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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026·8 प्रमुख घटनाएँ·निःशुल्क दैनिक संकलन

1 अक्टूबर 2026 — दैनिक समसामयिकी

आज के प्रमुख समसामयिकी घटनाक्रम: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 व सिल्वर इकोनॉमी पहल, राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस एवं रक्त समूह विज्ञान तथ्य, अंतर्राष्ट्रीय कॉफी दिवस व भारतीय बागान अर्थव्यवस्था, देशव्यापी "स्वच्छता ही सेवा" पखवाड़े का समापन, राजस्थान में "राइजिंग राजस्थान" ग्लोबल समिट तैयारियां व ₹15 लाख करोड़ निवेश एमओयू, 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर राज्यव्यापी विशेष ग्राम सभाएं, RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक बैठक तथा नौसेना के स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल्स (DSVs) आईएनएस निस्तार व निपुण।

#1
अंतरराष्ट्रीयUPSCRASCETSSC

1 अक्टूबर: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 (International Day of Older Persons) — वृद्धजन अधिकार व सिल्वर इकोनॉमी

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, कल्याण, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 14 दिसंबर 1990 को संकल्प 45/106 के तहत इस दिवस की घोषणा की थी। भारत सरकार एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा इसे "सिल्वर इकोनॉमी" और स्वस्थ वृद्धावस्था दशक (Decade of Healthy Ageing 2021-2030) के परिप्रेक्ष्य में मनाया जा रहा है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓संवैधानिक प्रावधान (RPSC/UPSC विशेष): भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के अंतर्गत अनुच्छेद 41 में वृद्धावस्था, बीमारी और असमर्थता की स्थिति में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार सुनिश्चित करने का निर्देश राज्य को दिया गया है।
  • ✓कानूनी ढांचा: "माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007" (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) संतानों/वारिसों पर माता-पिता का भरण-पोषण कानूनी रूप से अनिवार्य बनाता है तथा प्रत्येक जिले में भरण-पोषण अधिकरण (Tribunal) की स्थापना का प्रावधान करता है।
  • ✓प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएं: "अटल वयो अभ्युदय योजना" (AVYAY), "राष्ट्रीय वयोश्री योजना" (वरिष्ठ नागरिकों को जीवन सहायक उपकरण प्रदान करना), और राष्ट्रीय हेल्पलाइन "एल्डरलाइन" (टोल-फ्री नंबर 14567)।
  • ✓सिल्वर इकोनॉमी (Silver Economy): वरिष्ठ नागरिकों की विशिष्ट आवश्यकताओं — स्वास्थ्य देखभाल, जीरियाट्रिक केयर, सहायक तकनीक और वित्तीय नियोजन पर आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु "SAGE" (Seniorcare Aging Growth Engine) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है।
#2
विज्ञान-तकनीकUPSCRASCETPOLICE

1 अक्टूबर: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (National Voluntary Blood Donation Day) — विज्ञान एवं स्वास्थ्य पहलें

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

भारत में प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को "राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस" (NVBDD) के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 1 अक्टूबर 1975 को इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनोहेमेटोलॉजी (ISBTI) द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत स्वैच्छिक, गैर-पारिश्रमिक रक्तदान को बढ़ावा देकर रक्त बैंकों में सुरक्षित और पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓रक्त समूह विज्ञान तथ्य (General Science): मानव रक्त समूहों (ABO Blood Group System) की खोज ऑस्ट्रियाई जीवविज्ञानी कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) ने वर्ष 1900 में की थी, जिसके लिए उन्हें 1930 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 1940 में लैंडस्टीनर और अलेक्जेंडर वीनर ने रीसस बंदर (Rhesus macaque) में Rh कारक (Rh Factor) की खोज की।
  • ✓दाता एवं ग्राही सिद्धांत: रक्त समूह O-Negative (ओ निगेटिव) को "सार्वभौमिक दाता" (Universal Donor) कहा जाता है क्योंकि इसमें A और B एंटीजन तथा Rh एंटीजन अनुपस्थित होते हैं। रक्त समूह AB-Positive (एबी पॉजिटिव) को "सार्वभौमिक ग्राही" (Universal Recipient) कहा जाता है।
  • ✓डिजिटल पहलें: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देश भर के रक्त बैंकों के प्रबंधन व रक्त उपलब्धता की रियल-टाइम ट्रैकिंग हेतु "ई-रक्तकोष" (e-RaktKosh) डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा है।
  • ✓रक्तदान मानदंड: 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ व्यक्ति (न्यूनतम 45 किग्रा वजन, हीमोग्लोबिन स्तर ≥ 12.5 g/dL) प्रत्येक 3 माह (पुरुष) अथवा 4 माह (महिला) के अंतराल पर सुरक्षित रक्तदान कर सकते हैं।
#3
अर्थव्यवस्थाUPSCRASCET

1 अक्टूबर: अंतर्राष्ट्रीय कॉफी दिवस 2026 (International Coffee Day) — भारतीय बागान कृषि व निर्यात परिदृश्य

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय कॉफी संगठन (International Coffee Organization - ICO) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कॉफी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2015 में पहली बार मिलान (इटली) में इस दिवस की औपचारिक शुरुआत की गई थी। यह दिवस कॉफी उत्पादक किसानों के श्रम का सम्मान करने तथा उचित व्यापार (Fair Trade) प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓भारतीय कॉफी उत्पादन (भूगोल व अर्थव्यवस्था): भारत दुनिया का छठा/सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक देश है। भारत में उत्पादित कॉफी का लगभग 70% हिस्सा यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया में निर्यात किया जाता है।
  • ✓प्रमुख किस्में: भारत में मुख्य रूप से दो प्रकार की कॉफी उगाई जाती हैं — अरेबिका (Arabica - सुगंधित और उच्च गुणवत्ता) तथा रोबस्टा (Robusta - मजबूत स्वाद और अधिक कैफीन)। भारत में रोबस्टा का उत्पादन कुल उत्पादन का लगभग 65-70% है।
  • ✓उत्पादक राज्य: कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक राज्य है (देश के कुल उत्पादन का 70% से अधिक), इसके बाद केरल (लगभग 20%) और तमिलनाडु का स्थान आता है। इसके अलावा गैर-पारंपरिक क्षेत्रों जैसे आंध्र प्रदेश (अराकु घाटी) और पूर्वोत्तर राज्यों में भी इसका विस्तार हुआ है। अराकु वैली अरेबिका कॉफी को जीआई (GI) टैग प्राप्त है।
  • ✓भारतीय कॉफी की अनूठी विशेषता: भारतीय कॉफी पूरी तरह से "छायादार पेड़ों के नीचे" (Shade-grown Coffee) और हस्त-चयन (Hand-picked) द्वारा तैयार की जाती है, जो इसे वैश्विक बाजार में पर्यावरण-अनुकूल और विशिष्ट स्वाद प्रदान करती है।
  • ✓कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया (Coffee Board of India): इसका मुख्यालय बेंगलुरु (कर्नाटक) में स्थित है और यह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
#4
राष्ट्रीयUPSCRASCETPATWARI

राष्ट्रीय स्वच्छता: "स्वच्छता ही सेवा" (SHS) पखवाड़े का समापन एवं 2 अक्टूबर "स्वच्छ भारत दिवस" की पूर्व संध्या

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में 17 सितंबर से आयोजित देशव्यापी "स्वच्छता ही सेवा" (Swachhata Hi Seva - SHS) पखवाड़े का 1 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर "स्वच्छ भारत दिवस" के रूप में मनाया जाएगा, जो वर्ष 2014 में शुरू हुए ऐतिहासिक स्वच्छ भारत मिशन (SBM) की प्रगति का मूल्यांकन करता है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓अभियान के मुख्य स्तंभ: (1) स्वच्छता लक्षित इकाइयां (Cleanliness Target Units - CTUs) का कायाकल्प और ब्लैकस्पॉट्स की सफाई, (2) जन-भागीदारी एवं श्रमदान, (3) सफाई मित्र सुरक्षा शिविर (सफाई कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा और सुरक्षा उपकरण वितरण)।
  • ✓स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (SBM 2.0): SBM-ग्रामीण का उद्देश्य प्रत्येक गांव को खुले में शौच मुक्त स्थिति से आगे बढ़ाकर "ODF Plus Model" ग्राम बनाना है, जिसमें ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) और गोबरधन (GOBARdhan) परियोजनाएं शामिल हैं। SBM-शहरी 2.0 का लक्ष्य सभी शहरों को "कचरा मुक्त" (Garbage Free Cities) और 100% विरासत अपशिष्ट (Legacy Waste) का उपचार करना है।
  • ✓स्वच्छता सर्वेक्षण: दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
  • ✓सतत विकास लक्ष्य संदर्भ: यह मिशन संयुक्त राष्ट्र के SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) तथा SDG 11 (संवहनीय शहर और समुदाय) की प्राप्ति में भारत का प्रमुख राष्ट्रीय योगदान है।
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राजस्थानRASCETPATWARI

राजस्थान: "राइजिंग राजस्थान" ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2026 की तैयारियां तेज — ₹15 लाख करोड़ के निवेश एमओयू

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राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे "राइजिंग राजस्थान" (Rising Rajasthan) ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2026 की तैयारियों के तहत राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो के माध्यम से अब तक ₹15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने राज्य को $350 बिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓प्रमुख निवेश क्षेत्र: नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन और हाइब्रिड पार्क), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन (EV), पेट्रोकेमिकल्स (पचपदरा बाड़मेर रिफाइनरी क्षेत्र), पर्यटन और कृषि प्रसंस्करण।
  • ✓नीतिगत सुधार और रीप्स (RIPS): "राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना" (RIPS-2024) के तहत पूंजीगत सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, विद्युत कर छूट और रोजगार सृजन प्रोत्साहन जैसी आकर्षक रियायतें निवेशकों को दी जा रही हैं।
  • ✓सिंगल विंडो 2.0 ("राजिवेश" पोर्टल): उद्योग स्थापित करने हेतु आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOCs) और स्वीकृतियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन प्रदान करने के लिए "राजिवेश" (RajNivesh) सिंगल विंडो पोर्टल को उन्नत किया गया है।
  • ✓रीको (RIICO) औद्योगिक गलियारे: दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) प्रभाव क्षेत्र, खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना निवेश क्षेत्र (KBNIR) और जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA) में विशेष आर्थिक क्षेत्र और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
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राजस्थानRASCETPATWARIPOLICE

राजस्थान पंचायती राज: 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

पंचायती राज विभाग, राजस्थान ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश की सभी 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन ग्राम सभाओं में ग्राम विकास, स्वच्छता, और सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) के महत्वपूर्ण एजेंडों पर ग्रामवासियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓ग्राम सभा का मुख्य एजेंडा: वर्ष 2027-28 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के प्राथमिकता कार्यों का अनुमोदन, "स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण" के तहत ओडीएफ प्लस बनाए रखने का संकल्प, तथा जल जीवन मिशन (JJM) के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के रखरखाव की समीक्षा।
  • ✓संवैधानिक प्रावधान (RPSC राजव्यवस्था): 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा भारतीय संविधान में भाग IX और 11वीं अनुसूची (29 विषय) जोड़ी गई। अनुच्छेद 243A में "ग्राम सभा" का प्रावधान है, जो ग्राम स्तर पर पंजीकृत मतदाताओं की सभा होती है।
  • ✓राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994: राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था के संचालन हेतु यह अधिनियम लागू है। अधिनियम के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष में कम से कम 4 अनिवार्य ग्राम सभाएं (26 जनवरी, 1 मई, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर) आयोजित की जाती हैं।
  • ✓सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत कराए गए विकास कार्यों और मजदूरी भुगतान का सोशल ऑडिट ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाता है।
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अर्थव्यवस्थाUPSCRASSSCCET

अर्थव्यवस्था एवं बैंकिंग: RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक बैठक प्रारंभ — प्रमुख दरें व रूपरेखा

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता में 1 से 3 अक्टूबर 2026 तक वित्त वर्ष 2026-27 की चतुर्थ द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee - MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक मुंबई स्थित आरबीआई मुख्यालय में प्रारंभ हुई। बैठक में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, खाद्य मुद्रास्फीति प्रवृत्तियों और आर्थिक संवृद्धि (GDP Growth) के संतुलन पर नीतिगत ब्याज दरों की समीक्षा की जा रही है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓MPC की संरचना (अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य): आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति का गठन किया गया है। इसमें 3 सदस्य भारतीय रिजर्व बैंक के (गवर्नर, डिप्टी गवर्नर और एक अधिकारी) तथा 3 स्वतंत्र बाह्य सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI गवर्नर समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • ✓लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचा (FIT Framework): धारा 45ZA के अनुसार केंद्र सरकार आरबीआई के परामर्श से प्रत्येक 5 वर्ष में मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारित करती है। वर्तमान में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित हेडलाइन मुद्रास्फीति का लक्ष्य 4% है, जिसमें +/- 2% की सहनशीलता सीमा (2% से 6% का बैंड) निर्धारित है।
  • ✓प्रमुख नीतिगत उपकरण: रेपो दर (Repo Rate - वह ब्याज दर जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से अल्पकालिक ऋण लेते हैं), स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF - बिना संपार्श्विक अतिरिक्त तरलता अवशोषित करने का साधन), मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF), नकद आरक्षित अनुपात (CRR) और वैधानिक तरलता अनुपात (SLR)।
  • ✓निर्णय प्रक्रिया: समिति में प्रत्येक सदस्य को एक मत देने का अधिकार होता है। मत बराबर होने की स्थिति में RBI गवर्नर के पास "निर्णायक मत" (Casting Vote) देने का अधिकार होता है।
प्रमाणित स्रोत:भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
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रक्षाUPSCRASDEFENCEPOLICECET

रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा: स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल्स (DSVs) आईएनएस "निस्तार" और "निपुण" का समुद्री परीक्षण

परीक्षा की दृष्टि से खबर में क्यों?

भारतीय नौसेना के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापट्टनम द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित दो अत्याधुनिक डाइविंग सपोर्ट वेसल्स (DSVs) — आईएनएस निस्तार (INS Nistar) और आईएनएस निपुण (INS Nipun) ने अपने उन्नत गहरे समुद्र परिचालन और बचाव परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। ये पोत गहरे समुद्र में सबमरीन रेस्क्यू ऑपरेशन्स में भारत की नौसैनिक संप्रभुता को स्थापित करते हैं।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु (Key Exam Points)

  • ✓पोत की क्षमताएं और विनिर्देश: 118.4 मीटर लंबे और लगभग 9,350 टन विस्थापन क्षमता वाले ये जहाज गहरे समुद्र में डाइविंग ऑपरेशन, पनडुब्बी बचाव, पानी के भीतर गश्त और संकटग्रस्त पनडुब्बियों के कर्मियों को निकालने हेतु डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) को तैनात करने में पूर्णतः सक्षम हैं।
  • ✓स्वदेशी सामग्री (Indigenous Content): इन जहाजों में 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण और सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसमें अधिकांश उपकरण भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा आपूर्ति किए गए हैं।
  • ✓ऐतिहासिक नामकरण: आईएनएस "निस्तार" का नामकरण 1971 के भारत-पाक युद्ध में विशाखापट्टनम तट पर पाकिस्तानी पनडुब्बी पीएनएस गाजी (PNS Ghazi) को नष्ट करने के ऐतिहासिक अभियान में भाग लेने वाले पूर्ववर्ती बचाव पोत के नाम पर किया गया है।
  • ✓क्षेत्रीय सुरक्षा में भूमिका: भारत हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में "प्रथम उत्तरदाता" (First Responder) और नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका निभाता है। ये पोत मित्र देशों की पनडुब्बियों को भी गहरे समुद्र में आपातकालीन बचाव सहायता प्रदान करने में सक्षम हैं।