंगा नदी डॉल्फिन की वार्षिक संरक्षण समीक्षा रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार चंबल नदी (राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा) में डॉल्फिनों की प्रजनन दर और आवास सुरक्षा में निरंतर सुधार दर्ज हुआ है।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस (5 अक्टूबर):
• राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति द्वारा प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
• 5 अक्टूबर 2009 को गंगा नदी डॉल्फिन को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से "राष्ट्रीय जलीय जीव" (National Aquatic Animal) घोषित किया गया था।
✓गंगा नदी डॉल्फिन (Platanista gangetica gangetica) के प्रमुख तथ्य:
• स्थानीय नाम: "सोंस" या "सूंस" (Susu) — श्वास लेते समय निकलने वाली विशिष्ट ध्वनि के आधार पर।
• शारीरिक विशेषता: यह दृष्टिहीन (अंधी) होती है; नेत्रों में लेंस का अभाव होता है। भोजन तलाशने और दिशा ज्ञान के लिए "इकोलोकेशन" (Echolocation - पराश्रव्य अल्ट्रासोनिक तरंगें) का प्रयोग करती है।
• आवास: यह केवल शुद्ध और ताजे (मीठे) पानी में ही जीवित रह सकती है; अतः इसे नदी पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का प्रत्यक्ष "जैव-संकेतक" (Bio-indicator) माना जाता है।
• संरक्षण स्थिति (IUCN Red List): "संकटापन्न" (Endangered)।
• वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972: अनुसूची-1 (Schedule I - सर्वोच्च कानूनी संरक्षण)।
• CITES: परिशिष्ट-1 (Appendix I)।
✓राजस्थान में गंगा डॉल्फिन का एकमात्र पर्यावास — चंबल नदी:
• राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य (National Chambal Sanctuary) राजस्थान के कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में विस्तृत है।
• चंबल राजस्थान की एकमात्र नित्यवाही (बारहमासी) नदी है जिसमें यह दुर्लभ स्तनपायी प्राणी पाया जाता है।
✓"प्रोजेक्ट डॉल्फिन" (Project Dolphin): प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त 2020 को प्रोजेक्ट टाइगर की तर्ज पर नदीय एवं समुद्री डॉल्फिनों के समग्र संरक्षण हेतु घोषित किया गया था।
✓राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र (NDRC): देश का पहला राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केंद्र पटना विश्वविद्यालय परिसर (बिहार) में गंगा नदी के तट पर स्थापित किया गया है।
राष्ट्रीय अवसंरचना व इको-फ्रेंडली विकास: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) राजस्थान खंड — देश के पहले "एनिमल ओवरपास व अंडरपास" (Eco-Bridges) की सफल कार्यप्रणाली
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के संयुक्त तकनीकी दल ने 4 अक्टूबर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के राजस्थान खंड (दौसा, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा) पर निर्मित अत्याधुनिक वन्यजीव कॉरिडोर (Wildlife Eco-Ducts) की वार्षिक कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के मध्य वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन हेतु निर्मित ये भारत के पहले "एनिमल ओवरपास" (Eco-Bridges) हैं।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NE-4 / DME) की मुख्य विशेषताएं:
• कुल लंबाई: लगभग 1,386 किमी (भारत का सबसे लंबा 8-लेन एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे, जिसे भविष्य में 12-लेन तक चौड़ा किया जा सकता है)।
• राजस्थान में विस्तार: लगभग 374 किमी (अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिलों से गुजरता है)।
• भारतमाला परियोजना (Bharatmala Pariyojana) के तहत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ता है; यात्रा समय 24 घंटे से घटकर मात्र 12 घंटे रह गया है।
✓एनिमल ओवरपास एवं अंडरपास (Eco-Bridges) की महत्ता:
• एशिया और भारत में पहली बार कनाडा के "बैंफ नेशनल पार्क" (Banff National Park) की अंतरराष्ट्रीय तर्ज पर एक्सप्रेसवे के ऊपर वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक मिट्टी, घास और वृक्षों से आच्छादित ओवरपास बनाए गए हैं।
• उद्देश्य: सड़क दुर्घटनाओं (Road-kill incidents) को शून्य करना और विखंडित वनों (Fragmented Forests) को पुनः जोड़कर आनुवंशिक विविधता (Gene flow) बनाए रखना।
• रणथंभौर-रामगढ़ विषधारी-मुकुंदरा हिल्स टाइगर कॉरिडोर में बाघ, बघेरे, भालू और हिरण इन ओवरपासों का नियमित उपयोग कर रहे हैं।
• एक्सप्रेसवे पर वन्यजीवों को वाहनों के प्रकाश और आवाज से बचाने हेतु 4 मीटर ऊंची साउंड-बैरियर (Noise barrier) दीवारें स्थापित की गई हैं।
✓राजस्थान के टाइगर रिजर्व (RPSC Exam Direct Question):
1. रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर - 1973 में प्रथम टाइगर रिजर्व)
2. सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर - 1978)
3. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा/झालावाड़/चित्तौड़गढ़ - 2013)
4. रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (बूंदी - 2022 में देश का 52वां व राज्य का चौथा)
5. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (2023 में राज्य का 5वां टाइगर रिजर्व)।
रक्षा एवं स्वदेशी मारक क्षमता: वायुसेना स्थापना दिवस पूर्व पश्चिमी रेगिस्तानी सेक्टर में युद्धाभ्यास — स्वदेशी एलसीएच "प्रचंड" (LCH Prachand) एवं "रुद्र" हेलीकॉप्टर की रात्रि गर्जना
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस (Air Force Day 2026) से पूर्व 4 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना (IAF) और भारतीय सेना की एकीकृत कोर ने राजस्थान के पोखरण और थार रेगिस्तानी सेक्टर में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर "प्रचंड" (LCH Prachand) और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर "रुद्र" (ALH Rudra) के साथ संयुक्त रात्रि स्ट्राइक युद्धाभ्यास संपन्न किया। युद्धाभ्यास में उच्च तापमान और रेतीले वातावरण में लेजर-गाइडेड मिसाइलों और रॉकेट प्रणालियों की सटीकता जांची गई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर "प्रचंड" (LCH Prachand):
• विकास एवं निर्माता: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL - हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड)।
• अद्वितीय वैश्विक विशेषता: यह विश्व का एकमात्र बहुउद्देश्यीय लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जो 5,000 मीटर (16,400 फीट) से अधिक की अत्यधिक ऊंचाई पर हथियारों और ईंधन के पूरे भार के साथ उड़ान भर सकता है और मिसाइलें दाग सकता है।
• कॉकपिट व सुरक्षा: टैंडम कॉकपिट (Tandem Cockpit), बख्तरबंद सुरक्षा (Armored protection), रडार अवशोषक सामग्री (Stealth features) और दुर्घटना प्रतिरोधी लैंडिंग गियर।
• घातक आयुध:
- 20 मिमी की नोज-माउंटेड फ्रेंच नेक्सटर बुर्ज गन (प्रति मिनट 750 गोलियां)।
- हवा-से-हवा में मार करने वाली "मिस्ट्रल" (Mistral) मिसाइलें।
- 70 मिमी कैलिबर के गाइडेड व अनगाइडेड रॉकेट।
- स्वदेशी टैंक-रोधी गाइडेड मिसाइल (ATGM) "ध्रुवास्त्र" (Dhruvastra / Helina)।
✓एएलएच "रुद्र" (ALH Rudra): स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH Dhruv) का वेपनाइज्ड (सशस्त्र) अटैक संस्करण, जिसे निकट हवाई समर्थन (Close Air Support) हेतु तैयार किया गया है।
✓राजस्थान के प्रमुख सामरिक वायुसेना स्टेशन (Air Force Stations in Rajasthan):
• जोधपुर वायुसेना स्टेशन: पश्चिमी वायु कमान का सबसे रणनीतिक बेस, जहां सुखोई-30MKI और मिग विमान तैनात रहे हैं।
• उत्तरलाई एयरबेस (बाड़मेर): भारत का पहला पूर्ण भूमिगत व अग्रिम रक्षा बेस।
• नाल वायुसेना स्टेशन (बीकानेर): एशिया के सबसे सुरक्षित भूमिगत एयरबेसों में से एक।
• जैसलमेर, सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) और फलोदी एयरबेस।
खेल जगत: एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 — भारतीय पुरुष व महिला टीम का शानदार प्रदर्शन, अचंत शरत कमल व मनिका बत्रा का दबदबा
परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?
एशियाई टेबल टेनिस यूनियन (ATTU) के तत्वावधान में आयोजित एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 में 4 अक्टूबर को भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबले में शीर्ष वरीय एशियाई प्रतिद्वंद्वियों को पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश करते हुए ऐतिहासिक पदक पक्का किया। वहीं महिला एकल व युगल स्पर्धाओं में भारत की मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)
✓भारतीय टेबल टेनिस के प्रमुख सितारे (Exam Oriented Current Facts):
• अचंत शरत कमल: राष्ट्रमंडल खेलों के दिग्गज पैडलर (10 राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक); वर्ष 2022 के देश के सर्वोच्च खेल सम्मान "मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार" से सम्मानित; 2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल के आधिकारिक ध्वजवाहक (Flag-bearer)।
• मनिका बत्रा: भारत की स्टार महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी; 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत एकल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला; मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित।
• श्रीजा अकुला: राष्ट्रीय चैंपियन; अंतरराष्ट्रीय डब्ल्यूटीटी (WTT) कंटेंडर एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी।
• मानव ठक्कर व साथियान गणानाशेखरन: अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष भारतीय पुरुष खिलाड़ी।
✓टेबल टेनिस खेल से जुड़े प्रमुख तथ्य व शब्दावली:
• उत्पत्ति: 19वीं सदी के विक्टोरियन इंग्लैंड में उच्च वर्ग के मनोरंजक खेल के रूप में (प्रारंभिक नाम: "पिंग-पॉन्ग")।
• वैश्विक शासी निकाय: अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF - International Table Tennis Federation), स्थापना वर्ष 1926; मुख्यालय: लॉज़ेन (स्विट्जरलैंड)।
• भारत में खेल निकाय: टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI - Table Tennis Federation of India), स्थापना 1926।
• स्कोरिंग प्रणाली: आधुनिक नियमों के तहत प्रत्येक गेम 11 अंकों (Points) का होता है; यदि स्कोर 10-10 की बराबरी पर हो, तो जीतने के लिए लगातार 2 अंकों की बढ़त अनिवार्य होती है।
✓ओलंपिक में टेबल टेनिस: वर्ष 1988 के सियोल ओलंपिक खेलों में टेबल टेनिस को आधिकारिक ओलंपिक खेल के रूप में शामिल किया गया था।