संसदीय विशेषाधिकार एवं विशेषाधिकार हनन (अनु. 105) — अभ्यास क्विज़
अनु. 105 — संसदीय विशेषाधिकारों के स्रोत, 8 सामूहिक व 5 व्यक्तिगत विशेषाधिकार, विशेषाधिकार हनन बनाम अवमानना, 5-चरण प्रक्रिया, केशव सिंह से सीता सोरेन तक निर्णय, संहिताकरण बहस, ट्रिक्स व 10 MC
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संसदीय विशेषाधिकार एवं विशेषाधिकार हनन (अनु. 105) — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में भारतीय राजव्यवस्था विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: संवैधानिक आधार, लाभार्थी, व्यक्तिगत विशेषाधिकार, सामूहिक बनाम व्यक्तिगत।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. संसद के सदनों, उनकी समितियों और सदस्यों के विशेषाधिकारों का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?
सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 105
व्याख्या: अनुच्छेद 105 संसद के सदनों, समितियों और सदस्यों की शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार बताता है। राज्य विधानमंडलों के लिए समान प्रावधान अनुच्छेद 194 में है।
प्रश्न 2. राज्य विधानमंडलों, उनकी समितियों और सदस्यों के विशेषाधिकार किस अनुच्छेद में दिए गए हैं?
सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 194
व्याख्या: अनुच्छेद 194 राज्य विधानमंडल के सदनों व सदस्यों के विशेषाधिकार बताता है। अनुच्छेद 212 राज्य विधानमंडल की कार्यवाही की न्यायिक जाँच पर रोक से संबंधित है।
प्रश्न 3. अनुच्छेद 105(4) के अनुसार संसदीय विशेषाधिकार निम्न में से किसे भी प्राप्त होते हैं, जो सदन का सदस्य न होते हुए भी सदन में बोलने का अधिकारी है?
सही उत्तर: (C) भारत के महान्यायवादी
व्याख्या: अनुच्छेद 105(4) के अनुसार विशेषाधिकार उन व्यक्तियों को भी मिलते हैं जिन्हें सदन या समिति में बोलने का अधिकार है, जैसे मंत्री और महान्यायवादी (अनु. 88)। राष्ट्रपति संसद का अंग होते हुए भी इनके लाभार्थी नहीं हैं।
प्रश्न 4. राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग है, फिर भी संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त नहीं करता। राष्ट्रपति को प्राप्त उन्मुक्तियाँ किस अनुच्छेद में हैं?
सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 361
व्याख्या: राष्ट्रपति और राज्यपालों को पद के कर्तव्यों हेतु न्यायालय के प्रति उत्तरदायी न होने की उन्मुक्ति अनुच्छेद 361 में है। अनुच्छेद 361A संसद-कार्यवाही के प्रकाशन को संरक्षण देता है।
प्रश्न 5. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 135A के अनुसार सांसदों को गिरफ़्तारी से छूट सत्र या समिति बैठक के दौरान तथा उसके कितने दिन पहले और बाद तक मिलती है?
सही उत्तर: (A) 40 दिन
व्याख्या: धारा 135A के अनुसार सदन या समिति की बैठक के दौरान तथा उसके 40 दिन पहले व 40 दिन बाद तक सिविल मामलों में गिरफ़्तारी से छूट है।
प्रश्न 6. सांसदों की गिरफ़्तारी से छूट के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर: (B) यह केवल सिविल मामलों में है; आपराधिक मामलों और निवारक निरोध में नहीं
व्याख्या: गिरफ़्तारी से छूट केवल सिविल मामलों तक सीमित है। आपराधिक आरोप या निवारक निरोध में सांसद को गिरफ़्तार किया जा सकता है, बस सदन को सूचना देनी होती है।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा संसद का सामूहिक (सदन का) विशेषाधिकार नहीं है?
सही उत्तर: (C) सत्र के दौरान जूरी सेवा से इनकार करना
व्याख्या: जूरी सेवा से छूट सदस्यों का व्यक्तिगत विशेषाधिकार है। प्रकाशन, अजनबियों को बाहर करना और दंड देना सदन के सामूहिक विशेषाधिकार हैं।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन-सा सांसदों का व्यक्तिगत विशेषाधिकार है?
सही उत्तर: (D) सदन में कही गई बात या दिए गए मत के लिए न्यायालय में कार्यवाही से उन्मुक्ति
व्याख्या: अनुच्छेद 105(2) के तहत सदन में भाषण या मत के लिए न्यायिक कार्यवाही से उन्मुक्ति सदस्य का व्यक्तिगत विशेषाधिकार है। अन्य तीनों सदन के सामूहिक विशेषाधिकार हैं।
प्रश्न 9. संसद की किसी कार्यवाही की विधिमान्यता को प्रक्रिया की कथित अनियमितता के आधार पर न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता — यह किस अनुच्छेद में है?
सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 122
व्याख्या: अनुच्छेद 122 संसद की कार्यवाही की न्यायिक जाँच पर रोक लगाता है। राज्य विधानमंडल के लिए यही प्रावधान अनुच्छेद 212 में है।
प्रश्न 10. संसद की कार्यवाही के सारतः सत्य विवरण के समाचार-पत्रों में प्रकाशन को संरक्षण देने वाला अनुच्छेद 361A किस संविधान संशोधन से जोड़ा गया?
सही उत्तर: (B) 44वाँ संशोधन
व्याख्या: अनुच्छेद 361A 44वें संशोधन (1978) से जोड़ा गया। यह संरक्षण गुप्त बैठक की कार्यवाही पर लागू नहीं होता।
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आगे की तैयारी
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